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उससे आपी को भी मज़ा आ रहा था और उन्होंने देखा कि हमारे लण्ड झटके ले रहे हैं तो उन्होंने अपनी ऊँगली को अपने निप्पल के टॉप पर रखा और उससे दबा कर रखते हुए अपना दूसरा हाथ उठाया और अपनी टाँगों के दरमियान ले जाकर रगड़ने लगीं।क़रीब 2 मिनट ये करने के बाद आपी ने अपने हाथों को रोक लिया और बोलीं- चलो बच्चों. कुंवारी लड़की की सेक्सी फोटोपायल से अपनी टाँगें खोल कर मुझे इजाजत दे दी।मैंने भी सोच लिया कि कब तक मेरे लण्ड से दूर रहेगी.

इतने बड़े नाख़ून रखती ही क्यों हैं कि बर्तन में उलझ कर तक़लीफ़ देने लगें।अम्मी ने मेरी बात सुनी और वापस टीवी की तरफ़ ध्यान देते हुए आपी को लेक्चर देना शुरू कर दिया।आपी ने मेरी तरफ देखा और मुझे थप्पड़ दिखाते हुए बर्तन उठाए और रसोई में जाने लगीं।मैं आपी के कूल्हों पर नज़र जमाए कुछ लम्हों पहले की अपनी हरकत पर खुद ही मुस्कुराने लगा।‘आपी एक गिलास पानी तो ला दो. देहाती लड़की के साथ सेक्स वीडियोजिसने मेरी वर्षों पुरानी दिल में दबी एक हसरत की चिंगारी को आग का रूप दे डाला।मेरा नाम करन है। जब मैंने बारहवीं के बाद एक विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया।कालेज में आने से पहले मेरे मन में कई विचार आए.

तो उसकी मासूम और मायूस सूरत देख कर मेरा गुस्सा एकदम से झाग की तरह बैठ गया और मैंने सोचा यार वाकयी ही इस बेचारे का क्या क़ुसूर है.बीएफ वीडियो एचडी इंग्लिश: तो उन्होंने भाभी का नाम ले कर मुझे कस कर पकड़ लिया और कुछ बड़बड़ाने लगे।घर में अँधेरा होने के कारण भैया ठीक से मेरी सूरत तो देख नहीं पा रहे थे.

लेकिन उनके अंदाज़ से ऐसा बिल्कुल नहीं महसूस हो रहा था कि जैसे उन्हें मुझे इस हालत में देखने से कोई प्राब्लम हो। इस वक़्त वो ऐसे ही नॉर्मल थीं.तो मैंने उससे पूछा- अन्दर लेना चाहती हो?तो उसने झट से ‘हाँ’ में सिर हिला दिया और मेरा लौड़ा पकड़ लिया। बस फिर क्या था.

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मैंने तकिया उसकी गांड के नीचे लगाया और अपने लंड को उसकी चूत पर सैट करके एक हल्का सा धक्का मारा.तब मैंने आपको प्रॉमिस किया था कि पहला बच्चा आपका ही होगा।यह कह कर उसने मुझे गले लगा लिया।मैं बहुत खुश हुआ.

फिर अगले दिन मैंने खुद को अच्छे से तैयार किया और अपने को पूरा साफ किया। आप लोग ‘साफ करना’ मतलब तो समझ ही गए होंगे. बीएफ वीडियो एचडी इंग्लिश ’ की आवाज़ सुनी तो मुझे समझ आने लगा कि एंडी को मज़ा आ रहा है।मैंने अपना थोड़ा सा थूक निकाल कर वहाँ लगाया और फिर से चाटने लगी।धीरे-धीरे मैं ऊपर की ओर बढ़ने लगी और अब गोटों को भरपूर आनन्द के साथ चूसने का लुत्फ़ उठाने लगी।वहीं उसका गोरा लण्ड नागराज की भांति पूरी तरह से अपने असली रूप में आने लगा था।जब तक मैं उसके लण्ड तक पहुँची.

दूसरे धर्म के थे।एक हफ़्ता सब कुछ नॉर्मल चला। अगले दिन जब मैं इंस्टिट्यूट गया तो देखा- वहाँ एक लड़की बैठी है। मुझे लगा कि कोई नई लड़की होगी.

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कुछ देर की चूमाचाटी और लव बाईट गेम के बाद उन्होंने धीरे से मेरे कपड़े उतारना शुरू कर दिए।अब ठण्ड क्या चीज होती है, हमें नहीं मालूम था।मेरी टी-शर्ट निकालते ही उन्होंने मेरी छाती की घुंडियों को चूसना शुरू कर दिया और काट भी लिया. मुझे आपी पर बहुत गुस्सा आ रहा था और मैं उसी गुस्से और बेबसी की ही हालत में लेटा और फिर पता नहीं कब मुझे भी नींद ने अपने आगोश में ले लिया।सुबह फरहान ने उठाया तो कॉलेज जाने का दिल नहीं चाह रहा था. तो मैंने उसे जमीन पर लिटाया और उसके ऊपर लेट कर उसे जोर-जोर से चोदने लगा।झड़ने से पहले मैंने उससे पूछा- कहाँ डालूँ?तो उसने कहा- करते रहो.

फिर कुछ नहीं बोली।रात में हमने खाने का ऑर्डर दिया और मैंने कमरे में अपने बैग से शराब की बॉटल निकाली और अपना पैग बना लिया. आपी के चेहरे पर अभी भी फ़िक्र मंदी के आसार नज़र आ रहे थे- क्या मतलब. तो मैंने अपनी बाइक रोक कर उससे पूछा- मैं आपको घर तक छोड़ दूँ?वो राज़ी हो गई.

सो प्लीज़ मेरी बात मान लीजिए।रचना आंटी जो लगभग 32 साल की थीं उन्होंने कहा- अरे सविता कोई बात नहीं. पर मैंने उसे जबरदस्ती खिला दी।फिर उसने भी एक पीस उठा कर मुझे खिलाया।तभी प्रीति बोली- मेरा गिफ्ट?मैं- गिफ्ट?प्रीति- मेरे लिए क्या गिफ्ट लाए हो. इसलिए आपको बता देना चाहता हूँ कि ये आपबीती मेरी प्यारी भाभी पायल की है.

