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मैं भाभी के ऊपर बैठ गया और अपना लंड उनकी दोनों चूचियों की क्लीवेज में फँसा कर दोनों मम्मों को जोर से पकड़ कर लंड को आगे पीछे करने लगा.यह मेरा फर्स्ट चांस था कि मुझे किसी राजधानी एक्सप्रेस के ऐ सी फर्स्ट क्लास में, वो भी दो बर्थ वाले कूपे में ट्रेवल करने का अवसर मिल रहा था.

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इसके बाद उसने मेरी स्कर्ट को ऊपर किया और मेरी ब्लैक पेंटी के ऊपर से ही मेरी चुत को चाटने लगा.

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अपने विचार मुझे मेल करें कि आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है![emailprotected]एडल्ट कहानी का अगला भाग :बस के सफर से बिस्तर तक-3.

पर शाम को गले से भी लगेगा! मैं कैसे सब करूँगी, यही सोचते सोचते मैं सो गई. मैं उससे बोला- मेरा लंड तो बार बार कहीं और जा रहा है, क्या करा जाए?तो वो बोली- अब जहाँ जा रहा है, इसे वहीं जाने दो.

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मैं बड़ी हो चुकी थी लेकिन कम उम्र की मासूम सी दिखती थी, इस लिए हर कोई मुझे ही चोदना चाहता था.

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मैंने उससे कहा- मैं तुमसे मिलना चाहता हूं!उसने मेरी इस बात को इग्नोर किया. रश्मि बोली- प्रकाश, अब बस करो नहीं तो मैं मर जाऊंगी…लेकिन मैं कहाँ सुनने वाला था.

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अंजलि थोड़ा मुस्कुरा कर बोली- मैं नहीं जा रही कहीं…अंजलि दीदी को मुस्कुराती देख मेरी जान में जान आई मैं कुछ बोल पाता कि वो फिर बोल पड़ी- देखो… घबराओ मत, मुझे भी आज किसी की जरूरत है… कितने समय से बस इस डिल्डो से मास्टरबेट कर रही हूँ.

मैं उसे फंसाने की सोच रही थी पर फंसने वाली थी खुद।तो एक बार हुआ यूँ कि मेरा ड्राइवर बीमार हो गया और पापा ने उसे मेरे साथ कॉलेज भेज दिया. सागर- क्यों मेरे जीजू का बड़ा नहीं है क्या?मीना- उनका नाम भी मत लो भैया. सन्नी- सर यही तो पंगा है, मैं लड़की की बहुत टेन्शन लेता हूँ… आइ रीयली लाइक हर अमित भाई… लेकिन बात करने से डरता हूँ.

अगले दिन से नवरात्रि शुरू हो गईं और उसने मुझे मना कर दिया कि हम 9 दिन नहीं मिलेंगे. जैसे ही मैंने दिव्या का मोबाइल रखा कि अमित मेरे मोबाइल पर एसएमएस करने लगा. खूबसूरत लड़कियों का बीएफमुझे अपने ऊपर गुस्सा आ रहा था कि इस गुड़िया सी लड़की को इतना दर्द दिया.

मतलब दाहिनी तरफ का हाथ पूरा बंद था लेकिन चूची के ऊपर का पार्ट और पीठ खुली थी. मेरी इच्छा है कि मेरी भाभी मेरा कड़क लंड मुख में लेकर चूस रही है और वो मेरा लंड गले तक अन्दर डाल रही हों.

अब मैंने घर से ब्लू कलर का टॉप और ब्लैक कलर की फुल स्कर्ट पहनी हुई थी. कुछ समय बाद हम दोनों ने फिर आउटिंग का प्रोग्राम बनाया और शिमला के सेम होटल और रूम में पहुँच गए. वो भी चूत चटवाने की मस्ती में अपने चूतड़ों को ऊपर कर के पूरी मस्ती में चटवा रही थी.

