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कुछ देर बाद उसकी चूत के अंदर से गीला-गीला पदार्थ निकलना शुरू हो गया. सई ताम्हणकर हंटरकुछ ही मिनट की चुदाई में ही मनीषा पहली बार झड़ गयी और उसका शरीर ढीला पड़ गया.

मैंने एकता से प्रमिला के बारे में पूछा, तो एकता ने बताया कि वो दोनों अच्छी फ्रेंड हैं और सभी बातें शेयर करती हैं.अरे बीएफ दिखाओ बीएफ: अपने कुछ दोस्तों के साथ बगल वाले गांव से निकलती नदी पर नहाने चला गया, जहाँ हमने ठंडे ठंडे पानी में बहुत देर तक उछल कूद की.

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अंकल ने मुझे जैसे ही लंड पर बैठाया, उनका लंड पहले मेरी गांड में पहले टकराया.मास्टर जी बस कीजिये ना … अब और मत तड़पाईए, अब जल्दी से इस प्यासी चूत में अपना लंड डाल दीजिये.

मैं राहुल को मन ही मन पसंद करने लगी थी। मैंने अपने पति को तो कभी पसंद किया ही नहीं. अरे बीएफ दिखाओ बीएफ तो उसने कहा- आकर ले लो।उस समय मेरी ड्यूटी नाईट शिफ्ट में चल रही थी तो मैंने उसको आने की हामी भर दी।उसके जन्मदिन वाले दिन मैं सुबह अपने पी.

मैंने अपने दोस्त को आवाज दी, जब कोई जवाब नहीं आया, तो मैं उसे ढूंढते उसके घर घुस गया.

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थोड़े ही टाइम के बाद मेरी चुत की आग फिर से भड़क उठती थी, फिर भी मैं किसी तरह कन्ट्रोल कर लेती थी. जेठ जी उन्हें बारी बारी चूस कर अपनी कमर से एक लय में धक्के दे रहे थे. रात को करीब कुछ देर बाद मुझे लगा कि किसी ने मेरा हाथ पकड़ा है और मुझे उठाना चाहता है.

जैसे कि बोरियों का ढेर खटिया से ऊंचा था, इसलिए मामा का लंड बिल्कुल मेरे चेहरे के सामने था. मैंने उठकर उसे पीछे पकड़ लिया और कहा- जानू, वीर्य पान तो कर लिया … अब मूत्र का स्वाद भी चख लो. मेरे पापा आप जैसे नहीं हैं, उन्होंने कभी मुझसे ठीक से प्यार नहीं किया, इसलिए शायद मैं आप जैसे लोगों से अपनी कमी पूरी करना चाहता हूँ.

ऐसा सच में होता है क्या?मैंने कहा- बिल्कुल होता है, तुम्हें करवाना है क्या?इस पर वो बोली- मैंने वो मजाक में कह दिया था, मैं ऐसा सोच भी नहीं सकती. हां … ऐसे … शाबाश … अब टाँग चौड़ी करके अपने चूतड़ पीछे निकाल ले!” सर ने उत्तेजित स्वर में कहा. तभी उसने अपना हाथ पीछे से मेरी चूत पर रखकर कहा- तुम कल की दादाजी की हरकत की वजह से नाराज हो क्या?मैं एक पल के लिए तो चौंक गई कि सोनल ये सब कह रही है मतलब उसकी रजामंदी से ही दादाजी वो सब कर रहे थे.

थोड़ी देर तक चूत चाटने के बाद मैंने अपना लंड हिलाया और उसकी चूत की दरार में रख कर अन्दर डालने लगा. फिर मैंने उससे पलंग पर उल्टा लिटा कर उसके हाथ मोड़ कर उससे चोदने लगा, इस आसन में वो एकदम से मजे में आ गई और सीत्कार भर कर बोल रही थी- आह.

दस-बारह अप-डाउन के बाद प्रशांत को शरारत सूझी और बात नीना के कंट्रोल से बाहर हो गई.

