देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स

छवि स्रोत,मुंगी सेक्सी

तस्वीर का शीर्षक ,

काजल राघवानी बीएफ: देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स, मुझे ऐसे चोदो कि ‘थपाथप’ की आवाज आए।मैंने ऐसा ही किया और उसे तेज-तेज ‘थप.

चुड़ैल की सेक्सी

लेकिन अच्छा लगा।राजू ने मेरे मम्मों पर पड़ा सारा वीर्य मेरे बदन पर फ़ैला दिया।मैंने मुस्कुरा कर कहा- हरामी ये क्या कर रहा है. हिंदी आंटी का सेक्सी वीडियो’देखते ही देखते उन्होंने कप मेरी फुद्दी में खाली कर दिया और ऊपर से कीप हटा दी।‘अभी पेट भरा भरा सा लग रहा होगा। धीरे-धीरे यह अमृत तुम्हारी बच्चेदानी और चला जाएगा.

वो उसे अन्दर लेने के लिए बेकरार हो गई और अपनी कमर ऊपर करके मेरे लंड को अन्दर लेना चाह रही थी। मेरा भी लंड उसकी बुर के अन्दर जाने को बेताब था। मैं थोड़ा ताक़त लगा कर अपने लंड को उसके छेद में डालने की कोशिश करने लगा।पहले तो मेरे लंड को अपने अन्दर लेने के लिए उसने अपने पैरों को फैलाया था. सेक्सी वेस्टइंडीज की’‘जाओ मैं नहीं बताती आपको कुछ भी।’ शब्बो झूठमूठ की रूठ गई।‘अच्छा-अच्छा नहीं छेडूंगी.

मगर एक दिन तो शाम को जब मैं नहाने लगी तो मेरे पास नहाकर पहनने के लिए एक भी कपड़ा नहीं था।मैंने जो कपड़े पहन रखे थे बस वो ही सूखे थे.देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स: वो वहीं लेटा हुआ तड़पने लगा और अचानक मेरे सिर को पकड़ कर लंड मेरे मुंह में दे दियाऔर पूरा गले में घुसा दिया.

आपी ने बात खत्म की तो मैंने कुछ कहने के लिए मुँह खोला ही था कि आपी ने एकदम शदीद परेशानी से मेरे कंधे की तरफ हाथ बढ़ा कर कहा- ये क्या हुआ है सगीर?मैंने अपने कंधे को देखा तो वहाँ से गोश्त जैसे उखड़ सा गया था जिसमें से खून रिस रहा था।मैंने आपी की तरफ देखे बगैर अपनी कमर को घुमा कर आपी के सामने किया और कहा- जी ये आपके दाँतों से हुआ था और ज़रा कमर भी देखो.जो थोड़े से दबाव ही से फिसलती हुई तकरीबन एक इंच तक चूत के अन्दर दाखिल हो गई।उसी वक़्त आपी ने एक तेज सिसकी भरी और अपनी टाँगों को आपस में बंद करते हुए सीधी खड़ी हो गईं- सगीर निकालो बाहर.

रवीना टंडन संजय दत्त xxx - देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स

तब से मेरी कोशिश रहती थी कि कोई ऐसा मिले, जिसके साथ मैं सेक्स कर सकूँ। लेकिन अब तक कुछ नहीं उखाड़ पाया।मेरी यह सेक्स घटना अभी 4-5 महीने पहले की ही है, जब मेरे एग्जाम खत्म हो गए थे।मेरा एक दोस्त है.तो वो तो रोहन की ऐसी हरकतों को देखकर उसे मार ही डालेंगे।तो मैंने फैसला किया कि यह बात मैं रवि को नहीं बताऊँगी, अब जो भी करना था.

तो मुझे अलमारी के पास रोहन खड़ा हुआ दिखा।शायद वो मुझे सोता हुआ समझ कर कमरे के अन्दर आ गया था।मैंने देखा कि मेरी पैंटी रोहन के हाथ में थी और वो बार-बार उसे अपने मुँह की तरफ ले जाकर उसे सूंघ और चाट रहा था।इससे आगे क्या हुआ. देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स करो मेरा और तुम्हारा रिश्ता अब मामी और भांजे का नहीं रहा।मैंने उनका ब्लाउज उतारा और फिर ब्रा को भी उतार दिया।ओ माई गॉड.

हम दोनों ही अलग हो गए और अपना-अपना काम करने लगे।तभी वैशाली बाहर आई और बृजेश नहाने चला गया।उसने जाते-जाते कहा- मैं अभी फ्रेश हो कर आता हूँ.

देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स?

फिर हम दोनों नीचे आ गए।वो अपने घर चली गईं।दीदी अब जब भी कपड़े बदलती हैं तो मुझे खिड़की से दिखाती हैं।दोस्तो, कैसी लगी मेरी कहानी. जिससे उसके हाथ से मेरा लंड दुबारा टच हो गया। उसने जल्दी-जल्दी लैपटॉप लिया और अपनी जगह पर बैठ गई। उसके स्पर्श की वजह से मेरा लंड एक बार फिर बड़ा होने लगा।मैंने उसे छिपाने के लिए अपने पैरों के बीच में उसे रख कर मोड़ लिया। मेरी इस हरकत को वो देख रही थी. उन्हें मसलूँ।मैं बहुत देर तक उसे देखते हुए टेरेस पर खड़ा रहा।तब अचानक से वो आंटी बाहर को आई और उसकी नजरें मेरे ऊपर पड़ी।मैं एकटक उसे देख रहा था तो वो मुझे शक भरी नजरों से देखने लगी.

मैं सबको बताऊँगी कि तुम ने मेरे साथ क्या किया।तो मैंने उससे कहा- क्या कहोगी? जो कहना है कह देना. मैंने क्या साफ़ किया।फिर मैंने एक चुस्त ब्लैक टॉप पहना और ब्लैक ही जीन्स पहनी।मैंने घर पर बोला- मैं कॉलेज जा रही हूँ. इसी के साथ ही वो भी झड़ चुकी थी।कुछ देर निढाल पड़े रहने के बाद मंजू ने एक बार फिर ओल्डमोंक के पैग बनाना शुरू किए।अब हम पूरी तरह मस्त हो चुके थे। एक बार फिर मैं मेरी उस सपनों की रानी मंजू के ऊपर चढ़ चुका था।इसके बाद मैंने उसकी शानदार गांड भी मारी, इसका अनुभव अगली कहानी में लिखूँगा।सभी दोस्तो.

तो मुझसे कहा- वहाँ मेरे सामने बैठ जाओ। उन्होंने मुझे अपने सामने बैठा दिया और मुझे देखने लगीं।आपी बस देखे जा रही थीं. और 2 मिनट बाद मुझे दीवार में धकेलते हुए मेरी गांड में वीर्य का फव्वारा मारने लगा. मैं तो मजाक कर रही थी।फिर जाकर वो चुप हुआ।उसने फिर से मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया।अब वो उठा और मेरी टाँगों के बीच आया और मेरी पैंटी को उतारने लगा.

