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मिया खलीफा video: एक्स एक्स एक्स बीएफ पिक्चर इंग्लिश, विनय- क्या मुझे भी तुम्हरी गांड का स्वाद मिलेगा?मैं- शायद मिल सकता है.

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फिर उसने पायल से विनती करते हुए पूछा- पायल दीदी, क्या मैं इनका लंड पकड़ कर देख सकती हूँ क्योंकि मैंने अभी तक किसी भी लड़के का लंड नहीं देखा था, तो मैं ये देखना चाहती हूँ कि ये सपना है या हकीकत।पायल बोली- ले देख!और पायल ने मेरा लंड रेहाना के हाथ में पकड़ा दिया. छूत में से पानी निकलनामैंने उससे पूछा तो इस पर उसने एक अनुभवी औरत की तरह कहा था- चुत में लौड़ा डालने के लिए उसका साईज बड़ा होना जरूरी होता है और उसके लिए स्तन दबाना, उसे चूसना भी उतना ही आवश्यक होता है.

वो दस मिनट में मेरे पति की लुंगी बाँध कर बाहर आ गया उसका नंगा चौड़ा सीना देख कर मेरी चुत में कुलबुली होने लगी. एक सेक्सीउसने मुझे ज़मीन पर कुतिया की तरह बना दिया और अपने लंड का सुपारा मेरी गांड पे रख कर पूरी ताक़त से धक्का लगा दिया.

मैंने अपने पंजे चूचियों में गाड़ दिए थे और बड़ी ताकत से मैं उनको नोच खसोट रहा था.एक्स एक्स एक्स बीएफ पिक्चर इंग्लिश: इसी तरह उसे किस करते हुए मैंने उसको बेड पे लिटा दिया और उसके मम्मों को बारी बारी से ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा.

तब मुझे ये सब नहीं देख रहा था, मेरे ऊपर तो बस चोदने का भूत सवार था.कुछ पीएंगी?मैंने कहा- मैं पीती तो नहीं मगर आपको नाराज़ भी नहीं कर सकती इसलिए आप जो कहेंगे मैं करूँगी.

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पूनम भाभी के बारे में मैं पहले ही अपनी पिछली कहानी में बता चुका हूँ क़ि कैसे मैंने देसी भाभी को चोदा था, तो अब ये उसी का आगे का भाग है.रोज़ फोन पर ही बातें होती और रात को छत पर मिलते और चुम्मा चाटी करते रहते.

इसीलिए मैंने उनके एक चूचे को मुँह में लिया और दूसरे के चने को ऐसे दबाने लगा, जैसे वह कोई गुब्बारे की टोंटी हो. एक्स एक्स एक्स बीएफ पिक्चर इंग्लिश दोनों हाथों से मॉम की गांड को कसके दबोचा और एक ज़ोरदार झटका मार दिया.

वो मस्त माल थी, लंड को पकड़ कर सहलाने लगी मैंने उसकी आँखों में देखा तो उसने मुझे कामुकता भरी आँख मारी और बैठ कर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर पीने लगी.

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सेजल भाभी के जिस्म को साफ़ करने के बाद मैंने उनको कंबल ओढ़ाया और उनके पास लेट के उनके मासूम चेहरे को देखने लगा. अब मैंने दीदी के सूट को ऊपर से खींच कर निकाल दिया और अपने भी पूरे कपड़े उतार लिए. इसी बीच कामिनी का बर्थडे था, वो बोली- मैंने अपना बर्थडे सेलिबरेट करना है!मैंने कहा- जो करना है, करो!मेरी बीवी ने अपने फ्रेंड्स को बुलाया, मेरी सिस्टर भी आई.

तेरा जो दिल करे, कर ले मेरे साथ, मैं तुझे किसी बात से नहीं रोकूंगी… चोद ले अपनी बहन की चूत दिल भर कर!मैं अपने कपड़े उतारने लगा. वे लोग पति पत्नी ही थे, साथ में उन आंटी का कोई भतीजा भी कुछ दिनों के लिए रहने आया था. कुसुम मुझे छोड़ कर उसके साथ कोई 3-4 मिनट दूसरे कमरे में जाकर वापिस आ गई.

मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाया तो मेरी तर्जनी और मध्यमा उंगली के बीच में प्रिया के बाएं कान की लौ आ गयी जिसे मैंने हल्के से मसल दिया।सी… ई… ई… ई… ई… ई…!!!” शाश्वत आनन्द की पहली आनन्दमयी सिसकारी प्रिया के होंठों से फूट पड़ी. उस नाइट मॉम ने मुझे अपने रूम में भी एंट्री नहीं दी, मैं दूसरे रूम में सोया. मैं काफी पहले से सेक्स के बारे में जानता था और मुठ मारना भी शुरु कर चुका था.

