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आज उनकी वजह से हम सबको यह सुख मिला था, तो हमने सोचा हम तीनों मिलकर उनको चाटेंगे. सेक्सी फिल्म भूतों काचाची की चूत इतनी फूली हुई और गुंदाज थी कि मेरी नाक की नोक चाची की चूत के दरार में डूब गई.

पानी लेते हुए मैंने उससे पूछा- घर के बाकी लोग कहां हैं?वो बोली- मैं अकेली रहती हूँ. जोधपुर की सेक्सी वीडियो मारवाड़ीमैं पागल होने लगा था, मैंने कभी सोचा नहीं था कि सेक्स में इतना मजा आ सकता है.

तभी मैंने बोला- देख तू यही चाहती थी ना … एक यादगार सेक्स करना था ना तुझे … तो सहन कर ना मेरी जान!मैं चाटते हुए और नीचे आ गया … उसकी चुत को चाटने लगा.बीएफ सेक्सी भाई बहन का: फिर वो बिना झड़े ही हट गया और उसके बाद मुझे दो और नये लंड खाने को मिले.

जब यह कन्फर्म कर लिया तो मैं सीट पर बैठ कर सबा के चूचे मसलने लगा चूस भी रहा था.तो मैंने भी बात को दूसरी तरफ मोड़ते हुए उससे पूछ लिया कि आप कौन सी कक्षा में हो?तो उसने बताया कि 12वीं में हूँ.

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मैंने पूछा- क्या हुआ?तो बोली- न जाने कितने सालों बाद आज जिन्दा होने का अहसास हुआ है.मुझे देखते ही वो खड़ी हो गयी और मेरे पास आकर उसने मुझे गले से लगा लिया.

अब तक इस सेक्स स्टोरी के पहले भागकम्प्यूटर सीखने के बहाने सेक्स का खेल-1में आपने जाना कि सोनल ने मुझे अपने हुस्न के हर तरह के जलवे दिखा कर फंसाने की कोशिश की … लेकिन मैंने उसके साथ कोई भी गलत हरकत नहीं की. बीएफ सेक्सी भाई बहन का दूध सा गोरा बदन … और उसके बड़े बड़े मम्मों को देख तो मेरे मुँह में पानी आ गया.

कुछ देर तो वह उसे उसी तरह पकड़ कर बैठी रही, फिर मैंने उसके हाथों को पकड़ कर आगे पीछे करना शुरू किया, फिर छोड़ दिया और उसे कहा कि इसी तरह करती रहो.

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बारह बजे के करीब जब मेरी नींद खुली और जब तक मैं तैयार होकर अपने कमरे से बाहर आया तो दोपहर के खाने का समय हो गया था. एक दिन जब डैड काम पर गए हुए थे, मॉम बाज़ार गई थीं और बहन टयूशन क्लास में गई थी. मैं गाँव से बीस किलोमीटर दूर शहर में बच्चों को पढ़ाई के लिये बीवी बच्चों के साथ वहीं रहता हूँ.

फिर सतीश ने अब मुझे उल्टा करके लिटा दिया और बोला- अब मैं तेरी चूत का बाजा जमके बजाता हूं. तो चलिए शुरू करते हैं कहानी को।दोस्तो, भाई भाभी की शादी के लिए जो फार्महाउस बुक किया गया था, वह बहुत आलीशान था, सारा इन्तजाम उसमें था। बहुत से काम की ज़िम्मेदारी मुझे दी गयी थी. आगे और भी क्या क्या हुआ बहुत कुछ हुआ लेकिन इस कहानी को मैं यही विराम देना चाहता हूं क्योंकि लिखने को बहुत कुछ है और शब्द बहुत कम हैं.

मैं सोच रहा था कि क्यों न रेखा की ही चूत मार लूँ लेकिन उस वक्त वह अपने पति के साथ थी. इसके बाद उसने फिर टोका- एक ही जगह अटके रहोगे क्या?मैंने उसकी भड़की हुई चुदास को समझा और पहले एक बार चुदाई करने का मन बना लिया. फिर कुछ देर बाद मैं भी नीचे आ गया और प्रशान्त को ऊपर ही कमरे के अंदर बन्द कर दिया.

वह पूरा डर में बदल गया, मेरे साथ यह पहली बार ऐसी स्थिति बनी मुझे कुछ समझ नहीं आया. थोड़ा दुःख तो हुआ लेकिन मुझे स्कोर अच्छा करना था, तो मैंने अपना सारा ध्यान पढ़ाई पे ही लगा दिया.