क्योंकि लड़का किसी और को चाहता था।ऐसा उसने मुझे बताया था।मेरी भी उम्र सत्ताईस की है. साइज़ क्या है उनकी?’ रश्मि अचानक पूछ बैठी।‘दीदी मैंने तो कभी नापे नहीं।’ शब्बो बोली- पर मेरी ब्रा पर कुछ 36 जैसा लिखा है।‘हम्म.

पहले ही बता रही हूँ।यह बात कहते हो आपी की आँखें उस टाइम बिल्कुल बिल्ली से मुशबाह हो गई थीं और उन आँखों में बगावत का तूफान था.

इसलिए उसने भी जवाब में एक प्यारी से मीठी से मुस्कुराहट दी।मेरा तो मानो जैसे दिल गार्डन-गार्डन हो गया था।तब से मैंने ठान ली कि इससे कुछ तो चक्कर चलाना पड़ेगा।फ़िर मैं उनका सामान घर के अन्दर ले गया और उन्हें चाय-नाश्ता के लिए पूछा।उन्हें चाय-नाश्ता सर्व करके मैं अपने कामों में लग गया।रात को खाने के बाद मैं ऐसे ही छत पर टहल रहा था.

उससे पहले ही वो कूदने लगी।मैंने कहा- तुम तनु से ज्यादा मस्त हो। वो कहाँ और तुम कहाँ. वो तो कब से तैयार है। उसने मुझे किचन वाली बात भी बताई थी।मैंने कहा- थैंक यू जान!फिर मैंने प्रीत को कुछ मिनट तक चुम्बन किए। सच में यार प्रीत के लब हैं ही इतने मस्त कि बस चूसने को ही मन करता है।अब इतना कह कर प्रीत मुझसे गले लग कर और एक चुम्बन देकर चली गई और मैं भी अब नीचे आ गया।शायद नेहा कुछ काम कर रही होगी. फिर मैं भी सबके साथ शादी की तैयारियों में लग गया।अभी भी मेहमान आ रहे थे।तब शाम को मेरी दूर की रिश्तेदार दीदी जो करीब पैंतीस साल की थीं.

तो उन्होंने अपने हाथों से मेरे दोनों हाथ ऊपर करके मुझे पकड़ लिया और मुझे बहुत जोर से चुम्मा किया।अब वे अपनी जुबान मेरे मुँह के अन्दर ले गए ताकि मेरा मुँह पूरा ब्लाक हो जाए।इसी बीच उनका पूरा लण्ड धीरे से मेरी गांड के अन्दर आ चुका था। मुझे पता भी नहीं चला. ’ की आवाजें निकाल रही थी और मुझे चोदने के लिए और भी उकसा रही थी।मैंने भी उसकी चूत का फालूदा बनाने के लिए जैसे कि लंड को उसकी चूत के अन्दर और भी जोर-जोर से पटका।यह देसी लड़की लंड को सही तरह से चूत के अन्दर लेती गई।ब मेरी इच्छा हो गई कि भावना को कुतिया बना कर पेल दूँ।मैंने उसकी चूत से लंड निकाला और अभी तो उसकी कमर पे हाथ रखा ही था कि वह अपने आप ही पलट गई। यह होता है अनुभवी लड़की को चोदने का फायदा. जिससे उनके बदन के उभार छुप गए थे।मुझसे नज़र मिलने पर आपी ने अम्मी से नज़र बचा कर मुझे आँख मारी और अपने सीने से चादर हटा कर एक लम्हे को मुझे अपने खूबसूरत मम्मों का दीदार करवाया और हँसते हुए बाथरूम में चली गईं।मैं जज़्बात से सिर उठाते अपने लंड को सोते रहने का मशवरा देता हुआ सिर झुका कर नाश्ता करने लगा।यह वाकिया जारी है।[emailprotected].

और प्लीज़ मुझे बताओ कि तुमने पहले बार किसके साथ सेक्स किया था।मनोज ने सविता भाभी के चूचों को मसलते हुए कहा- हाँ भाभी जी जरूर.

कर रही थी, बोल भी नहीं पा रही थी।तभी मुझे कुछ और भी महसूस हो रहा था और दोनों लड़के मेरे बूब्स के साथ खेल रहे थे और उनको चूस चूसकर लाल कर चुके थे।तब शरद ने मुझे चोदने का निर्णय लिया, वह मेरे दोनों पैरो के बीच में आ गया. अब चोद रहा हूँ बातें चोद रही है।उसने इतना कहते हुए अपना पूरा निकाल कर एक बार में ही फिर से पूरा डाल दिया।मैं फिर एकदम से चीखी।इतने में विवेक ने मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए. वो मुझसे चिपक जाती।मुझे भी मज़ा आ रहा था।अब मेरे दिल में उसके लिए ग़लत ख्याल आने लगे थे।आख़िर मैं भी एक लड़का हूँ.

वो मुझसे चिपक जाती।मुझे भी मज़ा आ रहा था।अब मेरे दिल में उसके लिए ग़लत ख्याल आने लगे थे।आख़िर मैं भी एक लड़का हूँ. अपनी जाँघों से मुझे दबाने लगी। उसकी सिसकारियाँ और तेज होने लगीं, ‘उम्म. धक्के पर धक्के मारने शुरू हो गए।कुछ मिनट के बाद ऐसा लगा कि मेरा लण्ड सब कुछ उगलना चाहता है।ये तब ज्यादा लग रहा था.

’पायल भी थोड़ा सहयोग करने लगी थी, उसकी चूत लण्ड के हिसाब से सैट हो चुकी थी, मेरे लण्ड को उसकी चूत जोरदार तरीके से जकड़े हुए थी।अबकी बार पूरा लण्ड मैंने पूरा बाहर निकाला और एक जोरदार शॉट के साथ एक ही बार में चूत के अन्दर कर दिया। पायल की तेज स्वर में चीख निकल पड़ी ‘ऊक्क्.

