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मेरी आँखों से तो नींद गायब थी, आज एक नायाब चीज़ का दीदार जो हुआ था।खैर थोड़ी देर बाद मेरे मोबाइल की घंटी बजी तो मैंने देखा मामा का फ़ोन था। मैंने उठ कर दरवाज़ा खोला तो मामा ने अन्दर आते ही पूछा- सोया नहीं अब तक?मैंने कहा- नहीं अभी तक तो नहीं.

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उसके दृढ़ और उठे हुए उरोजों को देख कर मैं आपे से बाहर हो गया और उन रेशम से मुलायम उरोजों की चुचूक को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा. जैसे ही मैंने फिल्म लगाई, तो उसमें लंड चूसने का सीन आ रहा था तो उसने बोला- बहुत गंदा है!मैंने कहा- इंडियन लड़कियों के नीचे काली ही होती है।उसने कहा- यह ज़रूरी नहीं है. आंटी भी खड़ी-खड़ी भीग चुकी थीं, बहुत सेक्सी लग रही थीं, उन्होंने सफेद रंग का सूट पहना था जो भीगने के कारण आंटी के शरीर से चिपका हुआ था। उनका 34 साइज़ का सीना मेरे सामने चमक रहा था। उनकी ब्रा सफेद सूट में से नजर आ रही थी और उनका पेट तो बहुत ज्यादा कामुकता बिखेर रहा था।मैं उनको देखने में ही खोया था, तभी एकदम से आंटी ने कहा- लव.

!मैं उसके होंठों को चूसता रहा और साथ साथ उसके मम्मों को दबाता रहा। कुछ समय के बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो उसने नीचे से चूतड़ों को उचकाना शुरू किया और कहने लगी- सर. भाभी मेरे सिर पर हाथ फ़ेरते हुए कहने लगी- उठो ना देवर जी, अब छोड़ भी दो बेचारी को और इसकी चूत को थोड़ा सांस तो लेने दो, मेरी चूत पर भी कुछ तरस खाओ और अब इसका भी बाजा बजा दो. मेरा जिस्म मेरा साथ छोड़ रहा था, अब मैं भी मजे में डूबती जा रही थी, अब उनका लंड मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।मेरे मुँह से निकल रहा था- उफ़फ्फ़… बाबूजी…प्लीज़ नहीं…आहाहहा.

सम्पादक – इमरानअच्छी तरह से मूतने के बाद वो हसीना उठने ही वाली थी कि उसको सलोनी और मेहता अंकल की चुदाई की सिसकारियाँ और आवाजें सुनाई दी, वो संभालकर ही अपने लहंगे को पकड़े हुए कमोड से उठी, उसे तो यही लग रहा था कि वो बाथरूम में अकेली है, उसने अपने लहंगे को नहीं छोड़ा, ऊपर ही पकड़े रही या फिर उसको इस बात का ख्याल ही नहीं रहा क्योंकि वहाँ चुदाई कि आवाजें ही ऐसी आ रही थी. बरसों बाद मेरी जीभ को चूत रस चखने को मिलेगा।पापा ने अपनी जीभ मेरी चूत में घुसा दी थी और जीभ से मुझे चोद रहे थे।दोस्तो, क्या बताऊँ वो पल ऐसा था जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकती। मेरी चूत का फव्वारा फूट पड़ा।मैं गाण्ड उठा-उठा कर झड़ने लगी और पापा ने मेरा सारा रस पी लिया।मेरी आँखें बन्द थीं मैं दो मिनट तक झड़ती रही और फिर शान्त पड़ गई. मैंने शर्म के मारे दूसरी तरफ मुँह कर लिया तो वो पीछे से चिपक गया और दोने हाथों से मेरे नंगे कबूतर दबाने लगा.

जहाँ मुझे पता था कि सलोनी ने कच्छी भी नहीं पहनी है…मैं तुरंत अपनी उपस्थिति बताने के लिए पहले मेन गेट तक गया और तेजी से दरवाजे को खोलते हुए ही अंदर आया. मेरा पूरा लंड अब अन्दर था।वो मुझे अपनी तरफ खींचने लगी, पीठ पर नाख़ून धंसाने लगी। मैंने भी अपनी कमर हिलाया और लंड को अन्दर-बाहर किया।कुछ देर कमरे में ‘आहह आहह उउहह उऊहह’ की आवाजें गूँजती रहीं।फिर वो मेरे ऊपर आ कर अपनी चुदाई करवाने लगी और अपने पति को गालियां देने लगी।भाभी- हाय रे आदित्य तू बहुत मज़ेदार है रे.

घर में कोई जगह नहीं बची थी जहाँ हम दोनों ने तरह-तरह के आसनों में चुदाई न की हो, पूरा घर फच-फच की आवाज से गूंज रहा था और मैं लगातार चोदे जा रहा था.

की आवाजे आ रही थी।फ़िर वो बोलने लगी- आज इस मादरचोद चूत को फाड़ दो, इसकी प्यास बुझा दो, इसने मेरा जीना हराम कर रखा है।मैं बोला- आज के बाद अगर आप को कभी भी यह परेशान करे तो आप मुझे मिस कॉल मार देना, मैं इसका इलाज कर दूँगा।थोड़ी देर तक चुदाई चलती रही, फिर मेरा झड़ने लगा और मैंने मेरा पूरा माल उसकी चूत में छोड़ दिया।थोड़ी देर बाद हमने फिर से एक बार और चुदाई की.

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सलोनी को शायद कुछ समय पहले हुई हरकत का थोड़ा सा अफ़सोस सा था, वो अपना पहले वाला पूरा प्यार दिखा रही थी. फारूख खानरणजीत दोनों हाथों से उसकी दोनों चूचियों को दबाते हुए चुम्बन करने लगा।सीमा भी चुम्बन का जवाब चुम्बन से देने लगी।‘कैसा लगा मेरी जान?’शरमाते हुए- बहुत अच्छा. अब पूजा को भी मजा आने लगा तो उसने अपनी टांगे उठाकर मेरी कमर पर लपेट लीं और अपनी कमर हिला-हिलाकर अपने आनन्द का सिगनल देने लगी.

दोस्तो, यह कहानी मेरी साली के साथ अधूरी चुदाई की है, मैंने उसकी चूत में लंड लगा तो दिया पर घुसा नहीं पाया.

अचानक इशानी ने मुझसे कहा- अर्पित, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है… पता नहीं मुझे क्या हुआ है, कुछ करो, नहीं तो मैं मर जाऊँगी… मैंने उससे कहा- जान, मेरी भी यही हालत है लेकिन मुझे कुछ समझ नही आ रहा है कि क्या करूँ…!उसने कहा- तुम अपना लिंग मेरे अंदर डाल दो. अन्दर मत छोड़ना।मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में दे दिया, वो मेरा सारा माल पी गई।हमने फिर उसकी चूत पर लगा सारा खून साफ़ किया और अपने-अपने कपड़े पहने और अपनी सीट पर आ गए।उस रात हमने बार-बार वाशरूम जाकर 3 बार चुदाई की। उसने मुझे अपना फ़ोन नम्बर दिया और जब भी हम मिलते हैं, चुदाई जरूर करते हैं।आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना।आपका दोस्त विराट सिंहमुझे मेल करना मत भूलना।[emailprotected]. वो उठ कर चल दी तो उसके जाने के बाद मैंने सोचा ऐसे किसी अनजान घर में हूँ तो कपड़े पहन लूँ, इसलिए लाइट ऑन करने के लिए स्विच खोजने लगा.

