हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की

छवि स्रोत,वीडियो सेक्सी पिक्चर पंजाबी

तस्वीर का शीर्षक ,

हिंदी बीएफ चार्ट: हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की, उसने ना सिर्फ अब्बास के हाथ को पकड़ा बल्कि उसको हाथ के बल घुमा भी दिया। अब्बास ने छूटने की कोशिश की लेकिन वो अपना हाथ नहीं छुड़ा पा रहा था, तभी उसने अपने दूसरे हाथ से इंस्पेक्टर मोना की चूत को जोर से दबा दिया। मोना के मुँह से हल्की चीख निकल गई।अब्बास- क्यों साली? तू तो कुंवारी लगती है… आज तो मैं पूरी ऐश लूँगा… तेरा पति जो नहीं कर सका आज मैं करूँगा ! वो भी तेरी जेल….

सेक्सी स्कूल गर्ल वीडियो

‘हाय मनु जी… स्स्स्स… हाय अब करो न… प्लीज़… हाय मनु… अब आ जाओ न ऊपर…!! हाय लंड दे दो… मनु… मैं तो मर गई!!’मैं भी अब गरमा चुका था… मैंने अपना लंड उसको दिया उसने अधखुली आँखों से मेरे लंड को निहारा और शर्म-हया भूलकर उसके मुहँ से अपना मुँह मिला दिया, उसके होंठ मेरे लंड के छेद को रगड़ रहे थे. सेक्सी फिल्म वीडियो में सेक्सी फिल्ममेरी इच्छा हो रही थी की मेरी चूत में भी कोई चीज डाल लूँ लेकिन वो दीपू का बच्चा तो खेल बीच में ही छोड़ कर चला गया था.

उसके बाद खुद ही उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे कपड़े उतारने लगी और बोली- मैं आज तुमको वो सब कुछ सिखा दूँगी जो एक मर्द और औरत के बीच में होता है!मैं कुछ भी नहीं बोला और मन ही मन में बहुत खुश हो रहा था लो आज मुझे वो सब कुछ मिलने वाला है जिसके बारे में सिर्फ सपने में ही सोचता था. गे सेक्स वीडियोसकरीब १० मिनट के बाद वो बोली कि जल्दी जल्दी करो, मुझे कुछ हो रहा है, शायद मैं झड़ने वाली हूँ, जल्दी से चोद दो ना मुझे.

मर्दों की तो मर्द जाने! एक औरत होने के नाते मेरी चूत तो गीली हो जाती है, पढ़ते-पढ़ते हाथ नाड़ा खोल कच्छी में चला जाता है, फिर दिल करता है कि रात को पतिदेव जल्दी घर आयें और मुझे चोदें.हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की: वो इस काम का मास्टर लग रहा था, पहले से ही मुझे अपने सिकंजे में जकड़ रखा था और मेरे होंठ अपने होंठों में दबा रखे थे.

वो थोड़ा सा चिल्लाई, मगर फिर अपने आपको सँभालते हुए उनके हाथों ने मेरे चूतडों को दबाना शुरू किया!उनकी इस हरक़त से मुझे काफी जोश मिला और मैंने झटके लगाने और तेज़ कर दिए.’ कहते हुए वो उठने लगी।मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा- नहीं रागिनी मुझे मत रोको प्लीज़.

सेक्सी पिक्चर वीडियो जानवर - हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की

और झर झर करके रति-रस छलक पड़ता है। आभा ने मेरे लण्ड पर जोर लगाया और उसकी चूत लपलपा उठी। लहरें उठने लगी….एक दिन जब मैं उसके कमरे की सफाई कर रही थी तो पलंग के नीचे मुझे उसके सफ़ेद रंग का जांघिया दिखा.

‘चाची, आह , मैं तो गया, हाय रे…’उसके हाथ अब सधे हुये ताकत से भरे हुये लण्ड के सुपारे और डण्डे को मसलने लगे थे बल्कि कहो तो लण्ड में टूटन सी होने लगी थी. हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की काफी देर तक चोदने के बाद मैं सोनम की चूत में ही झड़ गया और सारा पानी चूत में ही निकल गया, थकान के मारे मैंने अपना मुँह सोनम के वक्ष पर रख दिया.

”झंडे बोला,”क्यों, क्या अभी भी कोई कसर बाक़ी है जिसे पूरी करना है…। सारा काम तो कर डाला। देखो, मुँह में तुम्हारे घुसेड़ दिया, पिछले छेद में तुम्हारे घुसेड़ दिया। योनि तुम्हारी फाड़ डाली, अब कौन सी जगह है खाली, मैं जहाँ करूंगा…”दुल्हन झंडे का हाथ पकड़ कर अपनी योनि पर ले गई और बोली,”तुम यहाँ करोगे, हाँ, हाँ ! तुम यहाँ करोगे….

हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की?

मैंने वैसा ही किया… मेरी बुर से बहुत पानी निकल चुका था इस वजह से मेरी बुर पूरी गीली थी और उसका लण्ड भी… मैंने उसका सुपाड़ा अपनी बुर पे रखा और फ़िर धीरे धीरे उसपे बैठ गई जिससे की उसका पूरा लण्ड मेरी बुर में घुस गया. ”रंजू कहते हैं ! है ना?”हाँ ! आपने सही अंदाजा लगाया।” कहते हुए वह मुस्कुराई।उदास चेहरे पर क्षणिक मुस्कान भी अच्छी लगी। मैंने उस मुस्कान में मिठास घोलते हुए पूछा,”क्या मैं आपको रंजू कह सकता हूँ?”ओ श्योर. ?पर क्या ???सिर्फ मेरे चाहने से क्या होता है ?मेरे पास आ जाओ या मुझे बुला लो !अभी नहीं मुझे थोड़ा समय दो फिर करवा लूंगी, अभी तो अपनी ही अंगुली से काम चला रही हूँ आईईईइ ….

क्या मादक गंध और स्वाद था मैं तो निहाल ही हो गया।आंटी ने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और लोलीपोप की तरह चूसने लगी। मैंने अपनी जीभ से उनकी चूत की फांकों को चौड़ा किया और उनकी मदनमणि को टटोला। जैसे कोई मोटा सा अनार या किशमिश का फूला हुआ सा दाना हो। मैंने उस पर पहले तो जीभ फिराई बाद में उसे दांतों से दबा दिया। आंटी की हालत तो पहले से ही ख़राब थी। उन्होंने कहा ओह चंदू…. इतना ही काफी था मुझे घुमाने के लिए!मैं भी उसके लंड से खेलने लगी, लण्ड दोबारा खड़ा होने लगा तो मैंने चूस कर उसको पूरा खड़ा कर दिया. मैं उनका लण्ड बाहर निकालना चाहती थी मगर उन्होंने नहीं निकालने दिया और फिर मुझे भी पता था कि दर्द तो कुछ देर का ही है। वैसा ही हुआ, थोड़ी देर में ही उनका पूरा लण्ड मेरी गाण्ड में था। दोनों तरफ से लग रहे धक्कों से मेरे मुँह से आह आह की आवाजें निकल रही थी…फिर राठौड़ अंकल ने मेरे सामने आकर अपना तना हुआ लण्ड मेरे मुँह के सामने कर दिया.

