हिंदी बीएफ बुर की चुदाई

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चुदाई की बीएफ एचडी: हिंदी बीएफ बुर की चुदाई, दूसरे दिन शाम को मैं अपने घर आने को निकला, तो उसने मुझे 3000 रूपये दिये.

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अब जीभ को भी चूत का स्वाद लग गया था, वह धारा प्रवाह ऊपर नीचे, कभी भीतर, कभी बाहर चलने लगी. देसी गर्ल इमेजस्मिता- सही में तेरी माँ चुदक्कड़ लगती है, ये बता कि अगर तेरी माँ सच में मिल जाये तो उसको चोदेगा? फट तो नहीं जायेगी तेरी?वरुण- अगर मौका मिला तो ऐसी चूत चुदाई करुगा माँ फैन हो जायेगी मेरी, खुश कर दूँगा उसको!स्मिता- अगर एक लाइन अपनी माँ के लिए बोलगे तो क्या बोलोगे?वरुण- शी इस अ हॉट फकिंग बिच! ( वो एक गर्म चोदने लायक कुतिया है.

यूं ही बातचीत करते रहने से पता भी नहीं चला कि हम कब उत्तरप्रदेश के नगर खतौली पहुंच गए. ओपन नंगा शॉटमैंने उनकी चूत की तरफ नजर मारी तो शायद आंटी को अहसास हो गया था कि मैं उन्हें ही देख रहा हूँ.

उसका बिस्तर नीचे ही था क्योंकि वो एक सस्ते से किराये के कमरे में पर रहता था, जिस वजह से उसको पलंग वगैरह नहीं मिला था.हिंदी बीएफ बुर की चुदाई: पद्मिनी ने बापू के लंड अपने हाथों पर महसूस करते हुए अपने जिस्म में एक कंपकंपी सी महसूस की और उसकी रूह भी काँप उठी.

मैं फ्री था इसलिये मुझे भेजा जा रहा था।मैं खुशी से पागल हो गया, मैंने फोन करके मौसी को बताया कि मैं कल आ रहा हूँ, तैयार हो जाओ.उसे देखते ही बस मन किया कि अभी इसको गोद में उठा कर इसकी चुदाई कर दूँ, पर जैसे तैसे अपने ऊपर कंट्रोल किया.

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मैं तो वैसे ही बाहर आ गया तो देखा कि सुरेश जी ऑफिस के लिए तैयार हो रहे थे.मैंने मौका देख कर जब उनकी चुची को छुआ तो वो एकदम से मुझे देखने लगीं.

मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मेरी योनि की मांसपेशियों ने उसे जकड़ लिया हो।जबकि अहाना ने उसे फंसा छोड़ मेरी योनि के ऊपरी सिरे पर मौजूद मांस के उभार को ढेर सी लार से गीला करके रगड़ना शुरु कर दिया था।मजा दर्द पर हावी होने लगा।मैं जो गर्दन उठा कर उसे देखने लगी थी फिर गर्दन डाल कर पड़ गयी और वह एक हाथ ऊपर ला कर मेरे एक दूध को दबाने लगी. हिंदी बीएफ बुर की चुदाई अन्दर, और अन्दर वो चलता गया, नूरी खाला दर्द के मारे चिललाने लगी- आहह आमिर उउइइ ओह्ह्ह्हह बहुत दर्द हो रहा है! प्लीज इसे बाहर निकाल लो, मुझे नहीं चुदना तुमसे! तुम बहुत जालिम हो! यह क्या लोहे की गर्म रॉड घुसा डाली है तुमने मुझमें! निकालो इसे! बहुत दर्द हो रहा है, मैं दर्द से मर जाऊँगी.

तो उन्होंने मुझे खटिया पे लिटाया और बन्दर सी फुर्ती दिखाते हुए वो मेरे ऊपर चढ़ गए.

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भाभी की चूत बहुत प्यारी थी और उसकी खुशबू मेरे अन्दर की कामुकता को और बढ़ाने लगी. मैं जब मोबाइल में यह सब देखता हूं, तो मुझे बहुत मजा आता है और मेरा लंड खड़ा हो जाता है. उसने भी मेरे निप्पलों को मसल मसल कर एकदम पत्थर जैसे सख्त कर दिए थे.

सुजाता की चीख से उन दोनों की कामक्रीड़ा में व्यवधान आया और वो दोनों हमारी ओर गौर और आश्चर्य से देखने लगे. और उसका होने वाला हज़्बेंड भी थोड़ा सा पुराने ख़यालात का था, जिसका यह मानना था कि सेक्स तो शादी के बाद ही होना चाहिए. मैंने पेंट की चैन नीचे करते हुए लंड को खुली हवा की खुश्बू दिलाई और कहा- चाची, मैं कुछ मदद करूँ?चाची मेरे लंड की पहाड़ी पर आँख जमा कर बोलीं- तुम क्या करोगे.

