बीएफ बड़े लंड वाला

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मेरी सारी निजी बातें उनको पता थीं और मुझे उनकी सारी बातें मालूम थीं. हिंदी बीएफ भाभी सेक्सफिर उसने कहा- राजा, क्या बस तुम ही मजे लोगे… पिछले तीन साल से मैं तुम्हारी इस चीज को अपने अन्दर लेने की सोच रही हूँ.

ऐसा तीन चार बार करने से ही उनका पानी निकल गया और वह झड़ गईं, पर मेरा पानी निकलना जरूरी था. सेक्सी बीएफ साउथ वालीवो भी कमर उठा उठा कर साथ दे रही थी कि मेरे लंड से पिचकारी की धार से माल निकल गया, उसकी चुत माल से भर गई.

नताशा के मुंह से हलकी सी कराह निकली, क्योंकि कंस्ट्रक्शन” थोड़ा और अन्दर घुस चुका था!आआआह… घुस गए दोनों! आआआआ…” नताशा चिल्लाई.बीएफ बड़े लंड वाला: [emailprotected]कहानी का अगला भाग :चुदाई की कहानी जादूगरनी आंटी की-2.

मेरे नुकीली नुकीली चूचियां देखकर साहब पागल हो गए और ऊपर से उसे हाथ से दबाने लगे… मसलने लगे.उसे चूसना नहीं आ रहा था लेकिन जैसे कैसे उसने चूसा और थोड़ी देर के बाद मैं उसके मुँह में झड़ गया तो उसने उल्टी कर दी.

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मेरी पिछली सेक्स से भरी कहानीपड़ोस की सेक्स की भूखी भाभी की नंगी चूतआप सभी ने पढ़ी और आप सभी पाठकों का बहुत अच्छा रेस्पॉन्स भी मिला.मुझे कल दिन भर चुदाई होने की वजह से बहुत हल्का हल्का महसूस हो रहा था.

मेरा माल जैसे ही गिरा, उसने लंड को फिर से मुँह में भर लिया और चूस चूस कर साफ कर दिया. बीएफ बड़े लंड वाला आज तूने अपनी बहन को खुश कर दिया, आज मुझे मेरा राखी का गिफ्ट मिल गया, मैं खुश हो गई.

मेरे यूं उसके फोटो शूट करने से बहूरानी मुझे कभी गुस्से से देखती हुई मना करती.

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तब मैंने कुछ शरारत करने का सोच कर उससे कहा- यार अंजलि, चल कुछ खेल खेलते हैं!तो वह हंसने लगी, बोली- क्या खेल खेलते हैं? अब हम बच्चे थोड़े ना रह गये है जो खेल खेलेंगे?मैंने कहा- यार हम जब छोटे थे तो कैसे कैसे खेल खेलते थे एक साथ, तुम्हें याद नहीं है क्या? जब मैं यहां आता था या तू हमारे घर आया करती थी, तब हम खूब खेला करते थे. वीरवार रात को निकलना था, शुक्रवार सारा दिन चढ़ाई कर के दर्शन करने थे, शुक्रवार रात वहाँ से वापसी कर के शनिवार सवेरे वापिस घर पहुँच जाना था. यदि मैं वहां जाता तो वो मेरे लिए टाइम नहीं निकाल सकती थी क्योंकि ये उसके लिए एक समस्या जैसी था.

लेकिन छोटी मुझे देख कर घबरा गई, फिर उसकी माँ ने बहुत समझाया- हम दोनों तुम्हारी मालिश करेंगे तुम्हें अच्छा लगेगा. इस बार अलका ने मेरे कान खींचते हुए कहा- वैसे किसी लगी सोलहवीं रानी?”मैंने जवाब में ज़ोरों से चूचे निचोड़ते हुए कहा- मदमस्त… बेहद चुदासी बदचलन रांड… तू तो मेरी जान है अलका रानी… अब से असलियत में तू अलका रानी हो गई. रात का खाना खाने के बाद दोस्त ने हमें गाड़ी से होटल छोड़ा जो करीब 2 किलोमीटर दूर था.

उसके जाने के कुछ देर बाद जब मैं बेड से खड़ी होने लगी, तो मेरी टाँगें कांपने लगीं. मैंने स्पीड बढ़ा दी, करीब 20-25 धक्कों के बाद वो चीख कर झड़ने लगीं और कुछ मुझे भी लगा कि मैं भी जाने वाला हूँ, तो मैंने उनको पलट कर बैठा दिया और उनके मुँह में लंड पेल दिया कर जोर जोर से सजा भाभी का मुँह चोदने लगा. ”अच्छा तुमको मेरी क्या चीज सबसे सेक्सी लगी? अब ये मत कहना आपकी आँखें बहुत प्यारी हैं… सब सच सच बताओ.

