एक्स एक्स एक्स बीएफ कार्टून वाली

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उसने अपनी बेटी को उसकी नानी के पास सुला दिया था। अंदर जाते ही वो एक शेरनी की तरह मुझ पर टूट पड़ी और मुझे किस करने लगी. नहीं सेक्सहो सकता है कि वो मेरे शरीर से खेलने के बाद ब्रेकअप कर ले और समाज में मेरी रुसवाई कर दे.

मैं ये काम करना तो नहीं चाह रही थी, लेकिन मुझे ये काम मजबूरी में करना था.एक्स एक्स एक्स बीएफ कार्टून वाली: आज मुझे इधर एक बहुत बढ़िया सेक्स कहानी लगी, जिसका विषय था कि दामाद का लंड सास ने लिया.

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मैंने भी उसका टॉप निकाल दिया और उसकी ब्रा में से उसके बूब्स बाहर आने को बेताब थे और मैंने बड़े ही प्यार से उसकी ब्रा को निकाल दिया और उसके बूब्स दबाने लगा और चूसने लगा.माया ने टाइट स्लीवलैस टैंक टॉप और टाइट लैंगिंग्स पहनी थी और अपने बाल खुले छोड़े थे.

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जिन पाठकों ने मेरी मां की चुदाई वाली कहानी नहीं पढ़ी है उनके लिये मैं एक हल्की सी झलक पेश कर रहा हूं कि मेरी मां और मेरे बीच में किस तरह से जिस्मानी संबंध हैं. सुबह पेपर था, तो मैं जल्दी उठ गया और दीदी भी नाश्ता करके हम दोनों अपने अपने कॉलेज निकल गए. अब अमित ने मेरी बीवी की पैंटी को साइड में करके उसकी चूत को रगड़ दिया.

मेरे लंड की मुण्डी गप्प से चूत में घुस तो गयी पर लगा कि आगे का रास्ता बहुत तंग है. इसी का फायदा उठाकर वो मेरे पास आ गया और हल्के से मेरे हाथों को छूता हुआ उसने मुझे एक कागज थमा दिया.

अमित- आह्ह चूस रंडी तेरा मुँह नहीं … भोसड़ा है साली … और चूस आहह आहह मेरे लंड का माल पियेगी मादरचोद रांड?मेरी बीवी गुं गुं करते हुए हां में सर हिला रही थी.

मेरी शादी के समय तुम्हारी सास भी तुम्हारे जैसी दुबली पतली थी और मुझे भारी बदन की, मोटे चूतड़ और बड़ी चूचियों वाली औरतें पसन्द हैं, इसलिये शादी के तीन साल में ही उसका बदन भर गया था.

मैंने अपना हाथ सूट के ऊपर से ही उनकी चूत पर रखा, तो वो और नीचे हो गईं. उस वक्त तो मुझे समझ नहीं आया लेकिन वो दिन मुझे अच्छी तरह याद है जब तीन महीने के अंदर ही घर का काम करते हुए मां ने एक टच स्क्रीन वाला फोन ले लिया था. शादी के कुछ ही दिन के बाद मुझे अहसास हो गया कि मेरे शौहर कुछ विचित्र प्रकार की प्रवृति के मालिक हैं.

[emailprotected]चुत की प्यास की कहानी का अगला भाग:प्यार सेक्स और चुदाई के अरमान पूरे किये- 4. मैंने धीरे-धीरे लंड उसकी चूत के अंदर डालना चालू किया और पूरा अंदर तक पेल दिया. मैंने कहा- मेरी जान तुम में बसी है, अब तुम्हारी जान कैसे ले सकता हूँ.

फिर मैंने बचे खुचे कुछ धक्के उसकी चूत में और मारे कि चुदाई के आनंद के अतिरेक से मेरी आंखें मुंद गयीं और लंड से रस की फुहारें बरसने लगीं.