मेरी ज़ुबान उनके मुँह में और उनकी मेरे मुँह में थी।मैंने एक उंगली को उनकी गीली चूत में अन्दर-बाहर करना शुरू किया और भाभी भी मेरे लण्ड को हिलाने लगीं।कुछ ही देर बाद मैं फिर से तैयार हो गया और मैंने भाभी को बिस्तर पर लिटाकर उसकी दोनों जाँघों को फैला दिया और अपने शेर को गुफा में घुसने के लिए रास्ता दिया।भाभी की चूत पर अपने लण्ड को रखकर एक ज़ोर के धक्के से अपने लण्ड को अन्दर घुसाया ही था. तुम्हारा लन्ड बहुत मोटा है और लंबा है। मेरी शादी होने के बाद भी मैं तुझसे खूब चुदवाउंगी मोनू!थोड़ी देर बाद उसने मुझे ऊपर ले लिया और कहा- मोनू मेरी जान.

और आपी के मम्मों या पेट पर चिपक जाती।तकरीबन एक मिनट तक मेरा लंड और जिस्म झटके ख़ाता रहा और जूस बहता रहा।आपी ने मेरे लंड से निकलते इस समुंदर को देखा तो बोलीं- वॉववववव.

मैं मुंबई में रहता हूँ और सेल्स एंड मार्केटिंग कंपनी का मालिक हूँ। मैं अपने काम की वजह से पूरे भारत में घूमता हूँ। इस कारण बहुत से लड़के-लड़कियां.

’ करने लगी और दो मिनट में ही उसकी चूत से पानी निकलने लगा।मैंने अपने कपड़े उतारे और उसे अपना लण्ड चूसने को कहा. 5″ है।मेरी और जगजीत की शादी को चार साल हो चुके हैं। मैं जगजीत कौर से शादी के लगभग 5 साल पहले मिला था।उस समय उसकी उम्र कुछ 18 साल रही होगी जब हम पहली बार मिले।दोनों को पहली बार देखते ही प्यार हो गया और फिर 5 साल प्रेम के बाद विवाह में बंध गए।हमने शादी से अब तक खूब ऐश की है. तभी भाभी ने करवट बदली और वो मेरे बिल्कुल पास आ गईं।अब तो मुझमे भी थोड़ी सी हिम्मत आ गई.

पर घर भी जाना था तो मैंने ‘बाय’ कहते हुए कहा- चलो कल मिलते हैं।तो निहारिका ने कहा- हाँ हाँ. मैं अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ और दो सालों से रोजाना इसकी कहानियां पढ़ता आया हूँ।आज मैं अपने ज़िन्दगी की उस हसीन घटना के बारे में बताऊँगा. इतने ज़ोर से काटा है।आपी ने खिलखिला कर हँसते हुए कहा- याद रखना बेटा.

मैं तुम्हारी गाण्ड की गर्म पानी से सिकाई कर देता हूँ।यह सुनकर वो धीरे से हँसी और आगे बढ़ मेरे होंठों को चूम लिया।चाची अब फिर उल्टी लेट गईं और मैंने गर्म पानी से उनकी गाण्ड को रूई के साथ हल्के हाथों से सेकने लगा।करीब दस मिनट के बाद मैंने सिकाई बंद कर दी और पूछा- अब कैसा लग रहा है?वो बोलीं- हाँ.

लगभग सभी थे। मेरा बहुत ढंग से स्वागत हुआ।फिर बारी आई कुछ रस्मों की और उसके बादमैंने इसके बारे में बहुत सुना था कि इसमें बहुत दर्द होता है और लड़कियों को यह दर्द सहन करना पड़ता है। मैंने यह भी सुना था कि इसके बाद खूब मज़ा आता है।मैं अपने कमरे में बैठी हुई थी और फिर मेरे पति आए और उन्होंने आते ही दरवाज़ा बंद कर कुण्डी लगा दी।मुझे बहुत डर लग रहा था. पर रोमांटिक मूड थोड़ा कम होता है। क्योंकि उनका काम ही उनका रोमान्स है ऐसा मुझे लगता है।दूसरे दिन वही मैसेज. लेकिन झुंझलाहट अभी भी मौजूद थी।मैंने मिन्नतें करते हुए कहा- प्लीज़ आपी.

मैं आपी के साथ ही किचन की तरफ चल पड़ा और कहा- मैं तो पहले ही कह रहा था कि इधर कोई आ जाएगा. इनमें ये आँसू नहीं रहना चाहिए।ऐसे ही मैं उसे उसके चेहरे पर चुम्बन करता रहा।अचानक से उसने मुझे फिर से ज़ोर से हग कर लिया और हम एक-दूसरे की बांहों में समा गए।फिर उसने मुझसे कहा- आज तुम मुझे पूरा अपना बना लो।मुझे तो यही चाहिए था. फिर मेरे चेहरे को देखने लगी।मैं अपलक उसकी अनछुई कली सी चूत को देख रहा था.

और दिन में हाथों की बहुत कसरत करता था।मुनिया भी अब समझ चुकी थी कि आज ये मुझे चोद कर रहेगा।मुनिया फिर बोली- मेरी चूत और चूसो।उसके बाद मैंने मौका ना छोड़ते हुए अपना काला लण्ड निकाला.

अभी अपने सारे कपड़े गंदे कर लिए हैं।मैं दिल ही दिल में दुआ कर रहा था कि अम्मी अन्दर ना आ जाएँ। फिर मैंने हाथ रेफ्रिजरेटर के नीचे से निकाला और अपना बैग उठा कर खड़ा हो रहा था. वो कब मेरे पास आई मुझे पता ही ना चला। जब मेरा ध्यान भंग हुआ तो वो ड्रिंक्स के लिए आर्डर दे चुकी थी। वो समझ गई थी.

देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स मैं कोलकाता का रहने वाला हूँ।मैं आप लोगों को एक सत्य कहानी सुनाना चाहता हूँ. आपी की बात सुनते ही मैंने दोबारा लण्ड अन्दर डाला और मेरे तीसरे झटके पर ही आपी का जिस्म अकड़ना शुरू हुआ और मुझे साफ महसूस हुआ कि आपी की चूत ने अन्दर से मेरे लण्ड पर अपनी गिरफ्त मज़ीद मज़बूत कर ली है.

देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स तो मेरी खुशी चरम सीमा पर थी कि मेरा फर्स्ट अटेंप्ट सक्सेसफुल रहा।मैं थोड़ी देर में ही अपनी वर्जिनिटी लूज़ करने वाला था।फिर मैं उन्हें गालों पर. ’ की आवाज़ आ रही थी। कुछ मिनट बाद ही आपी ने नीचे से अपनी गाण्ड को हिलाना चालू कर दिया.

तो वो भी उनके साथ पीछे-पीछे चल दिया।सब गंगा स्नान के लिए पैदल ही जाते हैं। जब माँ गंगा नदी में नहाने के लिए गईं.

