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कुछ लड़कियों ने रूम में जाकर कपड़े बदल लिए और जिसने अन्दर थोड़े बड़े कपड़े पहन रखे थे, उन्होंने वहीं पर ही अपने ऊपरी कपड़े उतार फेंके.जब वो मेरे होंठों को खुला छोड़ता था तो मेरी सांसें चलती थीं वरना मैं फिर से उसकी बांहों में तड़पने लगती थी.

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मैंने कहा कि आ तो मुझे भी रही है … और मैं उसी का इंतज़ाम कर रहा हूँ.इतने में उसका हाथ मेरी चड्डी में पहुंच गया था और वो मेरे लंड को दबा रही थी.

तुम्हारी चूचियां तो कमाल हैं जान … इतनी खूबसूरत … इतनी बड़ी बड़ी, इतनी सॉफ्ट … मुझे तो शब्द ही नहीं मिल रहे हैं कि मैं तुम्हारी उन चूचियों से मिले मजे को कैसे बताऊं. बीएफ मूवी पिक्चर हिंदी मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाया और दो उंगलियों से उसके खूबसूरत होंठों को टच किया.

उसके गांव के त्रिपाठी परिवार के यहां शिल्पा दीदी बहू बन कर जाने वाली थी.

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गुड्डी रानी चिहुंक उठी, बोली- ओए ओए राजे … ऐसा न कर प्लीज़ … गुलगुली सी होती है. तुम्हारे लिंग को तो वह रोज ही लेती है, उसको तुम्हारा मुझसे छोटा लिंग लेने में क्या परेशानी हो सकती है! बात तो मुकाबले की तब होगी जब वह मेरे साइज के लिंग को झेल कर दिखा दे कि वह कितनी देर तक मेरे जितने बड़े लिंग को बर्दाश्त कर सकती है. मैं- हां आंटी … आज वॉयलेट ने कुछ ज़्यादा पी ली है … इसलिए इसको लेकर अन्दर आना पड़ा है.

मैंने पूछा- और एक बार एंजाय करने का मन है क्या?वो बोला- अगर आपका और भाभी जी का मन हो तो बिल्कुल!मैंने बोला- हाँ हमारा तो मन है. मैंने कुछ देर बाद जानबूझ कर कोहनी को मेम से टच किया … तो मेम ने अपनी चूचियां कुछ ऐसी कर दीं कि मेरे हाथ उनके मम्मों से टच करने लगे. ऐसा करते हुए वो मेरी चड्डी तक पहुँच गए और ऊपर से ही मेरी बुर पे एक चुम्बन किया.

मम्मी- अच्छा ठीक है … कब तक आओगी?मैंने- बताया तो था कि आज राहुल के यहाँ ग्रुप स्टडी करने जा रही हूँ, कल आ जाऊँगी. तभी कोमल कह उठी- मैंने कहा था ना संजय … इस दवाई में बहुत दम है, देख लो हमेशा तुम्हारा पंद्रह बीस मिनट मों निकल जाता है और आज दवाई के असर से तुम्हारा लंड पैंतीस मिनट साथ दे गया. उसकी चूत से पानी निकलने के कारण उस आंटी की चूत बिल्कुल गर्म और चिकनी लग रही थी.

आज उसे चोद कर ऐसा मस्त कर दो कि वो अपनी पहली सुहागरात भूल जाए और आज की रात को ही याद रखे … जाओ … जाओ ना. रोहन- वैसे जान तुम्हारी चुचियों का साइज क्या है?सोनिया- अंदाज करो … तुमने तो आज बहुत अच्छे से फील किया था?रोहन- हम्म्म्म … 38??सोनिया- ओह्ह्ह जानू तुम तो आसपास भी नहीं पहुंचे … किसी दिन खुद माप लेना.

मैं उसको किस करने सामने आ गया और उसके होंठों के करीब अपने होंठों को कर दिया.

इस कहानी की शुरूआत मेरे स्कूल की जिंदगी से उस वक्त हुई थी, जब मैं उन्नीस साल का था और 12वीं क्लास में था.

