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कुछ ही देर में विपिन तो बहकने लगा और अपने मुख से मेरे लिये गाली निकालने लगा, पर मुझे तो वो गालियाँ भी अत्यन्त सेक्सी लग रही थी. बीएफ वीडियो जीजा साली की’मेरी बात सुनकर राजू ने अपने कपड़े खोलना चालू कर दिया लेकिन दीपू मेरी चूत का दीवाना हो गया था और चूत छोड़ने के लिए राजी नहीं था.

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जब राजू लौड़े को बाहर खींचता तो रीटा अपनी चूत की फाँकों को ज़ोर से सुकौड़ कर लौड़े को पकड़ सा लेती.तभी गोमती वहाँ आ गई- बस करो भैया जी, भाभी मना कर रही है ना, ये लो चादर ओढ़ लो!’गोमती को देखते ही उसका नशा उतरने लगा.

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मैंने नीना को समझाया- देखो भई, अगर तुम अकेले में किसी के साथ चुदाई कर सकती हो तो मेरे सामने चुदाई का मजा लेने में क्या हर्ज़ है?और यही बात मेरे ऊपर भी लागू होती है कि अगर मैं किसी लेडी के साथ मस्ती कर रहा हूँ तो छुप कर करने से बेहतर है कि हम खुल कर मज़े करें?पति-पत्नी के बीच भरोसा सबसे बड़ी चीज है. मुकेश मुझे अनवरत गालियाँ भी दिए जा रहा था- बहन की लौड़ी, रंडी की औलाद, गंडमरी चूस! जोर से चूस! निकाल ले इसका सारा माल और पी जा!थोड़ी देर में मुकेश ने अपना सारा वीर्य मेरे मुंह में छोड़ दिया, मैं गटागट सारा वीर्य पी गई, मुझे भी मस्ती चढ़ गई थी, मैंने मुकेश से कहा- बहन के लौड़े! अब तू भी तो मेरी चूत का रस निकाल! मुकेश ने मुझे जमीन पर लिटाया और अपनी जीभ मेरी चूत के दोनों होठों पर रख दी. रीटा के लम्बे लम्बे नाखून बहादुर की पीठ में धन्से हुए थे और बहादुर रीटा को उछल उछल सरकारी साण्ड की तरह चौदा मार कर रौंद रहा था.

लगता था कि उसके शरमाते ही मैं उसके बोबे दबा डालूँ और वो शरमाते हुए हाय राम कह उठे. मगर मुझे मनीषा कहीं भी नजर नहीं आई, तो मैं भी अपने कपड़े बदलने के लिये अपने कमरे में चल दिया. 5 इंच लम्बा लौड़ा डाल दिया … क्या मजा आया दोस्तो ! दोनों को एक साथ चोदने में…जब मैं भाभी को चोद रहा था तो मीनाक्षी मुझे किस करने लगी.

योगी भी पीछे-पीछे आ गया, मैंने उसका सूट उतार दिया और फिर उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और फिर मैंने चित्रा की पेंटी भी निकाल दी और उसकी चूत चाटने लगा. दोस्तो, यह थी मेरी चाची के साथ चुदाई की सच्ची कहानी की पहली कड़ी !आप मुझे अपनी राय जरूर बतायें कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी…।कहानी के थोड़ा लम्बा होने और उसमें अहम् बात के बजाय अन्य बातों (भूमिका बांधने) के अधिक होने की माफ़ी चाहता हूँ और आपको यकीन दिलाता हूँ की इसके आगे की कड़ियों में आपकी इन शिकायतों में से एक को जरूर दूर कर दूंगा।धन्यवाद,संदीप शर्मा. सामान्य अवस्था में आने पर वेदांत मुझ पर से हट कर मेरे साथ में लेट गया…हम दोनों ने एक दूसरे को देखा और जोर जोर से हंसने लगे… यह सोचकर कि यह क्या हो गया.

एक बात और बताओ !क्या ?उसकी ज्यादा याद आ रही थी क्या ?क्या मतलब ?तुम भी एक नंबर के गैहले हो !क्या मतलब ये गैहला क्या होता है ?तुम निरे लोल हो अब लोल का मतलब मत पूछना !ओह …. छोटे-छोटे रसकूप (उरोज)। होंठ इतने सुर्ख लाल, मोटे-मोटे हैं तो उसके निचले होंठ मेरा मतलब है कि उसकी बुर के होंठ कैसे होंगे। मैं तो सोच कर ही रोमांचित हो उठा। मेरा पप्पू तो छलांगे ही लगाने लगा। उसके होठों के दाहाने (चौड़ाई) तो 2.

2-3 दिन के बाद उसका एक संदेश आया- क्या हम एक दूसरे को जानते हैं?मैंने कहा- नहीं जानते पर अगर आप चाहो तो जान पहचान बढ़ा सकते हैं।उसने कहा- मैं शादीशुदा हूँ !मैंने जवाब में कहा- जान-पहचान बनाने के लिये शादीशुदा ना होना कोई नियम तो नहीं है?तो उसने जवाब में स्माइली बना कर भेज दी.

अब उसके बोबे बिल्कुल आजाद थे, मौसमी जैसे उसके भरे-पूरे बोबे और उन पर बारीक़ से चुचूक तो कयामत ढा रहे थे.

उसकी दोनों आँखों को चूमा फिर दोनों गालो को, उसके मक्खन जैसे गुलाबी होंठों को, उसकी गर्दन पर, उसकी कान के पीछे की तरफ ! सब जगह. वो शायद मेरे लौड़े को देखने को बेताब हो रही थी और जब मैंने लौड़ा छुपाए रखा तो उसने इशारे से हाथ हटाने का आग्रह किया. इस बार मैं पूरे स्तन को हथेली में लेता और निपल समेत जितना मुँह में ले सकता, उतना मुँह में लेता और चूसता.

आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !तो मूतिये आंटी जी ! यह तो मेरे लिए प्रसाद है, चूतामृत यानि बुर का अमृत !”आंटी खड़ी हो कर मूतने लगी, मैं झुक कर उनका मूत पीने लगा। मूत से मेरा चेहरा भीग गया था। उसके बाद आंटी की आज्ञा से मैंने उनकी योनि का स्वाद चखा। उनकी चिकनी चूत को पहले चाटने लगा और फिर जीभ से अंदर का नमकीन पानी पीने लगा. पाठको, आप को यह मेरी चुदैल बीवी की सच्ची कहानी कैसी लगी? जब आपकी प्रतिक्रिया मिलेगी तभी मैं नीना की चूत के और किस्से लिखूँगा. अब अक्सर यह संयोग होने लगा कि मेरे कॉलेज से निकलने के समय अमित अंकल उधर से गुजरते और मुझे साथ ले लेते.

उनकी सिसकियाँ अब तेज़ होती जा रही थी!! उनकी आआआ आआआह्ह ह्ह्ह आआआ अह्ह्ह सुनकर मुझे एक अलग सी ताक़त मिल रही थी!!मेरे हाथ उनके पूरे बदन पर चल रहे थे.

‘चलो अब, नाश्ता भी कर लो, बहुत हो गया!’‘उह चाची, इतना कुछ कर लिया अब एक बार मेरे नीचे तो आ जाओ!’‘चल हट रे चाची को चोदेगा क्या… पागल!’‘क्या चाची, एक तो आप मेरे लण्ड को रगड़ कर रख देती हो दूसरी और अपने आप को……!’मैं अपने पांव पटकता हुआ बाथरूम में चला गया. मैं अपने मम्मी-पापा और अपनी बड़ी बहन के साथ कोलकाता में एक किराये के मकान में रहता था. मैं पूरी गर्म हो चुकी थी, मैंने उसे कहा- भोला, मेरी चूत को फाड दो…उसने मुझे नीचे पटक दिया, मेरी टांगें फैला कर बीच में आकर अपना लन्ड मेरी चूत पर लगाया….

पर जाने कब जीजू का लण्ड फिर से खड़ा हो गया और उन्होंने मुझे पलटी मार कर उल्टा कर दिया. । मेरी मैना रानी ” और उसने मेरी ओर आँख मार दी। मैं भला अपनी हंसी कैसे रोक पाती ओह. तभी अचानक मैंने देखा कि अनीता दीदी ने नेहा की टी-शर्ट के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और उसकी चूचियों को पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी.

।”मैं थोड़ा रुक गया और फिर एक बार अपनी सांसों को खींचा और पूरी ताकत से जोर का धक्का मारा…… आंटी बुरी तरह से चीख उठी।गनीमत थी कि आंटी ऊपरी मंजिल पर रहती थी और वहाँ कोई नहीं होता था ! नहीं तो आंटी की इस चीख से सबको पता चल जाता।उनकी आँखों में आंसू आ गए। मैंने उन्हें सॉरी बोला। मेरा लण्ड उनकी चूत में पूरा समां गया था। पर आंटी लगातार कराह रही थी, उनके मुँह से ओह्ह्ह….

कि अनिरुद्ध का एक्सिडेंट हो गया है…अनिरुद्ध के हाथ पाँव टूट चुके थे उस दिन के बाद तीन महीने तक वो कॉलेज़ नहीं आया…!!!अब मेरा और वेदांत के रिश्ते में भी स्पष्टता आ गई… आखिर उसने अपने प्यार का इज़हार जो कर दिया था. रात के तीन बज़े तक उधर संगीत चला, इधर चुदाई!इतने में उसने मुझे तीन बार चोदा, पहली चुदाई में ही तीन बार चुदी.

भोजपुरी बीएफ डांस और इसमे इतना मजा है यह मुझे पता ही नहीं था।’ कहते हुए उसने मुझे चूम लिया।‘तुम खुश हो न संजय? तुमने जो चाहा, वो मैंने तुम्हें दिया. ‘मस्त लण्ड का जायका तो लेना ही पड़ता है ना… अरे वो राजेश जी अब तक क्या कर रहे हैं…?’‘मैं हाजिर हूँ श्वेता जी…’ तभी कहीं से एक आवाज आई.

भोजपुरी बीएफ डांस मैं सोचने लगा कि आखिर कहाँ है नीना? दरवाजे के पास ही अपना वाशरूम है, तसल्ली के लिए एक बार फिर से वाशरूम में झाँका. वो बोली- कोई देख लेगा!तो मैं बोला- घर पूरा बंद है, अगर हम-तुम किसी को नहीं बोलेंगे तो किसी को पता नहीं चलेगा!तो बोली- शीला कहती है कि बच्चा हो जाता है!तो मैं समझ गया कि इसको पूरा पता नहीं है…मैं बोला- अगर तुम मुझ पर भरोसा रखो और मैं जैसा बोलूँ तुम वैसा करो तो ना किसी को पता चलेगा, न ही बच्चा होगा, उल्टे तुमको बहुत मजा आएगा.

‘ऐ गाण्ड में अंगुली करने का बहुत शौक है ना तुम्हें… लण्ड से चोद क्यों नहीं देता है रे?’‘आप थोड़ा सा और जोश में आ जाओ तो फिर गाण्ड भी चोदेंगे और चूत भी चोद डालेंगे!’ विनोद उत्तेजित हो चुका था.

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अमित मेरे करीब आ गए और मेरा एक मम्मा अपने मुँह में ले लिया तथा दूसरे पर उँगलियाँ फिराने लगे. उ… आवाज ही आती रही।पन्द्रह मिनट चोदने के बाद उसने लन्ड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया, मुझे घुटनों के बल बैठा कए लन्ड मेरे मुँह में दे दिया। उसका इतना बडा लन्ड मुँह में जाने से मैं सांस भी नहीं ले पा रही थी। उसने मेरे मुँह में चोदना शुरु किया, मैं चूत से झड़ गई थी, फ़िर भी वो मुझे मुँह में चोदता रहा।इतने में ही उसने मेरे बाल कस कर पकड़ लिये और बोला- जोर से चूसो… जोर से…. बहादुर का लण्ड भी शहर की लौंडिया की चूत पाते बुरी तरह से मस्ता के अकड़ गया था और रीटा गांव के तन्दरूस्त ताकतवर और फौलादी लौड़े को पाकर निहाल हो उठी और उसकी चूत झनझना उठी.

