बीएफ थिएटर

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एक दिन शनिवार की नाइट में हम दोनों चैट कर रहे थे, उस वक्त रात को शायद 11:30 बज गया होगा. लोहड़ी कीवे लोग दिल्ली में रहते हैं लड़की भी वहीँ की है तो शादी में किसी न किसी को दिल्ली तो जाना ही था.

और मेरी तरफ मुँह करके बोली- कब तक जरूरत रहेगी लंड की?मैं बोली- सारी उम्र. बॉस मटका निकालइस पोर्टल को देख कर मुझको भी मेरी कहानी लिखने का विचार आया लेकिन किसी वजह से लिख नहीं पाया.

अमित- अरे यार तुम मेरी गर्लफ्रेंड नहीं होती तो उसे ही बनाता, वो तुमसे बहुत ज्यादा सेक्सी है.बीएफ थिएटर: तीनों बहनों की शादी में मैं बहुत छोटा था इस कारण मुझे सब कुछ याद नहीं है, लेकिन बॉबी भैया की शादी का मुझे बहुत अच्छी तरह ध्यान है.

फिर उसने अपने लंड को मेरी दोनों चूची के बीच में रखा और मेरी चूची इधर उधर से दाब कर लंड को आगे पीछे करने लगा.ऐसा क्यों कर रहे हो?मैं बोला- मेरे पड़ोस में ये आंटी रहती थीं, इनके पति का देहांत हो गया और मैं इनसे प्यार करता था, मुझसे इनका दुःख देखा न गया.

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मैं दिन भर घर में रही और शाम को विक्की फिर मुझे लेने आ गया और ले जाकर आज एक बार फिर चोदा.दोस्तो, मैं तब बाईस तेईस साल का रहा होऊंगा, ग्वालियर शहर में पढ़ता था.

मैंने दूध पीना स्टार्ट किया पर उसका टेस्ट मुझे अलग सा लगा, मैंने पूछा- ये किसका दूध है?वो बोली- तुम बताओ किसका हो सकता है?मैंने कहा- शायद बकरी का होगा?क्योंकि मैंने आज तक बकरी का नहीं पिया था. बीएफ थिएटर मैं फिल्म देखने में मस्त था और आंटी कमरे में आ गईं और मेरे टीवी पर ब्लू फिल्म चलती देख कर हैरान रह गईं।आंटी के आने का जब मुझे पता चला तो मैंने जल्दी से टीवी बंद कर दिया.

मैंने गौर से देखा कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई थी और पसीना आने के कारण उनके ब्लाउज गीला हो गया था और उनके मम्मे साफ़ दिखाई दे रहे थे।जब मैं उनके कमरे में गया.

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नशे में धुत्त पार्टी में कोई भी लड़का मुझे लाइन देता, मैं बहाना करके उसके साथ कभी कार में, तो कभी वाशरूम में चली जाती. मामी तब भी मना कर रही थीं, तभी मैंने अपना एक हाथ उनके मम्मों पर रख दिया और सहलाने लगा. मैंने सफ़ेद मिनी स्कर्ट के ऊपर सफ़ेद पुशअप ब्रा पहनी थी और उसके ऊपर एक हाल्टर नेक जैकेट पहना था.

भाभी बोली- तुम रहने दो, मैं करती हूँ!और उन्होंने मेरी गांड साफ़ कर दी और अब वो टट्टी करने लगी, उन्होंने मेरे आगे ही अपनी पेंटी उतार दी और मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी. अगर कुछ हो गया तो?मैंने तभी से उसे एक गर्भ निरोधक टेबलेट ला कर दी, उसने तुरंत वो गोली पानी से खा ली और अब हम दोनों के मन से गर्भ का भी समाप्त हो गया. उसकी चूत में अपने लंड को डाल कर मेरी आँखें आनन्द से बंद हो गई और हम दोनों की आहह निकल गई। थोड़ा सा और लंड उसकी गुलाबी चूत में जाने के बाद अनामिका ने मुझे धीरे धीरे डालने को कहा।मैंने उसके होंठों को चूमते हुए पूरे जोर से धक्का देकर पूरे लंड को उसकी चूत में उतार दिया.

मेरे देखते ही उन्होंने मुझे एक हल्की सी मस्ती भरी स्माइल दी और मैंने अपने फेस को दीदी के फेस के करीब कर दिया और लिप्स को दीदी के लिप्स पर रख दिया. अब उनकी आपबीती कहानी के खत्म होते होते शाम होने लगी थी और उनके सवाल छोटे किंतु गंभीर थे। इसलिए मैं बिना कुछ कहे उठ कर चला आया, ये सोचकर कि सही जवाब सही समय पर दूंगा। और छोटी के इलाज का उपाय सोचने लगा, साथ ही दुनिया के बारे में भी सोचने लगा कि दरिंदगी की हदें पार करने में भी लोग पीछे नहीं रहते।सेक्स भी क्या अजीब चीज है ना. एड्रिआना का फिगर तकरीबन 36-30-36 का था और उसकी हाइट तकरीबन 5 फुट 9 इंच.