!मैं छत पर जाने लगी तो मैंने सोचा कि पति से पूछ लूँ कि कब तक आयेंगे, तो उन्हें फोन करके पूछा।उसने कहा- लगभग 9 बजे निकलेंगे तो 10. !कहने को तो मैंने कह दिया, पर मेरा दिल इतने ज़ोर से धड़का कि मुझे पसीना आ गया। मैं डर गई कि अकेले पा कर क्या संयम मेरा फायदा उठाना चाहता है. साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और तू रंडी साली एक बहुत ही चुदासी औरत है। तू और तेरी चूत आह.

अब जीजू सीधा लेट गए और मेरी बहन ने जीजा जी के लंड को पकड़ कर धीरे-धीरे अपनी गाण्ड को लंड पर ला रही थी.

लेकिन मेरा नज़रिया अब बदल गया था, जैसे ही बहन मुझसे लिपटी मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर उसकी गाण्ड पर रख दबा दिया. पहले फर्स्ट गियर लगाया, फिर सेकंड गियर और इसके बाद थर्ड गियर में चलने लगे और मुझसे पूछने लगे- क्यों कोई तकलीफ तो नहीं हो रही?मैंने कहा- नहीं, मुझे तो अभी मज़े आने शुरू ही हुए है.

हिंदी में चोदने वाली बीएफ उसकी पीठ मेरी तरफ़ थी और उसने अपने हाथ मेरे पैरों पर रखे हुये थे, वो अपने चूतड़ों को उठा-उठा कर जोर-जोर से पटक रही थी वो इस पल का मजा पूरे दिलो जान से ले रही थी. ?मनीषा- क्या बताऊँ जयेश… कितना मजा आया… तुमने मुझे आज वो सुख दिया है, जो शायद ही मुझे कहीं और से मिल पाता.

हिंदी में चोदने वाली बीएफ तो वह बिल्कुल से तड़फ कर अपना पानी छोड़ने लगी क्योंकि अब मेरी ऊँगलियाँ उसके अन्दर के भगनासे को मसल रही थीं।उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो बोली- अब जरा जुबान से मालिश दो ना. आज तुम मेघा पर छाए हुए हो।इसी तरह मेघा बोलती और सिसकारियाँ लेती रही।पूरे 3 मिनट की चुदाई के बाद मेघा आंटी ने ‘आह्ह्ह्ह लव.

अच्छा ठीक है।” जगन ने मुस्कुराते हुए मेरी ओर देखा और फिर कम्मो से बोला,”तू बहूजी को अंदर लेजा और हाँ… इनकी अच्छे से देख भाल करियो.

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निखिल कल से पहले मुझे लगता था कि यह सब गलत है, हम सेक्स नहीं कर सकते, यह पाप है पर कल रात तुमने मुझमें सालों से दबी मेरी अन्तर्वासना को फिर से जगा दिया।निखिल- बुआ तुम सच में अभी बहुत प्यासी हो, पर तुम फिकर मत करो, मैं तुम्हारे साथ हूँ. आपकी चूत में मेरा लंड जाकर धन्य हो गया आहह…करीब दस मिनट हम दोनों ऐसे ही सिसकारियाँ भरते रहे, फिर मुझे लगा कि मेरा भी झड़ने वाला है, तो मैंने आंटी से पूछा- आंटी, मेरा निकलने वाला है… कहाँ निकालूँ?मेघा- मेरे अन्दर चूत में छोड़ो. अह्हा अह्ह्ह्ह्ह्हाआआ…मैं- क्या उन्होंने तेरे सामने ही सलोनी को चोदा?अब मैं उसको जल्द से जल्द पूरी तरह खोलना चाह रहा था इसीलिए अभी शब्द खुलकर बोलने लगा…मधु ने मुस्कुराकर मुझे देखा- हाँ.

!’मैंने टांगें खोलीं और उसके लंड को पकड़ कर फुद्दी के मुँह पर रखा, साथ ही मैंने दोनों हाथों से ऊँगलियों से फुद्दी की फांकें चौड़ी कीं, तब उसने करारा झटका मार दिया।‘हाय मर गई कमीने. मेरी इस हरकत का उसने कोई विरोध नहीं किया जिससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई, उसने मेरा कोई विरोध तो नहीं किया पर मेरा साथ भी नहीं दिया बस ऐसे ही बैठी रही. !और मैं वहाँ से चली आई।अब असली कहानी शुरू होती है। अब तक दस बज चुके थे और मम्मा भी एक घंटे में आ सकती थीं। तो मैं नहाने के लिए बाथरूम में पहुँची, अभी मैंने कपड़े उतार कर पानी को छूने ही जा रही थी कि दरवाजे पर दस्तक हुई।मैंने पूछा- कौन?तो वो बोला- मैं।‘क्या काम है.

मैंने आप सबकी कहानियाँ पढ़ी, तो मुझे भी ऐसा लगा कि मैं भी अपनी बात कहूँ, सो लिख दिया।मैं राजकोट का रहने वाला हूँ। एक दिन मैं बारिश में भीगता हुआ घर आ रहा था तब रास्ते में एक भाभी की कार बंद हो गई थी। वे मुझे देखकर बोलीं- मेरी कार बंद हो गई है प्लीज़ मुझे मेरे घर तक छोड़ देंगे?मैंने बोला- चलिए बैठिए.

फिर मैं उसे तेज तेज चोदने लगा और उसकी चूचियाँ चूसने लगा और 20 मिनट तक चोदते चोदते उसकी चूचियों को मुँह से नहीं निकाला और वो कुछ देर पहले झर गई, मैं कुछ देर बाद. । कितने बजे आऊँ तुम्हारे पास?मैंने मस्ती के मूड में कहा- सुबह 4 बजे आ जाना!तो उसने कहा- ज्यादा मस्ती में मत आओ, मैं 4 बजे ही पहुँच जाउँगी।मैंने ऐसे ही कहा- यह हो ही नहीं सकता!वो कुछ नहीं बोली, मैंने समझा कि नाराज हो गई।लेकिन उसने कहा- छोड़ो यह बात!मैं मुस्कुरा दिया।फिर धीरे से बोली- अभी सीधे मेडिकल स्टोर जाकर कंडोम और आईपिल खरीद लेना।मैंने कहा- कितने कंडोम लूँ. एक रात जब हम दोनों सो रहे थे तब रात को मेरी नींद खुली और मैंने देखा कि निशा का चेहरा मेरे चेहरे के बिल्कुल सामने था.