जिसे उसने खूब चाव से चूसा।अब मैंने अपना लण्ड सीधा उसकी चूत के छेद में डाल दिया. घर आते हुए मैंने अपनी शॉप से एक डिजिटल कैमरा भी उठा लिया था।घर पहुँचा तो सवा पाँच हो रहे थे, कोई नज़र नहीं आ रहा था, आपी और अम्मी का कमरा भी बंद था।मैं अपनी लेफ्ट साइड पर किचन के अन्दर देखता हुआ राइट पर सीढियों की तरफ मुड़ा ही था कि ‘भौं.

बीएफ वीडियो एचडी इंग्लिश चलो मेरा फिगर बताओ?मैंने कहा- मुझे एक्सपीरियेन्स नहीं है।उसने कहा- मेरा फिगर 34-32-36 का है।मैंने कहा- ह्म्म्म्म. तो उन्होंने भाभी का नाम ले कर मुझे कस कर पकड़ लिया और कुछ बड़बड़ाने लगे।घर में अँधेरा होने के कारण भैया ठीक से मेरी सूरत तो देख नहीं पा रहे थे.

बीएफ वीडियो एचडी इंग्लिश जिससे नेहा अब और भी गर्म हो रही थी।नेहा की प्यारी सी सिसकारी निकलने लगी थीं, कुछ ही पलों में उसकी सिसकारियाँ कमरे का माहौल कामोत्तेजक बना रही थीं ‘उम्म्ह्ह. क्या अब इन्हें निचोड़ ही डालेगा?पर वो नहीं रुका और फिर वो मेरी चूचियों को चूसने लगा। वो मेरे निप्पल्स को मुँह में लेकर चूसने लगा और उन पर काटने लगा.

तो खुद भी पिटोगे और मुझे भी अच्छी खासी सुननी पड़ेगी।’ उसने जवाब दिया.

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मैं उसे आपके लिए पटा लूँगी और फिर आप उससे अपनी प्यास बुझा लेना।मैंने कहा- भाभी मुझे तो आप अच्छी लगती हो. तो कभी मैं उनकी ज़ुबान को चूसता।कुछ देर बाद मैंने अपने होंठ आपी के होंठों से अलग किए और कहा- आपी हमने पहले कभी ऐसे अम्मी का दरवाज़ा बाहर से लॉक नहीं किया. उन्होंने मेरा मुँह पकड़ कर अपनी चूत पर पूरा दबा दिया। मैं ज़ोर-ज़ोर से उनकी चूत चाटने लगा।फिर मैं एकदम से उठा और मैंने अपना लण्ड उनकी चूत पर रखा और एक झटके में ही पूरा उनकी चूत के अन्दर डाल दिया। उन्होंने ‘आहह.

वरना मैं साबुन से भरे हाथ तुम्हारे कपड़ों से लगा दूँगी।’ आपी ने नकली गुस्से से कहा।लेकिन अपनी पोजीशन तब्दील नहीं की- लगा दें. और यह कहते ही मैंने छल्ला आपी का हाथ को पकड़ कर आपी की उंगली में पहना दिया।उस छल्ले को आपी ने किस किया और कहा- ये मेरी ज़िंदगी का सब से अनमोल तोहफा है और आज का दिन मेरी ज़िंदगी का सबसे बेहतर दिन है। मैं ये सब कभी नहीं भूल पाऊँगी. मैंने खुद भी आँखें बंद कर लीं।मेरी गहरी नींद टूटी और मैंने ज़बरदस्ती आँखें खोल कर देखा.

और यह बोल कर बुआ ज़ोर से रोने लगीं, तो मैं उन्हें अपने आगोश में लेकर उन्हें शांत करने की कोशिश करने लगा.

बहुत अच्छा लग रहा था।मैं- देखो हम दोनों के लिए पहली बार है। तुमको तो सुख मिल गया. जो बहुत शाइन मार रहा था।मैंने बिना कोई देरी दिखाए लण्ड को चूमना शुरू कर दिया।क्योंकि मेरे चूतड़ ऊपर को उठे हुए थे. इसलिए मेरी भी जांघें नंगी ही थीं। जब मेरी जाँघों से भाभी की नर्म मुलायम जाँघों का स्पर्श हो रहा था.

मैं तो अपनी पसंद के लड़के का ही लूंगा!उसने पूछा- कैसे लड़के पसंद हैं तुझे?मैंने कहा- हट्टे कट्टे. ’‘जो हुकम मालकिन साहिबा!’ कह कर मैं उसको गोदी में उठाकर बेडरूम में ले गया।बिस्तर पर नंगी जूसी रानी को लिटा के मैं कमरे के बाहर खड़ा होकर अपनी रानी के आदेश का पालन करने लगा।यारों रानियों का गुलाम बल्कि उनका कुत्ता बन के रहने में बहुत सुख है।रानियां भी मस्त होकर बेहद मज़ा लुटाती हैं।कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. क्योंकि लण्ड के टोपे पर जीभ के टच से मेरे शरीर में एक करंट सा दौड़ गया था।वो धीरे-धीरे लण्ड को चूसने लगीं। पहले सिर्फ टोपे को चूसा लेकिन बाद में पूरा का पूरा मूसल मुँह में ले लिया। मैं भी उधर उनकी चूत के होंठों को चूस रहा था।चूत के होंठ के साइड में मांसल गोल उभार काफी मस्त थे।कुछ देर चूसने के बाद वो खुद बोलीं- मेरे राजा अब रहा नहीं जा रहा.

मैंने पूछना तो नहीं है लेकिन अगर आप मजबूर करती हैं तो पूछ लेता हूँ. ’मैंने फरहान को सब कुछ बताया जो उस पहली रात को हमारे सोने के बाद हुआ था और कैसे आपी ने मुझे नीचे जा कर चोदा था और उसके बाद जो हमने किया था।मैंने उसे ये भी बताया कि मुझे आपी ने अपनो शौहर बना लिया है और अब वो मेरी ही रहेंगी और हमेशा मुझसे चुदवाएंगी.

