मौसी भतीजे की बीएफ

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मैंने कहा- हाँ, यह ठीक रहेगा !फिर हम काफी देर तक एक दूसरे की गर्दन में बाहें डालकर चिपककर बैठे रहे। तब तक 5 बज चुके थे. राजस्थानी सैक्सएक दिन मैंने सोचा कि चलो देखे कि वो कितना सच बोल रही थी और मैंने उसे फोन किया तो उसने मुझे अपने घर पर आने के लिये बोला.

नज़रें जैसे जमीन में गड़े जा रहीं हो…!!!मैं : मुझे पता है तेरा स्कूल जाने का मन नहीं है. एक्स एक्स सनी लियोनतान्या इतने जोर से चिल्लाई कि उसकी आवाज से पूरा कमरा गूँज उठा मगर दरवाजा बंद होने की वजह से आवाज बाहर नहीं गई.

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तान्या इतने जोर से चिल्लाई कि उसकी आवाज से पूरा कमरा गूँज उठा मगर दरवाजा बंद होने की वजह से आवाज बाहर नहीं गई.ये खूबसूरत और बहुत ही उत्तेजक हैं।’कहते हुए मैं उसकी गांड और चूत चोदने लगा… करीब बीस मिनट से ज्यादा हो गया था।रागिनी कहने लगी- मेरे पैर दुःख रहे हैं.

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उसने एक दम से मुझे पलंग पर गिरा दिया, मेरे ऊपर लेट गई और कहने लगी- तुझे बड़े बड़े सेब खाने थे ना? ले आज जी भर कर खा ले!और उसने अपना गाउन नीचे को करके अपना एक मोमा मेरे मुँह में दे दिया जिसे मैं कस कर चूसने लगा.अब मैंने पीछे हाथ ले जाकर उसके ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा के खुलते ही उसने अपने दोनों हाथों से अपने स्तनों को ढकना चाहा लेकिन मैंने उसके हाथ पकड़ लिए।मैं उसके नायाब खजाने को देखना चाह रहा था.

तभी उसने अपनी अंगुली मेरी चूत में घुसा दी और मेरे पास आकर मेरे स्तन उघाड़ कर चूसने लगा. मौसी भतीजे की बीएफ ?पर पर क्या ? उसने कहा- अगर कोई परेशानी है तो बाकी भी उतार देती हूँ।यह बोलते ही उसने अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी। क्या चूची थी उसकी.

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नीना जब बाहर के कमरे में आने में देर लगाने लगी तो मैंने झांक देखा तो वह खुद को शीशे में निहार रही थी. मैंने कहा- पर मोना के होते हम कैसे मिल सकते हैं?तो वो मुस्कुराई और बोली- मोना को भी मैंने इसी शर्त पर माफ़ किया है. उसके बाद खुद ही उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे कपड़े उतारने लगी और बोली- मैं आज तुमको वो सब कुछ सिखा दूँगी जो एक मर्द और औरत के बीच में होता है!मैं कुछ भी नहीं बोला और मन ही मन में बहुत खुश हो रहा था लो आज मुझे वो सब कुछ मिलने वाला है जिसके बारे में सिर्फ सपने में ही सोचता था.

इसीलिए समझे मेरे प्यारे अन्नू !मैंने कहा- ठीक है ! मैं तुम्हारा इंतज़ार करूँगा !फिर हम दोनों ने एक दूसरे से लव यू ! लव यू ! कहा, फोन पर एक दूसरे को चूमा भी, और फोन रख दिया !फोन रखने के बाद मेरे दिमाग में दूसरे दिन के लिये कुछ शरारतें घूमने लगी. अब मामी ने धीरे से अपने पैर उठाये और अपनी छाती के पास ले गई जिससे अब उनकी गांड का छेद मेरे सामने आ गया था. ‘अरे तो क्या?… देखो कितने रसीले हैं… और मसल दूँ!’ जीजू ने फिर से मेरी छोटी छोटी सी चूचियाँ मसल दी.

पर रीटा ने जल्दी ही होश सम्हाल लिया और मस्ती में आकर अपनी गोरी गोरी चिकनी टांगों को हवा में ऊपर उठा दिया तो बहादुर का लौड़ा चूत की कुंवारी गहराइयों में विचरण करने लगा. नमस्कार मेरा नाम करन है, मैं देहरादून का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 19 साल है। लंड, चूत, गांड, चूचे जैसे शब्द सुन कर ही हमारे यौन-अंग उत्तेजित हो जाते हैं, कैसे चूत तरस जाती है लंड के लिए, कैसे लंड तड़प उठता है एक योनि के लिए।तो लीजिये पेश है एक ऐसा सच्चा वाकया जिसे सुन कर महिलाओं की चूत बह उठेगी और पुरुषो के लंड झड़ जायेंगे।मेरे पिताजी पी. खूब चुदाई करते और खूब काम करते…एक दिन तो उसने मुझे सबके रहते हुए ही कॉपी रूम में पकड़ लिया.

कि रात को जो कुछ हुआ सिर्फ एक सपना था…और उसी उत्तेजक स्वप्न के कारण ही मेरी कच्छी गीली थी…नहाने के बाद खुद को शीशे में देख कर मैं अपने ही यौवन पर इतराने लगी. वो उठकर चला गया। मौसी थोड़ी गुस्सा होने ही वाली थी कि :दूसरा ग्राहक- मैं देता हूँ ! चल ! मगर तीन घंटे बैठूंगा और पूरा मज़ा लूँगा।सुनीता- आ जा मेरे राजा ! बजा दे मेरे भोसड़े का बाजा।सुनीता ने उसकी बाहों में बांह डाल दी और चल पड़ी चुदवाने।मौसी- साली बड़ी तेज है ! 4 दिन में 20000 रु.

अंकल- चिंता मत करो डार्लिंग! शिकायत का मौका नहीं दूंगा!यह कह कर अंकल ने मम्मी के ब्लाऊज़ की तरफ हाथ बढाया और खोल दिया.

मैं अपनी पैंटी और ब्रा भी हटाई, मेरी फुद्दी और कांख के बाल देख वो नाराज़ हो गया !उसने तुरंत अपने बार्बर से शेव करवाया … और दो लोग अच्छे से मुझे मालिश कर रहे थे ….

