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जब मैं 12 वीं क्लास में पढ़ता था। चंडीगढ़ में मैं एक बैंक में काम करता था। मेरा फील्ड का काम था। एक बार मैं एक क्लाइंट के घर गया. अब तो मैं उनका लंड लेना ही चाहती थी और अजय भी अपनी प्यास मिटाना चाहते थे. अब उसके निप्पल कड़क हो गए थे और मैं निप्पलों को चाटने चूसने के बाद उसकी चुचियों की घाटी से किस करते हुए उसकी नाभि पर पहुंच गया और अपनी जीभ डाल कर नाभि को चाटने लगा, जिससे गुड़िया सिहर गई.

मैंने इतनी लड़कियों और भाभियों को चोदा है कि कभी कभी मुझे लगता है कि मैं भी एक फ्री वाला कॉलब्वॉय हूँ. मगर घाघरे में ना ही तो रबड़ लगा हुआ था, जिसको‌ मैं खींच कर उतार सकूं और ना ही उसे खोलने के लिये उसमें मुझे कहीं कोई नाड़ा या कोई चैन दिखाई दे रही थी.

इतने में छत्तू ने फिर से अपना लंड थोड़ा अन्दर बाहर किया और मुझे लगा कि मैं मर जाऊंगी.

फिर उसने मुझे उठने को कहा और मैं भी अपनी प्यारी सहेली का कहना मानकर उठ कर बैठ गयी.

फिर मुझे दुकान के लिए खरीदी करने के लिए जाना था जिसमें कम से कम दो दिन लगने वाले थे. नीचे गाड़ी लगी थी, राज अंकल आए और बोले- चलो सोनू, वापस घर चलते हैं. यह कहकर मेरे मुँह से लंड निकाल कर, मेरे पीछे खड़े होके पुनीत मेरी गांड की तरफ आ गया.

मैं चाची की चूत की तरफ बढ़ा और मैंने चाची की टांगों को चौड़ी करके उनकी चूत पर अपने लंड का सुपाड़ा रगड़ना शुरू कर दिया. दोस्तो, मैं अर्पिता एक बार फिर हाजिर हुई हूँ मेरी जवानी की प्यास की कहानी लेकर. पति ने मेरी गांड में उंगली करना शुरू की, जिससे मुझे शुरूआती दर्द हुआ, पर तेल से सनी उंगली ने मेरी गांड में अन्दर तक जाकर मुझे गुदगुदी करना शुरू कर दी.

तभी मेरे मुँह से उनका मुँह एक पल के लिए छूटा कि वो बोल उठीं- आह … आज फाड़ ही डाल मेरी चूत को … वो तुम्हारे जैसा ही लंड मांगती है.

तब मैंने जानबूझकर आंख बंद कर दी, जिसे देख कर वंदना को लगा कि शायद नींद में रख दिया है और उसने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने चूचों के एकदम पास कर लिया. मीठी-मीठी पीड़ा के साथ हुई इस चुदाई में चूत तो अब फूल कर एकदम पावरोटी बन गई थी. नमस्कार दोस्तो, मैं नरसिंह प्रधान, अपनी एक कहानी लेकर प्रस्तुत हूँ.

और नहीं तो क्या … उस रात तो … उस रात … आज फिर से वैसे … ही … उस रात तो मैं डर के मारे कुछ बोल भी नहीं पाई थी मगर आज तो आराम से कर …” नेहा ने मेरी तरफ थोड़ा गुस्से से देखते हुए कहा. अब उसने अपने हाथ से मेरी पैन्ट की जिप खोली और मेरा लंड निकाल कर अपना मुँह शॉल के अन्दर डाल कर लंड चूसने लगी. मेरी एक बहन की शादी दिल्ली के बवाना के पास के गांव में हुई है तो मैं हर दो तीन महीनों में वहां जाता रहता हूँ.

मस्त फिगर है और वह बोलचाल में बहुत अच्छी है।मेरी उम्र 36 वर्ष है और मेरा फिगर 36सी 34 38 है।जैसा कि पहले आप मेरी स्टोरी पढ़ चुके हैं कि मुझे लेस्बीयन सेक्स बहुत ही पसन्द है.