मैं धीरे धीरे पूरा लंड बाहर निकालता और फिर फुल स्पीड से मनजीत की चूत में धकेल देता. सबसे एक रिक्वेस्ट कर रही हूं कि मुझे बार बार मिलने के बारे में ईमेल न करें. दूसरी बात वो समझाते थे कि जिन्दगी ताश का खेल है, और ताश के खेल में सबके हाथ में अच्छे पत्ते आयें, यह तो सम्भव नहीं.

कुछ देर बाद उसने मम्मी की चुचियों को मसलना शुरू कर दिया तो मेरी मम्मी ने गर्म आहें भरते हुए मचलना शुरू कर दिया. जिस समय मैं लंड हिलाता था, उस समय मेरी आंखों में बस बुआ की मदमस्त जवानी ही छाई रहती थी और मैं उनकी चूचियों के बारे में सोच कर लंड हिला लेता था. इधर तनु मेरी मां की मोटी मोटी नीचे लटक रही चूचियों के साथ खेलने लगी.

उसी दौरान अपने आप ही हम दोनों के होंठ एक दूसरे के होंठों से जा मिले और चुम्बन शुरू हो गया.

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तभी मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना मुँह लगा दिया किन्तु भाभी ने मुझे रोक दिया।वो बोली- तुम लेट जाओ.

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हवलदार ने धीरे धीरे ब्लाऊज उतार दिया और मेरे ब्रा के हुक खोल कर मेरी ब्रा भी मेरे बदन से उतार ली.

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मैंने कहा- तो अपनी दीदी की बुर भी दिलवा दो न? मैं तुम्हारी दीदी की बुर में लंड को डालना चाहता हूं. लंड झाड़ने के बाद मैं जिया के ऊपर ही लेटा रहा ताकि चूत से मेरा पानी नहीं निकले और बच्चेदानी तक चला जाए.

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तभी मैंने वेटर बहादुर को आवाज दी और वो तुरंत बाहर आकर बोला- क्या हुआ साहब जी?मगर फिर वेटर की नजर मैडम पर पड़ी और वो चुप हो गया.

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प्रीति अपने चूतड़ उचकाकर लण्ड का पूरा मजा लेते हुए बोली- आपका पानी निकालने वाली पचास होंगी लेकिन मेरा सहारा आप ही हैं. अगर तुम सच में अपनी चूत की सील तुड़वाना चाहती हो तो तुमको पंजाब आना पड़ेगा.

उसके बाद सोनी ने चाची के बूब्स को पकड़ लिया और उसके बूब्स को पीने लगी. उन्होंने जोर जोर से शोर मचा दिया जिससे रुबीना शर्मा गई और दूसरे कमरे में चली गई. तनु चोली पहनती है मैंने तो नहीं देखा।तभी दुकान वाले ने पूछा- और क्या चाहिए?तो माँ ने कहा- एक छोटे साइज की दो.

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हमारे समाज में ऐसी बहुत सी औरतें हैं, जो अपने जिम्मेदारी को निभाते निभाते थक जाती हैं.

वो एक गोरा और गबरू पंजाबी मर्द था और देखने में बड़ा ही सजीला लगता था. मेरी बीवी ने एक बार बाहर देखा और फिर अपना एक चूचा नाईटी से बाहर निकालकर अमित से पूछा- दूध पियोगे?अमित ने बालकनी की तरफ देखा और मेरे होने का इशारा किया. करीब दो मिनट तक उसकी चीखने चिल्लाने की आवाज़ें मुझे ज्यादा जोश दिला रही थीं और मैं उसके दर्द को अनसुना करके उसको पेलता रहा.

शुरूआत के कुछ महीनों बाद से एक एक करके वो तीनों ने मुझे अपने लंड का गुलाम बना लिया था. तभी मेरी मां ने अरमान से जाकर बात की कि अगर उसे कोई एतराज नहीं हो, तो क्या वो मुझे, मेरी दादी और मेरे छोटे भाई को अपने रूम में सोने देगा. बर्थडे केक दिखाइएफिर मैंने बचे खुचे कुछ धक्के उसकी चूत में और मारे कि चुदाई के आनंद के अतिरेक से मेरी आंखें मुंद गयीं और लंड से रस की फुहारें बरसने लगीं.