बीएफ सेक्सी वीडियोस एचडी

तो मैंने सोचा ये अच्छा मौका है।मैं लड़की के पास गया और उससे पूछा- आर यू न्यू हियर? (क्या आप यहाँ नई हैं?)उसने कहा- मैं इस इंस्टिट्यूट के सर की वाइफ हूँ. वो मिल गया। उसने मुझे अपने पति के कपड़े दिए। मैं पहन कर टीवी देखने लगा।बाद में जब हम बात कर रहे थे उस समय वो मुझसे बात करते-करते मेरे नजदीक आने लगी थी। उस वक्त टीवी पर भी किसिंग सीन आ रहा था।मेरा तो पैंट में तम्बू बनने लगा और उसकी नज़र तम्बू पर पड़ गई थी।मैं जैसे-तैसे छुपाने की कोशिश कर रहा था।ये देख कर वो खुद से बोली- क्या छुपा रहे हो?मैंने कहा- कुछ नहीं।पर उसे पता तो चल ही गया था. क्या रात-दिन मुझे ही देखता रहता है? और तेरी ये वासना भरी नजरें तो हमेशा मेरे स्तनों पर ही रहती हैं? तब शर्म नहीं आती तुझे?मैं भौंचक्का सा उनकी तरफ देख रहा था एक बार तो मन में आया कि सब खेल खत्म हो गया।पर आगे क्या होने वाला था ये कौन जानता था.

तो ऑफिस तो जाऊँगा नहीं।माधुरी- आप तो जानते ही हो कि मेरी एक दोस्त की आज शादी है. और गाण्ड के छेद से मिल जाती थीं।चूत की दीवार इतनी दबी हुई थी कि ऐसा लगता था जैसे पहले कभी वो चुदी ही ना हों।धीरे-धीरे वो मस्त चाल से मेरी तरफ बढ़ रही थीं और आखिर में पानी में घुस गईं. उसने मना कर दिया और गाण्ड की तरफ इशारा किया।आज पहली बार मेरा आकलन गलत साबित हुआ था… यह नेहा तो काफी खेली-खाई निकली थी।खैर.

धीरे-धीरे उसके कपड़े निकाल दिए और उसने मेरे कपड़े हटा दिए।वो भी कम नहीं थी.

मैं उन्हें 5 मिनट रुकने का कह कर बाथरूम गया और हाथ मुँह धो कर खाने के लिए आ बैठा. उसकी 32B की चूचियाँ क्या मस्त थीं।मेरे भीगे होंठों ने खुदबखुद झुक कर उसके पिंक निप्पल को मुँह में भर लिया और चूसने लगा।पायल का बदन मचल गया. मैं हमेशा तुम्हारे लिए हाज़िर रहूँगा।‘सगीर मैंने कभी सोचा भी नहीं था.

घर में कोई नहीं है क्या?आपी ने मेरे लण्ड को दबा कर मेरी गर्दन पर अपने दांतों से काटा और फिर अपने दांतों को आपस में दबा कर अजीब तरह से बोलीं- सब घर में ही हैं नाआआ. तो इतना गर्म क्यों किया।सिर्फ इतना सुनकर मेरा पारा गर्म हो गया गुस्से में मैंने दोनों गालों पर 10-12 थप्पड़ और जमा दिए और उसके बाल पकड़ कर उसे बिस्तर पर उल्टा पटक दिया।एक स्केल. पर उतनी नहीं कि टोपा घुस जाए।मैंने थोड़ा पीछे होकर हल्का सा झटका मारा.

’ पायल फिर से रो दी।अब लण्ड के हर धक्के पर पायल की चीखें लगातार निकलने लगीं।थोड़ी देर की अन्दर-बाहर में पायल को आराम मिला और वो अब अपने चूतड़ उछालने लगी और गाण्ड को उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।मैंने लण्ड को धीरे-धीरे से अन्दर-बाहर करना चालू कर दिया, पायल अब भी थोड़ा कराह रही थी ‘ऊऊ कक्क. किसी माहिर और अनुभवी चुसक्कड़ की तरह।फरहान ने मुझसे मिन्नतें करते हुए दो बार और कहा.

तुम तो दिन ब दिन खूबसूरत दिखती जा रही हो।यह कहते हुए उसने मुझे गले से लगा लिया और थोड़ी देर मुझे जकड़ कर रखा, मेरे दोनों गालों और माथे पर चुम्बन किया।मैंने भी कुछ नहीं कहा।अब हम दोनों बस स्टैंड पहुँच गए, पहुँचने के बाद मैंने देखा कि चार लड़के मुझे गहरी नजर से घूर रहे थे।तभी भाई बोले- मैं बस का टाइम पूछ कर आता हूँ. बड़ी-बड़ी चूचियां देखकर मैं पागल हुए जा रहा था, मैं रात नौ बजे का बेसब्री से इन्तजार करने लगा।आज मैं बहुत खुश था कि आज मेरा कुंवारापन दूर होने वाला है।फरवरी का महीना था मौसम भी अच्छा था। जैसे ही रात को नौ बजे तो मैंने देखा. ’ मेरे मुँह से निकल गया।वो भी आवाज़ करते-करते मेरा लण्ड चूस रही थी, मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था।फ़िर मैंने उसको खड़ा किया और उसके नंगे चूचों को चूसने लगा और मैं हल्के से उनको काट भी रहा था। उसे यह बहुत अच्छा लग रहा था- और ज़ोर से चूस मेरे राजा और ज़ोर से काट निप्पल को.

आकर साथ रहने और आपको देखने का मन करता है।प्रीति बहुत गुस्से से मेरी तरफ देखते हुए बोली- क्या बकवास है ये?मैं अपने घुटनों पर बैठ गया और उसकी तरफ एक हाथ करके बोला- आई थिंक.

’ निकल जाती।कुछ झापड़ मारने के बाद देखा कि उसकी गोरी गाण्ड लाल हो गई थी।मैंने नेहा की कमर जोर से पकड़ी और एक और जोर से धक्का लगा दिया।नेहा फिर एक बार चीख उठी ‘आह्ह. दर्द हो रहा है।मैं उसकी बात को अनसुना कर उसे चोदने लगा और उसे तमाचे भी मार रहा था।वो बस ‘आअहह. ताकि मैं आसनी से तुम्हारी गाण्ड मार सकूँ।अब सुमन चाची घुटनों के बल घोड़ी बन कर पोजीशन में हो गई।मैंने भी ज़्यादा देर ना करते हुए अपने लंड पर बहुत सा तेल लगाया और चाची की गाण्ड पर दोबारा से तेल लगाया और फिर लंड को उनकी गाण्ड पर सैट करके धक्का मारा.

जो उसे भी बहुत पसंद आ रहा था।अंतत: उसने अपनी चुन्नी आगे से ढक ली और मैंने अपना हाथ उसकी चुन्नी के अन्दर डाल दिया और धीरे-धीरे उसके मम्मों को मसलने लगा।उषा को यह सब अच्छा लग रहा था।फिर मैंने उसके हाथ को किस किया और उसने मुझे और आगे बढ़ने की इजाजत लगभग दे ही दी।मैंने कोशिश की कि मैं उसकी पैन्टी में हाथ डाल कर मसलूँ. और ‘एक’ दबाकर प्यार जाहिर कर दिया।अब तो मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा, मैं बहुत खुश हो गया, मैंने उसे संदेश में ‘थैंक्स’ बोला।कुछ पल बाद उसकी दादी अन्दर गईं.

