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अब मेरा अंकल की तरफ देखने का दृष्टिकोण बदल गया, घर में अंकल बनियान और लुंगी पहनते थे. मां बेटे की सेक्सी पिक्चर हिंदीएक दो बार रजिस्ट्रेशन के नाम पर उन्होंने कुछ रूपये भी लिए, लेकिन कुछ नहीं हुआ.

अचानक ही वसुन्धरा ने मेरे दाएं हाथ को अपने बाएं उरोज़ पर से उठाया और मेरे दाएं हाथ को अपने हाथ में पकड़ कर जगह-जग़ह से चूमने लगी और मेरी तर्जनी और मध्यमा उंगली अपने मुंह में लेकर बेसब्री से चूसने लगी. ब्लू विडियोथोड़ी देर तक मैं अपने लंड को घिसता रहा, फिर लंड ने एक बारगी फव्वारा छोड़ना शुरू किया, जो सीधे नम्रता के चेहरे से टकराने लगा.

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उससे कभी ज्यादा बात नहीं हुई थी, पर 2013 में वो अब हमारे मकान में ही रहने लगी थी.वह उठी और मैंने अपना लण्ड लोअर से बाहर निकाल लिया और उसको बिठा लिया.

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रात को सब लोग सोने के बाद मैंने छुपाई हुई मैगज़ीन निकाली और बाथरूम में जाकर पढ़ने लगी.उसने कहा- ठीक है, वैसे भी आप अपनी भाभी को चोदते रहते हो, तो क्या मैंने कभी कोई आपत्ति जताई है!मेरी भाभी को मैं चोदता हूँ, ये जानकारी मेरे पुराने मित्र जानते हैं.

श्वेता मैडम के जकड़ने से मेरा टॉवेल छूट कर अलग हो गया था और मेरी यह हालत देख कर श्वेता मैडम की हंसी निकल गई. सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ एचडी फिर उन्होंने मुझे इशारों में कहा की यह डील जरूरी है, नहीं तो आपका यह नौकरी का आखिरी महीना हो सकता है.

कुछ टाइम बाद मैंने उन्हें कुतिया के पोज में बनाया और उनके पीछे से चुत में लंड पेल कर चुदाई शुरू कर दी.

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ज्योति भी ऐसी ही औरतों में से थी क्योंकि वो एक चुदासी रांड थी और उसका हस्बैंड कमजोर दुबला-पतला था जिसके कारण वो उसे ढंग से चोद नहीं पाता था. अपनी पैंट को खोलते हुए जीजा बोले- बंध्या, तू तो बहुत ही चुदक्कड़ है. मैंने सिगरेट का लम्बा कश खींचा और उसकी टांगों के बीच में बैठ कर उसकी चूत को किस किया.

सफर की थकान जो निकालनी थी। दूसरे दिन जब सुबह उठा तो जल्दी से नहा-धो कर आस पास के घरों में मिलने जा पहुँचा। कुछ घरों में गांव वालों से मिलने के बाद एक घर मे पहुंचा. मैं मुस्कान और शिशिर को अपने घर खाने पर बुलाती थी, तो शिशिर मेरे से बात करने के बहाने किचन में आ जाते थे और मेरी चूची को दबा देते थे. मैं अपने मुँह से उसकी चूत पर लगी हुई चॉकलेट को चाट रहा था और उधर ज़ायरा का हाल बुरा हो रहा था.

उसी समय चारू ने बताया कि उसके स्कूल की भी आज जल्दी छुट्टी हो गयी और अभी घर नहीं जाना चाहती. जब मेरा लंड उसकी चूत से बाहर आया तो वह खून से लथपथ था। उसकी आँखों में पानी था और उसका दर्द उसके चेहरे से साफ़ दिखाई दे रहा था। मैंने उसे टॉवेल दिया और चूत साफ़ करने को कहा। अपनी चूत को साफ करते-करते उसने आधा टॉवेल खून से लाल कर दिया।मैंने उसे दोबारा से उसी पोजीशन में आने के लिए कहा मगर वो दर्द होने के कारण डर गई थी और लंड को अंदर लेने से मना करने लगी. उनकी टाईट जींस और चुस्त टॉप से उनकी चुत का फूला हुआ आकार और उठी हुई गांड बड़ी मस्त लग रही थी.

