संदेश बीएफ फिल्म

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उसने डोर बेल बजाई और मैं बेडरूम में से निकल कर आने ही वाली थी कि मामी ने आकर दरवाज़ा खोल दिया. मोना का सेक्स वीडियोमेरा विक्रम ठाकुर है और मैं मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में रहता हूं.

चाची अपनी चूत के छेद पर लंड लगाकर बोलीं- जल्दी पेलो प्लीज, अब मेरी चूत को लंड चाहिए. घरेलू चक्कीमेरी पकड़ ढीली होते ही उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और सीधा मेरे होंठों को चूसने लगी.

वो बीच बीच में जीभ से चाटती और उसके आंड भी चाटती, फिर पूरा लंड अन्दर ले लेती.संदेश बीएफ फिल्म: उन्होंने तुरंत मेरा लंड पकड़ कर अपने चूत के छेद में टिका लिया और बोलीं- डाल दे बेटा … अब ज्यादा मत तड़पा … अन्दर तेरी मॉम की प्यास तो मेरा बेटा बुझा रहा है.

अब मेरी चीख भी नहीं निकल रही थी, क्योंकि मेरे मुँह में महेश अपना लंड डालकर उसे अन्दर बाहर करने में लग गया था.मैंने लंड हिलाते हुए कहा- अरे मेरी जान, डरती क्यों हो … जरा अपनी टांगें फैलाओ … मैं तेरी चूत को चिकन बना दूंगा.

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2 मिनट बाद मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और मनीषा मेरा सारा पानी पी गयी और मैं बेड पे उसके पास लेट गया.थोड़ी देर में दूसरी बार सौम्या भाभी की चूत का पानी मेरे मुँह में था.

मुझे भी केवल 2-3 दिन का काम बाकी था तो मैंने कहा कि ठीक है, तुम परेशान मत हो मैं शाम को आ जाऊंगा. संदेश बीएफ फिल्म उस दिन मैंने कंप्यूटर पर कोई सेक्सी फोटो नहीं देखी। ड्यूटी ख़त्म करके मैं अपने कमरे पर आ गया और उसके बारे सोच सोचकर मुट्ठ मारकर सो गया।अगली शाम जब ऑफिस जा रहा था तो सोच रहा था कैसे उसको पटाऊँ। जैसे ही मैं पहुंचा तो सबसे पहले यूनिफार्म लेकर चेंजिंग रूम की तरफ जा रहा था कि अचानक सामने से वो नर्स रोजी आती हुयी दिखाई दी.

उसने जवाब दिया कि ये जगह ऐसी है, जहां कोई नहीं आता और बिल्कुल सुरक्षित है.

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इस तरह की बातों के खुलासा होने के बाद मैं और मेरी सहेली का भाई, हम दोनों एक दूसरे के बहुत करीब आ गए थे. लेकिन उस दिन हम दोनों उससे आगे कुछ भी नहीं कर पाए क्योंकि वहां पर जगह सेफ नहीं थी. मैंने कहा- जान, कंट्रोल करो, अभी तो पूरी रात चुदाई होनी है तुम्हारी.

” वाली बात आ गयी … ओह … तो ये दवाई तैयार कर रही थी वो मेरे लिये … ये बात मेरे दिमाग में आते ही मैं उत्तेजना से भर गया और मेरी हथेली ने उसकी कमसिन चूत को पूरी तरह से अपनी मुट्ठी में भरकर जोर से मसल दिया. उसकी चुत पहले ही कमरस से तर थी और अब तो उसमें जैसे बाढ़ ही आ गयी थी. और मैं उंगली जोर जोर से उसकी चूत में घुसाने लगा उसके कपड़ों के ऊपर से.

मैंने कहा- क्या आप आज मेरी बीवी बनोगी … मैं आपको जी भरके प्यार करना चाहता हूँ. वो बोली- अच्छा तो कैसी लगी मेरी?मैं बोला- क्या?तो वो बोली- मेरी बुर?मैं बोला- अच्छी है. अब मैंने ज़ीनत के नाड़े को खोल कर नीचे गिरा दिया और अपनीबहन की नंगी चिकनी चूतसे खेलने लगा.

अब तो बात यहां तक बढ़ गई थी कि मैं अपने घर वालों को चूतिया बना कर मौका देखकर उसके साथ बाहर घूमने भी जाने लगी थी. फिर मैंने उसे सीधा किया और उसकी टांगों को अपनी कमर पर रख कर उसकी चुचे पकड़ कर, फिर से उसकी चूत में लंड दे दिया और उससे बेरहमी से चोदने लगा.