मैंने समय ना गंवाते हुए अपने मुख से उस चूत को प्रसाद पाने की क्रिया में लगा दिया. ’ करके सिसकारियाँ लेने लगी।उसकी आवाजों को दबाने के लिए मैंने टीवी चालू कर दी और वापस उसकी चूत चाटने लगा, कुछ देर तक उसकी चूत चाटता रहा।वो बहुत ज्यादा गर्म हो गई और मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी और अपने दूध भी दबा रही थी।थोड़ी देर बाद अंजलि बोलने लगी- फक मी. फिर दस बारह मिनट के योनि मर्दन के बाद मुझे मेरी मेहनत का फल प्राप्त हुआ जिसे लोग योनि रस, काम रस.

देहाती हिंदी बीएफ देहाती

तब मेरे पास ही अक्सर गणित के सवाल हल करने के लिए आता रहता था, कई बार तो हमारे घर पर ही सो जाता था।अब मेरी शादी हो गई और मैं मुंबई आ गई। मेरे पति बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। मेरे सास-ससुर ने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि मैं उनकी बहू हूँ.

जिसमें हम सभी ने खाना खाया था।भैया के जाने के बाद मैंने भाभी से पूछा- क्यों क्या ख्याल है आपका?वो बोलीं- किस बारे में?मैं- चुदाई के बारे में।भारती भाभी- यहाँ पर?बस. और जोर-जोर से उसके मुँह की चुदाई करने लगा। कुछ देर ऐसे ही नेहा के चूसने के बाद मैंने माल सारा उसके मुँह में निकाल दिया।वो मुझसे छूटने का प्रयास करने लगी, मैंने कहा- बेबी नेहा जान. क्या तुम रोहणी नाम की जगह जानते हो?मैं- हाँ क्यों?पायल की माँ- बेटा पायल के एग्जाम का सेंटर है वहाँ.

तो वो भी सिसकारियाँ भर-भर के चुदवा रही थी। कुछ देर चुदाई के बाद वो अकड़ने लगी और बोली- मुझे कुछ हो रहा है. आज तक मैंने ऐसी सुंदरता नहीं देखी।पायल- राहुल मुझे बहुत अजीब सा लग रहा है. सेक्सी वीडियो पूरी पूरीतो बोली- मैं तुझसे प्यार करने लगी हूँ।मैंने हँसते हुए बोला- यार ऐसा कब हुआ.

मुझे यहाँ आते किसी ने नहीं देखा। बस और ना तड़फाओ और जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो।मैंने भी एक बार बाहर का नजारा देखा, चारों तरफ सन्नाटा छाया था। तो मैंने अपना दरवाजा अन्दर से बंद कर लिया।भाभी- राज लाइट बंद करो जल्दी से. तब हमें होश आया।वो एकदम से शर्मा गई।उसने मुझसे कहा- तुम तो बड़े शैतान हो।मैंने कहा- वो तो मैं हूँ.

कभी खुजली के बहने चूचियों को मसलतीं।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !ये सब देखकर मेरा लम्बा लण्ड सलामी देने लगा।मैंने भी लण्ड को सहलाते हुए रजिया चाची से कहा- क्या बात है. वो मेरा सबसे क्लोज फ्रेण्ड था।मॉम ने उससे पूछा- अभी तू भी घर में है ना?वो बोला- हाँ आंटी।मॉम बोलीं- ठीक है. करीब साढ़े सात हो रहे थे, मैंने मुलाज़िमात को कहा- दुकान टाइम से बंद करके जाएं.

मैं लेटे हुआ मोबाइल पर फन्नी वीडियो देख रहा था और वो मेरे पैर के पास बैठी हुई थी।मैंने उसे अपने पास बुलाया और बोला- आराम से पैर फैला लो।वो मेरे पास आ गई तो मैंने करवट ले ली।मैंने उससे पूछा- तुम्हें बच्चों की मूवी अच्छी लगती हैं?तो उसने बोला- आप क्या देख रहे हैं?मैंने कहा- फन्नी वीडियोज. और आप आ गईं।और यह कह कर क़मीज़ के ऊपर से ही आपी के दोनों उभारों के दरमियान में अपना चेहरा दबाने लगा।मैंने एक नज़र उन दोनों को देखा और कैमरे से उनको ज़ूम में लेकर रिकॉर्डिंग ऑन करके वहाँ साथ पड़ी कुर्सी पर ही बैठ गया।आपी ने अपने एक हाथ से फरहान की क़मर सहलाते हुए दूसरा हाथ फरहान के सिर की पुश्त पर रखा और अपने सीने में दबाते हुए कहा- उम्म्म्म. तो हमने अपने आपको ठीक किया और सोने का नाटक करने लगे।आने वाले का चेहरा ठीक से तो दिख नहीं पाया.

कुछ ही मिनट में वह दूसरी बार झड़ गई और वैसी की वैसी पलंग पर गिर गई।अबकी बारी मेरी थी.

पर वो नहीं रुकी।मैं उसे उसके स्टॉप तक छोड़ने चल दिया।मैं बहुत उदास था. आप मेरा कितना ख्याल रखती हैं।और ऐसा बोल कर मैं फिर उनका दूध पीने लगा।उधर रसीली भाभी भी ये सब देख कर गर्म हो गई थीं, वो हमारे बाजू में आईं और बोलीं- कम पड़े तो बोलना.

तो मैंने अपने लैपटॉप को अपनी बर्थ पर रख दिया और उसे चार्ज में लगा दिया। वो सभी लोग मुझसे भी साथ में खाने के लिए जिद करने लगे।मैंने उनका दिल रखने को थोड़ा खा लिया।थोड़ी देर में सभी खा चुके थे, खाने के बाद बच्चे फिर से मूवी देखने को जिद करने लगे।भाभी को नींद आ रही थी. इसलिए खुद भी बोलते हुए हिचक रही थी।रश्मि ने उसे अपने को घूरते देखा तो ठहाका लगा के हँस दी- आगे बताओ शब्बो रानी!कह कर उसने शब्बो को छेड़ा।‘दीदी उसने मेरी चूत को रगड़ना चालू रखा। चूत में से ढेर सारा पानी निकलने लगा। उत्तेजना के मारे मैं अब खड़ी नहीं रह पा रही थी. तुझे जो करना है।उसके बाद मैंने उनको मेरे ऊपर खींच लिया और किस करने लगा।थोड़ी देर बाद वो फिर से गर्म हो गईं। उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया और उस पर अपनी चूत फंसा कर चढ़ गईं.

