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मुझे भाभी सेक्स कहानी लिखने में कोई भूल हो गई हो तो आपसे निवेदन है कि नजरअंदाज कर दीजिएगा.तभी भाभी अकड़ गईं और वो मेरे सिर को पकड़ कर चुत के अन्दर दबाने लगीं.

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हमारे यहाँ नई दोस्ती की शुरुआत जाम उठा कर की जाती है!” आर्थर मुस्कुराया.

अगले दिन मैं सिमरन को लेकर वापिस चंडीगढ़ आने लगा तो रश्मि ने कहा- जब भी दिल्ली आओ तो पहले मेरे पास आना है.

मेरे मुँह से मादक सीत्कार निकल रही थी- आ उम्म्ह… अहह… हय… याह… हा हा हा. मुझे मालूम था कि इस तरह से चैट बॉक्स में किसी अनजान लड़की से बात करने में सिर्फ अपनी अन्तर्वासना को शांत करना मात्र ही है. एक दिन मैं एक शादी में गया हुआ था, शादी में खाना खाकर वहाँ से फ्री होकर वापिस आया, मैंने ऐसे ही फेसबुक खोली तो कविता ऑनलाइन थी और हम बात करने लग गए, फिर कविता ने मुझ से पूछा कि आपकी कोई गर्लफ्रैंड है क्या?तो मैंने उससे बोल दिया कि हां मेरी गर्लफ्रैंड है.

तब आंटी ने मेरी पैन्ट की तरफ देखा, मेरी पैन्ट थोड़ी गीली हो गई थी क्योंकि इस वक्त आंटी बहुत सेक्सी लग रही थीं. करीब दस मिनट बाद कमरे की ख़ामोशी को भंग करते हुए किचन के दरवाज़े की खुलने की आवाज़ आई. अब उसके पास बोलने के लिये कुछ नहीं बचा था, उसकी हालत काटो तो खून ना निकले जैसी हो गई थी.

मैं अपने लंड को देखना चाहता था कि वो कैसा दिखेगा इसलिए मेरा पूरा ध्यान वहीं था.

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मैंने भाबी के ऊपर चढ़ते हुए थोड़ा सा थूक उनकी चुत पर अपने हाथ से लगाया और भाबी के दोनों पैरों को अपने हाथ उठा कर कंधे पर रख लिया.

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हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम राहुल है, मेरी हिंदी गे कहानी आपके लिए पेश कर रहा हूँ. मैं घर पर वापिस आई और घर पर बोला कि एक नौकरी मिल रही है जिसमें सेलरी भी डबल होगी… करनी तो यहीं है पर कम्पनी इसका इंटरव्यू दूसरे शहर में ले रही है.

मैंने पूछा- क्यों दीदी, मैंने ऐसा क्या कर दिया?दीदी ने कहा- पहली बात डिस्को रात को 9 बजे के बाद खुलता है. अच्छा सच सच बताना… तेरे चूचियाँ जब मैं मसल रहा था तो मज़ा आया था या नहीं?” मैंने पूछा. मैं जाता हम लोग पढ़ाई करते, कुछ हंसी मजाक होता और मैं घर वापस आ जाता, लेकिन कभी उसके साथ कुछ करने की हिम्मत नहीं हुआ.

उसके करीब 4 या 5 मिनट बाद मैंने भी उसकी चुत में ही अपना माल निकाल दिया और उसके ऊपर ही लेट गया.

भाबी मेरे हाथ को दबाते हुए बोलीं- बोलो ना… क्या बोलना है?मैंने भाबी को ‘आई लव यू सविता…’ बोला. मैं खुद भी मजे लेने के लिए ही तो उसको लड़की समझ कर ही बात कर रहा होता था. आईईई… मुझे डर लगने लगा है! कोई मुझे बचाओ…” नताशा अपने हाथों से अपनी आँखें छुपाती हुई नाटकीय अंदाज़ में चिल्लाई.

आज वो क्या मस्त माल लग रही थी… उसको देख कर मेरा भी मन भटकने लग गया और मेरा भी मन उसको चोदने का करने लग गया।मन तो कर रहा था कि अभी यहीं पटक कर साली को चोद दूँ पर मैंने अपने आप पे कंट्रोल किया और सोचा कि इतना अच्छा माल जब खुद से चुदना चाहती है तो फिर मैं क्यों पीछे रहूँ. आप सभी तो जानते ही हैं कि चूत की महक मुझे पागल कर देती है और मैं उसे चाटे बिना नहीं रह सकता.