उसने धीरे से कहा- मुझे एक बार वो क्लिट्स का चित्र दिखा सकते हो?अरे रोशनी तुम तो अपनी खुद की क्लिट्स देख सकती हो, पिक्चर की क्या जरूरत है?”सर मैंने कोशिश की, पर मुझे कोई मटर के दाने जैसी लुल्ली नहीं मिली, वो किस जगह होती है. पल-भर के लिए मैं स्तब्ध रह गया- यह… यह क्या कर रही हो… प्रिया?कहते हुए मैंने प्रिया को दोनों कांधों से पकड़ कर उठाया।देखा तो काली कजरारी आँखों में आंसू बस गिरने की कगार तक भरे थे.

मेरे स्पर्श से उनकी कामुक सिसकारी निकलना शुरू हो गई और वो बोलीं- प्लीज़ रॉनित ऐसे मत करो.

नमस्कार दोस्तो, मैं आपका दोस्त अमन एक नयी कहानी लेकर आपके सामने आया हूँ, उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद आयेगी।मैं मुंबई के ठाणे शहर में रहता हूँ और एम बी ए की पढ़ाई कर रहा हूँ, मैं दिखने में ठीक ठाक हूँ और मेरा लंड 6 इंच लंबा और 2.

मैंने जैसे ही उसकी जीन्स उतारी उसने मना कर दिया और बोली- जान, पूरी मत उतारो मुझे शर्म आ रही है. वो बोली- आ आहह आह… प्लीज़ चूसो इन्हें प्लीज़ जीजू चूसो ना अपनी आज की बीवी के चूचों को… जी भर के चूसो… आह खाली कर दो इन्हें…मैं भी जोश में आ गया और मैंने उसके एक निप्पल को मुँह में भर कर दम से उसे चूसने लगा. मैं- तुम्हें अच्छा नहीं लगा क्या??सेजल भाभी- सच कहूँ तो इतना मज़ा लाइफ में कभी नहीं आया यार.

आज मैं आपको मेरी देसी चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपनी पड़ोस वाली आंटी की प्यास बुझाई. अब मैंने दिव्या के कपडे उतारने शुरू किये, उसे पूरी नंगी किया और बिस्तर पर लिटा कर उसके ऊपर आ गया. नताशा के मुंह से हलकी सी कराह निकली, क्योंकि कंस्ट्रक्शन” थोड़ा और अन्दर घुस चुका था!आआआह… घुस गए दोनों! आआआआ…” नताशा चिल्लाई.

अलका रानी का रेशमी साटिन जैसा बदन मेरे बदन से चिपक के मेरी वासनाग्नि को अंधाधुंध भड़काए जा रहा था, मेरी सांस तेज़ हो चली थी, माथे पर पसीने की बूंदें उभर आई थीं.

ये बात 5 साल पहले की है, जब मैं अपनी स्कूल की पढ़ाई करके शहर कॉलेज में स्नातक करने गया. भाभी पूछने लगीं कि शादी का भी सोचा है?मैंने बोला- नहीं शादी नहीं हो सकती, कुछ रीज़न्स हैं. मैंने फिर उसे सारी हक़ीकत बताई तो उसने मुझे अपनी बांहों में कस कर पकड़ा और बोला- थैंक्यू भाभी.

मुझे नहीं पता लगा था कि उसने क्या लिखा है क्योंकि अब मेरे में ताक़त नहीं थी कि मैं कुछ कर पाती या देख पाती. मैं भी वहाँ रह कर उनकी सेक्स लाइफ में बेकार ही उनकी राह का रोड़ा नहीं बनाना चाहता था. फिर जब रुचिका को उसके बॉयफ्रेंड ने शादी के लिए बोला तो पता नहीं क्यों रुचिका ने उसे मना कर दिया.

और फिर ऐसे ही एक दिन मुझे मेरे एक बहुत ही खास दोस्त ने अपने घर पर उसका कंप्यूटर ठीक करने के लिए बुलाया, वह उसके घर पर अकेला ही था, उसकी पत्नी उसकी माँ के यहाँ गई हुई थी और उसकी मम्मी भी अपने भाई के घर पर गई हुई थी.

दोस्तो, इस कहानी के बारे अपनी प्रतिक्रिया मुझे इस ईमेल पते पर भेजें और बताएं कि सेक्स स्टोरी कैसी लग रही है. पर मैं उनको नहीं देख पाती थी।इसलिए जब पापा छुट्टी पर मुंबई से आते तब जब भी मम्मी पापा अंदर होते तो दरवाजे के होल से चुदाई करते देखती थी। मम्मी पापा की चुदाई देख कर मैं खुद को सम्भाल नहीं पाती थी। मैं मम्मी के कमरे में चारपाई के नीचे चुपके से घुस जाया करती थी.