हे भगवान, अब और कितना सताओगे सर … चोदो मुझे जल्दी से!” वो मिसमिसा कर बोली. राहुल पहले ही हमारे शहर आ चुका था और उसने एक होटल में रूम भी बुक कर लिया था.

तब तो मुझे ऑफिस भी जाना होता था, अब तो दिन भर घर पर रहता हूँ, कोई दिक्कत ही नहीं है. हनी ने मेरी ओर देखा और मेरी आँखों में प्रणय निवेदन देखकर कुछ नहीं बोली. उसमें से वो आधा हिस्सा हम लोगों को अनाज और पैसे के रूप में दे जाते हैं.

धीरे धीरे वो मेरे लंड को चूस रही थी और मैं उसकी गुलाबी चूत को चाट रहा था. वो मेरी बीवी के पूरे चेहरे पर मूत रहा था और मेरी बीवी नशे की हालत में अमित का मूत पी रही थी. मेरे दोस्तों ने सच ही कहा था कि जमींदारनी को चोदने का मजा ही कुछ और है.

मैं समझ गया कि लोहा गरम है … हथौड़ा मार दो वर्ना फिर मौका नहीं मिलेगा.

मेरी दाढ़ी के छोटे छोटे कड़क बालों की चुभन से वो भयंकर चुदास से भर उठी. उनकी बीवी पूजा, जिनकी उम्र 42 साल की थी, दो बच्चे थे, जो पूना में स्नातक की पढ़ाई करते थे.

कुछ देर इसी तरह रहने के बाद उन्होंने अपना सिर पीछे किया, तो हम दोनों के होंठ एकदम आमने सामने आ गए. उस दिन मैंने खाना बाहर से मंगवा लिया और दीदी को लेटे लेटे ही खिलाया. वीर्य की गर्मी से, अशोक का लंड और तन गया ये और बड़ा और मोटा दिखने लगा था.

मेरी दीदी दिखने में एकदम राबचिक पटाखा माल है लेकिन मैं दीदी की चूत के बारे में नहीं सोचता था. मैं बोला- मुझे क्या है … तुझे ही बेसन अच्छा नहीं लग रहा था … तो मैं बोल रहा हूँ … और तू मुझे ही गुस्सा बता रही है. फिर मैंने उसको उठाया और घोड़ी बना लिया; उसकी चूत में पीछे से लंड डाला और उसकी कमर को पकड़ कर चोदने लगा.

एक्स एक्स एक्स बीएफ कार्टून वाली मार्च में कोरोना की वजह से हमें ओवरटाइम काम करना पड़ रहा था।काम ज्यादा था और मेरा घर भी अस्पताल से दूर था इसलिए मुझे घर जाने में भी बहुत ज्यादा वक्त लग रहा था. आप मेरी ईमेल पर अपने संदेश भेजकर मेरा उत्साहवर्धन कीजियेगा ताकि मैं आपके सामने अपनी कुछ और सच्ची कहानी लेकर उपस्थित हो सकूँ।तो दोस्तो, अब मैं अपनी अगली कहानी के साथ आपके पास फिर से लौटूंगा.

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हम दोनों मूक भाषा में एक दूसरे की निगाहों से सेक्स के इस खेल को आगे बढ़ा रहे थे. कुछ हो जाएगा तो?अब मैंने उसे समझाया कि पहली बार में खून निकलता ही है. फिर माँ ने जॉब छोड़कर घर घर जाकर खाना बनाने का काम शुरू किया और हमारे घर की किस्मत बदल गई.

