बैंगलोर का बीएफ

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मुझे लगा था कि ये लंड को धीरे धीरे अन्दर करेगा मगर उस जालिम ने तो चुत तो फाड़ कर ही रख दिया.मैं यह नहीं जानती थी कि मैं कभी मकान मालिक से चुदूँगी क्योंकि मेरा बॉयफ्रेंड मुझे बहुत अच्छे से चोदता था और मेरी चूत की खुजली मिटा देता था.

उनको दूध आता था, मैं सारा दूध पी गया, क्या स्वादिष्ट दूध था… एक को तो पूरा खाली कर दिया और दूसरा चूसने लगा. बैंगलोर का बीएफ अब पढ़ाई के अलावा भी काफी बातों को लेकर उन्होंने मुझे बताना शुरू कर दिया.

जब मैंने देखा तो मुझे पता चला कि भाभी मेरे कंधे पर सर रख कर सो गई हैं.

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कोमल को पूरा यकीन है कि वो बेटी मेरी ही है हमारे सच्चे प्यार की निशानी!हालांकि अभी तक मैंने अपनी बेटी को देखा नहीं है फिर भी मुझे उम्मीद है कि वो कुछ तो मेरे जैसी दिखती होगी. जब वो नॉर्मल हुई तो मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और वो भी चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी. उधर उसकी बुर से मैंने अपना मुँह हटाया और उसकी बुर को एक हाथ से खोल कर दूसरे से रगड़ना शुरू कर दिया और साथ में चूसती भी जा रही थी.

मैं तुरंत झुक गया, मेरे मन में ये डर भी था कि इसका इतना बड़ा लंड मैं अपनी नन्हीं सी गांड में ले पाऊंगा या नहीं क्योंकि मैंने इतना बड़ा पहले कभी नहीं लिया था. वो मुझसे कुछ कम बात करती थीं और मैं अगर कुछ पूछती भी थी तो छोटा सा जवाब देकर अपने रूम में चली जाती थीं. कामिनी ने वही दोहरा दिया, जो विवेक ने कहा था कि मैं विवेक के साथ सोऊंगी.

तभी अचानक उनके पापा की आवाज आयी- इतनी सुबह में शावर चला कर क्या कर रही हो… बाहर आ जाओ मुझे पेशाब लगी है. मैं शाम को 7 बजे अपने कमरे की छत पर घूम रहा था कि मेरे मकान मलिक ने मुझे आवाज़ दी और नीचे बुलाया. विवेक- साला इतनी हिम्मत?मैंने उनको ठंडा करने के लिए कहा- वो मैं अपने देखने के लिए बना रहा था, विवेक सर बहुत जबरदस्त चुदाई करते हैं उसी के वीडियो बना कर देखता हूँ.

हम दोनों दो भीगे बदन एक दूसरे के पास आ रहे थे और एक दूसरे की बांहों में समा गए, हम दो प्रेमी एक दूसरे को किस कर रहे थे और एक दूसरे के अंगों से खेल रहे थे. वो नीचे उतर कर मेरे लंड को पकड़ कर खींचने लगीं, फ़िर वो सोफे के नीचे घुटनों के बल बैठ के मेरा लंड चूसने लगीं.

कामिनी बोली- हां चले जाना… हमें भी यहाँ तुम्हारा अचार नहीं डालना, पहले सब सर्व कर दो.

मैं पीछे से उनकी गांड को जोर जोर से चोदने लगा और उनके कूल्हों पे चांटे भी मार रहा था.

दस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई में मैं थोड़ा थक सा गया था तो मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा. तब मुझे ध्यान आया कि वो पीछे वाला आदमी कुछ ज्यादा ही चिपक कर खड़ा है और वो लोग उसी को देखकर मुस्कुरा रहे हैं. मैंने उठकर अपने कपड़े पहने और बाहर आया तो देखा दीदी खाना बनाने की तैयारी कर रही थी.

मैं एक हाथ से मोहन का सर चुत पे दबा रही थी और उसी वक्त दूसरे हाथ से अपने ब्लाउज के बटन खोल कर अपनी चूचियों को आजाद कर दिया. उसके गुंदाज बदन का वो पहला स्पर्श तो मुझे जैसे जन्नत में ही पहुंचा गया. दो दिन बाद मैं शाम को कॉलेज से वापस आया तो मैंने देखा कि एक बेहद ही खूबसूरत और स्टाइलिश लेडीज सैंडल का जोड़ा मकान मालिक के दरवाजे के पास रखा था.