मैंने उसके गले पर कानों पर किस करना जारी रखा और उसे चेयर पर बैठाया, देखा तो सारी टेबल खून में खराब हो चुकी थी. जब मैं 12वीं के एग्जाम खत्म करके घर पर ही छुट्टियों में कॉम्पटीशन की तैयारी कर रहा था.

उसने कहा कि सोचने में जितना समय लेना है ले लो, बस जवाब हाँ में देना.

उस रूम में पहुँचते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया।मैं डर गया कि यह क्या हुआ क्योंकि तब तक मैं लड़कियों से दूर भागता था।वो मेरे पास आई और मेरे कान में बोली- प्यार से देखो… यही है वो लड़का जो मुझे परेशान करता है।मैं- कौन है वो? कहाँ है?उसने कहा- मेरी आँखों में देखो, खुद पता चल जाएगा.

मैंने पूछा- चाचा आपने भी कभी मराई?चाचा- हां आर्मी में मराई थी, जब दूर जंगल में जहां न आदमी, न औरत. अब मुझे शर्म कम लगती थी, फिर उन्होंने वहीं मेरे साथ सेक्स किया, मुझे चोदा और अपना लंड चुसाया और फिर कमरे में लाकर फिर चोदा. पूरे कमरे में फच फच का शोर था और हमारी साँसें इतनी ज़्यादा फूल रही थी कि वो हम दोनों को साफ़ सुनाई दे रही थी.

मैंने मामी को कुतिया स्टील में होने को कहा और उनके पीछे जाकर मैंने मामी की गांड पर लंड टिकाया तो मामी बोले- सेल, कुतिया को चोद रहा है या अपनी मामी को? ऐसे सूखी सुखी गांड मारेगा तो तेरी मामी की गांड फट जायेगी, इसमे कोई तेल तो लगा ले भोंसड़ी के मादरचोद!मैं रसोई से सरसों का तेल लार आया और थोड़ा तेल मामी की गांड में डाला और थोड़ा सा अपने लंड पर लगाया. उसने झिझकते हुए लंड की टोपी पर अपनी जुबान लगाई, जैसे सॉफ्टी को चाट रही हो. वो पहले मना करने लगी, फिर बोली कि तुमको गांड में डालना पसंद है तो तुम्हारा साथ दूँगी.

मैंने बहूरानी के नंगे जिस्म पर कम्बल ओढ़ा दिया; तभी उसकी नींद खुल गयी और उसे अपनी नग्नता का अहसास होते ही उसने कम्बल को अपने कन्धों के ऊपर तक ओढ़ लिया और मुस्कुरा के मेरी तरफ देखा.

)मैंने अब शॉट नहीं मारा, मैं रुका रहा, उसका दर्द जब कुछ कम हुआ तो मैंने धक्का मार कर लंड पूरा अंदर डाल दिया. मैंने जल्दी से सलवार पहनी और एकदम तृप्त होकर ख़ुशी से सीधे घर की तरफ जाने लगी. उसने अपनी सलवार का नाड़ा खुद ही खोल लिया और सलवार पूरी उतार कर एक तरफ रख दी.

मैं मेरी भाभी के बूब्स के लम्बे निप्पल जीभ से चाटना चाहता हूँ, उन निप्पल को मेरे दांतों में और होंठों में पकड़ कर खींचना है और दांतों से हल्के से काटना है. लगभग 5 मिनट के बाद मैं हाथ उसकी चड्डी के अंदर लेकर गया तो पता चला उसकी चूत पर बहुत झाँट थी. मैं दूर को हुई और कहा- विक्की, ये क्या कर रहे हो आप?वो बोले- मैं अपनी मिनी को चैक कर रहा हूँ कि पक गई है या कच्ची है?हम पार्टी में पहुँच गए.

दिव्या तो मुझसे बहुत अच्छी है और मुझमें क्या है… कुछ भी तो ख़ास नहीं है.

”संजय ने मेघा को खड़ा करके उसका एक पैर बेड पर रख दिया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल कर उसे चोदने लगा. अब जब भी उसकी बस जब आती तब उस को मैं वहाँ खड़ा नहीं मिलता, तब वो बौखला जाती और उस की नजरें बस मुझ को ढूँढती थीं.