मुझे नींद खराब होने पर गुस्सा तो आया, लेकिन उसकी खूबसूरती और उसकी 32-26-34 की मादक फिगर को देख कर मजा भी आ गया.

चूत का पानी चाट लेने के बाद भी वो मेरी चूत को चाटता रहा, जिससे मैं फिर से गरम हो गई. वो फ़िर से एक बार वो झड़ गयी, यानि वास्तव में उसे बहुत सेक्स की भूख लगी थी. मैंने पानी पिया, उससे उसके बच्चे के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वो 4 बजे स्कूल से आएगा.

इस तरह कभी भी मूड बन जाने पर अपने पति से चुदवाने में मुझे बहुत मजा आता था. उसका मन लंड लेने का दिखने लगा, तो मैंने लंड सहलाते हुए कहा- इसे अन्दर लेना है?उसने हां में सर हिला दिया. उन्होंने टांगें फैलाकर मेरी चूत में अपनी जीभ सीधे डाल दी और इतना जोर से चाटना चूसना शुरू कर दिया कि मैंने अपने आप ही उनका लंड अपने मुँह में भर कर चूसने लगी.

फिलहाल आप मेरे इस दोस्त की कहानी को पढ़कर मज़ा लें।मेरा नाम शुभम है, मैं रायपुर सिटी में रहता हूँ.

उन्होंने मुझे उठाकर पूरी सीट पर चित लिटा दिया और अपनी पैंट को भी उतार दिया. तभी नामित भी मेरे साथ ही झड़ गया और उसने अपना पूरा माल मेरी चुत में ही छोड़ दिया. फिर रवि ने चलती गाड़ी में अपने पूरे कपड़े खोल दिए और राज अंकल से बोले कि यार कहीं कॉर्नर में हो सके तो गाड़ी लगा लेना या ऐसे चलाना कि कोई देखे ना.

एक दिन मैंने देखा, वह लड़की सड़क पर बाहर सब्जी की रेहड़ीवाले के पास कुछ सब्जी ले रही थी. करीब एक घंटे तक उसने उस दिन बात की और मुझे सुबह दुकान पर दूध लेने आने का पूछा. फिर सुमन उठी और मेरे चिपक गई, बोली- भाभी, आज मुझे बहुत मजा आया … इतने दिन से मैं खुद से करती थी तो मजा नहीं आता था।सुमन मुझे फिर से चुम्बन करने लगी.

अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं उसे अपने उपर से हटाने के लिए धक्के देनी लगी लेकिन वो हट नहीं रहा था.

सारे मर्द सीटों पर बैठ गए, अब जगह बची नहीं थी, तो औरतें नीचे पैरों के पास बैठ गयी. उसकी एक झलक देख कर मेरे तो होश ही उड़ गए थे क्योंकि वो तो मेरी दीदी थी.

अरे बीएफ दिखाओ बीएफ मेरा देवर जब भी बाइक से मुझे घुमा रहा था, तो जब वो ब्रेक मारता तो मेरी चूचियां मेरे देवर की पीठ से लग रही थीं. मैं उसी वक़्त नामित के पास बैठते हुए उसका लंड सीधे अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

अरे बीएफ दिखाओ बीएफ मैं उठ कर घुटनों के बल उसके मुँह के पास बैठ गया और लंड को उसके होंठों पे रख दिया. चूँकि मैं एक अमीर घर का लौंडा हूँ इसलिए घर में कम रहता था और दोस्तों के साथ घूमता रहता था.

इस्स्स्स … स्स्स्स्स … आह्ह्ह … करती हुई भाभी बिस्तर की चादर को नोंचने लगी.

