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जानवर पिक्चर बीएफ: आदिवासी लोकल बीएफ, मन कर रहा था कि इसकी टीशर्ट को निकाल दूं लेकिन वहां पर आसपास में लोगों के देखने का डर था.

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वो मालिक आप जाने दो ना, बस वो मान गया ना … और क्या चाहिए! अब आपको बताऊंगा, तो आप नाराज होंगे और उससे व्व. सेक्xxxसीउसका बहुत नेताओं से कनेक्शन भी था, इसलिए पुलिस भी उसके खिलाफ कुछ नहीं करती थी.

इस तरह मैं अपने पति के साथ खुश रहने की खूब कोशिश करती, जो है जैसा है जितना है उसी में संतुष्ट रहने का प्रयास करती. భార్య భర్త సెక్స్दोस्तो, आज मैं आपको मेरी और मेरी प्यारी भाभी सुनयना (बदला हुआ नाम) के बीच हुई एक सच्ची घटना के बारे में बताना चाहता हूँ कि किस तरह मैंने अपनी भाभी को पटाया और उनकी चुदाई की.

मुझसे और नहीं सहा जा रहा था, तो मैंने उसकी कोमल टांगों को हाथों से फैला कर एक जुल्मी की तरह एक झटके में आधा लंड अन्दर डाल दिया.आदिवासी लोकल बीएफ: मेरे लंड का साइज़ काफी मस्त है, ये 7 इंच लम्बा और काफी मोटा है, जो किसी भी चुत में घुस कर तहलक़ा मचा सकता है.

वैसे कालू एक बात बताओ, तुम मुखिया जी के यहां कितने साल से काम करते हो?कालू- मैडम जी, मैं जब जवान हो रहा था, तो एक हादसे में मेरे माता पिता की मौत हो गई थी.तभी मैंने भी उसके होंठों को किस करते हुए उसकी गांड को अपने पानी से भर कर सींच दिया.

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शादी के दूसरे दिन मैं कॉलेज के कारण मुंबई आ गया और शादी के 3 महीने बाद काम के कारण भैया और भाभी पुणे शिफ्ट हो गए.लौड़े से दो-चार धक्के उनके मुँह में मारने के बाद लंड ने पिचकारी छोड़ दी.

धीरे धीरे करके मैं मस्तीखोर बन गया और स्कूल में मेरा नाम सभी के बीच शैतान बच्चा के रूप में फैलने लगा. आदिवासी लोकल बीएफ अब भाभी भी कहने लगीं- और कुछ न करो … नहीं तो किसी ने देख लिया, तो आफत हो जाएगी.

मैं और मेरे साथ एक लड़का, जो बुआ के परिवार का ही था … हम दोनों शादी के कार्ड देने निकले.

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तो उस दिन ठंड ज्यादा होने के कारण हमने जल्दी ही खाना खा लिया और मौसी ने मेरा बिस्तर अपने ही रूम में एक अलग चारपाई पर लगा दिया. मेरी ये पहली सेक्स स्टोरी है, अगर कोई गलती दिखे, तो प्लीज़ नजरअंदाज कर दीजिएगा. उसकी आह्ह … निकल गयी और मैंने एकदम से उसके लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगा.

मर गयी रे … आईई … उफ्फ … निकालो सर … आह्ह मर गयी।ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी गांड में लोहे की गर्म रॉड डाल दी हो. फिर मेरे पति उससे बोले- यार मेरे पास पैसे नहीं थे … और बाहर भी उधार हो चुका है, कैसे आता!धीरज बोला- अरे अजय क्या यार, हम तेरे दोस्त हैं. अभी भी मैं उसको चोदता रहता हूं और हमारा ये प्यार अब और ज्यादा गहरा होता जा रहा है.

हाथों में तेल लेकर मैंने धीरे-धीरे पीठ पर मालिश करते हुए उसके बूब्स को टच करना शुरू कर दिया था. भाभी ने कहा- लेकिन तू ये काम कैसे कर सकता है? मैं तेरी भाभी हूं।इस पर मैंने कहा- भाभी, तो क्या हुआ? मैं आपका देवर हूं और देवर भाभी की मदद तो कर ही सकता है। अब इसमें आपको शर्माने की जरूरत नहीं है।वो पहले थोड़ा हिचकिचाई फिर मान गयी. उसके कंधे पर प्यार से सहलाते हुए मैंने कहा- चिंता मत कर, सब कुछ ठीक हो जायेगा.

