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इंडियन रंडी बीएफ: चूत चुदाई बीएफ सेक्सी, इस बार चाची ने कई बार मेरे सामने अपने आँचल को ढुलक जाने दिया और मुझे उनकी गोरी चूचियों की शानदार हसीन वादियों को निहारने का अवसर मिला.

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जब भाभी ने मुझे घूरना बंद नहीं किया तो मैंने सीधे हाथ से कान पकड़ कर फुसफुसा कर सॉरी कहा. jiostore मे सेक्सी वीडियोआह्ह … और करो … चोदो … आह्ह … चोदो … मेरी जान …कुछ देर तक इसी पोज में उसकी चूत की चुदाई की.

इसी चक्कर में मेरे दोस्त आपका खड़ा हो जाता है कि साली चुत भी चुदाई के लिए मिलेगी और पैसा भी मिलेगा. कुत्ता और घोड़ा वाली सेक्सीमुखचुदाई में ही उसकी चूत ने एक बार पानी छोड़ दिया और वो भी पूरे ज़ोर से मेरे लंड को हिलाने लगी और बोली- राहुल मैंने बहुत दिन से अपनी चूत में लंड नहीं लिया है, प्लीज़ मुझे और ज़्यादा नहीं तड़पाओ, मेरी चुदाई करके मुझे अपना बना लो.

” क्या बताऊं दोस्तो, मैं बहुत गरम हो गई थी, मुझे बहुत मजा आ रहा था.चूत चुदाई बीएफ सेक्सी: उसके इस एक्शन से मुझे राहत सी मिली कि आज इसकी चूत चुदाई का खेल किया जा सकता है.

दोस्तो आप तो समझ ही सकते हैं कि जब कोई ख्वाब सच हो जाता है तो क्या होता है? मेरा सपना भी एक दिन सच हो गया.फिर उसने मेरा मुंह चूम लिया और मेरे कान में फुसफ़साई- हाँ राजे… बड़ा मज़ा आया.

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लेकिन जिस परिवार का सदस्य भरी जवानी में गुजर जाए तो वो पैसों से लौट कर नहीं आता.”ऊऊओ… नाम बताओ न?”वो छोड़ो… अब ये देखते हैं आपमें से कौन पहले इनको देखता है.

मॉम ने आहिस्ते से किचन का दरवाज़ा वापस बंद कर दिया और अन्दर से कुण्डी लगा दी ताकि कोई अचानक से आ न जाए. चूत चुदाई बीएफ सेक्सी मोबाइल जिसमें वीडियो चालू था उसे उठा लिया और बालू मुझे बोले- वन्द्या, सीधी लेट जाओ!मैं जैसे सीधी हुई, उनका हाथ अब मेरे सामने जांघ में पैंटी के ऊपर से ही सीधे मेरे चूत के ऊपर फूली हुई जगह में रख गया और वो मेरे वहीं पर अपना हाथ चलाने लगे.

मेरे मामा ने दूसरी शादी की थी, पहली मामी तो उनकी किसी बात से तंग आकर उन्हें छोड़ के चली गई थी, तब मैं बच्चा था और मुझे नहीं पता था कि वो उन्हें क्यूँ छोड़ कर गई थी.

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तो मेरी चुदाई कहानी में सुने कि कैसे मेरे बॉस ने मुझे प्रोमोशन देने के बदले और पैसे देने के बदले मेरे साथ अन्तरंग सेक्स किया था. वह अपना सिर दाएं बाएं हिला रही थी जिससे उसके लम्बे बाल इधर उधर झटक रहे थे. तभी मकान मालिक बोले- क्यों बे सुरेंद्र, कंट्रोल नहीं होता क्या?सुरेंद्र जीजा बोले- ऐसी आइटम को चुदते देखने में भी मजा है अंकल… मुझे ऐसे ही मजा आ रहा है, आप फुल इन्जवाय करो वन्द्या के साथ! आपको इससे सेक्सी सुंदर और पर्फेक्ट फिगर वाली कोई दूसरी लड़की नहीं मिलेगी, वन्द्या को नंगी देख लेने पर जन्नत का मजा मिल जाता है.

नवीन को देख कर ऐसा लग ही नहीं रहा था कि सुबह यही आदमी उसी के सामने खड़ी मेरी मॉम को कुतिया की तरह गलियां दे दे के चोद रहा था. ”इस पे जरा शर्माते हुए नीतू बोली- ऐसा नहीं है सलीम भैया… मैं इतनी भी ग्रेट नहीं हूँ!उसकी तारीफ से नीतू शर्मा कर लाल हो गयी थी। अपने पति के अलावा किसी ने भी उसकी इतनी तारीफ नहीं की थी।इतना स्वादिष्ट खाना खिलाने के लिए मैं तुम्हें एक गिफ्ट दे कर थैंक्स बोलना चाहता हूं। पांच मिनट में, मैं तुम्हें घर से लाकर देता हूं, रुको!” ऐसा बोलकर सलीम उठने लगा. मेरे चुचे बिल्कुल उसकी छाती में गड़े हुए थे और उसके उठे हुए लंड का आभास मुझे मेरी चूत के ऊपर हो रहा था.