उन्हें वाशरूम में घुसे 5-7 मिनट हो गए थे … कोई भी समझ सकता था कि अंदर क्या हो रहा होगा. वो अपनी चूत को अपने हाथ से मसलने लगी और अपनी उंगलियों से अपनी चूत के दाने को रगड़ने लगी. उसने मुझे तीन ड्रेस और दीं और कहा- ये भी ट्राई करो, तुम पर बहुत अच्छी लगेंगी.

कभी कभी तो माँ बाप भी इसमें शामिल हो जाते हैं और वो भी बताने लगते कि वो कैसे याद करते थे. मैंने उसके लिए चाय बना दी और हम दोनों साथ में बैठ कर चाय नाश्ता करने लगे. लेकिन उन्होंने मेरे मुंह पर अपनी बड़ी सी हथेली रखते हुए उसको ढक दिया.

माँ ने मुझे बताया कि पापा के चले जाने के बाद वो अपने किसी फ्रेंड से चुदने के लिए ही गई थीं.

फिर आह्ह … ओह्ह … आह्हह करते हुए मैं कुछ पल के बाद ही उसके मुंह में स्खलित हो गया. मैं भी उसकी चूचियों को चूसते हुए उसे धक्के पर धक्के लगाए जा रहा था. हम दोनों ने 4 बोतल बियर खरीद लीं और डिनर के बाद साथ में बैठ कर बियर पी.

सबसे पहले मासी ने अपनी जीभ की नोक से लंड के ऊपर के हिस्से पर फिरा दी. दोस्तो, जैसा कि आपने कहानी के पिछले भागउत्तेजना की चाहत बन गयी शामत-1में पढ़ा कि हम दोनों मर्दों (मुझे और मेरे डॉक्टर दोस्त) को एक दूसरे की बीवियों के बदन के साथ मजे लेने का मन कर रहा था. मैं अपने पति के बॉस के सामने घोड़ी बन गई और फिर उन्होंने कंडोम से लगा लंड मेरी चूत में डाल दिया.

मेरी पिछली कहानीदोस्त की भाई की शादी में सुहागराततो आपने पढ़ी ही होगी.

फिर जहां लंड का मुँह दो छेदों में विभक्त होता है, एक धागा सा लगा रहता है, उधर आंटी अपनी जीभ से लंड को कुरेदने लगीं. उसका वीर्य मेरे मुंह पर गिरने लगा तो मैंने मुंह खोल दिया और उसका वीर्य मेरे गले तक जाने लगा.

बीएफ मूवी पिक्चर हिंदी मैंने उसको फोन पर ही कह दिया था कि आज हम दोनों प्रतीक को सब कुछ बता देते हैं. उसने अपने चूतड़ों को मेरी तरफ करते हुए अपनी गांड को उठा लिया और उसकी चूत मेरे सामने आ गयी.

बीएफ मूवी पिक्चर हिंदी साकेत भैया ने अपनी जीभ को दीदी की बुर के अन्दर थोड़ा पुश किया, तब दीदी बिल्कुल बेकाबू हो गई. नशा मुझपे हावी हो चला था … ऊपर से वासना का रंग भी मुझे चुदासी किए हुए था.

हम सभी वहां पहुंचे, तो यशिमा ने मुझे सोफे पर बैठाया और पानी लेने अन्दर चली गई.

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उसने काफी देर तक मेरे बूब्स को दबाया और फिर मेरी पजामी के ऊपर से ही मेरी चूत पर हाथ रख दिया. मेरे चेहरे को अभय अपने हाथ से पकड़ कर मेरे मुंह में अपना मुंह रख कर मेरे होंठों को चाटने लगा. लेकिन राहुल ने जबरदस्ती करते हुए अपना वीर्य रीमा के मुँह में डाल दिया.

अगर जानवर की तरह उस पर चढ़ाई कर दी जाये तो उसको दर्द ज्यादा झेलना पड़ता है. इसमें बहुत सारी कहानी तो झूठी भी लगती हैं, पर इतनी कामुक होतीं हैं कि पढ़ कर लंड हिलाना ही पढ़ता है. फिर मैंने अपने धक्के तेज़ करने शुरु किये और गप गप करके लंड उसकी चूत की चुदाई करता रहा।आअह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… मम्म्म्मीईईई ओह्ह्ह्ह मर गईइईई आआअह्ह्ह!”उसने भी अपनी गांड उचकाना शुरु कर दिया, अब हम दोनों ही चुदाई का मजा ले रहे थे.