सम्पादक – इमरानअच्छी तरह से मूतने के बाद वो हसीना उठने ही वाली थी कि उसको सलोनी और मेहता अंकल की चुदाई की सिसकारियाँ और आवाजें सुनाई दी, वो संभालकर ही अपने लहंगे को पकड़े हुए कमोड से उठी, उसे तो यही लग रहा था कि वो बाथरूम में अकेली है, उसने अपने लहंगे को नहीं छोड़ा, ऊपर ही पकड़े रही या फिर उसको इस बात का ख्याल ही नहीं रहा क्योंकि वहाँ चुदाई कि आवाजें ही ऐसी आ रही थी. इसके बाद जब भी वो मुझे चोदता, घोड़ी जरूर बनाता!मेरा पसंदीदा स्टाइल यह था कि मैं हेमंत को चित लेटा देती और उसके पेट पर नंगी बैठ जाती. कथा : शालिनी भाभीलेखक : अरुणमैं जैसे ही कार में उसके पास बैठी, उसने मेरे गाल चूम के मेरा स्वागत किया, बोला- बहुत सुंदर और सेक्सी लग रही हो।मैंने उसे उसकी सीट पर धकेलते हुए कहा- प्लीज़ चलो यार, पहले शहर से बाहर तो निकलो !और हम चल पड़े।हम अब हाइवे पर थे और फिर से बरसात शुरू हो गई थी, इस बार जोर से.

बस ‘हँस’ दी।आप से उम्मीद करती हूँ कि आपको मेरी कहानी अच्छी लग रही होगी।यह मेरे जीवन की सच्ची कहानी है और अभी भी मेरे जीवन की धारा बह रही है, मैं आपसे बार-बार मुखातिब होती रहूँगी।आपके प्यार से भरे ईमेल के इन्तजार में मैं आपकी नेहा रानी।. !जैसे कोई लकड़ी के डंडे पे रबर चढ़ा दी हो। मैं 1-2 मिनट उससे खेलती रही तो संयम बोला- इसे मुँह में लेकर चूस.

तभी पापाजी का हाथ मेरे सिर पर पड़ा और वह उसे नीचे दबाने लगा और देखते ही देखते लण्ड महाराज मेरे मुँह से होते हुए मेरे गले तक पहुँच गया. मोनिका ठीक कहती थी- अगर उंगली से चूत मारने में ईत्ता मजा आता है, तो सच्ची-मुच्ची का गर्म और मोटा लण्ड तो दिन में तारे दिखा देगा. अब तुम जाओ।मैं ऑफिस से बाहर आ गया। उसके बाद 2-3 दिन हमारे बीच कोई बात नहीं हुई।यहाँ यह बात बता दूँ कि हमारा सेन्टर शनिवार और रविवार को बन्द रहता है, शुक्रवार को जब मैं अपनी क्लास खत्म कर जाने लगा तो मैडम बोली- अभिजित कल तुम 11.

फिर क्या चाहिए तुम्हें?मैं- मतलब कुछ वक्त सिर्फ़ हम दोनों का हो, उस वक्त और कोई ना हो, तुम मैं कैंडल-लाइट डिनर वगैरह, थोड़ी सी शैम्पेन वगैरह।मेघा- इसमें क्या है… किसी दिन बाहर चलते हैं।मैं- सच्ची?मेघा- मुच्ची.

मैं ऐसे ही सब जगह भाग दौड़ कर रहा था…ऋज़ू के जरा से प्रयास से ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया…तभी मैंने सलोनी की ओर देखा, वो आदमी बहुत तेज धक्के लगाने लगा… इसका मतलब वो चरम पर था…कमरे में तेज आहें ओर धक्कों की आवाजें गूंजने लगीं. उसके मुँह से ‘जान आई लव यू सो मच… बहुत मजा आ रहा है जानू… तुम पहले क्यों नहीं मिले जान… आह… ओह्ह्ह… आअह… और ज़ोर से करो’ की आवाज़ें आने लगी. आआ!भाई ने मेरी चूत को पूरा अपनी हथेली में थाम लिया और बोला- इतनी खुजली हो रही है ॠदिमा?मैं बोली- हाँ…भाई.

’ की आवाजें आने लगीं।कुछ देर बाद उन्हें भी मजा आने लगा और वो भी अपनी गांड को उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगी।वो मस्ती में कह रही थी- और जोर से राजा. आज मन ठीक नहीं लग रहा है, सो छुट्टी कर ली। तुम्हारा फोन लगाया… पर बिज़ी बता रहा था सो मैंने दुबारा नहींकिया।नेहा- खैर छोड़ो.

एक हफ्ते पहले फ़ेसबुक पर मैं आरुष नाम के एक लड़के से मिली थी, मैंने दो दिन तक उससे याहू पर बात की और फिर उसने मिलने के लिए पूछा. मेरा ध्यान अब सलोनी की ओर था और मैं इंतजार में था कि यह भी चुदवा ले…एक मजेदार लम्बा और मजबूत लण्ड उसकी चूत से चिपका था… वो आदमी अपने हाथों से निचोड़ निचोड़ कर उसकी चूची चूस रहा था …सलोनी लगातार अपनी कमर हिला रही थी जिससे उसकी चूत उसके लण्ड का हाल बेहाल किये थी. फिर उनके पेट को चूमने लगा और उनका पेटीकोट भी उतार दिया।भाभी ने गुलाबी रंग की ही पैन्टी पहनी थी। क्या लग रही थी वो.

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!वो अपनी कमर ऊपर उठा-उठा कर संकेत दे रही थी कि अब और इन्तजार नहीं कर सकती।मैंने उसकी मंशा समझ अपना लन्ड उसकी मखमली चूत में पेल दिया, वह दर्द के मारे ‘आंह…आंह’ करने लगी।मेरी तो आन्न्द की वजह से आँखें ही नहीं खुल रही थीं, मेरा लन्ड उसकी चूत में बराबर आगे-पीछे जा रहा था। जाने मैं ये सब कलायें कैसे और कब सीख गया.

टेक कर रहा था। बहुत ही हैंडसम और खूबसूरत सख्सियत का मालिक है अंशु! मैं उस से मन ही मन प्यार करने लगी थी। अंशु भी शायद मुझे पसंद करता था। लेकिन मुँह से कभी कहा नहीं। मैंने अपना दिल शीतल के सामने खोल दिया था। हम आपस में लड़कों की बातें भी करते थे।मुसीबत तब आई जब शीतल आनन्द के प्यार में पड़ गई। आनन्द कॉलेज यूनियन का लीडर था। उसमें हर तरह की बुरी आदतें थी। वो एक अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद था. वहीं जाकर मिल लो!मैं कमरे में गया तो भाभी को आवाज़ लगाई, भाभी नहा रही थीं, भाभी ने नहाते हुए अन्दर से कहा- आज सुबह-सुबह क्या काम आ पड़ा?मैंने कहा- भाभी चॉकलेट देने आया हूँ।फ़िर भाभी ने कहा- तुम शिव (भाभी का लड़का) के साथ खेलो, मैं अभी नहा कर आती हूँ।मैं शिव के साथ खेल रहा था, तभी वो रोने लगा। मैंने बहुत कोशिश कि लेकिन वो चुप नहीं हुआ तो भाभी ने कहा- उसे भूख लगी होगी इसलिए रो रहा होगा. वह बोले- क्या मेरा सारा रस तुम मुफ़्त में पी जाओगी और एवज मुझे कुछ नहीं दोगी? उठो और बेड के ऊपर आकर लेटो ताकि मैं भी तुम्हरी महारानी का रस पी सकूँ.