चाची की आसक्ति भरी नजरे मैं पहचानने भी लगा था, हाँलाकि वो मुझसे पन्द्रह वर्ष बड़ी थी. दुकान वाला खड़ा हुआ और बोला- जो आप कहें सरकार!मैंने बोला- मेरे को तेरी दुकान का अन्दर वाला कमरा चाहिए, जब मैं चाहूँगा तब!दुकान वाला बोला- ठीक है मालिक! आप जब चाहो कमरा आपको दूँगा पर मुझे छुप कर देखने को तो मिलेगा ना?मैं बोला- भोसड़ी के! अगर तूने देखने की हिम्मत की तो तेरी गांड की फोटो निकाल कर तेरी बीवी को गिफ्ट करूँगा. ”और पहले पेटीकोट उतार कर फेंक दिया। अब मेरे ऊपर आकर बैठ गई और अपनी गांड को थोड़ा ऊपर उठाकर हल्के से ही चूत के मुँह पर स्पर्श किया था कि तुरंत अन्दर प्रवेश कर गया। इस बार ज्यादा मज़ा आ रहा था …… अब वो खुद ऊपर नीचे हो रही थीं।” मर गई रे……तू मेरा असली बेटा क्यूँ नहीं हुआ ! वर्ना तुझसे तो रोज़ चुदवाती….

उसके बाद खुद ही उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे कपड़े उतारने लगी और बोली- मैं आज तुमको वो सब कुछ सिखा दूँगी जो एक मर्द और औरत के बीच में होता है!मैं कुछ भी नहीं बोला और मन ही मन में बहुत खुश हो रहा था लो आज मुझे वो सब कुछ मिलने वाला है जिसके बारे में सिर्फ सपने में ही सोचता था.

उसकी जीभ अब मेरे होंठों को भिगोने लगी थी… उसकी आँखों में अब भी शरारत थी… होंठों के रसपान के बाद वो मेरी गर्दन की ओर बढ़ गया. धप्प…धीरे-धीरे… इंच-दर-इंच मेरा पूरा लंड उसकी लसलसाई चूत में समा गया… जड़ तक समा गया…. दीदी कुछ और बोलती इससे पहले मैंने उसका मुंह बंद करने के लिए अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिये और टी-शर्ट के ऊपर से ही उनके चूचे मसलने लगा तो दीदी मचल उठी.

मैंने मुकेश से कहा- जल्दी करो, आज घर पर कोई नहीं है और मुझे 2-3 घंटे घर पर अकेले रहना है, मुझे जल्दी से घर भिजवाने की व्यवस्था करो. मेरा दिल आ गया है उस पर… कुछ मदद कर ना…!‘अरे चाचा! क्या बात कर रहे हो? अभी तो वो छोटी है और तुम… तुम मरवाओगे एक दिन. ?पीयू : हाँ हाँ सर ! कोई प्रॉब्लम नहीं…मुझे समझ नहीं आ रहा था कि यह हो क्या रहा है… ये दोनों क्या प्लान कर रही हैं.

खुले गले में से उफनते उरोजों की छोटी छोटी गुलाबी चुचकियाँ बहादुर की आँखों से लुका छिप्पी खेल रही थी. मैं उठने लगी तो मुकेश ने कहा- कहाँ जा रही हो?मैंने बहाना बनाया कि मुझे जोर से पेशाब लगी है.

मैंने कहा- ज्योति तो सो रही है और वो सात बजे से पहले नहीं उठेगी!तो आयशा मान गई और मैं योगी के पापा के कमरे में गया और वहाँ से दो कंडोम उठा कर ले आया ताकि आयशा को चोदने के बाद मुझे अपना लण्ड जल्दी में बाहर ना निकलना पड़े. 5 इंच के लंड का प्रणाम … आशा करता हूँ कि सभी चूत और लौड़ों को मेरी यह कहानी भी पहले वाली कहानियों की तरह ही पसंद आएगी।आपने कुछ दिनों पहले मेरी और रक्षिता कीजयपुर में पतंगबाजीऔररक्षिता और उसकी भाभीपढ़ी होगी,आज मैं उसके आगे की कहानी वहाँ से शुरू करता हूँ जब रक्षिता की भाभी विशाखा ने कहा था कि रोहित तू कल आना में अपनी सहेलियों को बुला कर लाऊगी …. ”अच्छा नेहा एक बात बता, जब तू यह किताब पढ़ती है तो तुझे मन नहीं करता कि कोई तेरे साथ कुछ करे और तेरी चूत को चोद-चोद कर शांत करे, उसकी गर्मी निकाले?” अनीता दीदी के चेहरे पर अजीब से भाव आ रहे थे जो मैंने कभी भी नहीं देखा था.

मैं तुरंत कुत्ते वाली अवस्था में आ गई, गाण्ड थोड़ी ऊपर की और तेल की बोतल का मुँह अपनी गाण्ड में लगाया और बोतल उलट दी.

4 दिन जयपुर में बिताने के बाद हमें दिल्ली के लिए निकलना था मगर मेरे घरवालों ने मुझसे भाभी की खैर लेने के लिए कहा था इसलिए मैं जयपुर में रुक गया और योगी और बाकी सभी दोस्त दिल्ली निकल गए. मैंने अपने लौड़े पर क्रीम लगाई और कहा- सोना, घोड़ी बन जाओ… क्रीम लगा दूँ!’ सोनू मुस्करा कर झुक गई. उसको बिस्तर पर पटक कर मैं भी उस पर कूद गया और पागलों की तरह उसके बदन को चूमने-चाटने लगा.

प्रेषक : संदीप शर्मामैंने जवाब दिया- चाची, आपको मैं आठ साल से प्यार करता हूँ, बस आपको भोगने का मन नहीं था, पर मैंने आपको प्यार किया है, वही निभा रहा हूँ।चाची ने खाया और उठ कर बाल सुखाने लगी…क्या गजब लग रही थी यार वो…. गन्दा लगता है !रोहित : वाह चटवाने में गन्दा नहीं लगा ? अब चूसने में गन्दा लगता है ? … चूसोमुझे रोहित का यह बर्ताव ठीक नहीं लगा ! वो जबरदस्ती सी कर रहा था !उसने मेरे मुँह में अपना लण्ड डाला, मेरे बालों को पकड़ा और चुसवाने लगा !मेरी आँखों से आंसू निकल आए.