टेबल लैंप की रोशनीवासना को बहुत तीव्र करने वाली होती है इसलिए होटलों में बेड की दोनों तरफ टेबल लैंप रखे जाते हैं. मेरे धक्कों से और उनकी गांड उछलने से हमारे बदन की घर्षण से ठप ठप की आवाज़ और हमारी सीत्कारों की आवाज गूंज रही थी ‘आहह आहह श इस्स यस्स. मैं घर पर अकेला था और जूही को चोदने का इससे अच्छा मौका मिल भी नहीं सकता था.

मैंने भी देर न करते हुए स्वाति को लेटा दिया और अपना लंड उसकी चुत पर रगड़ कर डालने लगा. जूतियों की गिरफ्त से आज़ाद होते ही उसके खूबसूरत पैरों ने मेरा मन मोह लिया.

अपनी माशूका का नंगा बदन देख कर मेरे मुँह में पानी आ गया और मैं फिर से उसके स्तन चूसने लग गया.

फिर मैं उसका सर पकड़ कर अपना लंड उसके मुँह में अन्दर बाहर करने लगा और कुछ ही देर में मैं झड़ गया.

बताओ तो सही?”मेरे किसी सवाल का जवाब न देते हुए उसने उसका काम पूरा किया और बोली- अब सिर्फ मजे लो. अरे कुछ नहीं आज थोड़ी ज्यादा ही ठंड है ना?”ऐसा कहकर मैंने उसका हाथ मेरे सीने पर रख दिया. अब यह मेरा रियल लाइफ सेक्स एक्स्पेरियंस है जो आप के साथ शेयर कर रहा हूं, प्लीज आप फिर बता जरूर देना कि कैसा लगा.

फिर मैंने अपने कजन से उनके बारे में पूछा तो वो बोला- तू क्यों पूछ रहा है?मैं बोला- बस ऐसे ही. मैंने कहा- बुआ जी आपने बुलाया?बुआ- सतीश, मैं तुमसे ज़्यादा बड़ी नहीं हूँ, मेरा नाम लिया करो या फिर बड़ी दीदी बोला करो. मैं- बात ही कुछ ऐसी है, मामी जी की तबियत खराब है और डॉक्टर ने उन्हें खुली हवा में रहने के लिए कहा है, तो हम दो दिनों के लिए यहां रहने आए हैं.

हेलो दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का कई सालों से पाठक रहा हूँ मैंने इस सेक्स कहानी साइट की लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी हैं तो मैंने भी सभी की तरह सोचा कि मैं भी अपनी चुदाई की कहानी भेजूँ!मेरा नाम सरताज है, कानपुर में रहता हूँ। मैं 19 साल का लंबा गोरा और खूबसूरत लड़का हूँ, मैं दिखने काफी खूबसूरत भी हूँ क्योंकि मेरे चेहरा बिल्कुल साफ है, मेरी लंबाई 5 फुट 9 इंच है जिससे आप मेरे लंड का साइज़ समझ सकते हैं.

इस कहानी के लिए आप लोगों के बहुत सारे मेल भी मिले, उसके लिए सभी चूत और लंड वालों का धन्यवाद. पद्मिनी ने ‘आह इस्स्स्स… उह्ह्सस…’ की धीमी सी आवाज़ दी, जब उसने अपने बापू की जीभ को अपनी पेंटी पर महसूस किया. धीरे से मैंने उसकी गोरी पेशानी चूम ली और धीरे से उनकी चुनरी हटाने लगा.

मैं पूरा मुँह घुसा कर चूत चूस रहा था और वो मेरा सिर पकड़ कर मुझे अपनी चुत पे दबा रही थी. मैं भी ये ठीक समझी क्योंकि बुआ और मम्मी तो शाम को आने वाली थीं, तो मैं भी अपने घर में अकेले अकेले बोर हो जाती. कुछ देर बाद मैं उनकी चुत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा तो वो चिहुँक उठीं.

अब फिर से उन्होंने अपने हाथ धीरे धीरे मेरे सीने पे चलाना शुरू किए और कुछ ही पल बाद वो उठ कर मेरे सीने पे बैठ गईं और मेरे निप्पल को किस करने लगीं.

मैं भाभी को चोदता जा रहा था और वो मज़े ले लेकर गांड उठा उठा कर चुद रही थीं. मैंने एक गीले कपड़े से पूरी चूत को साफ किया और पीछे गांड को भी अच्छे से साफ कर लिया.