उसने फिर से बेबी को मेरी तरफ दे दिया।इस बार मैंने बेबी को पूरी तरह से हाथ में नहीं लिया। मेरा हाथ उसके मम्मों पर था और मैंने ऐसे ही रहने दिया। कुछ मिनट तक सोनिया ने भी कुछ नहीं कहा. मैं भी कहूँ कि किस करने से मुँह का ज़ायक़ा अजीब सा क्यों लग रहा है।मैंने आगे बढ़ कर आपी को अपने बाजुओं में जकड़ लिया और उनके होंठों पर एक ज़ोरदार किस करके कहा- कुछ नहीं होता आपी. मैं करूँगा।इतना सुनते ही वे बोलीं- आपके इस स्वभाव के कारण ही मैंने खुलकर आपको सारी बात बता दी, अब आप अपनी बात से पलटना नहीं।मैं बोला- मैं समझा नहीं।‘कोई बात नहीं.

मैं अकेली ही देखूंगी।’यह बोल कर वो कुछ सेकेंड्स रुकीं और फिर शैतानी के से अंदाज़ में कहा- मैंने कुछ काम भी करना होता है।‘ओह.

वो अभी भी उसकी ओर ही देख रहा था। रश्मि जहाँ उसकी ढिठाई को देख कर अवाक् थी. कभी दोनों को भंभोड़ने लगता।इस तरह बहुत देर तक उसके आमों का रस पीने के बाद मैं धीरे-धीरे नीचे की तरफ आ गया, अब मैंने उसके कोमल पेट को चुम्बन करना शुरू किया।क्या अहसास था. तो अब सोचा कि अब तो काम नहीं बनेगा।पर कहते हैं न कि जब ऊपर वाला सोच लेता है.

नहाने से कुछ नहीं होगा।मीना का जवाब सुनकर रवि चौंक गया लेकिन उसने फिर कहा- नहा लो साली जी… आराम मिल जायेगा।रवि की बात मान कर मीना नहाने चली गई लेकिन बाथरूम से वो निकली तो एक छोटा सा नेकर और छोटी सी टी शर्ट पहन कर निकली।मीना की जवानी को देखकर रवि के लंड में हरकत होने लगी थी।रवि नाश्ता करने बैठा तो मीना फिर गर्मी-गर्मी करने लगी।रवि ने उसे अपने पास बैठाया और पूछा- क्या बात है. ’ की मादक आवाज़ें निकालने लगीं।‘मेरी इन सिसकारियों ने राजू की उत्तेजना को और बढ़ा दिया वो मुझे बेरहमी से पेलने लगा।मेरी साँसें और तेज़ हो गईं.

तो मेरे पास आ कर मुस्कुराते हुए बोलीं- मैं नहाने जा रही हूँ आज कपड़े गंदे मत करना।मेरी थोड़ी हिम्मत जाग गई. तो मैंने उसे कुतिया बनने को कहा और वो तुरंत गाण्ड झुका कर कुतिया बन गई।अब मैंने उसके पीछे आकर जो कुत्ते जैसे चोदना चालू किया. तो घर में केवल मम्मी और चाची ही रह जाती थीं।फाइनल इयर में मैंने कॉलेज जाना कम कर दिया था.

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पहले देख तो लेने दे कैसा होता है ये।थोड़ी देर में उसने फिर हँसना शुरू कर दिया। फिर मेरे कुछ पूछने से पहले ही बोली- यार ये तो तेरा तीन रंग का है.

हालाँकि मैं जानता ही था कि वैशाली की चूत बहुत ही गर्म है और लण्ड की बेहद प्यासी है।वो मुझसे पहले भी कई लड़कों का लण्ड ले चुकी थी. तो वो हंस पड़ी।मुझे लगा कि बात बन जाएगी।फिर दवा लेकर हम वापस घर आ रहे थे, मैं बाइक चला रहा था. तो थोड़ा सा धक्का लग गया।इतना सुनते ही वह बोली- अच्छा तो यह बात तो ठीक है कि भीड़ की वजह से धक्का लग जाता है.

उसका स्वाद और रूप और भी निखर कर बाहर आ रहा था।मैंने अभी स्पीड बढ़ा दी और फिर कुछ ही मिनटों में दूध जैसा उजला सफेद माल. और ऊपर से मौसम भी इतना सुहावना हो रहा था, अब तो मुझे भी कुछ होने लगा था।मैंने भी भैया को अपनी बाँहों में भर लिया. गर्ल नंबर फॉर व्हाट्सएपपर शायद गलत संगतों में पड़कर उसने यह कदम उठाया था।उसे रोता देखकर मेरा दिल पिंघल गया और मुझे भी रोना आने लगा, मैंने उसे वहाँ से जाने के लिए बोला.

क्योंकि आज वो सुहागरात वाली दुल्हन की तरह सजी थीं।दोस्तों क्या बताऊँ. तो मैंने उसके और अपने लिए चाय बनाई और चाय लेकर उसके कमरे में गई।मैं उसके पास जाकर बैठ गई। मैंने धीरे से आवाज देकर उसे उठाया। वो उठ गया और उठकर सबसे पहले उसने मुझे मेरे होंठों पर एक प्यारा सा चुम्बन किया।मैंने उससे कहा- पहले चाय पीले और फिर ब्रश वगैरह कर ले.

शैतानियत थी।मेरी बहन मेरे लण्ड को अपनी चूत के नीचे दबाए मेरे सिर के बाल खींच रही थी. ना जाने मैं चुदास की आग को बुझाते हुए उसको क्या-क्या बकती रही।क्योंकि उसको पता था मुझे चुदवाते वक़्त गाली सुनना पसंद है. सीधे पलटकर अपनी टाँगें खोल कर बोली- तुमको गन्दा नहीं लगता ये चाटते हुए?मैंने कहा- क्यूँ?बोली- छी:.

भाभी ने मेरा लन्ड चूस कर मेरा वीर्य गटका और भाभी और मैं फटाफट फिर से नहा कर बाहर निकल आए और कपड़े पहन कर घर की ओर चल दिए।दूसरी भाभी रूपा भाभी को देख कर मुस्कुरा दीं. उनका पति एयरपोर्ट पर काम करता था और कभी-कभी उनको रात को भी काम पर जाना पड़ता था।सीमा आंटी की पहचान मेरी मम्मी से जल्दी ही हो गई थी. लेकिन मेरे दिल में बस उनकी चुदाई का ख्याल था। करीब आधे घंटे बाद चाची सो गईं।मैं थोड़ी हिम्मत करके उनके नज़दीक गया और एक चूची पर हाथ रख दिया थोड़ी देर बाद देखा कि उनकी तरफ से कोई हरकत नहीं हो रही है.