फिर किस छोड़ कर वो मेरे कान को चूसने लगी तो मैंने भाभी के कान में कहा- क्या आगे का काम नहीं करना है?भाभी ने कान चूसते हुए गर्दन हिला कर हां कहा और नशीली आंखें ले कर अपनी गर्दन आगे कर दी. मैं- अच्छा और क्या क्या तैयारी की है तुमने?नूपुर- सब कुछ तैयारी कर ली मैंने.

हिंदी बीएफ तेलुगू मैं उसकी गांड के छेद को सहलाने लगा और धीरे धीरे उसकी चुत पर भी उंगली फिराने लगा. वंदना बोली- मुझे नहीं चाहिए ऐसा मजा … बहुत दर्द हो रहा है, तुम इसे निकालो.

हिंदी बीएफ तेलुगू इससे ज्यादा और मैंने उस समय पर कुछ नहीं किया था। जैसा उस दिन घटित हुआ था, वैसा मैंने आपको बता दिया. उसकी चुचियां मेरे सीने में दब गईं और वो अपने चूतड़ हिला कर चूत में लंड का मज़ा ले रही थी.

मेरा लंड उसकी चूत में ऐसा महसूस कर रहा था, जैसे अन्दर किसी ने लंड की गर्दन दबोच ली हो और वो छूटने के लिए छटपटा रहा हो.

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मेरे ऊपर लेटकर धक्के लगाने से भाभी के होंठ, तो कभी गाल अब बार बार मेरे होंठों को छू रहे थे. उसने मेरे कोमल हाथों के अंदर अपने मूसल लंड को पकड़ाए रखा और मैं उसको आगे पीछे करती रही. और मैं उंगली जोर जोर से उसकी चूत में घुसाने लगा उसके कपड़ों के ऊपर से.

मैंने कहा- भाई तुझे जो भी करना हो … वो सब तुमको मेरे सामने ही करना होगा. जब मैं वापसी अपने घर पहुंचा तो मैंने घर से बाहर ही वियाग्रा की गोली कर अपने मुँह में रख ली और घर में घुसने के बाद पानी पीकर खा ली. मेरे लिए तो ये बेहद ही अनूठा और उत्तेजक सा दृश्य था, जिसे मैं टकटकी लगाये बस देखता रह गया था.

उसने मेरी तरफ देख के बोली- बाबूजी, जरा खिड़की बंद कर दो, जोर से हवा चल रही है, मेरे बच्चे को ठंड लग रही है.

कहानी के पिछले भागदेहाती मामा के साथ मेरे अरमान-1में आपने पढ़ा कि रवि मामा के लंड की तलब ने मुझे पागल सा कर दिया था और कई साल के इंतज़ार के बाद मैं उनसे अपने दिल की बात कह पाया था. मैंने सही मौका देखकर तुरंत उनको अपनी बांहों में लेकर खूब जोर से अपने से चिपका लिया, उनके बड़े बड़े मम्में मेरी छाती से टकरा रहे थे. फिर किसी तरह पापा का पूरा लण्ड मॉम की चूत में घुस गया और पापा मॉम की चूत में धक्के मारने लगे.

तभी पुनीत बोला- वन्द्या तू दुनिया की सबसे सेक्सी और सबसे बड़ी चुदक्कड़ लड़की है. मैंने अपना दायां पैर फर्श पर रखा था और बायां पैर घुटनों में मोड़कर बेड पर रख दिया था. पहले उसने मेरा लंड पकड़ने से मना कर दिया था और अब साली लंड हिलाने लगी थी.

‘तेरी चुचियां अच्छी हैं, थोड़ी छोटी हैं, पर चिंता न कर, रोज़ दबवाएगा मेरे से तो बड़ी हो जाएंगी. इस मस्तराम कहानी में अभी तक आपने पढ़ा:अब आगे:एक बात बताओ … क्या गांड मराने से भी लड़की झड़ जाती है?”इसका कोई निश्चित फार्मूला नहीं। जब जैसे औरत अपना चरम पा ले … बिना लंड के भी झड़ सकती है और लंड से चूत चुदा के भी हो सकता है कि न झड़े। खैर … अब सो जाओ, थकन काफी हो गयी है। कल बात करते हैं।”ओके!”फिर हम सो गये.

थोड़ी देर देर बाद हम दोनों फिर चार्ज हो गए और मैंने फिर से चुदाई शुरू कर दी. यह सुनकर अब गैब्रियल मेरी गांड में अपना लौड़ा बहुत कड़क करके और पूरी ताकत से अन्दर बाहर करने लगा और वो अपने मुँह से आवाज तेजी से निकालने लगा. मेरे पति ऑफिस के काम से दो दिन के लिए बाहर गए थे, इसलिए मुझे दो दिन अब अकेले ही रहना था.