ये कहानी का पहला हिस्सा है, इसके बाद आपकी फरमाइश के बाद मैं इसका दूसरा भाग भी लिखूंगा. मुनिया- छी: छी: भाबी आप कैसी गंदी बातें करती हो, मैं भला क्यों लेने लगी उसको मुँह में … और ऐसी चीज को कौन लेता है अपने मुँह में … ये सही नहीं है.

फिर उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे लंड को अपनी चूत में डालने की कोशिश करने लगीं.

दीदी मेरी आंखों में झांकते हुए बोलीं- क्या हुआ?मैंने कहा- आज आपको साड़ी में पहली बार देख रहा हूं … आप अच्छी लग रही हो.

तभी मीनू ने शर्म को साइड में रख कर एक ऐसी बात बोल दी, जिससे सुरेश का लंड ज़ोर ज़ोर से फड़कने लगा. उन्होंने मेरा कुर्ता उतार दिया, अब मैं सिर्फ सलवार में उनके सामने खड़ी थी. मैंने सोचा कि कार्ड्स खेलने या बातें करने के बहाने से यहीं सोफे पर ही विराजमान हो जाता हूं.

सुबह मोनिषा को कॉलेज जाना था, तो मोनिषा छह बजे उठ गई और नहा कर कॉलेज चली गई. गीता- इसमें मेरी क्या गलती है काका, वॉल खुला ही नहीं … और अब दूसरा क्या काम है?मुखिया अपने लौड़े पर हाथ फेरता हुआ उसे देखने लगा. मैं- आह जान लो लंड अन्दर तक लो, मैं आपके मोटे मोटे चूचों को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा हूँ.

इनका दूध मैं आज निकाल ही दूंगा … आह्ह … इनको चूस चूस कर मोटी कर दूंगा … आह्ह … सेक्सी।फिर मैं नीचे की ओर चला.

जिस सेक्सी चाची की चुदाई का सपना मैं देख रहा था, आज वो पूरा हो गया था. वे अपना लंड बाहर तक निकालते और पूरे वेग से वापिस मेरी चूत में घुसेड़ दे रहे थे. अब सुमन भाभी वाले फ्लैट को मैंने किराए पर ले लिया था, जहां पर मैं कभी कभी आकांक्षा को ले आता हूं.

पहली बार मेरा लंड किसी चूत में गया था और सच कहूं दोस्तो तो कितनी भी मुट्ठ मार लो लेकिन चूत में जब लंड जाता है तो उस जैसा मजा और किसी चीज में नहीं है. रूचि- राहुल, अन्दर आने का इरादा है या नहीं, या उधर से ही मुझे देखते रहोगे?राहुल को एकदम से होश आया, वो रूचि के साथ अन्दर चला गया. मैं बाहर आया, तो नीलिमा ने मुझसे पूछा- क्या तुमने हमारी बातें सुनी हैं?मैंने कहा- नहीं.

फिर मैं उसे गोदी में उठाके बेड पर ले गया और उसके चुचो के साथ खेलने लगा.

अस्मा कासिब का लंड पकड़ कर बोली- भाई, मुझे भी आपकी और अब्बू दोनों की बीवी बनना है. मैं उन भाभी की फिगर का साइज ना बताते हुए ऐसे ही कह देता हूं कि साड़ी में वो एक कामवासना की देवी लगती थी.

आदिवासी लोकल बीएफ मैंने उसके मुंह को अपने लंड पर दबा दिया और मेरा वीर्य उसके मुंह में गिरने लगा. मैं उनकी चूत चाटते वक्त उनकी गांड में उंगली भी कर देता, जिससे वो एकदम कराह उठतीं.

आदिवासी लोकल बीएफ बस बाकी जिंदगी मुखिया जी की सेवा और चाँदनी का भविष्य बनाने में ही लगा दूंगा. जब बुआ बाहर आईं, तो मैंने देखा कि बुआ सिर्फ टॉवल बांधे हुए ही बाहर आई थीं.