मेरी पीठ को सहलाते हुए वो गीलेपन के उस एहसास को महसूस करने की कोशिश करने लगी जो बरसों के बाद उन्हें नसीब हुआ था।मैं झड़ रहा था. राहुल अंकल जोर जोर से सिस्कार रहे थे- ओह! आह्ह्ह्ह्! बड़ा मजा आ रहा है! क्या मस्त चूसती है तू! आज तूने पागल कर दिया है! आज तो तेरी ऐसी गांड मारूँगा कि तू लौड़ा लेने के नाम से डरेगी. उस पर मेरा और उसका दोनों का रस लगा हुआ था और उसकी चूत से भी मेरा क्रीम बहते हुए उसकी गांड की तरफ़ बह रहा था।उसकी चूत एकदम लाल हो चुकी थी.

मुझे मेरे पति स्टेशन तक छोड़ने के लिए आए और मुझे मेरे कूपे में बिठा कर टिकेट चेकर से मिलने चले गए. में…डाल…’मेरी बात सुन कर उसने चूत में से अपना लंड निकाल लिया और मेरे गाण्ड के छेद पर लगाने लगा. मेरा दिल जीजू के प्यार में रंगने लगा था, मुझे लगने लगा था कि जीजू के बिना अब मैं नहीं रह पाऊँगी.

कुछ दिन बीतने के बाद हमारी बातें होनी शुरू हो गई, वो मुझसे मेरे कॉलेज के बारे में पूछती थी या कोई छोटा मोटा काम बता दिया करती थी, पर मेरा मन तो हमेशा भाभी की चूचियों पर अटका रहता था और हमेशा उसको चोदने के बारे में सोचता था.

‘विपिन, चुप हो जा, बड़ा आया गुड मॉर्निंग करने वाला!’‘इतनी प्यारी और सलोनी गाण्ड का उदघाटन तो करना ही पड़ेगा, भाभी, कर दूँ उदघाटन?’मैं शरमा उठी. मेरे दिमाग में ज्योति का वो ब्रा-पेंटी और आयशा का नाईटी वाला रूप घूमने लगा और मैंने सामने खड़ी आयशा को बाहों में ले लिया वो चिल्ला पड़ी, जिसे सुन कर ज्योति भागती हुई आ गई. वो शायद मेरे लौड़े को देखने को बेताब हो रही थी और जब मैंने लौड़ा छुपाए रखा तो उसने इशारे से हाथ हटाने का आग्रह किया.

निकली। अब मैंने उससे कहा कि अपने कान की लम्बाई नापो। ये काम तो मुझे ही करना था। इस बार मैंने उसका दूसरा गाल भी छू लिया। क्या मस्त मुलायम चिकना स्पर्श था। साली के गाल इतने मस्त हैं तो चूचियाँ तो कमाल की होंगी। ख़ैर कान का नाप भी 9 से. अचानक हम दोनों को पता नहीं क्या हुआ, हमने बातों में ही फोन सेक्स शुरु कर दिया।जो इस प्रकार था…शशांक : मैं तुम्हें हग करना चाहता हूँ…. मैंने अपनी अंगुली पर थूक लगाया और शुकू की गांड के छेद पर लगा दिया। वह तो उछल ही पड़ी।…….

मगर मुझे टीचर की नौकरी पसंद नहीं आ रही थी इसलिए मैंने स्वाति दीदी से सिफारिश लगाने के लिए कहा, तो दीदी ने कुछ दिनों तक इन्तजार करने के लिए कहा.

सुनील- अच्छा बाबा, जैसे तुम ठीक समझो … कम से कम मेरे फ्लॅट में जाने में तो तुमको कोई दिक्कत नहीं है … या वहाँ के लिए भी कोई बहाना सोच कर रखा हुआ है?सोनिया- तुम्हारा फ्लॅट!सुनील- हाँ मेरा फ्लॅट, अब ज्यादा आना-कानी मत करो … चुपचाप चलो अगर नहीं डरती इन चीज़ों से तो ! और अगर डरती हो तो तुम यहीं रहो … पर काम के सिलसिले में जिंदगी में किसी भी तरह की आगे कोई मेरे से मदद की उम्मीद मत करना. उ… आवाज ही आती रही।पन्द्रह मिनट चोदने के बाद उसने लन्ड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया, मुझे घुटनों के बल बैठा कए लन्ड मेरे मुँह में दे दिया। उसका इतना बडा लन्ड मुँह में जाने से मैं सांस भी नहीं ले पा रही थी। उसने मेरे मुँह में चोदना शुरु किया, मैं चूत से झड़ गई थी, फ़िर भी वो मुझे मुँह में चोदता रहा।इतने में ही उसने मेरे बाल कस कर पकड़ लिये और बोला- जोर से चूसो… जोर से….

मौसी भतीजे की बीएफ अन्तर्वासना के पाठकों को एक बार फिर से मेरा प्यार और नमस्कार! अपने बारे में ज्यादा ना बताते हुए क्योंकि कहानी के पहले भाग में मैं अपने बारे में बता चुका हूँ, मैं अपनी कहानी आगे बढ़ाता हूँ. कौन पिंकी?’‘वही जिसके नाम के ऊपर तुम अपना वो पकड़ कर गोल गोल घुमाते हुए सू सू करते रहते हो?’वो बिना बोले सिर नीचा किए खड़ा रहा।‘कहीं तुम्हारी प्रेमिका-व्रेमिका तो नहीं?’‘न… नहीं तो !’‘शरमाओ नहीं… चलो सच बताओ?’ मैंने हँसते हुए कहा।‘वो… वो.

मौसी भतीजे की बीएफ दोस्तो, अन्तर्वासना में मैंने जब कहानियाँ पढ़ी तो मेरा भी मन हुआ कि मैं भी अपने बारे में अन्तर्वासना के पाठकों को बताऊँ!मेरा नाम राज है तथा मेरी उम्र 26 साल है. शुक्रिया… आपका नाम क्या है?”थाने नाम कांई करनो है… छबीली नाम है म्हारो, ओर थारा?”नाम से क्या करना है… वैसे मेरा नाम छैल बिहारी है!” मैंने उसी की टोन में कहा.

पिछला भाग:जीजू के साथ मस्त साली-1जीजू मेरी गांड मारने लगे, मैं बोली- जीजू, रहम करो! आप मेरी गांड को बख्श दो, मेरी फ़ुद्दी चोद लो!मुझ बावली को क्या पता कि मेरा जीजा तो चाहता ही यह था.