जीजा बोले- पता है अगर कहीं भी गांव में या इधर-उधर जाओ और लड़कियों या माल की बात करो तो सब तेरी चर्चा आजकल जरूर करते हैं कि बंध्या बड़ी मस्त माल है.

मैंने गुड्डी की चूत से मुंह लगा दिया और चूत के बाहरी भागों पर जीभ फिराई. महेश ने मौका देखकर अपना हाथ अपनी बेटी के हाथ से हटा दिया और ज्योति के एक हाथ से पकड़ी हुई उसकी साड़ी को जो उसने अपने सीने के आगे रखी हुई थी अपने हाथ से खींचकर छीन लिया।महेश ने साड़ी को बेड पर फ़ेंक दिया।पिता जी?” ज्योति अपने सीने के आगे से अपनी साड़ी के दूर होते ही होश में आते हुए अपने दोनों हाथों से अपनी चूचियों को ढकने लगी।बेटी इतना शर्माओ मत, अपने भाई का लंड भी तो आराम से ले लेती हो. मेम ने साड़ी को अपनी नाभि के नीचे से बाँधी हुई थी, जिससे मेम का सपाट और चिकना पेट मुझे बड़ा ही कामुक लग रहा था.

मैंने फिर से अपना बाक़ी का लंड एक झटके में अन्दर घुसाया, तो वो फिर से ज़ोर से चिल्ला दीं. आगे-आगे चलते हुए बोली कि अब की बार पीछे मत आना वरना सब कुछ भूल जाओ कि मैं कभी तुम्हारे हाथ आऊंगी. जब चाची जी मुझे दुबारा रोटी देने के लिए आईं तो मैंने कहा- सॉरी चाची जी.

उन्होंने मुझसे कहा- तुमको डर नहीं लगा?मैं- क्यों लगेगा?वो- चल मेरे शेर … तू तो बड़ा कड़क माल है. मैंने गीत से बीच में ही पूछा- संदीप … संदीप तो मेरा नाम है!गीत ने कहा- क्यों … एक नाम के दो आदमी नहीं हो सकते क्या? संदीप नाम के उस लड़के ने मेरी जिंदगी बदल कर रख दी थी और सच कहूं, तो मैंने आपका नाम संदीप है, जान कर ही आपसे बात करना शुरू किया.

प्रीति बोली- ये तो है दीदी!उषा बोली- मुझे मालूम है कि तेरा भी मन करता है चुदवाने का!प्रीति उषा का मुंह देखती रह गई कि उषा क्या बोल रही है. आप लोगों के ईमेल आने के बाद ही मैं अपनी अगली कहानी लिखना शुरू करूंगा. कुछ देर तक अपनी साली की गांड पर लंड को रगड़ने के बाद वो गांड को मेरे लंड की तरफ करने लगी.

भाई के कारण किसी पराये मर्द का तो मेरे जहन में ख्याल भी नहीं आता था.

अगर इस कहानी में आपको मजा आया हो तो मेरा उत्साह वर्धन करें और यदि कोई गलती हुई तो मुझे और अमृता को माफ करें. ऑफ सीजन होने से भीड़ बिल्कुल नहीं थी और इन्हें तो वैसे भी प्राइवेसी मिली हुई थी. मेरी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स की पिछली कहानीगर्लफ्रेंड के साथ लिव इन रिलेशनशिपमें आपने पढ़ा कि मेरी गर्लफ्रेंड मेरे साथ मेरे रूम में रहने लगी थी और मैं रोज गर्लफ्रेंड की चूत चुदाई करता था.

उन्होंने दोनों हाथों से मेरी चूचियों को पकड़ लिया और जोर से ऐसे दबाने लगे जैसे उनका दूध निकाल देंगे दबा-दबा कर. मेरे घर वाले भी जानने लगे थे कि ये मेरे ऑफिस में काम करता है और इसी लिए मैं उसको बुलाती हूँ.