बीएफ थिएटर वो भी साली मुझसे नहीं, मेरे कजन से सैट हो गई जो कि गांव में रहता था. मैं कभी नहीं कहूँगा, अगर प्यार करती हो तो मेरा मुँह में लेकर चूसो अगर आगे इच्छा हो, तो लेना वरना कोई बात नहीं.

बीएफ थिएटर थोड़ी देर बाद रवि ने अपना लंड मेरी चुत से निकाल लिया और जाकर सोफे पर बैठ गया. अब मैंने उससे कहा कि अब उसकी बारी है, वो मुझे बेड पर चित लिटाकर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

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जीजाजी ने अपने लंड पर थूक मला और अली के चूतड़ एक हाथ से टटोले, गांड उंगली से टटोली और अली की गांड पर अपना लम्बा मोटा मस्त लंड टिकाया, एक धक्का दिया और पेल दिया. मैंने उसकी पैंटी उठाकर पहनाई और उसने अपने कपड़े डाल लिए और मैंने भी. वो गुस्से में लाल होकर बोली- तुम मेरा मुँह ना खुलवाओ तो ही अच्छा रहेगा.

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पढ़ कर आनन्द लें और अपने दोस्तों को कहानी का लिंक भेज कर उन्हें भी मजा लेने दें!तो अगले दिन आकर हम लोगों ने आराम किया. मैं होश में नहीं थी, मैंने बोला- आप सब लोग अपनी बीवी बना लो मुझे या रखैल बना लो, मैं रंडी भी बन जाऊंगी तुम्हारी!अंकल ने जोर से लंड डाला और पूरा घुसा दिया. मेरे चूत पर आने पर उसने मुझे पीछे धक्का दिया और टेबल से उतर कर मेरी शर्ट उतारी और पेंट भी उतार दी.

हालांकि मुझे आकाश से चुदाई करवाने के बाद उससे कुछ प्यार सा हो गया था. अचानक उन्होंने मेरी पीठ के पीछे से मेरे कंधे जकड़ लिए और मेरे ऊपर पूरा झुक के अपनी स्पीड बढ़ा दी. धीरे धीरे डालो भैया, उफ्फ्फ… क्या नजारा था यारा, क्या मस्त लग रही थी वो सेक्स करते हुए.

मेरी बहन की चुदाई की रियल सेक्स स्टोरी पढ़ कर आपको मजा आया या नहीं, मुझे मेल करके बताएं!आपका आकाश सिंघानिया[emailprotected]. मैंने उस सीनियर के आंखों में देखा और एक कातिल अदा से कहा- आपको करना है तो आप खुद कीजिये मगर मैं ये मशीन नहीं लगाने वाली।वो भी ढीठ बन कर आगे आया, नजदीक आ कर उसने मुझे मुँह खोलने को कहा तो मैंने भी अपना मुँह खोल दिया। उस की गर्म साँसें मुझे महसूस हुई.

मगर एक दिन क्लास में हम दोनों पास बैठे थे, हम दोनों रोज एक साथ सबसे पीछे वाले बेंच पर बैठते थे, टीचर पढ़ाने में बिज़ी थीं. भाषा के शब्द आपके औजार या टूल्स होते हैं जो पढ़ने वाले को आनन्दित कर सकते हैं या उन्हें आहत भी कर सकते हैं; अतः अपने पात्रों के अनुसार एक एक शब्द को चुन चुन कर लिखिए. मेरे सामने वो डर सी गईं और मुझसे बचने की और बात ना करने की कोशिश कर रही थीं.

ना ज़्यादा टाइट और ना ज़्यादा ढीले, उन पर ब्राउन कलर के बड़े से कड़क निप्पल, तिस पर 38 इंच की मस्त भारी सी गांड और 30 इंच की लचकती कमर.

चाचा जी ने आकर सासू माँ से थोड़ी बातें की, मैं कमरे में बैठी उन दोनों की बातें सुन रही थी और मेरी आँखों से आंसू बहे जा रहे थे. और उसी वक़्त सागर ने मीना की कमर में हाथ डाल कर मीना को अपनी जाँघों पर बिठा लिया. कभी कभी तो दोनों साथ में ही मुझे आगे पीछे से लंड पेल कर सैंडविच बना कर चोदते थे.

वो लौंडा यह बात सुन कर बोला- चाचा जैसा जबरदस्त लंड असफेर में कितऊं नईंया, केवल झांसी से एक नईम ड्राइवर है, ऊको भी ऐसई भयंकर लंड है. तभी मेरी 18 साल की भांजी पिंकी ने जिद करना शुरू कर दिया कि वो भी मेरे साथ मामी को लेने जाएगी.