पापा ने बताया कि बेटा जयपुर में तो अपना पड़ोसी बॉबी यादव भी रहता है. मैंने उसकी जीन्स और टी-शर्ट उतार दी और उसका पूरा बदन चूमना स्टार्ट कर दिया. उसकी आहें निकल रही थी पर वे अपने होंठ दबा कर अपनी सिसकियाँ दबा रही थी.

एक दिन जब मैं अपने घर पहुंचा तो मेरी मॉम का फोन आया उन्होंने मुझे बताया कि तुझे तेरे मामा के यहां जाना है, उन के यहाँ पर कोई काम है.

तभी मैंने उठ कर अपनी जींस उतार दी और उसकी भी जींस उतार दी, अब वो मेरे सामने काले रंग की पैंटी में बेड पर लेटी हुई थी, ऐसा लग रहा था कि जैसे कह रही हो कि आकर यह पेंटी भी फाड़ दो और अपना लौड़ा एक ही झटके में मेरी चूत में डाल दो!मैं वापस जाकर उसके ऊपर लेट गया और उसके गले में जोर जोर से किस करने लगा. शुरू शुरू में तो मैंने रूप आंटी की तरफ कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया। लेकिन दो ही महीने के बाद एक दिन ऐसा आया.

मैंने उसकी बांह के ऊपर तक आया, तभी उसको कुछ लगा और उसने मेरी तरफ देखा. अब तक मैं सैम अवी विक्की सर और अमित 5 लोगों से चुद चुकी थी तो मुझे अलग अलग लंड लेने की आदत सी हो गई थी. मैं चित लेटा था वह घुटनों के बल उठा और मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगा.

अपनी फ्रेंड दिव्या के ब्वॉयफ्रेंड ने मुझे गले लगने के एवज में महंगी ड्रेस गिफ्ट में देना तय की. अमित- यार अपनी कोई फोटो दे दो मुझे ताकि जब याद आए तो देख लिया करूँ. मैं एक छोटे बच्चे की तरह भाभी का एक दूध पीने लगा लेकिन उनके दूध में दूध नहीं था.

जबरदस्ती सेक्स बीएफ थोड़ी देर में मैंने फिर से हाथ मॉम की दूसरी साइड वाली जांघ पे रख दिया और मैं सहलाने लगा. फिर उनके सर आ गए तो उन्होंने मुझे देखा और कहा- तैयार हो जाओ, फिर चलते हैं.

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उसको किस करते हुए ही मैंने उसके दोनों चूतड़ों जोर से दबा दिए, जिसकी वजह से वो सिकुड़ कर मुझमें घुस सी गई. उन्होंने मुझे डॉगी स्टाइल में बेड पर झुका कर मेरी गांड पर अपने लंड को टिका दिया और धीरे से अन्दर डालने लगे. कुछ देर बाद दीदी ने तेज़ी से अपनी चूत को मेरे मुँह पे रगड़ना शुरू कर दिया, मैं समझ गया कि इसके काम होने वाला है, मैंने भी चूत को पूरा मुँह में भर लिया और गांड में उंगलियों की स्पीड भी तेज कर दी.

वो देख रहा था कि उसके घर के अपने ही बच्चे आपस में चुदाई में व्यस्त थे. दीदी का पानी निकल जाने के बाद दीदी ने हटने की कोशिश की लेकिन मैंने दीदी को कमर से कस के पकड़ लिया क्योंकि मेरा अभी तक नहीं हुआ था. সেক্স বাঙ্গালী সেক্স বাঙ্গালী সেক্সयह वही अंकल थे जिन्होंने मेरी कई बार ली थी और आज रात के लिए बार बार कॉल कर रहे थे.

”अरे यार मैं तेरे लिए एक गिफ्ट लाया हूँ देखेगी?” गिफ्ट का नाम सुनकर मैं थोड़ा लालच में आ गई.