उसकी टाइट चूत के आगे अब मेरा लंड ज्यादा टिक नहीं पाया और वो पिघलने वाला था, इसलिए मैंने आठ दस दमदार झटके और उसकी चूत में मारे और अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकालकर सारा पानी उसकी चूचियों पर गिरा दिया और उसके ऊपर ढेर हो गया. उसके हाथ पकड़ते ही मुझे कुछ हुआ और मैं भी मौके को देखते हुए उसकी छत पर चला गया और उसे अपनी बांहों में भर लिया, उसने भी मेरा साथ दिया और मुझे कस के अपनी बांहों में जकड़ लिया. लेकिन मैंने उसके आगे आगे चल कर उसे अपनी मतवाली चाल से चलते हुए अपनी गोल गांड को मटका मटका कर दिखा दी.

फिर मैंने उसे उस आदमी के कानों को काटने को कहा, उसने मेरे कान को काट दिया. अब मोहन सीधा मेरे ऊपर चढ़ गया और उसने अपना लंबा लंड मेरे मुँह में ठोक दिया.

मैंने उसे रिप्लाई किया- एक घण्टे की मुलाकात में इतनी फ़िक्र??राघव- पहली मुलाकातों में दिल घायल हो जाते हैं.

सामने मैंने जब उन मैडम को देखा तो कसम से ऐसा लगा कि कोई जन्नत की परी मेरे सामने खड़ी है.

ये सब कुछ इतना अचानक हुआ कि मुझसे मेरे शरीर का भार सहन नहीं हो पाया और मैं राघव के ऊपर ही गिर गई. मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसके दोनों तरफ घुटनो के बल बैठ कर पीछे से हाथ डाल कर चूचे पकड़ लिए, हौले हौले से उनको सहलाया. फिर दीदी मेरे लंड का सुपारा खोलकर अपने मुँह में डालकर उसे जीभ से चाटने लगीं और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने और चाटने लगीं.

तब तक नताशा अपना पैग ख़त्म कर चुकी थी और चालाक आर्थर ने दोबारा उसका पैग लिकर से भर दिया. मैंने जीभ से बार ज़ोर ज़ोर से स्वर्ण रस के छेद पर प्रहार किये तो रानी दसियों बार झड़ी. मैंने पूछा- क्यों?माँ ने कहा- कल रात गली में जो चोरी हुई थी… उससे गोरी आंटी डर गई है.

और जरा अपने साहब को खुल्ला करो, कब से इस टाईट फिट पेंट में कैद करके रखा है.

मॉम- गांव जाने के लिए बहुत खुश है तू??नवीन- नहीं ऐसी बात नहीं है मालकिन. फ़िर अपने बैग से वाइब्रेटर निकला और उनके पास जाकर घुटनों के बल बैठ गया. पाठकों, अब बताता हूँ नीना के शब्दों में डॉ भगत के साथ खेली गई चुदाई की होली का आँखों देखा हाल:तब तक करीब सवा दो बज चुके थे और डॉ भगत अपने सभी पेशेंट निबटा चुके थे; रूटीन के काम बंद होने का समय था, असिस्टेंट जा चुका था और डॉक्टर साहब अपनी रिपोर्ट बनाने में जुटे हुए थे.

जब मैं सो कर उठा, तब तक सुबह हो चुकी थी और हम बंगलोर के बाहरी इलाक़े में पहुँच चुके थे. ऐसा करीब चार पांच दिन चलने के बाद एक दिन जब वो पानी भर के चली गईं तो मैं उनका ख्याल करते हुए अपने लंड को आराम देने की कोशिश में मुठ मार रहा था. इतने में हम दोनों उसके कॉलेज पहुँच गए और काउंटर पर फीस जमा करवा कर एडमीशन फॉर्म भर कर जमा कर दिया.

लगभग दो मिनट के बाद उसके शरीर में फिर से हलचल होने लगी और वो अपनी गांड हिलाने लगी.

दोस्तो, जैसा कि आप जानते हैं कि मैं पेंट, जीन्स या पजामे के नीचे कुछ भी नहीं पहनता हूँ और सफ़ेद गमछा पहन कर नहाता हूँ. कुछ देर के बाद मेरे जोश ने जवाब दे दिया और मैं दीदी के मुँह में ही झड़ गया.