बाबूजी के कमरे की वॉल क्लॉक ने 12 बजे का घंटा बजाया तो बाबूजी उठे और ड्रेसिंग टेबल खोलकर बादाम का तेल (बाबूजी अपने सिर पर हमेशा बादाम का तेल लगाते थे, इसलिये बाबूजी के बाल बहुत घने थे) और डियो उठाया. फिर मैंने अपनी गर्लफ्रेंड कीबहन की चूत को चोदकरउसकी सील कैसे खोली वो मैं आपको अपनी अगली कहानियों में बताऊंगा. छोटू दादा के वीडियोफिर मैंने मनजीत को पूछा- मैं क्या कर सकता हूं?मनजीत सपाट स्वर में बोली- तुम सुमन को मां बना दो.

हम दोनों अन्दर चले गए और भाभी हम दोनों को सोफा पर बिठाकर चाय बनाने चली गईं.

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वो सिसकारियां भरने लगी और उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डाल दिया और लंड को सहलाने लगी।अब मैंने उसे बिस्तर पर बैठा दिया और खड़े होकर उसके मुंह को छूते हुए लंड को उसके गालों पर टच किया और फिर लंड मुंह में डाल दिया. शाम को आने के बाद मैं रुबीना बाजी को ढूंढने लगा तो वो रसोई में थी और मां खाना लेकर पापा के कमरे में जाने लगी. भाभी की चुदाई करके मैंने अपने लंड की प्यास कैसे बुझाई?मेरा नाम महेश है। यह मेरी पहली कहानी है। यह उस समय की बात है जब मैं 24 साल का था और पुणे में रहता था। मेरे घर में मां-पापा और मैं रहते थे.

इधर हरप्रीत भी जसवंत का पूरा साथ दे रही थी। जसवंत उठा और साथ में ही हरप्रीत भी उठ गई।दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतारे और जसवंत हरप्रीत की खूबसूरती को निहारने लगा।जसवंत ने देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और चूत फूलकर पाव रोटी हो गयी थी. उसने सास की चुत को थूक से गीला किया और अपना लंड एक झटके से अन्दर धकेल दिया. उन्होंने गुलाबी और हरे रंग की साड़ी पहन रखी थी, उसमें वो किसी गुलाब के फूल से कम नहीं दिख रही थी.

मैं 28 साल का हूं और राजस्थान के जोधपुर में रह रहा हूं और वहां जॉब करता हूं. वो ऐसे लेट गई … जैसे किसी बरसों से प्यासे को बहुत दिनों के बाद पानी मिल गया हो. फिर उसे मज़ा आने लगा और वो मुझे मंद आवाज़ में सिसकारते हुए बोलने लगी- सौरभ … ई लव यू … आह्ह … इस्स … आह्ह … मुझे प्यार करो … आह्ह … ओईई … आह्ह … म्मम … ओह्ह … चोदते रहो जान … चोदते रहो मुझे.

अब ज़ोहरा भी मेरे लंड के ऊपर अपने कूल्हों को दबा रही थी लेकिन ऐसे दिखा रही थी कि जैसे उसे कुछ पता ही नहीं कि क्या हो रहा था. मैं सीधी उस लड़के की बताई जगह पर गई और वहां से हम दोनों साथ में हो लिये.

उसको देखकर मेरा लंड पेंट फाड़कर बाहर निकलने को बेताब था और नताशा भी चोर नज़रों से मेरे लंड को देख रही थी, जो शायद उसे भी पसंद आ गया था.

ज़ोहरा भारी आवाज़ से बोली- हम दोनों सगी बहनें हां सही … पर मौसेरी बहनें तो हैं ना … शनाज़ तेरी बहन ही थी, तुझे उससे निकाह करना नहीं चाहिए था. गोवा फोटोनौकर सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि गांव के सेठ के नौकर ने सेठ को सेठानी की चुदाई करते देख लिया. नंगी पिक्चर वीडियो सॉन्गमैंने कहा- बाबूजी तो कहीं जाते नहीं और बाबूजी को अकेले घर छोड़कर जाना ठीक नहीं इसलिये तुम शुभम को ले जाओ. उसके बड़े बूब्स की लाइन पूरी पसीने से भीगी हुई थी उसके बूब्स से नीचे उसकी कमर में एक चैन डाली थी और कमर पर वो बल पड़ना और पेट के बीच में एक गहरी नाभि और उस नाभि में एक रिंग डाल रखी थी.