अब जिसके घर में चोदने के लिए दो दो चूत हों तो उसको फिर राजा वाली फीलिंग भला क्यों न आए? जो महिला या पुरूष एक से अधिक के साथ संबंध बनाते होंगे उनको ये बात अच्छी तरह समझ आ रही होगी.

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ट्रेन सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने एक अनजान जवान भाभी को चलती रेलगाड़ी चोद दिया. फिर वो अलग होकर बोली- मेरी पैंटी के साथ क्या क्या करते थे तुम, अभी करके बताओ. तभी मैंने उनको टोका- मामी जी क्या हुआ?उनको कुछ जवाब नहीं सूझा और वो साबुन देकर वापस अपने कमरे में चली गईं।यह देख कर आज मैं बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि सीमा मामी मेरे लंड के दर्शन कर चुकी थी।अब अगले दिन फिर से मैं जानबूझकर नहाने का साबुन भूल गया। आज मैंने फिर से साबुन लाने के लिए उन्हीं को आवाज लगाई। आज फिर से मेरा लंड उनको सलामी देने लगा.

मुनिया- धत्त भाबी … आप भी ना!सन्नो- क्यों मैं झूठ बोल रही हूँ क्या? खा मेरी कसम कि हम दोनों की चुदाई देख कर तेरी चुत में जलन नहीं हुई!मुनिया का चेहरा शर्म से लाल हो गया था. मैंने कहा- सिमरन अब तुम मेरी मेहमान हो, तुम बैठो … मैं तुम्हारे लिए कुछ खाने को लाता हूँ. बायआपकी पिंकी सेन[emailprotected]कहानी का अगला भाग:गांव की चुत चुदाई की दुनिया- 8.

मैंने खुश होते हुए कहा- ठीक है!सोनू से बात होने के बाद मैंने सर का नम्बर मिलाया.

कुछ टाइम बाद मोनिषा पानी पीने के लिए उठी और सीधे पानी पीकर वापस आयी. फिर मैंने बहाना बनाते हुए कहा कि मेरे घर में दाल खत्म हो गयी है और मैं दाल लेने के लिए आया हूं. भाभी मेरे दोनों गोटों को एकदम प्यार से सहला रही थीं और मेरे सात इंच के लंड को पूरा निगल रही थींऐसी जगह पर मैं ऐसी ढीली पैंट शर्ट ही पहन कर जाता हूं, जिससे कपड़े खोलने में देर न लगे और कोई दिक्कत न हो.

इस झटके से आदिल चिल्लाया- बहन की लौड़ी, तेरी मां की चूत … मेरे लंड को तोड़ेगी क्या?मैं बोली- मां के लौड़े, तू मेरी गांड को फाड़ सकता है तो मैं तेरे लंड को भी तोड़ सकती हूं. उसकी मासूमियत मुझे भा गई, लेकिन क्या करूं … उसको मैं चोद नहीं सकता. यहां या ऊपर की ओर?गीता- डॉक्टर सब नीचे की तरफ दर्द है और पैर भी दुख रहे हैं.

तब विक्रम ने एक स्प्रे निकाला और मुझ पर बहुत सारा स्प्रे कर दिया। फिर हम घर की तरफ चल दिये।तब विक्रम बोला- अभी तो हम लड़के तुम लड़कियों का क्या हाल करेंगे घर पर, तू देखती जा।हम करीब शाम 6 बजे हम घर पहुंच गये।दोस्तो, कहानी बहुत लम्बी हो गयी है इसलिए यहीं विराम दे रही हूं. आपको बता दूं कि मैं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले का रहने वाला हूं.

सच बताऊं, तो मुझे उसके होंठों का स्पर्श महसूस करने से मजा आने लगा था. इतना बोलते ही उसने मेरे लंड को पकड़कर मुँह में ले लिया और चूसने लगी. फिर हम उस दिन सुबह को निकले और रोडवेज पकड़कर शाम को 5:00 बजे आगरा पहुंचे.

इसके साथ ही मैंने नीला को भी बता दिया था कि हमारे पास एक हफ्ता है … तुम रेडी रहना.