”हाँ चलो दिखाओ, अगर सही होगा तो ये चेतना निकाल देगी मक्खन, निकालेगी क्या चाट चाट कर खाएगी. मैं बोली- क्यों भाई साहब का लण्ड सही नहीं है क्या? दम नहीं रह गया क्या उनके लण्ड में?वो बोली- गांड ही मार पाते हैं… चूत के लिये चाहिये यार!मैंने कहा- ठीक है, ले लेना यार!फिर मैंने पूनम से पूछा- क्या तुमने लेस्बीयन सेक्स किया है कभी?पूनम बोली- नहीं यार लेकिन मैंने मोबाईल पर पोर्न विडियो में खूब देखा है. उसे किसी ने बताया था कि पीरियड के बारह दिन के बाद चुदाई करने से बच्चा ठहरने सबसे ज्यादा चांस होते हैं!बात भी सही थी तो मैंने भी उसकी हां में हां मिला दी और उसे अपने फ्लैट पे ले गया.

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बड़ी प्रसन्नता हुई, मैं साशा हूँ और ये मेरी वा… दोस्त नताशा है!” मैंने पता नहीं क्यों नताशा को अपनी वाइफ कहते कहते अपनी जबान काट ली, और उसका परिचय अपनी गर्लफ्रेंड के रूप में दिया.

रश्मि की चूत, मम्मे, गाल, चूतड़ चुदाई और मेरे चूसने से नीले हो गए थे. जैसे ही मैंने वाल्व ओपन किया तो पानी इतने तेज प्रेशर से आने लगा कि भाभी उसको रोक नहीं पाई और तभी शावर से भी पानी गिरने लगा. ये मेरी अन्तर्वासना पर पहली चुदाई कहानी है, मैं आशा करता हूँ कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी.

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मैंने अपना सारा पानी उनके मुँह में निकाल दिया और वो मस्ती से चूसने लगीं. मैं कुछ देर तक उसे यूं ही देखता रहा तो उससे रहा नहीं गया और मुझसे पूछने लगी- जीजू ऐसे क्या देख रहे हो?मैंने बोल दिया कि मैं सोच रहा था कि तुम्हारे जैसी लड़की ऐसा कैसे कर सकती है.

रश्मि ने मुझसे हाथ मिला कर वायदा किया और मैं वहां से कंपनी के गेस्ट हाउस में चला गया. ऐसा कह के उसने मेरे मोबाइल से साड़ी चेंजिंग का वीडियो डेलीट कर दिया. मैंने गिलास में ड्रिंक डाल दी, सोडा पानी बराबर बराबर डाल कर दोनों को गिलास दे दिए.

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हम पैदल शहरियों की भीड़ से भरी त्वेर्स्काया स्ट्रीट पर चलते हुए बिग थिएटर तक आ गए. मैं समझ गया कि मेरा ही कोई दोस्त लड़की बन के मज़े ले रहा है, क्योंकि ऐसा मज़ाक कुछ दिन पहले मेरे एक बचपन के दोस्त ने किया था; उसने करीब 15 दिन तक मेरे मज़े लिए थे।तो अबकी बार मैंने सोचा था कि मज़े देने नहीं बल्कि लेने हैं।कई दिन चैटिंग करते करते हम धीरे धीरे डबल मीनिंग बातों और नॉन वेज जोक्स पर आ गये। मैंने भी उससे दोबारा पहचान नहीं पूछी. आज वो मेरी मजबूरी में इस कसाई के हाथ लग गए हैं और बिना हलाल हुए नहीं छूटेंगे.

हैलो दोस्तो, मेरा नाम साहिबा है और मैं राजस्थान की रहने वाली हूँ और बी कॉम कर रही हूँ. इस तरह से मैंने अपनी चूत को पूनम से चटवा कर साफ कराया और पूनम की चूत को साफ किया. वहाँ पर आते ही उसने मेरे मम्मों को इतने जोर से दबाया कि मेरी चीख निकल गई मगर उसने कोई परवाह किए बिना मम्मों की घुंडियों को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया.

बीएफ फिल्म नई लड़कियों की हालांकि मेरे मन में उनके लिए कोई भी गलत भावना नहीं थी क्योंकि मैंने उनको कभी उस नज़र से देखा नहीं था. वो तेज़ तेज़ धक्के लगाकर बोलने लगा- साली रंडी चाची, आज तुझे बताता हूं, गे बोला था ना मुझे.