उस नीले रंग की नाइटी के साथ-साथ तान्या ने अपने होंठों पर भी नीले रंग की लिपस्टिक लगा रखी थी, तान्या के इस रूप को देखकर मैं इतना मस्त हो गया कि मैं सब कुछ भूल गया, मैं उसकी तरफ इतना आकर्षित हो चुका था कि मैंने उठकर जबरदस्ती उसे बाहों में भर लिया और अपने होंठो से उसके होंठ बंद कर दिए. ?… ” एकाएक मैंने आँख खोल कर देखा…वो मेरे सामने खड़ा था उसका लंड हवा में तना हुआ… और मैं अधनंगी उसके सामने लेटी हुई थी… मेरे चमकते जिस्म की चमक उसकी आँखों में देख सकती थी… मेरी निक्कर आधी नीचे उतर चुकी थी. फिर तौबा रे, उसका सख्त लण्ड मेरे चिकने गोलों को चीरता हुआ पेटीकोट समेट चूतड़ों के मध्य घुस गया.

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गोमती ने बड़े प्यार से दोनों फ़ड़फ़ड़ाते कबूतरों को सहलाया और अपनी हथेलियों में ले लिया.

मैंने अपनी अंगुली पर थूक लगाया और शुकू की गांड के छेद पर लगा दिया। वह तो उछल ही पड़ी।……. थोड़ा हाथ से भी करो रानी…मैं तुम्हें सिखाऊँगा कि कैसे मर्द को खुश किया जाता है, वेरी गुड… ऐसे ही करो !रागिनी ने हाथ से लण्ड सहलाना शुरु किया और अंडकोष चाटने लगी- अब ठीक है, अंकल?मैंने जवाब दिया- हाँ बेटी, बहुत अच्छा… सही कर रही हो. वो चौंकी और झटके से खुद को पीछे करते हुए बोली- यह क्या कर रहे हो तुम? पागल तो नहीं हो गये सुनील … तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझको छूने की?जवाब में सुनील बोला- सोनिया तुम्हारी चिंता क्या है … यह जो भी मैं कर रहा हूँ उसको जिस्म की ज़रूरत बोला जाता है … पता नहीं तुम इन सबसे इतना ज्यादा क्यों घबराती हो.

रीटा का स्कूल बैग साईकल के पीछे रख बहादुर ने रीटा की बगलों में हाथ डाल कर रीटा को उठा अगले डण्डे पर बैठाया. जैसा कि मैंने पहले भाग में बताया था, दीदी बहुत ही सेक्सी है, एक दम गोरा रंग, कसा हुआ शरीर, तनी हुई चूचियाँ जो बड़ी थी. गांव वाली लड़की का बीएफपर मम्मी का लेक्चर अभी भी चालू था…!!और अगर कभी ज्यादा रिसाव हो तो सावधान रहना कि कपड़े गंदे न होने पाएँ… और खून देख कर घबराना नहीं.

इतना मोटा… क्या तुमने पहले इतना मोटा नहीं देखा है?” मुझे शक हुआ कि इसे कैसे पता कि लण्ड के और भी आकार के होते हैं. उसकी ससुराल ज्यादा दूर नहीं थी, हम वहाँ पहुँचे तो वहाँ हमारा खूब स्वागत हुआ और लगभग दो घंटे बाद हम अपने घर के लिए चल दिए.

दर्द से मैं कराहने लगी, बीच बीच में मैं चिल्ला भी पड़ती थी मगर उसे कुछ फ़र्क नहीं पड़ रहा था। उसने तो आज अपनी बहन की चूत फ़ाड़ने का सोच ही लिया था…वो मेरे निप्पल चबाने लगा, मैं मदहोश हो चुकी थी पूरी तरह. मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार चूत को इतनी पास से देखा था। चूत पर छोटी छोटी झांटें…. मेरा तोता उड़ने वाला ई …”कोई गल नई मेरे मिट्ठू… मेरी फूलकुमारी भी तुम्हारे अमृत के लिए तरस रही है ! अंदर ही उस रस की फुहार छोड़ दे.

रागिनी फ़िर से चीखी और सामने की तरफ़ गिरने को हुई तो मैंने सामने हाथ बढ़ाया और उसकी चूचियों को थाम लिया. दर्द से मैं कराहने लगी, बीच बीच में मैं चिल्ला भी पड़ती थी मगर उसे कुछ फ़र्क नहीं पड़ रहा था। उसने तो आज अपनी बहन की चूत फ़ाड़ने का सोच ही लिया था…वो मेरे निप्पल चबाने लगा, मैं मदहोश हो चुकी थी पूरी तरह. 5 इंच लम्बा लौड़ा डाल दिया … क्या मजा आया दोस्तो ! दोनों को एक साथ चोदने में…जब मैं भाभी को चोद रहा था तो मीनाक्षी मुझे किस करने लगी.

क्या मादक गंध और स्वाद था मैं तो निहाल ही हो गया।आंटी ने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और लोलीपोप की तरह चूसने लगी। मैंने अपनी जीभ से उनकी चूत की फांकों को चौड़ा किया और उनकी मदनमणि को टटोला। जैसे कोई मोटा सा अनार या किशमिश का फूला हुआ सा दाना हो। मैंने उस पर पहले तो जीभ फिराई बाद में उसे दांतों से दबा दिया। आंटी की हालत तो पहले से ही ख़राब थी। उन्होंने कहा ओह चंदू….

’कहते हुए मैंने बहुत जोर से अपना लंड उसकी चूत की गहराई में धकेल दिया जड़ तक और उसे दबा कर पिचकारी से मेरा लावा उसकी चूत में डालने लगा. आप लोग सोच रहे होंगे कि यह क्या बेवकूफी है ? चूत और लंड दोनों हैं फिर भी नहीं डाला.