अमृता मेरे लंड का मजा लेने के लिए तड़प रही थी और उसकी तड़प उसकी गांड की उचकन से साफ जाहिर हो रही थी. मैंने कहा- आशीष जब तुमने पहली बार मुझे सोनम दीदी की शादी में देखा था तब तक मैंने किसी के साथ सेक्स नहीं किया था. अपनी प्रेमिका के मुँह से निकली हुई, रानी के मधुर मुखरस से तर की हुई खाने की कोई भी वस्तु ऐसी नशीली हो जाती जैसे उसमें अफीम मिला दी गयी हो.

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मैंने उसकी चूत पर लंड को लगा दिया और उसकी चूत के मुंह पर अपने लंड को लगा कर मैं उसकी चूत के ऊपर नीचे रगड़ने लगा.

इतना कह कर आंटी ट्रे उठाने लगीं और उन्होंने उसके ऊपर से कपड़ा हटा दिया. अब मेरा पानी निकलने वाला था, मैंने नीरू को बताया तो वो दोनों मेरे ऊपर से उठ गई. मैंने पापा के लंड को अपने हाथ में ले लिया और उनके लंड को हिलाना शुरू कर दिया.

साउंड धीमी करके उसने कहा- अभी सबको मालूम है कि हम क्या करने वाले हैं, मैं उस शर्म को हटाकर साफ़ कह रही हूँ कि आज हम अपने पार्टनर्स बदल कर रात रंगीन करने जा रहे हैं. उसे खुद पर हैरानी हो रही थी कि वह अपने ससुर के क़रीब आते ही इतनी गर्म क्यों हो जाती है कि उसे अपने ससुर की हर हरकत मजा देने लगती है।बहू तुम बस मेरी एक बात का जवाब दो, जब मैं तुम्हें छूता हूँ तो तुम्हें कैसा महसूस होता है?” महेश ने भी अपनी बहू के पास जाकर बैठते हुए कहा।पिता जी, यह कैसा सवाल है?” नीलम ने शरमाते हुए कहा।बेटी, जो मैं पूछ रहा हूँ उसका जवाब दो. सेक्स सेक्स वीडियो सेक्सीचाहे मैं शौच करने जाऊं या पेशाब करने, चाहे नहाने जाऊं या सोने, सुरेंद्र जीजा मेरे पीछे पड़े रहते थे.

उसकी इस बात को सुनते ही मुझे कुछ देर पहले के उनके इशारों का अर्थ समझ आने लगा. उसने मेरे होंठों को छोड़ कर मेरी आंखों में देखते हुए कहा- राज, तुम इतनी सेक्सी कहानियां लिखते हो, मुझे तो यकीन नहीं हो रहा! उस दिन जब तुमने मेरी ब्रा में अपना माल छोड़ा तभी से मेरी चूत तुम्हारे लंड के नाम से गीली होने लगी थी.

सभी ने ये भी तय किया कि कपड़े छोटे से छोटे रखने हैं और अपने अपने शौक के हिसाब से सामान रख लेना है. मैंने भाभी को दस बजे से एक बजे के बीच का टाइम दिया था मिलने के लिए. मैं भाभी की बात सुन कर वापस झोपड़ी में आ गया, पर वो दोनों वहीं पर खड़ी होकर खुसुर फुसर करके हँसती रहीं.

राज की बहन जब आती थी तो उससे बहुत बात करती थी, दोनों साथ ही टाईम बिताती थी. फिर एक दिन अचानक वो दोबारा से ऑनलाइन आ गयी और फिर हम दोनों में दोबारा से बात शुरू हो गयी. उषा बोली- प्रीति, जीवन में औरत को जब पूरा प्यार नहीं मिलता तो किसी ना किसी से प्यार पाने की इक्षा मन में जाग जाती है.

उसने शरमाते हुए जवाब दिया- तुम्हें मजा आया मेरी चूचियों से खेलने में.

सोनिया- रोहन मेरा असली नाम निशा है, सोनिया नाम में सिर्फ चैटिंग के लिए यूज करती हूं. उन दोनों के जाने के बाद मैंने अपनी चूत को देखा तो मेरी चूत फट चुकी थी.