आफरीन ने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेण्ड है?मैंने उससे बोला- नहीं.

मैं रूम में फिर से गया और जाकर उससे आगे वाले बैंच पर बैठ गया और बोला- ले देख, तेरे से नहीं डरता मैं।तभी प्रीति मेरे पास आकर बैठ गई।मैं थोड़ा सा नर्वस हो गया. उनकी लड़की का कोई इन्टरव्यू था।घर में चाची अकेली थीं और मैं डर रहा था कि चाची को पैसे कैसे दूँ।मैं हिम्मत करके ऊपर गया.

वो पागलों की तरह उन पर टूट पड़ा। दोनों हाथों से उन्हें दबाते हुए वो उन्हें चूमने-चाटने लगा।मेरे कड़क निप्पलों को अपनी जीभ से चाट रहा था। निप्पल तो तन कर एकदम कड़क हो चुके थे। वो हाथों से दबा भी रहा था। हाय दीदी. मम्मी और आंटी बातें करने लगीं। थोड़ी देर बाद बेबी रोने लगा और वो चुप नहीं हो रहा था. मुझे तेरा रस चखना है।यह सुनते ही मैं जोर-जोर से अपने लण्ड को उसके मुँह में अन्दर-बाहर करने लगा।मैं भी आहें भरने लगा ‘ओओओह.

तो मैं मान गया।दीदी उठीं और मेरी सोफे पर आकर मेरे ऊपर बैठ गईं।दीदी- मैं कैसी लगती हूँ?मैं- यह आप क्या पूछ रही हैं?दीदी- मैंने जितना पूछा. क्यूंकि उसने मुझे मूवी के लिए मना कर दिया।मैंने उससे कहा- चलो मेरे दोस्त के रूम पर चलते हैं।अगर उसने मना किया होता तो मैं समझ जाता कि उसे नहीं चुदवाना. उसके बाद मैं उसे गले लगा कर देर तक चुम्बन करता रहा।इस गर्म जोशी के चलते मैंने उसे किसी तरह मना कर उससे चूचियाँ दिखाने को बोला.

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वो साथ-साथ आपकी चूत के दाने(क्लिट) को भी चूसता रहेगा तो दर्द नहीं होगा।मेरी बात सुन कर फरहान खुश होता हुआ बोला- हाँ आपी ऊपर आ जाएँ. हर धक्के के साथ मुझे स्वर्ग की अनुभूति हो रही थी। मेरा जी कर रहा था कि बस मैं ये धक्के लगाता ही रहूँ. मैंने जाना है बहुत देर हो गई है।आपी ने क़मीज़ पहनने के लिए अपने हाथ फैलाए ही थे कि मैंने आगे बढ़ कर आपी को अपने बाजुओं में जकड़ा और एक जोरदार किस करने के बाद कहा- आपी आज का दिन हमारी ज़िंदगी का हसीन-तरीन दिन था और मुझे खुशी इस बात की है कि मैंने आपके जिस्म के एक-एक मिलीमीटर को चूमा है और अपनी ज़ुबान से चखा है.

’वो पागलों की तरह बस मेरी भट्टी खोदे जा रहा था। मैं एक बार झड़ भी गई थी. शायद उसका पानी निकल चुका था।फिर मैंने अपना मोर्चा आगे की ओर बढ़ाया, मैंने उसके टॉप को निकाल फेंका।उसकी लाल रंग की ब्रा में कैद उसके सफेद दूध. मराठी ट्रिपल एक्स सेक्सी व्हिडीओएक लम्बी चूमाचाटी के बाद मैंने उन्हें बिस्तर पर सीधा लिटा दिया और उनकी टाँगें चौड़ा कर चिकनी चूत पर अपनी जीभ को जैसे ही लगाया.

हम दोनों को और उत्तेजित कर रही थी।पायल ने मुझको कस के पकड़ रखा था। काफी देर बाद जब हम दोनों का ‘लिपलॉक’ अलग हुआ.

तो कभी उसे चूमते हुए उस पर हल्के से काट लेता था जिससे वैशाली की चीख़ निकल जाती थी और उसकी ऐसी ही चीखें मुझे और आनन्दित और उत्तेजित कर रही थीं।कुछ देर तक यह चलता रहा, फिर बृजेश खड़ा हो गया, उसने वैशाली को ज़मीन पर घुटनों के बल बैठा दिया।वैशाली समझ गई, उसने पहले अपने हाथों से बृजेश के अंडरवियर के ऊपर से ही उसके लण्ड को सहलाया और चूमा. मैंने अपने कपड़े उतार कर ज़मीन पर फैंके और बिस्तर पर नंगा ही बैठ कर आपी के आने का इन्तजार करने लगा।कुछ देर बाद फरहान बाथरूम से निकला तो मेरी हालत देख के खुश होता हुआ बोला- भाई.

मुझे भी आपकी गांड की सवारी करनी है। मैं आपकी गांड मारना चाहता हूँ।सुनीता- राज सोचना भी मत. ’यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !टोपी अंदर घुसने लगी. फिर हम नॉर्मल हो गए।कुछ देर बाद फिल्म खत्म हो चुकी थी। सब बाहर जाने लगे.

बहुत मस्त लग रही थी।मैं तो बस उसे देखता ही रह गया, उसके पतले-पतले होंठ उसकी छोटी-छोटी नुकीली चूचियाँ.

