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मजबूरन मैंने एक कंप्यूटर कोचिंग जॉयन की, वहाँ ही मैंने इंटरनेट की दुनिया से थोड़ी-बहुत वाक़फ़ियत हासिल की।मुझे याद है उन दिनों इंटरनेट पर चैट ज्यादा की जाती थी. हिंदी में कुंवारी लड़कियों की बीएफइस तरह बैठने से उसकी चूंचिया ठीक मेरे होंठो के सामने आ गई। मैंने दोनों चूचियों को अपनी हथेलियों में भर लिया और उसके निपल मुँह में लिए.

मैंने पहले ही जालीदार कपड़े पहने थे जिसमे से मेरा पूरा बदन दिखाई पड़ रहा था और फिर मैंने अपना टिकेट भी अपने बड़े बड़े बूब्स के अन्दर ब्रा के बीच मैं डाल लिया. सेक्सी बीएफ बीमैं भी बस झड़ने वाला था फिर हम दोनों ने एक-दूसरे को कस के पकड़ किया और फिर अपना अपना पानी एक दूसरे में मिला दिया और उसके बाद हम एक-दूसरे में समा गए.

सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी और मेरी चिकनी गीली चूत, गोल-मोल गांड, मम्मो की तरफ से टाँगें चौड़ी करते हुए नमस्कार!गुरुजी आप सच में बहुत महान हो जो ऐसी वेबसाइट शुरु की है जिस पर सर्फिंग कर कोई भी इंसान बोर नहीं होता, लोग अपने बिस्तर की कहानियाँ सबके सामने लाते हैं, जिन्हें पढ़ कर औरतों की चूतें गीली होती हैं, मर्दों के लंड हिल-हिल कर सलामियाँ देने लगते होंगे.देसी सेक्सी बीएफ फिल्म: आंटी ने कहा- हैरी, जोर से चूस मेरे चुच्चों को! निकाल दे सारा दूध इनमें से! बहुत दिनों से किसी ने नहीं पिया इन्हें!मैं भी जोश में आ गया, मैं मोना के स्तनों को जोर-जोर से चूसने लगा.

उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मैं आप लोगो को अपने जीवन की एक और कहानी बताना चाहता हूँ और आशा करता हूँ आपको यह कहानी पसंद आएगी.‘तेरी जवानी का आनन्द ले रही हूँ, चल हाथ हटा अपने लौड़े से!’उन्होंने मेरा हाथ हटा कर मेरे तने हुये लण्ड को पकड़ लिया.

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मैंने भी उसके होठों पर अपनी ऊँगली फिराई और हाथ को नीचे खिसकाते हुए उसके गले से होकर मम्मों तक पहुँच गया.मेरी चूत उसके लण्ड के साथ-साथ थाप देने लगी, थप थप की आवाज आने लगी, मेरी चूत पिटने लगी.

चुदी हुई रीटा अपने चकराते हुऐ सिर को पकड़ जमीन पर बैठ अपनी बेतरतीब सांसों को सम्भालने लगी. देसी सेक्सी बीएफ फिल्म आज मैं आपको एक और जोरदार चुदाई का किस्सा सुनाने जा रही हूँ पहले की तरह ये भी मेरी निजी लाइफ का एक किस्सा है.

तुम जैसे ही रूम मे आयी, मैने दरवाजा बन्द कर लिया और तुम्हे किस करने लगा। फ़िर मै बेड पे बैठा और तुमसे कहा ” तुम इस तरह मेरी बाहों में बैठो कि तुम्हारा गोरा बदन पूरी तरह मेरी बाहों में आ जाये” और तुमने अपनी दोनो टांगें खोल के चौड़ी की औए सीधे मेरे लन्ड पे आ के बैठ गयी.

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शह पाकर बीच-बीच में मैं अपने घुटने उसकी चूत पे रगड़ देता। पहली बार में तो वो चिहुंक उठी पर ऐसा दिखाया जैसे कुछ हुआ ही ना हो. [emailprotected]और मेरी जान राज को भी जरूर बताना की यह कहानी आप सभी को कैसी लगी[emailprotected]1815. बहुत बेचैनी हो रही है …सर- कोई बात नहीं! होती है … आ जा … मेरे पास आ जा …सर ने धीरे धीरे मेरे दोनों अधोवस्त्र दोबारा उतार दिए और अपने भी … मैंने पहली बार लण्ड देखा! मोटा भूरा और आगे लाल टोपा … सर की उम्र कोई रही होगी कोई पचास की और कहाँ मैं अनछुई कच्ची कलि ?सर- बेबी, इसे मुँह में लो.

मुझे अगले दिन भाभी के घर जाना था मगर मैं पूरा दिन और सारी रात सोनम के बारे में और उसके बारे में मम्मी को कैसे बताऊँगा, यही सोचता रहा क्योंकि सोनम मुस्लिम थी और मैं हिंदू बनिया. यह सुन कर मुझे शर्म आने लगी और मैं कमरे से बाहर आ गया और रोने लगा क्योंकि आज तक कभी मुझे कोई भी लड़की शादी लायक नहीं लगी थी और जब लगी तो वो भी मजाक निकला. ’मेरे इस तरह नाराज होने से वो लोग डर गए और मुझे मनाते हुए राजू ने कहा ‘ नहीं मैडम ऐसा नहीं है अगर आप नहीं चाहोगी तो कुछ भी नहीं करेंगे.

” चोट तो नहीं लगी…? पागल है क्या तू… ज्यादा सुपरमैन बनने का शौक चढ़ा है… जा छत से भी कूद ले. आअह्ह! भाभी का बदन अकड़ने लगा था, उनका पानी निकलने वाला है यह मैं समझ गया… मैंने अपनी एक उंगली उनके मुँह में डाली, उन्होंने काट ली, फ़िर उसे धीरे धीरे चूसना शुरू किया. मैंने कहा- कोर्स की पढ़ाई तो हर रोज़ करते हैं, आज कोर्स से बाहर की पढ़ाई करेंगे, इससे व्यक्तित्व का विकास होगा.