पर इन सभी परिणामों के बारे में सोचती नहीं हैं।मैंने भी अपना HIV टेस्ट करवाया और बाकी लोगों को भी करवाने के लिए कहा मुझे HIV नहीं हुआ था. तो उसने फिर से रोक दिया।मैंने फिर उसे गाल पर एक थप्पड़ मारा और बोला- कैसे नहीं चुदेगी।लेकिन वो नहीं मानी।हम फिर किस करने लगे और मैं एक हाथ से उसकी चूत को मसलने लगा। उसने रोकने की कोशिश भी लेकिन सफल नहीं हो पाई।किस करते हुए मैं उसके निप्पल को भी मसल रहा था। वो फिर से गर्म होने लगी और सिसकारियाँ भरने लगी।मैंने उसकी चूत चाटी और सारा रस पी गया. माधुरी ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर से कॉफी बनाने में लग गई।तभी पीछे से मैंने उसको हग कर लिया और अपने गर्म होंठ उसकी गर्दन पर रगड़ने लगा।माधुरी- आह राहुल.

देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स तभी से इसका प्रशंसक हूँ। इसकी सारी कहानियाँ मेरी पढ़ी हुई हैं, लगभग सौ से ऊपर कहानियाँ तो मुझे याद हैं।यहाँ पर कुछेक कहानियाँ ऐसी हैं कि पढ़ते ही समझ में आ जाता है कि लेखक चुतियापा काट रहा है।यह मेरी लाइफ की पहली सेक्स कहानी है. इसमें क्या खतरनाक वीडियो डाला है यार मजा आ गया।फिर एक बार मैंने उससे पूछा- क्या तुमने कभी सेक्स किया है?उसने कहा- नहीं, पर करना चाहूंगी।मैंने कहा- क्या तुम मेरे साथ करना चाहोगी?तो उसने कहा- नहीं.

बीएफ पिक्चर जबरदस्त चुदाई

बहुत अच्छा लग रहा था।मैं- देखो हम दोनों के लिए पहली बार है। तुमको तो सुख मिल गया. जिससे आंटी की चूत चुदने की पोजीशन पर आ गई।अब मैंने अपना लण्ड आंटी की चूत पर रखा और लण्ड फिराने लगा।तभी आंटी बोलीं- अब और मत तड़पा मेरे राजा चोद मुझे. जिसको उन वर्कर्स ने भी बहुत खुशदिली से क़बूल किया।अगले 3 दिन तक हम पेपर वर्क और दूसरे तमाम मामलात में मसरूफ़ रहे। मैं सुबह जल्दी कॉलेज जाता था और कॉलेज से ही सीधे शॉप पर पहुँच जाता.

’मेरी बीवी ने नाराज़गी जताई जो बिल्कुल जायज़ थी।मैं हाँफते हुए पीछे हटा और अपना कच्छा ढूंढने लगा और जगजीत टाँगें साफ करने बाथरूम में चली गई।जब वो वापिस आई तो मैं बनियान कच्छे में बिस्तर पर लेट चुका था।मैं जगजीत को नग्न अवस्था में कमरे में इधर-उधर अपने कपड़े इकट्ठा करते देख रहा था।वह 5’1” की गोरी-चिट्टी पंजाबन लड़की थी. अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार।मेरा नाम अमित है, मैं बिहार का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 22 साल है. சாரி செக்ஸ்आप सो जाओ।वो बाथरूम की तरफ चल दिया।फरहान के जाते ही मैंने दोबारा अपनी आँखें बंद कर लीं.

और मैं MBA के फाइनल इयर में हूँ। मैं लखनऊ उत्तर प्रदेश में रहता हूँ आज मैं आपको अपनी पहली कहानी बताने जा रहा हूँ.

मेरी उनसे बहुत फटती थी।अब भाभी के भी चाल-चलन कुछ अज़ीब से हो गए थे, वो मुझे बहुत सेक्सी निगाह से देखती थी।शाम को दूध लेकर लौटते समय मैंने उनको छेड़ दिया कि भाभी दस दिनों के लिए भाई तो हैं नहीं. क्या मस्त सेक्सी माल लग रही थी।मैंने दरवाजे से ही उसको उठा लिया और बिस्तर पर उसको पीठ के बल लेटा दिया। अगले ही पल मैं नेहा को जोर-जोर से होंठों पर चुम्बन कर रहा था।उसने शरारत से मेरी ओर देखा तो मैंने कहा- तुम इतनी खूबसूरत हो.

वो भी उसकी चूत के अन्दर ही।इस स्पिन चुदाई की स्टाइल में घूमती हुई अर्श की सिसकारियाँ भी निकल रही थीं।हमें बाथरूम में ऐसे चुदाई करने में थोड़ा मुश्किल भी हो रहा था. तो वो मेरे फ्लैट पर ही आ जाती थीं।हम बहुत अच्छे फ्रेंड बन गए थे।एक दिन उनको एक फ्रेंड की शादी में जाना था जो उनके घर से 30 किमी. पर दीदी नहीं झड़ी थीं।मैं उनके ऊपर लेट गया और उन्हें पकड़ कर ढेर हो गया।कुछ देर बाद मैंने देखा कि दीदी मेरे लण्ड के साथ खेल रही थीं।मैंने उनके मम्मों को दबाया और अपने बगल में लिटा लिया और उनको वो सब बात बता दी कि कैसे मैं उन्हें रोज़ देखता हूँ।तो दीदी ने कहा- यानि कि तू मुझपे पहले से ही नज़र रखता था।फिर दीदी ने अपने कपड़े पहने और मैंने भी.

लेकिन बहुत अलग तरीके से!’बाबाजी ने कहा- दिखाऊंगा भी और तेरी बच्चेदानी की प्यास भी बुझाऊँगा भी.

यह बोल कर मेरे कान को अपने दाँतों से काटा और मुझसे अलग होकर अपने कपड़ों की तरफ चल दीं।मेरा दिल चाह रहा था कि अभी हम कुछ देर और ऐसे ही खेलें. हम तो फिर भी लड़के हैं।आपी ने मुझे आँख मारी और बोलीं- अच्छा ऐसा है क्या?और यह कह कर वे आईने की तरफ चल दीं।आईने के सामने जा कर आपी ने पहले सीधी खड़ी हो कर अपने जिस्म को देखा और फिर एक हाथ कमर पर रखाऔर दूसरे हाथ से अपने बालों को जूड़े की शक्ल में पकड़ते हुए साइड पोज़ पर हो गईं. ले आया।मैंने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और वो किताब आयशा को दे दी।वो पकड़ते ही उसके हाथ काँप रहे थे और शर्मा रही थी, उसकी शक्ल देखकर साफ़ पता चल रहा था कि ऐसी चीज़ वो पहली बार देख रही है।उसने पहला पेज खोला.

रेखा हॉट सीनतो वो मेरी गोद में बैठ गईं और मेरे होंठों पर किस करने लगीं।मैंने पहली बार किसी को किस किया था तो उस वक्त तो मानो मैं जैसे जन्नत में उड़ने लगा था। आपको बता नहीं सकता कि मुझे कितना मजा रहा था।मैं भी पागलों की तरह उनके मुलायम होंठों को काटने लगा। कभी मैं उनके मुँह में अपनी जीभ डालता. वर्ना वो कमीना मेरी इज़्ज़त लूट लेता।’शब्बो रोते हुए अपनी सफ़ाई दे रही थी।रश्मि को उसकी दलीलों पर बड़ी खीज आई, गुस्सा दबाते हुए वो शब्बो से बोली- अच्छा.

