देहाती ब्लू बीएफ

छवि स्रोत,ब्लू फिल्म देसी हिंदी

तस्वीर का शीर्षक ,

अली सेक्सी वीडियो: देहाती ब्लू बीएफ, कुछ देर के बाद मम्मी दादाजी के साथ लिप टू लिप किस करने लगी थीं और दादा जी मम्मी की चुचियों को उनके ब्लाउज के ऊपर से ही दबा रहे थे.

देसी सेक्स वीडियो hd

उसने ये कई बार किया और हर बार मेरे मुँह से सिसकारी से निकल जाती रही. सेक्सी हिंदी पोर्न वीडियोचीटिंग मॉम सेक्स कहानी मेरे पापा के दोस्त से मेरी मम्मी की चुदाई की है जिसे मैंने खुद अपनी आँखों से देखा.

धकापेल चुदाई होने लगी और चाची मुझे अपनी चूची का रस पिलाती हुई चुदाई का मजा लेने लगीं. बिल्कुल नंगी फोटोकुछ देर बाद मैंने अपना लंड दूसरे हाथ से बाहर निकाला और करवट लेकर लंड दादी की जांघ पर रख दिया.

पापा ने लड़के के मुँह में अपना लंड दे दिया और उसका लंड पकड़ कर दबाने लगे.देहाती ब्लू बीएफ: मामी एकदम से कराह उठीं- ऊम्म्म ऊमह मर गई … ऊमह उमह … उन्ह जीभ मत डालो बेबी … अब असली चीज डाल दो … मुझसे नहीं रहा जा रहा!वो अपनी कमर उचका कर बोलीं तो मैंने लौड़े को चूत के मुँह पर रख कर धीरे से धक्का दे मारा.

अपने मुँह से एक दूध को चूमने लगा और साथ में उसके पूरे बदन को सहलाता रहा.देसी सेक्सी हॉट गर्ल कहानी पड़ोस की युवा लड़की के साथ खेल खेल में हुई सेक्सी कारनामों की है.

বিএফ এক্স - देहाती ब्लू बीएफ

मैं गुस्से में था, रेखा हंस रही थी।थोड़ी देर बाद सबने खाना खा लिया तो आंटी ने मुझे इशारा किया कि इसे बिस्तर पर ले जाओ.आप जब चाहें मुझे बुला सकती हैं, पर मैं अपनी सुविधा के अनुसार ही आऊंगा.

उसकी तरफ से कुछ भी रिएक्श्न नहीं हुआ तो धीरे धीरे मैंने उसके बूब्स पर हाथ रख दिया और दबाने लगा. देहाती ब्लू बीएफ चूँकि मैं घर से बाहर आज तक नहीं रहा इसलिए ये सब मुझे बहुत ही अजीब लग रहा था और काफी उदास भी था.

किसी भी लड़की के लिए वो सबसे ख़राब स्थिति होती है जब आप उसको चरित्रहीन समझ लें या उसकी पहल पर आप उसके बारे कुछ गलत अनुमान लगा लें.

देहाती ब्लू बीएफ?

दो मिनट बाद मैंने अपने लंड का पानी उनके मुँह में छोड़ दिया और उनके बाजू में गिर गया. संजय- कैसी हो सीमा, दर्द तो नहीं हो रहा है?मैं- कौन हो तुम और मेरा नाम कैसे जानते हो?संजय- मेरा नाम संजय है और मैं तुम्हारे कॉलेज में ही पढ़ता हूँ. मुझे नहीं मालूम था कि आगे क्या होने वाला है बस ये लग रहा था कि ये अपना लंड जल्दी से मेरी चुत में ठांस दे.

उस समय मुझे अपने पैरों में एक अलग कमजोरी महसूस हुई … और रोज की तरह मेरा लंड आज सलामी नहीं दे रहा था. उस दिन भाभी ने उनसे कुछ भी नहीं कहा कि मुझे भी साथ ले चलो … या और भी कुछ नहीं कहा. इसमें रत्ती भर का शक नहीं है कि लड़की हम लड़कों से ज्यादा संयम और तेज दिमाग रखती है.

तुमने मेरी मम्मी चोद दी!मैं हंस दिया और कहा- मौसी ने देख लिया था कि मैंने तुम्हें चोद दिया है. उसने अपने लंड का टोपा मेरी चुत के ऊपर रख कर घिसा तो मुझे अप्रतिम मजा आने लगा. दोस्तो, आप यक़ीन नहीं करोगे, पर ऐसे तो कोई बच्चा चूची नहीं चूसता, जैसे वो मेरा लंड चूस रही थीं.