वो बोला- अब हम लोगों के जिस्म पर ज्यादा कपड़े हैं भी तो नहीं, वैसे भी अब हम लगभग नंगे ही हैं. लगभग एक बजे दोपहर में मैं जब खेत पहुँचा, तो वहां कोई नहीं था और मुझे गर्मी के कारण प्यास भी लगी थी. मैंने करीब दस मिनट तक चुत को चाटा … जिसके बाद मोसी ने पानी छोड़ दिया.

मेरा पानी छूटने के बाद मैं तो इतना मजा नहीं ले पा रहा था लेकिन उसकी चूत में उंगली जा रही थी तो उसको बहुत मजा मिल रहा था. ये सब बस आज के लिये है, इसके बाद ये सब नहीं होगा।इतने में दरवाजे में आवाज हुई और मैं एकदम से डर गई. मैंने उन्हें अपने नीचे लिया और उनकी गांड की नीचे एक तकिया लगा दिया, जिससे उनकी चुत ऊपर की तरफ उभर कर आ गई.

बीएफ मूवी पिक्चर हिंदी अब मेरी चूत में आगे से बाप का लंड घुसा हुआ था और पीछे से भाई का लंड था. शान ने कहा- अरे लेकिन वो तो है न!मैं- अरे तुम चिंता मत करो उसके होने से हमें कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.

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मैंने पापा के लंड को अपने हाथ में ले लिया और उनके लंड को हिलाना शुरू कर दिया. कुछ पल बाद मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत में घुसाया, तो उसका बदन अकड़ गया. कई बार गलती से रात को जब चूचों पर हाथ चला जाता था तो मैं उनको अपने हाथों से ही दबाने लगती थी.

मैं बोली- अरे आज तो बॉस तुझे खा जायेगा ऐसे देखा तो!उसके बाद मैंने ठीक 4 बजे बॉस को फ़ोन किया और उन्होंने मुझे बस स्टॉप में मिलने को बोला. रीता यहां पर आने के लिए मना कर रही थी लेकिन फिर मैंने उसको अपने लंड की फोटो भेज दी. पिक्चर खपाखपवो शर्म से सिमट गई और पैंटी में छुपी अपनी चूत को पैरों से छुपाने की नाकाम कोशिश करने लगी.

तो मैं बस पूछना चाहता था कि दूसरा ट्रेलर कब देखने को मिलेगा?वो मुस्कुरा कर बोली- उसका कोई फिक्स टाइम नहीं है.

मेरी बीवी रोहित की ओर मादकता से देखते हुए उसके सारे वीर्य को पी गई. भाभी जी ने मेरा हाथ पकड़ते हुए कहा- कोई बात नहीं … मैं भी कम्पनी देने के लिए आ गई हूँ.

चूंकि मोसी ने एक मैक्सी पहनी हुई थी, उस वजह लंड एकदम से उनके छेद पर टिका हुआ था. अंदर से दरवाजा बंद करके सबसे पहले उसने कोट उतारा तो मेरी आंखें फैल गईं. जैसे ही मैंने चेहरे को नीचे किया तो पीछे से अभय मेरे जिस्म से लिपट गया.

मगर मेरी बीवी का रंग एकदम गोरा था और कूल्हे भी बड़े-बड़े। वक्षों को देख कर किसी के भी मुंह में पानी आ जाये.

अब बात कुछ इस तरह की है कि एक दिन मैं भाभी के घर पर सर्विस दे रहा था … मतलब कि उन्हें चोद रहा था कि तभी उनकी भाभी ने हम दोनों को सेक्स करते हुए देख लिया. वहां चाची को छोड़कर आने का मेरा मन ही नहीं हो रहा था, फिर भी पढ़ाई के लिए आना पड़ा था. मैंने कहा- डोंट वरी जानू … बिल्कुल आराम से डालूंगा तुमको मालूम भी नहीं चलेगा.

भोजपुरी सेक्स ब्लू पिक्चरमेरी उम्र 29 वर्ष है और मैं पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर का रहने वाला हूँ. कोई 5 मिनट बाद मैंने मेरा पूरा लंड अन्दर पेला, तो वो धीरे से चीख उठीं और लंड को जज्ब करने लगीं.