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रोजी ने हल्की सी सिसकारी ली ‘उस्स्स उस्स्स्स … स्स्स्स!दो चार हल्के हल्के धक्के लगाने के बाद मैंने उसकी टांगों को अपने कन्धों पर रखकर अगला धक्का थोड़ा तेज लगाया तो पूरा लंड उसकी चूत में चला गया. मैंने पहले हल्के से कुछ ऐसे किये सामान लेने के बहाने से आगे किये थे, ताकि उसे गलत न लगे. उसकी कमर मेरी जीभ के साथ चलने लगी, उह आह … की आवाजें कमरे में गूंजने लगीं.

लेकिन यह देख लो कि आपका लंड बहुत तगड़ा है, इसकी बुर में इसको डालना भी है और इसको ज्यादा दर्द भी ना हो … बहुत प्यार से धीरे धीरे डालना है. मुझे समझते देर नहीं लगी कि ये उसी क्रीम की खुशबू थी, जिससे प्रिया ने अपनी चुत के बालों को साफ़ किया था. मैंने उसके लंड को सहलाते हुए कहा- हां मुझे भी इसका पूरा मजा लेना है.

इस बीच मैंने भाभी के दूध भी पकड़ लिए और दबाने लगा, जिससे भाभी और भी ज्यादा गर्म हो गईं.

उंगली से मेरी चूत को कुरेदते हुए जेठ जी बोले- नीतू रानी, तेरी चूत बहुत टाइट भी है. चूंकि इस मंच पर ये मेरी पहली कहानी है, तो यदि किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि हो जाए, तो आप सभी मुझे माफ़ कर दीजियेगा. अब काम खत्म हुआ, तेज़ गर्मी के चलते मामा ने पंखे का बटन दबा दिया और पास ही रखी खटिया के अस्त व्यस्त से बिस्तर पर जाकर धड़ाम से लेट गए और अपने बम्बू से तने लंड को पकड़कर हिलाते हुए बोले- सुकून नहीं था ना लंड लिए बिना तुझे, ले.

एक बार की बात है, सोहन ने मज़े करने के लिए हेमा को अपने घर बुला लिया था. पर मुझे क्या पता था कि जहां मैं जा रहा हूं, वहां एक से बढ़ कर एक चूत मिलेंगी. मैं बिस्तर पर लेटी थी और उसने एक बार मुठ मार कर सारा माल बिस्तर पर गिरा दिया.

मैंने उनको 69 की पोज़िशन में लिया और मैंने अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया और उनकी चूत को अपनी ज़ुबान से नहलाने लगा. मैं भी ऊपर अँधेरा का फायदा उठा कर उसकी चूची एक हाथ से मसल देता … वो सिसकारी लेती थी ‘असस्स्स्श ह्ह्ह्ह …’ मगर झूले की आवाज में वो दब कर रह जाती थी.

मेरे पति अपना आधा लंड ही मेरी गांड में अन्दर बाहर करके मेरी गांड चोदने लगे. वो सेक्स के जज़्बात से लाल हो गई और मादक सिसकारियां भरने लगी- धीरे धीरे से करो … प्लीज!मैं अब उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा. उन्होंने बताया कि चाचा का लंड केवल 4 इंच का है, जिससे उन्हें मज़ा नहीं आता है.

तो मैंने उसकी चूत से लन्ड निकाल कर उसके मुँह में दे दिया और वो मुँह में लेकर चूसने लगी.

फाइनली वो अपनी सहेली से मिलने जाने का बहाना बना कर मेरे साथ फ्लैट पर आ गयी. जब मैं पानी लेकर गई तो मामी उस मामा के पास चिपक कर बैठी हुई थी और कह रही थी- अजी, सुनो ना, क्या कर रहे हो. अगर आपको इस कहानी के बारे में अपने विचार रखने हैं तो आप मुझे नीचे दी गई मेल आई-डी पर मैसेज कर सकते हैं.

जैसा कि वह खेतों के पास बना हुआ फार्म हाउस था इसलिए ज़्यादातर सामान अस्त व्यस्त पड़ा हुआ था. अगले शनिवार के दिन भाभी का बहुत ज्यादा चुदने का मन हो रहा था … तो उन्होंने रात में जब सब सो रहे थे, तो भाभी ने अपना दरवाजा खोल कर मुझे अपने पास बुलाया.

