मालकिन नौकर बीएफ

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अचानक सड़क पर स्प्प्द ब्रेकर आने से गाड़ी को झटका लगा और उसकी शिकंजी कपड़ों पर गिर गई और उसके सारे कपड़े खराब हो गए. उसने झट से मेरी और देखा और बोली- ये क्या कर रहे हो तुम?मैं कुछ बोलता, उससे पहले ही हमारा नंबर आ गया और हम दोनों एक साथ एक झूले पे बैठ गए. दो मिनट पश्चात् वो सोफे से नीचे उतर आया और चुदाई में मशगूल जोड़े के दायीं ओर से चक्कर लगा कर मेरी अर्धांगिनी के सामने आ गया और उसकी खुली चूत के क्लीटर को छूने लगा.

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मैं उन्हें होटल ले गया और उनसे कहा कि मैं नीचे लॉबी में वेट करता हूँ, आप फ्रेश हो कर आ जाइए, फिर रेस्टोरेंट में लंच करते हैं और वहीं बात भी कर लेंगे. माया के उछलते हुए मम्मों को देख के अंकित और उत्तेजित हो रहा था और माया के चुत की गर्मी अंकित की हवस को और भड़का रही थी. अब मैं भी सिर्फ अंडरवियर में था, चाची ने मेरा लंड हाथ में लेकर दबाना शुरू कर दिया.

मैं भी नीचे से उनकी कमर पकड़ कर शॉट लगाने में जुट गया और उनके उछल रहे मम्मों को हाथ से पकड़ कर मसलने लगा. न कुछ देखने की जरूरत थी न कुछ सुनने की… योनि और लिंग के मिलन की वो अलौकिक अनुभूति जिसे शब्दों में बयाँ करना आसान नहीं. पुलकित ने पहले बेडरूम की कुंडी लगाई और फिर वो भी मंजरी के पास आ कर उसके पीछे खड़ा हो गया.

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मालकिन नौकर बीएफ जब रात को हम दोनों एक साथ सोये तो मुझे नींद नहीं आ रही थी, मैं बार बार करवट बदल रहा था. फिर 10 मिनट के बाद मैंने उसे अपने नीचे लिटाया और उसके कान में कहा- अब हम दोनों एक होने वाले हैं, थोड़ा सा दर्द होगा, बर्दाश्त कर लेना.

फिर दीदी मुझे किस करने लगी लेकिन मैंने आज तक ये सब कुछ नहीं किया था इसलिए मैं थोड़ा हिचक रहा था.

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पहले कभी लड़की नहीं देखी क्या?कटाक्ष में मैंने भी कहा- देखी तो बहुत हैं लेकिन इस हालत में और तुम जैसी माल वाली कभी नहीं देखी. भाबी ने मेरा लंड पकड़ा और गौर से देखने लगीं और देखते देखते लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं. मेरे पास खिसक आने से बहूरानी की जांघें खुल गयीं थीं और उसकी पैंटी में से चूत की झलक दिखने लगी थी.

हां बेटा जी, जो काम लंड नहीं कर सकता वो काम उंगली या अंगूठा करता है. मैंने नेट से प्यासी भाभी की मूवी डाउनलोड की और मम्मी पापा के गांव जाने का इन्तजार करने लगा. वो टॉप भी ऐसा कि उसमें दो पर्त थे, अन्दर वाला कपड़ा इतना हल्का था कि ब्रा पैंटी तो छोड़ो.

इस मौके पर भाभी जी मेरी मम्मी के पास आईं और बोलीं- आंटी जी, मेरे पति 3 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं और मैं घर पर अकेली हूँ, मुझे रात में अकेले रहने से डर लगता है.