!फिर उसने मुझे शाम को मिलने को कहा, और हम फिर मिले और दो बार सम्भोग भी हुआ।फिर इसी तरह 2-4 दिन गुजर गए। एक दिन मैंने अमर से कहा- मैं अकेली हूँ दोपहर में. आज मेरी तमन्ना पूरी हो गई।” मैंने उसके कान में लेटे लेटे हल्के से कहा।हाँ, तुम्हे तो मज़ा आएगा ही ! मैं तो मरने ही वाला था। अब तुमसे कभी नहीं मिलूँगा।” उसने मुझे ताना मारते हुए कहा।वैसे वरुण और मैं अभी भी मिलते हैं, मेरे लंड को शुरुआत में अन्दर लेने के बाद उसे बहुत दर्द होता था, लेकिन अब उसकी गांड लचीली हो गई है और वो मज़े ले लेकर मेरे लंड से अपने गांड मरवाता है।. न्यू रिंकी बीएफफिर हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे, वो कहने लगी- वीर, तुम्हारे साथ बहुत मजा आया, उतना मुझे पहले नहीं आया था, पता नहीं कोई और दे भी पायेगा कि नहीं.

‘हायऽऽऽ पता नहीं कब चुदेगी यह निगौडी मां की लौड़ी मेरी चूत!’ बुदबुदा उठी रीटा- काश, आज कोई मादरचोद मेरी कमरतोड़ चुदाई कर दे और मेरी मखमल सी रेशमी गाण्ड फाड़ कर मेरी चकाचक जवानी के कस-बल निकाल दे. मैं जैसे ही बैड के नजदीक गया, भाभी ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गई, भाभी ने मेरा लंड अपनी चूत से लगाया और झटके से बैठ गई.

करके चिकनी जांघें चौड़ीदबा-दबा के चूचियाँ मरोड़ी !कसी चूत में डाला लौड़ासील बन गई राह का रोड़ा !लण्ड घुसा ज्यों थोड़ा-थोड़ाचूत बन गयी मस्त पकौड़ा !लण्ड हुआ फिर गर्म हथौड़ाचोट मार के सील को तोड़ा !चूस मसल के चूचों का जोड़ा,मसल-मसल के चूतड़ थोड़ा,लण्ड हो गया जैसे घोड़ादे दनादन दौड़ा दौड़ा !जोर-जोर से लण्ड घुसेड़ाचूत कुँवारी लौड़ा तगड़ा !पेला चोदा चूत को रगड़ालण्ड-चूत ने पानी छोड़ा !. दोस्तो, इस तरह चुदाई करते समय लंड पूरी तरह से तो चूत के अन्दर नहीं घुसता, वो सिर्फ़ आधा या आधे से ज्यादा ही घुस पाता है. फ़िर मैंने उसे उसके कन्धों से पकड़ कर उठाया और उसके होंठों पे होंठ रखकर चूमने लगा, उसने भी खुलकर मेरा साथ दिया वो कभी अपनी जीभ मेरे अन्दर डालती और कभी मेरी जीभ को अपने मुँह के अन्दर तक ले जाती.

पता नहीं ये सब सही भी है कि नहीं क्योंकि तुम मुझ से छोटे हो।मैंने उनको कहा- मैं आपसे छोटा हूँ पर मैं बच्चा नहीं हूँ. मैंने सोचा कि पूजा के कमरे में जाकर उससे मिलना चाहिए, अब वो अकेली भी है, फिर मुझे लगा कि कहीं उसे इस तरह बुरा ना लगे. !मैं जल्दी से वहाँ से जाने लगी।तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोले- आज स्कूल की छुट्टी है बहू… बैठ तो सही!मैं एकदम घबरा गई। उन्होंने आज तक ऐसा नहीं किया था।‘अब्बू मुझे जाने दीजिए.

!जोरों से धक्के लगाने के करीब 15 मिनट बाद मैंने कहा- मेरा पानी निकलने वाला है… बताओ कहाँ डालूँ?तो उसने कहा- बाहर निकाल लो.

मोनिका ठीक कहती थी- अगर उंगली से चूत मारने में ईत्ता मजा आता है, तो सच्ची-मुच्ची का गर्म और मोटा लण्ड तो दिन में तारे दिखा देगा. हाँ मैं कल शाम को आ गया था !’‘तो आपने मुझे कल क्यों नहीं बताया?’ उसने मिक्की की तरह तुनकते हुए उलाहना दिया।‘ब.

मेरे लड़के के सामने मैं कैसे बताऊँ कि उसने मेरी पैन्टी में क्या किया, मुझे शर्म आ रही है।तो अमन ने मेरी माँ की चोटी पकड़ी और अपनी तरफ खींचता हुआ बोला- साली प्रिया रंडी. कॉम पर पढ़ रहे हैं।… आ… अ्ह्ह्ह…पाँच मिनट तक हमारा धक्कमपेल चला… और मैं झड़ गया।मामी बहुत खुश थी, बोली- कल से रोज रात मेरे साथ ही सोना और जब चाहे तब मुझे चोदते रहना!आज भी मैं मेरे मामी को वो सुख देता हूँ और उन्हें खुश रखता हूँ।. मैं दर्द से कराहती हुई उठी तो अपनी योनि को हाथ लगा कर देखा, उसमें से वीर्य में सना खून मुझे दिखाई दिया।मैं डर गई और एक तरफ हो कर देखा तो बिस्तर पर भी खून का दाग लगा था, वैसे तो पूरा बिस्तर गन्दा हो गया था, जहाँ-तहाँ वीर्य.

!तब मैं तौलिया लेकर कमरे में गया तो गुसलखाने के बाहर दरवाजे से उनका नंगा हाथ बाहर आया हुआ था। मैंने तौलिया पकड़ाया और साथ में उनके हाथ तो फिर छू कर वहीं खड़ा हो गया और उन्होंने थोड़ी देर बाद जैसे ही अपना हाथ पीछे खींचा, मैंने दरवाज़े को धक्का दिया और गुसलखाने में अन्दर घुस गया।मामी बोलीं- यह तुम क्या कर रहे हो. मैं तेरा लौड़ा अपनी चूत में लेना चाहती हूँ।मैंने अपने लंड का सुपारा उसकी चिकनी चूत पर रखा और एक हल्का सा धक्का दिया, तो वो चिल्ला उठी, बोली- बहुत दर्द हो रहा है. फिर मैंने थोड़ा दबाव डालकर दबाया तो वो तड़पते हुए बोली- मैंने तुम्हें अपने आप को सौंपा है, जो भी करो प्यार से करना !मैंने फिर हल्के हल्के उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया.

हिंदी में चोदने वाली बीएफ निखिल कल से पहले मुझे लगता था कि यह सब गलत है, हम सेक्स नहीं कर सकते, यह पाप है पर कल रात तुमने मुझमें सालों से दबी मेरी अन्तर्वासना को फिर से जगा दिया।निखिल- बुआ तुम सच में अभी बहुत प्यासी हो, पर तुम फिकर मत करो, मैं तुम्हारे साथ हूँ. मेरी नजर उसकी चूत वाली जगह पर गई, देखने में बिल्कुल चिकनी थी लेकिन ठीक से दिख नहीं रही थी, अँधेरा था, ऊपर से दरवाजा भी बंद था.