वहाँ स्टेशन पर ही हमारे लिए बस खड़ी थी, सबने अपना सामान उस बस में रख दिया और अपने हिसाब से सीट पकड़ ली. अन्दर आते ही उसने पहले अपनी साड़ी, फिर ब्लाउज … फिर ब्रा … फिर पेटीकोट और पैन्टी सब उतार दिया और मेरे सामने एकदम नंगी खड़ी हो गई. प्रिया का नाम सुनते ही मेरी नजर अब फिर से खिड़की पर चली गयी … वो अब भी खिड़की पर ही थी मगर अपना नाम सुनकर शायद दीवार के पीछे छुप गयी थी.

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फिर प्रशांत के लंड की सफाई भी बड़े प्यार से करने लगी, जिस क्रम में उसने टेलकम पॉवडर और परफ्यूम भी स्प्रे किया.

अनुप्रिया बोली- मम्मी का है, पापा मम्मी की चुदाई शुरू हो रही होगी, मम्मी हमें बुला रही हैं. एक मिनट में ही वो बहुत गर्म हो गयी और उसने मेरे लंड को पकड़ कर जोर से दबा दिया और फ़िर झुक कर उसे चूसने लगी. अब तक की इस मस्त सेक्स कहानी में आपने पढ़ा था कि नेहा अब खुलती जा रही थी उत्तेजना के वश उसने अब शर्म हया छोड़ दी और खुद ही अपनी चुत को मेरे मुँह पर घिसना शुरू कर दिया था.

मैंने पहली बार लिखने की कोशिश की है, मुझे यकीन है कि मुझसे कोई न कोई गलती जरूर हो गई होगी. आप देर क्यों कर रहे हो? इसको मारोगे क्या!तभी नीरू बोल उठी- नहीं जीजी, जब तक यह अपने मुंह से नहीं कह देती कि मेरी चूत में अपने जीजू का 7 इंच लंबा लौड़ा ठोक दे, तब तक मैं इसकी चूत में अपने जीजू को लंड जाने नहीं दूंगी. एकता कपूर सेक्सी वीडियोक्योंकि चुदाई की मस्ती के चलते ये होश ही था कि लंड का रस और चूत की मलाई किधर टपक रही थी.

मैं कुछ बोली नहीं, पर यह सुनकर और सोचकर ही मेरी सांसें बहुत भारी होने लगी थीं. कहानी का पहला भाग:मेरी सहेली मेरे ग्रैंडफादर से चुद गयी-1ओह नो … इट्स हॉरिबल.

वो मेरे कूल्हों को फैलाकर अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा और बोला- वन्द्या तू सच में बहुत बड़ी कुतिया है. मुझे कोई नजर तो नहीं आया, मगर बाहर सूरज की रोशनी के कारण उसके कपड़ों के लाल रंग की लालिमा फैली हुई दिखाई थी. आंटी ने कहा- बेटी अब तुम आ गयी हो, तो ये रुचित भी संभल जाएगा और सिगरेट और शराब की आदत छोड़ देगा.

हालांकि हम लोग अगले 3-4 मिनट में ही मेन रोड से अपने खेत के कच्चे रस्ते पर मुड़ जाने वाले थे और रात का अंधेरा भी था. फिर उन्होंने घुटनों के बल बैठ मेरी टांगें कंधो पर टिका कर कुछ देर और मेरी चूत को चाटा और अपना लंड चूत पर रख झटका दिया. मैं बस उसका अच्छा दोस्त बन के रहना चाहता था, पर जो कल से अब तक हुआ था, वो दोस्ती से आगे बढ़ चुका था.

मैंने पहले हल्के से कुछ ऐसे किये सामान लेने के बहाने से आगे किये थे, ताकि उसे गलत न लगे.