मुझे बहुत डर लग रहा था कि कहीं कोई देख ना ले!किचन में किशोर मुझे चूमने लगा, मैं गर्म होने लगी, मेरी सांसें तेज होने लगी, वो मेरे जोर से बोबे दबाने लगा, मसलने लगा, मेरी आहें निकलने लगी- आह्ह्ह आह्ह!उसने मेरी लेगिंग में हाथ डाल दिया और मेरी चूत मसलने लगा. मेरे द्वारा बलपूर्वक किये गए इस दुःसाहंस से सनी लियोन भी बुर देने से इन्कार कर दे, वो तो ठहरी गंवई सुकुमारी भौजी. मुझे पता चला कि वो किसी केशधारी लड़के से प्यार करती हैं और शादी करना चाहती हैं.

मेरी कामुक सिसकारियां निकल रही थीं मगर उस सुकुमारी भौजी की गांड अभी भी घुसक घुसक करके मुझे चैलेंज दे रही थी, मानो मैं कुछ कर नहीं सकता. तो मैं गाण्ड हिलाने लगी। यश मेरा इशारा समझ गया और झटके मारने लगा। मुझे अलग ही नशा सा छा रहा था और मैं यश से लिपटती जा रही थी। परन्तु मेरे भाग्य में चुदने का पूरा सुख नहीं लिखा था।”क्यों अब क्या हुआ?”थोड़ी देर बाद मुझे अपनी चूत में कुछ गिरता हुआ महसूस हुआ और यश मेरे ऊपर हाँफते हुए लेट गया। मैं नीचे से गाण्ड उचकाती रही. अब अंकित और माया दोनों ही कभी भी झड़ सकते थे लेकिन अंकित इस खेल को और खेलना चाहता था.

मैं- दीदी, ऐसे मज़ा नहीं आ रहा ना… हल्का हल्का टच करने दो ना प्लीज!दीदी- नहीं सन्नी!मैं- ठीक है तो मैं चला जाता हूँ. काम बन गया तो चूत और जेब दोनों खुश।पर जैसे ही वो विक्रांत के ऑफिस में घुसने वाली थी उसने देखा कि विक्रांत फ़ोन पे हेडफोन लगा कर कुछ देख रहा है और देखते हुए पैंट के ऊपर से ही अपने लन्ड को सहला रहा है।वो समझ गयी कि विक्रांत पोर्न देख रहा है.

और उसने अपने दोस्त से कहा- चल, नीचे आ जा और घुसा लौड़ा इसकी चुत में! दोनों भाई मिलकर बजाते है इस रांड को!अँधा क्या मांगे एक आँख… वो जल्दी से मेरे नीचे घुस गया और सिराज ने मुझे नीचे दबा दिया, सरसराता हुआ नीचे वाले का लंड मेरे अंदर घुस गया. अभी वक़्त की नजाकत को समझो आप! मैंने भी तो जैसे तैसे खुद को संभाला है आप भी कंट्रोल करो खुद को!”ठीक है बेटा, तू सही कह रही है, इतना उतावलापन भी ठीक नहीं है. ठीक है अदिति बेटा… एज यू लाइक!” मैंने कहा और अपना जिस्म ढीला छोड़ दिया.

तब मैं बोला कि यदि आपको बोलना होता कि आप अपनी दे दो, तो मैं अपने लिए बोलता.

मैं कॉलेज से शाम को 4 बजे तक आ जाता था और दीदी के ऑफिस का टाइम भी 5 बजे का था लेकिन अब वो 8 बजे के पहले नहीं आती थीं. मेरी चूची बहुत बड़ी हैं, मैं जब भी चाचा के साथ कार में जाती थी तो वो मेरी बड़ी बड़ी चुचियों को देखते थे और मजे लेते थे. फिर रोहण ने मुझसे अपना शोर्ट उतरवाया और मुझसे कहा- माँ, मेरा लंड चूसो!फिर मैंने उसका लंड चूसा काफी देर तक! रोहण मेरे मुख में ही झड़ गया.