मुझे उम्मीद है कि यह आप सभी पढ़ने वालों को बहुत अच्छी लगेगी, अगर कुछ गलतियां हो तो माफ करना!मेरे पड़ोस में एक बहुत ही हॉट सेक्सी चाची रहती है.

मेरा लंड उसकी छोटी सी चूत में बिल्कुल फंस कर जा रहा था और पायल अपने सिर को थोड़ा ऊपर उठा कर अपनी चूत में मेरे लंड को अंदर बाहर जाते हुए देख कर बोली- नीरू कसम से … मैं बहुत घबरा रही थी कि इतना बड़ा लंड मेरी छोटी सी चूत में कैसे आएगा.

सुबह में फिर से एक बार मस्ती भरी चुदाई हुई और मैं फिर हॉस्टल में वापस चली गई. फिर उसने मुझे अपना लंड चूसने को कहा तो मैंने साफ़ मना कर दिया क्यूंकि मुझे ये सब बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है. रंडी की औलाद, साली … तेरा काला मर्द, साला हिजड़ा चोदता नहीं है ना तुझे, अब ले मेरा लंड, साली कुत्ती, कमीनी.

कभी वो जोर लगाकर मेरे होंठों को चूसती, तो कभी मैं उसके होंठों को पूरा मुँह में भर लेता. आइए आइए मास्टर जी, घर वाले आ गए?”जी कौशल्या जी, बस आपके जाने के कुछ देर बाद ही आ गए थे. उसने कहा कि घर में सास ससुर को बता दो कि उसकी बस रास्ते में खराब हो गयी है और वो कल सुबह ही दूसरी बस पकड़ कर आएगी.

मैं बाइक के छोटे से पैरदान पर बड़ी मुश्किल से अपने दोनों पैर रखकर खड़ा हो पाया था.

मैंने चाची को उनके घर के सामने उतारा तो उन्होंने मुझे चाय के लिए कहा- बैठ चाय पी कर जाना. मैंने पूछा- मतलब?वो बोली- इस बारे में किसी से कहना मत!फिर दो दिन बाद में अपने घर आ गया. कुछ देर बाद मैं खाना खाने पहुंचा और उनसे बोला- दीदी भूख लगी है कुछ मिलेगा.

उसने अपने होंठों को मेरी गर्दन पर रखा और मेरी एक चूची को दबा दिया जिससे मैं और ज्यादा मदहोश होने लगी. उनकी बातों से मुझे लगा कि वे मुझे बुला कर कंप्यूटर ठीक करवाना चाहती थीं. मैंने बिस्तर की चादर को जकड़ के हाथ से पकड़ लिया और बहुत तेजी से रोने लगी.

किस करते-करते मैंने उसके कुर्ते में हाथ डालकर उसके बूब्स को दबाने लगा.

मेरी उससे पहले से ही कभी कभी बातें होती थीं, पर मैं कभी लिमिट से आगे नहीं बढ़ा था. अब जैसे ही मैंने अपना अंडरवियर उतारा और अपना लंड चाची की चुत में डालने को हुआ, तो चाची ने रोक दिया.

संदेश बीएफ फिल्म जब मैं घर पहुँचा तो घर का दरवाज़ा खुला था लेकिन फिर भी मैंने घन्टी बजायी. पांच मिनट बाद अनु ने पोजीशन बदलने को कहा, तो करण चित लेट गया और अनु उसके खड़े लंड पर चुत फंसा कर बैठ गई.

संदेश बीएफ फिल्म मैं हर समय बहुत ख़ुशी और उत्तेजित महसूस करती हूँ और कुछ न कुछ बदमाशी सूझती रहती है. मैं पहली बार किसी लड़की को बिना कपड़ों के देख रहा था … बड़े बड़े उसके बूब्स और चूत पर एक भी बाल नहीं … जैसे उसने आज ही झाँट साफ़ की हों!मुझे मनीषा के शरीर में सबसे अच्छी उसकी गांड लगी.

कुछ देर बाद हम दोनों का पानी निकल गया और हमने उसे एक दूसरे का चाटकर साफ किया.