हिंदी बीएफ बुर की चुदाई मैंने इतना कस के भींचा था और इतने ज़ोर से होंठ से होंठ चिपकाए थेकि रेखा को शायद साँस घुटती महसूस हुई क्यूंकि थोड़ी देर मचलने के बाद उसको खांसी आ गयी. मेरा रंग फेयर है, अच्छी हाइट है और लंड का साइज़ भी 6 इंच से ज्यादा है, जो किसी भी चूत को पागल बना दे.

हिंदी बीएफ बुर की चुदाई मयूरी- या फिर बात तो यह भी हो सकती है कि तुमने उसका काम ख़राब कर दिया?विक्रम- तुम उसका साइड लेना बंद करोगी?मयूरी- अच्छा सॉरी…विक्रम- कोई बात नहीं… अब अगर तुम्हारे जाले साफ हो गए हों तो पंखा चला दोगी? गर्मी में हालत ख़राब हो रही है. सर एकदम से मुँह में अपने लंड को अन्दर बाहर करते रहे और करीब 5 मिनट के अन्दर वह मुझे बहुत गंदा बोलने लगे.

धीरे-धीरे बाबा अपने होंठों को वल्लिका की चूत के पास ले गया और उस चूत को, जिसे वल्लिका ने बाबा के ही आदेश से चिकना किया हुआ था, चूसने लगा.

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मैं भी कसमसा रही थी कि ये जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दे और मुझे चोद दे. मैंने कहा- मैं अब तुम्हारा कहना मानती रहूंगी मगर तुम भी मुझे मजबूर ना किया करो. वरुण की सिसकारियां चालू हो चुकी थी- आआआआ… मज़ा आ रहा है।मैंने बेटे का लंड अपने मुंह में लिया, मानो वरुण तो पागल ही हो गया हो, मेरी जीभ के गर्म स्पर्श से उसका लंड और टाइट हो रहा था मानो फट ही जायेगा.

फिर मैंने शॉप का गेट अन्दर से बंद किया और क्लोज का साइन बोर्ड लटका दिया. अब बारी थी मेरी उनकी चुदाई करने की, मैं भाभी के ऊपर आया और उनकी चुदाई में लग गया. कभी कभी लंड खोल कर किताब से ढक कर बैठ जाते थे और मौका देख कर मेरे मुँह को अपने लंड के ऊपर कर लेते थे, जिससे मैं उनके लंड को चूस लेती थी.

मैंने अपने पति के अलावा किसी को नहीं चाहा और ना ही सोचा कि किसी और को चाहूँगी.

सलहज की पहली घमासान चुदाई के बाद मेरा लिंग आराम कर रहा था तो ध्यान रीना और श्लोक के कमरे की तरफ चला गया, मैं सोचने लगा कि दोनों भी बहन रीना और श्लोक किस तरह की चुदाई कर रहे होंगे? आज श्लोक रीना की चूत का चित्तौड़गढ़ बना ही देगा। आज वह असली बहनचोद बन ही जाएगा. फिर मैंने केक लेकर उसके चेहरे पर लगाया और उसे फिर से खिलाया, फिर वो चेहरा धोने जाने लगी तो मैंने उसे दीवार से चिपका कर उसके चेहरे अपने होंठों से जीभ से उसका चेहरा साफ किया. वैसे मुझे उससे चुदवाने में बहुत मजा आ रहा था और हम दोनों लोग की चुदाई धीरे धीरे तेज होने लगी और मेरी सिस्कारियां भी तेज हो गईं.

इतना ज्यादा थक जाने के बावजूद भी शायद वो इस वक्त आराम करने के मूड में नहीं थी. मैंने चुनरी के एक पल्लू को लहंगे और एक कंधे से हटाया और वो एक तरफ गिर गया, अब चुनरी एक कंधे पर थी साथ ही चुनरी का दूसरा हिस्सा जो लहंगे में घुसा हुआ था होता है, वे मेरे सामने लहंगे और चोली में थी और चुनरी आधे बदन पर थी क्या क़यामत का नज़ारा था. उन्हें इस समय कुछ भी याद नहीं था कि वे घर में हैं, वे सगे भाई-बहिन हैं, उनके बीच खून का रिश्ता है.

लेकिन जैसे जैसे समय बीता तो मुझे लगा कि वह एक अच्छा लड़का है और काफी मदद भी करता है. कुछ देर लंड चूसने के बाद मुझे ऊपर आने को कहा, मैंने उसे नीचे लिटाया और उसकी टाँगें फैला दीं, वो भी मेरे लंड का इंतजार करने लगी.