वो भी लंड को गपागप गपागप चूस रही थी।अब हम दोनों ही गर्म हो चुके थे.

क्योंकि उसे मालूम था कि कहीं फिर से मम्मी उसकी बात को हवा में उड़ा दें. एक दो धक्का देने के बाद उसके लंड से माल निकल गया और मेरी मां ने राजेश मास्टर के माल को पी लिया. आयज़ा- और तुम्हारा पानी इतनी देर में क्यों निकलता है?मैं- वो तो मैं योगा करता हूं, इसलिए देर से निकलता है.

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मॉम उसकी बात सुनकर मुस्करायी और बोली- साहब, इस लंड को हिलाकर जल्दी खड़ा करो. मेरे बारे में सोचा कि मेरा क्या हाल हो रहा होगा?अब मेरी भी गांड फटने लगी कि कहीं ये दोनों बहनें अब लड़ाई न शुरू कर दें और कोई अगर आकर सुन ले तो सारा ही काम बिगड़ जाये।मगर गनीमत रही कि गरिमा ने समझदारी से काम लिया. मैंने उसको बोल दिया- मैं अपनी एक फ्रेंड के यहां जा रही हूँ … आने में थोड़ी देर लग जाएगी.

मैं सोच रहा था कि शायद ये भी कहीं चुदने के लिए तैयार तो नहीं है? फिर मैंने सोचा कि नहीं ऐसा नहीं हो सकता है.

मैंने कहा- ठीक है आँटी!उन्होंने कहा- कल 10 बजे सुबह आना।मैं रात भर नहीं सोया.

मैंने बोला- आप अपने भाई का लंड ले सकती हो, लेकिन भाई के कहने पर दारू नहीं पी सकती. कांफ्रेंस से फ्री होकर मैं सीधा उस सोसायटी की पते पर पहुंचा वो अच्छी साफ सुथरी नयी बनी सोसायटी थी; बाहर सुरक्षा की व्यवस्था थी और अन्दर कंपाउंड में सब तरह के रोज की जरूरत के सामान की दुकानें थीं. वैलेंटाइन डेहमारा हनीमून भी सादा सिम्पल घर में ही हो गया’ उसी बेड पर जिसकी बेडशीट आपने ला कर दी थी.

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उसका लन्ड मेरे मुंह तक आ रहा था जिसके टोपे पर मैं अपने होंठ भी छुआ रही थी।दस मिनट बाद सागर का लावा फूटा. उसकी गांड 36 पीछे को उठी हुई है … कमर 30 की और उसके मम्मे 34 के पूरी तरह से तने हुए हैं.

नेहा के मुँह में मेरे दोस्त अमित का लंड था और वो नेहा के गले तक लंड घुसा कर उसका मुँह चोद रहा था.

मेरा ब्लाउज आगे से और पीछे से दोनों तरफ से काफी खुला सा रहता है जिसमें मेरे अच्छे ख़ासे मम्मे सभी को कामुकता से भर देते हैं. मैं समझ सकता था क्योंकि इतने लम्बे समय तक वो मुझे पसंद करती आ रही थी और उसकी वो अभिलाषा अब तक पूरी नहीं हो पाई थी. पढ़ाई ख़त्म करके मैं नौकरी की तलाश में भोपाल आया था तो मुझे मेरी किस्मत के चलते नौकरी भी लग गयी.

मंडी वेदर उसके बाद मैंने उस लड़की की एक टांग को उठा दिया और उसकी चूत में लंड को धकेल दिया. अब आगे जवान लड़की की Xxx स्टोरी:सब जानते हैं कि होनी को कौन टाल सकता था.

उस हालत में बिखरे हुए, फर्श पर नशीली हालत में हम दोनों बेसुध पड़े थे. अब उसका हाथ फिर से मेरी पैन्ट पर आ गया और वो हाथ को पैंट के अंदर डालने लगी. मेरे जेठ की जवानी भी ढल गयी थी मगर अब घर में कई जवान बच्चे हो गये थे.