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गर्मी की छुट्टियां थी, पूजा मामी और उनकी फेमिली मेरे घर आई हुई थी, रात हुई, सबने रात को खाना खाया और बातें करने लग गये. करीब 20 मिनट तक मैंने उनकी गांड मारी और वाइब्रेटर आगे उनकी चूत के चिथड़े उड़ाता रहा. नहीं तो शिमला में एक बार फिर से तुम्हारे साथ गिरती हुई बर्फ के बीच चुदने मजा कहाँ छोड़ने वाली थी।हम दोनों एक साथ वाशरूम में जाकर फ्रेश हुए और मैंने उसके स्तन और बुर को खूब चूसा, फिर पहले गांड की बीस मिनट तक… फिर बुर की लम्बी चुदाई की.

हाँ तो लड़को, अब क्या पियेंगे?” मैंने पूछा- चलिए वोदका ही कंटिन्यू रखते हैं!आर्थर और एरिक ने सहमति जताई तो मैंने तीन जाम बना दिए. चूंकि मैं कहीं भी नहीं जाती हूँ तो मम्मी ने कहा कि तुम अपनी मौसी के घर घूम आओ. मसाज वालायहाँ मैं अभी एक जल्द ही घटित हुयी सच्ची कहानी के बारे में बताने जा रहा हूँ.

फिर कुछ देर में सारा काम निबटा कर चाची भी आकर मेरे बाजू में लेट कर सो गईं.

प्रिय पाठको, मैं अपने इस लेख में कुछ गुप्त ज्ञान की बातें बता रहा हूँ. फिर महक के दिमाग़ में एक तरकीब आई, उसने पूछा- आइस क्रीम है क्या?मैंने कहा- है.

फिर वहां काफी रात हो जाने के कारण मैंने होटल ले लिया और मदिरा मेरे बैग में पहले से ही थी, मेरे दिमाग में तरकीब सूझी, मैंने आज मंजू को भी शराब पीने के लिए बोला. मैं समझ गया था कि चाची अपनी सहेलियों के संग चूची और चुत में रंग लगा कर होली खेलने की बात कर रही थीं. आंटी मेरी गीली पैन्ट देख कर हंस पड़ीं और बोलीं- तुम्हारी तो गीली हो गई.

तभी भाभी ने मेरी पैन्ट की चैन खोलकर अपना हाथ अंदर डाल दिया और खड़े लंड का साइज लेने लगी.

मैंने तुरंत अपनी पैन्ट उतारी और उससे चिपक गया, हम दोनों एक दूसरे को चूमते ही जा रहे थे, इस वक्त चूंकि थोड़ी जल्दी थी इसलिए मैंने उसे नीचे आने को कहा. नीना जब अमित के ग्रैंड गोला लौड़े का पहली बार स्वाद चखने के बाद हम तीनों मौका पाते ही अक्सर चुदाई कर लिया करते थे. मैं थोड़ा सवालिया सा हुआ, तब उसने बताया कि अब मेरे पति बच्चा करने की बोल रहे हैं.

सेक्सी ब्लू पंजाबीमेरा उनके घर बहुत आना जाना था, मैं जब भी भाभी को देखता और सोचता कि कब इनको चोद पाऊँगा. मैं उसको फोन करने ही वाला था कि रीटा का खुद फोन आ गया, वो मुझसे चुदने के लिए कहने लगी.

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अब तक मेरा दर्द भी कुछ कम हो गया था और बिंदु माँ ने मुझे पूरी तरह से छोड़ कर अपने बेटे के हवाले कर दिया था. अंकल ने अब दुबारा से दबाया और उनका पूरा लंड मेरी गांड में घुस चुका था. मैंने कहा- अब दिखाओ अपनी चूत!उसने धीरे से अपना नाड़ा खोला और सलवार नीचे करने लगी, उसकी सलवार नीचे उतरते ही वो नीचे से नंगी हो गई, मैंने देखा कि उसने पेंटी नहीं पहनी हुई थी.

एक दिन जब मैं अपने कॉलेज से लौट रहा था, अचानक मैंने दी को अपने आगे चलते हुए देखा. फिर दोबारा चियर्स बोलते हुए हमने एक ही घूँट में वोडका अपने गले से नीचे उतार ली. क्या मैं यहाँ थोड़ी देर के लिए बैठ सकता हूँ?” उसने मेरे पास आकर पूछा.