सेक्सी बीएफ वीडियो 2022

तो मैं अपना एक हाथ उसके चूतड़ों पर ले गया और एक हाथ से चूतड़ और दूसरे से उसकी पीठ सहलाने लगा।वो बोली- बाबू आप आप बहुत भले हो. आज बहुत दिन हो गए हैं मैंने तुम लोगों को ये करते नहीं देखा।मैंने आपी की बात सुनी तो वहीं खड़ा हो गया और मुस्कुरा कर आपी को देखते हुए कहा ‘वो’ क्या आपी. इसलिए इस बार देर तक बमफाड़ चुदाई के बावजूद मैं नहीं झड़ा था।नेहा दो बार और झड़ गई.

उन्होंने हँसते हुए फिर से चूत पसार दी मैंने उनकी दोनों टांगों को कन्धे पर रखकर फिर उन्हें दबा कर चोदा और एक बार फिर उनकी चूत तर कर दी।उसके बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहनने शुरू किए और वापस बारात में आ गए।यहाँ आकर देखा सब नार्मल था. देखो मुँह में ज़ख़्म बन गया है।आपी बोलीं- सगीर बस चुप करो अब और तुम टाइम क्यों ज़ाया कर रहे हो, चलो ना काम शुरू करते हैं।मैंने आपी से कहा- नहीं आपकी तबियत ठीक हो जाए. उसकी आवाज सुन कर मैं कमरे से बाहर आ गया और उधर सोनी ने दरवाजा खोल दिया।उस दिन के बाद मैंने सोनी को 2-3 बार और चोदा है.

बस अब मुझे फटाफट चोद डालो।सचमुच उनकी पैन्टी उनके पानी से पूरी भीग गई थी।मैंने उसे उतार कर साइड में रखा और लण्ड को सुराख में रखा, पर मेरा लण्ड तो सूखा हुआ था।मैं- भाभी इसे थोड़ा गीला तो कर दो।उन्होंने उसे जल्दी से अपने मुँह में ले लिया और थोड़ी देर चूसने के बाद जैसे ही लौड़ा गीला हुआ वो फिर से चूत फैला कर लेट गईं।‘चलो आ जाओ ऊपर मेरे. वो चुप हो जाएगा।वो मान गई और दीवार की साइड में आ कर खड़ी हो गई।मैं उसे और वो मुझे देख रहे थी। उसने फिर से मुझे बेबी देना चाहा. तो अब्बू और अम्मी टीवी लाऊँज में ही थे।अम्मी ने मुझे खाना दिया और खाने के दौरान ही शॉप के बारे में अब्बू से बातें भी होती रहीं।कमरे में आया तो आज खिलाफे तवक़ा.

पर जब कभी वो सामने से मुड़कर जातीं तो उनकी गांड मेरे दिमाग़ में एक अलग सी हलचल पैदा कर देती।मैंने चेहरे पर मुहासों के बारे ऐसा सुना था कि जिसकी सेक्स करने की इच्छा ज़्यादा होती है. फिर उसने ज्यादा देर न करते हुए अपनी दो उंगलियाँ मेरी चूत में डाल दीं।उसकी तरफ से हुए इस अनजान हमले से मैं एकदम सिहर गई और जमीन से अपने पैरों के अंगूठों के बल खड़ी हो गई।आलोक जल्दी-जल्दी अपनी उंगलियों को मेरी चूत में अन्दर बाहर कर रहा था। उसकी इस हरकत से मुझे इतनी मस्ती चढ़ रही थी कि मैं उछल-उछल कर उसको और उकसा रही थी।मेरे मुँह से जोर-जोर से ‘आआहहहह.

सच-सच बताओ कब से चल रहा है ये सब?मैं- दीदी कुछ दिनों से देख रहा हूँ।दीदी फिर खड़ी हुईं और कमरे के बाहर जाने लगीं.

सेक्स एक ऐसा टॉपिक है जिस पर जितनी बात की जाए कम है। मैंने नेट पर देखा है कि सेक्स में वो लोग भी खुल कर बात करते हैं. बिहारी सेक्सी फुल वीडियोपर कोई बयान नहीं कर पा रहा था।फ़िर हमारी मम्मियों ने सोने के लिए बुला लिया तो हम सब सोने चले गए। बहुत सारे मेहमानों के होने की वजह से अन्दर कमरों में जगह ही नहीं थी इसलिए हम बच्चे लोग हॉल में ही सो गए थे. सेक्सी story in marathiइसलिए मैंने अपने घुटने मोड़ लिए और अपनी नाईटी को पकड़ने लगी।मैं अपनी नाईटी को ठीक कर पाती. जब मुझे मेनसिस चल रहे थे और पैड होने की वजह से मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा था तुम्हारे थप्पड़ का याद है वो दिन?मैंने कुछ ना समझ आने वाले लहजे में जवाब दिया- हाँ याद है मुझे.

और बाद में उसे पछताना पड़े।उस दिन से उसके और मेरे बीच में कोई बात नहीं हुई और कोई खेल नहीं हुआ है।आज उस बात को ढाई साल हो गए हैं, करीना अपने जिंदगी में खुश है और मैं अपनी जिन्दगी में खुश हूँ।मैंने आज तक कभी सेक्स नहीं किया है और आज भी अकेला हूँ।तो दोस्तो, यह थी मेरी और करीना की कहानी जिसमें हमारा अधूरा ही सेक्स हो पाया। आपको यह कहानी कैसी लगी.

और वो मेरी तरफ देख कर बार-बार मुस्कुरा रही थीं।आखिर उनका ब्लाउज का हुक खुल गया. उसका हाथ मैंने अपने हाथ में ले लिया।वो अभी भी नीचे देख रही थी।मैंने दूसरे हाथ से उसका चेहरा ऊपर करते हुए पूछा- शुरूआत शुभ नहीं हुई?उसने आँखें बंद कर लीं।मैंने देर न करते हुए मेरे होंठों का मिलन उसके होंठों से करवा दिया।जैसे ही मैंने उसके ऊपर वाले होंठ को अपने होंठों में लेकर चूसा. इसी के साथ-साथ वो अपने हाथ बिस्तर पर मारती जाती थी।मैंने भी आपी की चूत को दोबारा चूसने शुरू कर दिया और ज़ुबान अन्दर करके आपी की चूत को चोदने लगा।आपी मज़े से मेरा सर दबाने लगीं- हमम्म्म.

