बीएफ नंगा नाच

छवि स्रोत,पंजाबी झवाझवी

तस्वीर का शीर्षक ,

बीएफ सेक्सी ओपन फिल्म: बीएफ नंगा नाच, अपने जीवन में सेक्स का आनन्द अवश्य लें पर अपने परिवार की प्रतिष्ठा का ध्यान रखें.

कैटरीना कैफ की चुदाई

क्योंकि मैंने बिना रुके दस तक गिनती गिन कर जोरों से धक्का लगा कर उसकी चूत चोदी थी. एक औरत काफिर क्या था, मैंने उसके कपड़े को कंधे से नीचे उतार कर उसके 32″ की चुचियों पर हाथ रखा.

उसकी जांघें भी कुछ ज्यादा ही भरी हुई व काफी सुडौल थीं, जिससे उसकी चुत दोनों जांघों के बीच बिल्कुल छुपी हुई थी. किसिंग पिक्चरमैंने धीरे से रेवती के हाथ पर हाथ रख दिया, जिसे रेवती ने स्वीकार करते हुए अपनी गिरफ्त में ले लिया और अपनी जांघ पर रख लिया.

लेकिन मुझे क्या पता था कि उस बिल्डिंग के उस फ्लोर पर एक और दरवाजा था और उसके अन्दर एक और खूबसूरत परी या हुस्न की मलिका मेरे लंड के इंतज़ार में बैठी थी.बीएफ नंगा नाच: किरण जी कहने लगीं- राजा, तेरे मोटे लंड से मेरी चूत फट न जाए … जरा आराम से चोदना़.

मैं हरियाणा के जिला फरीदाबाद(दिल्ली के पास) के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूँ.बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं कक्षा में था और मेरी उम्र 18 साल को पार कर चुकी थी.

क्सक्सक्स तेंतकिओं लिरिक्स बाद - बीएफ नंगा नाच

तभी रीना मुझसे बोली- तुझे भी चुदाई करवानी है क्या?मैंने कहा- नहीं यार मुझे नहीं करवानी … तू ही करवा लिया कर.चुदाई के बाद वो मुझसे लिपट गई और कहने लगी कि मुझे तेरे साथ ही पहला सेक्स करना था.

तुम्हें अपनी बात याद है ना?अब मुझे चुदाई के समय कही हुई सभी बातें याद आने लगी थीं. बीएफ नंगा नाच लेकिन जैसे कि होता है कोई भी उनकी बात पर ज्यादा ध्यान देता नज़र नहीं आ रहा था.

मैं अब चुपचाप पड़ा रहा और सुलेखा भाभी ने मेरी जांघों पर बैठे बैठे ही मेरे लोवर को पकड़कर नीचे खिसका दिया.

बीएफ नंगा नाच?

वे लड़कों की तरह फ्लैट थे। मैंने मुट्ठी में भर कर दोनों पुट्ठों को दबोचा. अब सुलेखा भाभी के कोमल हाथों का स्पर्श पाते ही वो और भी जोरों से तमतमा कर फुंफकारने सा लगा जिससे सुलेखा भाभी की आंखें अब ऐसे चमक उठीं, जैसे की उन्हें कोई खजाना मिल गया हो. कम्मो के खुले हुए घने काले बाल उसके कंधों पर बिखरे हुए थे और उसने कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी पहन रखी तो जो उसके सौन्दर्य में चार चांद लगा रही थी.

तभी वह जो पीछे मैक था, वह अपना पैंट खोलने लगा और जल्द ही वह अंडरवियर में आ गया. पांच मिनट फिर से गांड मारने के बादभाभी की गांडमें ही लंड का रस झाड़ दिया. मैं एकदम से उछली, मानो जैसे अनजान सी बन कर बोली- जीजू आप?मेरी आवाज सुन जीजू सीधे हुए और झेंपते हुए बोले- रागिनी तुम! कामिनी कहाँ है?मैंने कहा- वो बाजार गई है.

भाभी बाहर आईं और बोलीं- क्या कर रहे हो मेरी पैंटी से?मनीष- इसे बता रहा हूँ कि अब तेरी जरूरत कम पड़ेगी. उसने अपने दोनों हाथों की उँगलियों को अपनी गांड के छेद के गिर्द रख लिया. मैंने सोचा कि अब तो काफी देर हो चुकी है तो माइक मुनीर और तारा भी चले गए होंगे.