मेरी चूत तब तक दो बार झड़ चुकी थी… और बहुत चिकनी भी हो गई थी…इसलिए अब उसका लण्ड फच फच की आवाजें निकाल रहा था…मैं फिर से झड़ने वाली थी. ?”हाँ मेरे राजा !”तो फिर यह शादी …? स्वयंवर… ?”ओह ये सब तो बस पब्लिसिटी स्टंट है। टीवी पर जब तक कोई नई चीज नहीं दिखाई जाए टी.

?हाँ डार्लिंग !फिर आगे बढ़ कर सपना के होठ चूसने लगा, वो भी ऐसा ही कर रही थी।फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में लगाई तो वो तड़प उठी- सर, प्लीज छोड़ दो , अह्ह्ह्ह्…….

आप कानून के रखवाले” कहानी के ग्यारह भाग पढ़ चुके हैं !अन्तिम प्रकाशित भागकानून के रखवाले-11में आपने पढ़ा कि :सोनिया बहुत हैरान थी कि उसने मुस्तफा को इतनी बुरी तरह पीटा उसके बाद बेहोशी के बाद भी वो वहाँ से निकलने में कामयाब हो गया.

और रीना के मुँह से चीख निकल गई- ऊई माँ … मर गई … मेरी चूत फट गई … बाहर निकालो अपना लौड़ा!मगर अब मैंने उसका मुँह अपने होठों में बंद कर लिया और कमर को ऊपर कर के फिर से ठोक दिया. ऊपर से सहलाने के बाद मैंने उसकी चड्डी उतार दी तो देखा उसकी चूत पर बहुत ही हल्के हल्के बाल थे और गुलाबी सी चूत की दो फाकों को देख कर लग रहा था कि किसी ने अभी तक इन्हें छुआ भी नहीं होगा !मैंने आव देखा ना ताव ! और उस पर मुँह रख दिया. मेरी स्पीड भी बढ़ रही है !मैं भी अंगुली तेज कर रही हूँ !हाँ मेरा पप्पू भी बहुत जोर लगा रहा है !क्या अभी पप्पू ही है ?हाँ अभी काला नहीं पड़ा है ना पप्पू ही है बिलकुल गोरा चिट्टा ?हाय राम कितना मोटा है ?कोई १.

बताओ ना तुम्हारे नितम्बों का साइज़ क्या है ?बहुत ही मस्त हैं पर साली मधु से ज्यादा सुन्दर नहीं हैं।क्या तुम्हे गांड मरवाना पसंद है ?ओह …. वैसे तो भाभी की उम्र 26 साल थी लेकिन कामकाजी महिला होने के कारण उन्होंने अपने आपको काफी अच्छा संवार कर रखा था. मैं- विश्रांती तुझे पता है रेशमा तो इसे आइसक्रीम से भी अच्छा प्यार करती है…विश्रांती- वाह रे बदमाश! अपनी विश्रांती को लंड मुँह में लेने बोल रहा है….

उसकी बात सुन कर मुझे भी हंसी आ गई और फिर उसका विचार भी सही था इसलिए मैंने तुरंत हाँ कर दी।मैं भी इस फिराक में था कि लड़कियों के साथ रात में शायद कोई नज़ारा देखने को मिल जाए या फिर कोई जुगाड़ ही हो जाये.

मैं मन ही मन उनके बारे में सोचने लगा… ऐसा सोचने से ही मेरा लंड अब बिल्कुल स्टील की रॉड की तरह खड़ा हो गया. तुम्हारा क्या हाल है ?मैं तो अपनी मुनिया को हरदम टिच्च कर के रखती हूँ, आज ही सुबह साफ़ किये हैं, बिल्कुल चिकनी चकाचक है इस समय ! काश कोई चूस ले !मेरे पास आ जाओ ना ?धत्त. दोस्तों के साथ बात करते वक़्त पैंटी गीली हो जाया करती …जोजो मुझे साईट पर मिला थाउस रात मैंने जोजो को बोल ही दिया- तुम फोने सेक्स करते हो! चोदोगे कब ? मेरा बदन तड़प रहा है.

मेरी नज़र उसकी चूचियों से हट ही नहीं रही थी, उसके गोरे गालों को चूमने का मन कर रहा था. आज तक जिस लड़की को देख कर मैं मुठ मारा करता था वो आज मुझको सेक्स का निमंत्रण दे रही है. मैं उसके लंड की बनावट देखते ही सोचने लगी कि ये तो मेरी गांड के लिए बिल्कुल फिट रहेगा.

उसने डरते डरते मेरे गाउन के अन्दर हाथ डाला और टिकेट पकड़ कर बाहर खीचने की कोशिश करने लगा.

पर उसकी आँखों में एक भी आंसू नहीं था…कह के मम्मी नहाने चलीं गईं…मम्मी ने तो मुझे परेशानी में डाल दिया था. यह सुनने के बाद भी भाभी और उनका बॉस माफ़ी मांगने लगे तो मैंने कहा कि मेरी दो शर्तें हैं, पहली यह कि आज के बाद भाभी तुम भैया के आलावा किसी और के साथ सेक्स नहीं करोगी और यह नौकरी भी छोड़ दोगी और आज के बाद कहीं जॉब नहीं करोगी.

देसी सेक्सी बीएफ फिल्म तो यह बात है… रश्मि। यही तो मैं सोच रहा था कि तुम्हारे जैसी बला की खूबसूरत लड़की इतनी आसानी से कैसे तैयार हो गई।खैर मैंने रश्मि से कहा- चलो, आज मैं तुम्हारी अतृप्त वासना की इच्छा पूरी करता हूँ।अगली कड़ी में समाप्य !. फाड़ डालो मेरी चूत को ! बहुत मज़ा आ रहा है ! आज जी भर के चोदो मुझे, सारी रात चोदो.

