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मुझे बहूरानी के कपड़े उतरने की सरसराहट सुनाई दी और फिर उसका नंगा जिस्म मुझसे लिपट गया और उसका एक हाथ मेरे बालों में कंघी करने लगा. वो बोली कि यदि पैसे के लिए मुझे यह काम होता तो मैं आपके यहाँ नौकरानी का काम क्यों करती.

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कामिनी से जब बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने अपनी टांगें बिल्कुल धनुष की तरह फैला दीं और बोलने लगी- आह डालो न विवेक. मैंने लंड बाहर निकाल लिया और उसकी गांड पर रख दिया जिससे वो एकदम खड़ी हो गयी और बोली- गांड ना मराऊँ यार… दर्द घन्ना होवे है. मैंने पीछे से एक हाथ की उंगलियों से बड़े प्यार से उसकी निप्पल को सहलाया, दूसरे हाथ की उंगलियों से उसकी क्लिट वाली लुल्ली पे घुमाने लगा.

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चाची बहुत गर्म हो गई थीं, अब उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, वो बोलीं- चलो बेडरूम में चलते हैं.

थोड़ी देर बाद भाभी बाथरूम से निकलीं, मेरी नज़र बाथरूम की तरफ चली गई तो देखा कि भाभी ने तौलिया को सर पर बालों में लपेटा हुआ था और नीचे पेटीकोट को चुचियों तक चढ़ा रखा था, जिससे उनकी पीठ खुली हुई थी और टाँगें घुटनों तक दिख रही थीं. तुम्हारे चाचा ने आज तक मुझे संतुष्ट नहीं किया, वो तो ढंग से चुदाई कर भी नहीं पाते और बहुत जल्दी थक जाते हैं. मेरी सेक्स स्टोरी हिंदी के पिछले भागमुझे किस किस ने चोदा-3में अभी तक आपने पढ़ा कि मेरे ही घर में मैं सोने का नाटक कर रही थी और मेरी भाभी के पापा और उनके दो दोस्तों ने मुझे नंगी कर लिया था और मेरे बदन से खेल रहे थे.

अचानक चाची को फिर से छिपकली दिखाई दे गई और चाची चिल्लाते हुए मुझसे लिपट गईं. इन सबसे निपट कर हम दोनों यूं ही बातें करते रहे कि शादी में क्या क्या होना है. बुआ की उम्र लगभग 42 साल है, उनकी एक बेटी अंजलि जिसकी उम्र लगभग 20 साल और एक बेटा माणिक है जो करीब 23 साल का है.

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तो वो कहने लगीं- बस अब क्या मुझे मार ही डालोगे?मैं बोला- मेरी मलिका. फिर मैं उठ कर उसके गले लग गई, इसी जल्दबाजी में उसने अपनी तौलिया मेरे ड्रेस में फंसा दिया और मेरी ड्रेस की पूरी चैन खोल दी. वो ऐसे मसल दबा रहा था कि मानो उनमें से उसे कुछ निकालने के मूड में है.

उन्होंने कहा कि उन्होंने मेरी रेज़्यूमे देखी है और मैं उनकी जरूरत के लिए सही हूँ.

थोड़ी देर वहाँ पर मालिश करने के बाद चाची ने कहा कि थोड़ा और ऊपर लगाओ, वहाँ ज्यादा हो रहा है.

जब तक हम चुदाई कर रहे थे तब तक हम नंगे होने के बावजूद हमें ठण्ड नहीं लग रही थी, लेकिन अब चुदाई के बाद हम दोनों को ठंड लगाने लगी तो हमने अपने ऊपर कम्बल ओढ़ लिया और कम्बल के अंदर आपस में छेड़खानी करने लगे. मेरे हाथ में बॉडीलोशन ख़त्म हो चुका थे, फिर भी मैं उनकी पीठ पर हाथ फेर रहा था. एक्स एक्स पोर्न वीडियो एचडीफिर उसने कुछ कहा तो मुझे कुछ समझ नहीं आया, मैंने उसे कहा- क्या?और उसने कहा- आपको नहीं!अरे माफ़ करना दोस्तो, मैंने उसका तो नाम ही नहीं बताया, उसका नाम उसने पूनम बताया था मुझे बाद में!उसकी उम्र भी मेरे जितनी ही थी, 19 साल और वो पुणे अपने भाई से मिलने जा रही थी.