एक्स एक्स एक्स बीएफ पिक्चर इंग्लिश उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरे पूरे चेहरे को अपने मम्मों पे खींच लिया. थोड़ी देर बाद मैं तेजी सेपूजा की गांड चोदने लगाऔर पीछे से मम्मों को पकड़ के मसलने लगा.

एक्स एक्स एक्स बीएफ पिक्चर इंग्लिश मेरे बच्चा सो चुका था। मेरा भतीजा अभी अपने कमरे में सोने ही जा रहा था. अब आगे:पूजा को बड़ी भाभी ने छोटी भाभी को बातों में लगाने को बोला और मुझे अपने बेडरूम में ले आईं.

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार और सभी चुदी/अनचुदी पाठिकाओं की चुत को मेरा और मेरे लंड का ढेर सारा प्यार.

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मैं थोड़ा अंतर्मुखी किस्म का बन्दा हूँ तो मुझे लोगों के साथ घुलने मिलने में थोड़ा वक्त लगता है. मैं धीरे धीरे उसी को निहार रहा था, बीच बीच में इधर उधर देख लेता था. मैंने तुरंत उसके मुंह से अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसके कंधे भी छोड़ दिए.

उसे शुरू में थोड़ा दर्द हो रहा था क्योंकि उसकी पहली चुदाई हो रही थी. उसे मेरी शानदार पत्नी का चेहरा ठीक अपने नीचे नजर आ रहा था, और वो खुद को रोक नहीं सका उसका चुम्बन लेने से. घर के मेन गेट में स्टील की जाली लगी हुई थी, जो कि ऊपर से खुली थी तो मैंने खटखटाने से पहले अन्दर झाँका तो कुछ दिखाई नहीं दिया, पर मुझे हल्की सी आवाज सुनाई दी… जैसे कोई धीरे से हंस रहा हो.

और तभी आर्थर के लंड से निकले गाढ़े वीर्य का थक्का उड़ता हुआ उसके खुले मुंह में समा गया.

फिर जब मैंने बेड को देखा तो उस पर उसकी जांघों के बीच पहली चुदाई का खून निकला हुआ था।मैं रसोई से जाकर उसके लिए पानी लाया और उसे पिलाया. फिर मेरा नम्बर कैसे मिला?तो उसने बोला- मैंने याद कर लिया था और ऑटो से उतरने के बाद अपने मोबाइल में नोट भी कर लिया था. फिर चिंटू ने मेरी गांड मारने को कहा तो मैं चाहता था कुछ ऐसा करना लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि मुझे डर लग रहा था कि गांड में दर्द होगा और न जाने क्या हो जाए!उसने कहा- ठीक है या, लंड गांड के अन्दर मत लेना, पर सिर्फ़ गांड पर टच करवा ले.

नवीन अब अपना लंड मॉम की चुत में आहिस्ता आहिस्ता अन्दर बाहर कर रहा था. मगर मेरी बदकिस्मती थी कि अचानक मेरे पापा की तबियत खराब हो गई और मुझे उन्हें किसी नर्सिंग होम में ले जाना पड़ा. फिर मैंने उसे ज़ोर से चोदता हुआ उसके ऊपर लेटकर उसकी चुचियों में टपकते हुए दूध को पीने लगा.

मेरी चुत तो भरपूर गीली थी, इस वजह से उनका लंड आसानी से मेरी चूत में अन्दर तक चला गया. उस दिन मम्मी की तबियत कुछ खराब सी थी तो उन्होंने नींद की गोली खा ली थी और वे बेसुध सो रही थीं.

कुसुम चुत उठा कर बोली- तो मेरी चुत भी अपने अन्दर जाने के लिए तुम्हारी जीभ माँग रही है. आज मैं जो सेक्स स्टोरी आप सबसे शेयर करने जा रही हूँ, उसकी शुरुआत उन दिनों हुई थी जब मैं 11 वीं क्लास के फाइनल एग्जाम दे चुकी थी. मेरा भाई काम के सिलसिले में गाँव छोड़ कर भाभी के साथ शहर चला गया है.

भाभी की चुत अब बहुत रसीली हो गई थी और मेरी उंगली सटासट चुत में अन्दर बाहर ही रही थी.

मैं- वाह… उस दिन आपकी मेरे लिए क्या प्लानिंग है?माँ- कल तुम माँ के लिए एक सुंदर सी ब्रा पेंटी और एक नाईट गाउन खरीदोगे और उनको अपने हाथ से लिखी एक चिट्ठी के साथ गिफ्ट करोगे. सोचता हूं काश आपको भी यहअन्तर्वासना कहानीपसंद आ जाए।याद के इस पहलू में मेरी उम्र 18 साल थी; मेरी जिंदगी मेरे दोस्तों और रिश्तेदारों और मेरी पाठ्य पुस्तकों के बीच बड़ी शांति से चल रही थी. जिस वक़्त मैं घर पर आई, उस वक़्त भी मैंने पूरी ड्रेस जैकेट और जीन्स के नीचे ही पहन रखी थी.