अच्छे नहीं है क्या? पहन के देख लो, अभी मैं यही हूँ अगर ना अच्छे हों, तो वापस करके दूसरे ले लाऊंगा. पर मजा भी आ रहा था, मैं गांड चलाने लगा, ढीली टाइट… ढीली टाइट…वह बहुत प्रसन्न हुआ, बोला- वाह दोस्त, पुराने खिलाड़ी लगते हो! तुम्हारा दोस्त तो मराने में बड़े नखरे करता है. मामी ने मेरे लंड खुद ही अपने हाथ से पकड़ा और चूत के छेद पर लगा कर धक्का लगाने को बोलीं.

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जब मैंने देखा कि उस लड़के ने अपना हाथ लड़की के कुरते में डाल दिया और चूची जोर जोर से मसलने लग़ा, तब पिंकी का चेहरा तमतमा गया.

भाभी भी मुझसे लिपट गईं, मैं अपने होंठ उन के होंठों पर रख कर उन्हें चूमने लगा, तब उन्होंने भी मेरा पूरा साथ दिया और मुझे कस कर पकड़ लिया. खैर रूम में आकर मैंने जल्दी से पोहा और नूडल्स रेडी किये और हम दोनों खाने लगे. मैं अपने हाथों से उनके निप्पलों और जीभ से उसकी चूत को घायल कर रहा था.

उसकी मम्मी ने मेरी मम्मी से बात की और मुझसे कहा कि रॉकी बेटा तन्नू भी तेरे साथ पढ़ना चाहती है. मैंने उसको बैठा कर उसकी साड़ी को कुर्सी से निकाला और वो जाने के लिए खड़ी हो गयी और मैं भी उसके साथ ही साथ बाहर जाने लगा उसको छोड़ने के लिए!लेकिन अचानक दरवाज़े तक भी नहीं पहुंची और पीछे पलटी तो वो फिर से मुझ से टकरा गयी और इस बार उसके चूचे मेरे छाती से टकरा गए और फिर से इससे पहले उसका संतुलन बिगड़े, मैंने उसकी कमर पर हाथ रख दिया. पेनिस क्या होता हैतभी पीछे से विवेक ने अपने लंड को मेरी गांड में डाल दिया और दोनों मुझे एक साथ चोदने लगे.

आपका लेखन मौलिक और सामयिक हो बस!जब आपकी कहानी पूरी हो जाए तो उसे कुछ दिनों के भूल जाइये और इसके बारे में कुछ न सोचिये. तब मैंने सोचा कि क्यों ना इसको गर्म किया जाये तो मैंने बहुत हिम्मत करके हल्के से अपनी उंगलियों से उसके कान के जस्ट पीछे सहलाया, इससे वो और रिलेक्स हो कर पीछे सीट पर सहारा लगा कर मेरी उंगलियों पर अपने सिर का बल दे कर बैठ गयी.

इस बीच इन दोनों ने प्यार का इजहार एक दूसरे से कर दिया था तो फ़ोन सेक्स होने लगा था. मुमताज का बदन भरा हुआ था, यही कोई 36-32-36 की होगी, हाईट भी ठीक ठाक थी पांच फीट तीन या चार इंच. रात में सबके सोने के बाद खुद ही रात को मेरे रूम में आकर मुझसे चुदाई करवाने लगी थीं.

माया को ऑफिस ज्वाइन किये हुए दो दिन हो चुके थे और अमित के बारे में जिस भी लड़की से पूछा, माया को उससे और चिढ़ होती गई. मैंने अपने होंठ अप्पी के होंठों से मिला दिए और उनका रस पीने लगा जिस से उसके हाथ की पकड़ ढीली होने लगी और वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी!मेरा हाथ तुरंत मेरी बहन की पैन्टी में प्रवेश कर गया, वहां तो पहले से ही सैलाब आया था, उसकी चूत पूरी तरह से भीग चुकी थी और अब तो बस वो चुदने को बिल्कुल तैयार थी! मैंने जैसे ही चूत पे हाथ रखा… क्या बताऊँ यारो, वो फूली हुई गुजिया जैसी चूत थी जिसे मैंने कस कर रगड़ा. सुन रखा था कि ऐ सी फर्स्ट क्लास का किराया हवाई जहाज जितना ही होता है.

इसके बाद हमने फ़ोन करके रेस्टोरेंट से खाना मंगवाया और उस रात मैंने शीतल को 5 बार और उसकी डिमांड के पोज में चोदा.

मैं उनके चेहरे पर अपना चेहरा रखकर सो रहा था और जन्नत का सुख ले रहा था. मैंने एक झीनी सी नाइटी पहनी थी, जिसमें मेरी चुचियां साफ दिख रही थीं.