सही बताऊं तो मुझे चक्कर आ रहे थे इसलिए मैं लेट गया और बुआ जी को तबियत खराब होने का बहाना कर दिया.

मैंने कहा- यह तो होता ही है!मैं उसकी गांड भी मारना चाहता था तो मैंने अपनी इच्छा व्यक्त की लेकिन वो बोली- नहीं आर्यन, गांड में करने से दर्द होगा और मुझे दर्द से डर लगता है!मैंने भी अपनी बात पर जोर नहीं दिया क्योंकि आप जिससे प्यार करते हैं, उसको तकलीफ में नहीं देख सकते।उसके बाद उसने मुझे एक अच्छा फोन गिफ्ट किया, मैं मना नहीं कर पाया. अवंतिका की एक फ्रेंड थी रीटा और अवंतिका की एक छोटी बहन भी थी, वो भी बढ़िया काँटा माल थी. एक दिन जब मैं उनके घर गया तो वो अपने बच्चे को दूध पिला रही थीं, मुझे देख कर उन्होंने दुपट्टे से अपना स्तन छुपा लिया और मुझे बैठने के लिए बोला.

तभी अचानक वो कार भी आगे की तरफ निकल गयी, लेकिन ये क्या… एक मिनट के बाद अचानक ही वही कार वाली लड़की रेस्तराँ के अंदर दाखिल हुई, और मैं तो जैसे उसे देखते ही जड़वत हो गया, तभी उसने मुझे देखा और मेरे पास आकर हेलो करने के प्रयास से अपना हाथ आगे बढ़ाया, मैं तो मानो अपनी ही दुनिया में खोया था. थोड़ी देर बाद वह मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगी और कामुकता से बोलने लगी- अब डाल दो… बर्दाश्त नहीं हो रहा!मैंने भी सोच लिया कि अब इसे ज्यादा तड़पाना सही नहीं है और इसे अब चुदाई का मजा दे ही देना चाहिए।मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा पर रखा, उसकी चूत एकदम गरम हो रही थी. मौसी को भी मजा आ रहा था, वे भी नीचे से अपने चूतड़ उछाल कर मेरे साथ सहयोग कर रही थी.

मुझे चुत पर ज्यादा बाल अच्छे नहीं लगते, इसी लिए मैंने सोनिया से कहा कि मुझे कुछ कहना है.

मेरी भी टांगें तो थीं मगर मैं कहीं भी जा नहीं सकती थी क्योंकि नंगी रखी गई थी. उनको दूध आता था, मैं सारा दूध पी गया, क्या स्वादिष्ट दूध था… एक को तो पूरा खाली कर दिया और दूसरा चूसने लगा.

बैंगलोर का बीएफ अब मेरी सांस रुकने लगी तो जैसे ही मैंने मुँह से सांस लेने की कोशिश की तो उसका सारा माल मेरे अन्दर चला गया. वो चिल्लाना चाहती थीं, पर उनके मुँह में बॉल घुसा होने की वजह से चिल्ला नहीं पाईं.

बैंगलोर का बीएफ उस रात तो मैं सो गया, फिर अगले दिन कविता का कॉल आया, उसने कहा- जीतू तुम अपनी गर्लफ्रैंड को छोड़ दो और मुझ से फ्रेंडशिप कर लो! मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं, और हमेशा करती रहूंगी!फिर उसने कहा- अगर तुमने सपना (मेरी गर्लफ्रैंड का नाम) से बात करना बंद नहीं किया तो मैं तुम्हारी मम्मी से बोल दूँगी. अब तो जब भी इच्छा होती भाभी के पास पहुँच जाता या भाभी की इच्छा होती तो वो बुला लेती.

जैसे ही उस लड़के ने मुझे उस बुड्डे के पास धकेला तो बूढ़ा मेरी चुत पर मुँह मारने लगा.

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बहरहाल डॉक्टर को ही मेरी चुदक्कड़ बीवी की पैंटी निकाल कर उसके हाथ में देनी पड़ी. मेरी चुत से खून जो निकला था, वो शायद बंद हो गया था मगर दर्द बहुत हो रहा था और मैं तड़फ रही थी. इधर प्रिया मारे उत्तेजना के बिस्तर पर जल बिन मछली की तरह तड़फ रही थी.