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बता बनेगी रखैल?मैं होश में तो थी नहीं, मुझे कुछ नहीं याद है कि क्या बोलूं. मैं समझ गया कि बेटा मुदित तेरा काम तो हो गया, तू अपना बोरिया बिस्तर समेट ले और यहां से निकल ले. मैंने वंदना की कमर में हाथ डालकर वंदना की ब्रा को खोल दिया और उसके बाद वंदना की एक चूची को चूसने लगा.

पैंट से मेरा लंड बाहर निकलना चाह रहा था और वो चाहत मनीषा ने पूरी कर दी. मैं सिसकारियां लेते हुए बोली- आहहह … जेठजी बहुत अच्छे और जोर से मसलो, बहुत अच्छा लग रहा है!अब वो और भी जोश में मेरे स्तनों को मसलने और चूसने लगे. पर मुझे उसमें से ठीक से दिख नहीं पा रहा था क्योंकि उसका छेद छोटा था.

बेड पे आकर मैंने अपना मुँह उनकी चूत पे रखा और जीभ को अन्दर तक डाल कर घुमाने लगा.

रांड आंटी को कमरे के अन्दर ले जाकर मैंने उनको उनके बेडरूम में उतारा. उनके बाथरूम का दरवाजा लॉक नहीं था वो हल्का सा दरवाजा खोल कर मुझे बोली- मैं अपना टॉवल तो ले आयी पर ब्रा पैंटी लाना भूल गयी, वहां सामने बेड पे रखे हैं जरा उठा कर मुझे दे दे।मैंने बेड से उनके ब्रा पैंटी लिए और मौसी के बाथरूम के दरवाजे के सामने जाकर उनके हाथ में दे ही रह था कि गलती से उनके हाथ से टकराकर दरवाजा थोड़ा ज्यादा खुल गया. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:मेरी मस्त पड़ोसन की चाय और गर्म चूत-3.

चाची की चुदाई के बाद मुझे चुदाई का ऐसा चस्का मुझे लग गया था कि अब चूत के बिना रहना मेरे लिए मुश्किल था. जब मैंने उसकी चूचियों को ज्यादा मसलना शुरू किया तो सोनू ने कहा- धीरे करो, दर्द हो रहा है. मैंने जैसे ही चाची को अपनी तरफ घुमाया, वाउ उनके दो मोटे रसीले आम मेरे सामने थे.

उसके चूसने के अंदाज से साफ पता चल रहा था कि वो पहले भी इसका स्वाद ले चुकी है. ऐसी सेक्सी गांड वाली भाभी को तो मैं किसी भी कीमत पर चोदने के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ.

अन्दर सोनल को दादाजी के सुपारे को मुँह में लेकर चूसते देख कर उत्तेजना से मेरी आंखें बंद होने लगी थीं. वो रात को अनिल को देखने के लिए आती और कहती कि आपके लिए चाय बना कर लाती हूँ. मुझे उसकी बातों में कुछ शरारत सी लगी और मैं नीचे जाने लगा क्योंकि वो थी तो मेरी बहन ही!तभी पीछे से उसने आवाज लगाई- रुको सूर्या … मुझे तुम्हें एक बात बतानी है.

इस मस्तराम कहानी में अभी तक आपने पढ़ा:अब आगे:एक बात बताओ … क्या गांड मराने से भी लड़की झड़ जाती है?”इसका कोई निश्चित फार्मूला नहीं। जब जैसे औरत अपना चरम पा ले … बिना लंड के भी झड़ सकती है और लंड से चूत चुदा के भी हो सकता है कि न झड़े। खैर … अब सो जाओ, थकन काफी हो गयी है। कल बात करते हैं।”ओके!”फिर हम सो गये.

मैंने उसके कान में बताया कि मैं तुम्हारी चूत में अपने लंड को डालना चाहता हूँ. मैंने भी हंस कर उसे चूमते हुए उसकी रेशम सी चिकनी नंगी जांघों पर हाथ चलाने लगा. यह सोचते हुए कॉलेज और कोचिंग से आते हुए मुझे शाम हो गई, लेकिन मेरा मन डरा हुआ था.

फिर से मैंने जोरदार चुम्मा लिया और लंबा फव्वारा सरिता की चूत के अन्दर छोड़ दिया. चाची मेरा लंड पकड़ कर जोर जोर से हिलाते हुए बोलीं- बाप रे कितना तगड़ा लंड है तेरा.

