चूत लंड वाली बीएफ

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अंकित भी मेरे होंठों को काटने लगा चाटने लगा और अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल कर मेरी जीभ को चूसने लगा और चाटने लगा. हिंदी सेक्स फिल्म एचडी मेंउसके बाद फिर एक बार रशीद ने पायल के मुँह में लंड डालने की ख्वाहिश पूरी कर ली, उसके मुँह में अपने झांट युक्त लंड डाल ही दिया.

क्या चाचाजी ऐसे ही होते हैं?फिर भाभी ने उसके हाथ से फोन लेते हुए मुझसे बात करते हुए कहा कि हनी तुम्हें बहुत याद करती है इसलिए एक बार तुम इससे मिलने आ जाओ. प्रेगनेंसी किट कैसे चेक करते हैंमैंने थोड़ी देर इंतज़ार किया और फिर उसकी गांड पे हाथ रखा तो पैंटी निकली हुई थी.

मैंने नोटिस किया कि मनीषा मेरा पूरा लंड देखने के लिए जैसे पागल से हो रही थी.चूत लंड वाली बीएफ: मैं उससे टिक गई तभी वो समझ गया कि लौंडिया राजी हो गई है और इसी के साथ उसका एक हाथ मेरे सूट के अन्दर चला गया.

इसके बाद थोड़ी देर तक हमने बातें की, लेकिन बातें करते समय वो बोल रही थी और सांसें ले रही थी, तो उसके मम्मे ऊपर नीचे हो रहे थे.मैंने भी उनका भरपूर सहयोग किया, मैं भूल गया था कि मैं एक छोटे से कस्बे से निकलकर भोपाल पढ़ने आया हूँ.

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फिर सोचा कि दिल्ली में ऐसे होटल भी जरूर होंगे जहां लोग लड़की लेके जाते होंगे घंटे दो घंटे के लिए पर मुझे वो सब नहीं पता था.दोस्तो, मैं आज आपके साथ अपनी पहली सच्ची स्टोरी शेयर करना चाहता हूँ.

अब उन्होंने लंबी सांस ली और मुझे ऊपर आने का इशारा किया, मेरी आंखों में बहुत ही गौर से देखा और कहा- राजे तुमने मुझे धन्य कर दिया!और वे मेरे लंड को लंड को हिलाने लगी. चूत लंड वाली बीएफ बस माइक ने फिर देर न करते हुए हाथ बाहर हटाया और मुनीर के कंधों को पकड़ एक जोरदार झटका दिया.

थोड़ी देर बाद जब मुझे नॉर्मल लगने लगा, तब उन्होंने मेरे मुँह से हाथ हटा दिया और मेरे मम्मों को मसलने लगे.

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तो कभी माइक के ख्याल से डर लगता … क्योंकि मैं उससे पहले कभी मिली नहीं थी और न ही वो हमारी प्रजाति से था. इस तरह कम्मो को समझा कर बहूरानी जी मेरे आगे आगे तेज कदमों से सामान वाले रूम की तरफ चल दीं. वो भी बोल रहा था- हां मेरी कुतिया तेरी चूत को आज आज बहुत अच्छे से चाट चाट कर चोदूँगा.

गोरा रंग, स्लिम फिगर और उस पर 23 साल की उम्र और मानो मुझे बनाने वाले ने मुझमें सेक्स ठूंस ठूंस कर भर दिया हो।मेरे ससुर एवं मेरे पापा एक बहुत अच्छी नौकरी से रिटायर हुए थे और मेरे बड़े भाई भी सरकारी नौकरी में हैं और मेरे हमारे परिवार में कई लोग दबंग आदमी हैं इसलिए किसी की भी हिम्मत नहीं होती कि कोई हमें आंख उठाकर भी देख ले।मेरा और प्रीति का रिश्ता एक भाभी, ननद से बढ़कर एक सखी की तरह है. अजनबी लड़की मेरी उंगली को अपनी चुत में घुसाए हुए अपनी कमर को धीरे धीरे हिलने लगी ऐसा लग रहा था जैसे वो मेरी उंगली को चोद रही हो।उस लड़की के हिलते चूतड़ देख कर मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी, मैं अपने हाथ का दबाव उसकी चूची पर बढ़ाने लगा, वो उम्म्ह… अहह… हय… याह… की सिसकारी निकालने लगी। मैंने अपना सर झुकाया और उसकी दूसरी चूची को मुंह में भर लिया, उसका निप्पल चुसने लगा. यह बात उस लड़की पता चली, तो एक दिन उसने मुझे क्लास के बाद रोक के मुझसे मेरा फोन नम्बर ले लिया.