तारा मेरी जाँघों के बीच से अलग हुई, तो माइक नीचे बैठ गया और उसने भी मेरी योनि का स्वाद चखना शुरू कर दिया.

घर से निकलने का मौका रेयर ही मिलता है। ऐसे में किसी से कोई कंटीन्युटी बनाऊं भी तो मिल पाना ही मुश्किल होगा, सेक्स तो दूर की बात है।”फिर भी.

उसने कहा- अब में और तब में बहुत फर्क है … अब तुम जो गई हो, वो मेरे लिए, मेरी रिक्वेस्ट पर गई हो और तब तुम जहां जातीं, वो बस ऐसे ही घूमने के लिए पहले से ही तैयारी करके जातीं तो वो अचानक वाला मज़ा नहीं आता, जो अब आया है. चाची का लड़का यानि मेरे भैया सर्विस में हैं, वो बीवी बच्चों के साथ बाहर शहर में रहते हैं. तभी महेश ने सीधे मेरे गालों में किस करके मेरे होंठों में अपने होंठ रख दिए.

थोड़ी देर साधारण बातों के बाद …पूर्वी- आप स्मोकिंग या ड्रिंकिंग करते हैं?मैं- नहीं, मैं इन सब चीजों से दूर ही रहता हूँ. हां बगलों के बाल भी पूरी तरह से साफ़ करके पूरी चिकनी चमेली बन कर आना. ऐसा कहते हुए अशोक ने अपने दोनों हाथों से मयूरी की दोनों चूचियों को जोर से जकड़ लिया और दबाने लगा.

नीरू के मुंह से हल्की सी आवाज निकली- जीजू, यार मार डालोगे क्या?मैंने कहा- क्या हुआ?नीरू बोली- अरे जीजू 7 इंच लंबा लौड़ा एक झटके में अंदर डालोगे तो थोड़ा दर्द तो होता है!मैंने कहा- अरे साली छिनाल … कितनी बार इस लोड़े को लेकर मजा ले चुकी है, अब भी दर्द होता है?नीरू बोली- हां जीजू, जब 7 इंच लंबा लंड एक झटके में डालोगे तो थोड़ा सा दर्द तो अभी भी होता है!मेरा पूरा लंड नीरू की चूत के अंदर समा चुका था.

नीता की साँसें तेज़ी से चलने लगी।मैंने उसकी चूत की एक फांक को अपने होंठों में लिया और चूसने लगा ऐसा ही मैंने उसकी दूसरी फांक को भी किया। वो आह करने लगी. मैं सोच रही थी कि निहाल को लेकर जाती, एक दो सैट सोनू को भी कपड़े दिलाना था. इतनी बात करने के बाद मैंने अब तक उससे ये पूछा ही नहीं था कि वो किधर से है.

किस के साथ ही उन्होंने मेरा एक हाथ अपने टाइट स्तन पर रख दिया जिसे मैं मसलने लगा. मैं भी जीजू के टट्टे दबाते हुए पागलों की तरह जीजू का लौड़ा चूसने लगी. अगर बुरा ना मानो तो बता दो … ब्वॉय फ्रेंड या कोई और से करवाया है?मैं पहले तो झिझकी, फिर बोली- वह कोई और था … मेरे पास ब्वाय फ्रेंड नहीं है.

और नीरू अपने सारे कपड़े उतार कर नंगी हो गई, पायल भी मेरे पास बैठी हुई थी लेकिन वह बहुत शर्मा रही थी.

मैंने धीरे से रेवती के हाथ पर हाथ रख दिया, जिसे रेवती ने स्वीकार करते हुए अपनी गिरफ्त में ले लिया और अपनी जांघ पर रख लिया. कुछ देर इधर उधर की बातें होने के बाद श्यामा ने कहा- अब रात को सोने वाले कपड़े डाल लिए जाएं.

बीएफ सेक्सी भाई बहन का इस तरह हेयरी आंटी की चूत बजाते बजाते मैंने उनकी गांड के अन्दर धीरे से उंगली दे दी. तब मेरे पड़ोस में एक परिवार रहने आया था। उस परिवार में पति-पत्नि बेटा और बेटी थे।उसकी बेटी मेरी ही हम उम्र थी। थोड़े दिन तो यूँ ही गुजर गए और फिर धीरे-धीरे मेरी और उसकी दोस्ती हो गई। मैं उसका नाम बताना तो भूल ही गया.

बीएफ सेक्सी भाई बहन का मेरी बातों को सुनकर पूजा अपने मुँह से मेरे लंड को निकालते हुए बोली- हाय मेरे चोदू राजा, तुमने ठीक ही कहा है. इधर लोगों के किस्से पढ़ पढ़ कर मैंने भी सोचा कि क्यों ना अपनी ज़िंदगी की सेक्स लाइफ आप सब के साथ शेयर करूँ.