दोस्तो, मैं चाहती तो हूँ कि सेक्स कहानी को एक बार में ही पूरी परोस दूँ, मगर क्या करूं …आपको इस लंड चूसने की कहानी में आगे अभी बहुत मजा आएगा. थोड़ी देर तक मैंने भाभी की मखमली चूत को बुरी तरह से चाटा। चूत को चाटने के बाद अब मैंने उसकी फूली हुई चूत में उंगली डालनी शुरू कर दी। उंगली डालते ही भाभी एकदम से सिहर उठी और दूर हट गई।वो बोली- नहीं … अब बहुत देर हो गयी है. थोड़ी देर तक मैंने भाभी की मखमली चूत को बुरी तरह से चाटा। चूत को चाटने के बाद अब मैंने उसकी फूली हुई चूत में उंगली डालनी शुरू कर दी। उंगली डालते ही भाभी एकदम से सिहर उठी और दूर हट गई।वो बोली- नहीं … अब बहुत देर हो गयी है.

कुछ देर मैं नीचे लेट गया और उससे बोला- अच्छा अब तू मेरे लंड पर बैठ जा. मधु गर्म होने लगी और ‘अअअह … उईईई …’ करते हुए मादक सिसकारियां लेने लगी.

मैंने अपनी दोनों टांगें उसके सर से लपेट दीं और उसने अपनी जीभ मेरी चूत पर नीचे से ऊपर की तरफ चला दी. बिखरे हुए बाल थे और बिना ब्रा के उनके हिलते हुए मम्मे कहर ढा रहे थे. मैंने लंड को अपने हलक तक मुंह में भर लिया और उसकी खुशबू लेते हुए उसको मुंह में फील करने लगी.

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अब मेरे पूरे शरीर का दबाव भाभी की गांड पर पड़ रहा था। मेरा लन्ड भाभी की गांड में घुसने के लिए दबाव बना रहा था। भाभी का पूरा जिस्म तपने लगा था। मैं भाभी की गर्दन के पीछे किस करने लगा।फिर मैंने उसके बालों की चोटी को खोल दिया.

मैं कल तुझे अपने खेत दिखाने के बहाने ले चलूंगा, तेरी मौसी से भी मैं बोल दूंगा कि रूपांगी को हमारे खेत देखना है. भाई और भाभी के बीच दो-तीन महीने में एक बार ही सेक्स होता था और सेक्स के मामले में मेरे भाई का स्टेमिना कमजोर है. शुरूआत के 1-2 साल तो हम दोनों बस ओरल सेक्स करके ही संतुष्ट हो जाते थे क्योंकि मैं नई नई जवान हुई थी.

वे अपना लंड बाहर तक निकालते और पूरे वेग से वापिस मेरी चूत में घुसेड़ दे रहे थे. झड़ने के बाद लगभग पांच मिनट तक मैं उनके ऊपर ही लेटा रहा। फिर उठकर उनके बगल में ही लेट गया. इंडियन पोर्न वीडियोसपैंटी हटाते ही मेरे सामने रोशनी की नंगी चुत चुदने के लिए खुली पड़ी थी.

फिर सर के सामने ही मेरे पति मेरे ब्लॉउज़ के हुक खोलने लगे और अब मैं एक अजनबी मर्द के सामने सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में खड़ी थी. सांप को जब बाहर निकालोगे तभी तो वह अपना रास्ता खोजेगा?सिग्नल साफ था.

सुजाता की चूत ने कब मेरे पूरे लंड को एडजस्ट कर लिया उसे पता भी नहीं चला. मैं पैंट खोलते हुए उससे बोला- नीला रानी … आज हम दोनों ब्लू फ़िल्म से भी खतरनाक वाली चुदाई करने वाले हैं. उसकी चूत पर लंड को रगड़ने लगा तो वो तड़प उठी और अपनी गर्म, गीली चूत को नीचे से उठाकर मेरे लंड पर रगड़वाने लगी.

मैं उन्हीं के बोबों और चूतड़ों के बारे में सोचकर लंड को हिलाया करता था. मैं फैमिली सेक्स कहानी पढ़ता जरूर था लेकिन मेरे साथ कभी वास्तविकता में ऐसा कुछ घटित नहीं हुआ था. मैंने अचानक से अपनी पट्टी खोल दी और देख कर हैरानी जताने लगा, जैसे मुझे कुछ पता ही न हो.