दीदी झड़ने को थी, एक लम्बी सांस के साथ मैंने भी अपना पानी दीदी की झड़ रही चूत में निकाल दिया. मैंने पूछा- उसकी कब मारी थी?वह बोला- अभी चार दिन पहले!उसे मेला दिखाने ले गए थे, तब दो बार किया, आज उसी की मारनी थी, तुम गलती से अंटे में आ गए!उसके धक्के जोरदार हो गए, सही कहूं तो गांडफाड़ू हो गए.

इतना कह कर मैंने शावर चालू कर दिया और उसे अपने पास खींचते हुए साथ में नहाने लगा. अगले दिन मैं उसे पढ़ाने के लए नहीं जा पा रहा था क्यूँकि मुझे अपने किए पर अफ़सोस हो रहा था पर तभी उसका मेसेज आ गया कि आज पढ़ाने नहीं आना है क्या?साथ में ये भी मेसेज आया कि आज नहीं देखना क्या अपनी बहन के मम्मों को?मुझे अब ग्रीन सिग्नल मिल चुका था. मैंने उसकी चुत को चाटना चालू किया, फांकों के बीच में जीभ फेरना चालू किया.

जैसे ही मेरे लंड ने माल फेंका, इतने में सरिता भी नाइटी पहन कर बाहर आ गई.

तभी वो आई, मैंने देखा कि उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए थे… और वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी. मैंने उनके ही सामने अपने लोअर के ऊपर से अपने लंड को मसला, जिसे देखकर भाभी ने एक कातिलाना स्माइल दी. इसी झटके के लिए मैंने अभी तक दीदी के कन्धों को कस के अपने हाथ से पकड़ा हुआ था ताकि दीदी दूसरे झटके से बचने के लिए आगे की तरफ नहीं निकल जाए.

सेक्सी बीएफ हिंदी व्हिडीओमैं उनको चूमने लगा, फिर धीरे धीरे चुची दबाने लगा, वो भी कामुक हो गईं और मुझे कस के गले लगा लिया. रात के 10 बजे होंगे, तब चाची बच्चों को सुला कर मेरे कमरे में आ गईं और दरवाजा बंद कर दिया.

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अंदर से गुलाबी, जब पुलकित ने उसकी चूत के दोनों होंठ अपनी उंगली से खोल कर देखे तो अंदर से उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी. कभी कभी किसी कुएं के पास के पेड़ पर चढ़ कर पत्तों में छिप कर पानी भरती, कपड़े धोती या नहाती लड़कियों को देखते हुए मूठ मारने का जो लुत्फ़ था मज़ा था उसकी बात ही अलग थी. भाभी भी कहने लगीं- मुझे भी तेरे लंड से चुदने का काफी दिनों से इन्तजार था, तूने कभी हिम्मत नहीं की, यदि मुझे इशारा दे दिया होता तो अब तक हम दोनों कई बार मजे ले चुके होते.

धीरे धीरे मैं उनसे इतनी खुल गई कि मैं अब उस बंद पड़े टूटे क्लास में सबके सामने हँसते हुए अपनी चड्डी घुटनों पर सरका देती. इधर उसने अपने एक हाथ को मेरे गले से हटा कर मेरे पजामे के ऊपर से ही मेरे लंड पर रख दिया. मोना का ब्लाउज उतर गया तो मैं हैरान रह गया क्योंकि मोना ने पिंक कलर की ब्रा पहनी थी जो उसे बिल्कुल पसंद नहीं थी, ऐसा उसने मुझे बताया था.

और कुछ ही देर में दोनों ने भरभरा कर पानी छोड़ दिया।जैसे होश आया, रिया ने मेरा हाथ थामा और मुझे घर के अंदर ले आयी. मेरा लंड मोनिका की चूत पर रगड़ खाकर उस को सलामी दे रहा था और अन्दर आने की इजाजत मांग रहा था. मैंने एक झीनी सी नाइटी पहनी थी, जिसमें मेरी चुचियां साफ दिख रही थीं.