क़रीब दस मिनट बाद वो थोड़ी शांत हुई, तो मैंने उसको सहलाते हुए धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा. मुझे बहुत दिन के बाद अच्छा लग रहा था चुदवाने के बाद और मेरी चूत की प्यास बुझ गयी थी. फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चुत में घुसा दी, वो एकदम काँप सी गईं और अब उनके मुँह से सिसकारियां तेज हो रही थीं.

उसने कहा- बहुत तरसाया है तुमने मुझे, जब भी मैंने तुम्हें ज़रा सा हाथ लगाने की कोशिश की. उसने आप एक छोटी सी स्कर्ट पहनी और ऊपर में एक काले रंग का टॉप जो बहुत ही ज्यादा ढीला था.

तभी मुझे मानसी की बात याद आयी कि कोई नया लड़का चाहिए जो मेरी चूत की खुजली शांत करे.

मैं यह सुन कर घबरा गई और बोली- मैंने सुना है कि इसमें बहुत तकलीफ होती है और दर्द कई दिनों तक रहेगा.

उसने शीतल को कहा- आज रात पैकिंग कर लो, कल सुबह की ट्रेन से हम निकलेंगे. चाची- और ताकत लगा … चूत फाड़ दो मेरी … दो साल से लंड के लिये तरस रही थी मेरे चूत … फाड़ दो चूत को … चोद … और चोद. पर ऐसे पटाना ताकि उन्हें ये शक भी न हो कि कुछ सेक्स जैसा कोई रिलेशनशिप है.

भाभी ने मेरे सर को जोर से पकड़ लिया और लम्बी लम्बी साँसें लेने लगीं. जैसे ही उंगली मेरी चूत में गई, मैं बिल्कुल तड़प उठी, मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं. मैंने तो उन्हें जब से देखा है, तब से ही फिदा हूँ और उनके नाम की रोज बेनागा मुठ मारता हूँ.

उसे वो ड्रेस देते समय एकदम जोर से बिजली कड़की और लाईट चली गयी, वो एकदम से डर गयी और मुझे पकड़ लिया.

मैं- देखो सीमा! अपनी पत्नी को उसके भाई के साथ सुलाने का दुख मुझे भी है और शायद श्लोक को भी दुख होगा। लेकिन यह हमारे भविष्य की बात है। अगर सीमा मेरे साथ बच्चा पैदा करती है तो उस बच्चे से मुझे भी अपनापन होगा, मैं कभी उसका अहित नहीं चाहूंगा. अब वक्त आ गया है कि लड़कियां भाभियां अपनी चूत में उंगली डाल लें और भाई लोग अपना लंड हाथ में पकड़ लें. साथ में निप्पलों को दांतों से हल्का हल्का काटता, तो भाभी की सिसकारियां निकल जातीं.

फिर उन्होंने बालों में लगाने वाला तेल को अपने लंड में और मेरी चूत में लगाया और अपना लंड मेरी चूत पे सेट करके जोर से धक्का दिया. इसी लिए अब तक मैं उन्हें नंगी भी कर चुका था और अपने भी कपड़े उतार चुका था. क्या मस्त स्वाद था उसके गुलाब की पंखुड़ियों जैसे नर्म और रसभरे होंठों का …फिर ये किस से शुरू हुआ कब लम्बे स्मूच में बदल गया, पता ही नहीं चला.

वे उनको बेडरूम में ले गए और दरवाजे बंद करके उनके होंठ पर होंठ रख कर चूसने लगे.

विक्रम और रजत ने भी बताया था कि वो दोनों ही अपनी मॉम के नाम की मुठ अकसर ही मारते हैं. मैंने पैर फैला कर चुत को चौड़ा किया तो पीछे वाले ने फिर से अपना लंड चुत पर सैट कर दिया.