फिर एक नीग्रो ने बेड में आकर मेरी तरफ देख कर स्माइल किया और मेरे चेहरे को पकड़कर मेरे होंठों को किस कर दिया.

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[emailprotected]आगे की कहानी:रंडी क्लासमेट और उसकी रंडी रूममेट्स की चुदाई. मुझे लगा कि वो अपने अन्दर बोल रही थी कि काश वो दूसरे मदों का लंड भी छू सकती, पर वो जरा सा हूँ कहकर खामोश हो गई. मुझे अब उसके नर्म‌ नर्म होंठों की नर्मी व उसके मुँह की गर्मी अपने सुपाड़े पर महसूस होने लगी थी.

भई मसलें भी क्यों न … ऊपर क्या तबियत से उनको बनाया था! पूरे जिस्म में कहीं पर भी ज्यादा मांस नहीं था … पर जहाँ होना चाहिए था वहाँ भरपूर था यानि कि उनकी गांड और दूध एकदम मस्त थे, उनको देख कर किसी मुर्दे का भी लंड खड़ा हो जाये!परन्तु वे ज्यादा किसी से बात नहीं करती थी. थोड़ी देर और चूसने के बाद उसने माइक से कहा कि तुम्हारा हथियार तैयार हो गया है. शीतल- और ये कैसे होगा?मयूरी- आप ना बस उनको अपनी इन प्यारी-प्यारी चूचियों के दर्शन कराओ, अपनी इस गांड के दर्शन कराओ और अपने शरीर को उनके शरीर से सटाओ और उनको अहसास कराओ कि आप भी अपना ये शरीर उनके हवाले करना चाहती हैं… और आप तो माँ हैं… आपके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है… माँ का प्यार दिखने के बहाने महबूबा बन जाओ बस…और दोनों फिर खिलखिलाकर हंस पड़ी.

मेरी तो समझो लॉटरी लग गई।फिर उसने पूरा का पूरा लण्ड मुँह में ले लिया और मैं सिर्फ मादक आवाजें निकाले जा रहा था। वो आइसकैन्डी की तरह लौड़ा चूसने लगी। साथ-साथ अपने हाथ से मेरे अन्डकोषों के साथ भी खेल रही थी।मैंने कहा- आह्ह … रुक जा … अब मेरा निकलने वाला है, कहाँ निकालूँ?उसने कहा- निकल जाने दे … कोई बात नहीं.

मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था इसलिये मैंने एक बार अपनी आंखें मलकर फिर से उसे देखा. बियर अपना काम कर रही थी और मैं उसको मस्त होकर काफी देर तक चोदता रहा. सबसे पहले हम मॉल गए और वहां मूवी देखने लगे, फिर वहां से निकल कर हम लोगों ने थोड़ी शॉपिंग की.

फिटिंग पंजाबी सूट में मेरा बलखाता लचकीला लहराता हुया बदन बिजलियां गिराता है. भाभी ने अपने दोनों पैर मोड़ लिए और हाथ चूचों पर रख लिए, शायद पूरी नंगी हो जाने के कारण वो थोड़ा शर्मा रही थीं. नमस्कार, मैं अनिल एक बार फिर से अपनी मस्त चाचियों की चुदाई की कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.

अगली सुबह दिन सोमवार का आसमान बिल्कुल साफ था, सुबह के सूरज की लालिमा प्रायः रोज की तरह आज भी धरती पर बिल्कुल मद्धिम सी बिखर रही थी, जो मन को काफी आनंदित कर देने वाली थी. मैंने देखा कि भाभी की गांड बहुत ही सुन्दर थी और मेरे लंड ने भी सलामी देनी शुरू कर दी थी.

अचानक से तेज़ी से सिसकारते हुए मैंने अपनी पीठ को बिस्तर में एक धनुष की तरह तान दिया और मेरी कमर का हिस्सा झटके लेने लगा था. वह पूरा डर में बदल गया, मेरे साथ यह पहली बार ऐसी स्थिति बनी मुझे कुछ समझ नहीं आया. अगर मैंने भाभी से ये पूछ लिया कि वो क्या खाती है, तो क्या बुरा किया जो इतना डांट रही हो मुझे?मॉम और भाभी शांत रह गईं, उन्होंने समझ लिया था कि मेरी बहन अभी कुछ नहीं जानती है.