मैंने उनकी चुत का नमकीन पानी गटक लिया और भाभी की पकड़ ढीली पड़ने लगी. ये देख कर मेरी मम्मी ने मुझसे पूछा- क्या हुआ मेरी बेटी?मैंने उन्हें शर्माते हुए कहा- मुन्नालाल सर बहुत गंदे हैं, उन्होंने मेरे साथ आज ये सब किया.

क्या आपके पति आज आउट ऑफ टाउन जा रहे हैं?माँ- हा वे सात दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं. हम दोनों को एक ही फील्ड के होने के कारण एक दूसरे से बात करने का मौका मिल जाता था. उस दिन के बाद जब भी मौका मिलता था, तब हम दोनों सेक्स कर लिया करते थे.

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तो वो बोलीं- इसलिए तो दिन के उजाले में पूरी नंगी होकर तुमसे चुदवा रही हूँ.

उस दिन की पूरी कहानी वन्द्या से तुम सुन लेना बालू भाई, तभी मैंने और शिवम ने दोनों ने एक साथ इस वन्द्या को चोदा था, और मैं सोच भी नहीं सकता था कि वन्द्या इतनी सेक्सी और हॉट लड़की है, इसने उस दिन आगे चूत में लन्ड और पीछे गांड में दोनों में लन्ड लिए थे और बहुत मस्त आगे पीछे से चुदवाई थी।मेरी चूत चोदन कहानी जारी रहेगी. तो उसने लंड बाहर निकाल लिया और मेरे पूरे चेहरे पर अपने लंड का पानी निकाल दिया. दीदी- यार तेरा प्रमोशन हो गया, तूने बताया भी नहीं… प्रमोशन की तो ग्रैंड पार्टी लगेगी बॉस.

वैसे तो स्टेशन घर से 40 मिनट की दूरी पर है, परन्तु शाम के समय ट्रैफिक ज्यादा होता है तो अब्बू और भाई जल्दी निकल गए जिससे स्टेशन समय पर पहुँच सकें. मैंने उसकी एक टांग को ऊपर उठा लिया और दूसरी टांग के दोनों तरफ अपनी टांगें रख दी. सेकसी dj song विडियोबिंदु ने उसको लैपटॉप पर उसका बाथरूम वाला सीसी कैमरा से रिकॉर्डेड क्लिप दिखाया और बोला- क्या यह सब करोगे यहाँ पर? पुलिस को बुलाना पड़ेगा.

इतने में उसने मेरा लंड चूस चूस कर पूरा निचोड़ लिया और मैंने उसके मम्मों पर ही अपना लंड का रस गिरा दिया. मेरी सेक्स कहानी पढ़ कर एक भाभी मधु ने मुझे मेल की, मधु ने अपनी नीरस सेक्स लाइफ और बेबसी की कहानी सुना कर मुझसे अपनी जिस्म की भूख को शांत करने के लिए कहा।अब आगे.

रवि ने बोला कि आज शाम को कहीं घूमने चलते हैं, गुंजन को भी ले चलते हैं. उसने ये सब शर्तें मान लीं और पहले लीगल डाक्यूमेंट्स के लिए मुझसे कुछ समय माँगा. मगर समय की कसौटी ने मुझे बताया कि तुम्हारे पापा उससे ना सिर्फ प्यार ही करते थे, बल्कि उसका भविष्य भी सुधारना चाहते थे, जो मैं समझ नहीं पाई.

फिर जहाँ पर उसका थूक लगा था, उधर से मेरी चूत में अपने लंड को डालना शुरू किया. मेरे मुंह से निकलने लगा- आआह जमाई… जी… आआह… उमआआआ…वो भी बोले- हां हां… सासु… जी… बोलो ना?मैं बोली- धीरे… आउच… धीरे… पियो ना… मेरे बूब्स को!वो भी अपने दांतों में मेरे निप्पलों को दबा रहे थे।फिर वो मेरी नाभि के ऊपर जुबान फिराने लगे, मैं मचलने लगी. मैंने ताकत लगा कर झटके से बैंगन खींचा तो फच की आवाज के साथ बैंगन बाहर आ गया.

ये सच है कि किसी लड़की की नंगी चूचियों को देखने से ज्यादा उसकी अधनंगी चूचियों को देख कर वासना जागती है.

चलो, दोपहर के बारह बजे वे लोग बाजार के लिए घर से चले गये और मैं अपनी बुआ की बेटी अंजलि के साथ घर में अकेला था. उसने मुस्कुरा कर दोबारा बोला- क्या देख रहे हो चलोगे न मेरे रूम?मैंने धीमी आवाज में हां बोला.