उसने कहा- जब प्यार किया तो डरना क्या? कल जैसे ही सब चले जाएंगे, मैं तुम्हे फ़ोन कर दूंगी. मेरा पुराना आशिक मेरे होने वाले पति को बता रहा था कि कैसे उसने अपने रिश्तेदार से मिल कर मेरी चूत और गांड की चुदाई की थी. मैंने उनकी आँखों में देखते हुए लंड की तरफ इशारा किया तो भाभी ने मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया और वे मेरी पैन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड को मसलने लगीं.

उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और अपना लंड मेरे गांड के गड्डे पर रख दिया और उसे हिलाने लगे.

फिर मैंने जबरदस्ती भाभी की सलवार को बाहर निकाल दिया और अंडरवियर भी निकाल दी. रमन किसी कुत्ते की तरह मेरी पूरी मुनिया को चाटने लगे, मेरा फर्स्ट टाइम था ये. मैं वहीं बेड के पास घुटनों पर बैठ गई और उनके पजामे को थोड़ा नीचे करके उनके लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे प्यार से चूसने लगी.

इसकी पूरी फिल्म बना ली गई थी और जो आज मेरी आंखें खोल कर चुदाई हुई, उसकी भी रिकार्डिंग थी. इसी प्रकार पैदल घूमते हुए हम गार्डन रिंग रोड तक आ गए और आगे हमें दाएं अपने घर की ओर जाना था. मेरे दिमाग़ में कई तरह के विचार चल रहे थे, बदन पे चींटियां जैसे काट रही थीं, दिमाग़ सुन्न हो गया था.

तभी मेरा ध्यान, हमारे लाइन से अलग खड़े कुछ लड़कों पर गयी, वो बहुत ध्यान से मुझे घूर रहे थे. सुबह के समय मैं दाढ़ी बनाकर नहाने के लिए जैसे ही बाथरूम में घुसा ही था, तभी दीदी आ गईं.

उसकी आंखें मानो पूछ रही थीं कि हट क्यों गए?फिर उसके टॉप को मैंने अपने हाथों से उतारा और काले रंग की ब्रा भी उतार दी. मेरी सेक्स कहानी के पिछले भागमेरे घर में मेरी चालू बीवी को उसके बॉस ने चोदामें आपने जाना था कि मेरी बीवी अपने बॉस के साथ पूरी रात कमरे में चुदवाती रही. जब भी मैं उसकी गांड पे थप्पड़ मारता, तो उसकी गांड थोड़ी देर देर तक हिलती रहती थी.

नित्यकर्म करने के बाद कमरे से बाहर आई तो मेरी ननद नाश्ते की टेबल पे बैठी नाश्ता कर रही थी.

उसने पूछा- क्या तुम वर्जिन थे?मैंने अपने लंड को उसके हाथ में पकड़ाया और हंसने वाला फेस बना के बोला- नहीं. दस मिनट बाद पायल भाभी आईं और बोलीं- पंकज एक काम करोगे मेरा?मैंने पूछा- क्या काम?तो वो बोलीं- जब तुम मेरी गांड की और चूत की मसाज़ कर रहे थे वो 20 मिनट और करोगे?मैंने मन में सोचा अब तो इसकी गांड मार ही दूंगा. ऊंह्ह्ह कर रही थी।3-4 मिनट तक सतेंद्र ने शिखा को दबाकर रगड़ा और अचानक उसकी स्पीड कम होकर थम गई और वो दूसरी तरफ गद्दे पर गिर गया।उनकी यह काम-क्रीड़ा देखकर मेरे तन-बदन में आग सी लग गई थी; मेरी हालत खराब हो रही थी और मैं माथे का पसीना पोंछते हुए वापस चेयर पर जा बैठी; मेरे पैर कांप रहे थे।हिंदी चोदन कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.

भाभी हंस कर बोलीं- अच्छा तो आपने अर्चना और मेरी बात सुनी थी?मैंने कहा- हां. उस वीडियो में जो सुबह मेरे रूम पे हुआ था, उसकी रिकॉर्डिंग थी, जो उन्होंने चुपके से रिकॉर्ड कर ली थी.

आआहह… व्व्व्व्व… अपने हाथों से मेरे सिर को चुत पे दबाये जा रही थीं. अब नीलम भाभी झड़ने वाली थीं, मैं भी झड़ने वाला था, मैंने भाभी से पूछा- भाभी यार… अपना माल कहाँ निकालूँ. और अभद्र पुरुष आपके पास कभी नहीं आ पाएं?इन फर्जी एजेंसीज के पास ऐसे कोई सुविधा नहीं होती है, न ही ऐसी कोई जांच आदि होती है.