तो मैं 69 की पोजीशन में हो गया, मतलब मिंकी के मुँह में अपना लंड डाल दिया और मैं मिंकी की चूत चाटने लगा तो कुछ समय बाद ही मिंकी कहने लगी- साहब, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है इसलिये अपना लंड मेरी चूत में डाल दो!तो मैंने भी देर करना मुनासिब नहीं समझा और झट से मिंकी के मुँह से अपना लंड निकल लिया और उसकी चूत पर अपना लंड घिसने लगा. मैं उसकी बॉडी पे हल्के हल्के हाथ फेरने लगा और वो मेरे बाल सहला रही थी और मुझे सर पे गाल पे किस कर रही थी.

मैं आप से तुम पर आ गया- तुम्हें औऱ तुम्हारे दिलकश हुस्न का दीदार कर रहा हूं.

लंड के घुसते ही उसकी सिसकारियां और भी बढ़ने लगीं- उह्ह्ह्ह… झ्हह्ह… ईह्ह्ह्हह्ह… अह्ह्ह्ह…मैंने पांच मिनट तक वैसे ही स्ट्रोक देते देते हुए उसी की चुत में अपना माल छोड़ दिया… साथ ही उसका स्खलन भी हो गया था.

मुझे और जोश चढ़ा और मैं उसकी पूरी बुर को एक तरह से खाने लगा और पागलों की तरह उसकी बुर की सारी गंदगी को भी चाट गया. उसके चूचे गोल नहीं थे, पर बहुत लंबे और नुकीले थे, एकदम तोतापरी आम के जैसे थे. पता नहीं चला।ठीक 5 बजे मधु का फोन आया तो मेरी आँखें खुली।वो बोली- कहाँ हो भईया?फरीदाबाद में ही हूँ।”ठीक है जल्दी आना.

अचानक ही प्रिया जैसे होश में आयी और मेरी सख्त पकड़ से खुद को छुड़ा कर प्रिया ने मुझे ठीक अपने ऊपर, अपने आगोश में ले लिया और मेरे सर के बालों में अपनी उंगलियाँ फेरने लगी. उसका लंड कोई ज़्यादा बड़ा लंड नहीं था, बस छह इंच लंबा और दो इंच मोटा था. मैं- पर तूने तो चुदने से मना कर दिया था ना?रीमा- मना नहीं किया था, बाद में चुदने को बोला था.

रात में तकरीबन 11 बजे मेम ने कॉल किया और पूछा- ले आए?मैंने कहा- हां मेम.

अब क्या करूँ?मैंने कहा- शायद मैं वो रूम पे ही भूल आया हूँ, तुम मेरे साथ मेरे रूम में चलो, तुम्हें दे दूँगा. आंटी बोलीं- विकी तू ये सब भी कर लेता है?मैंने कहा- हां आप नहीं करतीं क्या?वो बोलीं- मैंने कभी नहीं किया. अब दीदी हल्की हल्की आह आह की आवाज़ के साथ अपनी उंगलियों से अपनी चुत को चोदे जा रही थीं.

मैंने अपना लंड उनकी मुँह की तरफ कर दिया तो उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं. अब तक वो भी चुदासी हो चुकी थीं उन्होंने मेरी आँखों में आँख डाल कर देखा और कमर उठा दी. हमने एक दूसरे का मूत पीने का नेट पर पढ़ा था कि मूत पीने से कोई बीमारी या खतरा तो नहीं था.

मैंने लंड घुसेड़ा तो भाभी एकदम से चिहुंक उठीं लेकिन उनकी चुत मेरे लंड की सहेली थी तो अपने यार को उनकी चुत ने जज्ब कर लिया और भाभी मेरा साथ देने लगीं.

वो मेरे इस अचानक हुए अटॅक को समझ न पाई और मुझसे कहने लगी- प्लीज़ लीव मी. वो मुझको देख कर बोली- क्या ढूंढ रहे हो?मैंने कहा- कुछ नहीं!वो बोली- बोलते क्यों नहीं?मैं फट पड़ा- जो तुम सब कर रही हो न… अच्छा नहीं है!वो बोली- क्या कर रही हूँ?मैंने कहा- सब जानता हूँ!वो बोली- क्या जानते हो?हमारी बहुत देर तक लड़ाई झगड़ा होता रहा, कुछ दिनों कामिनी टाइम पर घर आने लगी और वो उस गाड़ी में भी नहीं बैठती थी.