चूत चुदाई बीएफ सेक्सी कम्पनी में दिवाली से दो दिन पहले दिवाली की पार्टी आयोजित की जाती थी जिसमें सब स्टाफ परिवार सहित भाग लेते थे. पता नहीं कहां से मुझमें ताकत आई और मैं तेज़ी से केबिन के दाहिने से दीवार पार छलांग लगा कर दूसरे केबिन में घुस गया.

चूत चुदाई बीएफ सेक्सी मैंने भी इस बार फिर वही प्रश्न पूछा, वो बोली- हाँ आया, बहुत आया!मैंने फिर उसे बोला- विलियम को फिर से फील करो!तो वो न नुकर करने लगी. मैंने अपना लन्ड उसकी चूत के मुँह पे रख के एक झटके से उसकी चूत में घुसेड़ा, लन्ड का सुपारा जैसे ही पूजा की चूत में घुसा वो चिल्ला पड़ी- हाय पापा जी… मर गई मैं… निकाल लो इसे! बहुत दर्द हो रहा है…लेकिन मैंने अपनी बहू की एक नहीं सुनी और फिर दूसरी बार जोर से झटका मार के लन्ड को अपनी बहू की चूत में पूरा घुसेड़ दिया.

करीब दो मिनट तक झड़ने के बाद दोनों सुस्त पड़ गए और इसी अवस्था में दोनों स्थिर पड़े रहे.

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बाहर निकला तो मैंने भाभी से कहा कि तुम खदान में चलो, मैं पीछे से आ रहा हूँ. वो बोली- तो छोड़ दो मेरी जान… आज तुम्हारी पिचकारी से मेरी चूत भर जाने दो. मैडम ने मेरे मुँह में एक गिलास में पहले से बना हुआ रस जैसा कुछ डाला और कहा- पी लो.

बिंदु ने पापा को कहा कि एक दिन उनको अपने घर पर लंच या डिनर पर बुलाओ और नेहा और आपके फ्रेंड के लड़के को मिलवा देते हैं. फिर मैंने उनसे पूछा कि आप मैरिड हो कि अनमैरिड?उन्होंने बताया कि उनकी शादी को 3 साल हो गए हैं, लेकिन उनका पति आउट ऑफ इंडिया काम कर रहा है तो शादी के बाद उनको मिलने कभी नहीं आया है. हां मगर चुत पहले तो पूरी तरह से फटेगी और दर्द भी होगा मगर यह सब एक दो दिन की बात ही होगी, उसके बाद तो चुत लपक लपक कर लंड को अपने मुँह में लिया करेगी और तुम गांड उछाल उछाल कर चुदा करोगी.

जैसे ही उसने मुझे हग किया, मेरा लंड अकड़ कर खड़ा हो गया, मेरा ईमान खराब होने लगा.

मैं बैठ गया, उन्होंने मुझसे पूछा- चाय लोगे या कॉफ़ी या फिर आप भी दूध पियोगे?भाभी ये कह कर अश्लीलता से हंसने लगीं. उसने मेरे होंठों पर एक कसकर चुम्मी दी और नीचे अपने कमरे में चली गई. मेरा फिगर 36-30-38 का है, मैं आप सबको अपनी सच्ची चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ कि कैसे मकान मालिक ने लंड दिखा कर मुझे चोदा, मेरी चूत मारी, मेरी गांड मारी!इस कहानी से पहले मेरी कहानीचाचा ने मुझे चोदाआपने पढ़ी और पसंद की, इसके लिए धन्यवाद.

उसका लोअर बिल्कुल स्किन फिट था, जो उसके फिगर को छिपा नहीं पा रहा था. उसने अपनी जीभ को बड़े ही कामुक और अश्लील अंदाज में अपने होंठों पर फेरा और एक हाथ से अपनी चुत पर फेरा तथा दूसरे हाथ की उंगली के इशारे से मुझे अपनी तरफ पर बुलाया. मैडम को डबल मजा आने लगा और कुछ ही देर में मैडम एकदम से अकड़कर बोलीं- आह मयूर मेरी जान.

मगर मुझे याद आया कि मैं वो सफ़ेद झाग साफ करना भूल गया, कहीं आंटी ने देख लिया तो और घर पर बोल दिया तो खूब बेइज्जती होगी, मगर क्या करूँ… मुझे समझ नहीं आ रहा था. मेरे दिमाग में खुशबू के लिए अभी तक कुछ गलत सोच नहीं था लेकिन अब उसके बारे में सोचकर मुझे भी कुछ कुछ होने लगा था.

मैं भी उसके गांड में लंड डाल कर उसके ऊपर चढ़ा रहा और धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करता रहा. वो मैसेज ऐसा था- अगर ये वीडियो अच्छी लगी हो तो मुझे थंब भेजो… और अगर गुस्सा आ रहा हो और मुझे मारना चाहती हो तो… स्माइली बनी थी. कहानी तो मैं भी समझ चुका था, लिहाजा अपनी नीना की जुबानी सुनने को बेताब हो रहा था.