लेकिन हम एक दूसरे को पता नहीं लगने देते कि एक दूसरे को ही देखने आते हैं. चारू इस पल की मस्ती में मादक सिसकारियां लेती हुई बड़बड़ाने लगी- आह सुमित, कम बेबी सक माय बटक्स एंड लिक माय पुसी.

उसने मेरी चूत की 15-20 मिनट तक बहुत मजेदार मालिश की और उस बीच में मैं एक बार झड़ भी गयी थी.

फिर मैंने भाभी की ब्रा भी उतार दी और उनके मम्मों को मसलने और चूमते हुए चूसने लगा.

आपको हम भाई-बहनों की ये चुदाई की कहानी कैसी लगी, आप नीचे दी गई मेल आई-डी पर जरूर मैसेज करके बतायें. ऊपर जाकर मैंने देखा कि कमरे में एक तख्त लगा हुआ था और उस पर एक गद्दा बिछा हुआ था. रेखा से थोड़ी देर ज्यादा मेरी ट्रेन दौड़ी और फिर रेखा की चूत के ही अन्दर मेरे लंड ने उल्टी करनी शुरू कर दी.

मगर मैंने फिर भी कुछ रिप्लाई नहीं दिया और उसके बारे में सोचते-सोचते नींद आ गयी।सुबह स्कूल में आते ही उसने मुझे देखा. पुष्पिका के नाम की दो बार मुट्ठ मारने के बाद भी उसका जोश आसमान छू रहा था. मैंने अपनी जीभ की टो चूत के मुहाने पर लगा दी ताकि उसका वो सफेद गाढ़ा रस सीधा मेरी जीभ पर गिरे.

मुझे हल्का सा गुस्सा आ गया और मैंने उनकी चूची को बहुत जोर से भींच दिया.

मैंने जीभ से नैना की मुनिया से लेकर गांड तक एक बार ज़ोर से चाट लिया, तो नैना एकदम से उछल पड़ी और बोली- आह चाचू क्या कर रहे हो … ये तो चीटिंग है. मैं मधु की दोनों टांगों को चूमने लगा और जब मैंने उसकी जाँघों को किस किया, तो मधु की आवाज मदहोश हो गयी. मैं लगातार भाभी की चुचियों को पीता रहा और दूसरे को हाथ से दबाता रहा.

मैं उनके साथ नहीं जा पाई क्योंकि मेरे एग्जाम्स चल रहे थे और अभी 2 एग्जाम्स बचे हुए थे. मैं झिझका तो खुद उसी मेरे होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और मुझे किस किया. भाबी बोली- ये बेडसीट मैं संभाल कर रखूंगी … तुम्हारे प्यार की निशानी है.

बस मैं खुद ही उसके साथ अपने शरीर को मजा दिलाने के लिए पूरी नंगी होकर उसके साथ बिस्तर में आ जाती.

बिल्कुल भी टाइम खराब न करते हुए वह मुझे खींच कर अपने बेडरूम में ले गयी. फिर मैंने रूपाली की बात पर ध्यान दिया कि अपने ही भाई से चुदवाने में हर्ज ही क्या है.

सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ एचडी इन्हीं सब बातों की सलाह करने के लिए मैं एक दिन डॉली के घर जा पहुंची और गंभीर होकर उसे अपना ये हाल बताया. मगर अबकी बार मैं उसकी सहूलियत के हिसाब से ही लंड को अंदर कर रहा था.

सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ एचडी फिर एक और द्विअर्थी बाण छोड़ा और उसको पूछा- वैसे तुम्हारा साइज क्या है?वो एकदम चौंक कर बोला- मतलब?मैंने कहा- अरे मैं यह पूछ रही हूं कि L है, XL है या XXL है?उसने कहा- शालिनी जी, यह तो मुझे नहीं पता लेकिन हम लड़के लोग मॉल में जाते हैं वहां पर पहनते है और जो फिट आता है उसको लेकर आ जाते हैं. इसी आसन में चोदते समय यदि लड़की की टांगें अपने कंधे पर रख ली जायें तो क्या कहने.

अंकल का सांवला रंग, चौड़ा बदन, पतले हुए बाल और गुस्सैल चेहरा होने की वजह से कोई उनसे ज्यादा बात नहीं करता था.