खैर मैं उसे लेकर पास के कमरे में गया तो वो उसके मम्मी पापा का बैडरूम था. ये कहने के साथ ही मैंने ये समझ लिया कि मेरी बात दीपक को दिल पर लग गई है. आज मनोरमा का दिल पूरा बेईमान हो चुका था, कल तो वो ऑफिस में थी मगर आज उसे कोई रोकने वाला नहीं था.

हमारा कार्य अन्तर्वासना पर अपनी कहानी भेज कर आप पाठकों की सेवा करना है.

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी के पाठको, मेरी तरफ से आप सबकी कुँवारी चुतों को नमस्कार, मेरा नाम अजय गुप्ता है. पर जब मेरा सामना कंपनी के मैनेजिंग डाइरेक्टर से हुआ, तो सब सपनों पे मिट्टी फिर गई. शाम को अरुण ने घर फ़ोन करके कह दिया कि आज कुछ काम की वजह दूसरे सिटी में जा रहा है.

फिर उन्होंने मुझसे कहा- तुमको मेरे बूब्स पसंद हैं ना?मैंने प्यार से उनके मम्मों को दबाते हुए कहा- हां!वो गर्म होने लगीं. मैंने अनीता दीदी को जल्दी से कपड़े पहनने को बोल दिया दीदी फटाफट कपड़े पहनने लगीं.

काफी सारी कहानियां पढ़ने के बाद मैं अपनी जिंदगी में घटी घटना लिख रहा हूँ. मेरी सहेलियां भी जॉब पर गई थीं, तो मेरी कोई सहेली भी उस वक्त अपने घर पर नहीं थी. मैंने उसको पकड़ कर अपने बाजू में बिठा लिया और उसकी चुचियां दबाने लगा.

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अब तो मेरा भी लंड खड़ा हो गया था, जो मेरी निक्कर में से साफ दिख रहा था.

फिर मैंने थोड़ी देर और रुक के एक और झटका दिया तो इस बार मेरा 7 इंच लंबा लंड उसकी बुर में पूरा पूरा समा गया. जब वह खड़ा होकर अंडरवियर पहनने लगा तो उसका लम्बा मोटा लटकता लंड देख कर मेरा गांडू मन लालच से भर उठा, लगा अभी वह इस मस्त लंड को मेरी गांड में डाल दे तो मजा आ जाए!पर मैं कह नहीं पाया।एक दिन मैं अस्पताल में देर तक रुका शाम साढ़े सात आठ बज गए. वो बिल्कुल बुड्ढे थे, मैं छोटी सी लड़की थी, वो मुझसे उम्र में लगभग चालीस वर्ष के बड़े थे.

फिर मेरे मोबाइल में मुझे ‘प्राइवेसी एप’ दिखाते हुए बोलीं- इसमें क्या है रोहण?मैंने कहा- कुछ नहीं है भाभी. फिर मैंने पूछा- कि तुम्हारे दिल में मेरे लिए क्या फीलिंग्स हैं?उसने कुछ सोचा फिर बताना शुरु किया- जब मैं आपसे बात करती हूं तो मैं सब कुछ भूल जाती हूं, ऐसा लगता है कि मुझे सब कुछ मिल गया, ज़िन्दगी में बस तुम पास हो तो मुझे ज़िन्दगी से कुछ नहीं चाहिए. अबे चुटियारात को मैंने उससे पूछा कि तुम लोग जब चुदाई करते हो तो कोई सावधानी बरतते हो?उसने कहा- दीदी कई बार नहीं बरती थी.

मैंने स्कार्फ निकाल दिया और देखा कि मधु ने प्लाजो भी निकाल दिया था और वो सिर्फ ब्लैक कलर की पेंटी में थी. ”मुझ से मत छुपाया करो… सब पता है मुझे कि कैसे तुम अपनी खूबसूरत माँ के दीवाने हो… और मुझे अच्छे से पता है कि मम्मी जी भी तुम्हारे लंड की दीवानी है… देख भी चुके हो तुम अपनी आँखों से और सुन भी चुके हो.

अब मैंने उसको चोदना चालू किया और कुछ ही पलों बाद वो बोलने लगी- तेज चोदो. उसने कहा कि मैं अपने हाथ से निकाल कर नहीं डाल सकती, तुम खुद ही निकाल लो न. लेकिन तुम्हारे पति को जो भी नौकरी मिल सकती है, उन सब में कुछ ना कुछ अशुद्धियाँ हैं.

मैं बेक़ाबू हो चुकी थी, मैंने उसके लंड को पकड़ के अपनी चूत पर सैट किया और जैसे ही सुपारा अन्दर घुसा, उम्म्ह… अहह… हय… याह… मेरी आँखें दर्द के मारे फैल गईं. मैंने भी देर न करते हुए कैमरा को कुछ ऐसे सैट किया कि फिल्म बनती रहे. मेरी इस कहानी की शुरुआत तो करीब एक साल पहले की है, लेकिन भाभी की चुदाई मैंने अभी गर्मी की छुट्टियों में की है.