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रागिनी के कुछ समझने के पहले मैंने उसकी पतली कमर को पूरी ताकत से जकड़ कर एक धक्का लगा दिया. मैंने पूछा- तुमने पहले भी देखा है क्या?तो उसने कहा- हाँ, मेरे स्कूल में मेरा एक बॉयफ़्रेंड है, उसी का देखा है…. बहादुर ने हाथ ओर ऊपर सरका दिया- अब?मस्ती में रीटा स्कर्ट उलटती बोली- नहीं, जरा सा और ऊपर करिये तो बताती हूँ!बहादुर एक हाथ से अपना लौड़ा रगड़ने लगा और दूसरे हाथ से हाथ रीटा की मक्खन सी गुदगुदी गाण्ड को मसलने लगा- अब कुछ आराम आया?बेहया रीटा टांगों को चौड़ाती बुदबुदाती सी बोली- नहीं, जरा बीच में करिये तो बताती हूँ.

शालू- 32″मैं- कभी दबवाई हैं या नहीं?वो ही जबाब जो हर रण्डी भी देती है- नहीं!फिर मैं अपना हाथ धीरे धीरे उसकी नाइटी में डालने लगा तो उसने मना कर दिया. मुझे कुछ भी समझ में नहीं आता था कि हम दोनों में ऐसा क्या हो गया है कि छूना तक उसे बुरा लगने लगा था. स्कर्ट उसकी गोरी मखमली टांगों से ऊपर उठ कर जांघों तक तक़रीबन चड्डी से कुछ ही सेंटीमीटर नीचे रह गई थी.

पहले ख़याल आया कि जल्दी से शादी हो जाए, लेकिन अभी दूर-दूर तक कोई मौका नहीं था। फिर सोचा किसी को बॉयफ्रेंड बना कर उससे अपने जिस्म की अनकही दास्तनां मुकमिल करवाऊँ और उसके जिस्म से अपनी प्यास बुझाऊँ.

वो देख रहा था कि कैसे उसकी बहन मस्त होकर चुदवा रही है अपने बॉस से और फ़िर उसका लंड भी हिला रही है।मेरे बॉस का रस निकलने वाला था… उसने लंड बाहर निकाल कर उसे मेरे दोनों बूब्स पे गिरा दिया…।मेरे हाथो में अभी भी राहुल का लंड था…वो अभी भी पूरा तना हुआ था और अपनी रूबी दीदी की बुर में जाने को बेताब था…. अंदर आ जाओ!मैं अंदर चला गया तो वो बोली- मम्मी थोड़ी देर के लिए बाहर गई हैं, अभी आती होगी. [emailprotected]और मेरी जान राज को भी जरूर बताना की यह कहानी आप सभी को कैसी लगी[emailprotected]1815.

तभी उन्होंने मेरे सुपारे की चमड़ी पलट दी और लण्ड की कोमल धार पर अपनी अंगुली घुमाने लगी. क्या सच में राधा मुझे चाहती है?मेरी पत्नी का स्वर्गवास हुए पांच साल हो चुके थे, क्या यह नई जिन्दगी की शुरूआत है? फिर गौरी ऐसे क्यों कह रही थी? कही वो भी तो मुझसे… मैंने अपने सर को झटक दिया. ‘चाची, आह , मैं तो गया, हाय रे…’उसके हाथ अब सधे हुये ताकत से भरे हुये लण्ड के सुपारे और डण्डे को मसलने लगे थे बल्कि कहो तो लण्ड में टूटन सी होने लगी थी.

वो भी हंसी मजाक में कभी कभी मेरे चूतड़ों पर हाथ मार देते थे, कभी मेरी पीठ पर हल्के से मुक्का मार देते थे. मैंने कभी भी मोना आंटी को गलत नज़र से नहीं देखा था, मैं उनके घर अक्सर आता जाता था.

’भच्च’ की आवाज़ हुई और लंड का सुपारा गांड में घुस गया और रागिनी चीख कर छूटने का प्रयास करने लगी. मैंने देखा कि अंकल मम्मी को चूम रहे हैं और मम्मी उनको अपनी बाहों में लेकर किस करवा रही हैं. !!!मैं अपनी ही धुन में अपने कमरे में चली गई, शाम को पापा मेरे घुटने वाली चोट पर डॉक्टर से पट्टी करवा लाए.

!!!मैं- वो तेरे आदेश का पालन कर रहे थे और अगर मैं साथ न देती तो तू उनका क़त्ल करवा देता ! मेरी वजह से किसी बेक़सूर की जान जाये, यह पाप मैं अपने सर नहीं ले सकती.

फिर वो टी वी का रिमोट मुझे देकर बोली- तुम टी वी देखो, मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर लाती हूँ. लेकिन ऐसी मतवाली गांड देख कर मेरा लंड अपनी आदत बदलने के लिए तैयार हो गया।मैंने उसकी गांड में एक ऊँगली डालने की कोशिश की. उसने इतनी जोर से मेरी पेंटी को खींचा कि वो फट गई पर सब कुछ भूल के वो बस मेरी चूत सहलाने में लगा था … मैं तो मज़े से मरी ही जा रही थी … झड़ने ही वाली थी कि उसे दूर धकेला … झट से नीचे उतर कर उसके लौड़े को अपने मुँह में ले लिया.

‘ओह मेरे चोदू राजा! और पी मेरा दूध! उसके बाद तुझे जमकर पिलाई करनी है मेरी चूत रानी की! साली बहुत दिनों से भूखी है!’तू फ़िक्र न कर मेरी शन्नो रानी! आज तेरी चूत और गांड की ऐसी पिलाई करेंगे हम दोनों कि तेरी चूत और गांड को फाड़ के रख देंगे!बाजी की चूचियों के चुचूक एकदम लाल हो गए थे. रात को 10 बजे जब मैं योगी के कमरे में जाने लगा तो देखा कि ज्योति के कमरे की बत्ती जल रही थी.

मैंने कहा- आंटी, आप को गाण्ड भी बहुत प्यारी है और बड़ी भी! मुझे चोदनी है!आंटी ने कहा- पहले मेरी चूत का पानी निकाल दे, अभी तो सारी रात बाकी है, गाण्ड बाद में मार लेना!मोना जोर जोर से मेरे लण्ड पर वार करने लगी, जोर जोर से सिसकारियाँ ले ले कर आंटी ईईये ये ये यीईईई उईईई आआआ ऊऊऊऊ उफ्फ्फ्फ आयेच कर रही थी और धक्के लगा रही थी और मैं भी आंटी की कमर पकड़ कर आंटी को जोर जोर से चोद रहा था. वो भरी पूरी जवानी में विधवा नारी और कहाँ मैं पैतालीस साल का अधेड़ इन्सान… राधा जैसी सुन्दर विधवा को तो को तो कई इस उम्र के साथी मिल जायेगे…शाम को मैं ऑफ़िस से चार बजे ही निकल गया और सीधे राधा के यहाँ पहुंच गया. और बेरहम चुदाई में हालांकि उसको दर्द हुआ पर जैसे ही वो पहली बार झड़ी, उसको मजा आने लगा और अब तो जब मैं झरने को था तो वो 3 बार झर चुकी थी.