मैं देर से इसलिए झड़ा क्योंकि एक बार में उसकी चुत में लंड डालने से पहले ही झड़ चुका था. जूही के हाल में आइना इस तरह से लगा था कि किचन में क्या हो रहा है सब दिखता था और हाल में क्या हो रहा है वो किचन से दिखता है. अब उनकी योनि के भीतर की गुलाबी दीवार के दर्शन हो गये जो तरल अमृत से सराबोर थे.

और चुदी हुई चुत को जो चोदना चाहे, ये उस पर डिपेंड करता है कि वो कितना देगा. उसने मुझे अपना कार्ड भी दिया और उस पर अपने फ्रेंड का नम्बर भी लिख दिया, तब मुझे पता लगा कि जिसे वो चोदूराम कह रहा था, उसका नाम विमल है. वह काफी शरमा रही थी लेकिन नशे की हालत में उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था और मैं उसे अपनी बांहों में भर कर नाचने लगा.

एक्स एक्स एक्स बीएफ पिक्चर इंग्लिश अगर तुम्हारी तरफ से पूरी तरह ना हो जाए तो मैं उसी को उस लड़के से चुदवा दूँगी. उसने भी मुझे किस किया और कहा- तुम चाहो तो यही आनन्द तुम्हें रोज मिल सकता है.

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फिर मैंने उनके होंठों के अमृत को ऐसे पिया कि मेरी प्यास हमेशा के लिए बुझ जाए और आंटी की कामवासना को बुझाने के साथ और भी बढ़ा दिया. अब दोनों हाथों से उसके आमों को पकड़ा और उसके एक निप्पल को मुंह में ले कर चूसने लगा. क्या अहसास था वो, मैं भाभी की चुत की झलक दूर से तो पहले ही देख चुका था लेकिन पास से भाभी की सफाचट चुत देखने का मजा ही अलग था.

उसके बाद में एक हाथ से उसके चूचे को मसल रहा था और दूसरे हाथ से दूध को चूसने का मजा ले रहा था. इस पर मैंने उससे कहा- ठीक है, मगर जब मेरी शादी होगी, उसके बाद तुम्हें अपनी माँ कहूँगी… मगर अभी तो तुम मेरी चुदाई की पार्ट्नर ही बन कर रहो और जब तक तुम्हारी चुत लंड मांगती है, जो पापा से कई बार नहीं मिलता, उसमें ही ध्यान लगाओ. जानवर सेकसदोस्तो, मैं आपकी प्यारी सेक्सी कामुकता से भरपूर बिलकीस बानू… उम्मीद करती हूँ कि आप लोग मुझे भूले नहीं होंगे। आपको तो याद ही होऊँगी.

मां अब गरम हो गई थीं और उनके मुँह से मादक सीत्कारें निकलने लगी थीं.

मैंने देखी कि मेरी गांड बहुत टाइट थी क्योंकि आज तक मैंने कभी अपने पति को गांड मारने नहीं दी थी. भाई का लन्ड अब्बू के लन्ड से छोटा था तो मुझे अब्बू के लन्ड से चुदने की इच्छा ज्यादा थी, पर अब्बू के लन्ड पर आज अम्मी मुँह मार के बैठी थी।भाई लगातार मेरे बूब्स दबा रहा था.

क्योंकि कॉलोनी में सभी आस पास में रहने वाले लोग 11 बजे तक ऑफिस निकल जाते हैं. कुछ देर ऐसे ही चलने के बाद मेरी साली ने खुद ही कमीज के ऊपर के गले से अपने एक चुचे को बाहर निकाला और उस लड़के के मुँह में दे दिया. अच्छा… और अंश अब तुमको क्या स्पेशल बोलना पड़ेगा?”उसने भी हाथ से मुझे टच किया और बताने लगा- मुझे तो आपकी सुराही जैसी गर्दन पसंद आई… यहाँ से होते हुए यहाँ से होते हुए ये यहां तक…अरे तुम तो मेरी क्लीवेज पर टच कर रहे हो.

कमरे में दोबारा मस्त ध्वनि गूंजने लगी ‘पच पच पच पच… आह आ आ आई ईईई… पच पच पच पच!सोफाचेयर पर बैठे हुए मैं खुद को किसी शो का दर्शक समझ रहा था… और मुश्किल से ही खुद को प्रेमी जोड़े की शानदार परफॉरमेंस पर तालियाँ बजाने की इच्छा से रोके हुए था.