मैं उससे मस्ती करने के लिए कभी उसके कंधे पर हाथ रखता, तो कभी उसके हाथ को सहलाता.

मैंने एक दिन हिम्मत करके उनके कमरे में झाँक कर देखा, तो हक्का बक्का सा रह गया. ?”मतलब यह कि… कभी कभी जब सेक्स हावी हो जाता है तो फिर कण्ट्रोल नहीं होता.

उनका एक बेटा था, जो जयपुर में नौकरी करता था और उसकी बीवी यानि अंकल आंटी की बहू, उनके साथ ही रहती थी. अब मैं उस से बाते करने के बहाने ढूंढता था हमेशा ये ही सोचता कि उसको फ़ोन कैसे करूँ? और फोन करूँ तो क्या बोलूं, क्या बात करूं की वो मुझे गलत ना समझे और मेरे बारे में ऐसा ना सोचे कि ये लड़का तो पीछे ही पड़ गया. स्वाति को बहुत मजा आ रहा था और वो भी अपनी गांड उठा कर मेरा पूरा साथ दे रही थी.

मेरा हाथ उनकी एक चूची को दबाता चला गया और दूसरा हाथ उनकी पानी छोड़ती बुर पर चला गया. अब मैंने उसे चित लिटा कर उसकी टांगें फैला दीं और अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा. मैं ये बातें सुनकर उसे अपने ब्रेकअप की भी कहानी बताने लगी क्योंकि मेरा भी कुछ दिन पहले ही ब्रेकअप हुआ था.

हिंदी बीएफ बुर की चुदाई एकदम असली चुदाई की कहानी है, लेकिन अगर आप पसंद करेंगे तो ही लिखूंगा. मैंने धीरे से उसका अंडरवियर नीचे किया तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं.

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जब वो थोड़ा शांत हुई तो मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा, 1 मिनट के बाद अब उसे भी मज़ा आने लगा था. मुझे भी कलसी और चकराता में थोड़ा काम था तो मैंने कहा- ठीक है अगर मैं जल्दी फ्री हो गया तो तुमको यहीं मिलूंगा. मैंने उसको किस किया और पूछा- दर्द हुआ?उसने अपने होठों को जोर से बंद कर रखा था और नहीं का इशारा किया.

मैंने उसको गिलास दिया और हम दोनों ने आज की चुदाई की मस्ती के लिए चियर्स बोल कर जाम टकराए. रात को एहतियात के तौर पर उस कमरे में मयूरी और विक्रम के बीच कुछ नहीं हुआ क्यूँकि रजत वहीं पर सो रहा था. शुभ संध्याउसे बाद में पता लगा कि वो उन लड़कों को ब्लैकमेल कर रहा था कि जल्दी से पैसे निकालो वरना में पुलिस बुलाता हूँ कि तुम लोगों ने एक मासूम का *** कर दिया है.

मेरे मामा जो कि एक बिजनेस करते हैं तो वह अक्सर घर से बाहर ही रहा करते थे, तीन-चार दिन पर एक बार आते थे।मैं अपनी मामी के यहाँ अकेले जाया करता था, अपने दोस्त को लेकर कभी उनके यहाँ नहीं गया.

मैंने उसको बताया कि लड़की की चूत में बहुत लचीलापन होता है और वह बड़े से बड़ा लंड अपने अंदर ले सकती है. फिर मैंने पूछा कि वो गाड़ी कब धोते हैं?तो बोली- दो दिन में एक बार, वो भी एकदम सुबह सुबह.

इस वजह से मेरी तो फट के हाथ में आ गयी कि कहीं मेरी बहन जाग तो नहीं गयी?फिर वी मेरी तरफ पूरी तरह से मुड़ गयी, मैं वैसे ही डर के मारे पड़ा रहा और यह देखने लगा कि कहीं वो जागी हुई तो नहीं है. कुछ दिन पहले ग्रेटर कैलाश मार्केट में मेरा बचपन का दोस्त सतीश मिला, बिल्कुल बदला हुआ, चश्मा लगा कर, मस्त मोटरसाइकल पर सवार, पूरा छह फुट का कद, पहलवानी, कसरती बदन. उन्होंने सिर ऊपर करके मुझको देखते हुए बोला- तुम कुछ सुनने की हालत में थे भी?इस बात पे मैं चुप हो गया.

पहले दिन फिर उसने किसी हकीम से दवा ले कर मेरा कुँवारापन मुझसे छीना.