बीएफ बड़े लंड वाला वो थोड़ी ही देर में ज़ोर ज़ोर से उम्म्म आअह्ह आअह्ह्ह की आवाजें निकलने लगी. फिर मैंने उनकी सलवार में हाथ डाल दिया तो आंटी कहने लगीं- अभी नहीं विकी.

बीएफ बड़े लंड वाला मैंने फिर अपने आपको प्रेशर डाल कर उसके मुँह में ही अपना माल झड़ाने लगा. मेरे ऊपर तो वैसे ही कामुकता चढ़ी हुई थी, मैं तो अपनी बहन को पूरी नंगी करना चाह रहा था.

फिर ऐसे ही कुछ महीने बीत गए, महीने क्या पूरी गर्मी का मौसम निकल गया और फिर सर्दियाँ शुरू हो गईं.

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मुझे राखी बांधने के लिए मेरी दूसरी बहन नेहा अपनी ससुराल से हमारे यहाँ रक्षाबंधन के एक दिन पहले ही आ गई थी. उसकी बात सुनकर मेरा लंड फनफना गया कि लौंडिया खुद चुदने के लिए कह रही और मैं उसको न चोदूँ, ये तो सरासर बेइंसाफी है. इस जोरदार ओरल सेक्स से तो वो पागल सी हो गई और दो मिनट में ही मेरी चूत चूसाई से वो झड़ गईं.

अब मैंने अपने शिकार पर ध्यान दिया… उसकी उम्र लगभग 25 साल होगी, रंग थोड़ा साँवला… देखने में किसी गाँव का लग रहा था, सफ़ेद रंग की शर्ट जिस पर हल्की धारियाँ थी और हल्की ढीली सिली हुई शर्ट जिसकी आस्तीनें ऊपर चढ़ी जिससे हाथों के मर्दाना बाल दिखाई दे रहे थे. मैं भी देखती रहती थी कि तू मुझे देख कर बस अपना लंड सहला कर रह जाता था. उफ्फ… मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था तो मैंने सोचा क्यों न एक बार चाची को भी चोद भी लिया जाए.

मैं माँ की चुत के ऊपर अपने लंड को घिस रहा था और वे आँखें बंद करने लगातार सीत्कारें ले रही थीं.

एक बार फिर से आजमायश की घड़ी आ रही थी लेकिन मुझे खुद पर, अपने कौशल पर, अपने प्यार पर और सब से बढ़ कर अपनी जान प्रिया पर भरोसा था कि सब ठीक हो जाएगा. उसने मुझे बहुत ही धीरे से किस करना शुरू किया, जैसे मुझे सिखा रही हो. जैसे ही उसने मेरी जीन्स को उतारा, मेरा लंड एकदम खड़ा था तो चड्डी में तम्बू की तरह तन गया.

अब जीजा एक हाथ से मेरी फ्रॉक को ऊपर करके मेरे सीने तक कर दिया, तो पैर से लेकर सीने तक पूरी नंगी हो गई बीच में सिर्फ पैंटी बची बदन में!जीजा एक दम ललचाई आंखों से मुझे देखकर बोले- वन्द्या, क्या मस्त चिकनी माल हो! मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि मैं तुम्हारे ऊपर चढ़ा हूं, दुनिया की सबसे सेक्सी लड़की को चोदूंगा।यह कहते हुए जीजा ने मेरी पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया. हमने एक दूसरे का मूत पीने का नेट पर पढ़ा था कि मूत पीने से कोई बीमारी या खतरा तो नहीं था. अब मैं भी मादक सिसकारियां लेने लगा था- ओह्ह्ह्ह… अह्ह्ह…पूरे समय हम दोनों बस सिसकारियां ही ले रहे थे और कोई भी कुछ भी बोल नहीं रहा था.

नहीं बता सकता दोस्तो… एकदम मुलायम सा बहुत ही कोमल सा अहसास था उसके निप्पलों का. कुछ होगा तो नहीं!हालांकि वो आज अपने कमरे को फूलों से सजा हुआ देख कर बहुत खुश थी और अब उसका मूड एकदम खिला हुआ था.

इसलिये अंजलि की नंगी टाँगें और गोरी जांघें देख कर मेरे दिमाग में उसके साथ कुछ सेक्सी सा करने का मन करने लगा था. मैं अभी भी अपने एक हाथ से उनकी चूची दबा रहा था और एक हाथ से उनकी चूत को सहला रहा था. मुझे भाभी के चेहरे पर खुशी नज़र आ रही थी।उसके कुछ दिन बाद भाभी फिर अपनी ससुराल में आ गई.

हे भगवान्… यह चमत्कार कैसे हुआ? क्या प्रिया ने मेरा दिमाग पढ़ लिया था?लेकिन इस बार अँधेरे की बजाए उजाले में…” मैंने पलट कर कहा.