तत्काल मैंने बहुत ही इज़्ज़त और प्यार से प्रिया की रति-तेज़ से धधकती योनि पर अपना दायाँ हाथ रख दिया; उसकी योनि तो पहले से ही कामऱज़ से सराबोर थी और अभी भी ऱज़स्राव चालू था. इधर मैं अपने आवेश में आ चुका था, मैंने फटाक से सुकुमारी भौजी की चोली खोल कर उनके दोनों मम्मों को सहलाने लगा, कभी जीभ से चाटता तो कभी मुँह पिचका कर उन निप्पलों को चूस लेता था.

शुरू से ही सोनी मुझे बहुत अच्छी लगती थी, लेकिन धीरे धीरे ना जाने कब मेरे अन्दर उसके लिए सेक्स की सारी फीलिंग्स आ गईं, मुझे खुद मालूम नहीं पड़ा. उन्हें ऐसे देख कर मैं तो शरम के मारे इधर उधर देखने लगा, तो वो बोलीं- अब क्यों शर्मा रहा है, देख ले मुझे. मैंने अपनी जीभ पूरी तरह से भाभी की चूत में डाल दी और उन्हें जीभ से चोदने लगा.

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थोड़ी देर बाद गेट को किसी ने बजाया तो मेरे रूम पार्ट्नर ने दरवाज़ा खोला.

थोड़ी देर बाद मैं जाने लगा तो आंटी ने कोमल को अपने रूम में जाने के लिए बोल दिया तो कोमल अपने रूम में चली गई और आंटी मुझे बाहर तक छोड़ने के लिए आईं. जब तक सिराज ने खुद को साफ़ किया, तब तक दो लोगों ने मुझे उठा कर आग के पास ले जाकर बिठाया। एक कम्बल ओढ़ दिया मुझ पे और व्हिस्की की बोतल खोल कर मेरे होटों से लगा दी. दीपक की बहन चिंघाड़ चिंघाड़ कर झड़ती रही और दीपक भैया अपनी बहन की बूंद बूंद योनिरस चाटते हुए बुरी तरह हांफ रहे थे.

उसने मुस्कुरा कर कहा- पहन कर नहीं दिखाओगी?मैं बाथरूम में गई और फ्रेश हो गई और मैंने वो ड्रेस पहन ली. थोड़ी देर बाद बेबी फिर से सो गया तो मैंने कहा- चलो फिर से शुरू करते हैं. हिंदी एक्स एक्स एक्स फिल्मसंजय की आँख के एक इशारे पर मैं दौड़ती हुई जाकर उसकी बांहों में समा गई.

उसका लंड ढीला पड़ गया, वो मुझे बोला- जान कितनी प्यास है तुझे?और मेरी लेगिंग नीचे सरका कर मेरी गान्ड मसलने लगा. और वो (उनका पति) बिजनेस के सिलसिले में टेक्सास गए हैं, मुझे कल वहां कुछ डोक्युमेन्ट साइन करने बुलाया है.

हम वहां से चल दिए… मैरिज हॉल में जा कर अलग हो गए, पर नज़र एक दूसरे के ऊपर ही थी. मोना- आज पहली बार मेरी योनि में बड़ा मूसल ठीक से गया है और एडजस्ट भी हुआ है. जब नाश्ता कर रहे थे तब मौसा जी ने बताया कि अजय का SSC का एग्ज़ाम है, इसके बाद वो दिल्ली में रह कर UPSC की तैयारी करेगा.

तो बहुत आपको पका दिया मैंने, वैसे मेरा नाम शुभम है और मेरी उम्र 21 साल है. उम्र के हिसाब से काफ़ी बड़ा और लंबा था, उसके लण्ड पर अभी तक एक भी बाल नहीं था. माधुरी और माणिक उनका ही इन्तजार कर रहे थे, उनके आते ही वे दोनों जल्दी से शादी में चले गए.

मुझे हर बार इतना आश्चर्य होता है यह देख कर कि रोजमर्या के जीवन में इतनी कोमल, नाजुक लड़की, जिसके लिए पानी का भगोना उठाना, या सोफा चेयर खिसकाना भी बहुत मुश्किल का काम है, कितनी पारंगता के साथ विकराल लंडों को अपने शरीर में घुसवा लेती है!इस समय वो अपनी कलाई जितनी मोटाई वाले दो दो लंडों से अपने सारे छेद फोड़वाए जा रही थी! मैं उसे इस समय ओमार के मोटे-खूब लम्बे लंड पर कूदता देखते हुए गर्व से भर उठा!आआआआह.