मैं धीरे धीरे नीचे अपने हाथ को उसके मम्मों पर ले गया और एक चूची को दबाने लगा.

थोड़ी देर बाद जब फिर जोश चढ़ा, तो उन्होंने मेरे लंड को खड़ा किया और फिर उस पर कॉन्डोम चढ़ा दिया. शाम को करीब सात बजे मैं उनके घर गया, डोर बेल बजाई तो मैडम ने दरवाजा खोला. हम दोनों बैठे थे और कुछ देर बाद मीतू दी पानी लेने गईं तो मैं उनका फोन देखने लगा.

धर्मेन्द्र- गुड … अब मैं चलूं?मैं- जी, मगर मुझे यहाँ से दस किलोमीटर जाना है, अगर गाड़ी फिर बंद हो गयी तो?धर्मेन्द्र- वैसे तो बंद नहीं होगी अब आपकी गाड़ी, आप किस तरफ जा रही हैं?मैंने अपने घर की उल्टी दिशा के बारे में बता दिया. कुछ देर बाद मैं भी टीवी बन्द करके भाभी के साथ उनके कमरे में जाकर सोने चला गया.

मैंने झपट्टे से अपना मुँह माइक के मुँह से चिपका लिया और अपनी जुबान बाहर निकाल दी. मैं वहीं बेड पे बैठ गया, वो भी ठीक मेरे पास आकर बैठ गयी और मुझे अच्छे से पढ़ाने लगी. पूर्वी मस्ती में मेरी तरफ देखती हुई- यह क्या कर रहे हो तुम?मैं- बस आपको यौनसुख देने की कोशिश कर रहा हूँ; आपने कभी एनल सेक्स किया है?पूर्वी- नही, मैंने सुना है कि वहाँ बहुत दर्द होता हैं.

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राज अंकल मुझे फिर से बोले कि वन्द्या तुम्हें अगर तकलीफ या दर्द हो तो मुझे बताना.

मैं बड़ी चाची के बारे में बोल बोल कर छोटी चाची को चोदने लगा- काश … आपकी तरह मुझे बड़ी चाची की चूत चोदने का सौभाग्य प्राप्त हो जाता. कुछ देर बाद अँधेरे में ही भाभी की आवाज आई- मनीष ये क्या कर रहे हो?तब मनीष ने कहा- सॉरी भाभी, गलती से हाथ वहां पहुंच गया था. हमारी आँखे आपस में मिली और मैंने उस प्यार की देवी के माथे को चूमा और अपने सीने से चिपका लिया.

शायद बस सुलेखा भाभी ही गांव नहीं जा रही थीं और वो भी मेरे वहां रहने‌ की वजह से बाकी सब गांव जा रहे थे. जैसे ही जगत अंकल ने मेरी चूत में पूरा लंड रस डाल दिया, मैं भी जोश में आकर आएं बाएँ बकने लगी. मद्रास सेक्सी फिल्मउसने बताया कि उसकी पहली पत्नी एक नीग्रो थी और वो हम हिन्दुस्तानियों से भी ज्यादा काली थी.

आखिर पहला कदम उठाते हुए एक दिन जब वो सब्ज़ी काट रहा था, तब चुन्नी उतार सोफे पर रख इधर उधर देख रसोई में उसके पास आ गई. तब अंकित ने बोला- अंकल, उसे देख लोगे तो पागल हो जाओगे तुम, बहुत दिनों से बोल रहे थे.

मुनीर हम हिंदुस्तानी औरतों से कुछ ज्यादा अलग नहीं थी, केवल उसकी शक्ल चीनी लोगों की तरह थी. सबने बड़ी ख़ुशी-ख़ुशी अपने लंड और चूत पर केक लगा लिया और तीनों मयूरी के ठीक सामने खड़ा कर दिया. मैं उसकी चूत का सारा पानी चाट गया।फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए.

मैंने गुस्से में कह दिया- अगर मैं चाहूँ तो अभी बच्चा पैदा कर सकता हूँ. हमारे यहां की लड़कियों की ये विशेषता है कि उनके साथ इस तरह के इंटिमेट सम्बन्ध बनते ही इनके व्यव्हार, बोलचाल में अधिकार झलकने लगता है. मैं अगली बार यह कहानी यहां से आगे बताऊँगा कि कैसे मैंने पूजा की ससुराल जा कर पूजा, उसकी जेठानी रेश्मा, देवरानी सविता और ननद शिल्पा.

उसकी चूत ने जगह दे दी और मेरा आधा सुपारा उसकी चूत में फंसा दिया।अब लौड़े ने अपनी जगह निशाने पर ले ली थी। मैंने ज़ोर से एक धक्का मारा.