मैंने धीरे से अपने हाथ उसकी पतली कमर पे रखा और धीरे धीरे फिराने लगा. हम दोनों एक दूसरे की ओर मुँह करके लेट गए और जैसे ही लेटे, उसने एक हाथ मेरी टी-शर्ट में डाला और मेरे मम्मों को दबाने लगा. मैं अक्सर अपनी मॉम के अंगों को टच करके मुठ मार लेता और खुद को शांत कर लेता था.

बात करते करते दीदी ने अपने दोनों हाथों की कोहनियों को किचन काउंटर पर टिका दिया और काउंटर पर थोड़ा झुक गईं. हम सब लोग बिंदु के कमरे में चले गए जिसमें दीवार पर कुछ सेक्सी पिक्चर भी टंगी हुई थीं, जिसमें लड़का और लड़की लंड को चुत में फँसा कर रखे हुए थे.

मैंने पूछा- तुम तो शादीशुदा होकर भी पति से दूर हो, तुम कैसे संभालती जवानी को?तो वह थोड़ा रूककर बोली- जवानी संभालने के लिए नहीं, लुटाने के लिए होती है और मैं मेरे हिसाब से लुटाती हूँ. मैंने धीरे से प्रिया को अपने-आप से अलग किया, प्यार से उसके चेहरे पर अपना हाथ फिराया, बाल पीछे किये, आँखें पौंछी और माथे पर एक चुम्बन लिया. सच में पिंकी जैसी पिंक थी वो, उसके निप्पल एक छोटी सी पिंक कलर की गोल गोल रसभरी जैसे थे.

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मैं और जोश में आ गया और जोर जोर से उनके मम्मों को मींजते हुए चूसने लगा.

जब मेरा हाथ बहन की बुर पर पड़ा तो वो बेड से आधा फीट ऊपर उछल पड़ी और कराहने लगी. पर तभी मुझे ख्याल आया कि मैं भी अपनी साली को चोद सकता हूँ क्योंकि मेरे पास उसकी इस चुदाई का क्सक्सक्स वीडियो भी है. अगर आप जैसे कोई मुझे मिल जाए तो मैं तो सारी रात उसके साथ मस्ती करूँगा.

इस तरह से अगले 2 दिन तक हम दोनों ने चुदाई का भरपूर मजा लिया, फिर मैं घर आ गया. मेरे बच्चा सो चुका था। मेरा भतीजा अभी अपने कमरे में सोने ही जा रहा था. बीएफ फुल एचडी साड़ी वालीमगर दूसरी चालू थी उसका नाम कुसुम था और उसका काम होता था कि इधर उधर से लड़कियों को बहला फुसला कर कहीं भेजना.

जैसे ही उसने दरवाजा खोला, मेरी जानम मेरे सामने थी, मैंने एकदम से उसको धक्का देते हुए दरवाजा बंद करके उसको अपनी बांहों में लिया. प्यार हो रहा था… कोई लड़ाई नहीं जिस में किसी के जीवन-मृत्यु का सवाल हो!आओ न…!” प्रिया कसमसाई और उस ने बिस्तर पर अपनी टाँगे खोल दी.

भाभी की चूत लगातार पानी छोड़ रही थी और मेरा लौड़ा बड़े आराम से अन्दर बाहर आ जा रहा था. वो रुचिका चौधरी पर शक करने लगा क्योंकि उसके बॉयफ्रेंड को भी मेरे और नीति के बारे में ज्यादातर बातों का पता था क़ि हम लोग कैसे रूम पर साथ साथ रहते हैं. मेरे ऊपर तो वैसे ही कामुकता चढ़ी हुई थी, मैं तो अपनी बहन को पूरी नंगी करना चाह रहा था.

बिंदु माँ ने मुझे सेक्स का आदी बना दिया था, जिस कारण अब मुझे बिना लंड लिए चैन ही नहीं पड़ता था. काफी देर बाद सैम अपने सारे कपड़े निकाल कर केवल कैप्री में आया और फिर हमने काफी मजा किया. मैंने भी समझ लिया था कि ये साला सिर्फ दारू का रसिया है इसको लुगाई की चुत से कोई मतलब नहीं है.

भाई और भाभी अपने रूम के बेड पर सो रहे थे और हम दोनों ने नीचे बिस्तर लगाया हुआ था.

मैंने भाभी के एक चुचे को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और दूसरे चुचे को अपने हाथ से दबाना शुरू किया. अब आगे…अब भाभी मेरे ऊपर आ गईं और मेरी छाती पर निकले खून को चाट गईं.