देसी सेक्सी बीएफ फिल्म 5 इंच के लंड का प्रणाम … आशा करता हूँ कि सभी चूत और लौड़ों को मेरी यह कहानी भी पहले वाली कहानियों की तरह ही पसंद आएगी।आपने कुछ दिनों पहले मेरी और रक्षिता कीजयपुर में पतंगबाजीऔररक्षिता और उसकी भाभीपढ़ी होगी,आज मैं उसके आगे की कहानी वहाँ से शुरू करता हूँ जब रक्षिता की भाभी विशाखा ने कहा था कि रोहित तू कल आना में अपनी सहेलियों को बुला कर लाऊगी …. लेकिन उस कहानी का नाम था ‘मेरी सुलगती बहन’ लेखक ना मालूम कौन था पर मुझे उसका नाम अच्छा लगा.

मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया.

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सभी के जाने के बाद मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और सोनम की तरफ देखा तो सोनम के चेहरे पर एक शर्म थी जो मुझे बहुत अच्छी लगी. उस दिन जब हम बिग बाज़ार में थे तो अचानक मेरी पत्नी की नज़र एक सुंदर सी औरत पर पड़ी और उसने आवाज़ लगाई- रागिनी!सुन कर उस औरत ने पीछे मुड़ कर देखा और मेरी बीवी को देख कर जोर से चिल्लाई- हाय संगीता. मेरी दीदी की जब शादी हुई तब मैं 18 साल की थी पर 18 साल की उम्र में मेरे वक्ष पके आम की तरह हो गए थे, चूतड़ उभर गए थे और उनकी दरार क़यामत ढाने लगी थी.

मैं अब घुटनों के बल बैठ गया और मामी वैसे ही नीचे से सर हिला के अपने मुँह को खुद चुदवा रही थी. ’और उसने एक हाथ से अपनी चूची पकड़ी और मेरे मुँह में डालने लगी… उसके पैर उसी तरह हिल रहे थे. मेरा लंड प्रचंड हो चुका था… पूरा लोहे का गरम रॉड… असाधारण और अनियंत्रित। मुट्ठ मारने की तीव्र इच्छा हो रही थी.

तो उसने कहा कुछ नहीं मगर प्यार से मुझे पप्पी दे दी……अब क्या था ! हो गई बल्ले बल्ले…….

मैं फ़िर से झड़ने के लिये तैयार हो गई तो मैंने देवर को रोक कर कहा- एक मिनट रुक जाओ ना… मैं फ़िर से बिना उसके ही झड़ जाऊँगी. भाभी पहली बार गांड मरवा रही थी इसलिए मुझे थोड़ा ज्यादा जोर लगाना पड़ा।लंड को घुसने में थोड़ी तकलीफ हो रही थी लेकिन मैं हार मानने वाला कहाँ था … मैंने पूरा जोर लगा दिया. मौसी जी… !” मैं उनकी नज़र को अनदेखा करते हुए बोला- मेरी पीठ पर अच्छे से साबुन लगा कर मल दीजिये, अपने हाथ से बढ़िया से नहीं हो पाता है ना.

उस दिन जीजू घर आए और हमें बोले- चलो आज घूम कर आते हैं, वहीं से खाना पैक करवा लेंगे!दीदी बोली- नहीं अखिलेश! मैं रिस्क नहीं लेना चाहती! बहुत नाजुक समय है. हेल्लो ?हाय कैसे हो ?आप कौन बोल रही हैं ?क्या बेहूदा सवाल है ?क्या मतलब ?अच्छा क्या कर रहे थे ?वो …. उधर राहुल का लंड खड़ा ही था… पर रीता को पता था उसे कैसे ठंडा करना है… उसने तुंरत ही राहुल की गांड में अपनी उंगली डाल दी… और उसके लंड कामिनी की चूत में से बाहर निकाल कर, गीले लंड की मुठ मारने लगी.

तुमने मेरे चूत को फाड़ डाला……वो दर्द से कराह उठी, मैं समझ गया कि इसकी चूत की आज पहली बार चुदाई हो रही है।दूसरा धक्का बिना देर किये मैंने मार दिया जिससे मेरा लंड सपना की चूत की गहराइयों को नाप गया।हाय आह………. मामी, कैसा लग रहा है?”नयन, मत पूछो! तुम अपना काम चालू रखो!”नयन! आआऽऽऽ आआआआअ… क्या मजा आ रहा है! मैं तो पागल थी जो तुम्हें चोदने को मना कर रही थी!”नयन, मैं निकलने वाली हूँ मुझे कस लो नयन! आआऽऽऽ आआआआअ…! ”मैंने मामी की हालत जान ली और पीछे से उनको कस कर पकड़ लिया.

उसके मुँह से हल्की-हल्की आह आह निकाल रही थी।झांटें बनाने के बाद चूत एकदम से चमक गई तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया और उसकी चूत का चूमने और चूसने लगा।उसको मज़ा आने लगा और वो आहें भरने लगी तो उसकी आहें सुनकर मेरा जोश बढ़ने लगा तो मैं उसे और जोर जोर से उसकी चूत को चूसने लगा और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत मैं डाल दी तो उसकी हालत ख़राब होने लगी. ओह्ह उसकी गांड भी एकदम गुलाबी थी और चूतडों के बहुत अन्दर की तरफ़ यानि गहराई में थी। एकदम नाज़ुक सी गुलाबी गांड! मैं गांड का शौकीन नहीं हूँ. उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी… और अपनी आँखे बंद कर ली। हमारे आस-पास पानी ही पानी था…और हम प्यासे थे…।साँस फूल गई और हम ऊपर सतह पर आ गये… ऊपर आकर थोड़ी दूरी बना ली ताकि किसी को शक न हो। दूर से ही एक दूसरे को इशारा करते…गोता लगाते…पानी के अंदर किस करते….