कुछ देर बाद फूफा जी हाँफने लगे और आआह की आवाज के साथ झड़ गए और मम्मी के बगल में लेट गए. मुझसे सब्र ही नहीं हो रहा था तो मैंने झपट्टा मार कर भाभी की ब्रा को खींच कर उतार दिया और उनके मस्त मम्मों पर अपने प्यासे होंठों को लगा दिया.

मैंने उन्हें करीब दस मिनट तक लगातार किस किया, उसमें मुझे काफी मजा आया. भाभी को मेरी चुदाई से मजा आता था, उन पर मेरे लंड की चुदाई का नशा छा गया था, वो हर वक्त मुझसे चुदाई का मौक़ा ढूँढती रहती थी और साथ ही उनके गर्भधारण की इच्छा पूरी होने की संभावना से अब वो काफी खुश रहने लगी थी. और वो (उनका पति) बिजनेस के सिलसिले में टेक्सास गए हैं, मुझे कल वहां कुछ डोक्युमेन्ट साइन करने बुलाया है.

मैं सिर्फ सुबह जाकर काम करके घूमने निकलता और सैंडी के घर में जा बैठता. यही सोच कर मैं उसके करीब गया और धीरे से उससे बोला- सोनी, मैं जानता हूँ कि तुमने कल के लिए मुझे अभी तक माफ़ नहीं किया है, इसलिए आज दोपहर को 2 बजे मैं तुम्हें तुम्हारे कॉलेज के बाहर मिलूँगा, फिर हम लंच करने किसी अच्छे से होटल में जाएँगे. मैं भी उन्हें किस करने लगा और एक हाथ से उनकी चुची को नाईटी के ऊपर से दबाने लगा.

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वो बोले- समधन जी, आप तो बहुत चुदासी लगती हो?मैंने उनको लंड को पकड़ते हुए बोला- हां समधी जी, आपने सही जाना है, मैं प्यासी ही हूँ।‌‌उन्होंने अपने पजामे के नाड़े को खोल दिया और अपने लंड को मेरे हाथ में दे दिया. इसके बाद जहां सैम की मम्मी रुकी थीं, हम लोग उस होटल में गए और मैं उनसे मिली. देसी बीपी सेक्सीअन्तर्वासना की कामवासना से भरी सेक्सी सेक्सी फ्री चुदाई स्टोरीज पढ़ने वाले मेरे प्यारे दोस्तो, मैं आज आपके सामने अपनी रियल सेक्स स्टोरी लेकर आया हूँ, मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरी कामुकता से भरी चुदाई की कहानी आपको पसंद आएगीमैं रमनदीप, हिसार हरियाणा का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 19 साल है, कद 5 फुट 7 इंच, मेरे लण्ड का साइज 6.

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(गांड नहीं मरवाऊँगी, बहुत दर्द होता है!)तो मैंने उसे समझाया और उसे किस किया और उसे मना कर गांड मरवाने के लिए तैयार किया और अपना लंड उसकी गांड के छेद पे रख दिया और जैसे ही धक्का देने को तैयार हुआ तो तभी बाहर से जोर से आवाज आई- उतौली कर लै, कोई आण लाग रया है.

पहले मेरा ध्यान उनकी तरफ नहीं था, पर मेरे दोस्त ने बताया कि वो भाभी बहुत मस्त दिखती हैं. छाया ने उससे बात की और उसे बताया कि ऐसा ऐसा है, तो क्या मैं तुम्हारे यहां 15 दिन तक रह सकती हूँ या तुम चाहो तो मेरे यहां पर रह लो. और अंकल मेरे शर्ट के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने लगे दोनों हाथों से!ऊं उहहहह उंहहह…” मैं करने लगी.