उसका नाम मीनल था, वो हमारी बायोलॉजी टीचर के साथ ही वो ही हमारी क्लास टीचर भी थी. मेरी बातों को सुन कर पूजा की आंख एक बार चमक गयी और मुझे चूमते हुए बोली- मेरे चोदू राजा, मैं चाहे तुम्हें ऊपर से चोदूँ या तुम मेरे ऊपर चढ़कर मुझे चोदो.

वो सिसकारियाँ ले ले कर बोल रही थी- आह … हाँ और … और कसके चाटो…आख़िर उनकी चुत का बाँध टूट गया और कुछ पल के लिए वो निढाल हो गई.

सुलेखा भाभी ने मुझसे पूछा भी, मगर मैंने ऐसे ही तबीयत खराब होने का बहाना बना दिया और अपने कमरे में आकर लेट गया.

उधर मेरी उंगली पहले की तरह ही अपना काम जारी रखे हुए थी, उसे मैं कभी आगे पीछे चलाता और कभी गोल गोल घुमाता जा रहा था. डर के कारण मेरा गला अब सूख गया था और मुझे अब अपनी पिटाई होना तय ही लगने लगा था. मैंने कहा- तुम क्या पागल हो?उसने कहा- हां तुम्हारे लिए … तुम्हारी ख़ुशी के लिए.

उसके गोरे गोरे चुचे जो रूम की कम रोशनी में भी चमक रहे थे … माहौल में सुनामी लाने पर उतारू थे. मेरा थोड़ा मन था पर कोई बात नहीं, तुम्हारी मर्जी!और ऐसा कहकर उन्होंने मुझे गले से अपने लगा लिया. चाची लेट गयी, पैर खोल दिए। मैंने अपना मोटा पहलवान लंड चूत पर रख दिया और अंदर दबाने लगा। धीरे धीरे लंड पूरा अंदर घुस गया। फिर मैं चाची की चुत चुदाई करने लगा।चाची ‘मम्मी… मम्मी … सी सी सी सी.

नीरू बोली- जीजी, मुझे नहीं मालूम … लेकिन मैं तो मजे के मारे मरी जा रही हूं.

मगर मैंने उन्हें छोड़ा नहीं और धीरे धीरे चूसते हुए ही ऊपर की ओर आने लगा. जो यंग लड़का था, वह तो सीधे मेरे ऊपर आ गया और बोला- तुम नाटक मत करो, हम लोगों से भी कुछ ले लेना. या हिना भाभी को बाज़ार से कुछ मंगवाना होता, तो वो मुझे अपने बोल देती थीं.

अब तक मैंने आपका मसाजर स्टाफ से तो परिचय नहीं कराया था, अब जान लीजिएगा. जब मॉम डैड के मूतने वाली जगह को मुँह में ले रही थीं?मैंने कहा- वो सेक्स का ही हिस्सा होता है. शीतल कभी अपने बड़े बेटे का लंड चूसती तो कभी अपने छोटे बेटे का … क्योंकि दोनों का लंड बहुत मोटा था और एक साथ उसके मुँह जा नहीं सकता था.

मैंने न केवल उसको अपने हाथ के दबाव से नीचे ही बैठे रहने दिया, बल्कि फुर्ती से उसके दोनों हाथ कुर्सी से बांध दिए.

मैं और नीरू दोनों बिल्कुल नंगे हो चुके थे जबकि सविता के शरीर पर ब्रा और पेंटी बाकी थी. जैसे ही उनकी टाँगें बेड से टकराईं तो मैंने उन्हें आंख से इशारा किया और थोड़ा सा और पीछे को धक्का मार कर बेड पर बैठा दिया.

बीएफ नंगा नाच अपनी जीजी की आज्ञा का पालन करते हुए नीरू तुरंत ही बेड पर सिर रखकर डॉगी स्टाइल में खड़ी हो गई. मेरी चुत में पानी भी आ रहा था और मेरा बेटा बियर में सनी हुई मेरी चुत के पानी का मिश्रण को चूस चूस कर पी रहा था.

बीएफ नंगा नाच वहां पर मैंने एक रूम 3 घंटे के लिए बुक किया और हम लोग रूम में चले गए. अब दीपक ने उसे बेड के ऊपर लिटाया और उसकी चूत चाटना शुरु कर दिया। उसकी जीभ लंड की तरह चूत में घुसने लगी थी और मानसी मादक सिसकारियाँ छोड़ने लगी थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह …”इधर मैंने सुशीला का ब्लाउज खोल दिया था और उसकी चूचियों को काटने लगा था.