हम भी ऐसा ही करते हैं!मैं समझ गया कि चाँदनी अब चुदने के लिए पूरी तरह तैयार है पर उसको यह नहीं अंदाज़ है कि वो फिल्म की लड़की कितना चुद चुकी है, और इसकी पहली बार चुदने वाली कसी चूत! काफ़ी अंतर है दोनों में!तो मैंने उसको बिस्तर के किनारे पर लिटाया, उसको उसके दोनों पैर कंधे तक मोड़ कर पकड़ने को कहा.

वह मेरे चूचों का मर्दन करने लगा… चूत का दाना बीच बीच में सहलाने लगता !अब वो अचानक से पलटा और मेरे ऊपर आकर मेरी चूत पर अपने लण्ड का हक़ साबित करने लगा. श्यामलाल के पास कोई विकल्प नहीं था इसलिए उसने मेरे माता-पिता के सामने मेरी और तान्या के शादी का प्रस्ताव रख दिया जिसे मेरे माता-पिता ने मान लिया. उसके गुलाबी गुलाबी चुचूक चूसने में मुझे स्वर्ग का सा सुख प्राप्त हो रहा था। उसके बाद धीरे धीरे चूमता हुआ मैं नीचे की तरफ बढ़ने लगा.

मैं राधा को सब्जी मण्डी से सब्जी दिलवा कर लौट रहा था तो एक अच्छे रेस्तराँ में उसने मुझे रोक दिया कि मैं उसके लिए इतना काम करता हूँ, बस एक कॉफ़ी पिला कर मुझे जाने देगी. दीदी के बॉस का नाम श्यामलाल था और उनकी उम्र 48 थी मगर फिर भी वो काफी जवान दिख रहा था.

प्रेषक : मनो प्रकाशयह मेरी पहली कहानी है, मेरा नाम रणजीत है, मैं 30 साल का हूँ और सीतापुर उ. पर तुम मेरी बहू हो… बेटी समान हो…” मेरा धर्म मुझे रोक रहा था पर मेरा लौड़ा… वो तो सर उठा चुका था, बेकाबू हो रहा था. छोटे-छोटे रसकूप (उरोज)। होंठ इतने सुर्ख लाल, मोटे-मोटे हैं तो उसके निचले होंठ मेरा मतलब है कि उसकी बुर के होंठ कैसे होंगे। मैं तो सोच कर ही रोमांचित हो उठा। मेरा पप्पू तो छलांगे ही लगाने लगा। उसके होठों के दाहाने (चौड़ाई) तो 2.

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एक अजीब सी ख़ामोशी छा गई, एक सवाल ने हम दोनों के बीच की तीन दिन की दूरियों को खाई में बदल दिया…दादी भले ही उसकी माँ के दूर होने के बाद.

मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई और जब उठा कर देखा तो आंटी मेरी मम्मी से बात कर रही हैं. दोनों में आसानी से बुला सकता हूँ !!” (फिर नाटकीय ढंग से उसका नाम एक बार प्यार से और एक बार गुस्से से लेकर दिखाओ। वह ज़रूर हँस पड़ेगी)तुम हँसती हुई ज्यादा अच्छी लगती हो …. फिर तो बहादुर के हथौड़े से लन ने रीटा को कसमसाने की भी जगहा नहीं दी और चूत की चूलें हिला दीं.

जब मैंने सोनम से पूछा कि मैं तो तुमसे प्यार करता था फिर तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया?तो सोनम कुछ नहीं बोली और योगी की तरफ देखने लगी. पर तू भी वादा कर… मुझसे बात करनी बंद नहीं करेगा…!?उसने मेरे चोट वाले हाथ पे हाथ रख दिया और मैंने भी उसके दूसरे पर दूसरा हाथ रख दिया. तृषा मधु की बीएफठीक तीन साल पहले मैंने जवानी में बिल्कुल नया नया पैर रखा था, तभी से मेरा दाना फड़कने लगा था, जिस का कारण था केबल, हॉट वेब साइट्स अथवा अपनी उम्र से बड़ी लड़कियों के साथ मेरी दोस्ती! उनके घर जाती तो वो कंप्यूटर पर ब्लू फिल्में देख देख एक दूसरी की चूतें मसलती, मम्मे दबाती!दसवीं क्लास में मेरा पहला एफेयर बारहवीं क्लास में पढ़ने वाले बबलू नाम के लड़के के साथ चला.

जीजू कहने लगे- मेरी जान! कब से इस मौके का इंतजार कर रहा हूँ, आज मैंने तुम्हारी दीदी को नींद की गोलियाँ दे दी हैं और वो सुबह तक नहीं उठेगी. जैसे ही उसकी जीभ मेरे दाने से टकराती, मेरे मुँह से अपने आप स्स्सीईईईई हाआआआ आआ निकलता.

क्या मजा था उसमें! एकदम चिकनी और गोरी टाँगें थी उनकी! मैंने उनकी स्कर्ट इतनी ऊपर कर दी कि मुझे उनकी पेंटी दिखने लगी. ‘दीदी, आपको तो कोई मुस्टण्डा ही चाहिये चोदने के लिये, घोड़े जैसा लण्ड वाला!’‘घोड़े से चुदवा कर मेरा बाजा बजवायेगी क्या… ‘‘अरे दीदी, बहुत दिन हो गये, साहब तो चढ़ते ही टांय टांय फ़िस हो जाते है, लण्ड झूल कर छोटा सा हो जाता है. प्रेषक : संदीप शर्मामैं चाची को धक्के लगा लगा कर जोर जोर से चोद रहा था और चाची हर धक्के पर वाह मेरे राजा ….