मुझे लगा कि वो अपने अन्दर बोल रही थी कि काश वो दूसरे मदों का लंड भी छू सकती, पर वो जरा सा हूँ कहकर खामोश हो गई. राज अंकल बोले- बस 5 मिनट में तुम्हारा पूरा दर्द ठीक हो जाएगा और राज अंकल मेरी टांगों की तरफ आए और जो अंकल मेरी चूत चाट रहे थे, उन्हें बोले- आप थोड़ी देर के लिए एक बगल हो जाओ, मैं वन्द्या का पूरा का पूरा दर्द अभी ठीक कर देता हूं.

जब एक ताजा जवान शक्ति से भरपूर लंड उसके यौवन दवार को खोलता हुआ मज़ेदार घर्षण करता हुआ उसके अन्दर की औरत को जगा रहा था. सुशीला चुप हो गई और मानसी का ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा … इसी बहाने अब मैं अपने हाथ को चूत के ऊपर से सहलाने लगा था. आंटी के करवट के बल सोने की वजह से उनकी चूत मुझे दिख नहीं रही थी, तो मैंने अब उनकी टांगें फैलाना शुरू कर दीं.

मैं सोचने लगी तारा और मुनीर शायद शुरू से ही पूरी तैयारी के साथ आये थे कि मुझे इस विशालकाय सांड के साथ संभोग करवाना है. मैं पूजा के चूतड़ों को सहलाते हुए कभी कभी उसकी गांड के छेद को भी सहलाता रहा. लेकिन कहते हैं न कि टूट कर किसी को चाहो तो टूटने से पहले चाहत तुम्हारी होती है.

बीएफ सेक्सी भाई बहन का मेरे दिमाग में ख्याल आया कि चलो आज पता कर लिया जाए कि आंटी लाइन ही मारती हैं, या सच में इनके मन में कुछ और भी है. मेरी पत्नी अब झड़ रही थी, बोल रही थी- मैं तो गई … मैं तो गई … मेरा हो चुका!नीरू का भी होने वाला था, वो बोली- जीजू, मेरा शरीर अकड़ रहा है, और जोर से चोदो मुझे … मैं जा रही हूं!मैंने अपनी पत्नी से पूछा- मुझे अपना माल कहां निकालना है? मेरा भी होने वाला है!मेरी पत्नी ने कहा- आप अपना सारा माल अपनी साली की चूत के अंदर ही उड़ेल दो, कोई दिक्कत नहीं! मैं इसको गोली खिलवा दूंगी, बच्चा नहीं रहेगा.

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हालांकि बहुत लड़के मुझ पर लट्टू थे और मेरी शोला बन चुकी जवानी के रस को निचोड़ना चाहते थे. मैं कुछ देर रुका रहा और उसकी चीखों को अनसुना करके अपने लंड पर चूत की गर्मी का मजा लेता रहा. पीछे उस सीट में दो बहुत पहलवान की तरह दिखने वाले रईस धनी व्यक्ति बैठे हुए थे.

उधर अपनी चूत की फांकों में मेरे लंड की गर्माहट से नीता आंटी कामुक सिसकियां लेने लगीं- ह्ह्ह अह्ह्ह ह्ह्ह ओह्ह्ह!मैंने भी अपना लंड उनकी चूत में सैट किया और धीरे से उनकी चूत में डाल दिया. दो मिनट बाद मैडम ने चाय लाकर मुझे दी और खुद भी मेरे साथ बैठ कर चाय पीने लगीं. सेक्सी लड़की वीडियोअब पूजा की झांटों से भरी चूत शीशे से दिखते हुए मेरे आंखों के सामने थी.

हाँ, वो मास्टर बाथरूम था पर इतना भी बड़ा नहीं था कि उसमे 3 मर्दों का ग्रुप सेक्स आसानी से हो जाए!दूसरे वाले ने भरपूर कोशिश की पर वो बड़ी मुश्किल से मेरे चूतड़ों पर अपना मुँह ले जा पाया! जिसे जो मिला वो उसी में खुश हो रहा था! मेरे चिकने चूतड़ उसको इतने पसंद आये कि वो उनको की किसी लड़की के गाल समझ कर चूमने चाटने लगा और जल्दी ही उसका ये चूमना चाटना, काटने में बदल गया.

उसने एक पल के लिए मेरा पूरा लंड अपने अन्दर लेकर कर आंखें बंद करके मुझे कस कर पकड़ लिया. इस पोजीशन में मुझे और रोहित को धक्के लगाने की तो आसानी थी लेकिन शिवम के लिये धक्के लगाना थोड़ा मुश्किल जरूर था.