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राबिया झाड़ू लगाती हुए हंसने लगी। बाजी गुस्से में उसको भी गाली दे रही थी. मैंने हाथ जोड़ कर उससे कहा- लगातार नहीं … थोड़ी देर तो आराम करने दो. उसके बाद प्रियंका भाभी मेरे साथ किस तरह से चुदीं और पूरा वाकया किस तरह से सामने आया, ये सब मैं इस हिंदी होटल सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगा.

टी टी ने मेरे पलट कर गौर से देखा और बोला- ठीक बोल रहे हो, पैसे और फाईन तो आते जाते रहते हैं, ऐसा माल मुश्किल से ही मिलता है. मैंने उसे दर्द की गोली दी और उसे उसके कमरे में छोड़ कर वापस अपने कमरे में आ गया।दोस्तो आपको मेरी बहन की बुर चुदाई की गर्म कहानी कैसी लगी? आप मुझे मेल से बता सकते हैं, आपके मेल का इंतज़ार रहेगा।[emailprotected].

ये सुनकर मॉम शर्मा गईंदरअसल मेरी मॉम थोड़ा कम बोलतीं हैं … इसलिए वो चुप ही रहीं.

उसके लिए यह किसी मर्द का पहला चुंबन था, जिससे वह मदांध होकर पूरी तरह से खो चुकी थी. मगर जैसे ही उसे आहट हुई कि मैं बाहर आ रही हूं तो उसने फोन एक ओर रख दिया और टीवी को चेक करने का नाटक सा करने लगा. एक दिन उसने देखा कि रजक लाल सेक्यूरिटी गार्ड के साथ बातें कर रहा है.

फिर हमने एक प्लान बनाया कि वो तीन दिन बाद शॉपिंग करने शहर आयेगी और मैं भी उसी दिन पहुंच जाऊंगा. जब मेरी हालत में कुछ सुधार होता हुआ उसको मालूम पड़ा तो उसने फिर से एक और झटका मेरी चूत में दे मारा और उसका लंड मेरी चूत में लगभग आधा घुस गया. मेघा अपनी फोटो दिखा कर पूछने लगी कि कौन सी ज्यादा अच्छी है?मैं फोटो देखते हुए मेघा को चोदने का सोचने लगा।मैंने कहा- यार … ये तो बहुत मुश्किल है कि किसी एक फोटो के बारे में बता पाऊं.

अब अमित ने मेरी बीवी की दोनों चुचियों को बारी बारी से मसल दिया और उसकी एक चुची को पकड़ कर निप्पल को जोर से चूस लिया.

एक्स एक्स एक्स बीएफ कार्टून वाली: वो बोली- मार डालोगे क्या जय … आराम से चोदो … कहीं भाग थोड़ी रही हूं … फ़क मी लाइक ए व्होर!मैं- साली तुझे रंडी बनाकर ही चोदूंगा. वो मेरे सिर के बाल अपनी मुट्ठियों में जकड़ कर अपनी चूत उठा उठा कर मेरे मुंह पर मारने लगी और बोली- सर जी … उफ्फ वहां गंदी जगह मुंह मत लगाइए.

मैंने थोड़ा जोर से धक्का लगाया, तो मेरा लंड चुत में सीधा अन्दर घुसता चला गया. जब भी मैं अमन का मम्मों का पीना याद करती हूं, मेरी पैंटी अपने आप गीली हो जाती है. ऐसी बात माँ से करने में काफी डर लगता है।मां के जाने के बाद तनु मुझसे बोली- दीदी, आप भी पहनती हो क्या ये सब?तो मैंने तनु के इस सवाल का जवाब नहीं दिया.

मेरी बीवी ने मेरा हाथ पकड़ कर खींचा पर मैं नहीं उठा … तो वो समझ गयी मैं सो गया हूँ.

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