शिखा अब मेरे साथ चुदाई का मजा लेने लगी और उछल-उछल कर मेरे धक्कों का जवाब देने लगी. देवर के साथ सेक्स पति के सामने Audio Sex Story-1इस दूसरे भाग का ऑडियो भी पहले भाग में है. सुबह सुबह मम्मी ने बहादुर को रीटा के कमरे में रीटा का स्कूल बैग तैयार करने के लिये भेज दिया.

पहले एक मिनट तो रीटा को लगा वह मर जायेगी, परन्तु तुरन्त ही रीटा का दर्द काफूर हो गया और वह अलौकिक स्वर्गिक सुख में विचरण करने लगी. दर्द की वजह से रीटा बुरी तरह से राजू की मजबूत बाहों में फड़फड़ाई और उसकी आँखें बाहर उबल पड़ी. भाभी ने उनका परिचय कराया- एक का नाम श्रुति था, वो भाभी की तरह ही मस्त फिगर वाली थी.

भोजपुरी बीएफ डांस उसका घर बेहद साफ़-सुथरा था, उसके पापा बाज़ार गए थे, दादी अपने कमरे में थी, वो मुझे दादी के पास ले गया।दादी ने पहले मेरे सर पर प्यार से हाथ फेरा, उसे भी डांटा- तूने गिराया होगा जरूर इसे? प्यारी सी है इतनी !मैं शरारत भरी निगाहों से उसे देख कर मुस्कुरा रही थी. मेरी ऊँगली गीली थी …अरी मधु बचपन में तो यह गीली नहीं हुआ करती …सुनील अब हम बच्चे नहीं रहे … उसने कहा.

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तब कहीं जाकर दीदी शांत हुई और मैं वापिस अपने कपड़े पहनने लगा तो दीदी बोली- अपनी दीदी की आग शांत नहीं करेगा?यह कह कर दीदी मुझे चूमने लगी और चित्रा यह सब देखती रही मगर मैंने कहा- दीदी, मम्मी आने वाली है. दो मिनट में रोहण को पूरा नंगा कर के उसके सात इंच के मोटे लंड से खेलने लगी…रोहण को भी काफी मज़ा आ रहा था. वैसे भी श्यामलाल की तान्या के अलावा कोई और औलाद भी नहीं थी इसलिए कानूनी तौर पर उसकी सारी जायदाद पर भी मेरा अधिकार था.

दीदी मेरे ऊपर टूट पड़ी और मेरी टी-शर्ट और बनियान उतार दी और मेरी छाती पर जीभ फेरने लगी. फिर एक दिन श्यामलाल का फोन आया और वो गुस्से में बोला- तान्या तेरे बच्चे की माँ बनने वाली है. हिंदी बीएफ बीएफ बीएफ हिंदी बीएफअंकल मम्मी के पेट पर हाथ फेरते हुए बोले- डार्लिंग तुम तो बहुत सुन्दर हो! मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी सुन्दर स्त्री को चोदने मिलेगा!मम्मी- मुझे तुम जैसे मर्दों से चुदाने का बहुत शौक है, आज मेरा यह शौक भी पूरा हो जाएगा.

साला…वो अभी भी इधर से उधर, उधर से इधर टहले जा रहा था… और मुझे ये समझ नहीं आ रहा था कि ये लड़के लोग इतनी गालियाँ सीखते कहाँ से हैं… हमें तो कोई नहीं सिखाता…!!!मैं : एक बात बता तू ! क्यों इतना भड़क रहा है.

!!!मैं राजा के हाथ लुट चुकी थी और कई मर्द मुझे अब भोग चुके थे… राजा की बाकी दासियों की तरह मैं भी उसके लण्ड की दीवानी हो चुकी थी. बोरीवली स्टेशन पर उतरने के बाद वो लोग ऑटो में चले गए, मैं उन्हें जाता देखता रहा पर अफ़सोस अनु से मैं उसका फोन नंबर नहीं ले पाया.

मकान-मालिक बोला- देख रे, मज़ा आ रहा है साली को !और उसने मेरा सर पकड़ कर वापस मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया।मैं सिसकारी भर रही थी …. और मैं सो गई……यह मेरी पहले दिन की चुदाई थी। उसके बात दूसरे दिन भोला से, थोड़े दिन बाद पति के दोस्त से, कुछ दिन बाद भोला और उसके दोस्तों से, दूधवाले से, अपने पति से मतलब मेरी चुदाई ही चुदाई…. उसकी चूत फूल कर पाव रोटी की तरह हो गई थी और वो मचल-मचल कर बाँहों से छूट रही थी। फिर वो बोली- अब नहीं रहा जा रहा.

जब मैंने भाभी से उस आदमी के बारे में पूछा तो भाभी ने बताया कि यह आदमी उनका बॉस है और भाभी ने जान बूझकर ही अपना ट्रान्सफर दिल्ली से जयपुर करवाया था.

इसलिये मुझे लगा कि कोमल को नाराज नहीं करना चाहिये, वर्ना मेरा लण्ड फिर से लटका ही रह जायेगा. और उसकी चूत से खून निकलने लगा। वो दर्द से कराहने लगी पर आज मेरा लण्ड कहाँ रुकने वाला था, मैंने उसकी एक टांग कुर्सी पर रखी और एक टांग को अपने हाथ में रख के झटके पे झटके देने लगा। उधर गार्गी दर्द से उफ्फ्फ अहह उफ़ आह्ह मर गई … और धीरे से डालो. लगभग दो मिनट तक राजू दर्द से बिलबिलाती और करहाती रीटा को बाहों में दबाये उसकी चूत की कसावट, गर्मी और नर्मी का मजा लेता यूँ ही पड़ा रहा.

हिंदी बीएफ सेक्सी वीडियो दिखाओलेकिन उस सख्ती में एक मुलामियत का अहसास था… मैंने उन्हें दबाते हुए मेरी जीभ उसकी नाभि पर गोलाई में घुमाना शुरू किया. मैं मदहोश हो रही थी!सर ने मेरी एक टांग उठाई, मेरे गोलों, गोल गाण्ड को मला और एक ही झटके में लण्ड का भाला मेरी योनि में भोंक दिया.