अब मैंने चैन की सांस ली कि चलो अब एक दो दिन के बाद काम चालू हो जाएगा और पैसे की कमी में थोड़ी तो राहत तो मिलेगी, पर मेरे अंदाजा गलत निकला.

हा… हाँ, यहीं यहीं… और करो… यस! जोर से करो… यहीं हाँ यहीं… ओ गॉड!… आह हाय सी… ई. 5 फुट 4 इंच का भारतीय स्त्रियों का एवरेज क़द, सांवला रंग, बढ़िया नैन नक़्शे और मर्दों की क़ातिल फिगर. इसका असर यह हुआ कि मेरे मम्मों की घुन्डियां अकड़ गईं और चूत भी पानी छोड़ने लग गई.

मैंने ऊपर आसमान में देखा और ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया कि आज ऐसी मस्त चुत मारने को मिलेगी. ”चाटो इसे इस्स… पेंटी निकाल कर मुझे नंगी कर लो न…”उसने पेंटी खींच कर मेरी चुत खोल दी.

इस पर आंटी बोली- बस इतनी सी बात? तुम मेरा एक काम करोगे तो तुम्हें इससे भी ज्यादा पैसे मिलेंगे. अगर हमने आपके लिए महिला ग्राहक भेजा तो ही आपकी कमाई से हम थोड़ा सा कमीशन लेंगे, वर्ना हम एक पैसा भी नहीं लेंगे. आप अपना यह लंड मेरी चूत में घुसा दीजिए, फिर इस पर कूद कूद कर खुद भी मज़े लो और मुझे भी दो.

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जब आशीष चुदाई करता था तो चंदर मेरे मम्मों को घुमा घुमा कर दबाता था और अपनी तरफ खींचता था, जिससे उन पर बहुत दबाव पड़ता था.

मैंने कहा- क्या मतलब?दीदी ने कहा- पहले वादा करो किसी को नहीं बोलोगे. पूजा मुझे काटते हुए गाली देते हुए कहा- मादरचोद, अपने लंड से मेरी चूत फाड़ दे… अब समझ गया भोसड़ी के कि और कुछ समझना है. फिर मैं उसके बूब्स पर हाथ से मसलने लगा और उसकी उफनती जवानी को और तड़पा रहा था.

भाभी ने देर ना करते हुए तुरंत मेरा लंड अपने मुँह में लेके कुल्फी की तरह चूसने लगीं. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:विलेज के मुखिया का बेटा और शहरी छोरी-2. स्कूल में सेक्सी फिल्ममैंने अपनी दोस्त रिमझिम को कॉल किया और रोज 2-2 घण्टे मैथ पढ़ाने को बोला, वो मान गई और बोली कि फिर तुम्हें डेली दोपहर में आना पड़ेगा क्योंकि उस टाइम मैं आराम करती हूँ.

मैंने भी सोचा कि किसी और दिन लंड चुसवा लूंगा, आज तो मुझे बस उसकी चूत फाड़नी थी. लेकिन अब मेरे लिए उसका लंड चूसना मुश्किल होता जा रहा था क्योंकि उसका लंड अब खड़ा हो गया था.

थोड़ी देर बाद उनको को लगा कि मैं सो गई हूँ तो वे दोनों आपस में मस्ती करने लगे. उसका तो बम्बू लंड कमान के तीर की तरह तन चुका था और झटके मार रहा था क्योंकि उसने काफ़ी महीनों से चुदाई नहीं की थी. यह बात 2 साल पहले की है जब मैं एक इवेंट कंपनी में मार्केटिंग की जॉब करता था जो साउथ दिल्ली में है.

जब अन्दर जा कर देखा तो कोई 70 साल का बुड्डा सोफे पर बैठा था और उसके पास एक बीस बाइस साल का लड़का खड़ा था. मैंने झुक कर प्रिया के होंठों पर एक चुम्बन लिया, फिर धीरे से एक एक चुम्बन दोनों कपोलों पर लिया… एक ठोड़ी पर, एक गर्दन के बीच में ज़रा बायीं और दूसरा ज़रा दायीं ओर…प्रिया की गहरी साँसों में अब आनन्दमयी सीत्कारें निकलने लगी थी. वो मेरे चूचों पर कोई रहम नहीं करने वाला था क्योंकि वो मेरे चुचों के अंगूरों के कवर्स को खींच खींच कर ऊपर लेकर छोड़ता था, इससे मुझे बहुत दर्द होता था.

एक दिन मैंने उसे अपनी प्रॉब्लम बताई तो पहले तो वह हँसा और कहने लगा कि मेरे पास तेरे लिए काम है.