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मैंने कहा- मामी जी, ये सिर्फ़ आपको देख कर कुछ ज्यादा ही मचल रहा है, अब इसको अपने मुख में लो और इसे शांत कर दो!पूजा मामी ने मेरे लंड को अपने मुख में लिया और चूसने लगी.

मामी को भी मज़ा आने लग गया और वो उम्म्म्म… अहह… अहह… उम्म्म्ममम… की आवाज़ करने लगी. हमारे गांव तक 250 किलोमीटर सफर लंबा था, इसमें पूरी रात लगने वाली थी. तभी उसने ट्रायल रूम का गेट खोला और मुझे पैन्ट दिखाते हुए कहने लगा कि देखो कैसी लग रही है.

पहले भी तो मराई ही होगी किसी से?मैंने कहा- यह बगल में लेटा है, इसी ने मारी… इससे पूछो. उनके पति टीचर हैं, उनकी एक बेटी है 8 साल की… वो मुझे बहुत अच्छी लगती हैं. बीएफ सेक्सी हिंदी में नयाचूंकि हम दोनों ही जॉइंट फॅमिली में रहते हैं इसलिए किसी के भी घर पर चुदाई का नो चांस! और चूंकि मैं और वो दोनों ही शहर के संभ्रांत घरों से थे, तो किसी होटल में जाने का रिस्क नहीं ले सकते थे.

वो भी मेरे बदन से चिपकने के मज़े लेती, लेकिन मैं कुछ इससे ज्यादा ही पाने की सोच में था. मैंने सोच लिया था कि अब मैं मौसी की मदद करूंगा और जब मौसी खुद ही कह रही तो इसमें कोई पापा भी नहीं!इस तरह से मैंने अपने दिल को झूठी सच्ची दिलासा दिलाई और मौसी की चुदाई करने की सोच ली.

तभी आंटी ने मॉम से कहा कि वो मुझे अपने साथ में मार्केट ला जाना चाहती हैं. मेरे बैडरूम में जाते ही रश्मि अन्दर आ गई और बोली- राज साहब! मेरे और सिमरन के बीच कुछ भी छिपा नहीं है, उसने सब कुछ बता दिया है, तो क्या आप मुझे सूखा ही रखेंगे?यह सुनते ही मैंने रश्मि को बाँहों में ले लिया और उसके होठों को चूसने लगा. इसी तरह उसको चूमते चाटते मैंने दीदी के कुर्ते को उसके कंधे से नीचे कर दिया.

अब मैंने चैन की सांस ली कि चलो अब एक दो दिन के बाद काम चालू हो जाएगा और पैसे की कमी में थोड़ी तो राहत तो मिलेगी, पर मेरे अंदाजा गलत निकला. बिंदु माँ ने उनसे कहा- इसको माहवारी शुरू हो गई है इसलिए इसे आराम करने दो, मैं सब देख लूँगी. मैं तो यह सुन कर मन ही मन में बहुत ज्यादा खुश हो गया था क्योंकि मैं उनके बारे में पहले भी रमन के मुँह से कई बार सुन चुका था कि वो अनामिका से भी ज्यादा सुंदर है और वो उसे भी चोद चुके हैं।चलिए आपको सोनल के बारे में थोड़ी बात बता दूं जिससे आप लोगों को कहानी में मजा आ जाये.

वो बोला- सर आगे से आपको किसी भी शिकायत का कभी कोई मौका नहीं मिलेगा.

आख़िर मेरे दिल ने दिमाग पर कब्जा कर लिया और मैंने सोच ही लिया कि मैं इसे बर्बाद नहीं होने दूँगी. ’ चीखने लगीं, वो दर्द से कराहते हुए बोल रही थीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने दीदी से कहा- दीदी, क्या प्रोग्राम है?दीदी ने कहा- भाई आज की रात को यादगार बनाया जाए, आज हमारी सुहागरात होगी. फिर उसने मुझको नंगी किया और खुद भी नंगा होकर मुझे चोदने में लग गया. फार्म हाऊस पहुँचते ही वो इस तरह से मेरे से चिपक गयी जैसे फेविकोल का जोड़.