चूत लंड वाली बीएफ वह अपने आपको छुड़ाने लगी और बिस्तर पर इधर उधर भागने लगी लेकिन मैंने छोड़ा नहीं … मैं बस उसको चोदे जा रहा था. समय के साथ अब नताशा के चेहरे की मुस्कान लौटने लगी थी और वो अपने चूतड़ों को और तेजी के साथ आगे-पीछे करते हुए दोनों लंडों को अपनी गांड में सैर करवा रही थी.

चूत लंड वाली बीएफ उसने अपने भाव छुपाते हुए बात को बदलने के मन से मयूरी को तुरंत ही पलट जाने को कहा. फिर हम मॉल गए, उधर हमने 3-4 सैट फैंसी अंडरगारमेंट लिए, मेकअप का सामान वगैरह सब ले लिया.

मैं पड़ोस की औरतों के सामने कुछ कर भी नहीं सकती थी क्योंकि अगर उन लोगों को कुछ पता चलता तो वे हल्ला कर देती और मेरी कितनी बदनामी होती … ये मैं ही जानती हूँ.

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मेरी सेक्सी कहानी को पसंद करने के लिए आप सबका तहे दिल से शुक्रिया। लेकिन कुछ लोग मुझसे मेरे फोन नम्बर वगैरा की माँग करते हैं और कुछ रिश्ते बनाने की! मेरी आप सब से विनती है कि ऐसे मैसेज न करें क्योंकि मेरे लिए यह मुमकिन नहीं है।आप बस मेरी सेक्स कहानियों का आनंद उठाइए और अगर कहानी में कोई कमी पेशी लगती है तो मुझे ज़रूर बताइए।आपकी चुदासी घोड़ी रूपिंदर कौर की सेक्स कहानी जारी रहेगी. रजत ने दरवाजा खोला और बिना कुछ बोले वापिस आकर हॉल के सोफे पर बैठ गया और टीवी देखने लगा. अब चूंकि जब से अकेली रहने लगी हूँ, तब से मेरे मन में सेक्स की इच्छा पूरी करने के लिए किसी और के साथ सम्बन्ध बनाने को लेकर बहुत सोचती हूँ, लेकिन थोड़ा डर भी लगता है, सो हिम्मत नहीं कर पाती हूँ.

मेरे प्यार से सहलाने के कारण आंटी के खरबूजे जैसे विशाल स्तन कड़क हो चुके थे. वैसे भी उनको अपने पति से कभी वो सब नहीं मिला, जिसकी उन्हें ज़रूरत थी. मैंने सोचा- एक बार में ही पूरा अन्दर कर देता हूँ, दर्द का झंझट ही खत्म हो जाएगा.

अब मैं चाचा ससुर के लम्बे लंड को अपनी चुत में लेकर पूरे मजे ले रही थी.

खाने के बाद मैंने अपने साथ मामी का मुँह भी अपने हाथों से पौंछ दिया. एक तो बड़े बड़े मम्मे थे और पूरे के पूरे बाहर को लटकने की पोजीशन में थे. मेरी उम्र 20 साल की है, औसत दुबला सा शरीर है और मैं बाइसेक्सुअल हूँ.

वो अपने फार्म हाउस, जो शिमला के पास है, में रहना पसंद करते हैं और इसलिए बीच-बीच में वहां जाते रहते हैं. उसने लंड को ताकत से मेरी चूत में दबाया तो मैं चिल्ला उठी- भाई अंकित … मार डालेगा क्या साले. अब प्रिया की एक टांग को अपने हाथ से पकड़ कर ऊपर किया, जिससे प्रिया की चूत साफ दिखने लगी थी.

वो उसकी ब्रा भी सिर्फ निप्पलों ही मुश्किल से ढक पा रही थी, उसके बड़े बड़े मम्मे उछल रहे थे. पहली बार किसी ने मुझे ऐसा किस किया था, मेरे तन बदन में आग सी लग गयी और मैंने उसको सीधे बोल दिया – जल्दी मुझे करो अब रहा नहीं जाता है मैं कबसे तुमसे कराने के लिए मर रही हूँ, मुझे चोदो आकाश!वो मेरे चूतड़ों को दबाने लगा इससे मुझे बहुत मज़ा आने लगा, मेरी चूत अब गीली होकर बहना शुरू हो चुकी थी.