पहले तो उसने मना किया, पर बाद में मेरे लंड के सुपारे को अपनी जीभ गोल गोल चाटने लगी. आप सब भाई लोग अपना लंड अपने हाथ में ले लें और अगर लड़की, भाभी या आंटी हैं तो चूत में उंगली घुसा लें और कहानी को ध्यान से पढ़ें. दिल्ली में रोज सुन्दर सुन्दर लड़कियों को देखता और कैसे तो भी अपने आपको कंट्रोल करते रहता.

सेक्स इन इंडियाफिर उसने कहा- राजा, क्या बस तुम ही मजे लोगे… पिछले तीन साल से मैं तुम्हारी इस चीज को अपने अन्दर लेने की सोच रही हूँ. ’ करने लगीमैंने लगभग दस मिनट तक उसके दोनों चूचियों को खूब चूसा, काटा और निचोड़ा.

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जिससे भाभी फिर सिसियाने लगीं, भाभी मुझे चूमते हुए बोलीं- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है जान, अपना लंड मेरी चूत मे घुसा दो और चोद डालो मुझे. दिव्या ने कमेंट किया- कर आई मेरी छन्नो रानी छिनाल का काम या नहीं?मैंने कहा- तुम भी ना तुम्हारे ही बॉयफ्रेंड के काम से गई थी. मैं किस तरह से इस बात का सामना करूँ।तभी उन्होंने आँख मारते हुए कहा- कब मरवाओगी बताओ?उनके द्वारा मुझे मुस्कुरा कर आँख मारने की बात से मुझमें भी थोड़ी हिम्मत आई और मैंने अपने मन में सोचा कि चलो जीवन के अनुभव का मजा भी ले ही लिया जाए।मेरे पति भी चार दिन के लिए कहीं गए हुए थे.

मैं अभी भी धक्के मारता जा रहा था, जब मैं भी अपनी चरम सीमा के पास आने लगा तो मैंने उसको पूछा- मेरा आने वाला है, कहाँ निकालूं?अंदर ही छोड़ दे… पूरी तरह से चुदना चाहती हूँ मैं!”मैंने मेरी स्पीड और बढ़ाई, 15-20 ज़ोर के धक्के लगाने के बाद मैंने मेरा सुपर शॉट लगाया और उसकी आँखों में फिर से आँसू आ गये. फिर मैंने भाईसाहब से कहा कि मेरे पतिदेव को बुला लें होली खलेने के लिए, वो कहीं बैठकर नॉवेल पढ़ रहे होगें, उन्हें तो नॉवेल और एक बॉटल पानी दे दो. देखने वाले का लंड एकदम से खड़ा होकर उनकी चुत में घुसने को मचल उठेगा.

मैंने वैसा ही किया, ड्रेसिंग टेबल से तेल की बोतल उठा कर उसकी चुत में उड़ेल दी और उंगली से अन्दर तक घुसा दिया. मैंने उनसे पूछा- पापा आप कब आओगे?तो उन्होंने कल सुबह बोला।घर पर मैं, मेरे कजन की साली, मेरे कजन के बच्चे और दादी थी।हमारे घर में दो पोरशन हैं दादी वाले पोरशन में दादी सो गयी ओर दूसरे में मैं और डिम्पल। मेरा ओर डिम्पल का कमरा साथ साथ था। मैं अपने कमरे में अकेला सोता हूं और डिम्पल के साथ उसकी बहन के बच्चे।उस रात हमारे पास मौका था, मैंने डिम्पल को बोला- रात को कमरे का दरवाजा खुला रखना, मैं आऊंगा. वाह… क्या नशीला अहसास था वो… जैसे ही मैंने अपने जीभ को उसकी चुत के अन्दर बाहर करना शुरू किया, वो और ज्यादा सिसकारियां भरने लगी.

”तौबा तौबा! क्या खुराफाती सोच थी… लड़की की!अच्छा! अब बता… मैं पास हुआ या फेल?”आप को क्या लगता है?”तू बता?”मुझे ख़ुशी है कि जिसे मैंने देवता माना, वो सच में एक देवता ही है. उसने फिर से मेरी कमर को पकड़ कर पूरा लंड निकाला और फिर झटके से पूरा लंड अन्दर तक पेल दिया.

मैं न्यू मार्केट में अपनी इंडिगो कार की डिग्गी से टिक कर खड़ा हुआ था, जो कि मैंने रोड की पार्किंग में पार्क की हुई थी.