मैंने अपना सिर बिस्तर पर पटक लिया, मेरी आँखें बंद हो गईं और मेरी कराह मेरे अन्दर ही रह गयी.

कामसूत्र बीएफ सेक्सी

अभी तक आप मेरी पहली कहानीदीदी संग मेरी पहली चुदाईमें पढ़ चुके हैं कि मैंने अपनी शादीशुदा दीदी को कैसे चोदा. मोबाइल पे दिखाई थी, जब से वन्द्या की सेक्सी फोटो देखी, तब से मैं इसके लिए पागल हो रहा था, आज मौका मुझे मिला. श्रीमती जी के स्तन इतने सेक्सी और मस्त हैं कि देखते ही मजा आ जाता है.

मेरे बदले बर्ताव और नज़रों से कहीं ना कहीं भाभी को शक हुआ कि कुछ तो है. मैंने नीचे वाली से जांघ से ऊपर बढ़ने का इशारा किया और उसकी मुनिया के बाल सहलाने शुरू कर दिए. इतने में दूसरा जो था, उसने मेरी कमर को पकड़ कर बोला- यू आर फकिंग गर्ल.

फिर क्या था, मैं उसके घर गया और उसे अपनी बांहों में जैसे ही उठाया, उसे कुछ बुरा लगा और वो मुझसे अलग होने लगी.

केवल उसकी चमड़ी ही मुलायम लग रही थी और अन्दर का हिस्सा उत्तेजित होकर बहुत कठोर हो गया था. पर मुझे ज़रूरत थी किसी मूसल लंड की, जो मेरी फुद्दी की प्यास को अच्छे से बुझा सके. दो मिनट लंड चूसने के बाद मैंने कहा- जीजू मैं बहुत प्यासी हूँ … चूत में खुजली हो रही है.

तभी सोनू मेरे लहंगे से बाहर निकला और वो मुझे कसके पकड़ते हुए चूमने लगा. मैंने सारा डाटा पेन ड्राइव में कॉपी कर दिया हैमैं- सारा मतलब कलेक्शन भी?मीतू- नहीं. उस रात मौसम बहुत सुहाना और ठंडा हो रहा था क्योंकि बारिश का मौसम आने ही वाला था, तो हवा भी तेज़ चल रही थी.

उसने धीरे धीरे लिंग को हिलाते हुए थोड़ा लिंग बाहर निकाला और फिर हौले से दोबारा उतना ही अन्दर डाला, जितना वो अन्दर था. मुझे होश सा आया तो मैंने देखा कि मेरा हाथ कम्मो के कुर्ते के अन्दर उसकी ब्रा के भीतर उसके नग्न स्तनों को मसल रहा था … गूंथ रहा था …मसल रहा था.

अब तक आपने पढ़ा था कि शादी के बीच में लाइट चली जाने से मेरे कजन निहाल ने मेरी चूत में आग लगा दी थी और उसके बाद किसी एक और ने मेरी गांड भी गरम कर दी थी, तभी लाइट आ जाने से मैं चुदासी कुतिया से लंड ढूँढने में लग गई थी. और काम खत्म होने के बाद वह स्पष्ट चमकने लगी थी।देख कर तो लगता नहीं कि पहले कभी सेक्स किया है. दोस्तो, मैं आपका अपना सरस एक बार फिर हाजिर हूं अपनी कहानी के अगले भाग के साथ.

कुछ देर तक यूं ही लेटे रहने के बाद आंटी मुझे चूमने लगीं और हम दोनों ने दुबारा चुदाई शुरू कर दी.

उसने ऊपर से नीचे ब्रांडेड कपड़े पहने हुए थे, एप्पल के दो मोबाइल थे, फुल मेकअप, गॉगल्स, बड़े बड़े चुचे, बड़ी गांड, मेरा तो लंड खड़ा हो कर सलामी देने लगा था. हम दोनों ने एक दूसरे को नहलाया, फिर वहीं बाथरूम में एक बार और जोरदार चुदाई हुई. जब वो एक लंड चूसती तो दूसरे का लंड अपने दूसरे हाथ से आगे-पीछे करके हिलाती.

तो मैंने कहा- जब इतनी रात हो गई है तो अब सुबह ही जाना!और मैं उसे किस करने लगा।फिर मैंने पीछे से उसके गाउन की ज़िप खोल दी और पीठ पर किस करने लगा और उसका गुलाबी गाउन उतार दिया. उसने जीन्स और शर्ट पहन रखी थी, जिसे उसने झूमते झूमते उतारना शुरू कर दिया.