थक गयी मैं बुरी तरह से सांस फूल गयी मेरी तो” मेरी रानी ने भुनभुनाते हुए कहा और मुझे परे धकेलने की कोशिश की. मैंने बोला- देख जानेमन आज तेरी को दुनिया की सबसे स्वादिष्ट चीज़ टेस्ट करवाता हूँ. यूं ही चूमते चूमते मेरा एक हाथ पूनम के मम्मों पर तो दूसरा हाथ पूनम के कूल्हों पर घूमने लगा.

पूरी साड़ी खींच कर मैंने एक तरफ डाल ड़ी और भाभी को देखा तो केवल ब्लाउज पेटीकोट में वो कुछ शर्मा सी रही थी और उनके चेहरे पर एक सेक्सी मुस्कान थी. शायद मौसी ने मॉम ने मुझे आवाज़ लगाई और कोई सामान घर से लाने को बोला. इधर भाभी ने अपना कैमरा भी ओन कर दिया और बोली- तुम मेरी चूत को चोदते हुए वीडियो बनाओ.

बीएफ थिएटर जैसे ही वो कपड़े आदि पहन कर नॉर्मल हुई तो कहने लगी- जीजा जी, आपने आज ये अच्छा नहीं किया. करीब दस मिनट चलने के बाद पुलिस की गाड़ी रास्ता छोड़ कर कच्चे रास्ते पे मुड़ गयी.

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क्या करते हैं आप?मैंने फिल्मी स्टाइल में जवाब दिया- मैं एक बेरोजगार इंजीनियर हूँ, लोगों के टायर चेंज करता हूँ. मैंने तुरंत दो पैग बनाये और हम अब धीरे धीरे एक दूसरे से पर्सनल बातें करने लगे. हमारे पास दो ही कंबल थे, एक को मौसी ने अपने पैरों से लेकर ओढ़ लिया और मौसा जी ने दूसरे कम्बल को पाने ऊपर ओढ़ लिया और कुछ मुझे दे दिया.

खैर रूम में आकर मैंने जल्दी से पोहा और नूडल्स रेडी किये और हम दोनों खाने लगे. मैंने पूछा- भाई साब कैसे चोदते हैं? तुम्हें मजा आता है उन से चुद कर?वो बोली- मत पूछो. बूढ़ी औरत सेक्सअभी सोच ही रही थी कि अंकल ने मेरे को वापस कार की सीट पे लिटाया, मेरी पतली पतली टांगें अपने कंधों पे रख के फिर से लंड मेरी गांड में उतार दिया.

5 इंच लंबा लंड सीधा खड़ा हो गया और पजामा में ऊपर से ही तना हुआ दिखने लगा.

तब मीना ने मुझसे पूछा- भाभी, तुमने रात में मस्ती की या नहीं?मैंने कहा- बिना मस्ती के तेरे भैया सोने देते हैं क्या मुझे? यह तो रोज का काम है. भाभी ने जनन क्रिया समझाने से पहले मेरा लंड अंडरवियर के ऊपर से ही पकड़ लिया और उसे सहलाने लगीं.

वो हंस पड़ी और बोली- बेटा मैं जानती हूँ कि तुम्हें आज तक माँ का सच्चा प्यार नहीं मिला है. लेकिन मुझसे कोई बात नहीं होती; बस सास बहू आपस में ही बतियाती रहतीं हैं. मामी के दो बच्चे हैं और उनके पति यानि की मेरे मामा की 5 साल पहले डेथ हो चुकी है.

मैंने उसकी गांड के छेद पर जीभ हल्के से बिल्कुल आराम से नीचे से ऊपर तक फेरी.

पायल भाभी हैरानी से बोलीं- क्या मतलब है तुम्हारा…? आज रात क्या करने वाले हो?मैं ज़ोर से हंसते हुए बोला- वो तुम आज रात को ही देखना… मैं क्या करता हूँ तुम्हारे साथ… आज की रात तुम हमेशा याद रखोगी क्योंकि मेरे पास केवल एक ही रात है… कल तो भैया वापिस आ जाएंगे. तभी दरवाजे पर आहट हुई, मैंने अपने कपड़े जल्दी से पहने बाल बिखरे हुए ही थे. मैंने अपने बालों को खुला रखा था और लाल नाइटी में एकदम मस्त माल लग रही थी.

चूत में लंड डालकरक्या आप रात को मेरे साथ घूमने चल सकती हो?उस ने थोड़ा मना किया लेकिन उस की सहेली ने बोला- जीजू, चिंता मत करो; ये आपके साथ घूमने ज़रूर आएगी. एक दिन हुआ ये कि भाभी के सभी घर वालों को कहीं शादी में जाना था, सर्दियों के दिन थे, भाभी की बेटी छोटी थी, उसे ठण्ड ना लग जाए इस लिए भाभी नहीं जा रही थी.