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तो सिंह अंकल जल्दी से पापा की ओर चले गये, अँधेरा होने की वजह से वो मुझे नहीं देख सके।मैं वहीं खड़ी रही कि शायद अंकल फिर आयेंगे मगर थोड़ी देर में ही राणा अंकल बाहर आ गये और सीधे अँधेरे की तरफ आ गये जैसे उनको पता हो कि मैं कहाँ खड़ी हूँ। शायद सिंह अंकल ने उनको बता दिया होगा.

दीदी कहने लगी- तुम मुझे ये सब सिखाओगे? अभी बताती हूँ तुम्हारे घर में !अब मेरे लण्ड का जोश ठंडा पड़ रहा था…………. मैं उसके बालों से खेलते हुए उसके लंड को सहलाने लगी…………और सोच रही थी कि सोमा को गाली दूं या……. ”मेरा लौड़ा अब चोदने को बेताब हो उठा था लेकिन मुझे कुछ नहीं करना पड़ा, चाची ने मेरा एक हाथ पकड़कर नीचे रख दिया और कहा,” बेटा इसको सहला दे इसमें बहुत खुजली है !”तब मैंने कहा,” चाची जी यह तो बहुत गर्म है।”तो उन्होंने गुस्सा करके कहा,”मुझे चाची मत बोल … या तो पारुल जान कहो या सिर्फ जान कहो ….

जब मैंने योगी की तरफ देखा तो उसके चेहरे पर एक गुस्सा था शायद इसलिए क्योंकि सोनम बहुत ही सुन्दर और शरीफ थी और योगी भी सोनम को पसंद करता था. उसके बाद मैंने अपना लंड चित्रा की चूत पर लगाया और हल्के-हल्के लंड को अंदर करने लगा पर अंदर जा ही नहीं जा रहा था क्योंकि उसकी चूत कुँवारी थी. भाई बहन की हिंदी सेक्सी वीडियोआज तुम भी इसका मजा लो!’उसने जल्दी से मेरे लंड को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और वो उसके सुपारे से घूँघट खोल कर उसे ऊपर नीचे करने लगी। सुपारा भी बहुत फूल गया था और उसके मुँह से लार टपक रही थी। रागिनी मेरे लंड को बहुत आहिस्ता आहिस्ता सहला रही थी.

उसने ज़ल्दी से कूपे का दरवाजा अन्दर से लॉक कर लिया और मेरी तरफ़ मुड कर बोला ‘ चिंता मत करो मैडम ये लोग भी अपने दोस्त हैं, अभी तुम्हारी इच्छा चूत में कुछ डलवाने की हो रही थी ना इसलिए इन लोगों को बुलवाया है. मेरे इस सवाल पर उसने मुझे टांगों से अपनी और खींचा और मेरी निक्कर उतार फेंकी… अपनी लंड हाथ में लिए वो वो मेरी चूत को और तड़पाने लगा….

मैं तड़प रही थी, उस का लौड़ा पूरी तरह से कस चुका था, उस को भी दर्द हो रही थी लेकिन उसने निकाल कर फिर से डाल दिया. उसकी सफ़ेद निकर ढीली सी नीचे खिसकी हुई थी, और उसके चूतड़ों के ऊपर की दरार नजर आ रही थी. ?पर पर क्या ? उसने कहा- अगर कोई परेशानी है तो बाकी भी उतार देती हूँ।यह बोलते ही उसने अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी। क्या चूची थी उसकी.

वो मेरा हाथ हटाने लगा…” मैम ना करो ऐसे…गुदगुदी होती है…”अच्छा… कैसा लगता है…?” मैंने अब उंगलियों से उसके लण्ड को ऊपर से पकड़ कर दबाया।मैम आह…… अह…… नहीं… मैम छोड़ो ना…”पहले बताओ कैसा लग रहा है…?”मैम… मीठी मीठी सी गुदगुदी हो रही है. जल्दी ही अपनी नई कहानी में बताऊँगा कि कैसे मैंने अपनी रंडी बहन को अपने दोस्तों का बिस्तर गर्म करने के लिए भेजा. वैसे तो मेरी सभी कहानियाँ सच्ची होती हैं झूठ लिख कर क्या फायदा!नए पाठकों को अपना परिचय करवा देता हूँ.

सप…”राहुल ने निखिल का सर पकड़ लिया और हल्की-हल्की आह भर के अपना लंड चुसवा रहा था। उसकी आँखें नशीली हो गई थी।करीब दस मिनट तक निखिल राहुल की जांघों से लिपटा उसके लंड को ऊपर से नीचे तक चाट-चाट कर चूसता रहा। अब राहुल से रहा नहीं जा रहा था।उठ.

अहह ऐसा मत करो सुनील !मैं तुम्हारे नौकर की बेटी हूँ …मालकिन को पता चल गया फिर ?मैंने मधु को गोद में बैठा लिया …. अगले दिन मैं सुबह 6 बजे ही उनके घर के लिए निकल गया क्योंकि मुझे डर था कि कहीं भाभी सुबह ही ऑफिस न निकल जाए वर्ना मुझे पूरा दिन जयपुर की गलियों में बिताना पड़ेगा.

वो अपनी गाण्ड उठाने लगी और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी। मैं उसकी चूत चूसता रहा और थोड़ी देर मैं उसकी चूत ने अपना कामरस छोड़ दिया।मेरा पूरा चेहरा उसके काम रस से गीला हो गया।फिर हम दोनों कमरे में आ गए. पहले तो उसने मना किया लेकिन मेरे कहने पर मुँह में ले लिया फिर धीरे धीरे उसको मज़ा आने लगा और वो बुरी तरह मेरे लौड़े को चूसने लगी. पर मेरे मन में तो पाप था, मेरी नजरें तो हमेशा उसके अंगों को निहारती रहती थी, शायद अन्दर तक देखने की कोशिश करती थी.