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तो हुआ यूँ कि मेरी नजरें उस लड़की से मिलीं, मैं अभी तक उसका नाम नहीं जानता था.

अब मेरी कामुकता भी जाग उठी थी, मैं भी आंटी के साथ ये खेल खेलना चाहता था मगर मेरे हाथ बंधे हुए थे, मैं कुछ कर ही नहीं सकता था. बिहार चुदाईपता ही नहीं चला कि कब हम दोनों पर कामवासना सवार हो गई… मैं उनके गोरे गोरे मम्मों को दबाने लगा था और एक एक करके दोनों मम्मों के गुलाबी निपल्स को चूसने और काटने लग गया था. हिंदी बफ देसीफिर भाभी ने बड़े प्यार से मेरे गालों पर हाथ रख के मेरा चेहरा सीधा किया और रुई से भी कोमल अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए. मकान मालिक बोल रहा था कि मैं तुमको बहुत दिनों से चोदना चाहता था लेकिन आज तुमको चोदने का मौका मिला.

रोशनी अपनी पतली पतली नंगी टांगों से चलकर मेरे पास आई और बोली- अब मुझे क्या करना है?मैंने पिंकी को पलंग पे सीधा लेटा लिया और रोशनी के दबे हुए पुट्ठों को हाथ से फैला कर पिंकी के सॉफ्ट टमाटर जैसे मम्मों पे बिठा दिया.

उनके मुँह से एक लंबी सिसकारी निकली- सईईई… ईईई…फ़िर थोड़ी देर उनके पैर का अंगूठा चूसने के बाद मैं उठा और उनकी ड्रेस को पकड़ कर दोनों टांगों के बीच से काटना शुरू किया. जो मुझे फील हुईं, लेकिन उस वक़्त मज़ा इतना ज़्यादा था कि मुझे ये सब अच्छा लगा. मॉम ने आहिस्ते से किचन का दरवाज़ा वापस बंद कर दिया और अन्दर से कुण्डी लगा दी ताकि कोई अचानक से आ न जाए.

आह… भाभी क्या मस्त होकर रंडी के जैसे लंड चूस रही थीं… बिल्कुल कुल्फी की तरह निचोड़ने में लगी थीं. फिर उसने मुझसे बोला- मैं तुम्हें इस समस्या से निकाल सकता हूँ, पर मेरी एक शर्त है. तभी जब मैं झड़ने वाला था, मैंने उसका सर पकड़ कर अपने लंड की जड़ तक उसका हलक छुआया.

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इस चुदाई के बाद अब वो ऑफिसर ही मेरा इनकम टैक्स का पूरा काम देखता है और फीस में मेरी वाइफ को मनचाहा चोदता है. क्या आपको मंज़ूर है?आप ख़ुशी से कहते हैं कि हाँ भाई मंज़ूर है, मुझे बस ग्राहक से मिला दो. और कुछ पल सेक्स करने से भी ज्यादा आनन्ददायी होते हैं, जो हम हमारे प्रेमी या प्रेमिका के साथ बिताते हैं.

ओके अब मुद्दे पर आते हैं यदि तुम्हें कोई एतराज न हो तो मैं रानी को चैक कर लूँ?कुसुम बोली- बिल्कुल.

मैंने उनसे कह दिया कि हो सकता है कि मैं सुबह यहीं से कॉलेज चली जाऊं, मेरे साथ मेरी दो सहेलियां भी हैं.

फिर मैं उसकी चुत को चाटने लगा, लगातार चाटते रहने से उसकी चुत से पानी निकलने लगा. हैलो दोस्तो, मेरा नाम साहिबा है और मैं राजस्थान की रहने वाली हूँ और बी कॉम कर रही हूँ. देसी पोर्न विडीओउसने मेरा एक जोरदार चुम्बन लिया और एकदम से मेरे होंठ चूसने लगा… और जोश में आ गया.

उसका लाल होता चेहरा गवाही दे रहा था कि मेरी ही तरह वो भी अब काम वासना में जल उठी है. मैंने धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करना शुरू किया लेकिन वह घोड़ी बनने का बहाना करके एकदम मेरे नीचे से निकल गई और अपनी गांड को हाथों से भींच कर बैठ गई. कोई इस रसभरी को छू कर न चख ले, इसलिए मैंने कहा- आप बस के पास पहुँचिए, मैं चाय लेकर आता हूँ.