माँ- और फर्स्ट??मैं- माय माँ…माँ- रियली??मैं- यप, क्या कुछ ग़लत है इसमें?माँ- ग़लत नहीं है… अगर वे तुमको बिस्तर में पसंद करती हैं तो इसमें क्या गलत है. आपको मेरी रोमांटिक सेक्स स्टोरी कैसी लग रही है?मुझे सबकी प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा. मैं भी उसको गले लग कर हैप्पी मैरिज एनीवर्सरी कहना चाहा, लेकिन उसका मूड देखा तो बिना गले लगे ही अपनी आँखों प्यार भर के उसको देखा और विश किया.

तुमने जितने पैसे दिए हैं, वो सब एक एक करके पूरी रात में मुझसे वसूल कर लिए हैं. कुछ ही देर में मुझे मजा आने लगा और मैंने भी पूरी तन्मयता से उसका लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. ऐसे हमने बोतल तो निकालीं लेकिन बुआ ने भी नोटिस कर लिया कि मैं तैयार हूँ.

बीएफ बड़े लंड वाला मेरे साथ जो लड़का (राजेश बदला नाम) था, उसने कहा कि ओरियन मॉल में चलते हैं. जब मैं मार्किट जाने को हुआ तो उन्होंने मुझे आवाज लगा कर मेरा नंबर भी ले लिया कि जब मेरा फ़ोन रिचार्ज हो जायेगा तो मैं आपको कॉल करके बता दूंगी.

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आप जल्दी से फ्रेश हो जाओ और टेबल पर खाना रखा है, खा लो और अपनी पढ़ाई करो. इस वक्त उसका बेटा और वो दोनों ही थे, उसका पति उस दिन बाहर गया हुआ था. मैंने जब वो ड्रेस पहनी तो वो ढीली ढीली थी, जिसमें मेरे दोनों कंधे आधे बूब्स ऊपर तक खुले थे और वो ड्रेस पेट तक थी.

और इधर मुझे मेरी आपबीती आपके साथ शेयर करने का मौका मिला है, इसलिए मैं इस साईट का बहुत शुक्रगुजार हूँ. उसके बाद हम वैसे ही पड़े रहे, कुछ देर बाद उठ कर नहाने चले गए और साथ मिलकर नहाने लगे. बीएफ कार्टूनों कीजैसे ही वो दोनों जवान लड़कियाँ नंगी हुई तो मेरी नज़र उन दोनों की चूत पर गई जिस पर बालों का घना जंगल उगा हुआ था तो मैंने रेहाना से पूछा- रेहाना, तुम अपनी चूत के बाल साफ नहीं करती हो?रेहाना बोली- नहीं वीशु जी!मैंने कहा- मुझे बालों वाली चूत अच्छी नहीं लगती, एक काम करो आप दोनों बाथरूम में जाओ और ये लो वीट क्रीम और दोनों अपनी चूत से पहले बाल साफ करो, फिर चुदाई करेंगे ओ.

मैंने उससे कहा- कंचन, हमने अभी अभी जो कुछ भी किया, ये बात किसी को भी मत बताना.

उसका कामरस मुझे बहुत स्वादिष्ट लगा, पर अभी उसे मेरे लंड का मार झेलना था. जहाँ उसकी सास थीं।मैंने उनके पैर छुए और हाल-चाल पूछा।उन्होंने बताया- आज सुबह मैं बाथरूम में फिसल गई.

मैंने उसकी बुर पर अपने मूसल जैसे लंड का गोल सुपारा रखा और एक धक्का मारा. आप यहाँ इतने कपड़े क्यों खरीद रही हैं? लाई नहीं है क्या?मैंने कहा- नहीं. अब मैं काफी नशे में हो गई थी, तो सैम के कंधे पर सर रखकर कहा- अब रूम पर चलो.

जैसे मेरे हाथों के नीचे का हिस्सा पूरा खुला था, हाथों पर ही कुछ दूर तक आ रही थी.

गुड इवनिंग सर, आपकी टिकेट दिखाइए प्लीज!” वो भीतर आते हुए बोलागुड इवनिंग” मैंने भी जवाब दिया और अपने टिकट उसे चेक करा दिए. जहां से मैं निकलती थी, लोगों की पैन्ट फूल जाती थी… और लोग मुझ पर लाइन मारते नहीं थकते थे. सुपारा अंदर गया ही था कि उसकी चीख निकली और जूही की चूत में समा गई। नाज की आंखों में आंसू आ गए, वो अपने दोनों हाथों से मेरी कमर को पकड़ कर मुझे धकेलने लगी लेकिन मैंने एक और करारा झटका दे दिया.