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जैसे ही पूजा के हाथों का दबाव मेरे मोम्मों पर बढ़ता, मैं उसे चोदने की गति बढ़ा देती।तभी पूजा ने अपनी पूरी शक्ति से मेरे मोम्मे दबा दिये।ओहहह!!! आह्हह्ह!!! आह्हह्ह!!! पूजा मेरे मोम्मे छोड़!!!” कहते हुए मैं उसके हाथ हटाते हुए उसके ऊपर गिर गई और अब पूजा ने अपनी उँगलियाँ मेरी पीठ में गड़ा दीं और झड़ने लगी।जब हम दोनों की साँसे संयत हुईं तो हम दोनों साथ साथ चिपक कर सो गईं।. कहानी का पिछला भाग :मेरी बीवी की पहली चुदाईदोस्तो, मैं आज अपनी चुदैल बीवी नीना की वह दास्तान बताने जा रहा हूँ, जिसके बाद हम दोनों की जिंदगी में बहार आ गई. फिर सामान्य हो गई… फिर मैंने स्पीड से उसे चोदना शुरू कर दिया वो भी मेरा साथ दे रही थी….

मैं मदहोश हो रही थी!सर ने मेरी एक टांग उठाई, मेरे गोलों, गोल गाण्ड को मला और एक ही झटके में लण्ड का भाला मेरी योनि में भोंक दिया. अक्सर ऐसे में रशेज़ या दाने और खुजली जैसी परेशानियाँ होती हैं इसीलिए वो जगह हमेशा साफ़ रखना. दोपहर को दो बजे मेरे पति और विपिन दोनों आ चुके थे, फिर मेरे पति दिन की गाड़ी से तीन दिनों के लिये दिल्ली चले गये.

उसके गुलाबी होंठ हमेशा जैसे किसी सवेरे गुलाब की पंखुडियां सुबह की ओस में भीगी सी नजर आती थी. इसलिए मेरा लंड उछल कर एकदम से बाहर निकाल आया और सीधा रागिनी के मुँह के सामने डोलने लगा।रागिनी को इस रूप में देख कर मेरा लंड फटा जा रहा था. ”अच्छा नेहा एक बात बता, जब तू यह किताब पढ़ती है तो तुझे मन नहीं करता कि कोई तेरे साथ कुछ करे और तेरी चूत को चोद-चोद कर शांत करे, उसकी गर्मी निकाले?” अनीता दीदी के चेहरे पर अजीब से भाव आ रहे थे जो मैंने कभी भी नहीं देखा था.

’ कहते हुए मेरे सर को अपने सीने पर दबाने लगी।मैंने अब उसकी साड़ी को निकालना शुरू किया. कि तभी दो सिपाही आए और मेरे जिस्म से मेरे हाथों को अलग कर अलग अलग दिशा में थाम लिया।मैं नंगी खड़ी जमीन में गड़े जा रही थी!सब मंत्री खड़े होकर मुझ पर थूकने लगे और ठहाके लगा कर हंसने लगे.

मेरी दीदी की जब शादी हुई तब मैं 18 साल की थी पर 18 साल की उम्र में मेरे वक्ष पके आम की तरह हो गए थे, चूतड़ उभर गए थे और उनकी दरार क़यामत ढाने लगी थी.

और मेरे लंड को दोनों हाथों में दबोच लिया… दो लसलसी बूंदें लंड के टिप पे छलक आई थीं…. बीएफ फिल्म वीडियो पिक्चररास्ते में आते हुए मैंने कुछ बैंगन भी ले लिए छोटे छोटे क्यूंकि मेरी गाण्ड बहुत ही कसी है. बनारस की बीएफउनकी चूचियों को चूमता रहा और उनके चूचुक उमेठता रहा और पीता रहा।जब लगा कि उनका दर्द कम हो गया है और उन्होंने नीचे से कूल्हे उठाना शुरू कर दिए थे. जैसे ही मेरे होंठों ने उसके होंठ छुए, उसकी बड़ी-बड़ी आंखें खुल गई और वो शरमा कर दूसरी तरफ़ देखने लगी.

’शायद उसकी भी इच्छा ये ही थी इसलिए उसने भी मेरी बात सुनते ही चूत में से लंड निकाल लिया और चूत के पानी से सना हुए लंड मेरे मुंह में ठूस दिया.

उ… आवाज ही आती रही।पन्द्रह मिनट चोदने के बाद उसने लन्ड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया, मुझे घुटनों के बल बैठा कए लन्ड मेरे मुँह में दे दिया। उसका इतना बडा लन्ड मुँह में जाने से मैं सांस भी नहीं ले पा रही थी। उसने मेरे मुँह में चोदना शुरु किया, मैं चूत से झड़ गई थी, फ़िर भी वो मुझे मुँह में चोदता रहा।इतने में ही उसने मेरे बाल कस कर पकड़ लिये और बोला- जोर से चूसो… जोर से…. नये सेशन में जुलाई से उसने एडमिशन ले लिया… फिर चला एक खालीपन का दौर… सुमन कॉलेज जाती और आकर बस बच्चे में खो जाती. मैं हाथ पैर मारने लगी……तो कमल ने वहीं कबाड़ से एक पुरानी साड़ी उठा कर मेरे दोनों हाथ पीछे करके बाँध दिए….

थोडी देर तक इस पोसिशन में चोदने के बाद उसने कहा – अब तुम नीचे आओ… मैं बेड पे लेट गई. राजू अब भी बुरी तरह से रीटा के होंटों के चबाये और चूसे जा रहा था और रीटा की चीखें गले में ही घुट कर रह गई थी और वो घूं घूं की आवाजें निकालने लगी. वो पहली बार चुद रही थी इसलिए मैंने उसकी चूत में आराम से अपना लंड डाला। थोड़ा अन्दर जाने के बाद वो चिल्लाई- रोहित, निकालो इसे ! मुझे दर्द हो रहा है !मैं बोला- थोड़ी देर बाद अच्छा लगेगा…थोड़ा सहन कर लो इसे…वो बोली- ठीक है…फिर मैंने चुदाई चालू रखी… थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा और वो बोली- रोहित, और तेज़ चोदो ! फाड़ दो मेरी चूत को…मैंने और तेज़ चोदना शुरू किया। थोड़ी देर में वो झड़ गई.