जब वो जाने लगी तो उन्होंने मुझसे कहा- मुझको पता नहीं था कि तुम ऐसे हो! वरना मोना से पहले तुम्हारे लंड का स्वाद मैं ही चखती! और आज मैं सोच कर आई थी कि मैं आज तुम से अपनी प्यास बुझा ही लूंगी. मैंने कहा- हाँ, यह ठीक रहेगा !फिर हम काफी देर तक एक दूसरे की गर्दन में बाहें डालकर चिपककर बैठे रहे। तब तक 5 बज चुके थे. कुछ देर बाद मैने तुम्हे अपनी जांघ पे मेरी तरफ़ मुंह करके बैठाया और फ़िर तुम्हे किस करने लगा। फ़िर मैने तुम्हे नंगी कर दिया। उसके बाद तुमने मेरे भी कपडे उतार दिये.

उसके बाहर जाने से पहले हमारे बीच कुछ हुआ जरूर था पर वो इतना नहीं था कि जिसे प्रेम का नाम दिया जाये.

आंटी मेरा एक हाथ पकड़ कर अपनी चूत पर लगाने लगी, मेरी उंगली पकड़ कर अपनी चूत में घुसाने लगी. मेरा गर्म माल आंटी की चूत में जाते ही आंटी का भी चूत ने पानी छोड़ दिया और आंटी वहीं पर ही थक कर झुक कर आराम करने लगी.

प्रेषक : आसज़सम्पादक : प्रेमगुरूकरेन थोड़ी आगे चली गई तो वैल ने कहा,”तो क्या तुम मेरे से शर्मिन्दा हो?”ओह…. ?”तो तू कोई उपहार नहीं ला सकता था?”क्या इससे बेहतर कोई और उपहार हो सकता था तेरे लिए. और उसने बताया कि उसके पति भारत में नहीं हैं वो अमेरिका गए हुए हैं, उसको गए हुए दो महीने हो गए हैं और शायद अगले छ: महीने तक नहीं आ सकते हैं.

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देसी सेक्सी बीएफ फिल्म मैंने कहा- ज्योति तो सो रही है और वो सात बजे से पहले नहीं उठेगी!तो आयशा मान गई और मैं योगी के पापा के कमरे में गया और वहाँ से दो कंडोम उठा कर ले आया ताकि आयशा को चोदने के बाद मुझे अपना लण्ड जल्दी में बाहर ना निकलना पड़े. दरवाजे की कुन्डी बन्दकर देवर से बोली- तुमने अपनी माँ का दूध पिया तो करके दिखाओ?देवर बेड पर लेटा था, वो उठकर बैठ गया और मेरी तरफ़ हैरानी से देखने लगा.

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थोड़ी देर बाद मेरे मन में भी हलचल होने लगी… दोस्तो, बता दूँ कि मेरे मीनू भाभी कमाल की दिखती हैं, रंग गोरा, शरीर भरा-भरा. वो भी धीरे धीरे गर्म हो गई, मैंने मौके का फ़ायदा उठाया और उसके चूचे अंदर हाथ डालकर पकड़ लिए और प्यार से हाथ फिराने लगा. मम्मी के आने के बाद हमारी चुदाई मतलब प्रेम कैसे आगे बढ़ा और उस प्रेम को पाने के लिए मुझे क्या क्या करना पड़ा …यह आप लोगों की प्रतिक्रिया देखने के बाद लिखूंगा….

‘हिच, मां की लौड़ी, तेरी चूत मारूँ… चिकनी है भाभी…!’ अब उसकी गालियाँ मुझे बहकाने लगी थी. शाम को जब मीनाक्षी रसोई में खाना बना रही थी, तब भाभी मुझे अपने बेडरूम में ले गई और बोली- रोहित, यार आज तो चोदो मुझे. इंग्लिश बीएफ देनाशायद उसके बॉस श्यामलाल पहले भी उसकी गांड मार चुके थे इसलिए मैंने ज़ोर का धक्का लगा दिया जिससे मेरा लगभग आधा लंड स्वाति की गांड में समा गया और वो चिल्ला उठी.

खतरनाक तरह से चुदने के बाद जब रीटा खड़ी हुई तो लड़खड़ा कर धड़ाम से वापिस जमीन पर गिर पड़ी.

मैं तो पहले ही झड़ने के करीब थी इसलिए उसका लंड आराम से झेल गई और चिल्लाते हुए झड़ने लगी,’ हाँ. सवेरे सात बजे जब नीना की नींद खुली तो उसका बदन में मस्ती समाई हुई थी और मेरे करीब आकर जोरदार चुम्मी लेते हुये मुझे ‘थैंकयू’ बोला.

और मेरी चूत चाटने लगा उसकी ये अदा मुझे बहुत पसंद आई क्यूँकि मेरे बॉस ने अपना लण्ड मुझसे बहुत बार चुसवाया था मगर मेरी चूत चाटने से मना करते थे. उन की इस हरकत को देख मैंने उन्हें अपने ऊपर खींच लिया, अपनी बाहों में समेट लिया और उन की चूचियाँ दबाता, चूमता तो कभी उन की ग़ाण्ड पर हाथ फेर उसे दबाता. जब बहादुर अन्दर आया तो ताज़ी ताज़ी नहाई रीटा ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठी अपने बालों को संवार रही थी.

बस मन कर रहा था कि कोई लड़का आये और मेरी कुंवारी गाण्ड में अपना लंड डाल दे! पर डर लगता था क्यूंकि मैं कुंवारी थी और मैंने सुना था कि गाण्ड मरवाने में बहुत दर्द होता है.