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मैं कॉलेज से शाम को 4 बजे तक आ जाता था और दीदी के ऑफिस का टाइम भी 5 बजे का था लेकिन अब वो 8 बजे के पहले नहीं आती थीं. तभी ब्रायन ने भी मेरा एक स्तन अपने मुँह में ले लिया और दूसरा उरोज स्टीव के मुँह में था. मैंने खोला तो देखा लैपटॉप था, मैं मारे ख़ुशी के भूल गई कि मेरी चैन कहां तक बंद है.

”मैंने हैरानी से पूछा- क्या बात करते हैं, मैं यहाँ रहती नहीं हूँ फिर भी?अंजू- हां दीदी कहते हैं कि तुम वह बहुत छोटे छोटे कपड़े पहनती होगी और रात को शराब पीती होगी, डांस करने जाती होगी और 4-5 बॉयफ्रेंड होंगे. वो 48 साल का आदमी पता नहीं कहां से गजब की शारीरिक ताकत का प्रदर्शन कर रहा था. एक क्षण में मेरे लिंग में ज़बरदस्त तनाव आ गया और मुझे लगा कि प्रिया ने मेरी पीठ पर एक जोर से चिकोटी भी काटी थी शायद!अलग होते वक़्त प्रिया ने कपड़ों के ऊपर से ही अपने बाएं हाथ से मेरे लिंग को भी टटोला.

कुछ देर बाद उसने अपना लंड मेरी चुत से निकाला और बिना कुछ कहे मुझे घुटने पे होने का इशारा किया।मैं भी तुरंत घुटनों पे हो गयी, उसने अपनी तीन उंगलियाँ सीधी मेरे चुत में घुसेड़ी और मेरी गीली चुत का मर्दन करने लगा. अब घर आकर मैं फ्रेश होकर नाश्ता करने के बाद अपने रूम में आ गया और क्या सरप्राइज़ दूं, यही सोचने लगा. मैं एक बार में ही अपना सुपारा डालना चाहता था और ये जानता था कि इससे इसे बहुत दर्द होगा.

मैंने नीचे आकर दरवाजा खोला, तब तक देवर जी अपनी दुकान जाने के लिए तैयार हो गए थे. मैंने रोती हुई पिंकी को बुलाया और उसके कान में एक आईडिया दिया, वह खुश हो गई और उसने रोना बंद कर दिया.

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वहां जाकर दरवाजा बंद करके जीजू ने मेरे होंठों को चूसना चालू कर दिया.

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भाभी बोलीं- अच्छा तो बताओ क्या अच्छा है मुझमें?मैंने कहा- आप में बहुत कुछ है. अब बाइक पर सबसे आगे में था, मेरे पीछे सोनी और उसके पीछे मेरा छोटा भाई. अब मैं कभी उसके लबों को चूस रहा था तो कभी उसके निप्पल को… साथ साथ मैं उसकी चूत पर अपना लंड घिस रहा था तो उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी.

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मेरी चूत ने वरुण के लंड को लीलने की चाहत दिखा दी थी, मेरी चुत पानी छोड़ने लगी थी. मैं- ठीक है कौन है और कब से करना है ये नाटक?अमित- आज से 3 दिन बाद से और जो तुम्हें होटल में मिला था, उसी से और उसे तुम अपना नाम शालू ही बताना है. फिर मैंने और जूही ने लंच किया और जूही अपने घर निकल गयी, मैं अपने घर आ गया.

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तभी मुझे उसके चूतड़ दिखे और मैं उसकी गांड मारने के बारे में सोचने लगा. भाभी की चूत देख कर मुझे यूं लग रहा था जैसे भाभी मुझसे ही चुदने के लिए चूत को तैयार करके आई हों. मैं- ठीक है मैं पूरी तैयार हो कर जाऊँगी लेकिन अपना नाम शालू क्यों बताउंगी?अमित- अरे जो रूपये आए हैं वो केवल शालू को ही मिलेंगे, वो मेरी असिस्टेंट है ना.