साड़ी वाली बीएफ सेक्सी हिंदीएक रात सोने से पहले मैंने सुधा से इस बारे में पूछा तो उसने हंस कर कहा- अब उसकी शादी होने वाली है तो अपने शरीर को अपने पति का स्वागत करने के लिए तैयार कर रही है. वो मुँह चला चला कर मेरे निपल्स को मुँह में अन्दर तक लेकर चूस रहे थे.

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पूजा बोली- अमित, अगर बदनामी का डर न होता तो तुमको भाभी को चोदने के लिए कभी न कहती. वो एकदम से अकड़ गई लेकिन कुछ ही देर में उसने लंड को अपनी चुत में जज्ब कर लिया. वो गुस्से से पगला गईं और चिल्लाईं- बंद क्यों किया चूसना?मैंने कोई जबाव नहीं दिया तो वो मेरे ऊपर बैठ गईं और मेरे जिस्म को अपने बड़े नाखूनों से नोंचने लगीं.

इसी बीच वो झड़ गई, उसने निढाल से स्वर में बोला- राजेश यार मेरा तो काम हो गया. माँ- तुम्हारी माँ किस तरह की ब्रा-पेंटी पहनना पसंद करती हैं?मैं- उन्हें स्टाइलिश और डिज़ाइनर ब्रा पेंटी पहनना ही पसंद हैं. उसके हाथ मेरे शरीर पर ऐसे घूम रहे थे कि मानो किसी को बहुत दिनों के बाद खाना नसीब हुआ हो.

इसके बाद 10-15 मिनट तक धक्के लगाने के बाद मैं झड़ा, इतनी देर में वो दो बार झड़ चुकी थी. पारुल ने ब्रांडेड और काफी कॉस्टली ब्रा पहनी थी जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी. ये सब इस तरह से करना कि हम दोनों का फेस ना नज़र आए मगर उस हरामी का चेहरा पूरा साफ़ नज़र आना चाहिए.

करीब 5 मिनट तक चुदाई के सीन देखने के बाद उसका हाथ उसकी बुर के ऊपर चला गया. तभी भाभी बोलीं- मुझे वाइल्ड सेक्स और गालियों के साथ मज़ा आता है, पर तुम्हारे भैया सीधा करके सो जाते हैं.

कॉल गर्ल बनने के बाद मैं उसके साथ कई बार एक ही बिस्तर पर अलग अलग लंडों से चुद भी चुकी थी.

यह चपत वहशियाना नहीं था, इसलिए शायद प्रेरणा को भी पसंद आया और उसने लंड चूसने का अपना सारा अनुभव उस पल उड़ेल देना चाहा।पर इतने वाइल्ड फोरप्ले को मेरा लंड और बर्दाश्त ना कर सका, और लावा उगलने को आतुर होने लगा, मेरे शरीर में कंपकंपी और सिहरन होने लगी, मैंने प्रेरणा के बालों को पकड़ कर उसके सर को अपने लंड में जहाँ तक हो सके दबा लिया और पिचकारी उसके मुंह के अंदर मारने लगा. हिंदी एक्स वीडियो बीएफअब अंकल अपना लन्ड जोर से मेरी चूत में घुसाने लगे, मुझे बहुत दर्द होने लगा, मैं बहुत तेजी से चिल्लाने लगी- छोड़ दो मुझे!और रोने भी लगी. बीएफ सेक्सी एक्स एक्स एक्स एक्सऐसा लगा, इतना दर्द हुआ कि मैं बेहोश सी हो गई, मेरे मुंह में बालू का लन्ड घुसा था तो मुंह से आवाज भी नहीं निकली और बालू इतने जोश में था कि बस लंड से मेरे मुंह को चोदे जा रहा था. मैं आपका रूम दिखा देती हूँ। मैंने अपने कमरे के साइड वाले कमरे में ही आपका इन्तजाम किया है।वो जल्दी से खड़ी होकर चल दी। मैं भी उसके पीछे चल दिया। अब मेरा ध्यान सिर्फ उसके चूतड़ों पर था.

कुछ सेकेण्ड के बाद ही एक अजीब से तीव्र अहसास के बाद मेरे लिंग से कुछ निकला जो कि मेरा पहली बार था.

जो उसके चलने से मटक से रहे थे। मेरा दिल कर रहा था कि पकड़कर मसल दूँ। ये सोचते सोचते मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया।वो पहली मन्जिल पर एक कमरे के सामने रुकी और बोली- ये है आपका रूम. जब भाभी चलती हैं, तो मैं चोर नजरों से उनकी गांड को देखता रहता और सबकी नजरें बचा कर अपने लंड को सहला लेता. थोड़ी देर में मैंने देखा कि उसकी चूत में से पानी निकल रहा है और मेरे लंड पर आ रहा है.