जैसा कि मैंने पहले भाग में बताया था, दीदी बहुत ही सेक्सी है, एक दम गोरा रंग, कसा हुआ शरीर, तनी हुई चूचियाँ जो बड़ी थी. ”मैंने देखा कि इतनी गर्म चूत तो दोनों बहनों की भी नहीं थी !छोटी छोटी झांटें हाथ में चुभ रही थी और एक मोटा सा दाना भी स्पर्श हो रहा था, मैंने कहा, पारुल जान, यह क्या है?”वो बोली,”यही तो सबसे बड़ी क़यामत है …. मैंने फ़िर कहा- एक बार मुँह में लो!तब उसने कंडोम के ऊपर से लिया… मैं उत्तेजित हो रहा था… 12-15 मिनट में मैं कंडोम में ही झर गया, फिर भी वो उसी तरह मुँह में लिए हुए थी.

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ओवन क्या होता है

तो ये चाची ही थी जो धीरे धीरे मेरे लण्ड को मेरी दोनों टांगों के बीच में से खींच कर बाहर निकाल कर सहला रही थी. !मैं बताना ही भूल गया ! मिक्की जब मुझे फूफाजी बुलाती तो मुझे लगता कि मैं कुछ बूढ़ा हो गया हूँ। मैं अपने आप को बूढा नहीं कहलवाना चाहता था तो हमारे बीच ये तय हुआ घरवालों के सामने वो मुझे फूफाजी कह सकती है पर अकेले में या घर के बाहर जीजाजी कहकर बुलाएगी।ओह…. फिर वो पेड़ का सहारा लेकर घोड़ी बन गई और मैंने अपना लंड पीछे से उसकी चूत में डाल दिया.

”कामिनी तुमसे मिलकर गयी थी क्या ?”नही… ये बात नहीं है… उसका फ़ोन आया था… ”हाँ वो दिन को चली गयी थी… ”अब तो साहिल अकेला ही होगा. थोड़ी देर में किसी ने मुझे पीछे से आवाज लगाई, मैंने मुड़ कर देखा तो वो चित्रा थी, वो बोली- मैं कैसी लग रही हूँ?चित्रा सिर्फ ब्रा-पेंटी पहने थे और वो किसी परी से कम नहीं लग रही थी. एक बार रात को मैं बाथरूम जाने के लिए उठी तो देखा मम्मी पापा के कमरे की लाईट जल जल रही थी, उत्सुकता से खिड़की की झिर्री से देखा कि मम्मी नंगी लेटी हुई हैं और पापा अपने लंड पर कंडोम चढ़ा रहे थे.

मैं बरामदे का दरवाजा बन्दकर गहरी सोच में डूब कर खड़ी हो गई कि अब तो कल की तरह चुदवाना भी मुश्किल हो गया है…तभी देवर मेरे बेडरूम की खिड़की से इशारा कर मेरा ध्यान हटाया और मैं उसके पास चली गई. लेखिका : श्रेया अहूजामैं आपकी चहेती लेखिका इस बार एक लड़की की आपबीती लेकर आपके सामने आई हूँ ! आजकल मैं एक ऍन. धूर्त बहादुर अपने खड़े लौड़े की टोटनी को अंगूठे और उंगली में रगड़ता हाथ को रीटा की नमकीन व चांदी सी चपडगंजी चूत को मुट्ठी में जोर से भींचता बोला- बेबी अब कुछ आराम आया?रीटा अब बोलने वाली हालत में नहीं थी- ओर जोर से बहादुर सीऽऽऽ ऊईऽऽऽ सीऽऽऽऽ.

तभी अंकल ने चूचियाँ दबाते दबाते मम्मी के लहंगे के अन्दर हाथ डाल दिया और उनकी बुर को छूने लगे. ‘शरमाओ मत… मुझसे कहो दीदी… तुम्हारा भैया है ना… एकदम कुंवारा…!’मैंने सोनू का हाथ धीरे से पकड़ लिया.

वो १८ साल का एक सुंदर लड़का था, लंबा भी था, और हमेशा मुझे देख कर मुस्कुराता था, बल्कि खुश होता था.

मेरा दम घुट रहा था लेकिन मैंने उसके ताकतवर लंड का आदर करते हुए उसे मुंह से नहीं निकाला और थोडी ही देर में उसने अपने लंड से दही जैसा गाढ़ा वीर्य निकाला जिसका स्वाद गज़ब का था. बढ़िया-बढ़िया बीएफउनकी चूत से पानी निकल रहा था, मैंने अपनी जीभ से चूत को साफ़ किया और जीभ से चोदने लगा. इंडियन बीएफ बढ़ियावेदांत का चेहरा फिर से उतर गया था…वो फिर उसी उदासी की खाई में जा गिरा था, जहाँ से मैं उसे निकलना चाहती थी. जाते ही उसने शावर के नीचे अपना नंगा बदन नहाने के लिए कर दिया … इस वक़्त एकदम कमाल लग रही थी वो!अब्बास मोना के लिए अब तक का सबसे घातक क़ैदी साबित हुआ था … उसकी एकदम कुत्ती जैसी हालत कर दी थी, बस आखरी मौके में उसका ढोल नहीं बजा पाया बल्कि खुद ही अपनी मर्दानगी खो बैठा मोना के हाथों और अभी भी अधमरी और बेहोशी की हालत में वहीं टॉर्चर-रूम में पड़ा हुआ था.

मेरा टोपा अंदर था और फिर मैंने लण्ड को बाहर निकला और एक झटके में पूरा उसकी चूत में डाल दिया।निशा की हल्की चीख निकल गई और मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।अब मेरा लण्ड और उसकी चूत आपस मैं एकदूसरे के साथ गुत्थम गुत्था हो रहे थे। उसकी चूत ज्यादा कसी हुई नहीं थी और ज्यादा ढीली भी नहीं थी.