फिर आंटी ने मेरा सर पकड़ा और दबाने लगी मैं भी पूरे जोश के साथ आंटी की चूत को चोद रहा था. ’‘अब तुम लग रहे हो वैसे ही वैसे जैसे देहात के!’‘ये देख म्हारी हालत भी थारे जैसी ही लागे… ये लण्ड तो देख!’ मेरा सूजन से भरा लण्ड और भी मोटा हो गया था. थोड़ी देर के बाद दीदी वापिस अपने कैबिन में आई, मुझे देख कर बोली- तू इतनी जल्दी कैसे आ गया?मैंने कहा- मैं कार से आया हूँ.

मौसी भतीजे की बीएफ । और जोर से चोदो मुझे मैं बरसों की प्यासी हूँ। वो रमेश का बच्चा तो एक दम ढिल्लु प्रसाद है। आह … ऊईई … शाबाश और जोर से प्रेम आह … याया आ…. मैंने अनजान बनते हुए अपने गले की तरफ़ देखा और हँसते हुए कहा- कहाँ यार… मैंने ब्लाउज पहना ही कहाँ है ये तो ब्रा में रखा हुआ है.

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न सिर्फ़ थामे हुए था बल्कि हौले-हौले सहला भी रहा था…मेरा लंड इस कदर अकड़ चुका था कि लगता था अभी पैंट फाड़ के निकल पड़ेगा। नेहा मुझे इतने जोर से भींचे हुए थी कि उसकी फूली हुई चूत मेरे लंड के उभार को महसूस कर रही थी… और वो अपने चूतड़ धीरे-धीरे मेरे उभरे लंड पे रगड़ रही थी। मैंने उसका चेहरा अपनी गर्दन से हटाया. अब मैं भी जाग गया, मैंने कहा- आंटी, क्या कर रही हैं आप? मुझे नंगा क्यों किया?मैंने ऐसे ही झूठ का नखरा किया. मैं फिर उन दोनों की बातों में शामिल हो गया, बातों ही बातों में पता चला कि वो लड़का तो ज्योति का बॉयफ़्रेंड है.

मैं समझ गया कि यहाँ कुछ गड़बड़ है! ये लोग मेरे कारण कुछ कर नहीं पा रहे हैं!अब मैं भी जानना चाहता था कि आखिर बात क्या है और इसी लिए मैं दूसरे कमरे में चला गया. श्यामलाल के ऑफिस पहुँचने के कुछ ही देर बाद श्यामलाल ने मुझे बुलाया और बोला- अभी तो मेरे पास कोई काम खाली नहीं है, मगर तुम्हारी बहन की सिफारिश के कारण मैं तुम्हें खाली हाथ भी नहीं भेज सकता. ब्लू पिक्चर बताओ ब्लू पिक्चरफिर सुनील मेरे सामने आ गया और उसने मुझे अनिल के लौड़े पर बिठा दिया। अब अनिल मेरे नीचे था और मैं अनिल का लौड़ा अपनी गाण्ड में लिए उसके पैरों की ओर मुंह कर के बैठी थी.

अब तक मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा चुका था फिर मैं हल्के हल्के अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा.

!आंटी बोली- तो क्या हुआ, आ जाओ ना ! क्या तुम अपनी बीवी के रहते बाथरूम में नहीं जाते क्या?शर्माओ मत और नल खोल दो…. उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसने भाषण देना शुरू कर दिया,”क्या कर रही थी? कैसे गिर गई?”मैं : तू सुन ही नहीं रहा था !!!वेदांत : हाँ कभी पीछे से आवाज़ दोगी और अगर कभी गलती से नहीं सुना.

पहली बार किसी मर्द के सामने पूरी नंगी हुई थी मैं उस दिन!मेरी रोयेंदार सी सील बंद गुलाबी चूत देख वो मचल उठा, पागल हो गया और मेरे उभरती हुईं छातियों को देख वो रुक नहीं पाया और मेरे चुचूक पहली बार उसने रोशनी में देखे, पहले हर बार अँधेरे वाली जगह में देखे थे. मैं अपनी बहन के बारे में बता दूँ!मेरी बहन का नाम शैली है और वो मुझसे तीन साल छोटी है, दिखने में बहुत सुंदर है, उसके मम्मे 32 इन्च के हैं और गांड के बारे में क्या बताऊँ! कोई भी लौड़ा खड़ा हो जाये उसकी मारने के लिए. जिस दिन मैंने कोई ब्ल्यू फिल्म देखी हो उस रात मुझे नींद ही नहीं आती, पूरी रात माँ को देखने में ही निकल जाती, कभी उन की नाईटी ऊपर सरक आती और उन की गोरी जांघ दिखाई देती तो कभी उन के स्तनों की झलक मिलती.

और इसमे इतना मजा है यह मुझे पता ही नहीं था।’ कहते हुए उसने मुझे चूम लिया।‘तुम खुश हो न संजय? तुमने जो चाहा, वो मैंने तुम्हें दिया.

जब मैं चोद रहा था, तब भाभी मीनाक्षी को चुचूक चूस रही थी और मैं भाभी के चूसने लगा …मीनाक्षी बोली- आज तो बड़ा मजा आ गया जान. मैंने उसको अन्दर बुला कर दवाजा बंद कर लिया, उसको अपनी बाहों में ले लिया और चूमने लगा पर वो अपने को मुझसे दूर करके बिस्तर पर बैठ गई. ‘तो छबीली… अब चार पांच दिन आराम करो… दोनों के दरवाजे तो खुल गये है, फिर जोरदार चुदाई करेंगे.

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इतनी प्यारी चूत मैंने आज तक नहीं देखी थी। मैंने अब तक 8-10 कुंवारी चूतों की सील भी तोड़ी है और शादीशुदा की तो गिनती ही मुझे याद नहीं. हम भी ऐसा ही करते हैं!मैं समझ गया कि चाँदनी अब चुदने के लिए पूरी तरह तैयार है पर उसको यह नहीं अंदाज़ है कि वो फिल्म की लड़की कितना चुद चुकी है, और इसकी पहली बार चुदने वाली कसी चूत! काफ़ी अंतर है दोनों में!तो मैंने उसको बिस्तर के किनारे पर लिटाया, उसको उसके दोनों पैर कंधे तक मोड़ कर पकड़ने को कहा. !!!राजा : ठीक है छू लो!! आखिर ग्राहक को भी पता होना चाहिए कि जिस चीज की वो कीमत दे रहा है वो असल में क्या है और कैसा है.