बहूरानी ने भी मिसमिसाकर अपनी चूत और ऊपर उठा दी और अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा दिए. इसके अलावा उसने मुझसे कभी कोई पैसे नहीं मांगे, या और कुछ भी नहीं माँगा.

फिर मुझे तो रात का इंतजार था और मैं खाना खा कर मम्मी को बोल कर भाभी के यहाँ चला गया.

एक दिन चाचा को किसी काम से शहर जाना था तो वो शहर में हमारे घर रुकने वाले थे. बीएफ बर्थडेमाया ये सब सोच ही रही थी कि अमित की आवाज उसके कानों में पड़ी- माया, आपके लिए कॉफी लाया हूँ. बीएफ आंटी काक्योंकि अगर हम नाना के वीर्य से पैदा हुए हैं तो हमारी माँ तो हमारी बहन भी हुई ना. मैं भी उसके मुँह में लंड पेलते हुए उसका सिर पकड़ कर आगे पीछे हो रहा था.

करीब दस मिनट बाद भाभी चरम सीमा पे आ गईं और चिल्लाने लगीं- आहा अह्ह्ह्ह अहह अह्ह्ह्ह्ह और जोर से अह्ह्ह्ह संजू.

बातें करते करते मैं लंड को अन्दर की तरफ करता रहा और मेरा लंड उस तंग चूत में अपना रास्ता बनाता रहा. थोड़ी देर बाद ही वो गुलाबी रंग का टॉप और जींस की छोटी सी निकर पहन कर आ गई. कभी कभी तो मैं भाभी की बैक पर हाथ फेरता रहता था, भाभी बस मुस्कुरा देती थीं.

सहेली के यहाँ आकर मैंने बच्चों को छोड़ दिया और कहा कि 4 बजे तक खेलने देना, हम बाहर जा रहे हैं. मैं अपनी मॉम की खूबसूरती से पहले से ही आकर्षित था, वो बहुत सुंदर और आकर्षक हैं. मैंने उंगली को बाहर निकाला और अपने मुँह में भर के थूक लगा लिया और वापिस गांड में घुसा दिया, मेरी उंगली फिसल कर गांड में चली तो गई लेकिन दीदी की गांड बहुत टाइट थी और दीदी की टाइट गांड ने मेरी उंगली को जकड़ लिया था फिर भी उंगली थूक से चिकनी होने की वजह से हल्की हल्की अंदर बाहर होने लगी थी.

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हमारे घर में मेरी मम्मी और मैं हम दो ही हैं, मेरे पापा ज़्यादातर बाहर ही रहते हैं।तो जो परिवार अभी रहने आया था, उसमें अंकल का नाम हरी प्रसाद था, आंटी का नाम रूप रानी और उनके एक बच्चे का नाम विकी था. फिर मैंने कुछ रोमांटिक गाने बजा कर इधर उधर की बात करके माहौल को हल्का किया. जब मैंने उसे हिलाया तो वह बोली कि मैंने पहली बार किसी का लंड देखा है.

अब मेरा पढ़ाई में कम मन लगता था और मैं पढ़ते वक्त बस उसी को घूरता रहता था.

अब मैंने ठान लिया कि अब तो इन्हें चोद कर ही रहूँगा, आगे कुछ भी हो ज़ाए.

मैं तो उन भाभी के हुस्न पर तब से फ़िदा था जब से वे शादी होकर हमारे पड़ोस में आई थीं. जब से आपको मैंने देखा है, तब से यही सोच रहा हूँ कि कैसे बात करूँ?मैं चुप रही. सेक्सी बीएफ भाभी वालीअब तो ऐसा हो गया था कि उनके बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता था, न ही दिन, न ही रात.