म … ऊ… म…रजत ने अपने हाथ से मयूरी की मखमल जैसी कोमल गांड पर अपना हाथ फेरना शुरू कर दिया और फिर धीरे-धीरे उसके हाथ की उंगलियाँ मयूरी की गांड की दरार में चलने लगी. हो तो सबकुछ वैसे ही रहा था जैसे वो कई दिनों से चाहते थे पर अचानक से होने से सब के सब अवाक् रहे गए. मैं पूजा से बोला- अरे मेरी जान, लंड डालने से ना तो चूत फटती है और ना ही गांड ही फटती है.

बीएफ फिल्में सेक्सी मूवी

अब हम दोनों थोड़ी देर के लिए शान्त हो गए और एक दूसरे से खेलते हुए धीरे धीरे 69 पोजीशन में आ गए.

उनके मम्मों को देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा, जिसे मीतू दी ने मेरे लोवर के बाहर से देख लिया. तारा ने मुनीर की एक टांग को अपने कंधे पर चढ़ा लिया और दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर उसके स्तनों को मसलते हुए उसकी योनि ऐसे चूसने लगी, जैसे कि किसी फल से हम रस चूसते हैं. किसी कोरे कागज की तरह सफेद, बेदाग और बिल्कुल दूधिया गोरा बदन था उसका.

मैंने देखा उनमें से दोनों की उम्र लगभग वही राज अंकल के आसपास थी 50-55 साल की. सभी अंकल लोग मेरी नंगी जवानी के साथ अपनी फोटो खिंचवाने के लिए अंकित से कह रहे थे. काले कपड़ों पर शायरीअब मैं नंगा हो चुका था और मेरा 7 इंच का लंड पूरा तन तना कर खड़ा हुआ था.

फिर उसने अपनी अंडरवियर निकाली और अपना बड़ा सा लंड मेरी चूत पर सैट किया और सीधा मेरे ऊपर आ गया. उसकी गांड … आह … क्या कहूँ, जब वो चलती थी … तब उसकी गांड का एक पार्ट ऊपर जाता, तो दूसरा बहुत जोर से नीचे आता.

मैं एक दिन में पूरी तो नहीं पढ़ पाया, पर जितनी भी पढ़ सका, मुझे बहुत बढ़िया लगी थी. उसने कहा- बताओ न?मैंने कहा- इसे मुँह से बता नहीं सकते, करके बता सकते हैं. सुलेखा भाभी की जांघों के पास आकर मैंने अब फिर से अपने प्यास से तड़पते होंठों को उनकी चुत पर लगा दिया.

मगर हां ये खेल वो पहले भी खेली हुई थी, इसलिए मेरे इशारों को‌ वो अच्छे समझ रही थी. सुनील ने स्पीकर ऑन करके पूछा- कैसी लगी अब्दुल भाई?उधर से आवाज आई- यार यह तो कोहिनूर है, सब छोड़ कर मैं और रमीज आ रहे हैं. उसने बताया कि लगभग दो महीने पहले घर पर कोई नहीं था तो प्रशान्त ने चोदने की कोशिश की थी लेकिन जैसे ही उसने लंड अन्दर डाला था मैं चीख पड़ी थी और रोने लगी थी.

वे लड़के मुझसे मौसी के यहां की शादी में आने की बात कर रहे थे, जिसमें वे अपने साथ एक या दो नीग्रो को लाने के लिए भी कह रहे थे.

उसके बाद मैंने नीरू की चुदाई की और सविता को भी और एक बार झाड़ कर संतुष्ट किया. घर आकर मैंने ड्राईवर के साथ मिलकर सारा सामान ले जाकर भाभी के कमरे में रख दिया और भाभी भी कपड़े बदलने चली गईं.

उन अंकल ने मुझे देखा और बोले- मेरे समधी साहब आ रहे हैं, जरा नीचे हैं. सतीश बोला- तू मौसी के यहां कितने दिन रुकेगी?मैं बोली- अभी आज से ज्यादा से ज्यादा 10-12 दिन और रूकूंगी. फिर कुछ दिनों तक मेरी उनसे बात नहीं हुई व मुझे अपने अरमानों पर पानी फिरता हुआ दिखा.

अंत में सबके लंड पर लगे केक को पूरी तरह चाट-चाट कर साफ़ करने के बाद अपनी माँ की चूत पर लगे केक को भी चाट-चाट कर खाकर ख़त्म किया. उसके जाने के बाद मैंने दीदी की नाईटी पहनी और दरवाज़ा हल्का सा बन्द करके दीदी के कमरे में कंबल ओढ़ कर लेट गई. मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैं झड़ गया तो उसने मेरा सारा माल रुमाल से साफ किया और लंड को साफ कर के कुछ केमिकल लगा कर लंड को चूसना शुरू किया.