जो बहुत ही सुंदर हैं, उनका गोरा रंग और उनके चूचे बड़े ही मस्त लगते हैं।कोई भी उन्हें देख लेगा तो हस्तमैथुन ज़रूर कर लेगा।दोस्तो, यह बात 4 साल पहले की है, जब मैं बीटेक के सेकंड इयर में था।एक दिन मैं मोना भाभी को दवा दिलवाने के लिए गया।वहाँ डॉक्टर के व्यस्त होने की वजह से थोड़ा समय लग गया।मैंने मजाक में मोना भाभी की जाँघ पर नोंच लिया. मैं प्रणव, मैं मुंबई में रह कर मॉडलिंग करता हूँ। मेरी अच्छी खासी बॉडी है. इतने दिनों से मुझे तड़पा रही हो और आज जब हाथ आई हो तो मुझसे सबर नहीं होता।इस बात पर उसने खुद ही चैन खोली तो उसका गाउन नीचे गिर गया, मेरे सामने उसके भरे हुए मम्मे थे.

xxx भोजपुरी वीडियोउसका एक पैर मुड़ा हुआ और उल्टा पैर मेरे पैर के ऊपर रखा हुआ। उसका ग्रीन कलर का टॉप. फिर हम लोग रात होने का इन्तजार करने लगे और रात होने पर आज मकान-मालिक ने अपनेतरफ से पार्टी दी थी।हम लोग उस पार्टी में जाना तो नहीं चाहते थे.

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आज की ड्राइव में हम काफी दूर चले गए। एक सुनसान जगह पर रुक कर प्रेमालाप करने लगे। मैंने उसको किस किया. तब हमें होश आया।वो एकदम से शर्मा गई।उसने मुझसे कहा- तुम तो बड़े शैतान हो।मैंने कहा- वो तो मैं हूँ. जैसे कि उन्होंने टक्कर मारी हो।उसी वक़्त फरहान की मज़े से भरी ‘आआहह.

पर ये मेरा वहम भी हो सकता था।थोड़ी देर बाद रवि भी ऑफिस से वापस आ गए. आपी ने बात खत्म की तो मैंने कुछ कहने के लिए मुँह खोला ही था कि आपी ने एकदम शदीद परेशानी से मेरे कंधे की तरफ हाथ बढ़ा कर कहा- ये क्या हुआ है सगीर?मैंने अपने कंधे को देखा तो वहाँ से गोश्त जैसे उखड़ सा गया था जिसमें से खून रिस रहा था।मैंने आपी की तरफ देखे बगैर अपनी कमर को घुमा कर आपी के सामने किया और कहा- जी ये आपके दाँतों से हुआ था और ज़रा कमर भी देखो. मैं कुछ बोलूँ तो आप नाराज़ हो जाती हैं।आपी ने फरहान की ऐसी शक्ल देख कर हँसते हुए उसके गाल पर हल्की सी चपत लगाई और अपनी टाँगें उसके चेहरे के दोनों तरफ़ रखते हुए बोलीं- पगले मजाक़ कर रही थी तुमसे.

तुमको भी अब अच्छा लगेगा।अब पायल ने चुदास की अतिरेकता के चलते मेरे साथ चुदाई का मन बना सा लिया था और मैं भी उसके अन्दर पहली चुदाई से होने वाले दर्द को लेकर उसको समझा रहा था. कल सुबह तक यहाँ आ जाना और यहाँ से सब साथ ही चलेंगे और बेटर भी ये ही रहेगा।मैंने कहा- ओके!चूत का स्वाद लेने के लिए मैं नाइट में ही निकल लिया और सुबह 7 बजे तक जिधर का पता मेरे पास था जो उसने मुझे दिया था. मेरा लौड़ा चूहा बन कर मेरी पिछवाड़े में घुस चुका था।फिर मैंने कहा- अब सजा दे भी दो.

वैसे आपको गुस्सा ही आता है या प्यार भी?वो- मतलब?मैं- इतना गुस्सा क्यों आता है. तो एक बार में ही पूरा का पूरा लौड़ा अन्दर चला गया।उसके मुँह से एक चीख निकली.

इसमें बिल्कुल भी मसाला नहीं है। आप मेरा हौसला बढ़ाएं ताकि मैं आपको और भी कहानियाँ लिखता रहूँ।मेरी फेसबुक और ईमेल आईडी हैं।[emailprotected].

उसका नाम प्रीति था लेकिन सभी उसे एंजिल बुलाते थे।प्रीति मेरी ही क्लास में पढ़ती थी। प्रीति बहुत ही सुन्दर थी, फिगर तो मुझे पता नहीं. सेक्स दिखाव सेक्सजब उन्होंने मुझे किस किया, मैंने भी किस का जबाव दिया और उनको किस करना चालू कर दिया।हम दोनों यूँ ही काफी देर तक चूमते रहे।फिर उन्होंने मुझसे कहा- गौरव, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ।मैंने कहा- मैं भी मामी!उन्होंने कहा- मामी नहीं. ब्लू फिल्म सेक्स चुदाईफरहान ने बेसाख्ता अपने सिर पर हाथ फेरा तो उसके हाथ पर भी मेरे लण्ड का जूस लग गया। फरहान ने अपने हाथ को देखा और फिर आपी की आँखों में देखते हुए ज़ुबान निकाल कर चाटते हुए बोला- उम्म्म. मेरी ट्रेन 5 बजे की थी।मैंने माधुरी को जगाया जो अभी भी नग्न थी।वो अपनी हालत देख कर पहले शरमाई और उठ कर बाथरूम में चली गई।बिस्तर पर उसका कामरस और मेरा रस बिखरा पड़ा था, चादरों की सिलवटें रात भर की चुदाई की दास्तान बयान कर रही थीं।मैंने अपना सामान पैक किया, तब तक माधुरी भी बाहर आ गई।अब वो नाइटी में थी, मैंने उसको बाँहों में लिया.

आपी ने मेरी मुठ मार कर मुझे और फ़रहान ने आपी की चूत चाट कर उन्हें झड़वा दिया।फ़रहान के बालों में और आपी के पेट पर मेरा रस लगा था।अब आगे.

क्या कर लोगी तुम?आपी कुछ बोले बगैर घूमी और झुक कर मेरे लण्ड की टोपी को दाँतों में दबा कर बोलीं- कमबख्त निकालो. जो कि उनके गोरे बदन पर बहुत सेक्सी लग रही थी।थोड़ी देर बाद वह बोलीं- मुझे तुम्हारा लंड चूसना है. तो भाभी एकदम बौखला उठीं, बोलीं- मेरे राजा अब बजा दो इसका बाजा।मैं एक उंगली से चूत के सफ़ेद दाने को भी सहलाता जा रहा था.