हिमांशु पीछे से मेरी गांड में बहुत जोर से अपने लंड को अन्दर बाहर लंड करने लगा था. करीब करीब 20 से 25 धक्के मारे होंगे और फिर 1 फिर 2 फिर 3, 4, 5 कर के हल्के झटके देते हुए उसने भी थोड़ा विश्राम लिया. खड़ा होते ही उसने बोलना शुरू किया- आज हमारी लाड़ली का जन्मदिन है और इस शुभ मौके पर मैं कुछ कहना चाहता हूँ.

एक बार अक्टूबर 2016 में मेरा एक्सीडेंट हो गया इस वजह से मैं 3-4 दिन ऑफिस नहीं जा पाया.

अब मैं बेड पर उनकी तरफ पीठ करके बैठ गया और मुझे उनकी चूड़ियों और गहनों की खनकने की आवाज़ आ रही थी. ज …ज जी …” डर के कारण मेरे मुँह से बस अब इतना ही निकला था कि तब तक सुलेखा भाभी मेरे बिस्तर के पास आ गईं. मैंने लंड कविता की गांड से निकाल कर पीछे से ही उसकी चुत पर लगाया और अन्दर डाल दिया.

ब्लू फिल्म बताइए सेक्सी वीडियोतब भी मैंने बात क्लियर करने के इरादे से उससे पूछा- मैंने क्या किया था?वो बोली- वही … जो तुमने रात में निक्की के साथ किया था. लेकिन उसकी गीली गर्म चूत बता रही थी कि मेरी बहन की चूत को भी के लंड से मजा मिल रहा है.

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अपनी जीजी की आज्ञा का पालन करते हुए नीरू तुरंत ही बेड पर सिर रखकर डॉगी स्टाइल में खड़ी हो गई. यह जानने के बाद मैं मायूस सा हो गया और चुपचाप अपने कमरे में आकर लेट गया. लोग आते मम्मी के लिए हैं, पर घर में मुझे देख कर सबकी निगाहें मुझमें अटक जाती हैं.

इतनी उत्तेजना के बाद भी माइक कितना संतुलित था, उसने अपने धक्कों की सीमा वहीं तक रखी, जहां तक उसका लिंग घुसा था. मैं उन दोनों उभारों के ऊपर टंके हुए सबसे मस्त मूंगफली के दाने के बराबर गुलाबी रंग की घुंडियों को मसलने लगा. जिनका मकान है वे मुझे बोले- तुम बस मेरी बात मानो और चाहे तो अपनी आंखें बंद कर लो और चुपचाप लेट जाओ.

इससे पहले कि वो कुछ बोलती, एक आवाज़ आयी- फोन नम्बर का क्या करोगे?मैंने देखा कि वही महिला मेरे पीछे खड़ी है. यह देख कर बेबी बोली- इसे जल्दी से बाहर निकालो … नहीं तो ये पैन्ट को फाड़ देगा. ऐसे ही एक दिन मेरे पति ने मुझसे बोला कि वो काम के सिलसिले में 3-4 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं.

इतना बोल कर वो बेड पर लेट गयी और मैं अपने खड़े लंड को सहलाता ही रह गया, अब ज़ोर ज़बरदस्ती तो कर नहीं सकता था तो चुपचाप उन्हें देखता ही रह गया … बहुत ही मासूम लग रही थी वो उस समय …जब हमारी बात हुई थी मीटिंग के लिए … तब सिर्फ़ 3 घंटे के लिए ही तय हुई थी… मैंने घड़ी की तरफ देखा तो रात 11-30 बज रहे थे… और पूर्वी गहरी नींद में सो चुकी थी. कुछ देर से चाटने के बाद फिर मेरी पत्नी ने उसकी चूत में अपनी उंगली से रास्ता बनाना चाहा तो थोड़ी उंगली जाने के बाद ही वह दर्द से कराह उठी.

ये क्या कर रहा है … हाथ छोड़ मेरा … नहीं सुधरोगे तुम?” उसने अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा.

अब मैं पूरी नंगी गैब्रियल के ऊपर लेटी थी और मैक मेरे पीठ और कूल्हों को चाट रहा था. भोजपुरी सेक्सी पिक्चर दीजिएउस दिन जब मैं स्कूल से लौट कर घर आया तो पता चला कि मेरी दूर के रिश्ते की मौसी आई हुई हैं. जोरदार सेक्सी सेक्सीऔर सच बोलेगी तो हमेशा साथ रखूंगा, तब उसने बताया था कि एक मेरे सगे मामा का लड़का है, उसने सील तोड़ी थी और फिर मेरे भाई का दोस्त वो बहुत बार चोदा. दूध वाला कुछ नहीं बोला, लेकिन मैं उन दोनों की बातें सुन कर मन ही मन मुस्कुरा रहा था.