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मैंने देखा तो कहने लगी- नाराज़ हो?मैंने कुछ नहीं बोला और पूछा- आपको क्या काम है?तो कहने लगी- क्या तुम मेरा एक काम कर सकते हो. मैंने उसे समझाया कि मुझे जो कुछ भी ब्लू फ्लिम्स देखने तथा दोस्तों से पता चला था उसके अनुसार करने से उसे कोई भी दिक्कत नहीं होने दूंगा. ’इस यात्रा ने मेरा निश्चय पक्का कर दिया क्योंकि उसके बेइंतहा सौंदर्य ने, उसके साथ की मदहोशी ने, उसके मांसल सीने को.

परेशान नहीं कर रहा है बल्कि प्यार कर रहा है। तुम हो ही ऐसी मस्त कि तुम्हारी गाण्ड में ये घुसने का मन बना रहा है।रानी- मुझे नहीं मरवानी अपनी गाण्ड। अगर चोद सको तो मेरी चूत हाज़िर है।रणजीत ने उसे अपने आगोश में ले लिया मेरी जान मैं तो पहले तेरी चूत ही चोदूँगा आज. तभी मास्टर ने अपने लंड की खाल को पीछे करके लंड की टोपी को बाहर निकाला और लड़की को चूसने के लिए इशारा किया. पोर्न बीएफ सेक्स!’‘अई… मुझे आदमी के लंड की आदत है घोड़े के लंड की नहीं… चल निकाल उसे बाहर…।’ लेकिन भाभी को दर्द के साथ मज़ा आ रहा था।उसने अपने चूतड़ों को हल्का सा उचकाया तो मेरा लंड आधा इंच और भाभी की चूत में सरक गया।अब मैंने भाभी की कमर पकड़ कर एक और धक्का लगाया। मेरा लंड कच्छी के छेद में से भाभी की चूत को दो भागों में चीरता होता हुआ 5 इंच अन्दर घुस गया।‘आआआआहह… आ….

कुछ देर तक ज़ोरदार चुदाई करने के बाद वो आदमी जोर से गुर्राया- आआहह… झड़ रहा हूँ…और दीदी की कोख में अपना सारा बीज डाल दिया।कुछ देर ऐसे ही लेटे रहने बाद दीदी उसे फिर से चूमने लगी और बड़ी इठला कर बोली- देखो ना.

अरे साले चचा के बच्चे… घुसेड़ ना और अंदर… और चाची माल है तो मेरा ये सैंया इमरान ! क्या कम है… चाची का माल इसे. !तो उसने बिना कुछ बोले सीधे अपना हाथ मेरे लण्ड पर रख दिया और उसको दबाने लगी तो मैंने कहा- ऐसे मजा नहीं आएगा.

ह्ह्ह… क्या मज़ा आ रहा था दोस्तो…!फिर मैं कभी उंगली घुसाता और कभी उंगली से दाने को रगड़ता।वो उस समय स्वर्ग का आनन्द ले रही थी और मैं उसमें झूम रहा था। उसकी चूत का पानी बहता देख मुझे और चुदास चढ़ रही थी।मैं अपनी जीभ से वो सारा माल चाट रहा था। मैंने उसको बहुत देर तक चूसा। वो भी अपनी कमर ऊपर-नीचे कर रही थी और मेरा साथ दे रही थी।फिर मैंने कहा- प्रिया. तू अभी अपने अंकल के लौड़े का रस पिला कर लाई है। अब मेरा रस भी सटक कर देख !’यह कह कर उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मुझे लंड की तरफ नीचे झुकाने लगा और मेरी चूची को बेरहमी से दबाते हुए बोला- चूस कुतिया. मैंने भी हिम्मत दिखाई और चुपचाप लेटी रही। कुछ मिनट में दर्द कम होने लगा और मुझे अपने अंदर एक सम्पूर्णता का एहसास होने लगा.

इससे आपकी कुछ सेवा करने दीजिये पहले !’ मैंने चाची के मम्मे जोर जोर से दबाते हुए कहा।‘अच्छा कड़क है रे इमरान तेरा, लगता है जैसे वो रोटी बनाने का छोटा बेलन है… हाँ ऐसे ही दबा… मसल जोर से… और जरा ऐसे खींच ना इनको… बहुत सनसना रही हैं ये !’ चाची ने कहा और मेरी उंगलियाँ अपने निप्पलों पर लगाकर दबा कर खींचने लगीं।मैं चाची के निप्पल मसलता हुआ बोला- चाची.

राजू का खम्बे सा लम्बा लौड़ा अपनी नन्ही सी गाण्ड में गपक कर रीटा का चूत मरवाने का आत्मविश्वास बुलंद हो गया था. ????? बस चाटी ही थी ना… चोदा तो नहीं था… अभी तो चलती गाड़ी में चोदने का भी मन है…सलोनी- हाँ फिर कहीं भिड़ा देना… अह्ह्हाआआ. इतना बड़ा जूजू तुम दीदी के चूत में पूरा डाल देते हो? दीदी की चूत तो दर्द से बिलबिला जाती होगी?यह सुन कर मोनिका हँसी और कहा- धत पगली, ये जूजू थोड़े ही है, ये तो लंड है.

सेक्सी बीएफ हिंदी लड़की काफास्ट करो ना आ…!आरोही- हटो भी दोनों पानी निकाल कर भी मेरे ऊपर ही पड़े हो… मेरे राजा रेहान को आने दो उनका लौड़ा तना हुआ है, उनको मेरी गाण्ड मारने दो अब…!सचिन ऊपर से हट कर एक साइड हो गया।साहिल- वो तो हट गया साली छिनाल अब तू भी तो मेरे ऊपर से हट… अब क्या दोबारा चुदाने का इरादा है?आरोही ऊपर से हट कर बड़बड़ाती है।आरोही- उहह तेरे से कौन चुदेगा… बोलता था, मैं ऐसी रंडी के साथ नहीं करूँगा. उन्होंने पूछा- रिचर्ड, क्या तुमने सही में आज तक किसी लड़की को नही छुआ?मैंने कहा- नहीं मैडम, कल तक !और वो मुस्कुराने लगी.

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पापाजी जाग ना जाएँ इसलिए मैंने उनके लण्ड महाराज को हाथ से नहीं छुआ और अपने मुहँ को उसके पास ले जा कर उसे चूमने और जीभ से उसे चाटने लगी. मैं आपको ले चलता हूँ।मैंने भाभी को तैयार कर लिया, पर उन्होंने कहा- एक बार अपने भाई से पूछ लो!मैंने कहा- ठीक है।मैंने भाई से पूछा, उन्होंने कहा- ठीक है जाओ, मैंने मना कब किया. कमरे में चुदती पारो की घुटी घुटी चीखों, चूड़ियों और पाजेबों की खनखनाहट, सिसकारियों और किलकारियों की कामुक आवाजें आने लगी.