बुआ भी जोर जोर से सिसकारियां लेते हुए कह रही थीं- अअअ … आहह समीर बस करो.

यह सेक्स कहानी हमारे बीच पिछले तीन महीनों से फोन पर चल रही थी और आज चार महीने के बाद जब मैं घर आया, तो मुझसे रहा नहीं गया. कासिब ने मेरे दोनों चूचे अपने हाथ में ले लिए और जोरों से मसलने लगा.

उसकी चीख से पूरा कमरा गूँज गया।अब मैंने उसकी चूत की तरफ देखा तो मेरा लंड और चादर दोनों ही खून से सन गये थे. प्रियंका के मुंह से एकदम से निकला- आआआ ह्हह।तभी मैंने एकदम से उसके मुंह पर हाथ रखा और उसकी पैंटी को मुंह में भरकर उसकी चूत को खाने लगा. अब आगे की न्यू चूत की सेक्स कहानी:सुरेश- अरे नहीं नहीं … वो हक़ सिर्फ़ तुम्हारा है.

जी कर रहा था कि सिसकार भरे इस चुदाई के खेल का ये कारवां ऐसे ही चलता रहे. मैंने उसको अपनी बांहों में कस लिया और जोर से उसके होंठों को चूसने लगा. उस स्थिति में राहुल को रूचि के आधे से ज्यादा मम्मों के दर्शन हो जाते.

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मैं- हां, ठीक है पापा … मैं उन सबके घर इनविटेशन कार्ड पहुंचा दूंगा. इस तरह मैं अपने पति के साथ खुश रहने की खूब कोशिश करती, जो है जैसा है जितना है उसी में संतुष्ट रहने का प्रयास करती. मेरे लंड का साइज़ काफी मस्त है, ये 7 इंच लम्बा और काफी मोटा है, जो किसी भी चुत में घुस कर तहलक़ा मचा सकता है.

अब मेरा हाथ एक हाथ मौसी की चूत को सहला रहा था और दूसरे हाथ से मैं एक एक करके उनके बोबों को दबा रहा था. उस रविवार को शाम से ही मुझे अजीब सी मस्ती सूझ रही थी, न जाने क्यों मेरी योनि बार बार गीली हो रही थी और मेरे स्तनों में एक अजीब सी मस्ती भरी बेचैनी सी थी. हिंदी में चुदाई वालाजैसे कि मेरा लंड चूस कर मुझे नींद से जगाना, जब नहाते वक़्त मुझे सुसु लगती थी, वो मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ कर सुसु करवाती थीं.

ओह … बहुत सताया है इसने मुझे … आज इसकी सारी गर्मी निकाल दो कुणाल … आह चोदो … और जोर से आह्ह … आहह.

सुरेश- ओह अच्छा … अब क्या इरादा है मेरी जान, सोना नहीं है क्या … या दोबारा चुदने का विचार है. उसने मेरी कमर के नीचे एक तकिया रखा जिससे मेरी गांड उसके लन्ड की पोजीशन पर आ गयी.

वो आने वाले थे, लेकिन सब बन्द होने की वजह से अपने घर पर ही रह गए थे. अगर आपको इस एडल्ट सेक्सी चैट में मज़ा आए, तो फिर हम लोग आगे की सोचेंगे कि क्या करना है. इधर की रसीली सेक्स कहानी पढ़ने के बाद मेरा भी मन हुआ कि मैं अपनी रंडी की चुदाई की कहानी आपके सामने पेश करूं.

मैंने धक्कों की रफ्तार पूरी तेज कर दी और उसकी चूत में पानी छोड़ दिया.

आपा की चूत भी चोदने में मज़ा आया लेकिन भांजी की चुदाई में जो मज़ा आया वो तो मैं आपको कैसे बताऊं! मैंने बहुत मज़ा लेकर उसकी चूत मारी और मुझे जैसे स्वर्ग सा मिल गया था. सुरेश आगे बोलता, तभी मीनू बोल पड़ी- नहीं बाबूजी, मुझे कुछ बुरा नहीं लगेगा. बीस मिनट तक रणजीत ज़बरदस्त चुदाई करता रहा, उसके बाद दोनों एक साथ झड़ गए.