और मज़ाक में यह भी कह दिया कि वो अब हमारी बेबी को लेकर ही वापस आएगी. मैंने देखते ही देखते अपनी एक उंगली नेहा आंटी की चूत में घुसेड़ दी, वो चीखने वाली ही थीं कि मैंने उनके रसीले होंठों को अपने होंठों में लगाकर चूस डाला.

इसी सोच में शाम हो गयी, फिर मैंने रात का खाना बनाया और खा कर साफ सफाई की. अब अनु भी गांड उछाल कर करण का साथ देने लगी ‘आऊ उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआह!पूरा कमरा इस चुदाई से गूंज उठा. दस पंद्रह औरतों ने मुझे घेर रखा था … और उनके ब्वॉयफ्रेंड मुझे खा जाने वाली निगाहों से देख कर जल रहे थे.

मेरी बहन ने जीजा जी को धकेलते हुए कहा- ये तुम दोनों क्या कर रहे हो?मैं तो कुछ बोल ही नहीं पाई. उस शॉप का मालिक तो मैं ही हूँ लेकिन शॉप में मेरे साथ ही एक औरत भी काम करती है. उसके बाद वे खड़े हुए और मेरे पास आकर बोले- अरे वाह अन्नु … रेशमा ने तुझे कैसे तैयार किया है मेरे लिए.

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अब नीरू और मेरी पत्नी दोनों ने उसकी टांगों को चौड़ा किया और उसकी कुंवारी बुर की दरार को खोल कर मुझे दिखा कर बोली- देखो राजा जी, बिनचुदी बुर के दर्शन करो … कितनी मस्त लग रही है पायल की बुर … हम आपके लंड के लिए बंद और नई बुर लेकर आए हैं. मैंने उसे यह बात बड़ी मुश्किल से समझाई कि ये सब इत्तेफ़ाक़ से हो गये. लेकिन मैं बहुत खुश थी क्योंकि मुझे अनुप्रिया के साथ सेक्स भरपूर मिल ही रहा था.

कुछ देर बाद हम दोनों के अंदर की चुदास फिर से जाग गई और मैंने अजय के मोटे लौड़े को हाथ में लेकर सहलाना शुरू कर दिया. इसी लिए हम लोगों ने मोटरसाइकिल को बिना स्टार्ट किये ही धकेलते हुए ही रवि मामा के फार्म हाउस तक जाने का निर्णय लिया. सेक्सी वीडियो गाना सेक्सी सेक्सीमेरी सहेली का पति मेरी चूत चाटने के बाद अपना लंड मुझे चूसने के लिए कहने लगा तो मैं उसका लंड चूसने लगी.

मैंने एक बार घबरा कर उनको देखा और उनकी आँखों में देखते हुए ही अपने होंठ खोल दिए.

फिर मैंने उनको अंदर आने को कहा, वो आकर सोफे पर बैठ गयी और हम बात करने लगे. मेरा लंड जो सुस्त पड़ा था, एकदम से उसमें आग सी लग गयी और धीरे धीरे वो अपनी औकात दिखाने लगा.

उसकी बात सुनकर मैं सोचने लगा कि यह साला पिछले एक घंटे से इधर क्या कर रहा था. अपनी चुत व नितम्बों को अच्छे से साफ‌ करने‌ के‌ बाद भाभी ने‌ पेंटी को‌ तो वापस बिस्तर पर पटक दिया और उठकर अपने‌ कपड़ों को सही करने लगीं. अब यदि जगह पर ध्यान दिया जाए, तो ये लगभग वही जगह थी, जहां पर कल हम लोगों ने कांड किया था और हम लोग फार्म हाउस से सिर्फ 300 मीटर ही दूर थे, जहां नानाजी सो रहे थे.

उन्होंने मेरे हाथ से कॉफ़ी लेकर टेबल पर रख दी और मेरा हाथ पकड़ कर अपने पास बैठाया और कहा- अभय, तुम मुझे वो सुख दोगे जो मैं चाहती हूँ.