!जवाब में आपी सिर्फ़ मुस्कुरा कर रह गईं लेकिन बोलीं कुछ नहीं।मैंने अपने लण्ड को आहिस्ता-आहिस्ता आपी के सीने के उभारों के दरमियान आगे-पीछे करना शुरू कर दिया. मैं उसके ऊपर जाकर लेट गया और मोबाइल में गेम खेलने लग गया। रात के एक बज चुके थे. और सब लोग अपनी बहनों बेटियों को मेरी आपी की मिसाल देते थे।मेरी वो आपी पूरे दिन घर में अबाये के अन्दर हल्फ़ नंगी रहती हैं.

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उससे मेरे दिल में उसके प्रति प्यार पनप गया था।अब मैं उसे प्यार करता था और बगैर उसकी मर्ज़ी के कुछ नहीं करना चाहता था।मैं धीरे से उसके ऊपर आकर उसे होंठों पर चुम्बन करने लगा।पायल का हाथ अभी भी मेरी जॉकी के अन्दर था।मैं- पायल क्या हुआ. जिससे उसकी चूत ऊपर हो गई।मैं अपना लण्ड उसकी चूत पर रगड़ने लगा।उससे रहा नहीं जा रहा था. पर फ़िर मैंने भी एक तरकीब सोची।मैंने भी उससे तड़पाना चाहा। मैंने अपना ट्राउजर नीचे किया.

थोड़ा सा तो साथ दो ना?आपी ने बेचारगी से गिड़गिड़ा कर कहा- सगीर प्लीज़.

दोस्तो, मैं सनी वर्मा!आपने इससे पहले मेरी दो कहानियाँ पढ़ी… कैसी लगीं…अगर मजा आया हो या पढ़ कर कुछ कुछ हुआ हो तो प्लीज मेल जरुर किया करें.

वो हंसने लगी।फिर क्या था मैंने उनसे कहा- कपड़े उतार दो भाभी।उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए और वो पूरी नंगी मेरे सामने होकर चूत उठा कर दिखाने लगीं।मैंने उनकी चूत में उंगली कर दी. अभी उसका पति होगा।मैंने नीचे जा कर नाश्ता किया और 12 बजे फिर से ऊपर वाले कमरे में जा कर आराम करने लगा. इंडियन ब्लू फिल्म मूवीमैं उसको हेल्प करने लगा और वो मुझसे बात भी करने लगी।वो जब भी मेरे पास बैठती.

कुछ करते हैं।मैंने आपी को सर से पकड़ा और आपी को किस करने लगा।आपी भी मुझे किस का रेस्पॉन्स देने लगीं।किस करते-करते मैंने आपी का सर से अपना हाथ से उठाया और आपी की कमर को पकड़ कर आपी को पीछे की तरफ लेटाता हुआ आपी के ऊपर लेट गया. जो कि उसी की उम्र की थी।यहाँ मैं बताता चलूं कि उसकी उम्र 27 साल की थी और मेरी उम्र 21 साल थी।वो चाय बनाने चली गई. और कैसी रही तुम्हारी पूजा?उसने बताया कि दोपहर को घर आई और शाम को माँ के साथ टेस्ट की रिपोर्ट लेने गई थी।‘तो इसमें ख़ुशी वाली क्या बात है?’ मैंने पूछा।‘मेरी रिपोर्ट आ गई है और उसमें सब नार्मल है.

एक भी बाल नहीं था भाभी की चिकनी चूत पर।हम दोनों एक-दूसरे को चूसकर आपस में सुख लेने लगे।भाभी ने थोड़ी देर लौड़ा चूसने के बाद मुँह से बाहर निकाल लिया- ओह राज चलो. तभी वो कार होटल ले कर आ गई। सभी उसे विश कर रहे थे। उसने मुझे कमरे की चाभी दी और कहा- तुम चलो.

अब तक कितनों से चुदाई हुई है तेरी?सब मुझसे बोल रहे थे- प्लीज बता ना यार.

चुप क्यों हो?आपी ने कहा- कुछ नहीं तुम्हारे बारे में ही सोच रही थी।आपी अभी बोल ही रही थीं कि तभी अचानक अम्मी के कमरे का दरवाजा खुला। आपी आवाज़ सुन कर चुप हो गईं और टीवी देखने लगीं।अम्मी कमरे से बाहर आईं और मुझे देख कर कहा- तुम तो बाहर गए थे?तो मैंने कहा- अभी-अभी वापिस आया हूँ।अम्मी ने कहा- मैं ज़रा बाज़ार जा रही हूँ. नहीं तो मैं मर जाऊँगी।इस बार मेरे लण्ड का सुपारा उनकी गाण्ड में घुस गया, गाण्ड से खून निकल आया था।वो इतने जोर-जोर से चीख रही थीं कि मैं थोड़ा सा डर गया।मैंने उन्हें चुप कराते हुए कहा- अगर तुम ऐसे ही चिल्लाओगी. तो वो बोलीं- जल्दी से कर लो वरना कोई आ जाएगा।मैंने भी देर करना ठीक नहीं समझा और अपनी पैंट की चैन खोल कर अपना लंड उनके हाथ में थमा दिया।वो लंड को सहलाने लगीं।मैंने उनसे कहा- मेरे लंड को मुँह में ले लो।तो वो ‘न’ करने लगीं।मैंने भी ज्यादा जोर नहीं दिया।फिर उसकी साड़ी उतार दी और ज्यों ही साया खोलने के लिए हाथ बढ़ाया.

सुहागरात की चूत की चुदाई मेरे चूचों को खा जाओ… जोर से चूसो इन्हें… और और रगड़ कर पेलो… मेरे जानू इसे कहते हैं असली चुदाई… चूत के राजा. मैं ये नहीं चाहती कि अम्मी मुझे इस हालत में तुम्हारे सामने घूमते-फिरते देखें.