मैंने पूछा- मैं जीजा जी के पास ही सो जाऊं?दीदी ने हां कह दी, तो मैं अपने जीजाजी के साथ जाकर सो गई.

मैं तो बहुत देर से ही गर्म था क्योंकि मैंने बहुत देर पहले ही वियाग्रा की गोली खा ली थी. मैंने सरोज चाची को अपने पीछे बिठाया और चाची ने मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे पकड़ लिया. मैं उस दुकानदार के पास गया और उससे पूछा कि कोई जुगाड़ हो सकता है क्या?वह बोला- साहब, अकेले सफर कर रहे है क्या?मैंने हां में जवाब दिया.

थोड़ीदेरपहलेजिसकश्मकशमेंसलोनी थी, अबवोउससेवोबाहरआचुकीथी और किसीनिर्णयपरपहुंचचुकीथी. तब मैंने मम्मी से कहा- जोधपुर क्यों जा रहे हो?तब मम्मी ने मुझसे कहा कि तुम्हारे पापा को अपने बिजनेस के सिलसिले में अचानक जोधपुर जाना पड़ रहा है.

उसके चूसने के अंदाज से साफ पता चल रहा था कि वो पहले भी इसका स्वाद ले चुकी है. मैंने देखा तो सुनीता आज पहले ही ऊपर थी और उसने अपने कमरे का दरवाजा खुला रखा था. मेरे एक बड़े भाई की शादी 5 साल पहले ही हो गयी थी और इस बार 2 लोगों की शादी एक साथ होनी थी.

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तुम चिल्लाने को हुईं तो मैंने मेरे होंठों से तुम्हारा मुँह बंद कर दिया.

मनीषा ने कपड़े पहनने शुरू कर दिए और मुझे भी मजबूरी में पहनने ही थे तो हम दोनों कपड़े पहनकर तैयार हो गए. मनीषा- कितने दिन की छुट्टियों पे हो?मैं- 15-20 दिनों की छुट्टियां हैं, फिर वही एयरफोर्स और हम!मनीषा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड है क्या?अचानक हुए इस सवाल से मैं हैरान हो गया और उसकी तरफ देखने लगा. फिर उसने मेरी नजर पकड़ी, तो खुद को बिना कपड़े की पाकर हड़बड़ा गयी और पीछे मुड़ गयी.

मुझे तो कोई जल्दी थी नहीं … मैं भी उसे इसी तरह प्यार से चोद रहा था. इसलिए मैंने अपने लंड और गुड़िया की बुर पर वैसलीन लगाकर एक और धक्का दिया, लंड का टोपा ही घुसा था और गुड़िया ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ चिल्लाने लगी. हिंदी सेक्स ओपन बीएफमेरे पति अपना आधा लंड ही मेरी गांड में अन्दर बाहर करके मेरी गांड चोदने लगे.

मैंने कहा- भाभी! आपकी कसम है, मैंने कुछ नहीं किया है।वह बोली- हेमा मुझसे ज्यादा सुन्दर है क्या?मैंने थोड़ा मक्खन लगाते हुए कहा- कहाँ हेमा और कहाँ आप, आप तो अप्सरा जैसी हैं।भाभी खुश हो गईं. उस रोज़ सोनू ने बहुत ही सेक्सी स्लीवलेस टॉप पहना था और नीचे एक मैचिंग टाइट, छोटी स्कर्ट पहन रखी थी.

उसके बाद तो मैं पागल सी होने लगी और अब मैं जान गई कि थोड़ा दर्द के बाद असीम मजा आता है. इस बमपिलाट झटके से मेरा पूरा का पूरा लंड उनकी चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया. रात में फिर से बात हुई और समय के बीतने के साथ साथ हम दोनों खुलने लगे.

फिर मैं चुपके से अपने बिस्तर से उतरा और छोटी चाची के कमरे में चला गया. दादाजी ने अपने अंगूठे और उंगली से सोनल की चूत की पंखुड़ियां खोलीं, तो सोनल की चूत का दाना उनके सामने आ गया. दादाजी अपना हाथ उसकी गर्दन के पीछे ले गए और सोनल के सिर को अपनी तरफ खींचा.