अंकल ने मम्मी को अपनी बाहों में जकड़ कर कहा- रानी, आज तुम्हारे बदन का वो हाल करूँगा कि जीवन भर कभी इस चुदाई को भुला नहीं पाओगी!यह कह कर अंकल ने मम्मी को लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ कर चूचियों को जोर जोर से मसलने लगे. अब मेरा लंड भी खड़ा हो गया लेकिन मैं फिर भी आराम से लेटा रहा क्योंकि यह मेरा पहला मौका था इसलिए मेरी गांड फट रही थी. थोड़ा आराम करने के बाद… मैंने बोरोलीन क्रीम ली, अपने लंड पर और रानी की गाण्ड पर खूब अच्छे से लगाई… रानी को पेट के बल लिटाया और धीरे से अपना लंड उसकी गाण्ड के छेद में टिका दिया… उसकी गाण्ड कुंवारी थी.

मैं राधा को सब्जी मण्डी से सब्जी दिलवा कर लौट रहा था तो एक अच्छे रेस्तराँ में उसने मुझे रोक दिया कि मैं उसके लिए इतना काम करता हूँ, बस एक कॉफ़ी पिला कर मुझे जाने देगी. जीजू ने सावधानी से इधर उधर देखा और इत्मिनान से पहले तो मेरे गालों के पास अपने होंठ लाये फिर झट से मेरे होंठो को चूम लिया.

जब दिखाने वाली को परहेज़ नहीं तो मैं क्यूँ बीच में बोलूँ?इस बीच ज़ाहिरा ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे यहाँ तक कि उसने अपनी पेंटी भी उतार दी थी.

रात को करीब 11 बजे दरवाजे की घण्टी बजी और जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि ज्योति नशे में थी और उसके साथ एक लड़का खड़ा था.

उसकी गाण्ड से खून छलक गया… उसकी गाण्ड का छेद फ़ट चुका था… रानी इतनी थक गई थी कि चिल्ला भी नहीं सकती थी. मैंने खिड़की से झांक कर देखा तो मैं दंग रह गया क्योंकि अंदर दीदी बॉस की बाहों में थी और उनके तन पर कपड़े के नाम पर सिर्फ पेंटी थी और उनका बॉस उनके चूचे चूस रहा था. मैं पहले भी कई बार दीदी के नाम की मुठ मार चुका था मगर मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इतनी मस्त चूत का मैं कभी राजा बनूँगा.

एक तो वैसे ही मेरा जॉब घूमने वाला है और मैं भारत में घूमता रहता हूँ और हफ्ते में केवल दो तीन दिन के लिए ही घर जा पाता हूँ इसलिए जब घर जाता हूँ तो मेरी बीबी तो थक ही जाती है. शादी को अभी चार दिन बाकी थे मगर शादी के घर में कितने काम होते हैं यह तो हम सभी जानते हैं. फ़िर कुछ देर बाद मैंने सोनम की पेंटी उतार दी और उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ फिराने लगा.

मैं आज आपको अपनी जिन्दगी की दो साल पुरानी एक घटना बताने वाला हूँ जो मेरे साथ हुई थी.

‘दीदी, वो चले गये!’‘अरे चले गये, साले कमीने हैं, एक दो बार और चोद जाते तो भला क्या जाता उनका?’‘अरे आप तो उनकी दीवानी हो गई हो. हमने भले ही सब कुछ प्रेम में किया हो… और भले ही यह सब हमारे निस्वार्थ प्रेम में गलत ना हो. फिर हमने कपड़े पहने, उसने बिस्तर की चादर बदली, मैंने उसे चूमा और बाहर आकर अपने कमरे में सो गया.

पर मैं समझ सकता था कि सबके सेक्स करने का तरीका अलग अलग होता है इसलिए मैंने ज्यादा जोर नहीं दिया. सरसों का तेल और पानी की मल्लम से मैंने बबलू के सिर पर थोड़ी देर मालिश की और उसको ये बोल कर कि मैं थोड़ी देर के लिये पड़ोस में जा रही हूँ, तेरे चाचा यहीं हैं, लौट कर खाना बनाऊँगी…उसके कमरे दरवाजा खींच कर बाहर आई, किचन में जाकर तेल से सने हाथ को अपनी चूत पर साफ़ किया और हाथ साफ़ कर गेस्ट रूम गई. दैया री, इतना मोटा… मम्मी तो बहुत खुश हो जायेगी, देखना! और ये काली काली झांटें!” गौरी लण्ड को सहलाकर बोल उठी.

‘मेरा लण्ड भी तो प्यासा है कब से… प्यारी सी सोनू मिली है, प्यारी सी चूत के साथ…आह्ह्हऽऽऽ!’‘मैया री… लगा… और जोर से… हाय चोद डाल ना…मेरी चूची मरोड़ दे आह्ह्ह!’मैं उससे लिपट पड़ा और कस लिया लण्ड तेजी से फ़चा फ़च चलने लगा.

मैं और गोमती रात को लेटे हुये दिन की घटना के ख्यालों में खोये हुये बातें कर रहे थे. तब मम्मी जोर फुसकारी मार कर बोली- मेरी जान मुझे इस तरह मत जला! मुझे चोद दे!उसके बाद अंकल ने मम्मी की साड़ी पूरी तरह से उतार दी.

हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की आँखों से आंसू निकल आये लेकिन बेदर्दी ने अपना लंड जड़ तक पहुँचा कर छोड़ा!खून से सफ़ेद चादर पर दाग पड़ चुके थे. भोसड़ी के अबे … दर्द हो रहा है इसे निकालो मेरी गांड फट जायेगी बहुत दर्द हो रहा है….

हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की मौके का फायदे पाकर मुस्तफा सोनिया से चिपक गया और उसको चूमने लगा, सोनिया जल्दी से उसके इरादे भांप गई और उसने एक जोरदार घूँसा मुस्तफा को जड़ दिया, मुस्तफा की चीख ही नहीं बल्कि मुँह से खून भी निकल आया। सोनिया मुस्तफा का कॉलर पकड़कर खड़ी हुई और उसको भी खड़ा किया और जोरदार धक्के के साथ उसको पीठ के बल दीवार पर मारा. मेरा कोई विरोध ना देख कर उसने अपनी चप्पल उतार कर नंगे पैर को मेरे पांव पर रख दिया.

उधर अनिल के चाटने से मैं भी झड़ चुकी थी।अब अनिल का लौड़ा मुझे शांत करना था।अनिल सोफे पर बैठ गया और अनिल के आगे उसी की तरफ मुंह करके उसके लौड़े पर अपनी चूत टिका कर बैठ गई। उसका लोहे जैसा लौड़ा मेरी चूत में घुस गया.

फुल एचडी सेक्सी वीडियो डाउनलोडिंग

ओ मां… कितना मजा आ रहा था मैं यहाँ बयान नहीं कर सकती…जैसे ही उसका लण्ड मेरी चूत से बाहर आता. वो गर्म हो चुकी थी और उसके मुँह से उह्ह… आअह्ह… ऊह्ह्ह… ह्ह… निकल रहा था… फिर मैंने उसे लण्ड मुँह में लेने को कहा तो उसने मना कर दिया. अनु मेरे लंड को लॉलीपोप की तरह चूसने लगी। अनु ने इतने शानदार तरीके से चूसा कि मैं आपको वो आनन्द बयान नहीं कर सकता.

उसकी अप्सराओं वाली सुन्दरता और उसकी इस हरकत से मेरी ७” वाली लंड धीरे खडा होने लगा. ए (म्यूजिक) कर रही हूँ, कॉलेज के कार्यक्रमों में मेरी प्रस्तुति होती ही होती है पर मैं एक बहुत गरीब घर की लड़की थी, पिता का साया नहीं था, जब मैं आठ साल की थी, तब वो काम के लिए आबूधाबी गए लेकिन वापस नहीं आये। शुरु के दस महीनों के बाद ना कोई फ़ोन आता, ना चिट्ठी, ना पैसा।हम तीन बहनें थी, हमारा भाई नहीं है, मेरा नंबर दूसरा है, बड़ी दीदी ने बी. मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी ! मुझे जाने दो……पर सोमा ने मेरे होठों पर अपने होंठ भीच लिए और मेरी जीभ चूसने लगी……….

‘मेरा लण्ड भी तो प्यासा है कब से… प्यारी सी सोनू मिली है, प्यारी सी चूत के साथ…आह्ह्हऽऽऽ!’‘मैया री… लगा… और जोर से… हाय चोद डाल ना…मेरी चूची मरोड़ दे आह्ह्ह!’मैं उससे लिपट पड़ा और कस लिया लण्ड तेजी से फ़चा फ़च चलने लगा.

सबसे पहले गुरुजी का धन्यवाद करना चाहूँगा जो मेरी कहानीबड़े घर की लड़की की बड़ी प्यासको अन्तर्वासना डॉट कॉम पर प्रकाशित किया और अपने सारे चाहने वालो को जिनमें महिलाएँ भी हैं, जिन्होंने मुझे मेल किया। मैं अपनी कहानी अन्तर्वासना पर देख कर बहुत खुश हुआ। सबने आगे की कहानी जानना चाही और मैं मजबूर हो गया कहानी बताने को…अब मैं आगे बताता हूँ कि दरवाजे के पीछे क्या था. उसकी आहें निकलने लगी- आह ओह्ह आह!फिर मैंने कहा- अब तुम मुझे इन कपड़ों से आजाद करो!तो वो बोली- अभी लो मेरी जान, तुझे अभी नंगा कर देती हूँ. मैं तुम को अच्छी नहीं लगती क्या…?तो वो बोला- नहीं भाभी, आप तो बहुत अच्छी हैं…मैंने कहा- तो फिर तुम मुझसे हमेशा भागते क्यों रहते हो…?वो बोला- भाभी, मैं कहाँ आपसे भागता हूँ?मैंने कहा- फिर अभी क्यों मेरे कमरे से भाग आये थे, शायद मैं तुम को अच्छी नहीं लगती, तभी तो तुम मुझसे ठीक तरह से बात भी नहीं करते।‘नहीं भाभी, अभी तो मैं बस यूँ ही अपने कमरे में आ गया था.

वो मेरे ऊपर आ गया और मेरी दोनों टांगों को अपने कंधे पे रख दिया इससे मेरी बुर उसे साफ साफ दिखाई दे रही थी…फ़िर उसने मेरी बुर पे अपना लण्ड लगाया और एक ही झटके में जोर से पूरा अंदर डाल दिया… मैं लगातार सीत्कार कर रही थी आह. जो भी देखे, मुँह में पानी आ जाये… साड़ी पहनती हैं तो क़यामत ढाती हैं…मैंने दुबारा कॉल किया, बोला- मीनू भाभी, आज तुम्हें वो ख़ुशी दूँगा जो तुम ज़िन्दगी भर भूल नहीं पाओगी. मैं दूसरी टीचर्स की तरह खूब मेक-अप करती और खूबसूरत साडियाँ पहन कर स्कूल आती थी, जैसे कोई स्पर्धा चल रही हो.

वो… मेरा मतलब क्या है कि एक जवान लड़की का इस तरह ग़ैर मर्द के साथ रात में… अकेले?? मेरा मतलब?? वो कुछ समझ नहीं आ रहा।’ उसने रोनी सी सूरत बनाते हुए कहा।‘ओह. अब मुकेश पर वासना का भूत तेजी से सर चढ़ कर बोलने लगा और उसने मेरी निक्कर भी खींच दिया.

वो : उम्म्म्मम ह्म्‍म्म्ममम ऊएईईईईईमाआआअ शशांकककक यू आर सो सेक्सीईई फक मी प्लज़्ज़ज़्ज़शशांक : वेट…… जान, आज मैं तुम्हें जन्नत की सैर करा रहा हूँ… अब मैं नीचे जा रहा हूँ और नाभि को लिक कर रहा हूँ… अब और नीचे… मैंने लोअर को लिप्स से पकड़ कर पूरा उतार दिया है…वो : निकाल दो …. मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार चूत को इतनी पास से देखा था। चूत पर छोटी छोटी झांटें…. ‘हाय, म्हारी बाई रे… यो तो मन्ने मस्त मारी देगो रे… ‘ उसे मसल कर उसने मेरे लण्ड की खूबसूरती को निहारा और अपनी चूत की दरार पर घिसने लगी.