अब मैं हमेशा शनिवार का इन्तजार करती हूँ कि कब उसके पास जाऊं और चूत व गांड की चुदाई करवाऊं. और अब तो मैं मौक़ा मिलते ही उसे बुला कर ही अपनी चुदाई करवाती हूँ। अब मैं बहुत खुश हूं।आपको मेरी हॉट चुदाई स्टोरी अच्छी लगी या नहीं, प्लीज मुझे ईमेल करें!मेरी ईमेल आई डी है-[emailprotected]. ! आप सब यूं ही प्रतिक्रिया देते रहिए इससे हम लेखकों का हौसला बढ़ता है।इस सेक्स स्टोरी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि छोटी के मानसिक इलाज के लिए मैंने छोटी और उसकी माँ के सामने तनु के साथ सेक्स की शुरुआत कर दी थी.

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पाँचवें पेग के बाद वो अकीरा को गोद में उठाये ही खड़ा हो गया और दे दनादन अकीरा को चोदना शुरू कर दिया.

मैं जाकर उसके रूम में बैठ गईअमित थोड़ी देर बाद तौलिया बांधे हुए आया तो मैं खड़ी हो गई तो उसने ऐसे ही मुझे गले से लगा लिया और कहा- काफी अच्छी दिख रही हो. अब उसने मेरी ओर देखा और धीरे से उसके चेहरे को चादर के अन्दर ले लिया. इसमें मेरी चुचियां बड़ी नुकीली लग रही थीं और वहीं से वो ड्रेस स्टार्ट हो रही थी.

फिर हम गोवा पहुँच गए, उसी दिन मेरी भैया से बात हुई तो उनकी जॉब बंगलौर में किसी कम्पनी में लग गई थी. एक चालू गाड़ी में मेरी सगी बहन के साथ मैं एक गैर लड़के के साथ बहन के चुत के मजे ले रहा था. एक तो वो इस घर की बेटी नहीं थी, वो इस फैमिली से बाहर की लड़की थी, जबकि बाकियों के बीच में खून का रिश्ता था.

हम दोनों लगातार किस करते रहे और धीरे धीरे मैं उसके मम्मों को एक हाथ से दबाने लगा.

देसी इंडियन हिंदी बीएफ: उसे बेडरूम में से कुछ जानी पहचानी आवाज आने लगी और वो बेडरूम की तरफ बढ़ चला. मैंने भी उनका सिर लंड के ऊपर दबा कर उनके मुँह में लंड का रस छोड़ दिया.

आज तो मैंने भाभी के होंठों को सुजा दिया था, तो भैया ने भाभी से पूछा- होंठों को क्या हुआ?तो उन्होंने बोला- संजू ने टीवी का रिमोट मार दिया था. मैं- आपको भी दर्द हो रहा है?मेनका- हान… आह आहहाः मेरी भी आह आह सील आह आह!मेनका को ऐसे तड़पते देख मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल दिया… तो मैंने देखा मेरे लंड पर खून लगा हुआ था. तो उसने मुझे इशारा किया कि मुझे भी सुनने हैं गाने!मैंने कहा- कैसे?तो उसने कहा- आप भी इधर आ जाओ!और मैं उसके बर्थ पर चला गया और हम दोनों एक एक इयर फोन से गाने सुनने लग गए.

अब जवानी के बादल रीना पर मंडराने लगे और अबकी बार इतना अधिक बरसे कि जैसे रीना की चुत से बरसाती नाला निकल रहा हो.

अरे बेटा, तू टेंशन मत ले… बस एन्जॉय कर मेरे साथ!” मैंने उनके पांवों के दोनों तलुए चूम डाले और अपना लंड उनके तलुओं के बीच फंसा लिया. तो सानिया ने अपनी चादर का थोड़ा सा हिस्सा मुझे भी दे दिया।पहले तो उनका बच्चा हमारे बीच था, लेकिन उसकी अम्मीजान रेशमा ने उसे दूध पिलाने के लिए अपनी गोद ले लिया। रेशमा ने अपनी शर्ट उठा कर अपनी एक चूची बाहर निकाल कर उसका निप्पल अपने बेटे के मुंह में दे दिया. मैं ये सब जानकर दंग रह गया और पूछा- उनके घर पर ये मुमकिन कैसे होगा?कुणाल- जहां चाह वहां राह.