उस समय मेरी उम्र 18 साल की हुई ही थी, मेरा लंड अपने पूरे उफान पर था. ‘ऊउम्म उम्म्म्म …’हम दोनों दस मिनट तक ऐसे ही एक दूसरे को चूसते रहे.

करीब आधा घंटे बाद मेरा पानी भी निकलने वाला था तो मैं और जोर जोर से चुदाई करने लगा और उनकी चूत में ही झड़ गया.

बस तू कुछ गज़ब की माल है तो मैंने बोला था कि सबको तेरी चूत दिखा दूंगा.

वो जब बाहर आईं, तो ब्रा न पहनने के कारण उनके बूब्स इधर उधर हो रहे थे. मामी ने पेस्ट्री की क्रीम लंड पर लगा ली और लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं. हम दोनों ने मांडव (मांडू) जाने का प्लान बना लिया क्योंकि वहां का मौसम बारिश के समय काफी अच्छा रहता है.

हमने खेल शुरू किया तो मैंने पहले जानबूझ कर टॉवर गिरा दिया और तुरंत ही अपनी टी-शर्ट खोल कर चाची को पकड़ा दी ताकि चाची गेम खेलती रहें. उसने थोड़ी से आंह की आवाज़ निकाली और बोली- अभी जल्दी क्या है, मैं 2 दिन के लिए तुम्हारी ही हूँ. चचा लंड हिलाते हुए बोले- कैसा लगा?मैं बोला- चचा इससे तो मेरी गांड फट जाएगी, इतना मोटा मैं बर्दाश्त ही नहीं कर पाऊंगा.

बार बार सनी की छाती की कठोरता का अहसास करते हुए ऋतु सोच रही थी कि क्या सनी का लंड भी कठोर हो गया होगा … कहीं उसकी चुत न फट जाए.

मामी- आह आह मजा आ गया है … निकाल दो सारी गर्मी इस निगोड़ी चूत की … आह्हम्म उफ्फ्फ उफ्फ्फ और अन्दर डालो. उन्होंने अपना लंड मम्मी से चुसवाया और लंड का सारा माल मम्मी के मुँह में निकाल दिया. अगले दिन दोपहर में सुमन ने मुझे मेसेज किया और चाय की बात याद दिलाई तो मैंने सुमन को 5 बजे बुला लिया।5 बजे मैंने सुमन को मेसेज कर के बुला लिया.

कोविड 19 की वजह से लॉक डाउन लगा तो मेरी जिंदगी में बहुत कुछ बदलाव आ गया. मैं लगातार कोशिश कर रहा हूँ अपनी बीवी को किसी गैर मर्द से चुदवाने की. देसी गांड की चुदाई की कहानी मेरी ससुराल में ससुर जी के मुनीम की बीवी की गांड मारने की है.

मैं एक फ्लैट खरीद कर रहती हूँ और उसमें अकेली रहती हूँ तो वो एक दिन मेरे पास आया.

वो मेरी कहां सुनने वाली थीं, कहने लगीं- मेरी जान तुम चिंता मत करो … तुम्हारे रस को मैं पी जाऊंगी. मीना की सिसकारियां अब भी आ रही थीं मगर अब उन आवाजों में कामुकता थी- इस्स्स आहहहह ऊऊऊहह उम्म्म्म … प्लीज थोड़ा आराम से आअहह उउम्म्म्म मां आईईईइ मार दिया तुमने …वो बोलती रही- प्लीज़ और ज़ोर से … तुम आज अपनी सारी हद पार कर जाओ, आज यहां पर हमारे अलावा कोई नहीं है, तुम मुझमें समा जाओ आईईईई आआह.

देहाती ब्लू बीएफ करीब 10 मिनट तक ताबड़तोड़ चूत चोदने में मेरी बहन एकदम बेदम और लस्त हो गयी. दो चार धक्कों के बाद मैंने अपना सारा माल इक्शाना की गांड में ही झाड़ दिया.

देहाती ब्लू बीएफ ये आप मेरी … या फिर अपनी ही यौन दास्तान समझ कर पढ़िएगा, आप सबको यह रचना काफी पसंद आएगी. इतनी देर से मेरी साली और में आमने सामने बैठे थे और बातें कर रहे थे.