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इस वक्त मेरा अंडरवियर भीगा होने के कारण उसमें से मेरा लंड साफ साफ दिख रहा था क्योंकि वो मेरे लंड से चिपका हुआ था. निहारिका का जॉब इंटरव्यू दिल्ली में शनिवार को था, तो हम लोग दिल्ली शनिवार को ही पहुंच गए थे. कुणाल- हां वैसे ही हम लौंडे अपने लंड से लौंडियों की फूल की तरह ताज़ी खिली हुई चूत का रस निकालते हैं और उनकी चूतों को अपने रस भी पिलाते हैं.

वो- मेरा नाम शीतल है, एक्चुयली मुझे आपसे कुछ काम था?मैं- हाँ जी, बोलिए… मैं अर्जुन हूँ, मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ?वो- वो क्या है… मुझे अपनी कुतिया की क्रासिंग करवानी है और मुझे यहाँ की किसी ‘पैट शॉप’ का पता नहीं है जो मेरी हेल्प कर दे, क्या आप मेरी मदद करोगे? आपको तो पता होगा, आपके पास भी डोग्गी है!मैं- जी जरूर, जरूर मदद करूंगा. मैं पिंकी की छोटी-छोटी चूचियों को उसकी साँसों के साथ ऊपर नीचे होते देखकर भूल गया कि वो मेरी भांजी है और अभी छोटी है. या शायद इतने दिनों के बाद मिल रहा था तो शायद मुझे उसका फिगर ज़्यादा ही अच्छा लग रहा था.

एक हाथ से मेरे लंड को ऊपर से ही सहला रही थी और दूसरे हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे. पता नहीं विनीत को क्या हुआ, उसने आरजू के कान में कुछ कहा और वो मुस्कुरा दी, ऐसा होने के बाद आरजू ने अपना फेस हमरी तरफ कर लिया और बात करने लगी, अब विनीत उसके पीछे आ गया और उसकी जीन्स को भी उतार दिया और उसकी चूत को किस करने लगा, जिससे आरजू की आवाज़ और ज्यादा आने लगी और वो रीनू से भी बात कर रही थी. अब आगे की सेक्स कहानी अगले पार्ट में सुनाऊंगी, तब तक आप जल्दी से अच्छे अच्छे कमेंट्स मेरी आईडी पर करो.

फिर हम दोनों पढ़ाई की बातें करने लगे, पर अमित मुझे घूरे ही जा रहा था. थोड़ी देर में ही उसने एक लिंक रोड पर कुछ दूर जाकर गाड़ी रोक दी और मुझे अपनी सीट पर अपने लंड के आगे बैठा लिया.

मैंने गौर से देखा कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई थी और पसीना आने के कारण उनके ब्लाउज गीला हो गया था और उनके मम्मे साफ़ दिखाई दे रहे थे।जब मैं उनके कमरे में गया.

फिर भाभी की चुत में उंगली डाल कर रगड़ी तो वो बोलने लगीं- आआहह छोड़ दे कुत्ते. गोपी बहू की नंगी फोटोशायद वो मुझे अपने आप को मुझ को सौंप कर उसको इतना प्यार करने का तोहफा देना चाहती थी. yoga सेक्सइसके बाद तो वे सब कोरी चुत देने में रूचि रखने वाली मुझसे किनारा करने लगीं और सब भोसड़ी वालियां मेरी जगह कुँवारा लंड ढूँढने लगीं. अब मैं भाभी का एक पैर को उठा कर जोर जोर से धक्के मारने लगा और खूब चोदा.

सिर से लेकर पैरों तक मेरे बदन की कोई ऐसी जगह नहीं थी, जहाँ उसने मुझे किस ना किया हो.

क्योंकि आप सभी जानते हो कि जो लड़के होते हैं, नॉर्मली नींद में उनका लंड ढीला ही रहता है. तुम थोड़ी देर बाद नहीं, दोपहर में 4 बजे के पास जाना क्योंकि वो उस दिन एक बर्थडे पार्टी में जाएगी और इधर मैं उससे यही ड्रेस पहनने को कह दूंगी. स्विफ्ट के सारे कांच बंद थे, इसलिए ज़्यादा कुछ समझ नहीं आ रहा था, पर उसमें एक औरत जैसी छवि नज़र आ रही थी.