मैंने कहा- आप मजाक तो नहीं कर रही हो?तो बोली- व्हाट्सएप्प पर वीडियो कॉल करके देख लो.

मैं- एक बात बोलूँ, आपको गुस्सा तो नहीं आएगा ना?प्रमिला दीदी- हां रे बोल न?मैं- क्या हम दोनों आज मूवी देखने जा सकते हैं?प्रमिला दीदी- लेकिन आज …मैं- क्यों क्या हुआ?प्रमिला दीदी- सासू माँ को मालूम है आज मेरी छुट्टी है और … आज तो कामवाली भी नहीं है. इस वक्त मेरी इन कामुक आवाजों से मानो मैं मामा को चुदाई के लिए उकसा रहा था.

मैं वंदना को लेटा कर किस करने लगा और एक हाथ डालकर वंदना की सलवार का नाड़ा खोल दिया. फिर मैं ऊपर जा कर चाय और सिगरेट पीने लगा और सोच रहा था कि अगर ये ऊपर आ जाती है, तो इसकी चुत का मज़ा लूंगा और अगर नहीं आती है, तो फिर इसे भूल जाऊंगा. कुछ दिन और समय मिलता तो शायद रुबीना के रजामंद होते ही हम दोनों शादी भी कर लेते.

भाभी ने देखते ही मेरी अंडरवीयर उतार दी और मेरा लंड देख कर खुश हो गयी और चूमने लगी. उस रात की चुदाई के बारे में सोचकर ही मेरा लण्ड चूत के लिए त़ड़पने लगता है।अगर इस कहानी में मुझसे कोई गलती हो गई हो तो मुझे करना।कहानी पर अपनी राय ज़रूर दें. धीरे धीरे जेठजी नीचे की ओर बढ़े, मेरी नाभि पर किस करते हुए अपनी जीभ को नाभि पर गोल गोल घुमाने लगे.

हिंदी बीएफ तेलुगू मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ तो एक दिन मेरे बॉस ने कहा कि तुम्हें कल ही कोलकाता के लिए निकलना पड़ेगा. अब महसूस हो रहा था कि वह भी गर्म हो चुकी थी और टॉवल गिरने के बाद वो पूरी नंगी तो हो ही चुकी थी.

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तो मैंने बोला- नहीं अंकल तुम जल्दी-जल्दी कर लो … मुझसे रहा नहीं जा रहा है … मुझे शांत कर दो … अभी डालो. इस छोटी सी मुलाक़ात के बाद हम दोनों ने अपने मोबाइल नम्बर्स एक्सचेंज कर लिए थे. बारिश अभी भी हो रही थी, पर अब हम दोनों बारिश का पूरा मजा ले रहे थे.

नेहा- अरे बैठी क्या है … इधर आके लेट जा ना … तेरे साथ मुझे भी देखनी है. वक़्त पे प्लान बदल गया है और दोस्त के कज़िन की जगह मैं आ रहा हूँ, यह हमने किसी को नहीं बताया था. बीएफ भोजपुरी वीडियो सॉन्गहम दोनों का पानी बहने लगा था … मेरा लंड दो- तीन पिचकरी छोड़ कर शांत हो गया और हम दोनों हांफने लगे थे.

मैं कह सकता हूँ कि मेरा लंड किसी को भी संतुष्ट करने के लिए एकदम परफेक्ट है.

अब मैंने उसकी गांड में फिर उंगली डाली और उससे कहा कि मुझे तुम्हारी इस बड़ी गांड में भी लंड डालना है. रवि मेरी चूत में पूरी ताकत से लंड डाल के अन्दर बाहर रगड़ रगड़ कर चुदाई करने लगे.

वैसे मुझे लड़कियों से ज्यादा भाभी टाइप की औरतों को चोदने में ज्यादा मजा आता है. अब अनु भी गांड उछाल कर करण का साथ देने लगी ‘आऊ उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआह!पूरा कमरा इस चुदाई से गूंज उठा. मैंधीरे-धीरेउसकीकमरकोसहलानेलगा,सलोनीकेजिस्मकाकम्पनमुझेमहसूसहोरहाथाऔरहोभीक्यों न …पहलीबार वोकिसीलड़केकेसम्पर्क में आई थी.

पैन्टमें आगे की जगह फूली हुई थी, जिससे अंदाज हो रहा था कि वहां दमदार डंडा होगा.