मेरे गालों को चूमते हुए वो कन्धों तक आ गई और फिर मेरे सीने को चूमने लगीं. मैं ऐसा तो नहीं कहूंगा कि मैं बहुत ही हृष्ट-पुष्ट गबरू जवान हूं, पर हां मेरा शरीर ठीक ठाक है. मैंने अपना पानी भाभी की चुत में ही निकाल दिया और उनसे चिपक कर अपनी साँसों को नियंत्रित करने लगा.

भगवान सेक्समैंने कहानियों में पढ़ जो रखा था कि औरत का सबसे सेन्सिटिव पार्ट ये ये होता है. इसी वक्त तुषार भैया का हाथ मेरे मुँह से हट गया और मैं ज़ोर से चिल्ला उठा.

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थोड़ी देर बाद हम दोनों ने एक दूसरे को छेड़ते हुए फिर से चुदाई शुरू की. मैं अपने ही चूतड़ और और कमर पर घंमड करता था, मेरी मारने वाले दोस्तों ने मेरे चूतड़ और कमर की प्रशंसा कर कर के मेरा दिमाग खराब कर दिया था. आपको मेरी इन्सेस्ट सेक्स स्टोरी कैसी लग रही है? मुझे मेल करके बतायें।मेरा मेल आई डी है[emailprotected].

उसने पूछा- क्या ड्रिंक करते हो?वो बोला- मैडम झूठ नहीं बोलूँगा, करता था मगर अब इतने पैसे ही नहीं है कि पीने की सोच भी सकूँ. वो पढ़ा लिखा है मगर उसकी किस्मत उसकी शादी के बाद से ही उससे रूठ कर चली गई है. मैंने मेरी बुर को हाथ सा छू कर देखा, तो मेरा हाथ खून से लाल हो गया था.

मैंने जब टिकट लिया था तो वेटिंग में थी लेकिन मेरा टिकट कंफर्म हो गया, मैं अपनी सीट पर जाकर बैठ गया. मैं चिल्लाना चाहती थी, मैं उसकी बांहों से निकलना चाहती थी, पर उसने मुझे काफ़ी जोर से जकड़ के रखा हुआ था. मैंने अपनी बहन की ब्रा में से एक चुचे को बाहर निकाला और उसे मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे को हाथ से दबा रहा था.

फिर मैं अपना हाथ उसके सीने पर बूब्स पर ले गया, उसके बूब्स बहुत ज्यादा मुलायम थे, ऐसा लगा जैसे मक्खन हो! मैं सपना के बूब्स को सहलाने लगा. मगर उसकी कई मेल पढ़ कर लगता था कि कोई माहिर हरामी इसकी चुत चोद कर ही रहेगा.

उस दिन हम दोनों ने इतना पी ली थी कि मैं अपने घर तक नहीं जा पा रहा था.

उधर मैंने आंटी के एक के बाद एक कपड़े उतारने चालू कर दिए और उन्होंने मेरे… हम दोनों एक दूसरे के सामने नंगे खड़े थे. ब्लू पिक्चर देखने वीडियोएक बार फिर से उनका क्लीवेज मुझे दिखने लगा, इस बार उन्होंने शायद ब्रा भी नहीं पहन रखी थी. करीना कपूर का एक्स एक्स वीडियोजब से उसकी माँ गुज़री है, तब से वो अपने बापू के बहुत ज़्यादा क़रीब हो गयी थी और उस के साथ सोने से और ज़्यादा करीब हो गयी थी. मैं तो सोने जा रही हूँ… तूने बहुत ही ज़्यादा तंग किया था रात भर… सारा बदन दुःख रहा है.

जब मेरी चूत का दर्द थोड़ा सा कम हुआ तो वो अपना लंड मेरी चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

मैं अपनी पढ़ाई के चक्कर में दिल्ली चला गया और वहीं से पढ़ाई करने लगा और धीरे धीरे मेरी दोस्ती यहाँ के लोकल लड़कों से हो गयी. थोड़ी देर बाद उसने एक और धक्का मारा और पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया. क्योंकि अब वो थोड़ा इंग्लिश भी जान चुकी थी और मेरे से कंप्यूटर भी चलाना सीख लिया था.

उन्होंने मुझसे लिख कर बोला था कि मीटिंग में थी, इसलिए कॉल नहीं रिसीव किया. मैं उसके सर की तरफ़ पैर को रख कर लेट गया और मैं उसकी गांड की तरफ़ मुँह घुमा कर सो गया. फिर मयूरी अपने कमरे से बाहर निकली और रसोई में जाकर अपनी माँ को, जो खाना पकने में व्यस्त है, पीछे से गले लगाया और अपनी भारी चूचियां उसकी पीठ में जोर से दबा दी और उसकी चूचियों को अपने हाथों से मसल दिया.