खैर मुझे बीच में झल्ला के बोलना ही पड़ा : तू थोड़ी देर शांत होयेगा… चल तुझे जो भड़ास निकालनी है छुट्टी के समय निकाल लियो.

मैंने पूछा- मजा आया?तो वो बोली- हाँ!अब तो रोज की चुदाई पक्की थी पर मेरा शिकार तो और कोई थी. फिर मैं मीनाक्षी को चूमने लगा और भाभी मेरा लंड मुँह में लेने लगी … मैंने मीनाक्षी के पूरे कपड़े उतार दिए। अब हम तीनों नंगे थे, मैं मीनाक्षी की चूत चाट रहा था, मीनाक्षी भाभी की चूत चाट रही थी और भाभी के मुँह में मेरा लंड था …बड़ा मजा आ रहा था इस तरह करने में !फिर हमने जगह बदल ली ! मैं भाभी की चूत चाटने लगा ! भाभी मीनाक्षी की चूत और … मीनाक्षी ने मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया. लण्ड में एक कॉण्डम लगाया और उसको बताया कि हम जब चुदाई करंगे और अगर ग़लती से भी मैं झड़ने के समय चूत से लण्ड ना भी निकालूं तो मेरा पानी जो कि तुम्हारे ऊपर मूठ मारते समय गया था, वो इसी के अंदर रह जायगा और किसी भी हालत में बच्चा नहीं होगा.

तुम्हारा बहुत मोटा है… मैं तो मर जावाँगी !”मेरी सोह्नियो ! कुछ नी हुन्दा !”पर धीरे धीरे करना प्लीज़. मम्मी उनका लंड देख कर चौंक गई और बोली- बाप रे! इतना मोटा लौड़ा मेरे लिए?अंकल का लंड आठ इंच लम्बा और चार इंच मोटा था.

मैंने उनके लण्ड को हाथों में लेकर सीधा मुँह में डाल लिया। अब उनका लण्ड मेरे गले तक पहुँच रहा था. मुझे उसकी आवाजें सुनकर बहुत मजा आने लगा, मैंने और स्पीड बढ़ा दी।उसकी भाभी मुझे चूम रही थी और रक्षिता के स्तन दबा रही थी।मैंने दूसरी बार दो लड़कियों की चुदाई की थी जिसमें मुझे काफी मजा आया।इस चुदाई में मुझे पहले से ज्यादा मजा आया।रक्षिता की चुदाई होने के बाद भाभी बोली- रोहित, तेरे भैया तो मेरी गांड मारते नहीं हैं! तू ही मार दे. आँखों में चमक… शरारत भरी कातिलाना मुस्कान से वो अपनी कक्षा की कई लड़कियों के दिलों पर राज करने लगा…यहाँ तक कि हमारे अलग होने की खबर के कुछ ही महीनों बाद उसे एक लड़की ने एक प्रेम पत्र लिखा.

सेक्सी 2020 के सेक्सी

अपने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा, अब उसका सर पटकना कुछ कम हुआ और वो भी धीरे धीरे अपने चूतड़ उछालने लगी.

मैं भी भाभी को घुमाने के लिए मेट्रो वाक मॉल ले गया लेकिन भाभी के दिल की बात जानने के लिए मैंने कार जापानी पार्क की तरफ ले ली. अचानक राजू ने मेरी गांड में से अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे मुंह में लंड डाल कर खड़े आदमी से बोला ‘चल अब तू आ जा बे तू डाल अब गांड में मैं तो झड़ने वाला हूँ. ‘मजा आया हरामी… गांड चाट कर… ‘ मैंने उसका मुंह सीधा करके महिमा की गांड में घुसा दिया । उसे चाटना ही पड़ा.

उसकी अण्डरवीयर शायद ठीक नहीं थी सो उसने उतार कर पेशाब किया और सिर्फ़ अपनी सफ़ेद निकर को ढीली करके बिस्तर पर लेट गया. रीटा अपनी स्कर्ट पीछे से ऊपर उठा कर अपने गोरी गोरी गाण्ड पीछे उचका कर साईकल के डण्डे के निशान बहादुर को दिखाती बोली. 𝑠𝑒𝑥 𝑣𝑖𝑑𝑒𝑜क्योंकि सोनम की चूत कुँवारी थी इसलिए मैंने सोनम के बैग में से वैसलीन निकाली और उसकी चूत पर लगा दी.

तो वो समझ गई कि मैंने उससे झूठ कहा था, बोलो- नौटी बॉय !और कह कर फिर से मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए. इस बार मैं पूरे स्तन को हथेली में लेता और निपल समेत जितना मुँह में ले सकता, उतना मुँह में लेता और चूसता.

तो कुछ देर बाद मुझे भाभी की चीख सुनाई दी, मैंने बाथरूम के दरवाजे के पास जाकर पूछा- क्या हुआ भाभी?तो भाभी ने कहा- मैं गिर गई हूँ… मुझसे तो हिला भी नहीं जा रहा है।तब मैंने कहा- मैं अन्दर आता हूँ. कुछ देर के बाद हम बाथरूम में गए और एक दूसरे को साफ़ करने लगे मगर आयशा ने फिर मेरा लण्ड पकड़ लिया और वहीं चूसने लगी. दीपू मेरे होठों को चूसते हुए मेरी छातियों से खेलने लगा और उधर राजू ने मेरी पेंटी निकाल कर चूत का रास्ता ढूँढ लिया.

वो बहुत ही सुन्दर लड़की थी, उसकी उम्र होगी करीब बीस साल, कद लगभग साढ़े पाँच फ़ीट, लम्बे बाल, तीखी आँखें, गुलाबी होंठ, और उसके चूचों का तो कहना ही क्या, तराशे हुए थे, 36 के होंगे. जीजू का लंड देखा तो मेरे होश उड़ गए, नौ इंच का फनफनाता लंड! मैं तो देखकर ही काँप गई कि यह मेरी इतनी सी चूत में जायेगा कैसे?मैंने जीजू से कहा- आप इस लंड का जो करने को कहोगे, वो मैं करूँगी लेकिन इसे मेरी चूत में मत घुसाना, नहीं तो वो फट जायेगी. वो आई तो मैंने पूछा- तुम मुझे देखती क्यों रहती हो?उसने कहा- तुम मुझे अच्छे लगते हो!मैंने भी कहा- मैं भी तुझे पसंद करता हूँ.

बरबस ही मुख से निकल पड़ा- विपिन, यूँ मत कर, मैं तो तेरी भाभी हूँ ना…’मेरी बेकरारी बढ़ती जा रही थी.