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साफ़ था कि यह मेरी बीवी की चूत का पानी था जो अब्बू से उसकी चुदाई के दौरान निकला था. मैं रुका, मैंने जमीन पे गिरी उसकी पैंटी ली उसके मुँह में ठूंस दिया. अगले दिन मैं जब गांव में बोर हो रहा था, तो सोचा क्यों ना जोधपुर जाकर कोई मूवी देखी जाए.

क्योंकि मेरे घर कोई नहीं था इसलिए हम लोगों को सेक्स करने की जल्दी नहीं थी. मैं चूस-चूस कर उनके लंड को खड़ा करती हूं तब जाकर हमारे बीच में सेक्स होता है. उनकी सीत्कार भरी आवाज निकल गई- आआहह … कमीने अब चाची को रुलाएगा क्या?मैं- अरे सॉरी चाची गलती से हो गया.

उसने फोन पर मानसी को बताया कि वह कुछ दिन के लिये हमारे पास रहने के लिए आ रही है.

इसलिए जब उसका मैसेज आया, तो मैं उठकर उसकी छत से होते हुए उसके घर में अन्दर चला गया. पिछले हफ्ते आपने जी तनख्वाह दी थी, वो तो सब खर्च हो गयी, बची हुई की वो दारू पी गया. मैं भी जीतू से बात करती थी और हम दोनों लोग की बातें फ़ोन पर भी होने लगी.

फिर साहिल के अंदर काम वासना जागने लगी और उसने हीना की कमर पर हाथ डाल दिये और उसके होंठों को किस करने लगा. मेरे दिमाग में एक फैंटेसी थी कि मैं मधु को रश्मि के सामने भी चोदता रहूँ, तो रश्मि मुझसे गुस्सा नहीं, सिर्फ प्यार करे. एक तरफ पुष्पिका इसके लिए तैयार नहीं थी मगर फिर भी मैंने उसका हाथ पकड़ लिया था.

इसी के साथ ही मैंने लंड भाभी की चूत में पेल दिया था और अन्दर बाहर भी करने लगा था. मेरे हर धक्के के साथ उसकी तेज स्वर में ;गूं गूं हम्म गूं उम्म्म …’ की आवाज निकल रही थी.

फिर जीजा ने अपना लंड अपनी जिप से बाहर निकाल लिया और उसको जोर से हिलाने लगे. मैं- भाबी लेकिन आप वो बात मम्मी को तो नहीं बताओगी ना?भाबी- चूतिए … अगर बताना ही होता, तो मैं उसी दिन बता सकती थी … लेकिन जब से तेरा लंड नताशा की चुत चोदते हुए देखा है ना … तब से यही सोच कर मेरी चुत पता नहीं कितनी बार पानी छोड़ चुकी है. उसने पूछ लिया- तुम्हारे कितने बॉयफ्रेंड हैं?मैं- कितने से क्या मतलब है तुम्हारा? एक ही तो होता है और फिलहाल मैं अभी सिंगल ही हूं.

ठीक उसी तरह, जिस तरह मेरी प्यारी चुत वाली मित्रों की चुत गीली होकर मेरे लंड के बारे में सोच रही है.

रेखा जब तक उछाल भरती रही, जब तक कि एक बार फिर से मेरे लंड ने अपनी पिचकारी का मुँह उसकी चूत के अन्दर न खोल दिया. मैंने भाभी का हाथ पकड़ा और कमर से पकड़ के उन्हें स्मूच मारी और छोड़ दिया. मैंने पीछे से एकदम से जानू की आंखों को बंद किया, तो वो घबरा कर खड़ी हो गई.

उसने अपना 8 इंच का लंड मेरी चुत पर सैट किया और धीरे से धक्का दे दिया. मैंने सुमन भाभी के पैर को घुटने से मोड़ कर उठाया और उनकी पिंडलियों पर हाथ को ऊपर नीचे फेरने लगा.