मैंने पेटीकोट को उसके पैरों से अलग किया, मेरे सामने अब वो पूरी तरह से नंगी खड़ी थी, उसकी चूत तो ना जाने अब तक कितना पानी छोड़ चुकी थी, मैंने बस कुछ देर उसको देखा, और बिना समय गंवाये उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया और अपनी जीभ को नुकीली करके उसकी चूत के अन्दर दाखिल कर दिया. औरत बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं होती!उसे मेरी बात का शायद बुरा लगा और कहा- देखिए आप गलत समझ रही हैं. यह कहानी शायद आपको एक सेक्सी और कामुक कहानी ना लगे, क्योंकि यह कहानी एक औरत की इच्छाओं पर आधारित है, ऐसी बहुत सी औरतें होगी जिन्हें यह कहानी अपनी सी लगेगी!यह एक लंबी और धीमी गति से चलने वाली कहानी है.

’ करने लगी। रीना की चूत पूरी गीली हो कर रस-मलाई सी हो गई थी और वो झड़ गई थी। मैंने चूत का रस चाट लिया।मैं तुरंत पेटीकोट से बाहर आकर पेटीकोट को कमर पर चढ़ा दिया और उसकी नाभि को दबाने और काटने लगा।वो तड़प कर बोले जा रही थी, मुझसे रहा नहीं जाता… चोद डाल मुझे… फाड़ डालो. !मैं उसकी चूत के दाने को अपने जीभ से चाट रहा था और वो सिसकारियाँ ले रही थी। पूरे हाल में ‘आह… ओहsss उफ्फ. उसने मेरा टॉप उतारा और मेरे वक्ष-शिखरों को सहलाने लगा, मुझे अपनी गांड पर उसका खड़ा हुआ लंड महसूस हो रहा था, मैंने उससे पूछा- कितना बड़ा है तुम्हारा?वो बोला- कभी नाप नहीं किया!मैंने उसकी ज़िप खोल कर उसका लंड बाहर निकाला, लंड साधारण लम्बाई का था पर मोटा था.

लगभग 4 बजे जीजू की कॉल आई- मुझे अभी ऑफिस के किसी आवश्यक काम से कानपुर जाना है, मैं घर पहुँच रहा हूँ, तब तक मेरी अटैची तैयार कर दो. बहुत गर्म लग रही हैं!वह बोलती है- तुम तो बिल्कुल ही चूतिया जैसी बातें कर रहे हो। इतना भी नहीं जानते कि लड़की गर्म क्यों होती है?और उन्होंने धीरे से अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और मेरा हाथ उठा कर अपनी चूत पर रखकर बोली- अब देखो कितना गर्म है!तब मुझे न जाने कैसा लगने लगा और मैंने अपना एक हाथ अपने लंड पर रखा और दबाने लगा।तभी भाभी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और बोला- अब तो तुम भी गर्म लग रहे हो.

रात को जीजा जी आ गए उस रात में कुछ नहीं कर पाया, लेकिन अगले दिन से दिन के वक्त मैंने दीदी को फिर दो बार चोदा.

क्या माल लग रही थीं।उन्होंने हरे रंग का चुस्त फिटिंग का सूट पहन रखा था, जिससे उनके गोल-गोल मम्मे स्पष्ट दिखाई दे रहे थे।उनका फिगर 30:32:28 का था।जैसे ही उन्होंने मुझे देखा तो मेरी ओर बढ़ी और मुझे अपनी बाँहों में कस कर बोली- कैसे हो मेरे भान्जे साहब. बीएफ सेक्सी लड़ाईफिलहाल तो मेरे दिल को यही लग रहा था…तभी मैंने देखा उस आदमी ने सलोनी को कसकर बाँहों में जकड़ लिया और उसको फिर से अपनी गोद में बिठाने को नीचे कर रहा है. वेरी-वेरी सेक्सी बीएफयह देखकर मैं बहुत खुश था कि मैं अपनी बहन को रंडी की तरह चुदते देख रहा हूँ और मेरे दिल की तमन्ना आज पूरी हो गई कि मैं अपनी ही बहन को चोद सकूँ और उसको एक रंडी बना दूँ. मेरी चाची का फ़ीगर क्या बताऊँ दोस्तो, वो कद में मुझसे छोटी है पर दिखने में किसी कयामत से कम नहीं! मेरी और चाची की बहुत जमती थी और चाचा एक बिजनेसमैन हैं, चाचा मुझे बड़े बेटे की तरह कम और दोस्त ज्यादा रखते थे.

ऐसा लगा की खिले हुए गुलाब पर शबनम की बूंदें!रीटा भी झुक अपनी सुन्दर चूत को निहारा और एक ठंडी झुरझुरी लेकर रीटा ने अपनी पेशाब से लबालब चूत को दोबारा गुलाबी रंग पोल्का बिन्दियों वाली कच्छी में छुपा लिया और स्कर्ट नीचे गिरा दी.

लेकिन अभी यह कहानी पूरी नहीं हुई, मेरे फोटोस देख उस कण्डोम कंपनी के साथ मेरा अगला एक्सपीरियेन्स मैं आपसे बाद में शेयर करूँगी।तब तक के लिए गुड बाय मुआह!!. अबकी बार वो अपनी पूरी शर्म हया भूल कर यह सब कुछ कर रही थी, मैं उसको इस तरह देख रहा था जैसे कोई ब्ल्यू फ़िल्म देख रहा हो. मैंने ज्योति को लिबास से बेलिबास कर दिया… वो अब केवल ब्रा पैंटी में थी !मैंने आज तक किसी भी लड़की को ब्रा पैंटी में नहीं देखा था… यह भी नहीं सोचा था कि बीस साल की उम्र में चुदाई का मज़ा मुझे मिल जायेगा… चाचू ने बताया था कि चोदने के लिए उन्होंने 26 साल तक शादी का इंतज़ार किया था…मैं इतना बेसब्र हूँ पता नहीं था.

मेरा तो लंड अब बेकाबू होने लगा… भाभी की गांड पर हाथ फेरा और ज़ोर से मसल दिया।‘आआआअह्ह ह्ह्ह… प्लीज मत करो… वो उछल पड़ी… क्या गोरी और चिकनी गांड थी उनकी… मैंने अब अपने कपड़े उतारना शुरू किया. हह तुम आज के बाद अब नंगे ही रहना घर में।’हमारी चुदाई बदस्तूर मुकम्मल हुई।पर इसी बीच सुरेश जी ने हमको चुदाई करते देख लिया था और वे बुदबुदाते हुए चले गए, ‘ओह्ह. कुछ देर तक चूचियों को अदल-बदल कर चूसता रहा और फिर नाभि और पेट पर चुम्बन करता हुआ नीचे पहुँच गया और पेंटी की नीचे सरका दिया.