बीएफ नंगा नाच मैंने कहा- यार नीरू, यह तो गर्म हो गई है, अब इसकी गर्मी का कुछ फायदा उठाया जाए!यह कह कर मैंने नीरू की चूत में अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. मैं लंड पर तेल लागते समय अपने लंड को बड़ी चाची की तरफ दिखा दिखा कर हिला रहा था ताकि बड़ी चाची भी लंड को देखने का मजा ले लें.

बीएफ बीएफ बीपी

ऐसा बोलकर मेरे हाथ में से कंडोम का पैकेट खींच लिया और अपने हाथों से मुझे कॉन्डोम पहना दिया. मेरी उम्र 21 साल की है और मैं बाकी लोगों की तरह झूठ नहीं बोलूंगा, पर मेरे लंड महाराज का साइज 8. अकेले में मैंने सोचा कि क्या ऐसा हो सकता है कि किसी को पता भी नहीं चलेगा और अपना काम भी हो जाएगा.

उसने कहा- बस, अब और अन्दर नहीं जा रहा!बस ज़रा सा ही रह गया था लेकिन मैंने ज़बरदस्ती नहीं की और उससे कहा कि धीरे धीरे ऊपर नीचे हो. जैसे ही मेरा काम होने वाला होता, मैं रुक जाता और उनको चूमने लग जाता. नंगी पूरी पिक्चरमैं भी उसके लौड़े को अपने गले तक लेकर अपना मुँह अपने ही बेटे से छिनाल के जैसे चुदवा रही थी.

सोनाली ने मुझे रोक कर पूछा- सिर्फ चोदना है या पूरा मजा लेना है?मैंने बोला- पूरा मजा लेना है.

जीजू ने कुछ देर तक मेरी चूत को चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत में अन्दर पेल दिया और मजे से अन्दर बाहर करने लगे. इस बार नेहा शर्मायी नहीं बल्कि मेरी तरफ देखती रही, जैसे कि वो पूछना चाह रही हो कि मैं रुक क्यों‌ गया? उसकी आंखों में उत्तेजना की तड़प अब साफ दिखाई दे रही थी.

मैंने नाश्ते करते समय जग से पूछा- तुम्हें सपने आते हैं क्या?वो बोला- ये कैसा सवाल हुआ? ये तो सब के साथ होता है. अब मैं उसके दोनों मम्मों को पकड़ कर दबाने लगा और वो भी ‘हमम्म अह्म्म मम्म …’ की आवाज़ से मेरा साथ देने लगी. मैंने सोनाली को कॉल किया, तो उसने दरवाज़ा खोला, गले लग कर उसने मेरा स्वागत किया.

मैंने उस पर भरोसा करके उसे आपके प्रेग्नेंट होने की पूरी बात न बताते हुए, एक इशारे में समझाई, लेकिन उसने वो बात मॉम को बता दी.

मेरे और रेखा के बीच में मेरी भान्जी और रेखा के मामा की लड़की सोई हुई थी. शीतल- और ये कैसे होगा?मयूरी- आप ना बस उनको अपनी इन प्यारी-प्यारी चूचियों के दर्शन कराओ, अपनी इस गांड के दर्शन कराओ और अपने शरीर को उनके शरीर से सटाओ और उनको अहसास कराओ कि आप भी अपना ये शरीर उनके हवाले करना चाहती हैं… और आप तो माँ हैं… आपके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है… माँ का प्यार दिखने के बहाने महबूबा बन जाओ बस…और दोनों फिर खिलखिलाकर हंस पड़ी. हालांकि उसकी एक तेज चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ इसका कारण मेरे लंड की लम्बाई थी.

दूध दबानामनीषा की पेंटी अभी मेरे हाथों में ही थी और मेरा लंड मानो फिर से सलामी देने लगा. माइक का लिंग खून के दबाव से काफी गर्म और पत्थर से भी ज्यादा सख्त लगने लगा.

हिंदी बीएफ वीडियो एचडी फुल

दीमा उठ कर नताशा के नजदीक पहुंचा और उसने अपनी सीधे हाथ की उंगली से उसकी गांड में मसाज करनी शुरू कर दी. जैसे ही मेरा हाथ उसके लोवर के बाद उसकी पेंटी में घुसने लगा तो वो मचल उठी. क्या हुआ? मम्मी कह रही हैं कि ज्यादा तबियत खराब है तो डॉक्टर से दवा ले आओ!” प्रिया ने मेरी तरफ देखते हुए कहा.