मैं वापस कार के अंदर आ गई, लेकिन इतनी तेज बरसात के कारण में पूरी तरह भीग चुकी थी।वो वापस बोनट की तरफ गया, मैंने कांच में अपना चेहरा देखा तो मेरा फेस पाउडर पूरी तरह भीग चुका था तो मैंने छोटा सा तौलिया अपने बैग से निकाला और मुंह को साफ किया. क्योंकि मैंने अभी तक यही पढ़ा था कि नई चूत में लंड जाता है तो लड़की चीखती चिल्लाती है. दीदी के ब्लाउज के बटन पूरे न लगे होने के कारण उनका एक निप्पल मुझे दिख गया.

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मैं घर का काम करती हूँ और कभी कभी मम्मी को स्कूटी से बाजार करवाने के लिए लेकर जाती हूँ.

वो आगे की तरफ झुकी, मेरे लौड़े को फिर से खड़ा करने के मशक्कत में जुटी थी. फिर मैंने उससे पूछ ही लिया- तुम्हारी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है?उसने बताया कि मेरे हस्बैंड को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है और वो सेक्स सिर्फ ड्यूटी के तौर पर करते हैं. उसके बाद मैंने उसके पेट पर बैठ कर उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया.

आप सभी मित्रों को मेरी अपने ही बेटे के लंड से चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताईयेगा. कुछ ही देर के बाद मेरा दर्द कम हो गया तो फिर मुझे ऐसा लगा कि अब मैं जन्नत में हूँ. चूत वाली चुदाईजब कुछ पल बीत गए तो उसने खुद ही मेरा हाथ पकड़ा और नीचे ले जाकर अपनी पैंट के ऊपर से ही अपने लंड पर रखवा दिया.

वैसे उसने कभी मुझे इस बात को लेकर शिकायत भी नहीं की कि मैं उसकी तरफ क्यों देखता रहता हूँ लेकिन वो इससे ज्यादा मुझे घास नहीं डालती थी. उन्होंने मुझे देखा और हैरानी से पूछा- अरे तुम … आज जॉब पर नहीं गया क्या?मैंने अन्दर आते हुए कहा- नहीं मुझे बैंक में काम था.

मैंने कहा- भाभी आज ही मिली हो, आज ही सुहागरात और आज ही प्रेगनेंट कैसे कर दूँ. उसने धक्का देकर मुझे बेड पर गिराया और मेरी जींस खींच कर उतारने लगी. उसकी पहली पसंद आंटियां ही थीं, उसने कुछ लड़कियों से मजे भी लिए हैं.

मैंने बोला- अगर आपको पसंद नहीं है, तो किसी और होटेल में ट्राई करते हैं. मुझे पता था कि मेरे पति अब सुबह में ही उठेंगे, इसलिए मैं शिशिर के साथ दूसरे रूम में चली गयी. वह कह रही थी- काश तुम मेरे पति होते … मैं तो रात भर तुमको सोने नहीं देती मेरे राजा … रात भर तुम्हारा लंड लेती रहती.

बारह बजते ही मैं अपने कमरे से बाहर निकल कर पीछे की दीवार से कूद कर ऋतु के घर के पीछे जाने लगा, तो उसी समय अनुषी ने भी मुझे देख लिया.

सोनू केवल काली ब्रा और पैंटी में थी जो उसके गोरे बदन पर ऐसी लग रही थी जैसे वह कोई इच्छाधारी नागिन हो. और मैंने एक तेज़ झटके के साथ उसको अपने करीब खींच लिया … इतना करीब कि उसके और मेरे होंठों के बीच 1 सेंटीमीटर का स्थान रहा होगा.

लगभग आधा घंटे तक बारिश रुकने का इंतजार किया, जब बारिश कुछ हल्की पड़ी तो मैंने फिर से चलने का प्लान बनाया और जैसे ही गाड़ी स्टार्ट की तो ये क्या … गाड़ी तो स्टार्ट ही नहीं हो रही!मैंने बार-बार सेल्फ बंद चालू किया लेकिन गाड़ी तो स्टार्ट ही नहीं ही रही थी और बारिश भी हल्की हल्की हो रही थी. मैंने मेरा शर्ट को नीचे किया और स्तनों को शर्ट के ऊपर से सहलाते हुए बोली- आह … दर्द हो रहा है … कितने जंगली हो आप. लड़की का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने का ये सबसे अच्छा तरीका होता है.