चूँकि भैया के आने का समय हो गया था इसलिए कुछ देर अपना लण्ड चुसवाने के बाद मैं वापिस अपने कमरे में लौट आया. प्रेषक : सुमीत सोनीआज मैं आपको एक अपनी ही जिंदगी की सच्ची घटना सुनाता हूँ।बात उन दिनों की है जब मेरे छमाही इम्तिहान चल रहे थे, सॉरी मैं आपको अपने बारे में बताना भूल गया कि मैं बी.

करीब दस मिनट की चुदाई के बाद उनका शरीर अकड़ने लगा मुझे पता चल गया कि अब वो झड़ने वाली है. ? तो तू क्या है? रण्डियो की रानी? जब सिपाही तुझे मसल कुचल रहे थे, तब कहाँ था तेरा सतीत्व. वैसे तो मैं कई सालों से अपने आपको को ऐसा मानता था पर यह बात मेरे इन्जीनियरिंग के पहले साल की है जब मेरा दाखिला बंगलौर में हो गया तो मेरे पापा ने मुझे जयपुर से बंगलौर भेज दिया.

और अगली बार मैं कोशिश करूंगी कि मैं तुम्हें ना देखूं !”तो तुमने कल रात को मुझे देखा?”हाँ, लेकिन अचानक ! जानबूझ कर नहीं !” उसने बताया,”उस समय मैं कमरे से बाहर पानी लेने के लिए आ रही थी और तुम वहाँ …. साला…वो अभी भी इधर से उधर, उधर से इधर टहले जा रहा था… और मुझे ये समझ नहीं आ रहा था कि ये लड़के लोग इतनी गालियाँ सीखते कहाँ से हैं… हमें तो कोई नहीं सिखाता…!!!मैं : एक बात बता तू ! क्यों इतना भड़क रहा है. उसकी ब्रा को नीचे किया तो उसके उरोजों को गुलाबी रंग के चूचुक काफी सुंदर लग रहे थे.

हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की ’मेरी बात सुनते ही वो दरवाजा खोल कर बाहर चला गया और तीन-चार मिनट बाद ही वापस आ गया. मैं देखना चाहती थी कि कैसे कोई मर्द किसी औरत को बिना उसकी इच्छा के चोद सकता है और इसमें कितना मजा आता है… पर बबलू तो सारा मजा ही किरकिरा कर दिया.

भोजपुरी काजल राघवानी सेक्सी

एक तो खड़े लंड पर दंड, और उस पर चिंकी की क्या प्रतिक्रिया रहेगी इस बात से तो मुझे घबराहट होने लगी. प्रेषक : रिंकू गुप्ताप्रिय पाठको, सबसे पहले आप सबको मेरा नमस्कार !मेरा नाम रिंकू गुप्ता है, उम्र 24 साल है और मैं एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर हूँ, दिल्ली में रहता हूँ ! यह कहानी जो मैं आप सभी लोगों से कहने जा रहा हूँ, पूरी तरह सच्ची घटना है और उम्मीद करता हूँ आप सभी को बेहद पसंद आएगी !बात उस समय की है जब मैं नॉएडा में बी. मैने तुम्हारी चूत पर हेयर ओयल लगाया और तुमसे कहा कि तुम भी मेरे लन्ड पर तेल लगाओ। तुमने जैसे ही मेरा अंडरवीयर नीचे किया, मेरा लन्ड देख कर तुमने कहा-आओओ! ओह इतना बड़ा! मैने कहा- बड़ा है, लम्बा और मोटा है, तभी तो मज़ा आयेगा।तुम मेरे लन्ड पर तेल लगा कर अपने हाथ में लेकर हिलाने लगी.

थोड़ी देर के बाद मैं धीरे से उठा और वापस उनके दरवाज़े के पास गया, और जैसे ही मैंने अन्दर झाँका…दोस्तो, अब मैं ये कहानी यहीं रोक रहा हूँ. दो दिन के बाद उसका एक फ़ोन आया और फिर जो हुआ वो आपको अगली कहानी में सब विस्तार से बताऊंगा…तब तक आप अपने विचार और सुझाव मुझे जरूर बताएँ !. स्कूल हॉरर स्टोरीरात में दस बजे खाना खाकर यूँ ही गाड़ी लेकर निकल गया लेकिन बार बार छवि का चेहरा, छवि की चूत, छवि की कड़ी कड़ी चूचियाँ, छवि के चिकने चूतड़ मेरे सामने आ जाते थे। इसी तरह छवि की यादों में खोया जब मैं आई.

प्रेषक : अमित शुक्लालेकिन मैं अब मुट्ठ मार-मार कर थक गया था और उसको हर हाल में चोदना चाहता था !एक दिन भगवान ने मेरी सुन ली और मेरे परिवार को एक शादी में मुंबई जाना पड़ा एक हफ्ते के लिए।मैंने उसको अपने घर बुलाया तो थोड़ी ना-नुकुर के बाद आने को तैयार हो गई.

वेदांत : आ जा ! मैं भी अकेला हूँ ! साथ में खाते हैं…मैंने लंच उठाया और उसकी क्लास में चली गई. अब जीजू ने मुझे उल्टा किया और वो मेरी गांड को थपथपाने लगे, फिर उन्होंने अपनी एक अंगुली मेरी गांड के छेद में घुसा दी.

मैंने पूछा- मजा आया?तो वो बोली- हाँ!अब तो रोज की चुदाई पक्की थी पर मेरा शिकार तो और कोई थी. तो दिमाग इस ओर गया ही नहीं कि वह अपनी चूत का स्वाद बदलने के चक्कर में भी हो सकती है. पहली बार आयशा को देख कर मेरे दिल में कुछ अजीब सा हुआ क्योंकि जिस आयशा को मैं अब तक बच्ची समझता था उसका शरीर भी अपनी उम्र के हिसाब से बड़ा था.

लड़कों से बातचीत करके मैं ज़ाहिरा के टेंट में गया तो देखा वो गाउन पहने लेटी हुई थी.

मेरी टांगों के नीचे आकर पहले तो उसने आठ दस बार मेरी चूत को चाटा…शीशे में देखते हुये अजीब सा लग रहा था. पर फिर भी मैं उनसे इतनी दूरी पर थी की उनकी क्रियाएँ देख सकूँ… वो दोनों पास वाले बगीचे में घुस गए कुछ देर बाद मैं भी वहाँ पहुँच गई. मैं तान्या के बारे में ज्यादा नहीं जानता था मगर उसकी हरकतों को देखकर लग रहा था कि उसे पहले भी यह सब करने का अनुभव था.