पूजा मुझे इस कदर लिपटी थी कि मुझे अपने छाती में पूजा के निप्पल के गड़ने का अहसास हो रहा था.

कुछ दूर पर बगल से एक दरवाजा खोला, वहां अन्दर एक छोटा सा 3 बाई 6 का दीवान टाइप का रखा था और एक चेयर भी रखी थी. तभी राज अंकल बोले कि क्यूं अंकल वन्द्या की गांड में घुसेड़ दिया क्या?तो वो अंकल बोले- यार मैं ऐसे ही रगड़ रहा था. मैं अपना लंड उसकी गांड की दरारों की बीच में डालने की कोशिश कर रहा था, पर उसने बहुत ही टाइट साड़ी पहनी हुई थी, इसलिए मैं ऐसे ही लंड को उसकी गांड पर रगड़ रहा था.

मेरे जिन पाठकों और पाठिकाओं ने कहानी का पहला भाग नहीं पढ़ा हो, वोमेरे सामने वाली खिड़की में-1पर जाकर पढ़ सकते हैं. फिर एक दिन हमने कहीं जाकर मस्ती करने का प्लान बनाया एवं रविवार के दिन हम लोग 11 बजे निकले. वहीं पास में एक तीन मंजिल अपार्टमेंट था, जिसमें केवल कुछ 4-5 कामकाजी औरतें रहती थीं.

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सबसे पहले तो मैंने अपनी जीभ से चाटकर उसको साफ किया और फिर धीरे से अपनी जीभ को चुत की दोनों फांकों के बीच घुसा दिया. मैं आगे बोला- बतलाओ मेरे लिए क्या सेवा है?तो नीरू ने सविता का हाथ पकड़ते हुए कहा- जीजू, सविता भी जवान हो चुकी है, यह आप से चुदाई कराना चाहती है. उसने मुझे समझाना शुरू कर दिया कि औरत की योनि तो रबर की तरह होती है.

मेरी पत्नी ने उसको समझाया- देखो नीरू, तुम्हें थोड़ा दर्द तो बर्दाश्त करना पड़ेगा.

उसके बड़े बड़े मम्मों पर गुलाबी निप्पल मुझे बुला रहे थे कि आओ और हमको चूस लो.

प्रिया अब भी कराहती रही, मेरे हरेक धक्के के साथ वो जोरों से ‘आआआ … अह्हह … मम्मीईई … मरीईईई … आआआह … इह्हह … ओय्य्य …’ कर रही थी, मगर फिर भी मैं धक्के लगाता रहा … क्योंकि मैं भी अब चरमोत्कर्ष के करीब ही था. फिर हमने नंगे ही रात का खाना खाया और ढेर सारी गन्दी बातें करते हुए लेटे रहे. सेक्सी एचडी देहाती हिंदीफिर यूं ही थोड़ी देर चूसते चूसते रुका और मुझसे बोला- क्या मैं आपकी ब्रा खोल दूँ?मैंने हां में बस अपना सर हिलाया, तो उसने मेरी ब्रा खोल दी और वहीं नीचे फेंक दी.

उस रात जब वो नाइटी पहनने लगी, तो उसकी उतारी हुई चड्डी पर साफ़ साफ़ चूत रस के चिपचिपे दाग लगे नजर आये. तब पूजा मेरे मुरझाए लंड को अपने हाथों से सहलाते हुए बोली- हां … मुझे गांड मरवाने में बहुत मज़ा आया, लेकिन पहले लग रहा था कि मेरी गांड फट ही जाएगी. उन्हें देख कर मेरी गांड फट गयी कि कहीं भाभी ने मेरी शिकायत तो नहीं कर दी.

बाद में उसने एक गहरी सांस के साथ मेरी तरफ देखकर एक हल्की सी मुस्कान बिखेर दी, जो मेरे सुखद एहसास के लिए काफी थी. इस समय तक मेरा क्लास की लड़कियों को देखने का नज़रिया भी बदल गया था.

अब शीतल के दोनों बेटे एक साथ अपनी माँ की गांड और चूत की बहुत ही जोरदार चुदाई कर रहे थे.