मेरे पास विक्रम की इस बात का कोई जवाब नहीं था। मैं डर गया था कि अब मुझे विक्रम को अदला-बदली करके चुदाई के खेल का पूरासच बताना पड़ेगा। उसे बताना होगा कि मैंने ये सब किसी को धोखा देकर नहीं किया।ये सब की इच्छा से था. आपको तो पता ही है मुझे वीर्य पीना तो बहुत ज्यादा पसंद है इसलिए मैंने उनके वीर्य का एक एक कतरा अपने मुंह में गटक लिया और लंड को चाट चाट कर साफ कर दिया. वापस आने के बाद चाची ने मुझे कॉफी के लिए पूछा तो मैंने मना कर दिया.

सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ एचडी मैं उससे अक्सर यह कहता था कि अब तो मेरी जवानी उफान पर है, पर ऊपर वाला मेरे लिए कुछ सोच ही नहीं रहा है. इसलिए मैंने अपने हाथों से ही उसकी ब्रा को हटाया और उसके चूचों को नंगे कर दिया.

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मम्मी ने मुझे बहन को लाने उसके ससुराल भेजा, ताकि वो कुछ दिन दादाजी के साथ रह ले. सोनू केवल काली ब्रा और पैंटी में थी जो उसके गोरे बदन पर ऐसी लग रही थी जैसे वह कोई इच्छाधारी नागिन हो. उसे देख कर भाभी का मुँह शरम से लाल हो गया लेकिन उन्होंने निगाह नहीं हटाई.

कुछ देर बाद कोमल हल्की सिसकारी के साथ अपनी चुदाई की मज़ा लेने लगी थी. उनको मैंने अपना टारगेट इसलिये बनाया था क्योंकि मैं बहुत दिन से देख रही थी कि उनकी कामुक निगाहें हर पल मेरा पीछा करती हैं. नंगी सेक्सी हिंदी फिल्मदोस्तो, अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी साईट पर यह मेरी तीसरी कहानी है।मेरी पिछली कहानीमैं प्यासी भाभी से सेट हो गयापर आपके मेल मिले, आपका तह-ए-दिल से शुक्रिया और कुछ मेल मुझे ऐसे भी आये कि वो मेरी कहानी की नायिकाओं को चोदना चाहते हैं। लेकिन माफी चाहूंगा कि ये मुमकिन नहीं है। कुछ गे (समलैंगिक) लड़कों के भी मुझे मेल आए.

क्योंकि मैंने नशे में उन्हें गले तो लगा लिया था, पर अब मुझे उनकी सांसें मेरी छाती पर महसूस होने लगी थीं.

चाची के मुँह से एक तेज ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… आऊऊऊ … मर गई …’ की आवाज निकली. पर रात के वक्त एक जवान लड़की का साथ पा कर मुझे हल्का सा सुरूर चढ़ने लगा.

दोस्तो, मैं नीतीश (मेरठ से) एक बार फिर हाजिर हूं अपनी अगली कहानी को लेकर. फिर श्वेता मैडम ने थोड़ा आगे होकर मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया और उसको निहारने लगीं. उसका लंड उसके हाथ में इतनी तेजी के साथ चल रहा था जैसे कि वो उसको मथ कर उसमें से मक्खन निकालने की कोशिश कर रहा हो.

आह … अंकल जी!” मेरे मुंह से अपने आप निकल गया और मेरी बांहें उनके गले से लिपट गयीं.

उसकी उंगलियों का स्पर्श पाकर मेरा लंड फुफकारते हुए उछल-उछल कर झटके देने लगा. लंड थोड़ा सा अन्दर जाते ही सोनम तड़पने लगी … तो सोना उसका सिर सहलाने लगी. बाजार 1 घंटे की दूरी पर है तो उसे काफी तकलीफ होने वाली थी।बस थोड़ी ही दूर चली थी कि मेरी मां को पीछे कुछ महसूस हुआ.

सुहागरात वीडियो सेक्सीवैसे तू इसके लायक तो नहीं है लेकिन फिर भी मैं इससे पूछ लेता हूं कि ये तेरे साथ करने के लिए तैयार है या नहीं. जब मैं उसकी गांड की चुदाई करने लगता था, तो वो अपनी पुत्तियों को मसलने लगती, या फिर उंगली चूत के अन्दर डालने लगती.