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इस कहानी में मैं अपने बारे में ज्यादा जानकारी दे देना चाहता हूँ क्योंकि पिछली कहानी में मैं अपने बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाया था. फिर धीरे धीरे मैंने उसके मम्मों को कपड़े के ऊपर से ही मसलना शुरू कर दिया. मेरे हस्बैंड ने अपने बॉस से कहा- सर, आप सीधे लेट जाइए!और मुझे उनके लंड के ऊपर चूत सेट करके बिठा दिया.

ऐसा नहीं था कि मेरे पास उनके अलावा कोई और महिला मित्र नहीं थी लेकिन कई बार कुछ ऐसा दिख जाता था कि मुठ मारनी ही पड़ती थी. फिर उसने खुद ही मुझे पकड़ कर अपने ऊपर कर लिया और अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पर लगवा लिया. मेरी पिछली कहानी थीमैं कैसे बन गई चुदक्कड़और अगर आप लोगों का कोई सुझाव है तो उसको भी आप जरूर बताएं ताकि आप लोगों के लिए मैं अपनी कहानी को और बेहतर तरह से पेश कर सकूं।तो बढ़ते है मेरी नयी सेक्स कहानी की तरफ:गर्मियों का मौसम चालू हो गया था और मेरे मामा की बेटी सोनम, जो रिश्ते में मेरी बहन लगती है, हमारे यहाँ छुट्टियों में आ गई.

इसलिए जॉली रिया के अन्दर के प्यार और हवस से प्रभावित था … ना कि उसकी पुरानी ज़िन्दगी से. अब लगभग शाम हो गई थी, तो मैंने सोचा कि अब तो भाभी के यहां से रात को ही जाऊंगा. और उस फैसले का रिजल्ट ये रहा कि मामी के हाथ ने मेरे लंड को मुट्ठी में पकड़ लिया।मेरे मुँह से एक साइलेंट आह निकली जो मामी के कानों तक ही पहुंच पायी।अब मामी ने अपने हाथ को हिलाना शुरू किया। एक झटका देते ही वो रुक गयी और अपना हाथ हटा दिया.

मगर मेरे दोस्त की उत्तेजना इतना बढ़ गई कि उसने मेरी बीवी को बीच में ही अपनी गोद में उठा कर पानी से ऊपर कर दिया. लेकिन परेशानियों का अंत केवल खुद के विरोधाभास पर नहीं बल्कि इस काम के लिए किसको चुना जाए उस पर भी था.

परमीत ने अन्दर लाल कलर की ब्रा पहन रखी थी, जो पीठ में हल्की सी धंसी हुई उसकी स्कर्ट के साथ मैच कर रही थी.

मैं अपने एक हाथ से बीवी की गांड दबाते हुए दूसरा हाथ ऊपर मम्मों की तरफ ले गया. लड़का की चुदाईमैंने उसका चेहरा सामने से तो नहीं देखा लेकिन साइड से देख सकने में कामयाब हो गया. દેશી ભાભી વીડીયોइधर संजू ने फिर से अपने बाल सुखाए और बालों को संवार कर पॉवडर-क्रीम की और लिपस्टिक लगाई. लेकिन उसके सीने पर जब मेरी नजर जाती है, तब उसकी सुंदरता, उसके 34B के लाजवाब चूचों की वजह से और उभर कर नजर आती है.

ऐसे में जब घर में केवल औरतें हों और उनके मर्दों की गैरमौजूदगी में पराये लोग घर में आते हों तो फिर सब लोग ऐसा ही सोचेंगे.

मगर मैं अपना काम करता रहा।जब तक मेरा पानी निकला तब तक वो बिल्कुल निढाल होकर लेटी रही और मेरा पूरा पानी उसकी गांड में जाता रहा।इस तरह उस रात मैंने उसकी चुदाई की।मेरी रीयल सेक्स कहानी कैसी लगी?[emailprotected]. मैंने फिर उन्हें अलग करके सुनीता की चूत में अपना लौड़ा डाल दिया और धक्के मारने लगा. मेरी जीभ निकाल कर चूसने लगा और इतना तेजी से धक्के मारने लगा कि मुझे बहुत मजा आने लगा.