खैर रात को मैं बिंदु के पास पहुँच गई और बोली- मैं भी आज तेरे साथ ही चंदर के पास चलती हूँ, देखती हूँ कि वो तुम्हारी आज कैसे बजाता है. वो झटके से सर उठा कर मेरी ओर देखने लगीं, मैं भी उनको देखने लगा; हम दोनों की आंखें मिलीं और उन्होंने कामुक अंदाज़ में अपने होंठों को दाँत के बीच काटा और ‘आहहह्ह्ह…’ किया. उनका शरीर बहुत भारी भरकम था और सीधे अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिये.

बैंगलोर का बीएफ मैं प्रिया के उरोज़ों के बीच की दरार की लम्बाई अपनी जीभ से नापने में मशग़ूल था. इतना सुनते ही वह भी हवस से भर गया और चलते चलते ही उसने अपना एक हाथ मेरे कंधे पर होते हुए मेरी चुची पर रखा और सेक्सी लुक देते हुए झटके से मेरी एक चुची दबा दी, बोला- आह…! चल चुदक्कड़… तेरा भोसड़ा फाड़ता हूँ!कहते हुए उसने अपने दाँतों को आपस में भींच लिया.

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मेरे दोस्तों ने यह बात भांप ली थी और मुझे उसके ठीक आगे वाली सीट पर भेज दिया था. तू चुपचाप पढ़ाई में ध्यान दे, नहीं तो साली फेल हो जाएगी… और मेरे को बदनाम कर देगी. कई बार दोनों को डिनर पर आमंत्रित भी किया ताकि बातचीत इनफॉर्मल हो जाए.

अब वे कराहने लगी तो मैं लिंग को चूत से निकालकर उनकी गांड में डालने लगा। उनकी सूखी गांड में ही लिंग डालकर चोदने लगा तो फिर उनकी हालत खराब होने लगी. मुझे फिर से उसके लंड का पानी पीना पड़ा मगर अब मैं उतनी परेशान नहीं थी जितनी फर्स्ट टाइम हुई थी. सेक्सी फुल एचडी मूवी बीएफअलका रानी को लिपटा लिया, उसने भी टाँगें कस के मेरी टांगों में लपेट लीं.

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”मैं खाना खाने बैठ गया, तो वो उठीं और मेरी गोद में आके बैठ गईं और हम एक दूसरे को खाना खिलाने लगे. उसकी जो उंगली मेरी गांड को सहला रही थी, वह एकदम से मेरी गांड में घुसा दी.

फिर वो उस आदमी से बोला- तुम नीचे लेट जाओ, यह तुम्हारे ऊपर चढ़ कर तुम्हारा लंड चूत में खुद ही डालेगी, जिससे पता लगेगा कि यह तुमको चोद रही है… ना कि तुम इसको. हम दोनों एकदम नंगे एक दूसरे से लिपटे हुए प्यार की नदी में गोते लगा रहे थे. आज वो दो बच्चों की मॉ है और मैं भी शादीशुदा हूँ, पर उसकी वो पहली चुदाई भुलाए नहीं भूलती.

मॉम ने झट से अपने एक हाथ से अपनी पैंटी चुत से एक साइड खिसका दी और एक हाथ से थोड़ा सा थूक अपने मुँह से निकाल कर अपनी चुत के अन्दर लगा दिया.

उसी समय उसने जल्दी से नीचे बैठ कर मेरा पैंट खोला और देखा कि 7″ का लंड एकदम कड़क और झटके मार रहा है. लोगों के जागने का टाइम हो चला था इसलिए मैंने झटपट कपड़े पहने और अलका रानी की 8-10 चुम्मियाँ लेकर चुपके से पिछले दरवाज़े से निकल कर अपने घर चला गया. भैया ने मेरे दोनों मम्मों ऊपर से खूब दबाए फिर मेरे टॉप में हाथ डाल दिया.

बुर चोदा चोदी सेक्सी बीएफवो मेरे सर को अपने हाथों से सहलाने लगीं और बड़ी ही मादक ‘आआ आआहह आह आआहह. कुछ देर बाद बिंदु आई मगर मैं अपने हाथ में लंड को पकड़े हुए फिल्म देखने में मस्त था, इसलिए मुझे नहीं पता कि वो कब वापिस आ गई.