फिर मैंने सोचा केवल दबा ही तो रहा था, वैसे भी दीदी को कुछ पता नहीं चला. मैंने हिम्मत करके उसके कॅप्री में अपना हाथ डालना शुरू किया, अब मुझे लगने लगा कि शायद अर्जुन भी जाग चुका है लेकिन वो जानबूझकर सोने का नाटक कर रहा था इसीलिए अब मैं भी बेबाकी से अपनी ख्वाहिशें पूरी करने में लग गया! हाथ अंदर डालते ही मेरा सबसे पहला स्पर्श उसके अंडरवीयर से हुआ. नमस्कार दोस्तो, मैं आपका दोस्त अमन एक नयी कहानी लेकर आपके सामने आया हूँ, उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद आयेगी।मैं मुंबई के ठाणे शहर में रहता हूँ और एम बी ए की पढ़ाई कर रहा हूँ, मैं दिखने में ठीक ठाक हूँ और मेरा लंड 6 इंच लंबा और 2.

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मैं- और दीदी कहाँ हैं?नवीन- छोटी मालकिन तीन महीने के लिए अपने स्कूल की ट्रेनिंग पे गई हैं. आज उसने लाइट पिंक कलर की टी-शर्ट पहनी थी और उसके मम्मे सच में तम्बू जैसे खड़े हुए लग रहे थे. कुछ देर बाद वो वापस आया और उसने कहा कि अन्दर फैमिली वाले हिस्से में कोई फैमिली खाना खा रही है.

इसी बीच मेरी वाइफ ने भी नमकीन लगा दिया और उसने भी मेरे दोस्त को पसंद करके मुझे इशारे से बोल दिया कि ठीक है, चलेगा.

मैं 6 बजे पहुँच जाऊँगा।अब मैं बस 6 बजने का इन्तजार कर रहा था। मुझे एक-एक पल भारी पड़ रहा था। पता नहीं क्यों मधु से मिलने के लिए इतना बेचैन था। मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मैंने बीयर खत्म की और बिस्तर पर लेट गया और कब सो गया.

भाभी बोली- तुम भी पेंट उतार दो!मैंने जल्दी से पैन्ट और चड्डी उतार दी, मेरा 7 इंच का लंड देख कर बोली- मस्त है तुम्हारा हथियार… आज मजा आएगा!फिर हम लोग बेड से नीचे आ गए, कालीन बिछी हुई थी तो कोई प्रॉब्लम नहीं हुई. इस तरह की बातों के बीच उस दिन हम लोगों ने खूब मस्ती की, खूब बातें की. दुल्हन वाली बीएफचाची बोलीं- शरमा क्यों रहे हो? मैंने बचपन में भी तुमको पूरा नंगा देखा है.

सर्बियन अतिथि अपना लंड हाथ में थामे हुए उसके नजदीक पहुंचा, जिसे मेरी पत्नी ने अपना अधिकार समझ कर फ़ौरन अपने हाथों में लेते हुए चूसना शुरू कर दिया. जैसा कि मैंने बताया कि हम काफी समय से अच्छे दोस्त थे और सब तरह की बातें आपस में शेयर करते थे. थोड़ी देर स्टोरी सुनाने के बाद प्रीति बोली- तू सुन रही है न… हैलो हैलो शालिनी कहाँ गई… हैलो… हैलो…उधर शालिनी दीदी कहाँ सुनने वाली थीं… वो तू अपनी चुत चोदने में मस्त हो गई थीं.

हम दोनों पूरी मस्ती में आ गए थे और एक दूसरे के गालों पर लगी क्रीम को चाटते हुए एक दूसरे को प्यार करने लगे. मैंने एक दो बार उनसे बात करनी चाही, तो वे मुंह नीचे करके मुस्कुराहट लिए वहां से उठ कर चली गईं.

मैंने करवट लेने के अंदाज में पलटते हुए अपने हाथ सीधे मां के ऊपर रख दिया तो भौंचक्का रह गया.

चर्रर की आवाज़ के साथ मेरी ज़िप टूट गई और उन्होंने किसी सायको की तरह झटके से खींच कर मेरी पैंट उतार दी. चाची धीरे धीरे गर्म होने लगीं, तो मैंने उनकी गांड से अपना मुँह हटाया और एक ही झटके में अपना पूरा लंड डाल दिया. उस दिन रात को मेरा पति बहुत खुश नज़र आ रहा था और मुझसे सेक्सी बातें करने लगा.