इंडियन सेक्सी चूत चुदाईमामी के मुंह से जोर की सिसकारी निकली और उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रख लिये. कई बार मन में ख्याल आते हैं कि कहीं बाहर ही मुंह मारकर अपने जिस्म की प्यास को शांत कर लूं लेकिन इज्जत जाने का भी उतना ही डर रहता है.

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आज अपनी सेक्सी भाभी की चूत का मजा मैं लेकर ही रहूंगा, बाद में चाहे कुछ भी हो जाये. चलो, फिर मैं खाना बनाकर लाता हूँ, फिर मैं तुमसे अपने बारे में बात करूंगा. मेरा दिल कर रहा है कि मैं सिमरन से शादी कर लूं … मगर आगे देखिए क्या होता है.

सुरेश- क्या बात कर रही हो! मज़ा ले लिया, वो कैसे … ज़रा ठीक से बताओ!मीता ने सारी बात सुरेश को बताई, जिसे सुनकर वो हैरान रह गया. फिर उन्होंने मुझे अपने से चिपटा लिया और झड़ने लगे साथ ही मेरी चूत ने भी रस की नदिया सी बहा दी. बूब्स की गोलाई को देखकर तो अच्छे अच्छे लौड़े पानी छोड़ने की कगार पर पहुंच जाया करते थे.

फिर कुछ देर बाद बुआ ने मुझसे कहा- तुम टीवी देखो, मैं नहा कर आती हूँ. जैसे ही मूवी चालू हुयी तो ‘आह उह्ह्ह …’ की जोर से आवाज चालू हो गयी. सरजू- ओये होये मेरी छुटकी, तू इतनी बड़ी हो गई क्या … जो बड़ी बड़ी बातें कर रही है.

मेरी गर्लफ्रेंड की बुआ की लड़की है संजना! एक बार वो भोपाल आई हुई थी. अब मुझे सिर्फ मौका देख कर सबकी नज़रें बचा कर चुपचाप ऊपर कमरे में जाना था ताकि मुझे कोई टोके न!और फिर अपने पूरे कपड़े उतार के निर्वस्त्र होकर अपनी मनमानी करना था.

वो ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर पाई और बोली- हर्ष … आह्ह … प्लीज कुछ करो … मुझे कुछ हो रहा है।मैं समझ गया कि अब इसे हर हाल में लंड चाहिए.

मैं अपने कंधे से रवि का हाथ हटाकर उसको बेड पर सुलाने की कोशिश करने लगा. ভিডিও এইচডি বিএফअब तो तुमने सब कर ही लिया है और रुक्मणी को अब कुछ भी मत बताना, जैसा चल रहा है, उसे चलने दो. इंग्लिश xxxमैं भी उसकी चूत मारने के लिए तड़प रहा था लेकिन उसको तड़पती देखकर मुझे ज्यादा मजा आ रहा था. मैंने बीच में कहा- तुम कुछ लोगी?सिमरन ने कहा- क्या मतलब?मैंने कहा- मैं जब मूवी देखता हूं, तो मुझे कुछ पीने का लेता हूँ.

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मजा आया दोस्तो, अब ये साया कौन था … इसकी जानकारी आपको इस वासना की कहानी में आगे मिलेगी.

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उस दिन जब भाई-भाभी घर पर नहीं थे, तब करण रिया को मेरे घर पर ले आया था और करण ने रात को मेरे फ्लैट के गेस्टरूम में मेरी मौजूदगी में रिया की चुदाई की थी. अब दुनिया के नियम इंसानों के लिए बने हैं, लंड और चुत इन नियमों को नहीं मानते. वो कहां है … मैंने तो नहीं देखा उसको!कालू- वो भी मुझे छोड़कर भगवान के पास चली गई.

उसने कहा- अब डाल भी दो न … क्यों तड़पा रहे हो?मगर मैं भाबी को तरसाता रहा और उसकी चूत पर लंड को रगड़ता रहा. एक रूम में भैया भाभी रहते हैं, दूसरे रूम में मैं और एक रूम में अम्मी रहती हैं.