लेकिन तुमने प्यार का एहसास करा दिया।मैंने भी उसके आँसू पोंछे और उसकी आँखों पर किस किया और कहा- अब ये आँखें सिर्फ़ मुझे देखने के लिए हैं. इसलिए मैंने फ़िर सब कुछ बंद कर दिया और अपने हाथ वापिस ले लिए।वो मेरे और करीब आई और मेरी आँखों में आँखें डाल कर देखने लगी. तब हम दोनों जी भर के मस्ती करते हैं।आप मुझे ईमेल करके बताना कि आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी। अगली बार मैं चैट पर कैसे चुदाई करती हूँ.

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अपनी चूत फरहान के मुँह पर दबाने लगीं।फरहान ने आपी की चूत को चूसते हुए अपने दोनों हाथ आपी के कूल्हों के नीचे रखे और कूल्हों को थोड़ा सा उठा कर आपी की गाण्ड के सुराख को चूमा।जैसे ही फरहान के होंठ आपी के पिछले सुराख से टच हुए. उसको देखकर मेरी हिम्मत और बढ़ी और मैंने उसके लंड पर हाथ फिराना शुरु किया।अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी लोअर के अंदर डाल दिया. रुक जाओ।’ हम दोनों के वस्त्रविहीन शरीर के ऊपरी भाग एक-दूसरे से रगड़ने लगे थे। उसकी चूचियां मेरी विशाल छाती पर मसली जा रही थीं। मेरे पैरों की उंगलियां उसके पैरों को सहला रही थीं।‘ओह्ह्ह्ह.

चिकने कूल्हे मेरी नजरों के सामने थे।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !झुकने से आपी के दोनों कूल्हों के दरमियान का गैप थोड़ा बढ़ गया था और आपी की गाण्ड का डार्क ब्राउन सुराख भी झलक दिखला रहा था।उससे थोड़े ही नीचे आपी की खूबसूरत चूत के लब नज़र आ रहे थे. दोनों जाँघों के बीच गुलाबी रंगत लिए फूली हुई योनि।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मेरा शरीर कद काठी में तो भाभी के समान ही था.

पर वो चुदने के बाद आराम से सो गई थीं और उनका कम्बल भी छोटा था, उनके कम्बल में दो आदमी नहीं सो सकते थे.

क्योंकि उसके मॉम और पापा दोनों के आने का टाइम हो गया था।दोस्तो, मोनिका की रसीली चूत को चोदने का दिलकश मंजर आपने पढ़ा. पर शायद उसको शायद मुझसे ज़्यादा जल्दी थी।उसने मुझे बिस्तर पर धक्का दिया और मेरे लंड को अपनी बुर पर सैट करके उसे अन्दर लेने की कोशिश करने लगी।इस बीच मैंने नीचे से धक्का मारा और लंड ‘पुउच. इतनी मुकम्मल शेप मैंने आज तक किसी फिल्म में भी नहीं देखी थी।थोड़े बहुत तो लटक ही जाते हैं हर किसी के.

’ आपी के संजीदा लहजे में कोई फ़र्क़ नहीं आया था।मैंने कहा- आपी ठीक है कि आप मेरी बहन हो. उसका मुँह पूरा मेरे वीर्य से लबालब भर गया था।यह मेरा पहली बार था इसलिए मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था।मैंने उसकी आँखों में देखा और इशारे से पूछा कि कैसा लगा?तो वो बोली- तुम्हारा रस तो बहुत ही मीठा है। तुम बहुत भाग्यवान हो क्योंकि मैंने सुना है कि जिसका यौन रस मीठा होता है. फिर मैंने उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया, वो बहुत ज़ोर से मेरा मुँह चोदने लगा।वो मेरी चूत चाटने लगा और बुरी तरह से मेरी चूत को चूसने लगा, बीच-बीच में वो मेरी गाण्ड भी चाट लेता, मैं एकदम चिहुंक जाती। इसी बीच जब वो मेरी गाण्ड में उंगली डाल देता था.

मैंने अपना लण्ड पैन्ट में कर लिया और दीदी ने भी पैंटी पहन कर कम्बल ओढ़ लिया और सो गईं।अब रात के दो बज गए थे और थोड़ी ठण्ड भी लगने लगी थी। मैंने दीदी के कम्बल में घुसना चाहा.

बीएफ वीडियो एचडी इंग्लिश: ’ मज़ा लेते हुए मैंने कहा।अपनी तारीफ सुनकर तो दुनिया की कोई औरत नहीं रुक पाती. ’ की आवाज़ निकल रही थी, मैं पायल के चूचुक जोर-जोर से मसलने लगा।कुछ ही देर में पायल चूचे एकदम लाल हो गए और उन पर मेरे दांतों के निशान साफ़ दिखाई दे रहे थे।जो कुछ देर पहले उसकी चूची को ज़बरदस्त चूसने के परिणाम स्वरूप बन गए थे।पायल बस सिसकारियाँ भर रही थी और आआहह.

मैं सो जाऊँगा सोफे पर।फिर हम दोनों सो गए।सोफे पर मुझे बहुत प्रॉब्लम हो रही थी तो मेरी बेचैनी देख कर उन्होंने बोला- तुम भी बिस्तर पर ही आ जाओ।मैं भी बिस्तर पर ही जाकर सो गया।कुछ समय बाद. मैंने सोचा कि शायद मामी मुझसे नाराज़ हो गईं, मैंने मामी के कान के पास जाकर फिर धीरे से नर्म आवाज़ में बोला- क्या हुआ मामी. वहाँ भी सारी गंदगी लगी है।यह कहानी एक पाकिस्तानी लड़के सगीर की जुबानी है.

इतनी मुकम्मल शेप मैंने आज तक किसी फिल्म में भी नहीं देखी थी।थोड़े बहुत तो लटक ही जाते हैं हर किसी के.

इसलिए उन्होंने बिना कुछ बोले मेरा पैर अपने पैर से हटा दिया।थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से उनके पैर पर अपना पैर डाल दिया. मेरा लंड धीरे-धीरे चुत के लिए कड़क हो गया और मैंने चढ़ कर चुत के अन्दर घुसेड़ दिया।लौड़ा चुत की गहराई में समाते ही मैंने धक्के मारने शुरू कर दिए। इस बार मैं उन्हें काफी देर तक चोदता रहा. अब क्या गाण्ड चोदेगा दाने की।मैंने कहा- साली इसकी गाण्ड चुदे न चुदे.