मोहरा हिंदी मूवीएकदम से उसकी चूत से मैंने अपना लंड निकाला और गांड की छेद पर बिना देर किये एक जोरदार झटका दिया. फिर हम 69 की अवस्था में हो गए और मैं उसकी चूत और वो मेरे लण्ड को चूसने लगी और कमरे में सेक्स का माहौल हो गया.

बहन की चुदाई स्टोरी

अब मैं भी जाग गया, मैंने कहा- आंटी, क्या कर रही हैं आप? मुझे नंगा क्यों किया?मैंने ऐसे ही झूठ का नखरा किया. ’मुझे लंड चूसने में मज़ा आ रहा था इसी बीच में दीपू ने भी अपने कपड़े खोल दिए और मेरे पास आ कर मुझे चूसते हुए देखने लगा. इतनी मुलायम चूचियाँ को सहलाना, नीचे लंड का विश्रांती से चुसवाना… सच्ची काफ़ी बढ़िया कॉम्बिनेशन है…मैं- विश्रांती, लंड चुसवाने में इतना मजा आज तक नहीं आया… विश्रांती मेरा मुँह भी रसपान के लिए तड़प रहा है, विश्रांती उल्टा-पुल्टा करें….

मुझे अंदर घुसता देखकर मनीषा इधर-उधर देखने लगी और बिल्कुल चुप हो गई, मनीषा के इस रूप को देख कर मेरा भी लण्ड खड़ा हो चुका था. पर मम्मी का लेक्चर अभी भी चालू था…!!और अगर कभी ज्यादा रिसाव हो तो सावधान रहना कि कपड़े गंदे न होने पाएँ… और खून देख कर घबराना नहीं. जीजू बोले- आओ बीयर लो!नहीं जीजू! कभी नहीं पी!”जान थोड़ी सी पी!”पूरा मग पिलवा दिया, खुद इतने में दो-तीन मग खींच गए.

ये सारी हरकतें करते हुए मैं ये इंतज़ार कर रही थी की वो ख़ुद मेरे लेफ्ट बोब्बे मैं रखे हुए टिकेट को देख ले और हुआ भी ऐसा ही उसने मेरे बूब्स की और इशारा करते हुए कहा- मैडम लगता है आपने टिकट अपने ब्लाउज में रख लिया है. मेरा नाम सोनिया जैन है, 26 साल की हूँ, मेरा एक भाई है, वो मुझसे दो साल बड़ा है।बात उन दिनों की है जब मैं 18 साल की थी, तब मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं पता था, मुझे सेक्स की बातों से भी डर लगता था।एक दिन मैं भैया की अलमारी में कुछ ढूँढ रही थी, मुझे वहाँ से कुछ सी. अचानक राजू ने मेरी गांड में से अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे मुंह में लंड डाल कर खड़े आदमी से बोला ‘चल अब तू आ जा बे तू डाल अब गांड में मैं तो झड़ने वाला हूँ.

मैंने उसे उठा कर उसकी चूचियों को मुँह में लेना चाहा तो उसने पहले चूत की तरफ इशारा किया. मैंने कहा- हाँ, यह ठीक रहेगा !फिर हम काफी देर तक एक दूसरे की गर्दन में बाहें डालकर चिपककर बैठे रहे। तब तक 5 बज चुके थे.

करती रहीं पर लण्ड को पूरा अन्दर लेती रहीं। उनकी टांगों में बहता पानी गवाह था कि वो पूरा मज़ा लूट रही थी।बीच में एक बार झड़ी भी थी। आखिर वो समय आ गया, मेरी नसों का सारा खून एक जगह खींचता सा लगा, मैं बोल उठा- जान मेरा सब लूट लो आज! लो मेरा गर्म पानी मेरी रानी…वाह…मौसी को इसी का इन्तज़ार था जैसे!अपने होंठों से उन्होंने मेरे होंठ भर लिए, टागें मेरी पीठ पर कस लीं.

अंकल ने अपने भी कपड़े उतार दिए और मम्मी अंकल के शरीर को देख कर बोली- इसी शरीर ने मुझे आज तुमसे चुदाने पर मजबूर कर दिया!यह कहकर मम्मी ने अंकल को अपने सीने से लगा लिया. राजस्थानी लड़कियों के नंबर व्हाट्सएपफिर मैंने चित्रा को देखा और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिये और उसे बाहों में उठा कर योगी के कमरे में ले गया. தமிழ் நடிகை செஸ் மொவயேमेरी सेक्स कहानी का पहला भाग :सिमरन मैडम गोवा में-1मैंने कहा- साइज़ तो चेक कर लो!वो मुझसे शरमा रही थी… मेरे बहुत मनाने पर वो बाथरूम में गई और पहन लिया पर मेरे सामने आ नहीं रही थी…मैंने कहा- तब मैं दूसरा कमरा ले लेता हूँ. प्रेषक : मनो प्रकाशयह मेरी पहली कहानी है, मेरा नाम रणजीत है, मैं 30 साल का हूँ और सीतापुर उ.

हम दोनों दूसरी कक्षा से एक साथ पढ़ती आ रही हैं, तो दोस्तो, जब उसने मुझे अन्तर्वासना डॉट कॉम पर कहानी पढ़वाई तो कहानी पढ़ कर मैं मचल उठी अपनी चूत फड़वाने को!हम दोनों उसके घर बैठीं थी उसने मुझे अपनी बाँहों में लेकर मेरे होंठ चूमे और फिर मेरे मम्मे दबाने लगी.

10-12 मिनट चूसने के बाद मेरा लंड फिर से तैयार हो गया, वो बोली- अब नहीं रहा जा रहा है, प्लीज़ अपना मेरी में डाल कर मेरी प्यास बुझा दो।मैंने अपने लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा और हल्का सा उस पर रगड़ने के बाद उसकी मुनिया में दबा दिया. मैंने दीवार की आड़ लेकर झाँका तो देखा हमारे स्कूल की एक मस्त मैडम जिसका नाम पिंकी था, बारहवीं क्लास की एक लड़की माया से अपने दूध चुसवा रही थी. बीच में अपने दोनों होठो से उसने मेरे गालों पर कई चुम्बन जड़ दिए, कई बार उसने गालों को काट भी खाया.