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अगर मुझ पर भरोसा करती हैं तो एक बार आजमा कर देख लीजिये।”मैं सोचूंगी।” इस बार उसने सकारात्मक सन्देश दिया।जी बिल्कुल… कल सुबह बता दीजियेगा. अब मेरे बदन में वही सब होने लगा, जो पीयूष और लालजी के साथ करने में हो रहा था. वो 69 में मेरे ऊपर मेरे मुँह पे अपनी चूत लगा कर बैठ गईं और उन्होंने अपने मुँह में मेरा लंड पकड़ लिया.

मैं यही सोच कर एक दिन पिंकी से बोली कि पिंकी देख तो यह मेल मेरी आइडी पर कहाँ से आई है.

लेकिन मैं अब रुकने वाला नहीं था, मैंने पूरी ताकत से एक और झटका दिया और पूरा लंड बुर में समा गया.

अब मेरा बांया पैर बीवी के दोनों पैर के बीच में था और दांया पैर उठाकर बिस्तर पर बीवी की कमर के बाजू में रखकर बीवी की चुत चोदने लगा. जोश में आकर वो अब मेरी गांड पर थप्पड़ मार रही थीं और चुदाई में मेरा साथ दे रही थीं. मां की चूत चूतमेरे पति ने मुझसे कहा- मैं पोस्ट से सीधा वहीं आ जाऊँगा एक दिन के लिये!मैंने कहा- ठीक है।सच में उन दो दिनों में उसके घर पर बहुत तरह की सेक्स पोजीशन में सेक्स किया और उसके पापा को भी उसकी मम्मी के साथ सेक्स करते हुये देखा मैंने!आपको मेरी और अनुप्रिया की रियल सेक्स स्टोरी कैसी लगी, मुझे जरूर बतायें।[emailprotected].

पद्मिनी बापू की पेंट उतारने में जितनी देर लगा रही थी, बापू को उतना ही ज्यादा मज़ा आ रहा था. थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद उसने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला. तो भाभी ने कहा- राहुल, बस अभी दस मिनट में बन जाते हैं पकौड़े… तुम खाये बिना मत जाना!मेरा तो पहले से ही मन था तो मैंने कुछ नहीं कहा, बस उनके सामने हां में सर हिला दिया.

प्रभु ने अपने दोनों हाथों से रूबी की दोनों टाँगों को पकड़ा और अपनी ज़ुबान रूबी की चूत में डाल दी. इसी दौर में ऑडियो कैसेट्स भी मिलते थे जिन्हें कैसेट प्लेयर में चला कर लड़की लड़के की चुदाई की आवाजें और बातचीत सुन लेते थे.

फिर मैंने लंड बाहर खींचा, तब उसकी आँखों से ऐसा लगा जैसे मैंने उसकी पसंद का खिलौना छीन लिया हो.

और चोदो अपना लंड मेरे चुत से पूरा बाहर निकाल कर फिर से चुत में घुसा दो. फिर देखा कि मुस्कान बहुत खुश थी, उसने मेरे लिप्स पर किस किया, फिर थैंक्स बोली और किचन में जाने लगी. दोस्तो, वैसे भी जब हम बीवी की चुदाई करते हैं तो एक बार चुदाई करके शान्त हो जाते हैं, लेकिन अगर किसी दूसरी चूत की चुदाई करते हैं तो मजा कई गुना बढ़ जाता है.

ब्लूटूथ एक्स एक्स हमें भी फोरप्ले करना चाहिए और इसे ज्यादा से ज्यादा सुखद बनाना चाहिए!इतना कहते हुए रीना ने मुझे कस के अपनी बांहों में भींच लिया और अपने होठों को मेरे होठों से लगाकर जोरदार चुम्बन देने लगी. तो मैंने उसे 69 पोजीशन में लेटने को बोला और अब वो मेरा लन्ड और मैं उसकी चूत चूस रहा था.

वो जैसे ही चीखी, मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और उसके होंठ चूसता रहा. फिर मैंने अभिलाषा से पूछा- क्या आपके यहां जो लेडीज मसाज करती हैं उनके फोटोज वगैरा आपके पास हैं?अभिलाषा ने जवाब दिया- आप किसी बात की चिंता न करें, हमारे यहां मसाज करने के लिए कई लड़कियां हैं आप इनमें से कोई भी चुन सकते हैं. मेरी सांस भी फूलने लगी थी, तेंदुआ पास आता जा रहा था, मेरे पैर लड़खड़ाए और मैं गिरने ही वाला था कि अचानक कहीं से एक हाथ आया और मुझे किसी झोपड़ी में खींच लिया.