मैं जानती हूँ कि जब जवान लड़का और लड़की साथ हों तो उनका दिल क्या करने को करता है. और आज मेरा इंतजार ख़त्म होता दिख रहा था और मेरे मन में भी अब उसको चोदने के सपने आने लगे थे.

तब उस लड़की ने कहा कि किधर ले के जा रहे हो?तो मैंने कहा कि तुम लोग चुपचाप रहना. हम चारों ने पहले ड्रिंक्स ली, फिर कुछ हल्का खाना खाकर डांस करने लगे. दोस्तो, मेरी इस हिंदी सेक्स स्टोरी में मजा आ रहा है ना? तो मुझे ईमेल जरूर कीजिएगा.

जब अन्दर जा कर देखा तो कोई 70 साल का बुड्डा सोफे पर बैठा था और उसके पास एक बीस बाइस साल का लड़का खड़ा था. मैंने भी देर नहीं की और अपने पूरे कपड़े खोल कर अपने लंड को चाची की चूत में घुसा दिया. मुझे लगा कि ये इतना थकने बाद वो सो जाएगा, लेकिन वो तो मेरे ऊपर इतना फिदा था कि एक मिनट के लिए भी मुझे अपने दूर नहीं करना चाहता था.

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जैसे ही अंदर घुसा, समीर ने मुझे पीछे से दबोच लिया और मेरे गर्दन पर किस करने लगा. सो दोस्तों इस तरह की कमाई के चक्कर में न रहें कि चुत भी चुदाई के लिए मिल जाएगी और रकम भी मिलने लगेगी. उसने अपना कौमार्य मुझे समर्पित कर दिया था, इस बात से मुझे बड़ी प्रसन्नता थी.

जब अन्दर जा कर देखा तो कोई 70 साल का बुड्डा सोफे पर बैठा था और उसके पास एक बीस बाइस साल का लड़का खड़ा था. मैंने झट से उसे बाँहों में उठाया और बेड पर पटक कर, उसकी टांगें चौड़ी करके एक ही झटके में पूरा लण्ड चूत में ठोक दिया. अमेरिका सेक्सी मराठीवहां काफी देर इधर उधर की बात करने के बाद उस ने बताया कि मैं आज भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, पर अब इस रिश्ते को आगे नहीं चला सकती.

’उसका मैसेज देखकर मुझे थोड़ा अच्छा जरूर लगा, फिर सोचा झूठी फ़िक्र दिखा रहा है.

ऐसा करते हम दोनों 69 के पोजीशन में आ गये। हम दोनों एक दूसरे के मुख में झड़ चुके थे, फिर मैं उठ सीधा हुआ और अपना लंड भाभी की चूत रख दिया. मैं बार बार उसे देखता था, वो मेरे सामने ही बैठा था, 5-6 खाना छोड़ कर.

उसके कूल्हे भी बिल्कुल मस्त थे, कहीं भी कोई भी दाग या निशान नहीं था. यहां मैं यह बता देना चाहता हूँ कि कुंवारे जीवन से ही काफ़ी सारे सेक्स आर्टिकल्स,बॉलीवुड फंतासी स्टोरीजपढ़ते पढ़ते मेरे मन में कई तरह की फंतासियां घर कर गई हैं, जिसे मैं पूरा करना चाहता हूँ. यह कहानी मेरे और एक अंजान भाभी रूपाली के बीच में हुई उस घटना की है, जिसमें मैंने भाभी को चोदा.

मेरी देसी कहानीविलेज के मुखिया का बेटा और शहरी छोरी-1के पहले भाग में आपने पढ़ा कि मैं अपनी सहेली के साथ उसके गाँव गयी थी.

सुबह 10 बजे नींद खुली, नहा कर दोपहर भाभी के घर पंहुचा, भाभी टीवी देख रही थी, गुड़िया सो रही थी. उसने अपने दोनों हाथों से बैड की चादर को भींच लिया और कमर को ऊपर करके चुत मेरे मुँह से सटा कर बोलने लगी- आह और मत तड़पाओ… चोद दो मुझे…मैं उसकी चूत चाटे जा रहा था. एक बन्दे ने मुझे एक नए प्रकार के एजेंसी घोटाले के बारे में बताया है.

पुणे बुधवार पेठ सेक्सी पिक्चरअनुज ने ये सब देख लिया था तो वो मुझे आंख मार कर योंग का साथ देने का इशारा कर रहा था।मैंने भी आंख मार कर अपनी सहमति व्यक्त कर दी और योंग का साथ देने लगी।यह मेरे लिए पहला मौका था जब मैं किसी चाइनीज़ पुरुष के साथ ये सब करने वाली थी। बहुत देर तक वो मेरी जांघ सहलाता रहा, फिर उसने अचानक सबके सामने मेरे बूब्स पकड़ लिए. अशोक बोला- माय डार्लिंग तू अब मुझसे पूरा महीना चुदेगी और कोई नहीं चोदेगा तुमको.