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” राखी बोली।मैं शर्त नहीं हारूँगी, अभी तक तुमने खोल कर कहाँ देखा है. पिंकी बोली- सर मैं ये सु सु वाले ककड़ी और भिन्डी नहीं चूसूंगी, मुझे आपका लंड चाहिए. मैंने अपने कपड़े पहन लिए और भाभी को देखा, उनके चेहरे पे एक अजीब सी खुशी की झलक दिखाई दे रही थी.

मगर नीना ने जब उसे डॉक्टर से केवल एक मिनट के लिए मिलाने का रिकवेस्ट किया तो डॉक्टर ने आवाज देकर कहा- दातादीन, तुम मैडम को भेज दो. मैं भी अपनी पत्नी के देहांत के बाद लंड का पानी किसी भी चूत में नहीं निकाल पाता था. बस उसके मटकते कूल्हे देख कर ही लड़कों का पप्पू खुशी के आँसू रोने लगता था.

अचानक रोशनी ने आँखें खोलीं और मुझे धक्का देके दूर कर दिया- छी… ये क्या कर रहे हो राहुल?”मैंने कहा- प्यार. नमस्ते दोस्तो, मेरी जीवन की पहली कहानी अन्तर्वासना पर प्रकाशित हुई तो मुझको बहुत अच्छा लगा. मैं समझ गया कि दीदी चुत में लंड का का पूरा मजा लेना चाहती है, वह भी बिना कंडोम के चुदने का मन बना चुकी है.

मेरे खड़े लंड को देख कर भाबी की दोनों आँखें बड़ी हो गईं और उनके दोनों हाथ मुँह पर आ गए. वहाँ मेरे दो दोस्त और होंगे, तुमको सबको अपनी जवानी का जलवा दिखाना पड़ेगा.

हम लोग आपस में बतियाते हुए अपने चीज़ बर्गर खाने ही लगे थे कि अचानक बहुत सारी जनता रेस्तराँ में दाखिल हो गई और काफी भीड़ हो गई.

पापा भी ये बात जानते हैं, पर पापा के बूढ़े होने के कारण, वो उनको मारपीट करके धमका कर रखता है और इसी कारण वो मेरी शादी भी नहीं होने देना चाहता है. सेक्सी बीएफ बंगाली वीडियोमैंने लंड को चूत में घिसते घिसते उसकी चूत में हल्का से अन्दर किया, मेरा सुपाड़े के बहुत थोड़ा ही हिस्सा अन्दर गया होगा कि सोनी के मुंह से उफ्फ निकला।फिर बोली- सर आपका लंड तो बहुत गर्म है।हाँ… साथ ही तुम्हारी चूत भी काफी गर्म है।” कहते हुए मैंने हल्के से एक और झटका दिया, सुपारा जाकर उसकी चूत में फंस गया. बीएफ सेक्स वालेदीदी के चूचे मेरी छाती पर दबे हुए थे और हम एक दूसरे की पीठ खरोंच रहे थे. क्योंकि सूरज ढलने लगा था और हम दोनों को घर पहुँचना था तो हम उस किले से जल्दी से बाहर निकल आए.

इंटरेस्टिंग बात ये थी कि जब उसने अपने हाथ फैलाये न्यूज़ पेपर खोलने के लिए तो उसने दाहिना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया.

पहले तो मुझे गंदा लगता था, बाद में मुझे वही बातें काफी अच्छी लगने लगीं और हम दोनों खुल कर बातें करने लगी. अब तक आपने इस कहानी में पढ़ा कि मैं अपनी ननद को सेक्स के गंदे खेल में शामिल न करने की सोच रही थी. मेरे पहुंचते ही वो तुरंत बोलीं- आओ मेरे पीछे…और इतना कह कर वो तुरंत अन्दर को चल दीं.

उसने दायीं कोहनी मोड़ी और अपना मुँह मेरे गालों के करीब लाकर अपने होंठ मेरे गालों से छुलाए, अपनी बायीं बांह फिर नीचे लाया और पैन्ट के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगा. मेरी सांसें तो पहले से ही फूल रही थीं और सिसकारियां भी नहीं थम रही थीं. मैंने गले में उंगली मार कर उल्टी करने की कोशिश की मगर कुछ ना हुआ, उसका पानी मैं ना निकल सकी.

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मैं उसकी चूत मारना चाहता था पर वो यहां हो नहीं सकता था क्योंकि जंगल के अन्दर इस खुली जगह पर कोई भी आ सकता था. मैंने कहा- घर वालों को बताना तो मेरा फर्ज बनता है, कल अगर उनको पता चलेगा कि मुझे सब मालूम था. अगर आपके पास चूत या लंड का इंतज़ाम नहीं है तो लड़के मुट्ठ मारेंगे और लड़कियां अपनी चूत में उंगली डालकर अपनी चूत का पानी निकालेंगी.