फिर मैंने उसके बदन को अपने बदन के और करीब खींचा तो वो कुनमुनाने लगी, मैंने उसके स्तन अपने हाथों में भर लिए और मसलने लगा. प्रेषिका : गुड़ियासंपादक : मारवाड़ी लड़कासभी पाठकों को और गुरूजी को मेरा सप्रेम प्रणाम !मुझसे तो आप सब अब भली भांति परिचित हो ही गए होंगे! मैं हूँ मस्त पंजाबन ! आप सबके प्यार ने ही मुझे अपने फूफाजी और मेरे बीच के रिश्ते को उजागर करने को मजबूर किया है !तो पेश है आगे की कहानी. रागिनी फ़िर से चीखी और सामने की तरफ़ गिरने को हुई तो मैंने सामने हाथ बढ़ाया और उसकी चूचियों को थाम लिया.

मेरी आँखें तब भी बंद ही थी… हल्की हल्की चलती ठंडी हवाओं से मेरे खुले बाल मेरे गालों को छू कर होंठो से लिपटते जा रहे थे. पहुंचा तो छवि की फोन दोबारा आया।फोन उठाते ही सुरीली सी आवाज आई- हेल्लो राकेश … राकेश बोल रहो हो?हाँ… राकेश बोल रहा हूँ. आखिर वो दिन भी आ गया जब हमें जयपुर के लिए निकलना था, हमें सुबह 10 बजे मिलना था मगर सुबह 8 बजे ही सोनम का मेरे पास फोन आया, मुझे लगा शायद जयपुर के टूअर के बारे में कुछ बात होगी मगर हुआ बिल्कुल उल्टा, सोनम ने मुझसे पूछा- मैं आज क्या पहनूँ?मुझे लगा कि सोनम मजाक कर रही है इसलिए मैंने भी मजाक में ही कह दिया- तुम बुरका पहन लो उसमें ही अच्छी लगती हो.

उसे देख कर भाभी ने कहा- देखो, कैसे मासूम लग रहा है!उन्होंने नीचे देखा… उनकी चूत फ़ूल गई थी, उन्होंने हाथ लगाया और सिहर उठी- देखो, क्या हालत की तुमने… छोटी सी थी. और यह जलाने को बेक़रार और इस मुक़ाबले में चूत हार जाती है, ठंडी पड़ जाती है मर्द की मनी से भीग कर उसकी प्यास यूँ बुझ जाती है जैसे रेगिस्तान की प्यासी ज़मीन पर बारिश के क़तरे पड़ते हैं… लेकिन मर्द भी कहाँ यह दावा कर सकता है कि वो जीत गया.

यहाँ बाहर मेरी हालत ऐसी हो रही थी जैसे मैं तेज़ धूप में खडा हूँ, मैं पसीने पसीने हो गया था और मेरे लंड की तो बात ही मत करो एक दम खड़ा होकर सलामी दे रहा था.

बाजी सिसकारी भरने लगी- ऊओह्ह्ह्ह आऽऽऽह आऽऽऽईऽऽय!!!बाज़ी ने राज का सर अपनी चूचियों के बीच में दबाया और बोली- साले! और तेज़ी से दबा! पी मेरा दूध! साले बहुत दिनों के बाद आज किसी ने मेरी चूची को दबाया है! मेरी चूची में बहुत दूध भरा हुआ है! जल्दी जल्दी से चूस मेरी चूची को!घबरा मत! आज तेरी चूची का सारा रस निचोड़ कर पी जायेंगे!उसके बाद राज अंकल बाजी की चूची को जोर जोर से पीने लगे. एक्स एक्स एक्स सॉन्ग20 मिनट तक गाण्ड मारने के बाद मैं रुका और मैंने ज्योति को सीधा कर दिया और उसके बाद हम काफी देर तक बिस्तर पर लेटे रहे. सेक्सी हिंदी क्सक्सक्ससभी मस्त हैं ऊपर! किसी को ध्यान नहीं है!प्लीज़ छोड़ो!उसने मुझे उठाया और स्टोर रूम में ले गया, कुण्डी लगा दी और पास में पड़ी रजाई पर डाल मुझ पर सवार हो गया. राजू रीटा के घुटने मोड़ कर रीटा को कंधों से मिला दिये और बोला- जाती कहाँ है साली! माँ की लौड़ी, अभी तो तेरी मां की चूत भी मारनी है.

आअह्ह! भाभी का बदन अकड़ने लगा था, उनका पानी निकलने वाला है यह मैं समझ गया… मैंने अपनी एक उंगली उनके मुँह में डाली, उन्होंने काट ली, फ़िर उसे धीरे धीरे चूसना शुरू किया.

फिर जैसे जैसे नग्नता मेरे लिए आम हुई तो मुझे मर्द और औरत के तालुक़ात के बारे में मुकमिल आगाही होने लगी। मर्द का लंड पहली बार जब देखा तो यक़ीन करें कि मेरे जिस्म के बाल खड़े हो गये और मेरा जिस्म एक दम गर्म हो गया। सांसें जैसे धुंआ छोड़ने लगीं और धड़कनें बेक़ाबू होने लगीं. और जोर से करो…मैं अपनी स्पीड बढ़ाने लगा और वो आह अह्ह चिल्लाने लगी।और फिर उसने दोनों हाथ मेरी पीठ पर लगा दिए और अपने नाखून मेरी पीठ पर चुभा दिए…मुझे पता चल गया वो झड़ गई है. मैं नीचे गया तो मम्मी ने एक फ़ाइल मुझे देते हुए मुझे कहा- स्वाति यह फ़ाइल भूल गई है, उसका फोन आया है, तू जाकर यह फ़ाइल उसे उसके ऑफिस में दे आ.

हाय … उसने नीचे चोली नहीं पहनी थी इसलिए कमीज उतारते ही उसके स्तन उछल कर सीधे मेरे हाथ में आ गए और मैंने दोनों को कस कर पकड़ लिया और जोर-जोर से दबाने लगा. ?”वो मर्द ही क्या जिसने गाण्ड ही न मारी!”हाँ पापा… फिर गाण्ड कोमल की हो तो क्या बात है… लण्ड गाण्ड मारे बिना छोड़ेगा नहीं… है ना… हाय पापा… गया अन्दर…”अब देख दूसरे दौर में मेरे लण्ड का कमाल… तेरी गाण्ड अब गेटवे ऑफ़ इन्डिया बनने वाली है… और चूत भोसड़ा बनने वाली है” मैंने जोश में कहा और कोमल हंस पड़ी… और सिसकारियाँ भरने लगी. उसने मेरे शरीर को नोचना और दबाना चालू कर दिया और और अपने होंठों को मेरे चेहरे पर बुरी तरह रगड़ने लगी.