अब मैंने देर करना उचित नहीं समझा और लंड को बाहर खींच कर जोर का धक्का दिया और पूरा लंड जड़ तक उसकी गांड में समा गया. उसके बाद उसने टिकेट निकाल कर चेक किया और मेरी तरफ़ आँख मारते हुए बोला ‘आप खाना खा लीजिये. !नहीं मेरा तो निकालने वाला है तुम भी अपनी स्पीड बढ़ाओ ना !क्या तुमने अपनी गांड में अंगुली डाल रखी है ?हाँ मैं तुम्हारी तरह ….

तभी उसने मेरे लौड़े को अपने मुँह में ले लिया और उसको चूसना शुरु कर दिया जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप खा रहा हो. वो अंकल की चुदाई का पूरा मजा ले रही थी और अंकल भी इतनी खूबसूरत औरत को जमकर चोदना चाहते थे. मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया.

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उसे ही अपनी मंजिल मान चुकी थी मैं…कुछ देर नग्न अवस्था में एक दूसरे की बाँहों में हमें वक़्त का पता ही नहीं चला. पापा… मैं गई… अरे रे… चुद गई… वो… वो… निकला… हाय रे… माऽऽऽऽऽ” कहते हुए कोमल ने अपना रस छोड़ दिया. रास्ते में रीटा की जवान चूचों और टाँगों को देख देख कर बहादुर का लण्ड फुंफकार उठता.

। वो मधु दीदी ? ओह वो तो बेचारी बहुत अच्छी हैं !’‘तुम उसे अच्छी कहती हो ?’‘क्यों क्या हुआ ? क्या किया है उसने… वो तो.

’उसने जैसे ही अपना लंड मेरी चूत में डाला वैसे ही मैं समझ गई कि ये वास्तव में खिलाड़ी है.

मैं 21 साल का हूँ और अभी तक मेरा लण्ड जो बहुत दमदार है अपनी पहली चूत का इंतजार कर रहा है।. हेल्लो ! मुझे ठण्ड लग रही है…”मैंने उसे घर के भीतर लिया उसने भी अपनी चप्पल हाथ में ले ली ताकि कोई आवाज़ ना हो. इंग्लिश बीएफ सेक्सी इंग्लिश बीएफमैं बिस्तर के ऊपर चढ़ आया और चाची को बिना छुये हाथों के बल उनके ऊपर लण्ड तान कर उनके ऊपर बिना छुए निशाने पर आ गया.

मैंने देखा कि भाभी पारदर्शी नाईटी में बैठी हुई हैं, यह देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया और मैंने किताबें एक तरफ फेंकी और बिना कुछ सोचे भाभी के पास जाकर उन्हें चूम लिया. यह सुन कर मुझे शर्म आने लगी और मैं कमरे से बाहर आ गया और रोने लगा क्योंकि आज तक कभी मुझे कोई भी लड़की शादी लायक नहीं लगी थी और जब लगी तो वो भी मजाक निकला. जल्दी से कुछ कर ! नहीं तो मैं मर जाऊँगी !”क्या करूँ बुआ ? खुल कर बोलो ना !”क्या बोलू बेशर्म.

?”झंडे ने एक पल को सोचा और फिर बोला,”हाँ, तो इसमें हर्ज़ ही क्या है?…वह भी सुहागरात वाली रात को इसी तरह से मिल-बाँट कर खाई जायेगी. वो थोड़ा सा चिल्लाई, मगर फिर अपने आपको सँभालते हुए उनके हाथों ने मेरे चूतडों को दबाना शुरू किया!उनकी इस हरक़त से मुझे काफी जोश मिला और मैंने झटके लगाने और तेज़ कर दिए.

और उसकी चूत से खून निकलने लगा। वो दर्द से कराहने लगी पर आज मेरा लण्ड कहाँ रुकने वाला था, मैंने उसकी एक टांग कुर्सी पर रखी और एक टांग को अपने हाथ में रख के झटके पे झटके देने लगा। उधर गार्गी दर्द से उफ्फ्फ अहह उफ़ आह्ह मर गई … और धीरे से डालो.

इस तरह रीटा और राजू का चौदम चुदाई का सिलसिला जारी रहा और रीटा को तो सही मायनों में चुदाई की लत लग गई थी. ‘पी ले मोहिनी बाई मेरा लण्ड! ऐसी मस्त जवानी फिर कहाँ मिलेगी!’तभी मेरी नजर गोमती पर गई. वो मेरा इशारा समझ गई और कहा- तुम किसकी बात कर रहे हो?तो मैंने कहा- तुम मेरी गर्ल-फ़्रेन्ड बन सकती हो?मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ.

पटना की सेक्सी बीएफ मुझे समझते भी देर ना लगी कि ज्योति ने कल किसी के साथ चूमा-चाटी की है मगर उस निशान को छोड़ मैंने ज्योति को आवाज़ लगाई जिसे सुनकर वो जग गई. उसके मुँह से आवाज निकलने लगी तो मैं समझ गया कि वो जाग रही है और सोने का नाटक कर रही है.

आज हम दूर हो गए और कई लड़कियाँ मेरे बिस्तर पर आ चुकी हैं पर मोना और उसकी दीदी के साथ गुजरे सेक्स के वो पल और उन बहनों के नंगे जिस्म मुझको बहुत याद आते हैं. अब मैंने अपना लंड फिर उसकी चूत के मुँह पर लगाया और एक ही धक्के में पूरा लौड़ा उसकी चूत में उतार दिया. करने लगी।फिर मैंने लंड को चूत में अंदर-बाहर करना शुरु किया और उसे चूमता भी रहा ताकि उसे और भी मज़ा आए।और वो हल्की आवाज में ऊऊऊम्म्म्म….