उसका हाथ फोटो निकालने में बहुत साफ़ था, एक भी फोटो वल्गर नहीं थी, लेकिन फिर भी मेरी ऐसी वीडियो उसने क्यों बनाई?मुझे अब उस पर प्यार सा आने लगा था.

फिर मैं रूम में गया तो मेरी साँसें बहुत तेज हो गईं, क्योंकि पायल भाभी मेरे सामने पलंग पर सिर्फ ब्रा और पैंटी में लेटी थीं.

मैंने काफी अनुरोध किया पर बात नहीं बन पाई, फिर मैं अपना घर आ गया।फिर एक दिन शाम को वो मेरे घर आई, मैं उस वक्त छत पर था, वो भी कुछ देर नीचे रुकने के बाद छत पर आ गई. जितना वो काला और हट्टा कट्टा जवान था… भाभी उतनी ही गोरी और नाजुक देह की थीं. कार्टून बीएफ सेक्सी हिंदीमैं पूरा 6’1″ लंबा गोरा पंजाबी लड़का हूँ, फ़ुटबाल खेलने का शौक़ीन हूँ इसलिए फिटनेस भी खिलाड़ियों जैसी ही है.

साथ ही मैं उसकी आँखों में देख रहा था और वो मेरी आँखों में देख रही थी. इस गे कहानी के पहले भागनागपुर से दिल्ली ट्रेन यात्रा-1में आपने पढ़ा कि कैसे मुझे रेलवे स्टेशन पर टिकेट की लाइन एक बन्दा मिला जो मेरी गांड का चाहवान था. यह बात लगभग 8 वर्ष पुरानी है यानि मेरी कहानी 8 साल पहले शुरू हुई थी उस समय मैं 18 वर्ष के लगभग था और मेरी उस समय 12 वीं की परीक्षाएं समाप्त हुई थीं.

मुझे बहुत गुस्सा आया, मैंने फिर से लंड उसकी देसी चुत पे रखा और पूरी ताकत लगाकर इतनी जोर से धक्का लगाया कि मेरा पूरा लंड उसके चुत को चीरते हुए अन्दर घुस गया. आज इनकी पूरी अकड़ निकाल दीजिए, इनको तरह से ढीला कर दो ताकि यह अपनी औकात में रहा करें.

लेकिन आज मुझे लग रहा है कि हालत में किसी भी तरह के रिश्तों में चुदाई संभव है.

मैंने कहा- क्यों साली जी, मजा नहीं आ रहा है?वो शर्मा गई और बोली- मजा तो बहुत आ रहा है मगर अब आपका वजन लग रहा है और आपका लंड भी बहुत मोटा है तो अब थोड़ा दर्द हो रहा है. अब शादी के बाद भी प्रियंका ज्यादातर अपनी विदेश यात्रा आज भी मेरे साथ ही करती हैं और जम कर चुदती हैं।[emailprotected]. मैंने ज्योति से पूछा- क्या काम है और कैसे आना हुआ?ज्योति ने कहा- भैया आपको मेरे पापा ने बुलाया है, जल्दी चलिए.

ब्लू सेक्सी बीएफ सेक्सी बीएफ थोड़ी देर चूसने के बाद मैं उठकर बैठ गई और उसकी टांगों को चौड़ा करके उसकी बुर को एक पल के लिए निहारा और फिर अपना मुँह उसकी बुर पे लगा दिया. उधर मेरी पतिव्रता पत्नी ने एरिक के लंड को अपनी नर्म गुलाबी जीभ से चाटना जारी रखा.

जब वो बटन खोलने की कोशिश कर रही थी, तो बटन खुलने का नाम ही नहीं ले रहा था. फिर तो दोस्तो, मेरी मामी के साथ चुदाई का सिलसिला चलता रहा, मैं जब भी उनके घर पंजाब में जाता तो वहाँ भी चुदाई करता!आपको मेरी पूजा मामी की चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे ज़रूर बतायें! मैं आपके मेल्स का इंतज़ार करूँगा. मुझे उस अस्पताल का हर कोने का पता था क्योंकि मैं लंड की तलाश में पहले ही पूरा अस्पताल घूम चुका था.