वो नाज़ को बोली- तू मेरी चूत चाट… ये तेरी चुत की चुदाई करेगा!मैंने नाज़ की चूत में खूब सारा थूक लगाया और अपने लंड में थूक लगा कर नाज़ की चूत में पहले झटके में लंड डाल दिया. रंगोली फॉर दिवालीनमस्कार दोस्तो, मैं आपका दोस्त अमन एक नयी कहानी लेकर आपके सामने आया हूँ, उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद आयेगी।मैं मुंबई के ठाणे शहर में रहता हूँ और एम बी ए की पढ़ाई कर रहा हूँ, मैं दिखने में ठीक ठाक हूँ और मेरा लंड 6 इंच लंबा और 2. एमसी का मतलब क्या होता हैवो भी पक्की रांड थी, साली मादरचोद इतनी हॉट थी कि उठ कर सीधी लंड पर बैठ गई. अंकल और जीजा ने भी अपने अपने कपड़े पहन लिए और अंकल ने मुझे तीन हजार रुपए दिए कि अपनी पसंद की ड्रेस खरीद लेना वन्द्या!मैं जीजा को बोली- मुझे बस स्टाप तक जल्दी पहुंचा दो.

मैंने कहा- कोई बात नहीं भाभीजी, आपके छेद के दीदार तो हमने वैसे भी कर लिए.

और चुदी हुई चुत को जो चोदना चाहे, ये उस पर डिपेंड करता है कि वो कितना देगा. उसने भी ‘हाँ’ बोल दिया था।अब तो मैं उस दिन का इंतज़ार कर रहा था। जैसा कि मैंने बताया सब घर वालों के जाते ही वो ठीक 11 बजे आई। वो उस दिन बहुत खूबसूरत लग रही थी। सच कहूँ दोस्तों. वो कुर्सी पर बैठी रही और मैं नीचे बैठ कर उसकी चूत को करीब से देखने लगा और अपनी एक उंगली को उसकी चूत के अन्दर डाल दिया.

सुतवां नाक, बिल्कुल छोटी सी, होंठ बिल्कुल पतले पतले और गर्दन बिल्कुल मोर जैसी. पायल बोली- वीशु, आप अपने लंड का बीज मेरी चूत में नहीं बल्कि मेरे मुँह में निकालना क्योंकि मैं तुम्हारा बीज पीना चाहती हूँ. फिर मैं उसके दूध पीने लगा और उसके लोअर में हाथ डाल के चुत को मसलने लगा.

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वो भी मजे से ‘आआह्ह्ह ओह्ह्ह ह्म्म्म…’ की आवाजें निकालने लगीं, मुझे भी अब बहुत मजा आ रहा था. वो मेरी कमर में हाथ डाल कर डांस करने लगा और फिर मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगा. मेरे पति बस हर समय काम में बिजी रहते थे, लेकिन जब चुदाई करते तो बहुत मस्त चोदते थे.

वो अपने भाई को देखने जा रही हैं, क्योंकि वो बीमार हैं, इसी वजह से मुझे पैसे चाहिए.

आज तो जीन्स और स्लीवलेस टॉप में तो उसकी खूबसूरती बिल्कुल बाहर निकल कर भागी जा रही थी.

मुझे सब्र ही नहीं था, मैं जल्दी से उसके पीछे पीछे किचन में गया और उसको पीछे से पकड़ कर अपना लंड उसकी गांड में टच करने लगा. मुझे अपने पति का ख्याल आया और फिर मैंने उन्हें कॉल करके बोला कि आज छोटे की तबियत खराब हुई थी तो मैं डॉक्टर के पास उसे ले गई थी. शिल्पा शेट्टी का सेक्स वीडियोउसने मुस्कुरा कर कहा- एन्जॉय कर लीजिये और कोई जरूरत हो तो मुझे आप याद कर लीजियेगा.

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मुझे उसकी बात सुनकर गुस्सा तो बहुत आया था क्योंकि उससे 70000 उससे लिए थे, जो कि उसने मुझे बता दिया था कि 20000 अड्वान्स में ले गई थी. मेरी सेक्स स्टोरी के पहले भागबस में मिली लड़की ने दिलाया ज़न्नत का मजा-1में आपने पढ़ा कि कैसे मुझे बस में एक विवाहिता युवती मिली, वो कामुकता से भरपूर थी, उसने मुझे बस में शारीरिक स्पर्श के मजे दिए फिर मुझे अपने घर ले गई और चुत चुदाई भी करवाई.

वैसे भी आंटी दूध सी गोरी थीं लेकिन मेकअप की वजह से तो पूरी ऐश्वर्या लग रही थीं.

विक्रम उसके मम्मों को पहले तो बाहर से दबाता रहा और फिर हाथ अन्दर करके दबाने लगा. उसके ब्लाउज के हर एक बटन खुलने के साथ उसकी चुचियां मुझे और साफ दिखने लगतीं. सब्जी तथा ग्रीन सलाद परस कर भैया की दिया और पूछा कि प्याज लेना चाहेंगे तो उन्होंने हाँ में सर हिलाया.