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फिर क्या था धीरे धीरे हमारी दोस्ती वाली बातचीत प्यार और सेक्स की चैट में बदलने लग गयी, क्यूंकि जिसको एक बार लंड का चस्का लग जाए वो फिर ज़्यादा दिन तक लंड लिए बिना नहीं रह सकती. मैंने मस्त होकर उछलते हुए कहा- रेखा रानी… यार तेरी चूत का जूस नहीं है, मलाई है… क्रीम है… रुक ज़रा चख के देखता हूँ. मैंने सोचा कि कहीं आंटी वो झाग वाली बात न मालूम हो और मुझे रात को उसी बात को लेकर डांटेगी तो नहीं.

तो वो बोला- भाई, मेरे अंदर कोई बीमारी नहीं है, विश्वास कर!मैं बोला- नहीं, विश्वास की बात नहीं है. मैंने देखा कि मेरी बहन बिस्तर पर नहीं थी और कमरे से कुछ आवाजें आ रही थीं. फिर वो मेरे पास आया और मेरा घूँघट उठा कर उसने मुझे मेरे होंठों पर एक जोरदार चुम्मी की और इसी तरह वो मुझे चूमते चूमते वो मेरे मम्मों को सहलाने लगा और हल्के से दबाने लगा.

उस समय तो मैं मम्मी जी के द्वारा मंगवाया गया सामान लेकर घर पहुंच गया, पर रात भर मैं सो नहीं पाया क्योंकि भाभी के बाहर को उबलते मम्मे बार बार मेरी आँखों के सामने आ रहे थे. पिंकी तुमने पेंटी क्यों नहीं पहनी है?”सर आपने कल बाल काटे थे न, इसलिए पेंटी पहनने से चूत के ऊपर खुजली हो रही है. अब मौसी ने मुझे ऊपर खींच लिया तो मैंने मौसी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

मैंने सोचा थोड़ा… फिर बोली- ठीक है, उसके बाद तो मुझे जाने दोगे?मकान मालिक बोले- बिल्कुल चली जाना!मैंने कहा- ठीक है तो फिर!अब मकान मालिक मेरे सामने आए और सीधे मेरी स्कर्ट को पकड़ा ऊपर उठाया फिर ना जाने क्या उनके दिमाग में आया सीधे खींच कर नीचे उतार दिया, मैं उनके सामने ऊपर टॉप में जो मेरी नाभि के नीचे तक थी, नीचे सिर्फ पैंटी में मुझे खुद शर्म आने लगी. फिर मोहन कपड़े पहन कर काम पे निकल गया और मैं भी कपड़े पहन कर घर चली गई.

मैं भी नमस्ते दीदी कह कर ड्रायिंगरूम में आ गयी।मिसेज राय साहब कहने लगी- गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के साथ मायके चली गयी थी, कल ही लौटी हूँ.

देखते ही देखते जून का महीना आ गया, मैंने राज को सारी बात बता दी क्योंकि छुट्टियां पड़ी थी, बच्चे नाना नानी के यहां चले गये थे तो हम दोनों ने सोचा क्यों न ऋषिकेष घूम कर आया जाए! आगे क्या हुआ अगली कहानी मेंदोस्तो, यह कहानी थी जयपुर के एक कपल की जो अपने संजू के ही शब्दों से सुनी. असमिया भाषासाक्षी दर्द के मारे बेहोश सी होने लगी, उसकी आँखों में आँसू आ गए थे और बस वो अपने आप को मुझसे छुड़ाने की नाकाम कोशिश कर रही थी. हिंदी चोदा चोदी सेक्सी फिल्ममैंने धीरे धीरे पैंटी को भी उतार दिया और पैंटी के उतरते ही मैंने अपना पूरा मुँह सोनिया की चूत पर रख दिया. कामिनी एकदम से बोली- तुम भी न बुरा क्यों मान गए?वो बोला- हां मान गया और जब तक तुम इस चूतिये को मुँह पर नहीं बोलोगी कि ये तुम्हारे साथ सोने लायक नहीं है, मैं तब तक नहीं रुकूंगा.

मैंने कहा- तो फिर अपनी चूत क्यों सहला रही हो?वो बोली- इसमें दर्द हो रहा है इसलिए.

मेरा फ्रेंड अवंतिका को लेकर गार्डन में एक कोना देख कर चूमाचाटी करने लगा और मुझे रीटा से मिलवा कर उसके साथ घूमने के लिए भेज दिया था. मुझे ऐसा लगा जैसे उनके हाथ के नीचे मेरा हाथ है और मेरा हाथ उनके गांड और बुर में चल रहा है. उसकी जो उंगली मेरी गांड को सहला रही थी, वह एकदम से मेरी गांड में घुसा दी.