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मैं सारे कपड़े उतार कर नंगी रहूंगी, भाई का जांघिया लूंगी, उसे अपनी चूत पर मसलूँगी और जमकर मस्ती करुँगी. अनिरुद्ध : वृंदा आओ, तुम भी खेलो हमारे साथ… !!मैं : नहीं ! मुझे रीवा मैडम ने बुलाया है… बाद में आती हूँ…!!!अनिरुद्ध ने बास्केट बाल मेरे पीछे मारते हुए कहा : क्यों हिम्मत नहीं है क्या…. ये सब करते करते और गुदगुदे बिस्तर पर नंगी हो लुढ़कियाँ लगाते लगाते रीटा को अपने अंग ही चुभने लगते थे.

‘जीजू, जोर से मारो ना… साली को फ़ाड़ डालो…! ‘ मेरे चूत में एक मीठी सी, प्यारी सी कसक उभर आई.

और उन्हें सहलाते हुए मैंने उसका आँचल धीरे से कंधे से हटा दिया। उसके दोनों हाथ मैंने पकड़ रखे थे इसलिए वो अपना आँचल संवार नहीं पाई और मेरे सामने उसके पीन पयोधर आमंत्रण देते हुए महसूस हुए! वैसे मैं उसकी बांहों की सहलाते हुए उसकी चूचियों को बाजू से स्पर्श कर रहा था.

‘बहादुर थोड़ा सहला दो नाऽऽऽ!’ रीटा बहादुर को आँखों ही आंखों में पी जाने वाली नजरों से देखा तो बहादुर के लण्ड में झुरझुरी सी दौड़ गई. लेकिन हर बार ना-उम्मीद होकर खुद ही ठंडी पड़ जाती, किसी को ना पाकर खुद ही सर्द हो जाती। चुचूक गुलाबी थे, छाती पर दो तिल थे, मेरे गले में एक सोने की जंजीर पड़ी रहती थी जिसका एक सिरा मेरी दोनों छातियों के बीच में रहता और कपड़े उतार कर ऐसा लगता जैसे सोने की वो चैन मेरी दोनों छातियों के बीच एक गहरी और पतली सी दरार में फँस कर बहुत खुश हो. हिंदी मे बीएफ पिक्चरमैं बहुत खुश था- आखिर दो चूतों का स्वाद जो मिला था मेरे लौड़े को!उसके बाद जब भी जिस भी बहन के साथ मौका मिलता, मैं सेक्स के मज़े लेता.

शैली बड़ी जोर से चिल्लाई!मैंने कहा- कुतिया! आज तू जितना मर्जी चिल्ला ले! तेरी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है आज!फिर मैंने एक जोरदार झटका मारा और 5 इंच लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया. जैसे तैसे मैं सिपाहियो के सहारे खड़ी हुई।हवा में कामरस की खुशबू मुझे और चुदने को मजबूर कर रही थी…सभी मर्द मुझ पर हंस रहे थे, मेरी बेबसी का मजाक बना रहे थे, राजा ठहाके लगा रहा था…कि तभी मुझ पर जोर से पानी फेंका गया. सारी तैयारी करने के बाद मैं अपनी सीट पर लेट गई और मैगज़ीन पढ़ते हुए टीटी का इंतजार करने लगी.

मामी पूरा लो! खा जाओ! मैं तो झड़ने वाला हूँ ऽऽ!!और एक जोरदार धक्का लगाकर मैं उनके मुँह में झड़ गया. हेल्लो ?हाय कैसे हो ?आप कौन बोल रही हैं ?क्या बेहूदा सवाल है ?क्या मतलब ?अच्छा क्या कर रहे थे ?वो ….

लण्ड राजा अपने ट्टटों की सेना समेत, रीटा रानी की चूत की सील को तोड़ता और धज्जियाँ उड़ाता हुआ, चूत की मुलायम दीवारों को बेरहमी से रगड़ता हुआ अंदर और अंदर और अंदर घुसता चला गया.

उसे मैंने एक कुर्सी पर बिठाया, उसके पैर ऊपर अपने कंधे पर लिए और मैं उसके सामने पंजो के बल बैठा, उसकी चूत पर भी मक्खन लगाया और उसे चाटने लगा।उसके चूत के दाने को मुँह में लेकर जैसे ही मैंने चूसना शुरू किया उसकी चूत से पानी निकलने लगा. बलवंत_सीडी: अभीक्या कर रहे होबलवंत_सीडी: फिर से बतानाबलवंत_सीडी: नम्बरबज़!!!!अनामिका : मैं जा रही हूंबलवंत_सीडी: नम्बर बता दोबज़!!!!बलवंत_सीडी: हेलोअनामिका : *************बलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंअनामिका : मैं बस नहाने जा रही हूंअनामिका : १० मिनट बाद करोबलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंबलवंत_सीडी: हेलोबज़!!!!0357. लेकिन मेरा फ़िर जमीर सर उठा कर खड़ा हो गया और कहने लगा कि यह गलत होगा।और अब वक़्त आ गया है कि मैं आप सबको अपना तारुफ़ करवा दूँ.

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कुछ देर मैं हल्की सी नींद में था, तभी मुझे लगा कि मेरे बगल में कोई है जिसका पैर मेरे पैर से लग रहा था. अनीता दीदी के दो बच्चे थे पर कहीं से भी उन्हें देख कर ऐसा नहीं लगता था कि दो-दो बच्चों ने उनकी चूचियों से दूध पिया होगा…खैर, अब नेहा की बारी थी तो दीदी ने उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और साथ ही साथ उसकी पेंटी को भी उसके बदन से नीचे खिसकाने लगी. इसी में दोनों की भलाई है!’ कहते हुए मैंने उसे पकड़ा और उसके पेटीकोट का नाडा खींच दिया.