उसके कुछ देर बाद मेरा भी पानी निकलने वाला था तो मैंने उससे बोला कि मेरा होने वाला है तो वो बोली- मेरी टांगें दोनों तरफ़ करके मेरी चुत का तबला बजाते हुए धक्के लगाओ. फिर बहुत इंतजार करने के बाद वो रात आ ही गई जिसके लिए मैं पागल हुआ जा रहा था. शेख आंटी पागल सी होने लगीं और चिल्लाने लगीं- अहहहह ह्म्म्म विक्रम चोद दो मुझे!मैं ये सब सुनकर जोश से भर गया था.

औरत और कुत्ते का सेक्सीहम दोनों वहां के सरकारी क्वार्टर में रहने लगे, उस एक ब्लॉक में 8 र्क्वाटर थे. नेहा आंटी की वो सेक्स के लिए उत्तेजित करने वाली दवाई ने अपना कमाल दिखा दिया था.

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अंकल बोले- उंगली और अन्दर घुसाऊं?मैंने हां में सिर हिला दिया और उनके तरफ अपना हाथ ले जाकर उनकी पैंट की ज़िप के ऊपर अपना हाथ रख दिया. महेश ने मेरे पीछे खिसक कर मुझे अपनी गोदी में लिटा लिया और मेरा सर अपनी गोदी में रख लिया. फिर मैंने पानी पीने का बहाना करके उनसे पानी लिया और वहीं खड़े रह कर भाभी से बातें करने लगा.

वह काफी देर बाद मुझसे बोली- ओ हैलो मिस्टर … क्या तुम मुझे जानते हो?मैं बोला- नहीं. उसने बताया- मैंने भी चांस मारा था, पर उसने कोई रिस्पॉन्स नहीं किया. हम दोनों ही एक दूसरे के होंठों को चूसते हुए अब अपने अपने अंगों के रस का स्वाद ले रहे थे, जो कि अजीब तो था मगर काफी उत्तेजक भी लग रहा था.

मैंने भाभी को पहली बार सामने से देखा था, क्योंकि मैं मेरी बुआ के लड़के की शादी में जा नहीं पाया था. पर मैं कहां रुकने वाला था, मैंने उसे करीब 10 से 15 मिनट तक यूं ही बांहों में जकड़े रखा. अब उसका मुँह मेरे पेट के पास था और इस वजह से उसके स्तन मेरे दोनों घुटनों पर दब गए.

इस पर नूपुर ने कहा- नहीं, यह तो में आपको मेरी सेवा करने के लिए दे रही हूं. अब आगे:सलोनी- सचकहूंतोआपकीमुस्कराहटपरपहलीनज़रमेंहीआपमुझेभीअच्छेलगेथे, शायदइसीलिए बिना कुछ सोचेसमझेमैं आपकेसाथचली आई.

मैंने सोनू से कहा कि जो भी चीज उसे अच्छी न लगे, मुझे बता दे, मैं वह नहीं करूंगा.

प्रिया ने मेरे बालों को अपने उंगलियों में पूरा जकड़ लिया था और कस कस कर मेरी जीभ को चूसने लगी. બોલીવુડ સેક્સउस दिन के बाद से जब तक मेरे पति ऑफिस के काम की वजह से घर वापस नहीं आ गए थे. सुहाग वाली रातदोस्तो, मेरे नाम अभय है, मैं जयपुर (बदला हुआ शहर) का रहने वाला हूँ. मैंने गीला लंड उसकी गांड में लगाया और एक कस के धक्का मारा तो एक ही धक्के में मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया.

अब धीरे-धीरे मेरी बातों का असर सरिता पर होने लगा था और मुझे पता लगने लगा था कि वह भी अब खुलने लगी है- पॉर्न देखकर उंगली कर लेती हूँ.