उसने यही सवाल मुझसे पूछा तो मैंने भी उसे अपने ब्वॉयफ्रेंड से चुदने की बात बता दी. बारहवीं के पेपर भी दे दिए और पेपरों के बाद एक दिन मेरे और शुभम के रिश्ते का घर पर पता चल गया और मेरी खूब पिटाई हुई और मुझे घर पर बिठा दिया गया. उन्हें शायद मालूम नहीं था कि मैं ठीक उनकी गांड से लंड लगा कर खड़ा हूँ.

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सन्डे को हमारा चुदाई का प्लान तय हुआ और मैं गुड़िया को अपने घर ले आया. हम दोनों अभी तक अपने बाहर वाले कपड़ों में ही थे तो भाभी बोली- जो हुक्म जहांपनाह. बहुत मजा आया मॉम के साथ लेस्बियन सेक्स करने में।आपको मेरी कामवासना भारी स्टोरी कैसी लगी, जरूर बतायें। अब अगली स्टोरी में किसके साथ सेक्स किया वो सब लिखूँगी।धन्यवाद[emailprotected].

बिना कुछ सोचे समझे मैं तुरंत ही खड़ा हो गया और अपने दोनों पैर एक ही तरफ के पैरदान पर रखते हुए बाजू से अपनी मुंडी उनके हैंडल पकड़े हुए हाथ के ऊपर से होते हुए मोटे लंड के मशरूम से सुपारे को अपने मुँह में भर लिया. प्रेमरस और मेरे मुँह की लार से उसकी चुत के सारे बाल गीले होकर चुत से चिपक गए थे, इसलिए चुत की गुलाबी फांकें अब अलग ही नजर आ रही थीं. चूत चूसने के साथ ही वो मेरे मम्मों को अपने दोनों हाथों को ऊपर करके मसल रहा था.

फिर भी मैं बोली- अंकल कुछ होगा तो नहीं … मम्मी से बोलेंगे तो नहीं?जगत अंकल बोले- अरे पगली वह खुद तुझे चोदने वाले हैं. मैं जैसे ही थोड़ा हाथ ढीला करता, वो अपने हाथ से जोर से दबा देती और जैसे ही मैं थोड़ा धीरे से चूसता, वो मेरे बाल खींच कर चुची पर मेरा मुँह दबा देती, जैसे पूरी चुची को मेरे मुँह में ही डाल देगी. …तो वो बात बीच में काट के बोली- क्या रात को?इतना कह के वो मेरे पास आ गयी और उसने मुझे जोर से हग कर लिया.

तभी मुझे कुछ अजीब सा लगा, मैंने अपने हाथों को और अच्छी तरह से सहला कर देखा तो पाया कि प्रिया ने पेंटी भी नहीं पहनी हुई थी, इसका मतलब था कि वो पूरी तैयारी के साथ ही मेरे पास आई थी. मैं झट से अन्दर गया, मैंने चड्डी उतार के सिर्फ कैप्री पहन ली और उसका इंतजार करने लगा.

उसने फिर सवाल किया- देखनी है?मैंने हां में सिर हिलाया तो उसने अपनी साड़ी ऊपर की, पैंटी हटाई और मुझे अपनी चूत दिखा दी.

नेहा की जांघों के बीच बैठकर मैंने एक हाथ से अपने लंड को पकड़कर सीधा उसकी मुनिया की फांकों के बीच लगा दिया. जानवर वाला बीएफ फुल एचडीपर मैं कहां रुकने वाला था, मैंने उसे करीब 10 से 15 मिनट तक यूं ही बांहों में जकड़े रखा. हिंदी चुदाई बीएफ दिखाओपति के देहांत के बाद काफी रकम उसके नाम पर हो गई थी, राजौरी गार्डन इलाके में उसकी खुद की बिल्डिंग है और खुद भी वहीं रहती है. 10 मिनट के बाद मैं मामी के रूम में जाने लगी यह सोचकर कि उनको कुछ काम होगा.

वो अचानक मुझे रोककर और मुझे बेड पर धकेलकर खुद मेरे ऊपर आ गई और पूरी तेज़ी और जोश से धक्के मारने लगी.