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उसने मेरी जांघ के साथ चुल्लु बना कर अपने हाथ में मेरा मूत्र लिया और उसे मेरे चेहरे और मेरी चूचियों पर मल दिया. लगातार निकल रहा था।उन्होंने मुझे थोड़ा रुकने को कहा। मैं रुक गया और उनके स्तनों को मुँह में भर लिया और चुभलाने लगा। दूसरे हाथ से मैं उनके दूसरे स्तन को मसल रहा था। थोड़ी देर में वो अपने चूतडों को ऊपर की ओर उछालने लगी और बोली- धक्के मार !मैंने अपना लण्ड खींच कर बाहर किया और एक जोरदार धक्का मारा।उई माँ…… मार डाला रे…. आंटी ने कहा- सागर अब रहा नहीं जा रहा है, तुम मुझे चोद दो!मैंने कहा- ठीक है आंटी!आंटी की दोनों टांगों को मैंने अपने कंधों पर रखा और लंड को उसकी चूत पर रखा और एक धक्का मारा.

थोड़ी देर के बाद मैंने भाभी से पूछा- आपने कल ऐसा क्यों कहा कि कोई देख लेगा? क्या आपको इस पर ऐतराज नहीं था?तो वो बोली- मुझे पता है कि तुम और स्वाति पहले सेक्स कर चुके हो. मुट्ठ मारना चालू रखो !आप कमाल करती हैं?कमाल तो तुम कर रहे हो !वो कैसे ?अरे बाबा जिनके घर शीशे के होते हैं वो लाईट जला कर मुट्ठ नहीं मारा करते ? कम से कम खिड़की और दरवाजे तो बंद कर लिए होते !वो.

रीटा ने भी बहादुर को कस कर बांहो में भींच कर अपनी सैन्डल की हील बहादुर के चूतड़ों में गाड़ दी और अपनी बुंड को हवा में बुलंद कर दी ताकि बहादुर का घीया जड़ तक अंदर ले सके.

मैं तान्या के बारे में ज्यादा नहीं जानता था मगर उसकी हरकतों को देखकर लग रहा था कि उसे पहले भी यह सब करने का अनुभव था. उसने अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था, जैसे ही उसने अपना टॉप उतारा, मैं झट से उस पर टूट पड़ा और वो मेरे सर को पीछे से धक्का दे रही थी जैसे वो मेरे सर को अपने छाती के अंदर घुसा लेगी. प्रेषक : मनो प्रकाशयह मेरी पहली कहानी है, मेरा नाम रणजीत है, मैं 30 साल का हूँ और सीतापुर उ.

?… ” एकाएक मैंने आँख खोल कर देखा…वो मेरे सामने खड़ा था उसका लंड हवा में तना हुआ… और मैं अधनंगी उसके सामने लेटी हुई थी… मेरे चमकते जिस्म की चमक उसकी आँखों में देख सकती थी… मेरी निक्कर आधी नीचे उतर चुकी थी. ” और उसके साथ ही वो एक बार फिर झड़ गई। मैं तो जैसे स्वर्ग में था। मैंने लगातार ८-१० धक्के और लगा दिए। अब तो उसकी चूत से फच्च-फच्च का मधुर संगीत बजने लगा था।ये सिलसिला कोई २० मिनट तो ज़रूर चला होगा। मेरा पप्पू बेचारा कब तक लड़ता। आख़िर उसको भी शहीद होना ही था। मैंने दनादन ५-७ धक्के और लगा दिए। निशा भी फिर से झड़ने के कगार पर ही तो थी। और फिर… एक. बस मज़ा आ जाए !क्या चुसवाती भी हो ?अब तो यही करना पड़ता है वो साला तो २ मिनिट में ही टीं हो जाता है।कमर कितनी होगी ?कमर है ३२ इंच !और स्तन ?वो तो बड़े मस्त हैं ३६ साइज़ के गोल मटोल बिलकुल ठां लगती हूँ !ठां बोले तो ?ओह ….

मेरी उंगली उन की चूत में और उन के चुचूक मेरे मुँह में और मेरा लंड उनके हाथ में!उन की सिसकियाँ और तेज़ होती जा रही थी- अह्ह्ह् आह्ह्ह्ह ओह ऊऊफ्फिर मैंने माँ से कहा- मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चख तो लो!और लंड उनके मुँह में रख दिया और वो बड़े प्यार से मेरे लंड को चूसने लगी.

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मुझे मौका मिला कि मैं सोनू को बहका कर उसे थोड़ा और खोलूँ ताकि हमारे सम्बन्धों में और मधुरता आ जाये. ५ इंच हो गई थी। मैंने कहा क्या करूँ मेरी जान?”ओह… जीजू… अब मत तरसाओ… कर लो अपने मन की। ओह आप मेरे मुँह से क्या सुनना चाहते हैं। मुझे शर्म आती है। प्लीज़…” कुछ ना कहते हुए भी उसने सबकुछ कह दिया था। मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया।ऊईईईई… माँआआ. भाभी की चूत कुँवारी नहीं थी मगर फिर भी भाभी चिल्ला उठी और उनकी चूत से खून आने लगा.

तभी बाजी ने कहा- ओह्ह्ह मेरे चोदू राज! मेरा पानी निकलने वाला है! हाय ऊह्ह्ह अऔह्ह्ह्ह! और जोर से चूस मेरी बुर को!बाजी अपनी बुर को राज अंकल के मुँह रख कर अपनी गांड को जोर जोर से हिलाने लगी- ओहह्ह औऊउ हाय औऊउ ले साले मेरी बुर का पानी!और बाजी ने अपनी बुर का पूरा पानी राज अंकल के मुँह में गिरा दिया.

कह कर मैं रसोई में गया और वहाँ से मक्खन ले कर आया। मैंने उसकी गांड पर और अपने लंड पर बहुत सारा मक्खन लगाया। फ़िर उसके चूचियों पर भी लगाया और उन्हें चूसना शुरू किया. मगर मैं अंदर भी नहीं जा सकता था और मैं वहाँ खड़ा रह कर देख भी नहीं सकता था क्योंकि मेरी कार की चाभी अंदर थी. मैंने ही उसको अपने करीब बुलाते हुए उसकी पैन्ट के ऊपर से उसके लंड पर हाथ फेरना चालू कर दिया.