तभी मनीषा बोली- सूर्या जल्दी करो, अब सहा नहीं जा रहा, जल्दी से प्यास बुझा दो. मैं समझ गया कि शायद रिया को नींद आने वाली है। मैंने कुछ देर तक उसके होठों को चूसा और जिस्म से खेलता रहा।जब मैं उसके जिस्म को चाट कर थक गया तो हम दोनों अलग हो गए। रात भी काफी हो चुकी थी. मैंने लगा उठ कर देखा, तो कंचन मैम ने फिर से मेरा लंड मुँह में ले लिया था और वो लंड चूसने में लगी थीं.

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मैं- अच्छा, फिर तुम क्या करती हो?सरिता- जाने दो, मुझे नहीं बोलना, तुम खुद ही समझ लो.

मैंने उसकी मां को बस दूर से ही देखा था मगर आज वह मुझसे कुछ फीट की दूरी पर ही खड़ी थी. पति के पास जाकर भी मैं क्या करती, मैं तो उनसे चुदाने ही जा रही थी, मेरा काम पहले ही हो गया और ज्यादा मजेदार तरीके से!दोस्तो, मेरी सामूहिक चुदाई कहानी आपको कैसी लगी, मुझे मेरी ईमेल आईडी पर बताना. फिर भाभी ने मेरे से पूछा- मैंने सुना है कि आपकी बहुत सारी जीएफ हैं.

हम बाकी कपल्स की तरह घूमने-फिरने भी लगे, हमारे बीच किसिंग होने लगी. अगर वो कोई असली लंड भी होता तो भी इतनी मुश्किल नहीं होती क्योंकि लंड जल्दी से अन्दर बाहर होता है, जिससे वो एक जगह टिक कर नहीं बैठता. सेक्सी व्हिडिओ हिंदी एचडीमैं नाके पे शनिवार रविवार जाता था, वो अपने घर की शॉपिंग के लिए आती थी.

फिर मैं तेज़ धार छोड़ते हुए उसके मुँह में ही झड़ गया और उसी वक्त उसकी चूत ने भी पिचकारी जैसा पानी छोड़ दिया. उसका मन था कि जैसे मेरे पूरे सर को ही अपनी चूत में घुसा देना चाहती हो.

मेरी चुत की खुजली भी मिट रही थी, लेकिन मेरे इस पोजीशन में ताबड़तोड़ लंड के झटकों से मेरे पैर में दर्द होने लगा था. उसके मुँह की गर्मी से मुझे ऐसा मज़ा आया कि मैं बहुत ज़ोर ज़ोर से मोनिंग करने लगा. उंगली करते-करते कुछ देर बाद मेरा पानी निकल गया और मैं निढाल होकर बेड पर लेट गयी.

मुझे याद है, जब पहली बार तुम मेरे बेडरूम में आयी थीं, थोड़ी शर्मायी सी, घबराई सी थीं. कहीं आपने इसे और कुछ तो नहीं समझ लिया?वो- अरे बेबकूफ ऐसे पौंछेगा तो कोई भी गलत समझेगा ही. मैंने उसके हाथ पकड़े ओर नूपुर को अपनी तरफ खींच लिया और नूपुर मेरी बांहों में आ गई.

मैंने अपना बैग तैयार किया, उसमें दो ड्रेस रख लीं और जरूरी सामान रख लिया.

मैं तुझे कामसूत्र पोजीशन में चोदने वाली हूँ और तेरे लंड को अपनी चूत से दबा दबा कर तुझे भी चिल्ला चिल्ला कर निचोड़ दूँगी. मैंने जब किसिंग करते-करते उसके मम्मों पर हाथ फेरा तो वो और भी मस्त हो गई और मेरे कपड़े उतारने लगी.

मुझे लगा था कि यदि उन्हें गलत लगेगा तो वे मुझे दूर कर देंगी, लेकिन उस सूरत में मुझे ये जताने का बहाना रहेगा कि मैंने तो उनको चुप कराने का प्रयास किया था. इसके बाद उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी चूत में अपना जीभ डाल मेरी चूत को चाटने लगा. अब अगली बाद वहां जाऊँगा तो आगे की चुदाई की कहानी आप सब को अच्छे से बताऊंगा.