मेरा नाम अजय है, मैं राजस्थान के अलवर का रहने वाला हूँ लेकिन अभी नोयडा में रह कर प्राईवेट जॉब कर रहा हूं. मैंने पूछा- तुम यहाँ अकेले ही रहते हो?तो रवि ने कहा- हाँ भाभी जी, मैं यहाँ अकेले ही रहता हूँ. वो मेरे सीने से चिपकी रही शायद उसे अच्छा लगा था इसलिए वो कुछ नहीं बोली.

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अब मैं आपको बताने जा रही हूँ कि मेरी सास और मैंने लेडीबॉय (हिजड़े) के साथ कैसे चुदाई की।उस वक्त मेरी सासू माँ की उम्र 50 साल की थी, फिगर 36सी 34 38 है और मैं 28 साल की थी, मेरा फिगर 34बी 32 38 है। हम दोनों दिखने में बहुत ही सेक्सी हैं।बात उन दिनों की है जब मैं और मेरी सास एक दूसरी के साथ समलिंगी यानि लेस्बियन सेक्स करने लगे थे। लगभग 6 महीने हो गये थे हमें लेस्बीयन सेक्स करते हुये. तभी वो चिल्लाई- दीदी, कुछ करो मेरी चूत में ज्वालामुखी की तरह धमाके हो रहे हैं, मुझसे सहन नहीं होता. करीब एक महीने बाद हम एक दूसरे के बहुत करीब आ गए और फिर हम दोनों ने ही फिर से लोनावाला जाने का प्लान बनाया.

एक दिन चाचा को किसी काम से शहर जाना था तो वो शहर में हमारे घर रुकने वाले थे.

मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और मैं भाभी को शताब्दी एक्सप्रेस की स्पीड से पेलने लगा.

उसने मेरे लंड को एक हाथ से पकड़ा और उसका सुपारा खोल कर लंड के छेद जहाँ से सू सू और बीज निकलता है, पर एक जोरदार चुम्बन जड़ दिया और मेरे लंड के नंगे सुपारे को अपने मुँह में डाल लिया और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मैं पन्द्रह मिनट उनके मम्मों से ही खेलता रहा, कभी उनको चूसता, कभी उनको ज़ोर से दबा देता. तारापीठ की पूरी कहानीइस पर मैंने भाभी को बोला- अगर ऐसी ही बात है तो भाभी सेम कलर की नेट वाली ब्रा भी पहन कर देखो.

आंटी का एक लड़का और बेटी कुणाल की ऊपर वाली सीट पे सोया और दूसरी बेटी सामने वाली ऊपर बर्थ पर सो गई. वहां पर मैंने जहाँ भी देखा, वहां पर सभी जगह हर कोई लड़का अपनी गर्लफ्रेंड के साथ घूम रहा था. मैंने मना कर दिया क्योंकि मेरा मंन आज किसी कॉलगर्ल को बुलाने का था.

अब तो हम दोनों 69 की पोज़िशन में हो गए थे और मस्ती भरा ओरल सेक्स कर रहे थे. लेकिन मैंने ब्लाउज को पकड़ लिया और कहा कि पूनम अब आपको ब्लाउज ऐसे ही नहीं बंद करने दूँगा.

थोड़ी देर तक उनके चूचे दबाने लगा, जब दर्द कम हुआ… तो मैं फुल स्पीड में उसे डॉगी स्टाइल में चोदने लगा और साथ में उनके मम्मों भी जोर जोर से दबाने लगा.

इस बीच एक बार उसने मुझसे ये पूछा कि आपका लंड इतना मोटा कैसे हो गया. और फिर रिया ने मेरी सास को पकड़ कर उन्हें बेड पर गिरा लिया और उनके होंठों को चूमने लगी, मेरी सास भी उस को चूमने लगी. मोहन लाल ने उसकी चूत से निकले हुए पानी का एक-एक बूँद को चाट लिया था.

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कुछ देर में ही मेरी चुत से फ़व्वारा चलने लगा और मेरे साथ ही सुनील के लंड की पिचकारी भी चल गई. मैंने देखा कि बातें करते हुए बार बार उसकी नजर मेरे फूले हुए लौड़े पर जा रही थी. मैंने उनके ही सामने अपने लोअर के ऊपर से अपने लंड को मसला, जिसे देखकर भाभी ने एक कातिलाना स्माइल दी.

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अब वो फिर फटाफट से मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी और लंड चूस चूस कर ही साफ कर दिया. सागर- फिर उनसे तो संतुष्ट होती हो ना तुम?मीना- कहाँ भैया वो दोनों भी सेम उनके जैसे हैं. बुआजी अपने ससुराल में हैं और चाचा जी अपनी बीवी बच्चों के साथ हमारे घर के करीब में ही रहते हैं.