आहह…’मैं अपना हाथ आंटी की गदरायी हुई जाँघों पर सहलाते हुए देखने लगा. तभी मैंने देखा कि मामी नहाने के बाद मेरा फोन उठा कर देख रही थीं कि कहीं वीडियो रेकॉर्डिंग तो नहीं हो रही है. हम लोग दबे पांव चलते हुए एक कोने वाले कमरे तक गये और उसे खोल कर अन्दर चले गये और फिर मैंने भीतर से दरवाजा बंद करके बत्तियां जला दीं.

पूजा बोली- अरे मुझे पेशाब लगी है और मुझे टॉयलेट में जाकर पेशाब करनी है.

मुझे इस बार उनकी गांड मारनी थी … वो भी उनकी मर्जी से … तो उसके लिए उन्हें तैयार भी करना था. वो बोला- अगर ना चुदी हुई न होती तो मैं दो लाख दे देता मगर यह माल चुद चुका है, इसलिए बासी माल है. अब तक इस हॉट गर्ल सेक्स कहानीवो बरसात की हसीन शाम-1में आपने जाना कि मेरे मोहल्ले की शादीशुदा हॉट गर्ल पायल को हम तीन दोस्तों ने चुदाई के लिए राजी कर लिया था.

कपड़े धोते समय उनके हिलते भारी मम्मे मुझे साफ दिख रहे थे, क्योंकि उन्होंने अभी भी गाउन पहन रखा था, वो भी बिना ब्रा के. अंकित बोला- तू जा अभी बता दे सबसे कि मैं तुमसे चोदने को मांगता हूं, जा अभी बता वन्द्या!मैं बोली- बताऊंगी ही!और वहां से चली गई.

मेरे मुँह से निकल गया- बापरे इतना मोटा??? मैंने तो लाइफ में पहली बार देखा है. चचेरी बहन से सेक्स की चाहत की इस कहानी के पिछले भागताऊ की लड़की को चोदा-2में आपने पढ़ा कि मैं अपनी चचेरी बहन को चोदना चाह रहा था और वो भी मुझे अपनी हरकतों से जता रही थी कि वो भी मेरे बिस्तर की रानी बनना चाहती है. मैंने उसी तरह प्रिया होंठों को चूसते हुए ही पहले तो अपने लंड को थोड़ा सा बाहर खींच लिया, जिससे प्रिया को कुछ राहत मिल गयी और मेरी कमर पर उसके हाथों की पकड़ भी कुछ हल्की हो गयी.

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जैसे ही लंड ने चूत से दोस्ती की तो भाभी भी मेरा साथ देने लगीं और अपने चूतड़ उछाल उछाल कर मुझसे चुदवाने लगी थीं.

उसके लिप्स पे लगी हल्की लिपस्टिक मानो मुझसे कह रही थी कि आ जाओ और होंठों के पूरे रस पी लो. इस बार भी मैं मेरी रियल चुदाई की देसी कहानी आपके सामने पेश कर रहा हूँ. देख मैं ज्यादा घुमा फिर कर बातें नहीं करती, मैं चाहती हूं तुम दो दिन एक रात मेरे साथ रहो … क्योंकि तुम्ह़ारे बॉस मंडे को ही आएंगे.

अशोक- मैं तुम्हें इसके लिए और हर चीज़ के लिए धन्यवाद देता हूँ… क्योंकि तुम्हारी वजह से ही घर के हर सदस्य को आज चोदने और चुदाने के लिए किस्मत से बहुत ज्यादा मिल पाया है. उन्होंने देर ना करते हुए मेरे अंडरवियर को भी उतार दिया और मुझसे कहने लगीं कि अरे भैया जी ये आपका लंड है या हथौड़ा. आदावासी सेक्सी पिक्चरमैं भी उसके होंठों का मजा लेते हुए वैसे ही धीरे धीरे धक्के‌ लगाता रहा, जिससे कुछ ही देर में प्रिया अपना सारा दर्द भूल कर उन मादक पलों का आनन्द लेने लगी.