[emailprotected]कहानी का अगला भाग :बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-2. बिस्तर पे जाते ही ही उसने मुझे धक्का दे दिया और मुझे बिस्तर पे गिरा कर मुझ पे चढ़ गई. भोंसड़ा है!इस तरह मेरी मम्मी को मेरे पति ने चोदा और मैं चुपके से आकर सो गई।‌‌सुबह देखा तो मेरी मम्मी मेरे पति के साथ चिपक कर सो रही थी।‌‌आप लोगो को मेरी चोदन स्टोरी कैसी लगी, मेरी कहानी पर अपने विचार मुझे मेल करें!‌धन्यवाद।‌[emailprotected].

दीदी के आने से पूरे कमरे में परफ्यूम की भीनी भीनी खुश्बू फ़ैल गयी थी. लेकिन धीरे धीरे वक्त के साथ जब मैं जवान हुई तो मेरे अन्दर कई तरह तरह की गरम गरम फीलिंग आने लगी, मैं रातों में सेक्स के लिए तड़पने लगी.

आप मेरी आईडी[emailprotected]पर बताइए तब तक के लिए लड़कियां चुत में उंगली डालते रहना और लड़के अपना लंड हिलाते रहना.

क्या कर रहे हैं?अब मैं क्या बताती कि उनका चाचा उन्हीं के बिस्तर पे अपनी जवान भतीज बहू की नंगी चुत में मुँह डाले पड़ा है. पिंकी और रेखा को भी जब पता चला कि कल शाम तक हम तीनों अकेले हैं तो वो दोनों भी खुश हो गईं. मुझे लगा मैं जन्नत में हूँ और जब उन्होंने लंड को चूसने का काम चालू किया तो मुझे सारा माज़रा समझ में आ गया.

बीएफ इंग्लिश मूवी मैं पेशे से एक जॉब कंसलटेंट हूँ और नागपुर, महाराष्ट्र में मेरा अच्छ खासा काम है. मैं उसे फंसाने की सोच रही थी पर फंसने वाली थी खुद।तो एक बार हुआ यूँ कि मेरा ड्राइवर बीमार हो गया और पापा ने उसे मेरे साथ कॉलेज भेज दिया.

मैं अपने रूम में लेटा हुआ अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी पढ़ कर मुठ मार रहा था, बहन स्कूल चली गई थी, नानी अपने कमरे में थीं, वो काफ़ी ओल्ड हैं तो बेड पर लेटी रहती थीं. मैंने कॉल काटा और टाइम देखा तो एक बज चुका था और एड्रिआना अभी भी सो रही थी. अगले ही पल मैंने भाभी की चुत में लंड डाल दिया और जोर जोर से चोदने लगा, लेकिन अति उत्तेजना की वजह से मैं 2 मिनट भी टिक नहीं पाया और भाभी की चुत में ही बह गया.

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अगले दिन में भाभी के पास गया और बात करने लगा, पर भाभी मेरी किसी भी बात का कोई जवाब नहीं दे रही थीं. ”अरे यार मैं तेरे लिए एक गिफ्ट लाया हूँ देखेगी?” गिफ्ट का नाम सुनकर मैं थोड़ा लालच में आ गई. तो फिर आज क्यों पहनी?मैं फिर दरवाजे का लॉक खोल कर चुपके से अन्दर आ गया और पर्दे के पीछे छिप गया.

मेरे ननदोई जी का नाम विक्रम है, वो 32 साल के जवान आदमी हैं और वो दिखने में भी सुंदर हैं. फिर कुछ देर बाद मैंने दीदी की ज़ुबान को छोड़ दिया और अपनी ज़ुबान को दीदी के मुँह में घुसा दिया और दीदी एक मुँह में अपनी ज़ुबान को हर तरफ हर कोने में घुमाने लगा मेरी ज़ुबान दीदी के मुँह के अंदर दीदी की ज़ुबान से हल्की हल्की नोक झोंक करने लगी.

मेरा नहीं…फिर मैंने उसको अपने हाथों में उठाया और उससे अपने हाथों से मेरे गले में पकड़ने का बोला.