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थोड़ी देर बाद विवेक ने कामिनी को खींच लिया अपनी तरफ और बोला- बहुत तड़पा रखा है!वो बोली- अच्छा… मेरा क्या?और उसने विवेक के सीने पे हाथ फेरने चालू कर दिए. मैंने जानबूझ कर सबसे पहले बलवन्त को टार्गेट करते हुए उन पर रंग उड़ेल दिया, सभी लोग उन्हें रंग से सराबोर करने लगे. लेकिन फिर सोचती कि शायद उसका दिल साफ होगा इसलिए वो मेरे लिए कुछ नहीं सोचता है.

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थोड़ी देर बाद वीडियो खत्म हुआ तो मैंने उससे कहा कि हम भी ये खेल खेल सकते हैं. पर मैं उनको नहीं देख पाती थी।इसलिए जब पापा छुट्टी पर मुंबई से आते तब जब भी मम्मी पापा अंदर होते तो दरवाजे के होल से चुदाई करते देखती थी। मम्मी पापा की चुदाई देख कर मैं खुद को सम्भाल नहीं पाती थी। मैं मम्मी के कमरे में चारपाई के नीचे चुपके से घुस जाया करती थी. मेरी वाइफ ने उसकी और कोई ध्यान ही नहीं दिया और ऐसे ही टांगें खोल कर बैठी रही.

मैं तुरंत ही उसके किशमिशी निप्पलों को जोर जोर से चूसने लगा और किस करने लगा. मैं धीरे धीरे उंगली अन्दर करता गया, आधी उंगली उसकी चुत के अन्दर चली गई थी.

सुहानी अब नहाने जाने लगी तो पूजा ने पूछा- मैं चलूँ?सुहानी ने कहा- तू रुक जा, अमित का टाइम पास कर… जब जरूरत होगी तो बोल दूंगी.

उसके बॉयफ्रेंड ने मुझे भी फोन पर बहुत गालियां दीं क्योंकि वो लड़का शायद सच में रुचिका से सच्चा प्यार करता था. मुझे आज भाभी के साथ लिपटना कुछ अलग ही सुख दे रहा था क्योंकि आज मेरे लंड को मालूम था कि आज बिना कंडोम केभाभी की चुतमें गोता लगाने का मौका मिलने वाला है. मैंने देर न करते हुए उसकी चूचियों के निप्पल पर अपनी जीभ सहलाना शुरू कर दी.

पारुल कार काफी अच्छी ड्राइव कर रही थी, मैंने उससे कहा- पारुल यार तुम भी एक पैग ले लो!तो वो बोली- अभी तुम लो, मैं बाद में लूंगी।अब मैं अंजलि की शर्ट में हाथ डाल कर चुचे ब्रा के ऊपर से दबाने लगा. एक मिनट बाद वो थोड़ी संयत लग रही थी तो थोड़ा सा पीछे हो के मैंने वापस एक झटका मारा. जब मेरे पति आएंगे, उस महीने में हम दोनों सेक्स करके बच्चा पैदा कर ही सकते हैं.

हमने फिर से हाहाकारी चुदाई शुरू कर दी और अबकी बार बहुत देर तक चुदाई का मजा लिया.

बीएफ बड़े लंड वाला: उसने अपने लंड से 20-25 धक्के लगाए होंगे कि अपना लंड मेरे मुँह से खींच लिया. एक बात तो मैं आप लोगों को बताना भूल ही गया, नीति मैडम की एक सहेली जो हॉस्टल में उसकी रूममेट थी, वो भी मेरे कालेज में ही टीचर थी.

उसके मुँह से मादक सिसकारियां निकल रही थीं, जो वो भैया और भाभी के डर की वजह से निकलने से बचा रही थी. मैं एकाएक उठा और उसकी साड़ी को उसके बदन से अलग कर दिया और उसका ब्लाउज खोलने लगा. वो मुझे हमेशा कहा करती थी कि रानी क्या रखा है इस जिंदगी में, जिन्दगी के असली मज़े लो.

मैं फिर से उसकी गांड पे हाथ फिराने लगा और वो मुझे नाश्ता खिलाए जा रही थी.

पर वो गाड़ी मेरे घर की तरफ जब जाने लगी तो मैं जल्दी से शर्ट कट से घर पहुंच गया. हिंदी सेक्स कहानी की बेहतरीन साईट अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा नमस्कार।दोस्तो, मैं आपको आज अपने जीवन की सत्य घटना बताने जा रहा हूँ। मेरा नाम राजेश (बदला हुआ नाम) है और मैं छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ। अभी मैं बीए में हूँ. जब मैं इंजीनियरिंग के पहले वर्ष में गया तो मेरे पापा ने आँगन में मेरे लिए पढ़ाई के लिए रूम बनवा दिया, जिसमें मैं रात भर पढ़ाई करता था.