कुछ देर के बाद वो अपनी शिफ्ट खत्म करके आई तो मैंने उसकी टिफिन बॉक्स लौटा दी और उसके बाद मैं उसे बस स्टैंड तक छोड़ने गया। उसे यह अच्छा लगा और फिर यह उसकी रोजाना की आदत बन गई. नेहा की बगल‌ में बैठकर मैंने अब पहले तो एक‌ नजर उसके चेहरे की तरफ‌ देखा. लेकिन मेरे भाई के साले ने यह कहकर मना कर दिया कि रेखा तो अभी छोटी है, इन दोनों को शादी लायक तो हो जाने दो.

तो मैंने बिना देर किए उन्हें चित लिटाया और उनकी चूत पर अपने लंड का सुपारा रगड़ने लगा. उसके कहते ही मैंने मुनीर की तरफ देखा, वो अपना सिर उठाये मुझे देख मुस्कुराई और अपनी नजर मेरी नजर से मिलकर दोबारा योनि को नीचे से ऊपर तक चाटने लगी. लड़कियां भाभियां आदि अपनी चूत में उंगली डाल लें और भाई लोग अपना लंड हाथ में पकड़ लें.

” कहते हुए मैंने आहिस्ते आहिस्ते धक्के लगाने शुरू कर दिए और हाथों से उसके सफ़ेद बालों वाले सिर को सहलाने लगा. रेवती भागते हुए अपनी मां को हां बोलकर अपनी गाड़ी की तरफ ऐसे भागी, जैसे ये पल निकल गया तो शायद हमें दुबारा साथ अकेले जाने का अवसर नहीं मिलेगा.

मेरी सारी सहेलियां बोलती हैं कि मेरी गांड बड़ी मस्त है, जो असल में सही बात है.

तुम सेक्स कितनी देर तक कर पाओगे? तुम भी मेरे हस्बैंड की तरह पन्द्रह मिनट में ढेर हो जाओगे. मौसी कि चुदाईमुझसे रहा नहीं जाता कनु!इधर मेरी शोला बन चुकी जवानी में भी आग लगी पड़ी थी, दिल चाहता था कि देवेंद्र मेरी इस आग को ठंडी कर दे. सोनाक्षी के सेक्सी वीडियोबात उस रात की है जब रिश्तेदार ज्यादा होने की वजह से मैं मेरी बहनों के पास आँगन के बाहर खुली जगह में सोया हुआ था. पर जिस प्रकार वो लंबी थी, कोई कह नहीं सकता कि वो मोटी दिखती है, बस उसका शरीर भरा हुआ था, जो किसी भी मर्द के मुँह में पानी ला दे.

मैं उन दोनों उभारों के ऊपर टंके हुए सबसे मस्त मूंगफली के दाने के बराबर गुलाबी रंग की घुंडियों को मसलने लगा.

अंकित बोला- हाँ अंकल, तपा वाली मौसी की बेटी है, लालजी की सगी मौसी है इसकी मम्मी!तब वो अंकल बोले- लालजी नहीं आया क्या? लालजी भी तो मुझसे इसके बारे में बता रहा था कि मौसी की लड़की सोनू बहुत मस्त है और बहुत हॉट है. अपनी कहानी शुरू करने से पहले मैं सबसे पहले अन्तर्वासना को धन्यवाद करना चाहूँगा जिन्होंने मेरी सेक्स कहानी को आप लोगों के पढ़ने लायक समझा और प्रकाशित किया. इस बार ये हरकत खुद भाभी की तरफ से हुई थी और उनके ऐसे करने से मेरा लंड मेरे पैन्ट में तम्बू बना रहा था.

कमलेश मुझे गर्म तो कर देता था लेकिन बस मेरे होंठों को चूस कर या मेरी चूचियों को दबाकर ही काम चला लेता था. अभी भी हल्के नशे में मेरा दिल कर रहा था कि बस अभी उनकी गांड खोल कर चाट लूँ और मार लूँ. मुझे पता नहीं होने के कारण मैंने ये कहते हुए मना कर दिया कि मैडम मैं दिल्ली का नहीं हूँ.