तभी मैक ने पुनीत से अंग्रेजी में कहा कि सी इज वर्जिन बिकॉज शी फील सो मच टाइट. मैंने कहा- ठीक है, जैसा आप दोनों की मर्जी!उसके बाद नीरू और मेरी पत्नी ने पायल की टांगों को फैलाया और उसकी चूत की दरार को चौड़ा कर मेरा लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखवा दिया. ’ फिर मैंने कायदे से उसके दूध को बाहर से दबाया फिर अन्दर हाथ डाल कर दबाया और उसकी दूध की घुंडी को मसलता रहा.

मैं सोच रहा था कि मैं उसको फोन कर लेता हूँ लेकिन वो एक लड़की थी, मैंने सोचा कि कहीं उसको बुरा न लग जाए. मेरी यह बात सुनकर एक बार तो वह थोड़ी गुस्सा हो गई लेकिन फिर जल्दी ही मान भी गई. पर वो बेचारी खुद को सम्भाल के बोली- मेरे पति विदेश में नौकरी करते हैं … साल में एक दो बार ही आते हैं.

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रात को करीब कुछ देर बाद मुझे लगा कि किसी ने मेरा हाथ पकड़ा है और मुझे उठाना चाहता है. फट से उसकी पैंट को नीचे किया और देखा कि उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे. जेठ जी कह रहे थे- आज मैं तुम्हें जबरदस्त चोदूंगा और तुम्हें सब सहन करना पड़ेगा.

शायद थोड़ी देर पहले ही उसने मूता था, उसकी पेशाब की गंध अभी तक थी, लेकिन मैंने चाटकर उसकी चूत को गीला किया.

कुछ देर तो रुको, इतना तो मैं कभी पूरे सेक्स के बाद नहीं झड़ी, जितना तुमने बिना हाथ लगाये झाड़ दिया.

जैसा कि मैंने मेरी पिछली कहानीहुस्न की जलन बनी चूत की अगनमें लिखा था कि एक रोज मालती भाभी थोड़ी घबराई हुई मेरे पास आई और कहने लगी- राज, सामने वाले मकान में एक सोनू नाम की लड़की रहती है. तेरी पढ़ाई कैसी चल रही है?मेरी नज़रें अभी भी मेरी प्यारी चाची के कसे हुए चूचों पर थी और चाची भी समझ गई थी, पर कुछ बोली नहीं. बीएफ हिंदी में चूत की चुदाईमैंने रेखा की डिटेल जाननी चाही, तो उसने ये भी बताया कि फेसबुक भी चलाती है, क्योंकि घर में अकेले ही रहती है.

अब आगे:मैंने भी अब उसे ज्यादा नहीं तड़पाया और अपनी जीभ को नुकीला करके उसकी संकरी गुफा में पेवस्त कर दिया, मगर जैसे ही मैंने अपनी जीभ को उसकी चुत की गहराई में उतारा, मेरा मोटा सुपारा उसके मुँह में होने के बावजूद वो ‘उह … उउऊऊ … अह्हहहं …’ कहकर जोरों से सिसक उठी और अपनी चुत को मेरे मुँह पर जोर से दबा दिया ताकि मेरी जीभ अधिक से अधिक उसकी चुत की गहराई में उतर जाए. ”नेहा मेरी आंखों को अपने मस्ती भरी जवान बदन पर महसूस करते हुए अपने कपड़े बटोरने लगी. मैं भाभी जी से डरता हुआ बोला- भाभी जी आपसे एक बात पूछूँ?भाभी जी बोलीं- पूछो.

उसके बाद मैंने बाजू वाली की आँखों में देखा तो वाकई मैं बयान नहीं कर सकता कि वो कितनी सुंदर थी. वो कुछ ही देर बाद बुरी तरह गांड पीछे करके अनिल का लंड ले रही थी और मेरा भी लंड पूरी मस्ती से चूसने लगी थी.

मैं समझ गया था कि मुझे जो कुछ मिल रहा है वह औरतों की ईर्ष्या की वजह से मिल रहा है.

उसने दबा कर मेरे यौवन का रस चूसा औऱ पहली बार किसी लड़के का लंड देखा. मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध पीने लगा, मालिनी मेरे लौड़े से खेलने लगी. हुक के खुलते ही घाघरा उसके पैरों से होता हुआ नीचे फर्श पर गिर गया और कमरे में जैसे कि उजाला बढ़ सा गया.