फिर मैंने दरवाजे को लॉक किया और सुमन को पकड़ कर बेड पर गिरा दिया और सुमन को चूमने लगी. फिर एक दिन मैंने उससे कह ही दिया कि मैं तुम्हारी गांड और चूत में एक साथ लंड देखना चाहता हूँ. इतना कहते हुए वो आगे चलने लगी और मैं अपनी आंखें फाड़े उसके पीछे।बस के अन्दर वो सबसे पीछे वाली सीट के ऊपर अपने सामान रखते हुए बोली- यह हमारी दोनों की स्लीपर सीट है।अब मेरा पारा आपे से बाहर हो रहा था, मैंने थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए कहा- आपने ट्रेन ए.

संदेश बीएफ फिल्म मैं उसे अपने रूम में ले गया, उसे बैठाया और पानी का गिलास भरकर दिया. इधर मेरी काम वासना भी इतनी बढ़ती जा रही थी कि मैं सुखबीर के आगे झुकती जा रही थी.

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भाभी रो रही थीं, तो मैंने चुप कराने के बहाने से भाभी को अपने गले से लगा लिया और उन्हें चुप कराने के बहाने से सहलाने लगा. अब वंदना बहुत गर्म हो गई थी और वो मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चुत में दबाने लगी. किसी किसी दिन जब मेरे यार का मूड होता था तो सर्फ ब्रा और पैंटी में ही रहती थी.

वाह मेरी रानी … क्या मस्त चुचियां है तेरी! एकदम दूध से भरी हुई, बड़े दिनों बाद ऐसा दूध पिया है. इस पर अरुणा को इतना गुस्सा आया कि उसने मेरा फोन दीवार में फेंक के मारा. xender डाउनलोडमनीषा ने कपड़े पहनने शुरू कर दिए और मुझे भी मजबूरी में पहनने ही थे तो हम दोनों कपड़े पहनकर तैयार हो गए.

सोनल को सामने देख उन्हें आश्चर्य हुआ, पर उनके नींद से जगने पर सोनल को कुछ भी फर्क नहीं पड़ा.

मैं अभी खड़ा रहा सोच रहा था कि क्या करूं, अन्दर जाऊं या नहीं … गेट बजाऊं या नहीं … ऐसे सोचते-सोचते काफी देर हो गई. सुशीला- हमें मत समझाओ … तुम इस का गलत फायदा उठा रहे हो … हम गाँव में जाकर सब बता देंगे।वो फिर गुस्से से चिल्ला कर बोली।मैं गुस्से में- बोलिये क्या बोलोगी? जानती हो हम यहीं पर तुम दोनों को अगर रंडीखाने में छोड़ के चले जायेंगे … तो कोई पूछने वाला नहीं होगा। गाँव में बोल देंगे कि मेले में दोनों माँ बेटी खो गई.

कल रात रवि मामा ने अपना लंड मेरे हाथों में देकर मानो मेरे दिलो दिमाग में हवस की चिंगारी डाल दी थी, जो कि इस सुनसान अंधेरी रात में अकेले रवि मामा के कड़क मज़बूत जिस्म और मस्त चुदाई सोचकर अब आग की तरह धधकने लगी थी. एक बार और आराम से उसके स्तनों पर हाथ फेरते हुए पूरा दूध पकड़ कर आराम से दबाया. सर ने पिंकी को खींच कर सोफे पर बैठा ही लिया- अरे देख तो सही … अंजलि कितने प्यार से कर रही है … तू भी करके देख … तुझे मज़ा नहीं आया तो मैं तुझे छोड़ दूँगा … तेरी कसम.

फिर मैंने एक दिन मेरे उसी दोस्त करण पाल को घर बुलाया, चाय पिलाई और कहा- दोस्त आप बहुत अच्छे हो … पर मेरी बीवी को ये अच्छा नहीं लगता कि कोई भी घर में ज्यादा आए.

फिर उसकी सलवार को खोल दिया और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को किस करने लगा. ” मैं ये सब सोच ही रहा था कि तभी नेहा ने मुझे गहरी निगाहों से देखते हुए छुआ. अगर आप लोगों का प्यार मिलेगा तो आगे और सच्चाई बताऊंगी अपने जीवन की। मैं आपको आगे कहानी में बताऊंगी कि मैं गांव की लड़की इतनी होशियार कैसे बनी और अन्तर्वासना के बारे में मुझे कैसे पता चला.

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मैंने अब उसकी चुत की दोनों फांकों के ऊपर से चाटना शुरू कर दिया, जिससे मेरे मुँह में उसकी कमसिन चुत का नमकीन स्वाद घुलने लगा. वो अभी मात्र 29 साल की है उसकी शादी 3 साल पहले हुई थी, पर वो अपनी शादी से नाखुश थी क्योंकि उसके पति को सेक्स का मतलब बच्चा पैदा करना लगता है. वन्दना पूछने लगी- मामा मामी गए?मैंने उससे कहा कि हां मेरी जान गए और मामा मामी नहीं, पापा मम्मी बोल.