पर अशोक तो जैसे निर्दयी हो चुका था, उसने अपना लंड थोड़ा बाहर निकाला और फिर से एक जोरदार झटका दिया. दिल्ली की भीड़, ट्रैफिक, गगनचुम्बी इमारतें और सजे धजे बाज़ार ये सबकुछ अचंभित कर रहा था उसे.

अब मैंने उससे पूछा- क्या आप भी ड्रिंक करना पसंद करेंगी?तो उसने हां बोल दी. मैं समझ गया कि आज यह बहुत ज्यादा गजब के मूड़ में है तो मैंने अपने आप को उसके हवाले कर दिया और उसके मुलायम होंटों को चूमने लगा. अशोक- मतलब?मयूरी- मतलब कि उनको ना ये पता है कि मैंने अपनी माँ से लेस्बियन सम्बन्ध स्थापित किया है और ना ही ये कि मेरे ही कहने पर आज उनकी माँ उनसे चुदवा रही है… और तो और, उनको ये भी नहीं पता कि आप भी मुझे चोदते हैं.

मैं भी कमरा बंद करके नीचे आ कर डाइनिंग टेबल पर बैठ कर काम करते हुए नेहा भाभी का इंतज़ार करने लगा. तो कभी बाईं तरफ अपना चेहरा रगड़ता और कानों के पास मस्ती भरे शब्द फुसफुसाता आह. फिर मैंने उसको 15 मिनट तक चोदा और फिर हमने कपड़े ठीक किए और किस करने लगे.

वो मस्ती में बके जा रही थी- ओ प्लीज … आहाहह हहह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… नो … अब बस भी करो … ऊयी माँ … उंउऊ … आहहहह … बहुत बड़ा है … मुझसे सहा नहीं जा रहा सुनील सर बस करो ना … मेरी चूत फाड़ ही दोगे क्या? प्लीज़ जानवर मत बनो ना … मुझ पर रहम करो … इहह … आहाहह … जीजू कहां हो? प्लीज अब बस भी कर दो.

मैंने दूसरा कंडोम लगाया और उसकी गांड में लंड घुसाने की तैयारी करने लगा. तभी अंकित ने पूरा का पूरा लंड डाल दिया और बोला- वन्द्या तू बहुत बड़ी छिनाल है साली.

उसके चेहरे के भाव बता रहे थे कि उसे बहुत मजा नहीं आ रहा था, लेकिन वो आने वाले समय में बहुत मजा पाने वाली थी!आह. शीतल के अंगों का का इतना विस्तारपूर्वक दर्शन करने के बाद अब तो मयूरी की चूत में भी कुछ-कुछ होने लगा था. उसके बाद मैं थोड़ा फ्रेश हुआ और फिर खाना ख़ाकर मैंने मौसी से कहा- मैं बहुत थक गया हूँ, सोने जा रहा हूँ.

थोड़ी दूर और अन्दर जाने पे पता चलने लगा कि ये राष्ट्रीय उद्यान है और ये मुझे पीछे की तरफ ले जा रही थी. ”मैंने हंस कर उसकी साड़ी खींच कर निकाल दूसरे हाथ से उसके 36 साइज के चूतड़ दबा दिए. मयूरी बिल्कुल अपने माँ पर गयी थी, छरहरा बदन, खूबसूरत होंठ, नशीली कमर, जवानी की उठान, भारी-भारी चूचियां और उतनी ही बड़ी बड़ी गांड। जिस जगह से गुजरे उस तरफ के लोगो का लंड अपने आप ही खड़ा हो जाता था.

चूत लंड वाली बीएफ वो मेरे चूत को चाटने लगे, मुझे अलग ही नशा चढ़ने लगा, वो फिर अपनी उंगली को मेरी चूत में अंदर बाहर करने लगे, मैं सिसकारियां लेने लगी. जो इतना चिल्ला रही हो?मैं कुछ नहीं बोली, मेरी चूत ने पहली बार इतना भयंकर लंड लिया था.