मैंने बिस्तर के नीचे से ही उनकी चुत पर अपनी जीभ लगा दी और उनकी चूत में डाल कर चाटने लगा.

गर्ल्स एक्स एक्स

उसके मुंह से मादक आवाज करते हुए कह रही थी- फिरोज आह मामूजान चूस लो … पी लो सारा दूध!फिरोज भी बारी-बारी से दोनों चूचियों को चूस रहा था. ऐसे ही सेक्स के अनुभवों को मैंने एक कड़ी में पिरोने की कोशिश की है कि कैसे एक लड़का और लड़की सेक्स की दुनिया से परिचित होता है, कैसे वो पहला सेक्स करता है, कैसे सेक्स की भाषा सीखता है और करीब करीब सारे लड़के और लड़कियां कुछ इसी तरह के अनुभवों से गुजर कर सेक्स सम्भोग का मज़ा लेते हैं. भाभी- क्या?मैंने कहा- हां भाभी, आप बहुत सुंदर हो … और मुझे बहुत अच्छी लगती हो.

उन्होंने कई प्रकार की जाँच करके 2-3 दिन बाद मुझे बताया कि तुम्हें ऐसी बीमारी हुई है, जिससे तुम्हें कभी छुटकारा नहीं मिल सकता … पर दर्द से राहत पाने के लिए तुम्हें हर रोज ये तीन दवाइयां खानी पड़ेंगी. मोना भाभी मेरे पास कामुक भाव से आईं और अपनी चूत को मेरे मुँह पर रख दिया. मैं आप लोगो को बताना भूल गया कि भाभी पहाड़ी परिवार से थीं और पहाड़ी लोगो का लंड 4 से 5 इंच का ही होता है.

पर अभी पूरी रात थी और मुझे अपना काम पूरा करना था … मतलब दीदी को चोदना था.

चूत में उंगली जाने से शिल्पा दीदी सिसक उठीं और वो लड़का उनके और मजे लेने लगा. उसी बात सुनकर मैं एकदम से सकपका गई और बोली- नहीं, मैं कुछ नहीं देखती थी. उसने 12 वीं कक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और इसी लिए आगे की पढ़ाई अच्छी तरह से हो, ये ख्याल रख कर मेरे चाचा ने उसे हैदराबाद के एक कॉलेज में दाखिला दिला दिया.

पहले हल्के हल्के रेशम से भूरे बालों के दर्शन, फिर जांघों से कटाव की लकीर और फिर गुलाबी सी बुर, जिसमें एक चीरा सा लगा था. मैंने निरोध लगाया और उसके ऊपर आकर उसके होंठ चूसने लगा और कभी कभी चूची भी चूसने लगा. सनी से ऋतु एक कामुक आवाज में बोली- मैं आपकी पत्नी भी हूँ और चुदने के लिए तैयार हूँ … लेकिन पहला धक्का मैं खुद मारूंगी.

ये सुन कर मैंने मंजू से कहा- तुम खुद उतारो न!मैंने उसको बिस्तर से उठा कर खड़ा कर दिया. पेपर खत्म होने के बाद मई में चाचा की बहन की सगाई थी तो हमारा परिवार भी वहां गया था.

तभी मुझे लगा कि जैसे मेरे अन्दर से कुछ निकल रहा है और मैं भलभला कर झड़ने लगी. [emailprotected]हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी का अगला भाग:मौसी की बेटी की कुंवारी चुत- 2. आज ऋतु पहली बार इस पोजिशन में चुद रही थी और अभी ये उसकी दूसरी ही चुदाई थी.

भाभी मेरी ओर अपलक देखने लगीं और धीरे से बोलीं- हां मैं भी तुमसे बहुत प्यार करने लगी हूं.

मेरा इतना कहते ही दीदी की शर्म खत्म हो गई और वो बोली- बता मैं देखूं कि तुझे दर्द होता कहां पर है. तो हमने अगले दिन ड्रिंक और डिनर करने का प्लान बनाया।मैंने शराब के साथ कवाब की व्यस्था करने को कहा, सुमन मान गई।मैंने मजाक में बोल दिया- शराब, कवाब के बाद शवाब मिल जाए तो मजा आ जाए।सुमन कुछ नहीं बोली. सनी हल्के हल्के से ऋतु की चूत के होंठों को हाथ से ऐसे सहलाने लगा, जैसे कि उसकी मालिश कर रहा हो.