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फ़िर मेरे पीछे खड़ा होकर उसने मेरी चूत में आधा लण्ड घुसेड़ कर मेरी दोनों चूचियों को पकड़ते हुये बाकी का आधा लण्ड अन्दर किया और इसी तरह पांच सात मिनट तक चोदने के बाद वो मुझे और झुका कर मेरी कमर पकड़ कर सटासट सटासट चोदने लगा. उसने मेरे लंड को खुद ही अपने छेद में सेट किया और मेरे हल्के धक्के से ही मेरा पूरा लंड पिंकी की चूत में फिसल गया. ”मेरा लौड़ा अब चोदने को बेताब हो उठा था लेकिन मुझे कुछ नहीं करना पड़ा, चाची ने मेरा एक हाथ पकड़कर नीचे रख दिया और कहा,” बेटा इसको सहला दे इसमें बहुत खुजली है !”तब मैंने कहा,” चाची जी यह तो बहुत गर्म है।”तो उन्होंने गुस्सा करके कहा,”मुझे चाची मत बोल … या तो पारुल जान कहो या सिर्फ जान कहो ….

दीदी स्वाति और चित्रा के साथ सेक्स का मजा लेने और दीदी के साथ सेक्स करने की आजादी मिलने के बाद मैंने काफी दिनों तक उनके साथ सेक्स किया.

वो शरमा गई और मैं उसके कपड़े उतारने लगा, उसका विरोध न के बराबर था पर उसने पेंटी और ब्रा नहीं उतारने दी और मैंने पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमना चालू कर दिया.

सभी के जाने के बाद मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और सोनम की तरफ देखा तो सोनम के चेहरे पर एक शर्म थी जो मुझे बहुत अच्छी लगी. तभी अचानक मैंने देखा कि अनीता दीदी ने नेहा की टी-शर्ट के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और उसकी चूचियों को पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी. चुदाई वाली फिल्म वीडियो मेंमेरा नाम राजेश है, मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और सभी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। मैं अपनी कहानी कई दिनों से आपसे कहने की कोशिश कर रहा था सो आज लिख रहा हूँ।मैं एक अच्छे घर-परिवार से हूँ। मेरी उम्र 25 साल, कद 6 फीट, मेरे लिंग की लम्बाई 6.

सुबह जब मैंने शालू को बताया कि मैंने तेरी पेंटी पर हाथ फिराया था तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि मैंने ऐसा किया होगा. की मीठी सीत्कार सुनकर वो और भी जोश में आ जाता था। मैं तो यही चाहती थी कि ये सिलसिला इसी तरह चलता रहे पर आखिर उसके लंड को तो हार माननी ही थी ना ?मेरी रानी …. मैंने उसके होंठो को चूमा और अब मैंने आहिस्ता-आहिस्ता लंड को अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.

चला दी। मैंने कुछ देर और ध्यान लगाये रखा तो मैंने देखा वो अश्लील वीडियो थी! मैं भी आँख लगाकर उन्हें देखने लगा। तभी मैंने देखा कि चारों मैडमों ने अपनी अपनी कमीज़ तथा ब्रा उतार दी तथा वे एक दूसरे के बोबों को दबाने लगी, मुँह में लेकर चूसने लगी।इससे मेरा लिंग भी काफी कड़क हो गया लेकिन मैं यह सब नहीं चाहता था, इसलिए मैंने घंटी बजा दी। मेरा घंटी बजाना ही था कि सबने हड़बड़ाकर अपने-अपने कपड़े पहन लिए तथा टी. मैंने पूछा-कहाँ गया?तो आयशा बोली- भैया तो अभी कुछ देर पहले ही मम्मी-पापा के साथ खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए चले गए.

फिर अगले दिन उसके आने से पहले मैंने घर को अच्छे से साफ़ किया, रूम फ्रेशनर का स्प्रे किया !बाज़ार से जाकर उसके लिये ज़ेर्बेरा के फुल और उनके बीच में एक लाल गुलाब वाला गुलदस्ता लाकर फ्रिज में रख दिया। एक बात मैं आप सभी को बताना चाहूँगा कि लड़कियों को ब्लू फिल्मों से ज्यादा एक तन्हाई वाला रोमांटिक माहौल, फूल और हल्का-हल्का संगीत ज्यादा उत्तेजित करता है.

मेरी तो आह ही निकल गई…उसकी एक ऊँगली मेरी चूत में भ्रमण कर रही थी !उसने उस स्थान के गीलेपन को छुआ और ऊँगली बाहर निकाल ली… उसे सूंघते हुए… उसने मेरी ऊँगली चाट ली…!!!अब उसने मेरी टीशर्ट उतार फेंकी और अपने मुँह मेरी चूचियों में दे दिया… मेरे होंठों को हाथों से दबा दिया. तू कमाल की है… अगर राजा का चूचे काटने का फरमान नहीं होता तो शायद में तेरे चूचे चूसने, दबाने के लिए तुझे हमेशा के लिए अपने पास रख लेता…तभी साहूकार पिनियाते हुए आया और बोला- इसके होंठ मेरे हैं… तू क्यों चूम रहा है. अंकल कभी तो मम्मी की कमर में गुदगुदी करते तो कभी उनके चूतड़ों पर चुटकियाँ भर रहे थे.

इंग्लिश नंगी बीपी शरारती रीटा ने बहादुर के कन्धे का सहारा लेते हुए अपनी सुडौल चिकनी टांग को सुकोड़ कर कच्छी से पांव बाहर खींच कर बहादुर को अपने गुलाबी गदराये यौवन को झलकी दिखा दी. [emailprotected]और मेरी जान राज को भी जरूर बताना की यह कहानी आप सभी को कैसी लगी[emailprotected]1815.