वो अपने घुटनों को मोड़ के नीचे बैठ गई और मेरे आठ इंच के लंड को अपनी जुबान से आइसक्रीम की तरह ऊपर से नीचे चाटने लगी. वह भी पहली बार दो लंड एक साथ अपनी गांड और चूत में लेकर मज़े कर रही थी. मैं- लो भाभी जी, हमने क्या किया?सुशीला- देखो मुनीम जी, तुम जो हमारे साथ कर रहे हो, वो ठीक नहीं है।वो गुस्से से चिल्लाई.

तभी मैंने भी लंड को बाहर निकाल कर उसके मम्मों पर लंड का सारा पानी निकाल दिया. हम बाकी कपल्स की तरह घूमने-फिरने भी लगे, हमारे बीच किसिंग होने लगी. आपकी इजाजत हो तो?आंटी बोलीं- ओके पूछो, क्या पूछना है?मैंने पूछा- आंटी अपने लास्ट टाइम सेक्स कब किया था?तो आंटी बोलीं- ये कैसा प्रश्न है विक्रम?मैंने बोला- अपने प्रॉमिस किया है उत्तर दो.

अब मैंने उसे पलंग के किनारे पर करके उसकी चुचियों को पकड़ कर धक्के लगाने शुरू कर दिए. थोड़ी देर में सन्नी के मोनिंग की आवाज़ें आने लगी, शायद अभिषेक सन्नी के साथ बहुत अच्छा बॉडी प्ले कर रहा था.

एकता बोली- क्यों तेरा शोना नहीं मिला क्या इतने दिन?ये कह कर वो मुस्कुराने लगी.

उसके बाद उन्होंने मेरे पूरे कपड़े भी खोल दिए और कुछ देर बाद मैंने उनकी चूत पर हाथ रखा और उनकी पेंटी भी उतार दी और बिना सोचे समझे उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. हिंदी पिक्चर फिल्म सेक्स फिल्मअपनी चुत व नितम्बों को अच्छे से साफ‌ करने‌ के‌ बाद भाभी ने‌ पेंटी को‌ तो वापस बिस्तर पर पटक दिया और उठकर अपने‌ कपड़ों को सही करने लगीं. भारतीय सेक्सी वीडियो हिंदी मेंजब मेरी नज़र भाभी की ब्रा पर पड़ी तो मेरे लंड ने भी अपना मुंह उठाना शुरू कर दिया. फिर धीरे धीरे हमारी गाड़ी पटरी पर आ गई और अब हम दिन-रात चुदाई करने लगे.

इसी दर्द के वजह से मैं जाग गया था लेकिन पल्लवी अपनी आँखें बन्द किये हुये मुझे लगातार चोदे जा रही थी। अब उसके इस तरह नोचने से मीठे दर्द के जगह दर्द ने ले ली और जिसको अब बर्दाश्त करना मुश्किल लग रहा था.

तभी आंटी बोलीं- तुम ही विक्रम हो?तो मैंने बोला- जी आंटी, मैं ही विक्रम हूँ. प्रिया को जब मेरी जीभ की गर्मी का अहसास हुआ, तो उसने अपने आप ही अपनी जांघों को खोल दिया. मम्मी ने पूछा- क्या हुआ?तब मैंने कहा- कुछ नहीं मैं तो बस आपसे यही कह रहा हूं कि वंदना का अच्छे ढंग से ख्याल रखूंगा.

पर उधर जो द्वारपूजा के समय मेरे अन्दर निहाल और उन दो लड़कों ने मेरी अधूरी चुदाई की आग लगाई थी, उसी के कारण मैं चली आई. सरिता की चुत इतनी टाईट थी कि चार पाच झटकों के बाद ही मेरा लंड मंजिल तक पहुंच सका. मेरी चुत भी उस गर्मी को सहन नहीं कर सकी और फिर एक बार फूट फूट कर झड़ने लगी.