। सोरी मैम… ‘मैंने उसे गले लगा लिया। उसकी चुदाई से मैं गहराई तक सन्तुष्ट हो गई। महिमा भी मुझ से लिपट गई,’रोहित… तू तो ही-मैन है रे… मज़ा आ गया. कुछ दिन बीत गए, एक दिन मोना आंटी रात को घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी- बहन जी, सनी के जाने के बाद बिल्कुल भी दिल नहीं लगता अब! और मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से अच्छी नहीं चल रही है. वो अब पूरी मस्ती में आ गए थे उनका लौड़ा तो गांड में था साथ ही उनके हाथ मेरी गांड को ऊपर से नोचा-खसौटी में लगे थे, वो कहने लगे- रंडी की बहन, आज तेरी ऐसी हालत करूँगा कि जिंदगी में हमेशा अपने जीजा को याद रखेगी!जीजू 15 मिनट तक मेरी गांड मारते रहे लेकिन उनके धक्के नहीं रुके.

अमेरिका की सेक्सी वीडियो एचडी

कुछ देर बाद मैने तुम्हे अपनी जांघ पे मेरी तरफ़ मुंह करके बैठाया और फ़िर तुम्हे किस करने लगा। फ़िर मैने तुम्हे नंगी कर दिया। उसके बाद तुमने मेरे भी कपडे उतार दिये. वो मुझे नंगी ही कोरिडोर के तरफ खींचने लगा … अगर इस तरह बाहर जाती तो न जाने कितने लोग चोद देते. कॉम पर यह मेरी पहली कहानी है। यह कहानी सस्पेंस, थ्रिलर, एक्शन और गर्म कहानी है।तो शुरू करते हैं….

वो अब पूरी मस्ती में आ गए थे उनका लौड़ा तो गांड में था साथ ही उनके हाथ मेरी गांड को ऊपर से नोचा-खसौटी में लगे थे, वो कहने लगे- रंडी की बहन, आज तेरी ऐसी हालत करूँगा कि जिंदगी में हमेशा अपने जीजा को याद रखेगी!जीजू 15 मिनट तक मेरी गांड मारते रहे लेकिन उनके धक्के नहीं रुके.

”ओह दीदी, आप के सामने तो मैं कुछ भी नहीं, पता नहीं जिज्जाजी आपको क्यूँ नहीं चोदते.

मैं बहुत खुश था- आखिर दो चूतों का स्वाद जो मिला था मेरे लौड़े को!उसके बाद जब भी जिस भी बहन के साथ मौका मिलता, मैं सेक्स के मज़े लेता. नज़रें जैसे जमीन में गड़े जा रहीं हो…!!!मैं : मुझे पता है तेरा स्कूल जाने का मन नहीं है. मियां सेक्सीहम लोग तो काफी घबरा गए थे पर हमारे पड़ोसी यानि कि मेरे मुँहबोले जीजाजी ने सब कुछ सम्हाल लिया.

”हे भगवान्…” अनीता दीदी के मुँह से एक हल्की सी चीख निकल गई- तू सच कह रही है? सोनू लेकर आता है?नेहा उनकी शकल देख रही थी- तुम इतना चौंक क्यूँ रही हो दीदी?”अनीता दीदी ने एक लम्बी साँस ली और कहा- यार, मैं तो सोनू को बिल्कुल सीधा-साधा और शरीफ समझती थी. मैं उसकी तांगों के बीच में बैठ गया और उसकी चूत को चूमा और लंड को उसकी चूत पर रख दिया …. अपनी बीवी के जिस्म को चूम-चाट रहे हैं। कौन नहीं करता यह सब? हम क्या अनोखा काम कर रहे हैं.

” दुल्हन यह सुन कर हक्का-भक्का रह गई।उसने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। इस बीच ठंडा राम बाथरूम से बाहर आ गया। उसने पूछा,”क्या हुआ भाभी जी? आप इस तरह क्यों चिल्ला रहीं हैं?”सचमुच एक नंग-धड़ंग व्यक्ति सामने आ खड़ा हुआ।कौन हो तुम…? तुम अन्दर कैसे आये ? ” दुल्हन के प्रश्न पर दोनों भाई जोरों से हंस पड़े।कहानी आगे जारी रहेगी।. ‘ओह मेरे चोदू राजा! और पी मेरा दूध! उसके बाद तुझे जमकर पिलाई करनी है मेरी चूत रानी की! साली बहुत दिनों से भूखी है!’तू फ़िक्र न कर मेरी शन्नो रानी! आज तेरी चूत और गांड की ऐसी पिलाई करेंगे हम दोनों कि तेरी चूत और गांड को फाड़ के रख देंगे!बाजी की चूचियों के चुचूक एकदम लाल हो गए थे.

‘मस्त लण्ड का जायका तो लेना ही पड़ता है ना… अरे वो राजेश जी अब तक क्या कर रहे हैं…?’‘मैं हाजिर हूँ श्वेता जी…’ तभी कहीं से एक आवाज आई.

उन की जीभ मेरे मुँह में घूमने लगी और उन के हाथ मेरे बालों में!मैंने उन की नाईटी निकलनी शुरु की, सारे बटन खोल दिये और नाईटी निकाल फेंकी. ।तभी सलीम दो मुक्के सोनिया के चेहरे पर मारता है…।सलीम- बॉस, साली बड़ी हीरोइनी बन रही है, आप कहो तो आज ही इसको नंगा करके चोद डालें?मुस्तफा- सब्र कर मुन्ना, सब्र कर ! इस साली कुतिया को तो हम ढंग से चोदेंगे…. मगर वो ही क्या उनके सारे दोस्त मेरे दिल की बात समझ गये…वो सारे मेरे गहरे गले में से दिख रहे मेरे कबूतर, मेरी गाण्ड और मेरी मदमस्त जवानी को बेचैन निगाहों से देख रहे थे और राठौड़ अंकल तो मेरी पीठ से हाथ ही नहीं हटा रहे थे।फिर उनके लिए खाना बनाने के लिए मैं रसोई में आ गई.

हिंदी वीडियो ओपन सेक्सी जी हाँ, यह विपिन मेरे पति का छोटा भाई है, यानि मेरा देवर… जालिम बहुत बहुत कंटीला है… उसे देख कर मेरा मन डोल जाता है. मेरी चीख निकलने वाली थी कि उसने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया… मेरे मुँह से आह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह की आवाजें निकल रही थी…पूरा लण्ड अन्दर धकेलने के बाद वो कुछ देर शांत रहा और फिर लण्ड अंदर-बाहर करने लगा.