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मैंने उनके दूध जैसे गोरे चूचों को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगा. फिर सिमरन ने अपने पापा को बताया कि फैमिली बहुत अच्छी है, आप मेरी चिंता न करें … और हां पापा आप लोग संभल कर जाईएगा क्योंकि आज कर्फ्यू है और यही सब न्यूज़ में दिखा रहे हैं कि कोरोना बीमारी की वजह से 3 दिन तक सब बन्द है. [emailprotected]नंगी भाभी सेक्स कहानी का अगला भाग:दोस्त की पड़ोसन भाभी की वासना- 3.

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तब उन्होंने मुझे अपने ऊपर से हटा लिया और किसी रांड की तरह टांगें चौड़ी करते हुए बोलीं- कुणाल अब मत सताओ, आ जाओ. मैंने भी फटाक से जवाब दिया- मशीन तेरे पास है तो सर्विसिंग भी तू ही करेगा न!फिर दोनों हँसने लगे. फिर मैंने अपने एक दोस्त को बोला, तो उसने मेहनत से लगकर अपने किसी दोस्त का रूम ढूंढ दिया.

उन्हें देख कर मेरा मन करता था कि अभी लौड़ा निकाल कर उन्हें साइड में ले जाकर ठोक दूं. इसके बाद राहुल ने कहा- जान, कैसा लगा सरप्राइज … काट दूँ केक!मैंने कहा- राहुल जो भी करना है, जल्दी से करो … मुझे तड़पाओ मत प्लीज.

मैं झड़ने जैसा तो पहले ही फील कर रही थी सो उनके आठ दस धक्कों में ही मैं निपट गयी और उनसे जोंक की तरह लिपट गयी; मेरी चूत से रह रह कर रस की फुहारें छूट रहीं थीं.

मैंने काफी सालों तक अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ने के बाद सोचा कि क्यों न मैं भी अपना अनुभव आपको लिख कर सुनाऊं. जानू आपने तो मेरी चूत का बैंड ही बजा दिया है आह जानू मेरा पानी निकल गया आंह मैं झड़ गई. फिर तो तेरे भाई का लंड, तेरी चूत में खुद ही अपना रास्ता बना लेगा और तुझे बहुत मस्त मजा आएगा.

जब मुझे लगा कि वो सो गयी है तो मैंने धीरे से करवट ली और उसकी छाती पर हाथ रख दिया. वो भी यहां से 300 किमी पहले, लेकिन जिस स्टेशन से ट्रेन थी, वो गलती से उससे छूट गई. मैंने अपने आपको छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मज़बूत बांहों से खुद को छुड़ा ही ना सका.

उससे जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो वो रूम में घुस गया और बोला- दारू साथ में पी और गंडमस्ती अकेले अकेले?हम आवाज सुनकर चौंक गये और उठ खड़े हुए.

आदिवासी लोकल बीएफ: अब हमारी बातें शुरू हो गईं और अब तो कुछ हॉट और सेक्सी बातें भी होने लगी थीं. जब पहली बार कोई लड़की आपका लंड मुँह में लेती है, तब समझो जन्नत का सुख मिलने लगता है.

उन्होंने भी मेरी पीठ से हाथ फेरते हुए मेरा निक्कर नीचे सरका दिया और अपनी टांगें को और चौड़ा लिया. मैंने भी अपने फ़ोन को चालू किया और इयरफोन लगाकर चुदाई का कार्यक्रम देखना चालू कर दिया. उसके कहने पर मैंने बैग से क्रीम निकाल ली और उसके पास बेड पर वापस आया.

उसके बाद करीब 11 बजे दिन के वो मेरे पास आई और बोली- 3 दिन की मेहमानी हो गयी.

मैं रात में मीनाक्षी से भले बात करता हूं, पर दिल दिमाग पर आप ही छाई रहती हैं. हम दोनों एक दूसरे से पहले से ही लम्बे समय से परिचित थे, साथ ही कई दिनों से लगातार फोन से बातें कर रहे थे, तो हमें कुछ अलग सा या संकोच सा महसूस भी नहीं हुआ. आज तेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही दम लूंगा मैं!इतने में ही मेरे पति बोले- आज ये मेरी बीवी नहीं, हम दोनों की रंडी है।अब मैं कुछ बोल पाती उससे पहले ही उन्होंने मेरे मुंह में अपना लंड पेल दिया जो मेरे हलक में फंस गया.