उसके जिस्म पर पड़ती हल्की सी सूरज की रोशनी में वो और भी क़यामत लग रही थी. कुछ दिन यूं ही बीत गए, मैंने सोचा कि यार इस के लिए कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा… कोशिश तो करनी चाहिए क्या पता बात बन जाए!”मैंने एक दिन उस लेडी को यूं ही स्माइल पास कर दी, तो बदले में उसने भी मुझे स्माइल पास कर दी, मेरे तो मन में लड्डू फूटने लगे.

वो मेरे छाती के बालों से खेलती रही और बोली- आज तुमने मुझे बहुत मजा दिया है.

ये बहुत अच्छा तरीक़ा है, अगर वो चुदवाना नहीं चाहती तो भी आपके पास बहाना होगा ही कि जानबूझ कर नहीं किया. मैंने उसे लेटाया और एक तकिया उसकी क्मर के नीचे लगाया और मैंने थोड़ा उसका चूत रस लिया, उसे लंड के उपरी हिस्से पर 3 इंच तक लगाया ताकि लंड आसानी से चूत में जा सके और फिर मैंने अपना लंड जैसे ही उसकी चूत पर रखा उसके मुँह से हह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल आई. सागर भी पोजीशन लेकर मेरे ऊपर चढ़ गया और मीना ने अपने हाथों में अपने भाई का लंड लेकर मेरी चुत पर रखा.

लेकिन रूचि तो चुदने को बेचैन हो रही थी, उसे अपनी चूत में लंड चाहिए था तो वो मुझे अपने नंगे बदन पर खींचने लगी. विवेक मेरी चुत में उंगली डाल कर मुझे मज़े दे रहा था, मुझे बहुत गुदगुदी हो रही थी. मेरी सेक्स कहानी के बारे में आपके जो भी अच्छे सुझाव हों, आप मुझे मेल कर दीजिये। फालतू के मेल में आपका और मेरा कीमती वक्त जाया मत होने दीजिये। मेल करते वक्त कहानी का टाइटल क्या है और आपको उसका कौन सा हिस्सा पसंद आया, या क्या ठीक नहीं लगा, ये बता देंगे तो मेल का उद्देश्य समझ में आयेगा।[emailprotected].

फिर मैंने आखें बंद कर लीं, अब अवी जग गया था उसने मेरी आखें बंद देखी तो उसी तरह चूची दबाता रहा ताकि मैं आँखें ना खोलूं.

बीएफ थिएटर: फिर भी नहीं हो, तब भी मैं मजा तो तुम्हारा लूँगा ही, चाहे जो करना पड़े मुझे. उसने मेरी बेक पर किस की, तब मुझे ऐसा एहसास हुआ कि मैं जन्नत में आ गया हूँ।अब उसने मुझे सीधा कमर के बल लिटा दिया और अंडर वियर के ऊपर से ही मेरे लोड़े पर किस करने लगी, फिर उसने धीरे से मेरा अंडरवियर भी उतार दिया और मेरे लोड़े का सुपारा मुँह में भर लिया.

36 साइज कहने से ही समझ आ जाता है कि उसकी मादकता कितनी ज्यादा थी, और उसके सपाट और चिकने पेट ने मेरे मन में हलचल मचा दी।कोई भी औरत जब साड़ी पहनती है तो उसकी कमर किसी भी आवरण से परे होती है और उस जगह से ही आप किसी स्त्री को बिना छुये या बिना पास जाये भी अनावरित कर सकते हो। मतलब स्त्री के नग्न रूप का आभास किया जा सकता है, आंटी ने काम करने के लिए कमर में साड़ी बांध रखी थी. ”पापाजी, वही तो मैं चाहती हूं कि मैं थक जाऊं आपके साथ इन छत्तीस घंटों में और आप अच्छे से थका देना मुझे जिससे मेरे बदन की पोर पोर दुखने लगे, मेरे अंग अंग में मीठा मीठा दर्द होने लगे!” बहूरानी जी बेहद मीठी आवाज में बोली. रमेश, सुरेश और काजल के लिए मयूरी का ये व्यवहार समझ के एकदम बाहर था.

मैं- अच्छा ऐसा क्या करोगे? चलो मैं युम्हें कुछ नहीं कहूँगी, मैं नहीं रोकूंगी तुम्हें… तुम करो क्या करना है.

मैं इतने हल्के से चूस रहा था कि उसको तकलीफ भी ज़्यादा न हो और मज़ा भी भरपूर मिले. उसके बाद मैं वापिस दिल्ली चला गया और भाभी की चुदाई का सिलसिला जारी रहा. तभी सुबह सुबह हमारे दरवाजे की घंटी बजी और मैंने बाहर जा कर दरवाजा खोला तो सामने रानी खड़ी थी.