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मैंने अब्बू से कहा- अब्बू, मैं मुनव्वर के साथ बाहर जा रहा हूँ, आप खुद घर चले जाना, मैं थोड़ा देर से आ जाऊंगा।अब्बू कोई दूध पीते बच्चे तो थे नहीं, वो समझ गए कि हम क्या करने जा रहे हैं, उन्होंने कहा- ठीक है. फिर पता नहीं उसको क्या हुआ वो न जाने क्या सोचकर पलटी और एक कातिलाना मुस्कान दी और मेरे पास पड़े अपने कपड़े उठाने लगी. उन्होंने 3000 रूपए निकाल कर मेरे सामने कर दिएमैं- यह क्या?मैडम- तुम्हारी जरूरत का थोड़ा हिस्सा.

ब्रश करते-करते वो सहसा मेरी तरफ घूमी और बोली- अरे हां तुम जब हग लेना तो मुझे बता देना, मैं तुम्हारी गांड साफ कर दूंगी. पर उतना वक्त लगाया कि वह दोनों वापिस हॉल में जाकर अपनी जगह पर बैठ जाये।मैं हॉल में गई और उन्हें पूछा- पसंद आया?क्या?” दोनों के चेहरे पर बारह बजे थे।मैं शरारत से उनकी तरफ हँसती हुई बोली- चाय नाश्ता पसंद आया या नहीं?मैंने उनकी फिरकी ली है ये समझ में आते ही वो रिलैक्स हो गए।वाह … भाभी … एकदम मस्त था. वो हाथ मोड़ के कोहनी के सहारे सोफे के किनारे से अपने को संभाले हुई थी.

अगर आप आगे की कहानी जानना चाहते हैं, तो प्लीज़ मुझे लिख कर ज़रूर बताएं. रश्मि की गीली चुत मेरे मुँह में अपना रस निकाल रही थी, जिसे मैं बड़े चाव से चाट रहा था. मुझे लगा कहीं पीरियड्स तो नहीं शुरू हो गए? यह सोच कर बाथरूम में जाकर चैक किया … पर ऐसा कुछ नहीं था, बस पैंटी पर एक चिकना दाग बन गया था.

उसका लंड मेरी नीचे वाली जांघ से थोड़ा सा ऊपर मुझे टच हो गया और मैंने महसूस किया कि उसका लंड तना हुआ है. उसके बाद उसने मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया ओर मेरी ब्रा भी उतार दी.

अपनी गर्लफ्रेंड के बाद मुझे अगर किसी की चूत इतनी प्यारी लगी, तो वो थी कीर्ति की चूत.

हम दोनों साथ में ही रहने लगे क्योंकि हम दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त हैं, तो हम दोनों की आपस में जमती भी बहुत थी. भाभी की चुदाई सेक्स वीडियोवो बड़ी मादक अदा से मेरे पास आई, उस बोतल को ओपनर से खोल कर उसको खोला और उसकी पिचकारी को मेरी छाती पर मार दी. सेक्सी वीडियो देसी वालाये सुनते ही मैंने अपनी कॅप्री निकाल दी और उनको सीधा करके उनके मम्मों की भी मालिश करने लगा. लेकिन मैंने उसको ऐसा करते हुए देख लिया और एक कातिल मुस्कान उसकी तरफ छोड़ दी.

कमरे में जाने के बाद जैसे ही उन्होंने दरवाजा बन्द किया, मैं दरवाजे की आवाज को सुन कर समझ गया कि आज कुछ गड़बड़ होने वाली है.

उस शाम हम लोगों ने बाहर ही खाना खाया और घर को 11 बजे तक घर पर पहुंचे. वैसे तो यात्रियों के लिए ड्रिंक करने की मनाही थी लेकिन वो मेरे बारे में अच्छी तरह जानता था इसलिए मुझे यात्रा के लिए कैसे मनाना है वो अच्छी तरह जानता था. अब मेरी जांघों और उसके हिप्स के टकराने से जो आवाज़ आती है, वो पूरे कमरे में गूंज रही थी.