वो मेरे अचानक हमले को समझ पाती, तब तक मेरा लंड चूत की गहराई में उतर गया। उसकी आवाज मेरे होंठों में दब गई मैं उनके चुचों को मसलते हुए लंड अंदर बाहर करने लगा. आप मेरी मम्मी को कैसे जानते हो? और मुझे मम्मी के संग क्यों बुलाया?” मैं गले लगे हुए फुसफुसाई. इस के बाद मैंने थोड़ी हिम्मत कर के पूनम का सिर ऊपर करने के बहाने उस के और नज़दीक आ कर मैंने उस का सिर उठाया और अब मेरा हाथ उसके बिल्कुल नरम नरम मम्मों पर टच हुआ, मुझे तो मानो जन्नत सी महसूस होने लगी.

फिर मैं नीचे बैठ कर उसकी चुत चाटने लगा था और वो पैर चौड़ा कर चुत चटवाते हुए रोटियां बना रही थी. मेरी सास मां गई और कहने लगी- अगर तुझे लगता है कि वो ठीक है तो बुला लो तुम उसे! देख लेटे हैं उसे भी आजमा कर!मेरे पास उसका मोबाइल नम्बर था तो मैंने उसे उसी वक्त फोन किया और आने को कहा. अब मैं अकेला मॉल में क्या करता, यह सोच कर नीचे पार्किंग में आकर ऐसे ही किसी की बाइक पर बैठ कर मोबाइल पर गेम खेलने लगा.

उसके बाद मैं वापिस दिल्ली चला गया और भाभी की चुदाई का सिलसिला जारी रहा.

जबरदस्ती सेक्स बीएफ: इस वक्त मेरा अंडरवियर भीगा होने के कारण उसमें से मेरा लंड साफ साफ दिख रहा था क्योंकि वो मेरे लंड से चिपका हुआ था. जब मेरे एग्जाम खत्म हुए तो मैंने फिर से भाभी के बारे में सोचना चालू किया.

अब मैं उनको सीधे बोला- मॉम, तेरा अपना बेटा दिन में तेरे लिए दो बार मुठ मारता है और तू बाहर के लंड को मजा दे रही है. पर क्यों उतारूं?वो बोली- इसलिये कि तू अभी दस मिनट पहले चूत चुदा कर और गांड मरा कर आ रही है, मैंने अपनी आँखों से तुम्हें एक मजदूर से चुदवाते हुए देखा है और अभी तुम्हारी सलवार के पीछे वीर्य की बूंदें साफ कह रही हैं कि तुम गांड मराकर आई हो. सारा सामन वगैरा व्यवस्थित किया, सब कुछ नार्मल करके अपनी जगह पर बैठ गए और बात करने लगे.

तो वो जबरदस्ती करने लगा, जिद करने लगा तो मैं बोली- ठीक है सर, मैं आती हूं थोड़ी देर में!फिर मैं किसी तरह सबसे नजर बचा कर सर के कमरे में चली गयी।मुझे देख कर उन दोनों कमीनों की बांछें खिल गई.

तभी सामने वाले यंग लड़का भी जोर से अपना मस्त लंड मेरी चूत में एक ही झटके में पूरा डाल दिया, मुझे लगा कि मर जाऊंगी, मेरी आँखों से आंसू निकलने लगे, बहुत दर्द हो रहा था, मुंह में लंड घुसा था इसलिए चिल्ला भी नहीं पा रही थी।अब मेरी चूत में गांड में और मुंह में तीनों जगह एक साथ लंड अन्दर बाहर हो रहे थे, बहुत तेज दर्द हो रहा था, सबके लंड बहुत बड़े और मोटे थे। जोर जोर से मुझे तीनों एक साथ चोदने लगे. शाम होते ही मैं तैयार हो कर पूनम के पास चला गया और उसे लेकर मैं अब की बार एक होटल में गया. ब्रा उसके जंबो साइज़ के मम्मों को सम्भालने की बेकार कोशिश कर रहा था और पट्टीनुमा पेंटी तो जैसे उसकी चूत और गांड की दरारों में खो ही चुकी थी.