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चाची की उठी हुई गांड मुझसे इतनी करीब थी, इस अहसास से ही मेरा लंड तुनकी देने लगा था. सबसे मस्त सेक्स साईट अन्तर्वासना के प्रिय पाठको … आज मैं, मनु आपके सामने अपने साथ घटी सच्ची घटना साझा करने जा रहा हूँ. रास्ते में उन्होंने मुझे गन्ने का जूस पिलाया और शाम को करीब 4 बजे के लगभग हम लोग घर मतलब मेरी ससुराल पहुंच गए।वहां मेरा स्वागत हुआ, नाच गाना हुआ, गर्मियों के दिन थे.

अब मैंने उसकी गांड में फिर उंगली डाली और उससे कहा कि मुझे तुम्हारी इस बड़ी गांड में भी लंड डालना है.

मैं हमेशा यही सोचता कि कैसे मैं इसकी गांड को अपने हाथों से भींचू और मसलूँ … कब इसके मस्त छोटे पतले पतले और गुलाबी होंठ चूस लूँ.

ऊषा ने मेरे लंड को साफ किया जोकि मेरे वीर्य और उसके चूत के रस से सना हुआ था. मैंने समय ना गंवाते हुए उसकी चुची मुँह में भर ली और जोर जोर से चूसने लगा और दूसरी को मसलने लगा. ब्लैक होल कैसे बनावो क्या मस्त लग रही थी गहरे गले का लाल कलर का इतना टाईट टॉप मानो उसके चूचे टॉप को फाड़ के बाहर आ जाएंगे.

इतना सोचने के बावजूद भी न जाने क्यों मेरे दिमाग में सरोज चाची को चोदने की बात नहीं आई थी, जबकि मैंने कई कई बार उनको गांड हिलाकर मटक मटक कर चलते देख कर मुठ मारी थी. मुझे ऊपर से नंगा करके सुलेखा भाभी अब मुझ पर लेट गईं और अपनी बड़ी बड़ी चूचियों को मेरे नंगे सीने पर रगड़ते हुए जोरों से धक्के लगाने शुरू कर दिए. मैं उनको देखने लगा, तो उन्होंने हंस कर कहा कि मैं तो न जाने कब से तेरे लंड को लेना चाहती थी.

मैंने सोनू से कहा- जिस दिन तुम पहली बार मेरे पास आई थी और मैंने जो तुम्हारी चूत देखी थी, उसमें और इसमें दिन-रात का अंतर है. इसके बाद मैं नीचे को आया और मैंने उनकी नाभि को होंठों से चूमा … फिर अपनी जीभ उनकी नाभि में डाल दी.

इसी बीच कम्बल के सहारे से कुछ ऐसी स्थिति बन गई कि जीजाजी मेरी चूत को चाटते रहे और मैं उनके लंड को चूसती रही.

वंदना मुझसे बोली- जानू, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा … तुम मेरी चुत को अपने लंड से चोदो … और मुझे अपनी औरत बना लो. उधर नेहा आंटी निशा को अपने बेटे के साथ देखकर और उत्तेजित हो रही थीं. बता बनेगी रखैल?मैं होश में तो थी नहीं, मुझे कुछ नहीं याद है कि क्या बोलूं.

कैमरा ब्यूटी प्लस पर थोड़ी देर बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा और वो भी गांड उछाल कर मेरा साथ देने लगीं. हम दोनों ही अब अपने अपने पूरे शवाब पर थे और हम दोनों में अपनी अपनी मंजिल पर पहुंचने की जैसे कोई प्रतियोगिता सी शुरू हो गयी थी.

मैंने सोनू को गोद से नीचे उतारा और सोनू को पीछे से बांहों में भरा और उसके चूतड़ों के ऊपर अपना लंड रख कर खड़ा हो गया. उन लोगों की भी नाईट हमारे जैसे ही होती थी 3 नाईट उसके बाद 2 छुट्टी। पहली रात तो मैं नर्स रोजी को देखता ही रहा क्या गदर माल थी। यूं तो हम पहले भी मिल चुके थे जब मैं दिन में ड्यूटी करता था. मैंने उस भाभी को एक तरफ हटने के लिए कहा। जब वो हट गई तो मैंने अपने कपड़े ठीक किये और आगे केबिन में जाकर बस वाले से स्लीपर सीट के लिए पूछा, तो उसने एक स्लीपर सीट भी दे दिया। फिर मैंने रिया भाभी को स्लीपर के केबिन में भेज दिया।कुछ टाइम बाद मैं भी चला गया.