भोजपुरिया बीएफ वीडियो सेक्सी

उसने भी उत्तेजना के आधिक्य में नताशा के सिर को थाम लिया और सटाक-सटाक गहरे धक्के लगाता हुआ अपने लंड को मेरी बेचारी धर्मपत्नि के मुंह का जबरदस्त चोदन करने लगा. माइक समझ गया कि मेरा लक्ष्य आ गया और उसने भी मुझे पूरी ताकत से पकड़ लिया और दोगुनी तेज़ी से धक्के मारने शुरू किए. जब उसकी चूत पूरी गीली हो गयी तो मैं उसके ऊपर आ गया और उससे इशारों में लंड डालने को कहा तो उसने सर हिलाकर हां कहा.

मुझे उसने संभलने का एक मौका भी नहीं दिया और पूरा लिंग मेरी योनि की गहराई में घुसा दिया.

मेरा लंड 90 डिग्री पे खड़ा था परन्तु मैं मुठ भी नहीं मार सकता था क्योंकि मेरे हाथ बंधे हुए थे.

फिर मैंने ऐसे रिएक्ट किया जैसे कि मैंने उस ऑफिसर को देखा ही नहीं था. वो जोर जोर से कराह रही थी- आहह … आ … और जोर से आह … यार तुम सेक्स में बहुत ही माहिर हो!मैंने उसकी चुत पे थोड़ा सा शहद डाला और उसकी चूत चाटने लगा. एरियाना मैरीश्रीमती जी के स्तन इतने सेक्सी और मस्त हैं कि देखते ही मजा आ जाता है.

पर आते वक्त मैंने मन में सोच लिया था कि इनकी चूत का रस जरूर पियूंगा. मैं बाथरूम के अन्दर ब्रश कर ही रहा था कि अचानक मेरी नज़र मनीषा की पेंटी पर पड़ी. एक दिन मेरी मौसी के लड़के ने रात को मुझे अकेले में बुलाया और मेरी चूची को चूसने लगा.

तभी पुनीत ने बोला- वन्द्या, आज तुम भी ऐसे ही अपनी लाइफ को एंजॉय करना. इससे मैं समाली अंकल को जकड़ कर लिपट गई और उनके होंठों को चूसने लगी.

फिर खुद पर काबू करके उसने खुद को अलग किया- यह मौका सही नहीं है मैडम.

तुझे क्या चाहिए, बता दे?मैं बोली- मम्मी आप ले लो, मैं पहले थोड़ा आराम करना चाहती हूं. फिर आज सुबह जब मैं तुम्हारी तबियत का पता करने होटल गयी, तो तुम्हें मेरे बारे में बात करते देखा और मेरा धन्यवाद करने के लिए पता करते देखा, तो मैं समझ गयी कि तुम अच्छे आदमी हो और इसलिए मैंने तुम्हें बुला लिया. वह समझ नहीं पाई कि उसकी मां क्यों चीख रही है।लेकिन अब तो सुशीला को हम लोग किसी रंडी की तरह से चोद रहे थे, रंडी की गांड में भी दो लंड एक साथ नहीं घुस सकता लेकिन मैंने सुशीला की गांड में दो दो लंड घुसा दिये थे। उसकी गांड से खून बहने लगा था लेकिन वह बहुत गर्म हो रही थी इतना कुछ होने के बाद भी वह अपने गांड को हिला रही थी।मैं समझ गया कि यह कुतिया कितनी गर्म है.

अन्तर्वासना. कॉम मैं तैयार हो गयी मैंने उस दिन ब्लू जीन्स और स्काई शर्ट पहनी, और पैरों में जूती डाली ही थी कि तभी संजय का कॉल आ गया। जब मैं हॉस्टल से बाहर आई तो देखा संजय मेरा इंतजार कर रहा था। मैं जाकर उसके साथ बाइक पैर बैठ गयी, और सिनेमा पहुंच गए।जब मूवी शुरू हुई तो संजय ने मेरी सीट के पीछे हाथ रख लिया और धीरे धीरे मेरे कन्धे पर हाथ रख दिया। मुझे अजीब सा लगा परन्तु मैंने कुछ नही कहा. उस दिन के बाद से मैं रवि की बहन को उसके सामने ही नंगा करके रोज़ चोद देता.

मर्द का तो सही था, पर उस अर्धपुरुष या अर्धमहिला, जो भी था, उसका वीर्य निकलते देख अचंभित हो गयी. चूत के अन्दर की गर्मी जब मुझे लंड पर महसूस होने लगी, उसकी फीलिंग को शब्दों से बयान नहीं कर सकता. मीता पुनः यौन के जोश में अवश होकर आहें भरने लगी ‘आआह उफ्फ इसीई … उफ्फ नीलेश मेरे राजा … ये क्या कर दिया है फिर से तुमने … उफ्फ … अब चोद दो न मुझे … आआह रगड़ डालो अपने लन्ड से मेरी इस मुनिया को … चोद दो जान मेरी!और यह बोलते बोलते मीता स्वंयमेव ही अपने कूल्हे ऊपर नीचे उछालने लगी.