मेरी पिछली कहानी थी:पति के तीन दोस्त और मैं अकेलीआज से 1 साल पहले मेरे एक मित्र मुकेश की शादी के रिसेप्शन पार्टी में सभी दोस्त गए थे. मैंने और विकी ने पूछा- चौथा कौन?तब मां बोली- अनिकेत भी हमारे साथ आएगा.

मैंने भाभी के पेटीकोट को भी हटा दिया और उन्हें बिस्तर पर लिटा कर उनकी चुत सूँघने लगा. भैया भाभी के ऑफिस चले जाने के बाद मैंने उससे बात करने की कोशिश की पर उसने दरवाजा बन्द कर लिया और मेरी बातों का कोई जवाब भी नहीं दिया. मैंने अपने चूतड़ दोनों तकियों पर आराम से रखे हुए थे और मोहित भी कम्फ़र्टेबल पोजीशन में था.

एक्स एक्स एक्स बिहारी

स्मूच करने के बाद मैंने मैंने दीदी के बूब्स दबाते हुए कहा- दीदी, मुझे इनको देखने का मन हो रहा है.

मैंने कहा- बच्चे कब तक सोएंगे?दीदी बोलीं- सो जाएंगे अभी, मैंने दूध में उनको नींद की गोली दे दी है. कुछ 5 मिनट के बाद मैंने सास को पेट के बल लिटा दिया और पीछे से उनकी गांड को फैला कर छेद पर अपनी जीभ लगा दी. मैं जैसे ही पलटा और दरवाजे को खोलने ही वाला था कि भाभी पीछे से आकर मुझसे चिपक गई.

मामी मेरे खड़े लंड को देखती रहीं, फिर लाइट ऑफ करके मेरे और अपने ऊपर रजाई लेकर लेट गईं. मगर धीरे धीरे अब मैं उससे ज़िद करने लगा था और उसे अपनी कसम देने लगा था. बड़े लैंड की सेक्सीनीचे से मेरा लंड उसकी चूत को घिस रहा था, ऊपर में उसके बूब्स को दबाते हुए कभी उसके होंठ चूसता, तो कभी उसकी चूची चूमता.

पर तेरे को पता है कि उसको कैसे लगाते हैं?मैं- नहीं आप मत निकालना, पकड़ी गई तो सब गड़बड़ हो जाएगी. अब कमरे में ‘पट पट …’ की ध्वनि के साथ मादक सिसकारियों की आवाज आ रही थी और तेज सांसें चल रही थीं.

मीना मेरा हाथ पकड़ अपने कमरे में ले गई और खुद बाहर जाकर दरवाज़ा बंद कर आई. सनी अब धीरे धीरे लंड बाहर की ओर खींचता और जैसे ही दबाव बढ़ाता तो ऋतु के चेहरे पर दर्द साफ दिखने लगता. मैंने उसकी चूत पर लन्ड सेट किया और अपनी कमर को थोड़ा पीछे कर के एक झटके मे फिर से अपना लन्ड उसकी चूत में उतार दिया.

करीब ग्यारह बजे मीना की प्रेस में काम करने वाला आया और मुझसे बोला- दीदी मुझे बुला रही हैं, उन्हें कुछ सामान मंगाना है. वो कभी मेरे आंड छूती, तो कभी लंड की टोपी को देखती, तो कभी लंड की चमड़ी पीछे करके स्किन को नाख़ून से हौले से सहलाती. मेरी उत्तेजना भी फिर से बढ़ चुकी थी और अपने मुँह की वो हालत दोबारा नहीं करानी थी, तो लेट गई और लंड खींच कर चूत पर टिका दिया.

अचानक उन्होंने पलट कर मुझे अपने ऊपर कर लिया और मेरे मुँह में अपना एक दूध दे दिया.

मैंने एक को मुँह में भर लिया और एक को अपने हाथों से दबाने लगा, निप्पल को दो उंगलियों में लेकर मसलने लगा. जब मैं सुबह उठा तो मैंने ऐसे रिएक्ट किया, जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं था.