इधर उनके दोस्त भी मुझे अपनी बांहों में पा कर कण्ट्रोल नहीं कर पा रहे थे, उनका मुसल जैसा लंड पैंट को फाड़कर बाहर आने को हो रहा था. मुझे सोच में डूबा देखकर सोनिया ने कहा- क्या हुआ?मैंने कहा- सोनिया, मुझे लगता है … हमें कहीं और जाना चाहिए. या शायद इतना ज्यादा एक दूसरे की आदत पड़ गयी थी कि अब वो तीव्रता नहीं रह गयी थी.

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मोसी मुझसे बोलीं- तुम्हारे मौसा मुझे कभी इतना प्यार नहीं करते … सच में तुमने मुझे खुश कर दिया. वो जब भी झाड़ू लगातीं या पौंछा लगातीं, तो मेरी नजर या तो उनके चुचों पर होती या फिर गांड पर टिकी रहती. कई बार इस साइट के माध्यम से सेक्सी भाभी और चुदक्कड़ आंटी को खोजने में भी मुझे काफी सहायता मिली है.

उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और ऐसा लग रहा था कि इनकीचूत पर बालआते भी नहीं होंगे.

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हिन्दी सेक्स स्टोरी टाइप करते ही सबसे ऊपर एक साइट का नाम आया, जिसमें लिखा था अंतर्वासना. अभय बोला- बंध्या तू गजब की माल है, क्या बताऊं, तुझे चोदते हुए लगता है कि अब कभी ना छोड़ूं. सेक्सी नंगी फिल्म ब्लूमैंने सोचा ट्रेन में टीसी से कन्फ़र्म करवा लूँगा, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था.

वन्दना ने अपने दोनों हाथ अपनी चूत पर रख लिए।नीरू- ले अभी कम से कम ये तो पहन!नीरू ने उसे उसकी पैंटी देते हुए कहा।वन्दना ने हँसते हंसते पेंटी पहनी और ऊपर मेरी बनियान पहन ली।मैं- अच्छा, अब लंच का क्या प्रोग्राम है?नीरू- आप लंच आर्डर करो, तब तक मैं नहा लूं, सारा शरीर पसीने से भीगा हुआ है।मैं- नहाना तो मुझे भी है, वन्दना तुम लंच आर्डर करो तब तक मैं और नीरू नहा लेते हैं. और उस फैसले का रिजल्ट ये रहा कि मामी के हाथ ने मेरे लंड को मुट्ठी में पकड़ लिया।मेरे मुँह से एक साइलेंट आह निकली जो मामी के कानों तक ही पहुंच पायी।अब मामी ने अपने हाथ को हिलाना शुरू किया। एक झटका देते ही वो रुक गयी और अपना हाथ हटा दिया. कभी कभार वो मेरे अण्डों को थोड़ा ज़्यादा दबा देती तो आह आह मुझ को करनी पड़ती.

पिछले आधे घंटे से मैं बेड के बीचों बीच घुटने मोड़ कर बिल्कुल नंगी बैठी थी. कहानी को आगे लिखूँ, इससे पहले मैं खुद के बारे में बता दूं, मेरा नाम शरद (बदला हुआ नाम) है.

उन दिनों सर्दियों में मैं अपने गांव में सवेरे के टाइम खेतों की तरफ घूमने निकला था.

मसाज पार्लर में फीमेल टू मेल मसाज और मेल टू फीमेल मसाज सर्विस उपलब्ध होती है. अब मैं मदारजात नंगी थी उसके सामने और मैं उससे अपनी बुर छुपा रही थी. उसके लौड़े के ऊपर बैठने की वजह से पूरा लंड मेरी चूत की गहराई में बच्चेदानी तक घुस गया.

देसी भाभी हिंदी मैंने फ़ोन किया, तो उसने उठाया और बोला कि पार्किंग से गली की तरफ आओ. अब मेरी समझ में ये नहीं आ रहा था कि मैं जेठजी को खाना खाने के लिए बुलाऊं कैसे?अमूमन हम सब हॉल में एक साथ ही खाना खाते हैं.