’ हरामज़ादी रीटा ने चाबी निकालने के बहाने बहादुर की पैंट की पाकीट में हाथ डाल कर बहादुर का अधअकड़ा लण्ड का आकार भांपा तो सिहर उठी. और अचानक से उसने मुझे नीचे से झटका दिया… और और उसने धक्के लगाने शुरू कर दिए…उसने मेरे दर्द की तनिक भी परवाह नहीं की…बल्कि वो मेरा दर्द भरा चेहरा देख और कामोत्तेजित हो उठ रहा था. ‘आप सो जाईये अब… बहुत हो गया!’‘अरे मेरी चिकनी भाभी, मेरा लण्ड तो देख, यह देख… तेरे साथ, तुझे नीचे दबा कर सो जाऊँ मेरी जान!’वो बेशर्म सा होकर, अपनी सुध-बुध खोकर अपना पजामा नीचे सरका कर लण्ड को अपने हाथ में ले कर हिलाने लगा.

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मैं उठा और चित्रा के कमरे की तरफ बढ़ा मगर चित्रा के कमरे का दरवाजा बंद था और अंदर से आवाजें आ रही थी. मुकेश अब नीचे झुका और उसने मेरी चूत के होंठों पर अपने होंठ लगा दिए, वो मेरी चूत को चाटने लगा, उसने अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर घुसा दी. चाचा का उपहार-1तभी चाचा ने दरवाज़ा खटखटाया तो चाची एकदम मुझसे अलग होकर खड़ी हो गई।चाचा आकर हमारे पास बैठ गया और बोला- बेटा राज… हमारे माल पर ही हाथ साफ़ करने का इरादा है क्या…? यह मत भूलो बेटा कि यह तुम्हारी चाची है.

”(मीना कुछ नहीं कहती)तुम्हारे मम्मी-पापा कितने अच्छे हैं… दोनों अभी भी जवान लगते हैं … !”(मीना ज़रूर मुस्कुराएगी)कुछ देर उसके माँ-बाप, भाई-बहन की तारीफ करने के बाद …. ‘ले सम्भाल अपने बाप के लौड़े को ये लेएए और लेएए हायएएए मेरी रानी और जोर से कमर हिला आहऽऽऽ, ये ले भौंसड़ी की, आज चौद दूंगा, तेरी ऐसी की तैसी, तेरे जैसी कई रंडियों को मैंने चौदा, साली कुतिया, तेरी चूत फाड़ के तेरे गले में डाल दूंगा, मां की लौड़ी हंम्फ हंम्फ’ करते राजू ने अपने लण्ड से रीटा की चूत में आठ बना कर चोदना शुरू किया, तो रीटा की खुशी के मारे चीखें ही निकल गई.

हरामी रीटा मासूमीयत से बोली- बहादुर, मुझे अकेले जाते तो बहुत डर लगता है, तुम साथ आ जाओ नाऽऽऽ!यह सुन कर ठरकी बहादुर के लण्ड की बांछें खिल गई और वह रीटा के पीछे कुते सा दुम हिलाता चल पड़ा.

हाथ अन्दर डालते ही उसको टिकेट तो मिल गया लेकिन साथ में वो भी मिल गया जिसके लिए नौजवान पागल हो जाया करते हैं. जब भी मन किया मुझे जहाँ मर्ज़ी वहा पटक कर मेरी चूत में अपना लंड डाल देते थे और मेरी जमकर धुनाई करते थे. मोना से दुगने आकार के स्तन थे उनके! वो मुँह से आहा आहा उऽऽहू की आवाजें निकाल रही थी.

मेरा इतना बुरा हाल था कि अब मुझसे खड़ा होना भी मुशकिल लग रहा था। मैं वहीं पर लेट गई। हम सभी नंगे ही एक ही बिस्तर में सो गये। फिर अचानक मेरी आँख खुली और मैंने समय देखा तो 3 बजे थे. शालू- 32″मैं- कभी दबवाई हैं या नहीं?वो ही जबाब जो हर रण्डी भी देती है- नहीं!फिर मैं अपना हाथ धीरे धीरे उसकी नाइटी में डालने लगा तो उसने मना कर दिया. साला ठरकी …उसकी नज़र मेरे ऊपर थी।सर : यह देखो श्रेया… अब पता चला कि कैसे घुस जाता है… तुमने तो घुसवाया होगा…? शहरी हो… बॉयफ्रेंड भी होंगे…!साला ठरकी ! मन में तो आया पापा को सब बता देने का ! आज मैं तीनो की पोल ऐसा खोलूँगी कि याद रखेंगे तीनों … क्लासरूम जैसे पवित्र स्थान में यह कर रहे हैं.

। झंडे बेटा, मैं पिछले छः सालों से किसी मर्द के लंड की भूखी हूँ। आज तेरा लंड पाकर तेरी चाची धन्य हो गई….

मौसी भतीजे की बीएफ: सोनम से अलग होने के बाद मैं अकेला-अकेला सा रहने लगा, मेरा किसी भी और काम में मन नहीं लगता था. वो अचानक हुए इस हमले के लिए तैयार नहीं थी और छूटने की कोशिश करने लगी, लेकिन मेरी पकड़ मजबूत थी.

उसने पूछा- क्यों?तब मैंने बोला- मेरा दिल आप पर आ गया है, इसलिए!वो मुस्कुरा दी और आगे चलने लगी. तभी जाने कहाँ से गौरी आ गई और ताली बजा कर हंसने लगी- तो मम्मी, आपने मैदान मार ही लिया?”राधा एक दम से शरमा गई और छिटक कर अलग हो गई. वो भी अपने चूतड़ पीछे धकेल कर मेरे लंड का स्वागत कर रही थी अपनी छोटी सी चूत में। अब मैंने थोड़ा ऊँगली में लिया और उसकी गांड के छेद में फ़िर से लगाया और ऊँगली अन्दर डाल कर घुमाने लगा.

यह सभी कुछ हम बारिश में गीली छत पर ही कर रहे थे और मुझे लगा काम को आखिरी अंजाम देने के लिए हमे बेड पर जाना ही पड़ेगा.

‘आह भैया… आखिर नहीं माने ना… अपने मन की कर ली… हाय… उह्ह्ह्ह!’ सोनू ने मुस्करा कर मुझे जकड़ लिया. जीजू मज़ा आआ रहाआआ रहाआ है… जीजू तुम चुदाई के भी मास्टर हो। (मेरे जीजाजी सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं) क्या चोदते हो यार ! वास्तव तुम किसी को आनन्द दिला सकते हो। एक साथ दो को संतुष्ट कर सकते हो ऊऊउ …. वो… मेरा मतलब क्या है कि एक जवान लड़की का इस तरह ग़ैर मर्द के साथ रात में… अकेले?? मेरा मतलब?? वो कुछ समझ नहीं आ रहा।’ उसने रोनी सी सूरत बनाते हुए कहा।‘ओह.