सेक्सी वीडियो में हिंदी बीएफ उससे पूछा कि उसे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है?उसने बताया कि उसे अंग्रेजी में कुछ प्रॉब्लम आती है. मैंने हाथ बढ़ाकर दरवाजे की कुंडी लगाई और सोनू को अपनी बाहों में भरकर ऊपर उठा लिया.

जगत अंकल ने मेरी कमर को पकड़ कर थोड़ा सा मुझे आगे खिसकाया और बोले- अब धीरे धीरे बैठ वन्द्या. थोड़ी ही देर में उसके मुँह की गर्मी से मेरे लंड में जान आ गयी और वो 3 इंच से बढ़ कर 7 इंच का हो गया. फिर सोचा कि आज इसको पटा ही लूं …मैंने बोला- एक बात बोलूं?तो बोली- हां बोलो.

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इतना कहते हुए गौरव ने मेरी टांगें चौड़ी करके अपना मुँह मेरी चूत में रखकर जैसे ही चूत में जीभ को डाला, मैं उछल पड़ी. मैंने उन लोगों को ध्यान से देखा, वे सभी काफी हट्टे कट्टे और काले रंग के थे. मैं- शर्म नहीं आती है भतीजे से चुदवाने में?चाची- अगर शर्म करती तो ऐसी चुदाई कहाँ से करवा पाती.

एक बिजली का झटका सा महसूस हुआ और यूं लगा जैसे नाभि से रस की तेज फुहार छूट कर योनि से बाहर निकलने को है. धीरे धीरे भाभी की कमर की हरकत अब तेज‌ होने‌ लगी थी, इसलिए मैंने भी‌‌ अब उनकी चूचियों को जोरों से मसलना शुरू‌ कर‌ दिया.

जब मेरी नज़र भाभी की ब्रा पर पड़ी तो मेरे लंड ने भी अपना मुंह उठाना शुरू कर दिया.

हो सकता है कि मेरे आगे जीवन में अनु की रंगीन जवानी को लेकर मैं आगे एक और कहानी आप सभी के लिए ला सकूँ क्योंकि अनु अब लंडखोर हो गई है. मेरे होंठ उसकी ब्रा की हुक पे आ के रुके, मैंने फिर उसे सीधा किया और उसके होंठों को चूमने लगा. रात को खाना खाते वक्त भी भाभी मुझे कुछ ज्यादा ही प्यार परोस रही थीं.

पियू को अन्तर्वासना पर लिखी हुई मेरी कहानी पसंद आई; उसने मेरी अन्य कहानियाँ भी पढ़ी और मुझसे थोड़ी नाराज़ हो गयी, बोली- मुझे नहीं लगा था कि तुम इतने कमीने हो! तुमने कितनी औरतों से संबंध बनाए हुए हैं. मैं- कोई बात नहीं मेरी जान … मैं आज से हमेशा तुम्हारा ख्याल अपनी बीवी जैसे रखूँगा. मैंने देखा कि मॉम ने कट वाली नइटी पहनी हुई थी, जो घुटनों तक ही आती थी.

चाची ने फिर मुझसे मिन्नत की- रोहन बेटा, अब तो चोद दे मुझे … मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ।इतना तड़पाने के बाद मैंने चाची को अब और ज्यादा परेशान करना ठीक नहीं समझा.

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मुझे तो मालूम ही नहीं था कि लंड चूसना, चुत चाटना, या गांड मारना भी सेक्स होता है. मैंने भी मौका देख कर अपनी पैंट की चेन खोल दी और उसका हाथ पैंट में डाल दिया।वह अपने हाथ से मेरे लण्ड को मसलने लगी. मैं- गजब … क्या बात है और भैया कहां हैं?भाभी- वो आज घर पे नहीं हैं.

कुछ समय तक हमारी नॉर्मल बात होती रही फिर जब बस की लाइट बंद हो गई तो वो बोली- मुझे नींद आ रही है.

की आवाज़ पूरे फॉर्म हाउस में गूंज रही थी, जिसे सुनकर मामा ओर भी ज्यादा प्रेरित हो रहे थे और उनके मुँह से भी लगातार सिसकारियां निकल रही थीं. मैंने बताया था कि अंकल मेरे होते हुए ही घर पर आते हैं, तो शायद उनको मैं आते हुए दिख गया था. उसके अंडकोष किसी सांड की तरह लटक रहे थे और लिंग, कोई हलचल मचाने को फनफना रहा था.