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मैं स्पीड में उसकी चूत में अपने लण्ड को अन्दर-बाहर कर रहा था…मेरा फिर होने वाला था, मैंने उसकी चूत में से अपना लौड़ निकाला और उसकी चूचियों पर झार दिया…फिर मैंने उसके बदन पर अपना वीर्य-रगड़ दिया, पूरी मालिश कर दी. भाभी के साथ एक बार सेक्स करने के बाद मैंने बहुत कोशिश की मगर भाभी के साथ सेक्स करने का मौका ही नहीं मिला इसलिए मैं अगले शनिवार का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा लेकिन भाभी किसी काम से बुधवार को ही अपने मायके चली गई, मैं भी अपना मन मसोस कर रह गया और कुछ नहीं कर पाया. वो जल्दी ही समझ गई कि अब्बास अब क्या चाहता है… जो अब्बास ने उससे थोड़ी देर पहले कहा था, वो उनको सच करने जा रहा था.

जिन लोगों को नहीं पता उन्हें मैं बता दूँ कि मिरांडा कॉलेज एक गर्ल्स कॉलेज है और वहाँ की ज्यादातर लड़कियों के लिए स्मोकिंग और ड्रिंकिंग तो आम बात है. उन तीन लोगों के अन्दर आते ही राजू ज़ोर से चहक कर बोला ‘आओ बॉस !! मैं आप लोगों का ही इंतज़ार कर रहा था.

अब मेरे सामने दिक्कत यह थी कि इसे उतारूँ कैसे!मेरे दिमाग में एक विचार आया, मैंने कैंची ली और उसकी ब्रा को काट दिया.

जब मैं घर के अंदर पहुँचा तो देखा कि घर बहुत ही शानदार है, मैंने नौकरों से तान्या का कमरा पूछा और सीधा कमरे में घुस गया. थोड़ी देर मैं वैसे ही रहा, उसने भी लम्बी साँस ली, फिर मैंने लंड चूत से निकाला तो उसने उसे चूसा थोड़ा. रास्ते में वो बोली- अभिषेक अन्दर क्या कर रहे थे?मैं डर गया और बोला,’तुमने सब देख लिया?’वो बोली- हाँ और आपका वो बड़ा सा लंड भी !मेरी आंखे फटी की फटी रह गई। मैंने डरते डरते बोला- आकृति को कुछ मत बताना !वो बोली- नहीं नहीं… बिल्कुल भी नहीं.

हमने भले ही सब कुछ प्रेम में किया हो… और भले ही यह सब हमारे निस्वार्थ प्रेम में गलत ना हो. अहह ऐसा मत करो सुनील !मैं तुम्हारे नौकर की बेटी हूँ …मालकिन को पता चल गया फिर ?मैंने मधु को गोद में बैठा लिया …. दर असल मेरे साथ पढ़ती थी !’‘फिर?’‘मैंने पढ़ाई छोड़ दी !’‘हम्म !!’‘अब वो मेरे साथ बात नहीं करती !’‘तुम्हारी इस हरकत का उसे पता चल गया तो और भी नाराज़ होगी !’‘उसे कैसे पता चलेगा?’‘क्या तुम्हें उसके नाम लिखी जगह पर सू सू करने में मज़ा आता है?’‘हाँ… ओह.

मैंने मैसेज पढ़ा… लिखा था,”मुझे माफ़ कर दो ! आज मैंने पूरा दिन तुमसे बात नहीं की… मैंने जानबूझ कर ऐसा किया, मैं तुम्हें तुम्हारे जन्मदिन पर एक तोहफा देना चाहता था.

देसी सेक्सी बीएफ फिल्म: सरसों का तेल और पानी की मल्लम से मैंने बबलू के सिर पर थोड़ी देर मालिश की और उसको ये बोल कर कि मैं थोड़ी देर के लिये पड़ोस में जा रही हूँ, तेरे चाचा यहीं हैं, लौट कर खाना बनाऊँगी…उसके कमरे दरवाजा खींच कर बाहर आई, किचन में जाकर तेल से सने हाथ को अपनी चूत पर साफ़ किया और हाथ साफ़ कर गेस्ट रूम गई. उसके मुँह से कोई आवाज नहीं निकल रही थी सिवाय आनन्द से भरी आह के…वो काफी देर तक झटके मार मार कर झड़ती रही और मैं उसे चूसता रहा.

घर में मैं अपनी मोटर साईकल से सब्जी उतार कर अन्दर रखने गया तो वो मेरे पीछे पीछे चली आई और मेरी पीठ से चिपक गई. हाँ हाय हाँ हाँ हाँ…” वो बड़ी ही रोमांचित थी और मैं भी !मैं फिर से निकलने वाला था, मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला और उसके मुँह की तरफ रख कर हिलाने लगा … एक-दो बार हिलाने के बाद मेरा पूरा चीक निकल गया,”ओह , आ आ…. रात को फिर वही छबीली की गालियों की आवाज आई… उसका पति निढाल पड़ा था… और खर्राटे ले रहा था.

मैंने थोड़ी आँख खोल कर देखा तो यह तो मोना आंटी का हाथ था हो मेरे पजामे के ऊपर से मेरे लण्ड को छू रही थी और मसल रही थी.

।तभी सलीम दो मुक्के सोनिया के चेहरे पर मारता है…।सलीम- बॉस, साली बड़ी हीरोइनी बन रही है, आप कहो तो आज ही इसको नंगा करके चोद डालें?मुस्तफा- सब्र कर मुन्ना, सब्र कर ! इस साली कुतिया को तो हम ढंग से चोदेंगे…. इधर मैं पूरे उफान पर था, मैंने उसे अपनी गोदी में खींच लिया, वो भी अपनी गांड मेरे लंड पर दबा रही थी।मैंने उनकी कमीज़ के अंदर पीछे से हाथ डाल दिया. कहकर अन्दर डाला !अहह अह्ह्ह बस और अन्दर नहीं !बेबी, अभी तो सिर्फ टोपा गया है … लम्बी लम्बी सांसे लो.