न्यू हिंदी में बीएफ

अब सच में मैं बहुत एक्साइटेड थी, तो उसका लौड़ा अपने हाथ में पकड़ कर अपनी जीभ से मैक के लंड का सुपाड़ा चाटने लगी. मेरी चूत का पानी नमकीन था और मेरी मौसी का लड़का मेरी चूत को चाट कर मजा लिए जा रहा था. कुछ देर ऐसे ही रहा, फिर वो मेरे कंधे पर चूमने लगा, कंधे से चूमता हुआ वो गले पर आ पहुंचा.

जैसे ही मेरी जीभ उसकी चूत से टकराई, रेवती एकदम से उछल पड़ी और उसकी पूरी चूत मेरे मुँह में समा गई. मुझे बांहों में भरते हुए देवेंद्र उसपे लेट गया और मुझे नीचे लिटा दिया.

वो डर सा गया- यह आप क्या कर रही मैडम?भीम जब से तुमने मुझे छुआ, मेरे जिस्म में सिहरन हो रही है.

बस कुछ देर ही हमने ऐसे ही तेजी से धक्के लगाये थे कि अचानक से प्रिया मुझसे किसी बेल‌ की तरह लिपट गयी और उसका बदन अकड़ सा गया. मैंने भाभी को अपनी गोद में बैठा लिया यानि अपने दोनों हाथ उनकी जांघों के नीचे से निकाल कर उनके कूल्हे पकड़ लिए और अपने हाथों के बल पर भाभी को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया. कुछ ही देर में हम दोनों एक बार फिर से गर्म हो गए और एक दूसरे को किस करने लगे.

मगर तभी मेरे दिमाग में आया कि उस समय दरवाजे पर जो आया था, कहीं वो सुलेखा भाभी तो नहीं थीं?नहीं … नहीं … सुलेखा भाभी कैसे हो सकती हैं? अगर वो सुलेखा भाभी होतीं, तो अभी तक‌ घर में हंगामा नहीं हो जाना था. वो इस समय बस आहें भर पा रही थी… उसको और किसी चीज़ का कोई होश नहीं था. इतने में उन्होंने एमर्जेन्सी लाइट जलाई और मुझे देख कर फिर से हँसने लगीं.

आगे नीरू ने पूछा- ब्वॉयफ्रेंड तक ही है या कभी मजा भी लिया है?तो सविता ने बताया- नहीं, हाय हेलो और फोन पर बात हो जाती है, बाकी आगे कुछ नहीं हो पाया.

बीएफ नंगा नाच: मैं बोली- अंकल, मैंने आज तक इतने सारे लोगों के साथ में कभी नहीं किया है. सच कहूं मुझे बहुत दर्द हो रहा था, जब वो मेरी चूची दबा रहा था मगर उस दर्द से कहीं ज्यादा मज़ा भी आ रहा था.

वो मेरी बात का मतलब समझ गयी थी, इसलिये उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और शर्माकर उसने नजरें झुका लीं. अगर कोई थोड़ा ध्यान से मेरी जींस की तरफ देखता तो उसे मेरी चूत की बनावट का आभास हो जाता और गांड का तो कहना ही क्या. उसके काले रंग का सलवार कमीज़ डाल रखा था, जिसमें वो बहुत ही सुंदर लग रही थी.

सतीश तू तो बोल रहा था कि तेरा बहुत स्टेमिना है मादरचोद … और मुझे पूरा संतुष्ट करोगे … तो अब क्या हुआ?परन्तु मेरे कहने का कोई असर नहीं पड़ा.

यह ग्रुप सेक्स की कहानी आपको अच्छी लगी या नहीं? आपके लंड या चुत से पानी निकलने में मज़ा आया या नहीं? मुझे ईमेल ज़रूर कीजियेगा. उसने रुक कर कुछ देर रुक मेरे मम्मे चूसे और फिर मुझे घोड़ी बना कर फुद्दी में लंड डाल कर एक हाथ मेरी कमर पर टिका दिया. मैंने श्यामा से मज़ाक में कहा- यह क्या हो रहा है… जगेश तो तेरा कज़िन भाई है ना.