गाड़ी चूंकि पूरी भर गई थी, अब मैं अपने आप को कोसने लगा कि प्रायवेट गाड़ी से जाता तो अच्छा होता. तभी मैंने उनको मेरी तरफ देखते हुए पाया और फिर वो नीचे घर में जाने लगीं. आंटी भी किसी प्यासी रांड की तरह मेरे नीचे वाले होंठ को चूसे जा रही थीं.

मैं उसे मनाने लगा कि यार मेरे लंड में बहुत दर्द हो रहा है … इसका कुछ तो करो. चूत के रस की मादक खुशबू मुझे कुछ ज्यादा अन्दर तक चाटने पर आमादा और दीवाना कर रही थी. मैंने जब से अपनी जवानी में कदम रखा है तब से ही मैं उनका दीवाना हूँ.

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यह कह कर उसने मेरे बाजू में बैठते हुए अपना एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया. उस रोज मैंने भाभी को घर के हर कोने में ले जाकर चोदा, पूरी रात चोदता रहा. कई बार नहाते हुए उनकी पीठ का मैल निकालने के लिए रगड़ने के बहाने छुआ और कड़क मर्दाना बालों वाली छाती के उभार को छुआ था.

सुबह 7 बजे जब आँख खुली तो देखा हम दोनों पूरे नंगे एक दूसरे से लिपटे सो रहे थे, मैंने उसे हिलाया और उसके होंठों को चूमते हुए कहा कि सुबह हो गयी.

वह अभी भी मेरी बातें सुनकर हैरान थी मगर कुछ देर सोचने के बाद बोली- मुझे बदनामी से डर लगता है.

हेमा बहुत सुंदर और सेक्सी लड़की थी, गोरा गोरा रंग, गोल गोल और गोरी गोरी चूचियाँ, बड़ी और सेक्सी कमर और गोल सुडौल जांघें क़यामत ढाती थीं. मैंने आगे बढ़ते हुए उसकी जीन्स को उतार दिया, लेकिन ये ध्यान रखा कि पेंटी न खुले. फोटो सेक्शकई बार ऐसा मौका पड़ा कि मेरे पति मेरे घर पर नहीं रहते और मेरी सहेली का पति मेरे घर खाना खाने के लिए आता था.

आप सब लोग मुझे मेरे ईमेल करके मेरी लेस्बियन कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं. पर अंकल का लौड़ा फिसल गया और मेरी जांघों के बीच में चूत तरफ से आ गया. इससे मैम को अच्छा लगा और उन्होंने एक बार फिर मेरे लिए तारीफ़ वाले शब्द कहे.

मैंने नेहा की चूची को चूसते हुए उसके निप्पल को दांतों से हल्का सा दबा दिया. थोड़ी देर तक चूत चाटने के बाद मैंने अपना लंड हिलाया और उसकी चूत की दरार में रख कर अन्दर डालने लगा.

वो मेरी रसोई में चला गया और उधर जाकर उसने मुझसे पूछा कि लिक्विड चॉकलेट कहाँ रखी है?मैं समझ गई कि ये क्या करने वाला है.

पूजा अब ‘ऊईआह … उहआह …’ की आवाजें निकालकर चुदाई में चार चांद लगा रही थी. उसकी खुली हुइ चूत मेरे लंड के ठीक सामने थी और मेरे लंड को आमंत्रित कर रही थी. उन्होंने मेरा लौड़ा पकड़ लिया, तो उनको पेंट के अन्दर से लंड तम्बू बनाये हुए लंड मजा देने लगा.

सेक्सी चुदाई हिंदी वाली मैंने उससे पूछा- तुम्हारा बॉयफ्रेंड भी ऐसे ही करता है?तब उसने मुझसे कहा कि मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्योंकि मेरी मम्मी और मेरा भाई मुझे घर से बाहर नहीं जाने देते हैं, तो बॉयफ्रेंड बनाने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता. इस सबके दौरान हमारे गिरने का खतरा देखते हुए मामा ने बाइक रोक दी, मामा बैठे रहे, मैं बाइक से उतरा और तुरन्त ही लंड के मोटे गुलाबी सुपारे को अपने मुँह में एक बार फिर भर लिया, जिससे आनन्द में डूबते हुए वो अपनी सीट पर वैसे के वैसे ही पीछे की ओर लेट गए और कराहने लगे.