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तभी मैंने देखा कि अंकल का एक दोस्त दुबारा से फ्री हो गया, फिर तीसरा दोस्त आ गया. तब उसने मुझको थोड़ी देर बाद कॉल की, जब मैंने बात की, तक पता चला कि ये वो रवि नहीं था. वीरवार शाम 7 बजे के लगभग मैं घर आया तो देखा कि मेरे दोनों बच्चों ने रो रो कर आसमान सर पर उठा रखा था, दोनों अपनी मां और मौसी के साथ जाने की जिद कर रहे थे.

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मैंने आइसक्रीम को आंटी के चुचों की लाइन में डाल दी और उनके रसभरे मम्मे चाटने लगा. दोस्तो, वो मेरा पहला किस था और आप जानते हो पहली बार किस की तो बात ही कुछ और होती है, चाहे वो पहला किस हो या पहला सेक्स या पहला कुछ और. चाची को भी अब दर्द नहीं हो रहा था, वो भी मेरे साथ गांड उठा कर लंड के मजे कर रही थीं और मेरा साथ दे रही थीं.

मैं भी हँसते हुए उन दोनों को उठाने लगा तो सुहानी का एक चूचा मेरे हाथ में आ गया, मैंने हल्का सा दबा भी दिया. अंकल और जीजा ने भी अपने अपने कपड़े पहन लिए और अंकल ने मुझे तीन हजार रुपए दिए कि अपनी पसंद की ड्रेस खरीद लेना वन्द्या!मैं जीजा को बोली- मुझे बस स्टाप तक जल्दी पहुंचा दो.

जैसे ही हम रूम में पहुँचे मैं कपड़े बदलने लगी, जब कपड़े बदल लिए तो उन्होंने मुझसे दरवाजा लगाने के लिए बोला.

भाभी चीख पर चीख निकाल रही थीं, वो किसी सील पैक लौंडिया के जैसे रोने लगीं और चिल्लाने लगीं- मार दिया साले मादरचोद. दो-तीन बार अन्दर बाहर करने में ही वो इतनी उत्तेजित हो गई कि ज़ोर ज़ोर से आवाज़ें निकाल कर दूसरी बार झड़ गई. तो विवेक बोला- अब तो तुम ही हो मेरी जान!और उसने कामिनी को पलटा कर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए, कामिनी के गोरे गोरे 36डी के मम्में आजाद होकर इधर उधर झूलने लगे.

मैंने उसकी चूत की दरार में ऊपर ऊपर ही अपनी उंगली फिराई, फिर मैं उसकी चुत चाटने लगा. उसके कोमल होंठों का स्पर्श मेरे लंड पे महसूस होते ही मैंने अपनी आँखे बंद कर लीं. ”अरे छोड़! मैं तुझ से प्यार करता हूँ और जिस से प्यार करते हैं उस को दिया करते हैं, उस से मांगा नहीं करते.

उनका दूसरा दोस्त मां की साड़ी ऊपर करके नीचे से उनकी गोरी गोरी जाँघों पर अपने हाथ फेरते हुए चूमने और चाटने लगा.

एक्स एक्स एक्स बीएफ पिक्चर इंग्लिश: पहले तो उसने मना किया, पर बाद में मेरे लंड के सुपारे को अपनी जीभ गोल गोल चाटने लगी. मैंने धीरे धीरे उसकी ब्रा को अलग किया तो उसके दोनों मम्मे उछल कर बाहर आ गए.

मैं बड़े स्वाद से विनय का लंड चूसने लगी और विनय के लंड ने वीर्य की एक पिचकारी मेरे मुँह में छोड़ दिया, जिसे मैं पी गई. मेरे दोस्त को अपनी मम्मी के पास भी जाना था और वह मुझ पर बहुत विश्वास भी करता था तो उसने मुझसे कहा कि उसकी ट्रेन का समय हो रहा है और तुम अपना काम खत्म होने के बाद गेट पर ताला लगाकर चाबी अपने साथ ही ले जाना. तो कोई ऊपर का कमरा खोल दीजिए और सलाद पानी और पांच ग्लास रख दीजिए तभी मैं निकली, पहली बार मम्मी ने बोला- आरती, इनको ऊपर के रूम में सब जमा दो.

ये बात 5 साल पहले की है, जब मैं अपनी स्कूल की पढ़ाई करके शहर कॉलेज में स्नातक करने गया.

उसके मम्मों पे किस करते करते मैंने एक हाथ से उसके सलवार का नाड़ा खोल दिया जिससे उसकी सलवार नीचे गिर गई. ज़वाब में प्रिया ने मुझे जोर से अपने आलिंगन में ले लिया। आलिंगन में बंधे-बंधे दोनों बैड पर आजू-बाजू (मैं दायीं तरफ, प्रिया बायीं तरफ) लेट गए. हां मगर हर कांट्रॅक्ट की रकम को देखते हुए तुमको उसकी कमिशन भी दी जाएगी.