मैं अपना लंड पिंकू की चूत में अंदर तक डाल रहा था जिससे पिंकू की चीख निकल रही थी. एक हाथ से एक बूब को दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चुत को सहला रहा था. इसलिये घर में मैं, मेरी सास और ससुर ही थे।हाँ एक अजीब बात जरूर थी … मैं कैसे भी रहूँ, मेरे ससुर मेरी तारीफ बहुत करते थे, मेरे पहनावे पर यह जरूर बोलते थे कि बहुत खूबसूरत लग रही है मेरी बहू!पूरी आजादी थी मुझे कुछ भी कपड़े पहनने की!जब भी उनके पैर छूती थी, मेरी छाती की उठान और उनके बीच की गहराई को घूर-घूर कर देखते थे।मैं इन बातों में ध्यान नहीं देती थी.

अब मैं क्या करूं?मैंने मानवता के नाते मेरे एक फ्लैट, जहां मैं कभी कभी अपने दोस्तों के साथ दारू पीने का प्रोग्राम करता हूं, उधर पर उसको रुकवा दिया. रात के करीब 11 बजे मेरे रूम के दरवाजे को किसी ने धक्का दिया तो मैंने उठ कर गेट खोला. मैंने तुम्हें बचपन मैं ही बिना कपड़ों का देख लिया है और वैसे भी कल रात को तो …रेणु ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और झट से अपनी टी-शर्ट उतार दी.

देहाती ब्लू बीएफ हालांकि फूफा जी इस बात से निश्चिंत थे क्योंकि उन्हें मालूम था कि बुआ का ख्याल रखने के लिए मैं गांव में था. अगले ही पल मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और भाभी की तरफ वासना से देखने लगा.

सेक्सी एक्स एक्स वीडियो

या यूं कहिये कि जिस चीज की वो अपने घटिया पति से उम्मीद करती थी, आज मुझसे उसे मिल रही थी. शुरू में तो वो मुझे दीदी बोलता था लेकिन कुछ दिनों से उसने मुझे दीदी बोलना बंद कर दिया. जब थोड़ी देर हुई, उसके बाद मैंने देखा भाभी कुछ नहीं कर रही हैं तो मैंने अपना लंड कच्छे से बाहर निकाल दिया.

मैंने तेज तेज शॉट मारे और अपना लंड चुत से खींच कर लंड का माल उसके मुँह पर झाड़ दिया. कुछ धक्कों बाद रेणु की गांड का गड्डा चौड़ा हो गया और वो फौजी से अपनी गांड मराने लगी. राजस्थानी xxxxअब मुझे भी गांड में लंड लेने का मन था तो मैं उससे बोली- चल ठीक, मैंने तुमको अपनी मां की गांड मारते देखी है … इसलिए मैं रेडी हूँ पर आराम से मारना.

अपने हाथों से मैं धीरे-धीरे दीदी के बालों को पीछे करने लग गया ताकि दीदी के बूब्स से सारे बाल हट जायें और मैं दीदी के टाइट बूब्स को देख सकूं.

उसने बताया कि जब वह कमसिन थी, एक पुरुष ने उसकी चूत में अपनी मोटी उँगली अचानक डाल दी थी. बुर फाड़ चुदाई की कहानी के पिछले भागपहली बार कुंवारी चूत में लंड घुसायामें अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैंने मीना की चुत में लंड पेल दिया था.

अपनी गांड में उंगली पाते ही आंटी ने जोर से सिसकारी भरी- आह हहह …उसके कान को चूसते हुए मैं गांड को जोर जोर से मसल रहा था. रूही भाभी सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं, उनके मोटे मोटे बूब्स उनकी ब्रा को फाड़ कर बाहर आना चाह रहे थे. वहां कैसे बुआ ने मुझे अपना नंगा बदन दिखाकर पटाया?दोस्तो, इस हॉट औरत सेक्स कहानी में मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपने बुआ के तपते बदन को चोदकर शांत किया.

कभी-कभी हम दोनों एक दूसरे की मुट्ठी मार दिया करते थे और एक दूसरे का लंड चूस कर एक दूसरे को मजा भी देते थे।मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम दोनों गे नहीं हैं.

वो मेरी कहां सुनने वाली थीं, कहने लगीं- मेरी जान तुम चिंता मत करो … तुम्हारे रस को मैं पी जाऊंगी. दिनेश ने मुझे सहलाना दबाना शुरू किया तो अपने अगले चरण के लिये तैयार होने में मैंने उसी रगड़ाई का सहारा लिया।जब दोनों अच्छे गर्म हो गये तो इस बार उसने बेड से नीचे उतर कर मुझे बेड के किनारे खींच लिया और टांगें पूरी तरह खोल कर मेरी योनि सामने उभार ली।इस बार तेल की जरूरत नहीं थी…खुद से पैदा चिकनाई ही काफी थी और अंदर घुसाते में जो कसावट मिली. मीना- मस्त मजा आ रहा है … अन्दर तक घूसाओ आशु उह्ह्ह … आह्ह्ह …फिर दोनों ने एक दूसरे को जकड़ कर अपना अपने सर्वस्व एक दूसरे में गिरा दिया और निर्जीव से होकर हांफने लगे.