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मैं थोड़ा और आगे हो कर खड़ा हो गया और लंड को उसकी गांड में ज़ोर से घुसा दिया. मेरी जवानी की कहानी के पिछले भागकामुकता की इन्तेहा-5में पढ़ा कि मेरा यार ढिल्लों अपनी चार उँगलियों से मेरी फुद्दी की सर्विस कर रहा था. खूब हंसने के बाद पद्मिनी उठ कर बिस्तर पर बैठ गई और अपने बापू को कुछ देर तक चूमते हुए अपने सीने से लगाए रही.

हुआ यूं कि मुझे एक शादी के लिए देहरादून से आगे कलसी नगर जाना था, तो मुझे रात को ठीक दस बजे दिल्ली आइएसबीटी से कलसी की बस पकड़नी थी. मैं बोला- आप ही निकाल दो यार!भाभी ने मेरी पेंट शर्ट और बनियान अंडरवियर आदि सब निकाल दी.

मेरे हर धक्के के साथ भाभी की चीख निकलती थी, वो ऐसे रिएक्ट कर रही थीं, जैसे पहली बार चुदाई करवा रही हों.

जैसे ही मुझे उनके उठने की आहट हुई, मैं फिर से वैसे ही धीरे धीरे जानू जानू बड़बड़ाने लगा और अपने दोनों हाथों से अपने शरीर को सहलाने लगा. मैंने उसको बताया कि जब वो गाड़ी धोकर अपने रूम में चले जाएं, तब तुम किसी भी तरह गाड़ी की चाभी लेकर उसकी टंकी को खोल कर उसमें आधा लीटर पानी डाल देना. मैं बताती हूँ कि किस कैसे करते हैं।आंटी मेरा मुँह खोलकर उसमें थूकने लगीं.

मगर तुम्हारे भाई ने ऐसा क्या किया था, जो बात यहाँ तक पहुँच गई?उसने रोना शुरू कर दिया तो मैंने कहा- चलो छोड़ो. नीचे दोनों एक दूसरे को गालियाँ देते हुए कुछ ज्यादा ही चुदासी हो रही थीं और मेरे लंड को गालियाँ देते हुए कह रही थीं- साला घोड़े जैसा लंड घर में ही था और हम बाहर बड़ा लंड खोज रही थी. मैंने उसे पूछा- बॉडी मसाज जेंट्स करते हैं या लेडीज करती हैं?तो उसने बताया कि दोनों ही करते हैं.

वो अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल रहा था और मुझे धीरे धीरे चोद रहा था.

हिंदी बीएफ बुर की चुदाई: उसकी सांसें मेरे कान पर अजीब सा सुकून दे रही थीं, उसके मम्मों का हल्का सा स्पर्श मेरे पीठ पर हो रहा था. यह कह कर वे एकदम से मेरी ओर घूरने लगे और मेरे सर पर हाथ रखकर बोले- रो और डर मत, मैं तुझे बचा लूंगा पर तुझे भी मेरा साथ देना होगा वन्द्या.

मैं घुटनों पर बैठ कर उसका एक स्तन चूस रहा था, वो मेरा सर अपने मम्मे पर दबा रही थी. बोली- अभी नहीं!मैं- क्यों?बोली- शादी के बाद!मैं हँसने लगा और बोला- तुम अब भी पुराने ख्यालात में हो!वो बोली- मैं ये सब काम शादी से पहले नहीं कर सकती हूँ!मैं- मुझसे तो करना पड़ेगा. अबकी बार लंड को चूत में जाने के लिए कोई खास तकलीफ़ नहीं हुई और मुझे अब कुछ मज़ा आने लग गया था.

यह कहानी कितनी सच है, मैं ये नहीं कहूंगा, पर कहानी आपका नमकीन अमृत बहा देंगी, ये पक्का है.

मैं और उत्तेजित हो गया और ज़ोर से दांतों से काट काट के उसके निप्पलों को चूसने लगा. जो मैं तुम्हारे बॉस को पसंद नहीं आती हूँ?मैं- मैडम, यू आर पर्फेक्ट, यह तो बॉस की बदनसीबी है, जो ऐसा माल छोड़ के ललिता के चक्कर में पड़े हैं. मैं अपने दोस्त के नाम यहाँ पर नहीं लेना चाहूंगा लेकिन मैं उसके घर का नाम आपको बताता हूं, उसका घर का नाम दीपक है, वह तन से थोड़ा दुबला पतला है, देखने में थोड़ा कमजोर सा लगता है, सर में बाल भी बहुत कम हैं उसके लेकिन अंदर से वह हवस का पुजारी है.