हाथों में ट्रे लिए दो युवक हमारी दिशा में आ रहे थे, मैंने काले रंग की कॉस्टयूम और लाल रंग की टाई लगा रखी थी. मैंने सेक्टरी को उठाया तो देखा उसकी चूत बहुत छोटी सी थी, और उसकी चूत से हल्का सा खून भी निकल रहा था. उसने मेरा लंड पकड़ कर बोला- ओहो इतना बड़ा… इसे लेने में तो मजा आ जाएगा.

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एरिक पीछे से लग गया और उसके छोटे, परन्तु अब तक भोसड़ा बन चुके छेद को चोदने लगा. मैंने उनसे पूछा कि कंडोम किधर है?तो उन्होंने आँखें बंद किए हुए ही उंगली उठाते हुए अलमारी की तरफ इशारा कर दिया. लेकिन उसके हाथ खेतों में काम करने वाले काफी मजबूत और कड़क थे जिनसे मेरी गान्ड का हाल ठीक वैसा हो रहा था जैसा कि चूसने वाले आम का चूसने से पहले हो जाता है.

या फिर रेशमा को बड़ी उम्र के तजुर्बेकार मर्द पसंद हैं जो चुदाई में हर काम बड़े सलीके से करते हैं, बड़े प्यार से मजा लेकर और मजा देकर चुत चुदाई करते हैं.

उस दिन मैंने एक काली रंग की छोटी ड्रेस पहन रखी थी, जो मेरी जांघों तक ही आती थी और उसे कमर पे लगी हुई चैन से खोला जा सकता था.

उसने अपनी गांड उठा कर लंड को झटका दिया तो मैं जोर जोर से धक्के पर धक्का मारने लगा. दस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई में मैं थोड़ा थक सा गया था तो मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा. हॉट हिंदी मूवी सेक्सीतब मैं बोली- अभी भी कोई बाकी है क्या?इस तरह से मैं चुद चुदा कर वापिस आ गई.

मैं बाहर आ गया क्योंकि अगर मैं ज्यादा देर तक वहाँ रुकता तो मेरी पैन्ट गीली हो जाती. जब सामने बैठ कर टांगों को ज़रा सा भी ऊपर करती थी तो चूत पूरी नज़र आती थी क्योंकि स्कर्ट के नीचे भी कुछ नहीं था. कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा और मुझे अब बेसब्री से सोनल के आने का इंतजार था और मैं अब हर रोज रात को सपने देखने लगा था कि मैं कैसे उसको भोगूँगा और उसकी सारी इच्छा को पूरी कर दूंगा.

बिंदु के साथ चंदर ने क्या गुल खिलाया, उसकी कहानी बिंदु की ज़ुबानी ही सुनिए. इस बीच जैसे ही डॉक्टर की नज़र नीना की चूत पर गयी तो वह एकदम से उछल पड़ा.

इसी छीना झपटी में गलती से मेरे हाथ से उनका एक चूचा दब गया, उनके मुँह से एक आह्ह्ह…” निकल गई.

अभी तक मैंने उनका चेहरा नहीं देखा था, बस आवाज़ से लगता था कि कोई आदमी है. मैं कुछ देर तो शांत रहा, फिर मैंने अपनी जिप खोल कर लंड बाहर निकाल दिया. दुःख की बात है, लेकिन रूसी सीखने के लिए तो कम सुन्दर भी चल जाएगी…” मेरी पत्नी ने थोड़ा हिचक कर कहा.

सेक्सी लंड की चुदाई दिखाओ दीदी ने कहा- अरे डिस्को शहर में है और यहां से 40 किमी दूर है, मैं जाऊँगी किस के साथ?मैंने कहा- दीदी आप तैयार हो जाओ, मैं ले चलता हूं और शाम तक लौट आएंगे. मैं जब भी अनामिका और रमन से उसकी तारीफ सुनता था तब मेरी सोच सब से पहले उसकी गांड पर ही जाती थी और मैं हमेशा से उसकी गांड को चोदना चाहता था.

मैं तो उन्हें देखता रह गया, क्या लग रही थी यार… एकदम कयामत लग रही थी. मैं एक दिन मुंबई से अहमदाबाद स्लीपिंग क्लास की बस से सफ़र कर रहा था. लौड़ा हरामी पूरे ज़ोरों से तन्नाया हुआ था, काफी देर से पैंट की क़ैद में फंसकर अकड़ा हुआ था और काफी परेशान था.