एचडी बीपी एचडी बीपीवो बोले- अरे मेरी जान, तुम अब यहां 3 महीने और रुकोगी, मैं तुम्हें जाने ही नहीं दूँगा. उसे सूंघने से पता चला कि मासी की चूत की खुशबू उत्तेजित करने वाली थी; असली मादक भरी पूरी औरत की खुशबू जो किसी को भी दीवाना कर दे!पर मैंने खुद पर कंट्रोल किया और उसे वापस वहीं पर रख के सोने चला गया।अगले दिन सुबह:मैं उठकर अपने काम करने लगा.

चोदने का फिल्म

सलवार के कपड़े के ऊपर से ही पैंटी साइड करके उसकी चुत की लकीर को सहलाने लगा. तभी सनी के धक्के बहुत तेजी से पड़ने लगे और उसके मुँह से आवाज निकलने लगी. विकास समता के और करीब हो गया और अपना हाथ समता के कमर में डालकर उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर धीरे धीरे होंठ चूसने लगा.

दोनों के मुँह से जोर जोर से आवाजें निकल रही थीं, जिन्हें सुनने वाला वहां कोई नहीं था. मैं उनसे बात करते टाइम उनकी कमर में, कभी गले में हाथ डालकर चल लेता था. जीजा साली सेक्सी स्टोरी मेरे अब्बू और मेरी छोटी खाला यानि मेरी मौसी की चुदाई की है.

उन्होंने चूतड़ सहलाते हुए कहा- बेटा थोड़ा दर्द बर्दाश्त करो, आसानी से घुस जाएगा और अपनी गांड ढीली किए रहो. करीब आधा घंटे बाद मेरा पानी भी निकलने वाला था तो मैं और जोर जोर से चुदाई करने लगा और उनकी चूत में ही झड़ गया. उनके दोनों चूतड़ों के बीच की दरार और चूचों को हिलता देखकर मैं सब सुध-बुध खो बैठा था.

मैंने आंटी की जांघों पर अपनी जांघ रख दी और मैक्सी के अन्दर हाथ डाल कर उनके रसभरे चूचों को सहलाने लगा. तभी चाची बोलीं- अरे प्रतीक, आज सुबह सुबह कैसे आना हुआ?मैंने कहा- कुछ नहीं चाची, आज कॉलेज की छुट्टी थी … तो सोचा आपके यहां आ जाऊं.

उसने मेरी तौलिया को खींच कर मेरी गांड के नीचे से निकाल दिया और मुझे घोड़ी बना दिया.

कुछ देर तक तो मैं उसकी जवानी को देखता रहा मगर जब वो खुद अपने हाथ से अपने दूध सहलाने लगी और चूत सहलाने लगी तो मैं कण्ट्रोल नहीं कर सका. भोजपुरी फिल्म ब्लूपर मैंने थोड़ा जिद किया और कहा- थोड़ी देर और देखने देने के लिए!तो वो बोलीं- इतनी अच्छी लगी तुम्हें मेरी चूत? बस देखते ही रहोगे क्या?हाँ मासी!” मैं बोला. न्यू इंडियन पोर्नदोस्तो, मेरी बीवी ऋतु एक गैर मर्द सनी के लंड से चुदाई का मजा ले रही थी और वो सब मैं आपको इस सेक्स कहानी में लिख रहा हूँ. मैंने ऑफिस के वाशरूम में जाकर अंडरवियर उतार कर अपनी जींस की जेब में रख ली और मेरी ज़िप खुली रहने दी.

चाची ने आंह आंह करके पूरा लंड अपनी चुत में लिया और मेरे सीने पर झुक कर मुझे नशीली आंखों से देखने लगीं.

मामी के गोल गोल और गोरे चूतड़ लहरा गए … उनके चूतड़ एकदम शेप में परफेक्ट थे. चूत पूरी गीली हो चुकी थी और फ़च फ़च फ़च की मधुर आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी. उसकी मुलायमियत सच में मुझे ऐसा महसूस करा रही थी मानो मेरे साथ कोई अप्सरा हो.