तो नेहा मस्ती में आ चुकी थी। उसकी गोरी-गोरी बिना बाल वाली जांघों पर हाथे फेरने से मुझे मेरे लंड पर काबू करना मुश्किल हो रहा था।फिर जल्दी ही मैं नेहा की टांगों के बीच में आ गया और हाथ में तेल ले लिया। इसके बाद मैंने जैसे ही उसकी चूत में तेल से सनी एक उंगली डाली. उनमें से नीचे वाले दो हुक खोले और ब्लाउज के साथ अपनी सफ़ेद ब्रा को थोड़ा ऊपर उठा कर अपने सुन्दर से गोरे मम्मे को धीरे से बाहर निकाला और बेबी के होंठों पर लगा दिया।अब बेबी चुप हो गया और दूध पीने लगा।आंटी के इतने सफ़ेद मम्मों को. और उसने मेरे सीने में सर छुपा लिया, वो मेरे सीने में सर रख कर मेरे को बाँहों में लिए रही।मैं भी धीरे-धीरे उसको बाँहों में लिए-लिए उसकी पीठ को सहलाता रहा, उसकी ब्रा स्ट्रिप के ऊपर और उसकी चूतड़ के ऊपर से थोड़ा दबाव डाल कर सहलाता रहा।उसके शरीर की गर्मी का उसकी हर पल कांपते बदन.

सेक्सी बीएफ चोदा चोदी सेक्सी चोदा चोदी

तब उसकी चूत अब दर्द कर रही थी और वो चलने के लायक भी नहीं थी।शाम तक मेरे लोगों ने अपना वादा पूरा किया. मैं वो नज़ारा देखता ही रह गया। दीदी अपने कपड़े बदल रही थीं। उनकी खिड़की मेरी खिड़की के ठीक सामने होने की वजह से मुझे सब कुछ साफ़-साफ़ दिख रहा था। चूँकि मेरे घर में सभी लोग नीचे रहते हैं और ऊपर मेरे कमरे में कोई आता नहीं था. मेरी बात पूरी होने से पहले ही आपी ने मेरी पैंट की ज़िप से अन्दर हाथ डाल दिया था.

तो वो कपड़े बदल रही थीं। वो खिड़की बंद करना भी भूल गई थीं।मैंने देखा कि वो शीशे के सामने बिल्कुल नंगी खड़ी होकर अपने जिस्म को निहार रही थीं। उनकी मस्त चूचियां देख कर मुझे कुछ होने लगा और मेरा हाथ मेरे पैंट के अन्दर चला गया। मैं अपने लण्ड को हिलाने लगा।यहाँ मैं थोड़ा सा अपनी दीदी के बारे में बता दूँ। दीदी का चेहरा तो ज्यादा अच्छा नहीं था.

क्या बताऊँ दोस्तो, वो 40 की उम्र में भी कयामत लगती है। उसकी खूबसूरती के सामने तो बड़ी से बड़ी हीरोइन भी पानी भरें। जो भी उसे बस देख ले.

पर मेरी एक शर्त है।मौसी बोलीं- कैसी शर्त? मैंने अपने आपको तो तुम्हें सौंप दिया है. और मैं वहीं देखता रह गया।फिर मैंने दरवाजा बंद किया और अन्दर कमरे में आया तो देखा कि दीदी सोफे पर बैठ कर अपना सीरियल देख रही थीं।मैं भी एक तरफ बैठ कर देखने लगा और सोचने लगा कि कहीं दीदी वो सीडी मोड न चला दें।मेरा ध्यान सीरियल में कम था। तभी अचानक ब्रेक हो गया और दीदी चैनल बदलने लगीं. नॉनवेज डॉट कॉममैं तो पागल हो गया और मेरा लंड को जैसे बेकाबू हो उठा था, मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने झट से अपना मुँह लगा दिया और उसकी चूत चाटने लगा, उसका सारा रस पीने लगा.

’ भरते हुए अपनी गर्दन को दायें बायें झटका सा दिया और उनकी नज़र अपनी बाईं तरफ़ आईने में पड़ी. एक लम्बी चूमाचाटी के बाद मैंने उन्हें बिस्तर पर सीधा लिटा दिया और उनकी टाँगें चौड़ा कर चिकनी चूत पर अपनी जीभ को जैसे ही लगाया. वो मजे करने के बाद सारी बातें उड़ा देते हैं।मैं- मैं ऐसा नहीं हूँ। मैं हर बात को गुप्त रखता हूँ.

म्म… मैं आ कर तुम्हें नाश्ता देती हूँ।मैं समझ नहीं पा रहा था कि आपी ऐसे क्यों बिहेव कर रही हैं। मैं एक क़दम उनकी तरफ बढ़ा. और गर्म होने लगी थी।फ़िर वो मेरे पास को आई और उसने अपने नरम हाथों को मेरे गर्म और सख्त लौड़े पर रख दिया।इतना कड़क लण्ड पकड़ कर उसके मुँह से ‘अह्ह्ह्ह.

तो उसके गाल में छोटे गड्डे बनते थे। उसकी बड़ी-बड़ी आँखें बहुत ही सुन्दर लग रही थीं। उसके चूचे ज्यादा बड़े नहीं थे.

मगर दोनों घरों की छत एक ही थी।घर में वो मकान-मालिक स्वयम्, उम्र 45 साल, उनकी बीवी, उम्र 42 साल, एक बेटा उम्र 22 साल और उनकी बेटी उम्र 19 साल की थी।सभी उसी घर में रहते थे. शायद शादी-शुदा थी। मगर वो साड़ी में भी काफ़ी सेक्सी लग रही थी।उसने साड़ी काफ़ी टाइट पहन रखी थी. मैंने कहा- आपके लिए मुझे कोई फ़ैसला करने के लिए सोचने की जरूरत नहीं है।आपी ने कहा- मैं जो भी करूँ.

सेक्सी मूवी छोटी बच्ची की जिस से उनकी नाईटी जाँघों तक पहुँच गई।शायद भगवान ने मेरी दुआ सुन ली थी। अब तो मेरे लिए अपने आप पर काबू पाना मुश्किल हो गया था। मेरा लिंग अकड़ कर लोहे की रॉड की तरह हो गया था और उसमें तेज दर्द होने लगा था।मैं हाथों से अपने लिंग को मसलने लगा मगर फिर भी मुझे चैन नहीं मिल रहा था. हमारी गरम सांसों को हम महसूस कर सकते थे।मेरा लंड भी अपनी जगह बना रहा था।वो और मैं एकदम शांत हो गए थे।इस बार उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं तो सकपका गया.

और मोना भाभी पीछे बैठी थीं, उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया।मोना- वहाँ मैंने कुछ इसलिए नहीं कहा क्योंकि वहाँ बहुत लोग थे।मैं- क्या नहीं कहा।इतने पर वो हँस पड़ीं।मोना- मैं तुमको अच्छी लगती हूँ क्या?मैं- हाँ भाभी. और उसे फैला कर अपनी टांग उठा कर सलवार में डालते हुए ही जवाब दिया- तुम्हारे साथ तो मैं सारी रात भी गुजार लूँ. इसलिए मैंने फ़िर सब कुछ बंद कर दिया और अपने हाथ वापिस ले लिए।वो मेरे और करीब आई और मेरी आँखों में आँखें डाल कर देखने लगी.