मैंने तुरंत वो सारा रस रगड़ कर अपने लंड पे लगा कर चिपचिपा और चिकना सा कर दिया. मैं अब जोरों से‌ नेहा की‌ चुत को‌ ऊपर से‌ नीचे तक चाटने‌ लगा, जिससे नेहा की‌ सिसकारियां और भी तेज हो गईं. रंडी की औलाद, साली … तेरा काला मर्द, साला हिजड़ा चोदता नहीं है ना तुझे, अब ले मेरा लंड, साली कुत्ती, कमीनी.

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फ़िर हाथ फ़ेरते फ़ेरते उसने मेरे आंड को मसलना शुरू कर दिया और लंड के आस पास चाटती रही और साथ में दूसरे हाथ से मेरे निप्पल को मसलने लगी. खिड़की की तरफ ध्यान देने के कारण मैं नेहा की चुत को भूल ही गया था, जिसका अहसास नेहा ने अपनी चुत को मेरे चेहरे पर जोर से रगड़कर करवाया. उसके लिंग में अजीब सा आकर्षण था, जो मुझे और अधिक उत्तेजित कर रहा था.

अब उसे भी मजा आने लगा था और वो नीचे से कमर उठा उठा के मेरे धक्कों का जवाब दे रही थी. मैंने जानबूझ कर उससे कहा- दीदी दरवाजा बंद किया करो, आप डायरेक्ट इस तरफ बाहर आती हो, कोई दूसरा होता तो न जाने क्या हो जाता.

मालती को मिल चुकी थी और वो मुझसे कहा करती थी कि नौकरी का रास्ता लड़की के मम्मों से होता हुआ चूत से ही जाता है.

मैंने पूछा- तो कैसे होता है?मैंने मंदिर में से सिंदूर लाकर उसकी मांग में भर दिया और उससे कहा कि अब से हम एक हैं और आज से हम पति पत्नी हैं. थोड़ी देर मेरे नंगे बदन को आंखें फाड़ कर देखने के बाद मेरे जेठ मेरे पैरों की ओर बढ़े, उन्होंने मेरे पैरों की उंगलियों को अपने मुँह में लेकर के चूसना शुरू कर दिया. हम लोग बिल्कुल असामान्य क्रियाकलाप कर रहे थे, जिन्हें सोचकर भी हँसी आ जाए लेकिन यह सभी क्रियाकलाप मानो हमारी वासना की आग में घी डालने का काम कर रही थीं.

मैं बाइक के पीछे बैठा था, जैसे ही निकले … मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वो अन्दर जा चुकी थी. मैंने जब उनको देखा तो वो नीले सलवार सूट में थीं, क्या गज़ब की माल लग रही थीं. पर छत्तू का लंड इतना मोटा था कि मुझे अन्दर से थोड़ा डर लगा, पर चुदने का मन इतना ज्यादा कर रहा था कि रहा नहीं जा रहा था.

जब वो होटल वगैरह जाती थी तो अपने पति से कोई बहाना बना देती थी कि उसे आज अपनी किसी सहेली के घर जाना है या बहन के घर जाना है.

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उसकी जुबान एक बियर में ही लड़खड़ाने लगी थी और दूसरी भी उसने आधी खत्म कर दी. बिना किसी झिझक और शर्म के बगैर किसी पर भरोसा करके देखें बहुत मजा आता है. अब अरुणा से इस तरह की बात होने के बाद मैंने जल्दबाजी में फेसबुक पे एक लड़के से कहा कि मेरी एक दोस्त से नंगे होकर बात करोगे?तो उसने हां कर दी.

बाथरूम में गए हुए उसको कुछ देर हुई थी और उसने भी मुझे अन्दर आने के लिए आवाज़ दी.

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