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नहीं तो शिमला में एक बार फिर से तुम्हारे साथ गिरती हुई बर्फ के बीच चुदने मजा कहाँ छोड़ने वाली थी।हम दोनों एक साथ वाशरूम में जाकर फ्रेश हुए और मैंने उसके स्तन और बुर को खूब चूसा, फिर पहले गांड की बीस मिनट तक… फिर बुर की लम्बी चुदाई की. मुझे ग्रीन सिग्नल मिल चुका था, मैं बिना उसकी माँ का ख्याल किए नीचे उतरा, पर उसकी माँ अपनी सीट पर बैठी मुझे घूरती रही. मैंने चंदर से कहा- बाकी की बातें छोड़ो… आज मेरी चुत भी उसी तरह से कर दो, जैसे तुमने कल बिंदु की थी ताकि मुझे भी पता लगे कि जब चुत पकौड़ा बन जाती है तो कैसा फील होता है.

आआहह… दर्द हो रहा है… स्सस्सस्स आआह… इस्सस्स… रुको जानू… अब तुम लेटो, मैं ऊपर आती हूँ… आआह… इस्स्स…”मैं उसके लंड पर कूदने लगी और किस करने लगी. वो अभी नहा कर ही बाहर निकली थीं, उनके बाल भी गीले थे… उस वजह से ऊपर से उनका सूट भी गीला हो चुका था.

मेरा दोस्त आया और उसने मुझे आँख मार कर कहा- जा दोस्त, अब तेरा नम्बर.

तभी…अरे! कहाँ मुँह उठाये चले आ रहे हो? तुम्हें दिखता नहीं कि यह लड़कियों का कमरा है. हालांकि मुझे उसके लंड दिखाने की बात से समझ आ गया था कि ये पक्का मुझे चोदने की फिराक में है. मैंने कहा- उठो नहा लो, खाना खा लो चार बजे दोनों आ जाएंगी, हमें शाम को बाहर चलना है.

तब मैंने भाभी को ध्यान से देखा, लगभग 26 से 28 साल की उम्र की, गोरी जिसने क्रीम कलर के फ्लावर वाला सूट पहन रखा था. फिर हमने थोड़ी इधर उधर की बातें की और तभी उसने सीधे मुझसे कह दिया- क्या तुम मेरे घर पे आ सकते हो. विशाल ने दोनों बेड को जोड़ दिया और कहा- हमें इसी में एडजस्ट करके सोना होगा.

जैसे ही मेरे होंठों ने प्रिया की बगल की नरम-नाज़ुक त्वचा को छुआ, तत्काल प्रिया के मुंह से लम्बी सी सिसकारी निकल गयी और प्रिया का दायाँ हाथ बनियान के अंदर से मेरी पीठ पर जोर जोर से ऊपर-नीचे फिरने लगा.

चूत चुदाई बीएफ सेक्सी: उसने कहा- रोड के पास हमारे खेत हैं, वह पर मिलूँगी!फिर मैं बस में से वही रोड पे उतर कर उस से मिलने चला गया, मैं उससे बात करते करते खेतों में पहुँच गया. तो सुबह कुछ खाकर नहीं आता था, उसे यह बात पता लगी तो वो मेरे लिए भी खाना लाने लगी।एक दिन बातों ही बातों मैं उससे उसके ब्वॉयफ्रेंड के बारे में पूछा.

अब मैं मन ही मन सोचने लगी कि इनको कैसे मेरे अंदर मन की बात पता हो गई?यह बात बिल्कुल सच है कि जब जीजा मुझे ड्रेस दिलाने के लिए घर आ रहे थे, जीजा के साथ आने के लिए मैं जब तैयार होने के लिए नहाने गई तो मेरा ध्यान गया कि नीचे मेरे में कुछ बाल हैं चूत में. मॉम अपना मुँह लंड के करीब ले गईं और उसी अवस्था में नवीन के मुरझाये हुए लंड को जीभ निकाल निकल कर चाटने लगीं. ऐसा कहते ही उसने उसे गले से लगा लिया और कहा कि तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो.

तभी मेरे पेंटी के ऊपर से ही जहां मेरी चूत थी, वहां चूम लिया और बोले- क्या मस्त खुशबू है तेरी चूत की, बहुत गजब की आइटम है तू!और पेंटी के ऊपर से ही जहां मेरी चूत है उस फूली हुई जगह पर अपनी नाक रगड़ने लगे.

मेरी लाडो को बाद में छेड़ने के मकसद से उसने मुझे अचानक ही पीछे की ओर धकका दे दिया. उसकी एक एक अदा, चलने फिरने का ढंग, उठने बैठने का अंदाज़ सब कामुकता कि वर्षा करता हुआ लगता था. अब मौसी केवल पेटीकोट और ब्लाउज में थी हम दोनों अब लेटे हुए एक दूसरे के अधनंगे और गर्म बदन को महसूस कर रहे थे… जबकि रजाई से बाहर ठण्ड गजब की थी.