जानवर और आदमी वाला बीएफ

पर मैंने चादर हटा कर उसको बाँहों में उठा लिया।आज ऊपरी तौर पर मैंने पायल के साथ सब कुछ कर लिया था और वो मेरे साथ सब कुछ अपनी ख़ुशी से कर रही थी।अब देखना यह था कि कि वो मुझसे चुदती कब है।मेरे साथ अन्तर्वासना से जुड़े रहिये. मैं मर जाऊँगी… मत करो… उम्म्म्म बहुत मज़ा आ रहा है राज… ओह्ह्ह… उम्म्म… आह्ह्ह…. जिसकी चादर मेरी चूत के पानी से गीली पड़ी हुई थी और उस पर धब्बे भी पड़ गए थे।मैंने जल्दी से उस चादर को बदल दिया और उस चादर को उठाकर बाथरूम में धोने के लिए डाल दिया। मैंने उस कन्डोम को भी उठाकर डस्टबिन में डाल दिया.

ये तुम्हारी फ्रेंड यहाँ क्या कर रही है?तो उसने बताया कि तुम्हारा आज फर्स्ट सेक्स एक्सपीरियेन्स है तो मैंने सोचा कि क्यूँ ना तुम जल्दी-जल्दी सब सीख जाओ।मैंने कहा- मैं कुछ समझा नहीं?तो उसने कहा- ये मेरी फ्रेंड अपने हज़्बेंड के सेक्स से संतुष्ट नहीं है. तो पूरा लंड उनकी चुत में फिट नहीं हो पाया। मैंने उनकी दोनों टाँगें ऊपर करके पूरा-पूरा का लंड फिट कर दिया।इस दौरान उनको हल्का सा दर्द भी हुआ। दर्द की परवाह किए बिना मैंने ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने चालू कर दिए।इस तरह से मैंने उनकी बहुत देर तक चुदाई की।उसी दौरान उनकी चुत थोड़ी देर के लिए टाइट हुई.

मैंने अपने फौलादी लण्ड का सुपारा मौसी की खुली हुई चूत के मुँह पर टिका दिया और धीरे-धीरे दोनों फांकों के बीच में रगड़ने लगा। मौसी से अब और सहन नहीं हो रहा था।‘इसस्स्स्स्स्.

तो उन तक आवाज जाने का कोई डर नहीं था। थोड़ी देर में जोर जोर से चुदाई की आवाजें आने लगीं।मैंने अपना लिंग हाथ में ले लिया और हिलाने लग गया।थोड़ी देर बाद आवाज आनी बंद हो गईं, मुझे लगा कि दोनों चुदाई खत्म करके सो गए।मैं वापिस छत पर आ गया।मैंने आरती को देखा तो उसकी भी स्कर्ट घुटनों तक चढ़ी हुई थी। वैसे तो मुझे उसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी. मैंने भी आपी की कही पहले की बात का कोई जवाब नहीं दिया और उनकी चूत के दाने को अपनी उंगली से सहलाता हुआ अपना लण्ड उनकी रानों में रगड़ने लगा।आपी की रानें बहुत चिकनी थीं।मेरे लण्ड का ऊपरी हिस्सा. जिससे अर्श को मज़ा आने लगा था।मैंने उसकी चूत की फांकों को अलग-अलग किया और अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी। अब अर्श की गाण्ड में डिल्डो था और चूत मेरे मुँह में थी।मैं चूत के अन्दर जीभ तक डाल कर उसे चूसता और चाटता.

आपी ने अंगड़ाई लेने के अंदाज़ में अपनी टाँगें सीधी कीं और पाँव ज़मीन पर टिकाते हुए टाँगों को थोड़ा खोल लिया. वो चिल्लाने लगी, वो मुझसे विनती करने लगी- अब मेरी चूत में लण्ड डाल दो. और मेरा लिंग फिर से उत्तेजित हो गया।मैं दबे पांव बिस्तर के पास गया और भाभी की दूधिया गोरी जाँघों को देखने लगा। मेरा दिल डर के कारण जोरों से धड़क रहा था कि कहीं भाभी जाग ना जाएं मगर फिर भी मैं भाभी के बिल्कुल पास चला गया।अब तो मुझे भाभी की पैन्टी में उनकी फूली हुई योनि व योनि की फ़ांकों के बीच की रेखा का उभार स्पष्ट दिखाई दे रहा था.

अब पेल दो।मैं उनकी गाण्ड में उंगली किए जा रहा था।अब मैंने अपना लम्बे और मोटे लण्ड पर बहुत सारा तेल लगाया और गाण्ड के छेद पर सुपारा धर के धक्का लगा दिया। मेरा मोटा लण्ड उनकी छोटी सी कुँवारी गाण्ड में जा ही नहीं रहा था.

देहाती भोजपुरी बीएफ सेक्स: वैसे ही दो खूबसूरत लड़कियाँ ऑटो से उतरीं।मैं उन्हें देखकर एकदम दंग रह गया, वो दोनों ही बहुत खूबसूरत थीं. तो फिर कभी इनकी चूत नहीं चोद पाऊँगा।उसके पति के जागने का कोई सवाल ही नहीं था.

मेरा काम होने वाला है।मैंने भी अपनी फुल स्पीड में नेहा की चुदाई करना चालू कर दिया। कुछ ही धक्के मारे ही होंगे कि मैंने सारा माल उसकी चूत में डाल दिया।अभी कहानी जारी है दोस्तो… अभी तक की कहानी कैसी लगी मेल जरूर करें।[emailprotected]. तो वो छिप गया और पीछे से माँ की नंगी गाण्ड को देखने लगा। माँ जब पेशाब करने के बाद पीछे को मुड़ीं. मेरा जोश बढ़ रहा था।मैंने कहा- एक बार पूरा अन्दर ले लो। उनके बाद हर औरत को मज़ा आता है और तुम्हें भी आएगा।मौसी बोलीं- तुम मेरी बात पर विश्वास करो.

अभी आएँगी आपी?मैंने मुस्कुरा कर उसकी तरफ देखा और ‘हाँ’ में गर्दन हिला दी और फरहान वैसे ही बैठे मूवी भूल कर गुमसुम सा हो गया.

यह कहती हुई वो बाथरूम की तरफ जाने लगी, मैं भी उसके पीछे पीछे चल पड़ा।अन्दर जाते ही वो इंग्लिश सीट पर बैठ गई, फिर वो अपनी गाण्ड को थोड़ा ऊपर करके उठ गई और अपनी चूत को नीचे की तरफ झुका दिया।मैंने भी तुरंत अपने होंठ उसकी चूत के पास कर दिए।अर्श बोली- ले साले. पर मैंने उन्हें कभी गलत नजर से नहीं देखा था, मैं कभी भी उनके घर चला जाता था।उनके पति बाहर काम करते थे और वो 6 महीने में एक बार ही घर आया करते थे। कभी-कभी जब मैं सुबह उनके घर जाता. मैं सुन कर दंग ही रह गया।उसने कहा- तो क्या तुम वैशाली को भी मुझसे शेयर कर सकते हो? एक रात के लिए ही सही.