इस थका देने वाली चुदाई के बाद नींद आ गई थी और पता नहीं कितनी देर हम वहाँ नंगे ही पड़े रहे। जब हम उठे तब लगभग रात के 9 बज चुके थे। उठने के बाद पेट में बहुत ही ज्यादा भूख महसूस हो रही थी. खाना बन गया था, नेहा ने मुझे आवाज़ लगायी लेकिन मैं हैडफोन लगा कर फिल्म देख रहा था तो सुनाई नहीं दिया. जब मैं उसकी गांड की चुदाई करने लगता था, तो वो अपनी पुत्तियों को मसलने लगती, या फिर उंगली चूत के अन्दर डालने लगती.

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पूरा कमरा सीमा की सीत्कारों से भर गया- उम्म्ह… अहह… हय… याह… और चोदो … और जोर से राहुल … आज तो फाड़ ही दो तुम मेरी चूत को …उसकी चीत्कार राहुल की स्पीड और बढ़ा देती. बात करते करते मेरी चाची और चाचाजी से भी मेरी बात करवाई तो चाचा और चाची ने कहा- शालू पिछली बार जब तू आई थी तो तूने वादा किया था कि भाई की शादी में पांच दिन पहले आएगी. लेकिन तभी बस ने ब्रेक लगाए और एक झटका इतनी जोर लगा कि मुझसे सम्भला ही न गया और मेरे चुचे उसकी छाती से रगड़ खा गए.

थोड़ी देर मैंने बिना कुछ करे दीदी पर लेटा रहा और फिर धीरे धीरे अपने झटके शुरू किए.

… बहुत दर्द कर रहा है … इतना मोटा लंड मेरे पति का भी नहीं है, जल्दी हट.

मैं उसके और मेरे सेक्स किस्से को लिखना शुरू करूं, इससे पहले मैं आपको कुछ अपनी साली के बारे में भी बता देता हूं. भाभी तो खुद को मुझे सौंप ही चुकी थीं, वे मेरी किसी भी हरकत का विरोध नहीं कर रही थीं. बीपी सेक्सी पिक्चर मराठीकाट इसको … निगोड़ी बड़ा सताती है … साली … निगोड़ी ने मुझे परेशान कर रखा है.

वह बोली- यह क्या किया? तुमने तो मेरी ब्रा फाड़ दी।मैं बोला- कोई बात नहीं आंटी मैं नई लाकर दे दूंगा।फिर मैंने उसकी पैंटी खोल दी. अजय को भी ऋतु के बर्ताव से शायद ये अंदाजा हो गया था कि मेरी बीवी को हाइ-फाई लाइफ पसंद है. उसकी चुत गीली होने की वजह से पूरी कमर फच फच और आआहह की आवाज से गूंज रहा था.

उसने मेरे चेहरे पर अपने दोनों हाथ रखकर मुझे अपने होंठों को चूमने के लिए आमंत्रित किया. मैंने शान्ति देवी की तरफ देखा और उसने मेरी तरफ। दोनों के मन में एक ही सवाल था शायद कि एक ही बिस्तर पर कैसे सो सकते हैं!फिर मैंने ही कहा- शान्ति जी, यहाँ पर तो एक ही बेड है.

मैं बोला- चाची आपके चेहरे पर उदासी देख कर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता.

बीस मिनट तक लगातार लंड रगड़ने से मेरी चुत में दर्द होने लगा, मैं बोली- धीरे चोद साले कुत्ते … बहुत दम लगा कर चुदाई कर रहा है. एक दिन मेरी पत्नी ने बताया कि तीन लोगों का परिवार है, भाभी, उनका बेटा और बहू. मैंने कहा- आपको नंगी देख कर किसकी नीयत खराब नहीं होगी भाभी?वो बोली- हे भगवान, आज तेरे भैया से तेरी शादी की बात करनी ही पड़ेगी। इससे पहले मैं कुछ और कहता वो अपने कमरे में भाग गई।भाभी से इस तरह की सेक्सी बातें करने और उनकी कच्छी को उनके सामने ही सूंघने के बाद मेरे अंदर की प्यास बहुत ज्यादा बढ़ गई और मेरा लंड तन गया.

सेक्सी बीपी मराठी ओपन सुनीला तुरंत राजी हो गई और बोली- बोलो, कल कहां आना है?मैंने लिखा- शेखावटी होटल में 11 बजे आ जाना. उसने महसूस किया कि संगीता को आराम मिल रहा है और उसने आँखें बंद कर रखी थीं.