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! उस साण्ड के भी इतने बड़े नहीं थे।’‘भाभी इसकी भी मालिश कर दो ना।’ भाभी ने ढेर सा तेल हाथ में लेकर खड़े हुए लंड पर लगाना शुरू कर दिया, बड़े ही प्यार से लंड की मालिश करने लगीं।‘राजू तेरा लंड तो तेरे भैया से कहीं ज़्यादा बड़ा है… सच तेरी बीवी बहुत ही किस्मत वाली होगी… एक लम्बा-मोटा लंड औरत को तृप्त कर देता है। तेरा तो…!’‘भाभी आप किस बीवी की बात कर रही हैं? इस लंड पर सबसे पहला अधिकार आपका है।’‘सच. लगता है सालों से चूत को लंड नसीब नहीं हुआ था। मैंने वैसे ही खड़े-खड़े अपना लंड सेट किया और क़मर हिला कर धक्का मारा।भाभी- आअह्ह ह! धीरे कर ना! अपनी बीवी की चूत समझी है क्या? एकाध महीने में पति को भी दर्शन करवाने पड़ते हैं…मैं- बीवी की नहीं मेरी सेक्सी भाभी की गदराई चूत है इसीलिये तो!भाभी- अरे अभी तक दर्द हो रहा है. किसी ने सच ही कहा है कि खूबसूरत औरत को देख कर मर्द अपना आपा खो देता है और मेरा हाल भी अब कुछ ऐसा ही था, मैं तो बस एकटक उसको देखता ही जा रहा था, और वो मुझसे कहे रही थी- मुझको माफ़ कर दीजिए! मुझसे गलती हो गई, मैंने आपको देखा नहीं और टक्कर हो गई, वो अचानक मेरी गाड़ी का टायर पंकचर हो गया और मैंने गाड़ी को एकदम साइड पर कर दिया.

लेकिन मैं अपने मनोद्वेग को दबाए हुए थी।अचानक उसने मेरी तरफ निगाह की और ‘मैं उसे निहार रही हूँ’ यह उसने शायद देख लिया मेरी आँखों में उसने अपने लिए प्यार पढ़ लिया था।मेरा जो हाथ उसके सीने पर रखा हुआ था उसने उठाया और उसे चूम लिया।मैं सिहर गई, मैंने कहा- यह क्या किया तुमने?तो बोला- मेरे लिए इतना प्यार अपने दिल में छिपाए बैठी हो.

पापाजी मेरी तकलीफ को समझते हुए रुक गए थे और अपना दाहिना हाथ मेरी चूत के ऊपर उगे हुए बालों के उपर रखा और थोड़ा दबाया और मेरे ऊपर लेट गए.

मैं दीदी की पहेलियों को समझ रहा था और मुझे पता था कि दीदी आज खुश क्यों है, रात उसकी मस्त चुदाई जो हुई है. मैंने सीधे बिना किसी शर्म के ही धीरे से कहा- क्या बात है, ब्रा नहीं पहनी?उसने कहा- यहाँ कौन है जिससे अपनी चूचियाँ छिपानी हैं?सुन कर मैं दंग रह गया, कहा- क्यों, मैं नहीं हूँ?वो बोली- आपसे क्या शर्माना? आप तो अपने आदमी हैं. सेक्सी बीएफ नाबालिक लड़कीरीटा राजू के गाल पर गाल रगड़ती हुई फुसफुसाती और शर्माती बोली- भईया, मैं किसी को नहीं बताऊँगी और हम घर पर बिल्कुल अकेले हैं और दरवाजे और खिड़कियाँ भी तो बन्द हैं और भईया, वैसे भी अब मैं बच्ची थोड़े ही हूँ.

कि आप हमेशा मेरे साथ रहोगे… मैं आपको बहुत प्यार करती हूँ…मैंने भी वादा किया और उसे खुशी से विदा किया… उसका भाई उसको लेने आया था… मेरा साला पता नहीं साला क्यों आ गया…मैं जाना चाहता था उसको घर छोड़ने…. अब मैंने सब छोड़ दिया है, मैं अब किसी लड़की को पटाने के बारे में भी नहीं सोचता हूँ।दोस्तों मैं अपनी अगली कहानी जल्द ही भेजूँगा… आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे अपने ईमेल जरूर भेजिएगा।. फिर बातें करते करते वो बोली- लाओ मेरा गिफ्ट !मैंने उससे कहा- बोलो क्या चाहिए तुम्हें?उसका जवाब था- तुम… !मैं तो हक्का बक्का रह गया, ये क्या बोला उसने.

और क्या सोचेगा मेरे बारे में… और यहाँ सभी को जानता है वो… अगर उसको बुरा लग जाता तो?राम अंकल- ओह… अरे सॉरी यार. बोर हो रही थी सो फोन कर लिया, आप बताओ कैसे हो। आपकी पत्नी और बेटी कैसी हैं?रणजीत- मस्त हैं सभी अपने-अपने काम में लगे हुए हैं।सीमा- यार.

विमला जी अक्सर मंदिर में मिल जाती हैं। उनका घर यहीं पास में ही है। मैं अभी उनसे मिल आती हूँ।जीतेंद्र- पास में है.

मैं जानता था कि उसे काफी मजा आ रहा है क्योंकि इतने दर्द होने के बावजूद वो अपनी चूत से मेरा लंड निकालने का प्रयास नहीं कर रही थी. हाय बेबी, वाह… मेरा दूसरा ऑडियो कन्फेशन डाउनलोड करने के लिए शुक्रिया!आपको याद होगा कि मेरे पहले कन्फेशन का अंत जॉय के बेडरूम में जाने से हुआ था। महक भी उसके अंदर चली गई और उसने दरवाजा बंद कर लिया था। उस वक़्त मैं सोच रही थी कि उन दोनों के बीच क्या चल रहा होगा? क्या वो दोनों सिर्फ़ दोस्त थे या उससे कुछ ज़्यादा?खैर. करीब एक मिनट के बाद पापाजी का हाथ मेरे सिर से हट कर नीचे आ गया और वे मेरी चूचियों को पकड़ कर उन्हें दबाने लगे.

सनी लियोन बीएफ बीपी हे भगवान यह मैं क्या देख रहा हूँ? एक ससुर अपने ही बेटे की पत्नी यानी भाभी जी को चोद रहा है और भाभी जी भी मज़े लेकर उनके लंड पर उछल रही हैं… वाहह क्या सीन है. अनजाने में ही चुदास मस्ती में आई रीटा के मुँह से निकल गया- ऊफऽऽऽ बाबा रेऽऽऽऽ! बाबा भईयाऽऽऽ! आप तो बड़े बहनचोद निकले.

ऋज़ू ने भी बिना सोचे उसके लण्ड को अपने मुख में भर लिया…अब मैंने हिम्मत करके सलोनी की ओर देखा… वो दोनों आदमी अभी भी सलोनी से मस्ती में लगे थे…मैंने ऋज़ू के हाथ से अपना लण्ड छुड़वाया और सलोनी की ओर गया…वाओ… जैसे ही मैंने देखा. मेरी भाभी सुनीता, 5 फुट 3 इंच लम्बी हैं, वो भी 25 साल की हैं और फिगर 36-32-36 है, बहुत गोरी और तीखे नैन-नक्श हैं. कभी कभी मोनिका अपना मुँह टेढा कर रीटा की रसीली फांक दांतों में दबा कर जोर जोर से चूस कर रीटा की ना नाऽऽ करवा देती थी.

गोरा होने की सबसे अच्छी क्रीम

तभी आंटी ने मुझे देखकर एक कातिल मुस्कान के साथ कहा- क्या हुआ बेटा? तुम्हारा मन नहीं लग रहा क्या, मैंने भी एक मुस्कान दी पर कुछ नहीं बोला. अब रिया मेरे सामने बिल्कुल नग्न खड़ी थी और अगले ही क्षण मैं उसके एक नग्न उरोज को चूस रहा था और अपने हाथों से उसके दूसरे उरोज और उसकी शर्मगाह को मसल भी रहा था. !’ उसने बताया।अभी 11 बज रहे हैं, मैं ज़्यादा थक भी गया हूँ, क्यों ना 2-3 घंटे सो लूँ। रात भर जागना जो है.