फिर तब मैंने संजना को फ़ोन किया और उसे घर आने को कहा।संजना मेरे घर आ गयी।मैंने संजना से कहा- यार संजना, यह गलत नहीं होगा राजीव के साथ?संजना ने कहा- कुछ गलत नहीं होगा यार… और तुम कौन सा राजीव को धोखा दे रही हो?मैंने कहा- संजना, अगर किसी को पता चल गया तो मैं किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहूँगी. दोस्तो, कहानी लिखने में कोई ग़लती हुई हो तो माफ़ करना और मेरी हिंदी एडल्ट स्टोरी कैसी लगी, मुझे मेल जरूर करें.

मैं खाना खाकर अपने कमरे में गया, पर मेरा ध्यान मेरी दीदी से हट ही नहीं रहा था.

मैं समझ तो गया था कि दीदी ऐसा क्यों बोल रही हैं, तो मैंने भी बोल दिया- ये सब आपके साथ नहाने की वजह से हुआ है. पर भाभी की चुत बहुत टाइट थी ऐसा लग रहा था जैसे उसकी चूत की सील अभी तक बंद हो. मैं उससे गले मिला और बोला- जो मेरे साथ किया, वो किसी और के साथ ना करना.

अन्दर वाला कपड़ा इतना हल्का था कि उसमें से शरीर का एक तिल भी दिख जाए. वो बहुत तेज तेज आवाजें निकालने लगी क्योंकि घर पर कोई नहीं था तो हमें कोई डर नहीं था. दोस्तो, यही वो पल था, जहां से पहली बार मेरे और मेरी बहन सोनी के रिश्ते ने कुछ अलग रास्ते को पकड़ लिया था.

तो दीदी ने मुझे और ज़ोर से पकड़ लिया और म्म्म्म… उहस्स्स्स… की ज़ोर ज़ोर से आवाज़ें करने लगीं.

मालकिन नौकर बीएफ: मैंने मधुरा से कहा कि मैं आपकी मदद करने के लिये ही यहाँ आया हूँ और अब तो हम फ्रेंड्स हैं, सो डोंट वरी. उसको लेकर मैं चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता था क्योंकि मैंने जैसा पहले ही आपको बताया कि मेरी मम्मी बहुत सख्त थीं और मम्मी और भाई हमेशा हम दोनों के आजू बाजू होते थे.

फिर रोहण और मैं फ्रेश हुए और इस तरह हमने दुबई में पूरे 10 दिन तक चुदाई की थी और फिर हम भारत वापिस आ गए।अगले दिन मैं आफिस गयी और सब लोग मुझे ही देख रहे थे क्योंकि मेरी मांग में सिंदूर था। सब मेरे बारे में ही बात कर रहे थे. हा… देख तो कैसे बेचारी का मुँह खुला का खुला रह गया विक्रांत का लंबा लंड देख कर!सिमरन- देख साली कुतिया कैसे ताड़ रही है लंड को जैसे खा ही जायेगी!दीपिका- बेचारी को सदमा लग गया है अजगर जैसा लंड देख के! पर है मस्त माल… इसकी चुदाई देखने में मज़ा आएगा. कुछ देर बाद किसी ने दरवाजा खटखटाया तो हम दोनों ने झटपट कपड़े ठीक किए और मैं वहीं सोने का बहाना करके लेटा रहा.

उसने बोला- क्या मेरी साथ दुकान में जाने में शर्म आती है?मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं.

फिर 24 जुलाई को हमारी मुलाकात हुई, उन लोगों ने हमें खाने पर बुलाया था क्योंकि उस दिन छाया का जन्मदिन था. कुछ देर शांति से बैठने के बाद, गपशप करने के बाद, मैंने उठ कर कपड़े पहने, कार के पास जा कर देखा तो रिया पिछली सीट पे आराम से सो रही थी. भाभी ने सॉरी बोल कर मेरा पैर खींचा और अपनी गोद में रख कर दवाई लगाने लगीं.