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फिर मैंने उसकी टी शर्ट उतार दी, अब उसके चुचे ब्रा फाड़ कर बाहर आने को बेताब थे, उसकी ब्रा में उसके मोटे मोटे चुचे क्या मस्त लग रहे थे. मैं उसको थूकना चाहती थी मगर अशोक मेरे को लंड का वीर्य पिलाना चाहता था. कमरे में फच्च्च्च्च फच्च…” के साथ साथ आहहह… आहहह…” की आवाजें भरने लगीं.

मगर उन बाकी दूसरों से मैं खुद को ज्यादा लकी मानता था क्योंकि मेरा एक ही सपना था- सहर की चुदाई. इतना कहते हुए उसने झट से चुत से लंड खींचा और तभी मैं भी एकदम से मुँह खोल कर उसके लंड के पानी लेने के लिए तैयार हो गई.

वो अंदर में पिंक कलर की ही ब्रा और चड्डी पहनी हुई थी जिसे मैंने तुरंत निकाल दिया और उसके चुचे और चूत को देख कर मैं तो जैसे पागल ही हो गया.

भाबी बोलीं- आज संडे है… ऋतु जाओ तुम नहा कर आओ और सुनो, आज तुमको कल ली हुई नई वाली ड्रेस ही पहननी है. अब आर्थर ने अपने लंड को गांड में सीधा घुसाना आरंभ कर दिया और हथौड़े से किसी कील को ठोकने के अंदाज में मेरी बीवी की गांड मारनी शुरू कर दी. मैंने एक बार रजाई में से अपना मुँह निकाल कर उसे देखने की कोशिश की, कमरे में बिल्कुल घुप अन्धेरा था इसलिये साफ तो दिखाई नहीं दे रहा था मगर उसका साया नजरा आ रहा था, जो ठण्ड कारण दोहरी हो रही थी। मैं सोचने लगा कि क्यों ना मैं इसे अपनी ही रजाई ओढ़ा दूँ मगर मुझे डर भी था कि कहीं यह मुझे ही गलत ना समझ ले.

मैंने फट से अपने लंड को फुद्दी से निकाल लिया कि कहीं उसकी मलाई से मेरा लंड न झड़ जाए और वो पेट से ना हो जाए. फिर कुछ देर तक मैंने प्यार से उसके निप्पल चूसे और फिर अपना हाथ उसकी चूत पर ले गया. उसके बाद उनके बलिष्ट शरीर को हर जगह पर चूमा, उनकी छातियों में अपनी चुचियाँ गड़ा दी और जोर से उनको अपने साथ सटा लिया.

कुछ देर बाद मेरा भी माल निकलने वाला था तो मैंने पायल भाभी से पूछा कि पायल जी.

बैंगलोर का बीएफ: ”मैं चुप रही तो जंपर उतारने के बाद भाई ने शमीज़ भी उतार दी, जिससे मेरी दोनों गोरी-गोरी चूचियाँ नंगी हो गईं, जिसे देख मेरा भाई खुश हो गया और मुझे सीट पर लिटा झुककर एक को मुँह से चूसते हुए दूसरी को दबाने लगा. मैंने कहा- मेरी जान अब शरमाओ मत… ये तुम्हारा ही तो है, चलो अब इसे थोड़ा प्यार करो, जैसे मैंने तुम्हारी चूत को प्यार किया था.

बहनचोद क्या क़यामत ढाने वाली हंसी थी हराम की ज़नी की! खन खन खन खन खन खन! बलखाती, मदमाती, मस्त नदिया की आवाज़ जैसी. यह सुनते ही वो सुबकियां ले ले कर रोने लगी और वो बार बार सॉरी बोल रही थी. किचन से दो गिलास, मटके का पानी, नीम्बू, नमक, खाने के लिए दाल, पापड़ी और थोड़े सूखे से उंगर लेकर आईं.

उनकी 32 इंच की चुची, जो डीप नेक के गाऊन से बाहर निकलने को बेताब दिख रही थीं.

फ़िर पता नहीं उनको क्या हुआ, उन्होंने धक्का देकर मुझे बेड पे गिरा दिया. लेकिन मैं जान चुका था कि इस शरीफ लिबास के पीछे एक बहुत बेशर्म औरवासना की भूखीरंडी छिपी हुई है. फिर भी वो मेरी प्रेज़ेंटेशन से बहुत प्रभावित थी, तो उसने हां कह दिया.