मीना- हम्म … तू तो काफी आगे निकल गया रे!मैं- तुमने किया है किसी के साथ क्या?मीना- नहीं रे … डर लगता है कोई देख लेगा … और कोई मुझको तेरे जैसा मिला ही नहीं, जो इतना समझदार हो. फिर उसके पीछे जमीन पर खड़े होकर उसकी चूत में लन्ड पेल दिया और जोर जोर से धक्के मारने लगा. मैं अपने रूम में आ गया और भाभी के बारे में सोचने लगा कि आज तो मेरा सपना पूरा होने वाला है.

এক্স এক্স এক্স এক্স এক্স এক্স

फिर मैंने अपने एक हाथ को भाभी की पैंटी के अन्दर डाला और उनकी चिकनी चूत की दरार में एक उंगली डाल दी. पापा और मेहमानों ने दारू पी थी, उस बोतल में आधी बच गई थी, तो दादी मम्मी से बोलीं- पिएगी?मम्मी बोलीं- हां. झड़ने के बाद लंड सिकुड़ कर बाहर आता गया और ऋतु उसका सारा वीर्य हलक में गटक गई.

मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से गांड में लौड़ा घुसा दिया और चोदने लगा।अब लंड गपागप गपागप अंदर बाहर अंदर बाहर अपनी रफ़्तार से दौड़ने लगा।नफीसा की गांड से थप थप की आवाज़ तेज होने लगी थी।अब गांड का सुराख खुलने से लंड आसानी से अंदर बाहर होने लगा था।नफीसा की बड़ी गांड में जब लंड अंदर जाता तो उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां हिलने लगती थी.

मेरे चूतड़ों को पीछे किया और कहने लगा कि तेरी चूत अभी थोड़ी ही लाल हुई है.

इसके बाद तो कुछ ऐसा चस्का चढ़ा कि मैंने अपनी बहन की ही नहीं, अपने मकान मलिक की दो लड़कियों की भी चुचियां देखना शुरू कर दिया था और मुठ मारने लगा था. मैंने एक हाथ चूत में चालू रखा और एक हाथ से उसकी मतवाली गांड को फैलाकर अपनी जुबान उसकी गांड के छेद में लगा दी. देवर भाभी का सेक्स वीडियो एचडीजीजू का लंड मेरी जीभ की नोक से टच होता और मैं उसी पल जल्दी से अपनी जीभ लंड के टोपे पर फिरा कर जीजू को मजा दे देती.

तो उसने मेरे सामने ही उससे पूछा कि ये कौन है?उसने उसे सच बताया- यार, ये मेरा ब्वॉयफ्रेंड है. फिर सुबह उठकर उन्होंने कॉफ़ी बनाई और हम दोनों ने बात करते हुए कॉफ़ी पी. मेरी सेक्सी हिन्दी कहानियाँ सबको पसंद आती है तो मैं नई कहानी जीजू के जोरदार लंड की लेकर आयी हूँ.

इतने में उसने अपना लंड जहां से सलवार फटी थी, वहां से मम्मी की चुत में डाल दिया. इसी वजह से मैंने दुकान से बाल सफा क्रीम लाकर अपनी झाँटों को एकदम साफ कर लिया और लंड को एकदम चिकना बना लिया.

मेरा मन उसकी चूचियों को पीने का होने लगा तो मैंने जानबूझ कर उसको छूने की कोशिश की.

[emailprotected]पहली बार सेक्स का मजा कहानी का अगला भाग:मेरी यौन अनुभूतियों की कामुक दास्तान- 5. पूरे रास्ते मीना मेरे शरीर से चिपक कर बैठ कर मेरे लंड को सहलाती रही. थोड़ी देर बाद बहन ने मेरी तरफ़ करवट ले ली, जिससे मेरी नींद भाग गई और मैं सोया नहीं.

पश्चिम बंगाल सेक्सी वीडियो मेरे प्यारे पाठको, आपको इस भाई और बहन की चुदाई कहानी में मजा खूब आ रहा होगा, यह मेरा दृढ़ विश्वास है. com/imranovaish2कहानी का अगला भाग:अन्तर्वासना से भरी हॉर्नी नगमा- 6.