मैं उसकी आवाज पहचान गई और बोली- मैं बस पढ़ रही थी … अब बस शॉपिंग करने मार्किट जा रही हूँ. सीमा बोली- अगर इतना सब कुछ हो गया तो फिर ग्रुप सेक्स में क्या बुराई है?अब सबको होश आया कि बातचीत कहाँ चली गयी है. दर्द भी था … मजा भी था … बहुत अज़ीब सा अनुभव था वो!उनका मोटा लंड दनादन अन्दर बाहर हो रहा था। मेरी बुर से बहुत गन्दी सी आवाज आ रही थी.

पूजा देओल फोटो

आमतौर पर औसत लम्बाई का लंड भी औरत को पूर्ण रूप से संतुष्ट कर सकता है. मैंने शालिनी भाभी की कमर के नीचे से तकिया को निकाला और उनको अपनी बांहों में लेकर ताबड़तोड़ चुदाई करने में लग गया. भाई के लंड को इस तरह से तना हुआ देख कर मेरी चूत में भी खुजली होने लगी.

मैंने रीता को अपना लंड चूसने के लिए कहा तो वो मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी. उनके हाथ मेरे बालों को सहला रहे थे और मेरे हाथ उनकी चूत की दरार को.

कामुक स्त्री से सेक्स का सबसे बढ़िया फायदा यही है कि उसे बस गर्म करने की देरी होती है, उसके बाद वो खुल कर रतिक्रिया में साथ देती है!मैं पूजा की पेंटी के अंदर उंगली डाल चूत का द्वार खोजने लगा तभी पूजा अपनी कमर को ऊपर उठा कर चूत में उंगली जाने का रास्ता दिखाने लगी!उंगली के चूत के बाहरी परत पर लगते ही मैंने उसकी चूत को मसलना और रगड़ना शुरू कर दिया.

विनया मोसी का फिगर एकदम भरा हुआ और मादकता से इतना अधिक भरपूर है कि कोई भी उन्हें एक बार देखने से ही उनको चोदने का मन बना लेगा. अभी मैं ये सब सोच ही रहा था कि तभी चाची का फोन आया- हैलो जीशान, आई मिस यू बेटा … कैसा है तू?मैं- मेरी तो गांड फटी पड़ी है. तुम्हारी चुचियों को छूना, उन्हें दबाना, उन्हें फील करना मेरे हाथों ने आज तक कभी इतनी ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी चीज को नहीं छुआ.

मैं उनकी ब्रा को एक दो बार हटाया, तो मैम ने मुझे रुकने का कह कर अपनी ब्रा को निकाल दिया. परवीन आंटी के घर इतना सब होने के बाद मैं दूसरे राउंड के लिए तैयार नहीं था. मैं बेड पर पहुंचा, तो वहां पर यशिमा बिल्कुल नई दुल्हन की तरह सज संवर कर बैठी थी.

अगले ही पल उसने मुझे गोद में उठा लिया और बोला- हमारे होते आप चलने की तकलीफ़ क्यों उठा रही हो जानेमन.

बीएफ मूवी पिक्चर हिंदी: इतने में रूम की लाईट जली, गेट पर देखा … तो सारिका हमें देख रही थी और उसका हाथ उसकी चुत पर था. उसकी चुत इतनी छोटी सी थी कि मेरी दो उंगलियां भी ढंग से अन्दर नहीं जा पा रही थीं.

उन्होंने खींच कर मुझे ऊपर किया और मेरे होंठों को अपने मुंह में कैद कर लिया. क्या मैं आपके यहाँ नहा सकती हूँ? मुझे अपनी सहेली के यहाँ पार्टी में जाना है।मैंने कहा- हाँ नहा लो।पूजा अन्दर आई और मैंने दरवाजा बन्द किया. न सभी सेक्सी भाभियों और आंटियों को भी, जो सेक्सी साड़ी में मस्त माल लगती हैं.

मेरी बीवी ने रोहित के लंड को धीरे धीरे अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगी.

आस पास किसी को ना देखकर मैंने धीरे से आवाज दी, उसने दरवाजा खोल दिया. ऊपर से शावर का गर्म पानी गिर रहा था और नीचे वो चुदक्कड़ मेरे लंड का पानी फिर से निचोड़ने के लिए चुसाई चालू कर चुकी थी. आप लोगों के ईमेल आने के बाद ही मैं अपनी अगली कहानी लिखना शुरू करूंगा.