कई दिनों से हम मूवी देखने नहीं गये थे इसलिए ऋतु भी जल्दी ही मान गयी. उसकी सिसकारियां और तेज हो गयीं और उसने अपनी टांगों को मेरे सिर पर जोर से दबा दिया. दोस्तो, मैं नीतीश (मेरठ से) एक बार फिर हाजिर हूं अपनी अगली कहानी को लेकर.

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वहां भावना भाभी अपने पति अशोक और दो साल के बेटा लालू के साथ रहने लगी थी. का ही इस्तेमाल करते थे। मोनी के पड़ोसी के घर फोन तो था परन्तु शायद उसकी लाइन खराब हो गयी थी. मेरी वो ख्वाहिश उसने खुद ही पूरी कर दी और कहने लगी- चन्दन लाइट जला लो.

कुछ ही देर में गर्मी लगने लगी थी, तो मुझे याद आया कि मैंने अपने रूम में पंखा ही चालू नहीं किया था. तभी ब्यूटी-पार्लर के दरबान ने कार की पिछली सीट पर वसुंधरा का पुराने कपड़ों से भरा अटैची-केस रख कर दरवाज़ा बंद कर, फ्रंट का पैसेंजर साइड का दरवाज़ा खोल दिया और वसुंधरा भी कार के आगे से घेरा निकाल कर फ्रंट पैसेंजर सीट पर आ कर बैठ गयी.

मैंने उससे पूछा- और कौन-कौन है तुम्हारे घर में?तो वह बोला- अभी तो सभी मामू की शादी में गए हुए हैं।मैंने उसको कहा- ईडियट और कौन-कौन रहता है तुम्हारे घर में यह पूछ रही हूं.

पांच-सात मिनट की चुदाई के बाद ही मेरा पानी निकलने की कगार पर पहुंचने को हो गया. आंटी की कच्छी के ऊपर से काटने और चूमने से लाल हुयी चूत, लंड लेने को तरसती हुयी दिख रही थीं. बीच बीच में शुभम जी लंड निकाल देते, जिससे गांड का छेद खुला का खुला रह जाता.

मेरा एक हाथ उसका एक बोबा मसल रहा था, तो दूसरा हाथ उसकी साड़ी खोलने में लग गया. उसके मुँह से उसके पति की चुदाई की बातें सुनकर मुझे बड़ा कामुक सा लगता था. भाभी के मुँह से आवाजें आने लगीं, उनकी आवाजें ‘हहम्म उम्म्म …’ मुझे गर्म कर रही थीं.

लेकिन दोस्तो, सेक्स में औरत या लड़की को जितना तड़फाओ, उनको बाद में उतना मज़ा आता है.

सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ एचडी: मेरे प्यारे दोस्तो, आपको ये कहानी कैसी लगी? इस पर अपने कमेंट के जरिये मुझे जरूर बतायें. वो एक ट्रांसपेरेंट नाइटी में थी, जो कि मुश्किल से उसकी जांघों तक की थी.

सबसे पहले मेरे पत्ते कमजोर आए और मैं हार गया, जिससे मुझे एक बियर का पैग लेना पड़ा. अभी तक आपने पढ़ा कि मेरी रंडी बहन मुझे चुदाई के खेल में खेल रही थी मैं उसके साथ वाइल्ड सेक्स कर रहा था, जोकि उसी की पसंद थी. अब तो यह बातें हम लोगों के लिए आम हो चुकी थी, लेकिन मेरा मन अभी तक नहीं भरा था.

इसके बाद खाना खत्म हुआ और फिर रात 10 बजे अंकल अपने घर चले गए, अब मैं और अम्मी टीवी देखने लगे थे.

मेरी भी हमेशा यही कोशिश रहती थी कि मैं भाभी को कुछ ऐसी पोजीशन में देखने का प्रयास करूं, जिसमें मुझे उनके मस्त चूचे हिलते हुए दिख जाएं. बाकी दिन वो दूसरी चाबी (जो मैंने उसे दी थी) से घर का ताला खोलती और काम करके चली जाती. उसके बाद मैंने ऊपर से अपनी अपनी पारदर्शी नाइटी अपने बदन पर छोड़ दी.