मैग्ना फोक्स, पामेला एम्डरसन, कैटरीना कैफ, लिज़ा रे और ऐश्वर्या राय की जवानी तो रीटा की झाँट की धूल के बराबर भी नहीं थी, वो बात अलग है कि 18 साल की रीटा की नादान कच्ची चूत पर रोंये का नामो निशान भी नहीं था. के दूसरे वर्ष में था। मेरे पड़ोस मे एक लड़की रहती थी और वो 12वीं में थी। उम्र 19 के आस-पास थी, पर लगती कॉलेज की लड़कियों जैसी मस्त गोल-मटोल, अपनी माँ की तरह उस के बड़े-बड़े मम्मे, मस्त गोल-गोल कूल्हे, ऊँचाई साढ़े 5 फुट की रही होगी, पर देखते ही लण्ड खड़ा हो जाए.

! उस साण्ड के भी इतने बड़े नहीं थे।’‘भाभी इसकी भी मालिश कर दो ना।’ भाभी ने ढेर सा तेल हाथ में लेकर खड़े हुए लंड पर लगाना शुरू कर दिया, बड़े ही प्यार से लंड की मालिश करने लगीं।‘राजू तेरा लंड तो तेरे भैया से कहीं ज़्यादा बड़ा है… सच तेरी बीवी बहुत ही किस्मत वाली होगी… एक लम्बा-मोटा लंड औरत को तृप्त कर देता है। तेरा तो…!’‘भाभी आप किस बीवी की बात कर रही हैं? इस लंड पर सबसे पहला अधिकार आपका है।’‘सच.

इस देसी कहानी के बारे में अगर आप कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं या फिर चुदाई के बारे में कुछ पूछना चाहते हैं तो मुझसे सम्पर्क कर सकते हैं. तभी उसने अपनी पीठ मेरी तरफ कर ली और उसने अपनी कमीज़ उतार दी अब मुझे उसकी नंगी पीठ पर गुलाबी रंग की ब्रा दिख रही थी. सच मानो दोस्तो, इस समय मुझे वो आनन्द मिल रहा था कि मानो बस यह सारी दुनिया यहीं रुक जाये!इन पलों के सामने स्वर्ग का आनन्द भी कम था.

इससे पहले कि वह कुछ कहें और बात ज्यादा बिगड़े, मैं उठ कर खड़ी हो गई और अंगड़ाई लेते हुए, अपने जिस्म की नुमाइश करती हुई उनके पास आकर उनके हाथों को पकड़ा और अपनी चूचियों पर रख दिए. लेकिन मैं अपने मनोद्वेग को दबाए हुए थी।अचानक उसने मेरी तरफ निगाह की और ‘मैं उसे निहार रही हूँ’ यह उसने शायद देख लिया मेरी आँखों में उसने अपने लिए प्यार पढ़ लिया था।मेरा जो हाथ उसके सीने पर रखा हुआ था उसने उठाया और उसे चूम लिया।मैं सिहर गई, मैंने कहा- यह क्या किया तुमने?तो बोला- मेरे लिए इतना प्यार अपने दिल में छिपाए बैठी हो. इसीलिए प्लीज़ मैं पब्लिक प्लेस में जाने से डर रही हूँ।उसका इतना कहना था कि मेरा लंड जबलपुर के दूरदर्शन टॉवर की तरह खड़ा हो गया।बाइक में बैठे हुए अन्दर दर्द सा महसूस होने लगा। मेरा गर्म और तना हुआ लंड जैसे चाह रहा हो कि पैन्ट को फाड़ते हुए बाहर निकल जाए, आजादी की सांस ले और चूत में घुसकर अपना सारा पसीना चूत में बहा दे।मैंने तपाक से कहा- सुनो मेरा एक दोस्त अमित.

Ghar ke Laude-3पिन्की सेनरानी- पापा आपका तो अजय और विजय से भी बड़ा है, उन्होंने ही इतना दर्द दिया और आप तो मेरी जान ही निकाल दोगे।पापा- अरे रानी… बड़ा कैसे नहीं होगा.

हिंदी में चोदने वाली बीएफ: अंदर चेक करने के लिए तो हैलमेट पहना पड़ेगा… हा हा हा… हो हो हो…दोनों पागलों की तरह हँसते हुए सलोनी को रगड़ रहे थे. !मैं अब और मार खाने की हालत में नहीं थी इसलिए मैं जुबान निकाल कर अपना पेशाब चाटने लगी। मुझे पेशाब का नमकीन स्वाद अच्छा लग रहा था। तभी मेरे सर पे पानी की धार पड़ी। मैंने मुँह उठा कर देखा तो वो मेरे मुँह पर मूत रहा था।क्या काला लम्बा लण्ड था उसका.

उसके मुँह से ‘जान आई लव यू सो मच… बहुत मजा आ रहा है जानू… तुम पहले क्यों नहीं मिले जान… आह… ओह्ह्ह… आअह… और ज़ोर से करो’ की आवाज़ें आने लगी. मैंने उन्हें पकड़ के पोजिशन में लिया, और लंड के ऊपर चूत को सेट किया और कहा- बैठो…उन्होंने कोशिश की- आआह! नहीं होगा. मेरा लंड उसके चूत के गहराई में गया तो उसकी झिल्ली फट गई, वो पूरी तरह चीख पड़ी- आ…ह… जी…जू हाय राम…मैंने कहा- क्या हुआ मोनिका?मोनिका ने दर्द भरे स्वर में कहा- कुछ नहीं जीजा जी! तुम्हारे लंड ने मेरी झिल्ली फाड़ डाली.

मुझे छोड़ दो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है।मैं जानता था कि अगर इसे छोड़ा तो फ़िर इस डर की वजह से कभी नहीं चुदवाएगी तो मैंने धीरे-धीरे 7-8 शॉट लगाए, तो उसका विरोध कुछ कम हुआ, बोली- मार डालोगे क्या?अब वो हल्की मुस्कुराहट के साथ कमर भी हिलाने लगी।बस.

मैं हाजिर हूँ आपके मनोरंजन के लिए अपनी पहली सेक्स कहानी लेकर, मुझे उम्मीद है कि अपको पसन्द आएगी, पहली बार कहानी लिख रहा हूँ. !उसने अब अपना हाथ मेरे नितम्बों पर रख दिया। मुझे अपनी और कसके खींच लिया और अपनी कमर को घुमाने लगा। मैंने महसूस किया कि सलवार के ऊपर से ही उसका लिंग मेरी योनि से लग रहा है।हम काफी देर इस अवस्था में एक-दूसरे से चिपके आलिंगन करते रहे।तभी अमर ने कहा- अब अन्दर चलो, मुझसे रहा नहीं जा रहा है, मैं अपने लिंग को तुम्हारी योनि के अन्दर डालना चाहता हूँ. मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और जोर-जोर से चोदने लगा।लगभग 20 मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ गया, इस दौरान वो तीन बार झड़ चुकी थी।मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया इस तरह से अपनी मामी की चुदाई की।मुझे मेरी ईमेल पर मेल करें।.