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करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ने को हुआ, तो उसने जोर से लौड़ा चूसना शुरू कर दिया. मुझे लोन की बहुत ज़रूरत है। उसके बदले आप कुछ भी माँग लो।मैं उसका इशारा समझ गया था पर कुछ कहने से डर रहा था।मैंने उससे विदा माँगी तो वो बोली- आप ऐसे नहीं जा सकते … अगर आप मेरे पति से मिलना चाहते हो तो ठीक है आप मिल लेना. और उसकी ठुमकती हुई गांड जैसे मुझे बुला रही हो कि आ जाओ और पकड़ लो मुझे।कभी कभी हमारी नज़र टकरा जाती तो वो मुस्कुरा देती थी.

इस दौरान मैंने नोटिस किया कि मेरे छूने से कौशल्या को कोई परेशानी नहीं हुई. कुछ पल बाद मैंने अपने पेट पर गर्म पानी जैसा महसूस किया थोड़ा उठ कर देखा तो वो उनकी चूत के ऊपर वाले छेद से पेशाब निकल रहा था.

उसकी नजर मुझ पर पड़ी, उसको ध्यान ही नहीं था कि वो बिना कपड़े की बाहर आयी थी, उसने मुझसे पूछा- क्या काम है?मैंने उसकी तनी हुई चूचियों को देखते हुए कहा- कुछ नहीं, ये शंकर का हेडफोन देने आया था.

मैंने सोनू से पूछा- तुम्हारी हॉबीज क्या-क्या हैं?तो सोनू ने बताया- पिक्चर देखना और पहाड़ों पर घूमना फिरना मेरी हॉबी है. तभी गैब्रियल ने अब अपना लंड तेजी से निकाला और मेरी गांड में घुसा कर अपनी पोजीशन थोड़ा सा ऊपर किया और मेरे कूल्हों को हाथ से फैलाया और अब वो बैठ कर मेरी चुदाई करने लगा. एकता ने फिर प्रमिला को बोला- क्यों ना हम तीनों एक साथ में एन्जॉय करें?प्रमिला ने कहा- ये टिक पाएगा हम दोनों के बीच?एकता ने बोला- इस घोड़े की घुड़सवारी मैं कर चुकी हूँ और मुझे और डोली को ये अच्छे से एक साथ में चोद चुका है.

मैं बोली भी कि अंकल कोई आ गया तो मैं क्या करूंगी, यहां मेरी मम्मी भी हैं, इसलिए मुझे बहुत डर लग रहा है. फिर जब भाभी से रहा नहीं गया तो उसने मुझे नीचे पटक लिया और मेरे अंडरवियर को नीचे खींच कर एकदम से मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया. मैंने कहा- लेकिन मैंने जो भी फोन के अंदर देखा वह किसी को पता नहीं चलेगा, तुम इस बात से बेफिक्र रहो.

उसने बोला- जान, सही से चुदवा लो वरना वियाग्रा खा कर चोदा, तो सुबह तक चोदूँगा.

संदेश बीएफ फिल्म: मैंने कहा- भाई यह क्या कर रहा है तू? यह क्या तरीका है तुम्हारा? यह मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा. वो मेरी इस चुदाई से बहुत खुश हो गयी और दोबारा मिलने का वादा लेकर जाने दिया.

स्कर्ट इतनी छोटी थी कि जब वह चेयर पर बैठी तो उसकी स्कर्ट और थोड़ी पीछे हो गई और उसके पट और ज्यादा दिखाई देने लग गए. एक बार मेरे पति ड्यूटी खत्म करके घर आये और उन्होंने कहा- मेरी ड्यूटी 3 महीनों के लिए पड़ोस के शहर में लग गई है. लेकिन मेरा मन बहुत करता था कि अपना लंड उसके मुंह में दे दूँ।मैंने सोचा कि आज तो हमारी सुहागरात है, आज प्रियंका मेरे लंड को मुंह में लेने से मना नहीं करेगी.

लेकिन जैसा कि शादी का सीजन था, इसलिए कई घरों में लोगों का आना जाना चल भी रहा था.

इसलिए उसने खुद ही अपनी जांघों को फैलाकर अपनी चुत को मेरे लिए परोस दिया था. एक दिन हमेशा की तरह मकान मालिक और उनकी बीवी के जाने के बाद मैं और ऊषा घर में अकेले बचे. वो मेरी बहन को अपनी गोद में लेकर चोद रहा था और बोल रहा था कि आज पचास हजार वसूल ही कर लूंगा.