मैंने कॉल करके कन्फर्म किया, एकता को देखा तो अपने रूम में सो रही थी. वो आहें लेने लगी- उहह यस… आहहह…फिर मैंने आम के इस बड़े पीस को आधा चुत में डाल दिया… और चुत को काटते हुए आम चूसने लगा.

तो भाबी बोलीं- मैं तो ये चाहती हूँ कि तुझे वीरू से अभी मेरे सामने चुदवाना होगा.

मैंने अपनी ब्रा और पेंटी उतार दी क्योंकि इनकी वहाँ कोई ज़रूरत नहीं थी. कामिनी की आवाज आ रही थीं ‘आआह्ह… आअह्ह क्या पेल रहे हो… क्या लौड़ा है मेरी जान…’विवेक में चुदाई का जबरदस्त स्टैमिना था. ”नहीं भाईजान आप इसलिए खुशकिस्मत नहीं हैं कि आपको इतनी खूबसूरत बहन मिली.

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उन्होंने मुझे ड्राइंग रूम में बैठाया, रश्मि लण्ड लेने के लिए बेताब थी. वो पूरी तरह से गरम हो गई थी और किस करते हुए अपनी जीभ मेरी जीभ ले लड़ा रही थी और चूस रही थी. मैं बोली- मेरे को इतना क्यों खिला रही हो भाबी… मैं इतना नहीं खाती हूँ.

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तभी मेरे होने वाले पति बालू बोले- क्या रानी, यही सोच रही हो न कि बहुत छोटा है? पर इंडिया के लोगों का इतना ही छोटा होता है. आज इनकी पूरी अकड़ निकाल दीजिए, इनको तरह से ढीला कर दो ताकि यह अपनी औकात में रहा करें. मेरे अंदर जोश भर गया और मैं लिफ्ट की इन्तजार ना करते हुए सीढियों से ही उसके फ़्लैट पर पहुँच गया.

जैसा कि मैंने बताया कि मैं जब भी अपने सहेली के रूम पर जाती थी तो उसका मकान मालिक मुझसे खूब बातें करता था. मैंने उससे जरा सब्र करने को कहा और मैं जाकर फ्रिज में से कुछ बरफ और कुछ आम के पीस ले आया. हालांकि पूरा फ्लोर ही खाली था लेकिन फिर भी हमें यहाँ ये सब नहीं करना चाहिये… लेकिन वह काफ़ी जोश में था और मेरे होंठ और नाक से अपने लंड का काला सुपारा जो पूरी तरह से खुला हुआ था, को रगड़ने लगा जिसमें से लंड की मधुर कामुक महक आ रही थी.

मैंने कहा- ओके पर एक प्रॉब्लम है?वो बोलीं- क्या प्रॉब्लम है?मैंने कहा- मसाज़ लोवर पहन कर करता हूँ और यहाँ मेरा लोवर नहीं है.

बीएफ फिल्म नई लड़कियों की: थोड़ा आराम करने के बाद सबने एक एक पेग लगाया और फिर से चुदाई के लिए तैयार हो गए. फिर बोली- हां… अब खड़े लंड के टोपा को मुँह में ले और कुत्ते की तरह जीभ निकल कर पूरी मार.

इस बात को सुनते ही मैंने कपड़े पहने और मकान का दरवाज़ा खिड़की बंद करके बाहर निकल गया. मैंने कहा- क्या काम है?वो बोला- एक पैकेट गाड़ी में रखा है, जरा ले आ. ”राज जी… आप तो हज़ारों में एक हैं… भाभीजी बहुत लकी हैं जो उन्हें आप जैसा क़दरदान पति मिला… सबके नसीब ऐसे तो नहीं न होते.

मैं उनके लंड को हिलाने लगा, मेरे हाथ में उनका लंड आ गया था, जो काफी मोटा और तगड़ा था.

दिखा तेरे अन्दर कितना दम है, अगर तू अपने बाप की औलाद है तो अपना दम दिखा. उसने उठा कर अलमारी से मेरे कपड़े निकाल कर मुझे दिए और कहा कि पहन कर तैयार हो जाओ. मैंने उसके दिए गए पैसों को रख लिया और जब मैं घर जा रहा था तो रास्ते में जो बचे नंगे भीख मांग रहे थे.