सनी ने बहुत प्यार से मेरे माथे पर एक चुम्बन लिया और मेरी आंख में देखने लगा. आज बुआ ने अलग ही किस्म का परफ्यूम लगाया था, उनकी पूरी चूत महक रही थी. सुबह सन्नी अपने घर निकल गया और जीजू ने सब फैला हुआ साफ किया और अस्पताल चले गए.

डब्ल्यू डब्ल्यू एक्स एक्स वीडियो

मैं अपने रूम में आ गया और भाभी के बारे में सोचने लगा कि आज तो मेरा सपना पूरा होने वाला है. बंगाली लड़की के बाद पंजाबी लड़की और फिर गुजराती माल को चोदना मेरी पसंद रहा है. मैंने कहा- आपको कैसे मालूम?वो बोलीं- तुमने डाला तो था शुरू में!मैंने कहा- वो तो थोड़ा सा ही गया था … सही बात बोलो?वो हंस दीं और बोलीं- तुम्हारे भाई मेरी कभी कभी गांड मारते हैं.

तो मैंने सोचा कि चलो बात आगे बढ़ाई जाए वरना सारी सारी रात मालिश में ही निकल जाएगी. मैं समझ गई कि अब मुझे रेस्ट मिल जाएगा, इसलिए जीजू उससे ड्रिंक की बात कर रहे हैं.

तब दीदी एक किस कर ली मेरे लंड के सुपारी पर!फिर मैंने बुर से मुंह हटाकर दीदी से कहा- दीदी, जैसे मैं आपको प्यार कर रहा हूं आप भी करो ना मेरे औजार को प्यार!दीदी समझ गई और मेरे लंड के सुपारी को उन्होंने अपने होठों से चूसना चालू कर दिया!मुझे गजब का मजा आ रहा था जिसकी वजह से मैं उनकी बुर को और जोर-जोर से चाटने लगा.

और ये क्या … चुत की जगह पर हल्की हल्की सुनहली झांटों से भरा चिकना लंबा मोटा लंड देखकर वो दोनों हैरान रह गए. फिर उसने मम्मी को लिटा दिया और अपने लंड पर कंडोम पहन कर मम्मी को चोदने में लग गया. राजेश अंकल मेरी मम्मी की चुत में लंड डाल कर उनकी ताबड़तोड़ चुदाई कर रहे थे.

प्रदीप बोला- हम दोनों का एक बार हो गया है … अब क्या करना है?सपना ने लंड को मुँह से बाहर निकाला और मुँह बनाकर बोली- वहीं जाओ और बैठो, जितना करना है करो. ऋतु से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपने हाथ नीचे ले जाकर लंड को चूत के छेद पर टिका दिया. उसके बाद हमारी चुदाई इस तरह से होती थी मानो यहां कोई स्पीड ब्रेकर ही नहीं है, चिकनी फोरलेन पर गाड़ी दौड़ी चली जा रही हो.

उन्होंने मेरे कान में कहा- मेरे भाई, मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं, तुम्हारे लिए दुनिया में कुछ भी कर सकती हूं, हर दर्द सह सकती हूं.

देहाती ब्लू बीएफ: एक बार तो हुआ कि मोहित को बोल दूँ कि ये चुत नहीं है … बल्कि मेरी गांड का छेद है. प्रदीप ने प्रिया को अपने लौड़े के ऊपर से अलग कर दिया लेकिन प्रिया झड़ी नहीं थी तो बहुत गर्म हो थी.

मंजू- मीना दी क्या कह रही थीं … आराम से करना!मैं- अरे वो कह रही थी कि तुम्हारी चुदाई प्यार से करना. आप तो इतना लंबा वक्त मामी से दूर कभी नहीं रहे होंगे। आपको मामी की याद नहीं आती? अगर अगर आती है तो क्या करते हैं आप?फिरोज उसे हवस की नजर से देखने लगा. सॉरी आंटी!आंटी ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ा और मुझसे कहा- इसे अपनी पैन्ट के अंदर करो.

मैं जिद करने लगा कि मुझे भी लड़की चोदना है, इस पर सतीश भी मेरे साथ हो गया और वो भी जिद करने लगा.

एक दिन शाम को हरदीप सिंह जी को किसी पार्टी में शहर से बाहर जाना था. और उसके आम जैसे बड़े बड़े उरोज क्या गजब ढाते हैं यार … मेरा मन तो करता है कि अभी ही उन रसभरे आमों को चूस लूं. मैं उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला हूं।मेरी पत्नी का नाम शिवानी है.