इस बार मैंने उसकी गांड मारने की इच्छा रखी तो वो बोली- इस बार नहीं! अगली बार मार लेना. उसकी आँखें डबडबा आई…मैं : लेकिन बोलो तो सही ऐसी क्या बात है…वो : मेरी परेशानी का कारण आप हैं…अब मेरी समझ में कुछ आया लेकिन फिर भी मैं बोली- क्या…!! मैं तुम्हारी परेशानी का कारण…वो फिर अचकचा गया. उसकी गांड में दूध दही की बाढ़ आ गई !मैं झड़ रहा था, उसकी चूत भी टपक रही थी !लेकिन हमारा प्यार परवान चढ़ चुका था…मौक़ा मिला तो कैसे राधा की चूत की सील तोड़ी ! यह भी बताऊंगा !.

हिंदी सेक्सी फिल्म देखना

रीटा के गोरेपन और जवानी के कसाव कटाव से रीटा की पुष्ट उरोजों में गुलाबी और नीली गुलाबी नसें साफ दिखाई दे रही थी. चुदी हुई रीटा अपने चकराते हुऐ सिर को पकड़ जमीन पर बैठ अपनी बेतरतीब सांसों को सम्भालने लगी. जीजू ने मेरी रोंयेदार चूत को देखा तो वो मदहोश हो गए, कहने लगे- मुक्ता रानी! आज तुझे मैं जन्नत की सैर कराऊँगा! आज तेरी चूत का भुरता नहीं बनाया तो मेरा नाम भी विपुल नहीं! आज तुझको पता चलेगा कि तेरी इस चूत से क्या गुल खिलेंगे.

अपना कमरा धड़ाक से खोला,‘यो देख, कई! देख्या कि नाहीं… यो हरामी नागो फ़ुगो दारू पी ने पड़यो है. उसने इतनी जोर से मेरी पेंटी को खींचा कि वो फट गई पर सब कुछ भूल के वो बस मेरी चूत सहलाने में लगा था … मैं तो मज़े से मरी ही जा रही थी … झड़ने ही वाली थी कि उसे दूर धकेला … झट से नीचे उतर कर उसके लौड़े को अपने मुँह में ले लिया.

मैंने फ़िर कहा- एक बार मुँह में लो!तब उसने कंडोम के ऊपर से लिया… मैं उत्तेजित हो रहा था… 12-15 मिनट में मैं कंडोम में ही झर गया, फिर भी वो उसी तरह मुँह में लिए हुए थी.

उनकी चूचियों को चूमता रहा और उनके चूचुक उमेठता रहा और पीता रहा।जब लगा कि उनका दर्द कम हो गया है और उन्होंने नीचे से कूल्हे उठाना शुरू कर दिए थे. पर फिर भी मैं उनसे इतनी दूरी पर थी की उनकी क्रियाएँ देख सकूँ… वो दोनों पास वाले बगीचे में घुस गए कुछ देर बाद मैं भी वहाँ पहुँच गई. फिर भाभी ने पूछा- दूसरी शर्त क्या है?तो मैंने बोला कि मैं एक लड़की से प्यार करता हूँ और उससे शादी करना चाहता हूँ.

जैसा कि मैंने आपको पहली कहानीमैं और मेरी प्यारी शिष्या”में बताया था कि कैसे तनवी का और मेरा पहला प्यारा तन्हाई वाला मिलन हुआ और घर वाले अभी और दो दिन के बाद आने वाले थे तो मेरे पास अभी और दो दिन थे तनवी को मन भर कर प्यार करने के लिये।उस दिन जाने के बाद शाम को तनवी का फोन आया. रात को करीब 8 बजे जब ज्योति घर पहुंची तो वो खाना खाकर सीधा अपने कमरे में चली गई और फिर आयशा भी अपने कमरे में सोने के लिए चली गई और मैं टी. जैसे ही हम अलग आये तो सोनम ने मुझे एक लाल गुलाब पकड़ाया और मुझे ‘आई लव यू ‘ बोलकर मेरे गले लग गई.

’आलोक बीयर गिलास में डालते हुए पूछने लगा,’नताशा जी, आपके पति कहाँ हैं?’‘अपने काम पर!’उसने मुझे गौर से देखते हुए कहा…’आपकी हँसी बहुत ही सेक्सी और कातिलाना है!’मैंने कहा,’अच्छा??’‘कसम से! नताशा जी… आप किसी फिल्म एक्ट्रेस से कम नहीं हैं.

हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की: मैंने उनके गाल पर चूम कर उन आँसुओं को अपने होंठों से पी लिया और अपनी बाहों में भर लिया. अब गांड की बारी !”कभी गांड और कभी बुर करते हुए मैं आंटी को चोदता रहा करीब तीन घंटे तक …आंटी साथ में गाना गा रही थी :तेरा लंड मेरी बुर …अंदर उसके डालो ज़रूर …चोदो चोदो, जोर से चोदो …अपने लंड से बुर को खोदो …गांड में भी इसे घुसा दो …फिर अपना धात गिरा दो …इस गाने के साथ आंटी घोड़ी बन चुकी थी और और मैं खड़ा होकर पीछे चोद रहा था। मेरा लंड चोद चोद कर लाल हो चुका था.

) जान क्या रेडी हो ? अब डाल दूं?वो : पूछो मत अब फाड़ दो इसे पर धीरे से करना शुरू में… फकक्क्क मीईईईई प्लज़्ज़्ज़शशांक : लो जान अब ले लो……. ऊफऽऽ अभी तक मेरा बदन टूट रहा है, हाय मेरी फुद्दी, यू रास्कल आई लव यू!’ रीटा की आवाज अब भी काँप रही थी. प्रेषक : राज मेहताहाय दोस्तो, मुझे यकीन नहीं होता कि आठ महीने बाद मेरी कहानी को गुरूजी का आशीर्वाद मिलेगा। आप अब आगे की कहानी का मजा लीजिये ….

फ़िर भी किसी तरह उसने पूरे सुपारे को अपने थूक से गीला कर दिया था… फ़िर किसी तरह उसने सुपारा मुँह के अन्दर ले लिया और अन्दर बाहर करने लगी.

यह थी मेरी पहली चुदाई!आपके जवाबों का इंतज़ार है और बाद में अपनी चूत में घुसे दूसरे लौड़े के बारे में बताऊँगी. उसने मुझसे कहा- चिंता मत कीजिये मैडम, मैं इसी कोच में हूँ, कोई भी परेशानी हो तो मुझे बता दीजियेगा, मैं हाज़िर हो जाऊँगा! आपके साथ वाली बर्थ खाली है अगर कोई पेसेंजर आया भी तो कोई महिला ही आएगी इसलिए आप निश्चिंत हो कर सो सकती हैं. नीना ने एक हाथ से मेरा 6 इंच वाला लंड तो दूसरे हाथ से अमित का मुझसे ड्योढ़ा लंड पकड़ रखा था.