पूजा मुझे इस कदर लिपटी थी कि मुझे अपने छाती में पूजा के निप्पल के गड़ने का अहसास हो रहा था. अब मुझे दूर दूर तक ये ख्याल नहीं था कि मैं जिसके बारे में सोच रही हूँ वो कोई और नहीं मेरे भाई का बेटा है. ’ की आवाज मारी और हम दोनों ने लंड पेल कर धक्कों की गिनती करते हुए चोदना शुरू कर दिया.

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तभी मानकपुर के स्टोर वाला शादी में आ गया और उसके साथ दो नीग्रो और एक सेठ का लौंडा भी आ गया था. खाने के बाद मैंने उसे फिर से तैयार किया और वह बिना कुछ कहे नंगी हो गयी. फिर सतीश बोला- हम शादी के दिन तेरे लिए बारात तरफ से शामिल होकर आएंगे.

एक दिन रवि नेहा को बहुत डांट रहा था क्योंकि उसकी बहन किसी लड़के के साथ घूम रही थी. अब तक आपने पढ़ा कि कार में मुझे उन तीनों अंकल ने लंड से चोदा तो था, पर अधूरा चोद कर छोड़ दिया था.

उसके बाद मैंने उनकी ज़ोरों वाला किस किया और उनके दूध को कुछ देर मसलते हुए चाटा और फिर लंड निकाल कर लेट गया.

मैंने कम्बल को दूर फेंक दिया और उसके पैरों पर किस करते हुए जांघों पर आ गया. अब वो पूरी उत्तेजना में टांगें फैलाए पड़ी थी और जोर जोर से कामुक सिसकारियां ले कर बोल रही थी- जानू और करो. ‘हांआ … हांआआ … तुम्हें डर क्यों लगेगा? वे दोनों तुम्हें दवाई जो दे रही हैं … तुम्हें तो डर नहीं, मगर मुझे तो अपनी बदनामी का डर है …” सुलेखा भाभी ने अब थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए कहा और मेरे चेहरे को अपने से दूर हटा दिया.

बाकी अपनी क्षमता भर लगा वह तब भी रहा था। और मेरी बहन एक साथ तीन-तीन लिंगों का मजा ले रही थी। कमरे का वातावरण आग हो रहा था और वहां बस हमारी धचर-पचर की आवाजें ही गूँज रही थीं।हटो बे. मेरे हर झटके के साथ कविता के चूतड़ भी हिल रहे थे और कविता की कामुक सिसकारियां निकल रही थीं ‘हां रवि … अहा … रवि पूरा डालो अह … आआह … आई लव यू रवि …’उसकी मस्ती को देख कर मेरा लंड और ज्यादा कड़क होकर अन्दर बाहर हो रहा था. मजा आ रहा था लेकिन मिलने के लिए मना करती थी कि बाहर नहीं निकल सकती और तुमको घर भी नहीं बुला सकती.

पांच मिनट फिर से गांड मारने के बादभाभी की गांडमें ही लंड का रस झाड़ दिया.

बीएफ सेक्सी भाई बहन का: मीनल मैडम चेयर पे बैठी थी, ओह्ह सॉरी मैंने आपको उसका नाम नहीं बताया. वो अपनी भारी भरकम गांड को ऊपर की तरफ उठा उठा कर पूरा का पूरा लंड गांड में ले रही थीं.

माइक का लिंग खून के दबाव से काफी गर्म और पत्थर से भी ज्यादा सख्त लगने लगा. जीजू ने मुझे चोदने के बाद अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और सारा माल मेरी कमर पर गिरा कर उसे लंड से से मेरे चूतड़ों पर मलने लगे. सबने बड़ी ख़ुशी-ख़ुशी अपने लंड और चूत पर केक लगा लिया और तीनों मयूरी के ठीक सामने खड़ा कर दिया.

मैं खड़ी हो गयी और सोनू ने अचानक से दो रसगुल्ले लेकर उन्हें हाथों से दबा के मेरी पैंटी में डाल दिए.

वो खुश हो कर मुझसे बोली- ओह डियर, तुम्हारा हथियार तो बहुत ही तगड़ा है. मैं फिर से अपनी जगह पर उठ खड़ा हो गया और पूजा के कंधों के ऊपर से देखते हुए उसकी दोनों कलाइयों को पकड़ते हुए उसके हाथों को उसके चूत पर से हटाया और उन हाथों को पीछे खींच लिया. शीतल- हे भगवन… ये तू क्या कह रही है?मयूरी- सच तो कह रही हूँ माँ…शीतल- अच्छा? तुझे कैसे पता?मयूरी- मैंने आपके दोनों बेटों को आपस में बात करते सुना है.