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फिर कुछ देर ऐसे ही करते हुए उसने मेरा सर जोर से अपनी चुत के अन्दर दबा दिया और वो अपना रस मेरे मुँह पे निकाल दिया, जिसको मैंने चूस चूस कर साफ कर दिया. एक महीने पहले ही मैंने सरकारी नौकरी जॉइन की है, तो मुझे गांव से शहर आना पड़ा. मम्मी ने पूछा- कहां के लिए तैयार हो रहे हो?तो मैंने बताया कि मैं सोनू के घर जा रहा हूं … मुझे कुछ काम है.

यह सेक्स कहानी मेरे और मेरी सगी मौसी के सच्चे शारीरिक सम्बन्धों के बारे में है. जब तक तू अपना मस्त मोटा तगड़ा लंड मेरी चूत में नहीं घुसा कर जोरदार धक्के मार कर चुदाई नहीं कर देता. आदिवासी जंगल का सेक्सी वीडियोअब मुझसे रहा नहीं गया और न जाने मुझे क्या हुआ, मैं हाथ ले जाकर खुद जगतदेव अंकल का लंड पकड़ कर अपनी चूत में फिट करने लगी और अपनी चूत के छेद में लंड सैट कर भी दिया.

मैं अपनी दीदी के देवर के लिए किचन से एक गिलास ठंडा पानी और कुछ खाने के चीजें लायी.

मेरा हाथ एक हाथ ऊपर था उनकी चूची को कभी जोर से तो कभी धीरे से मसल रहा था, उन्हें बहुत मजा आ रहा था वे बोल रही थी- इतना मजा अभी आ रहा है तो आगे और कितना मजा आएगा!मैंने कहा- आगे आगे देखती जाओ मेरी जान!और फिर से मैं उनकी चूत को और जोर-जोर से चाटने लगा, मैं उनकी चूत को खा जाना चाहता था और वे भी मेरे सर को अपनी चूत के ऊपर दबा रही थी. वो मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में ले चुके थे और मज़े से चूस रहे थे.

क्या मैं आपका असली नाम जान सकती हूं?तो मैंने कहा कि मेरा नाम रजत ही है फिर उसने मेरा नम्बर मांग लिया. पेट पे गहरी नाभि … भरी हुई चिकनी जांघों से दमकता हुआ उसका शरीर मेरी कामवासना को अधिकता की हद से भी ज्यादा भड़का रहा था. मृदुला अपने घुटनों पर बैठ गई और अपने मुँह में मेरा लंड भर के चूसने लगी.

चाची ने कहा- पास में तेल रखा है, उसे मेरी चूत और अपने लंड पे डाल और लंड को चूत में डालने की कोशिश कर … अगर दिक्कत हो तो रुक जाना.

मैंने किसी तरह खुद पर संयम किया और उसको मसाज टेबल पे लेटने को कह कर कपड़े निकालने लगा. बस फिर क्या था, मैंने अपना लंड जूही की चुत पर रखा और एक शॉट मारा और लंड चुत के अंदर चला गया।मैं जूही के होठों को अपने होठों के बीच लेकर चूसने लगा और चूचियाँ पकड़ करके जोर जोर से शॉट मारके जूही की चिकनी चुत चोदने लगा. खेत वाले कमरे के अंदर मस्त बेड लगा हुआ है और गद्देदार गद्दा लगा हुआ है जिस पर रोमांस करने का एक अलग ही मजा आता है।वो समझ गया कि किस लिए चाबी चाहिए, वो बोला- ठीक है ले जा!क्योंकि हम बहुत अच्छे दोस्त हैं, दोस्त तो क्या भाई हैं।मैं चाबी ले आया और अगली सुबह का इंतजार करने लगा.

बेबी नार्मल टेम्परेचरपर मैं उनकी बात नहीं सुनती क्योंकि मानसी मुझे कभी गलत काम के लिए नहीं कहती और ना ही मैं करना चाहती हूँ. वैसे मुझे गांड मरवाने की कोई शौक नहीं है, मुझे गांड मरवाने में घिन सी लगती है.

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चोदते वक़्त उसके मम्मे ज़ोर से हिल रहे थे, जो मुझे बहुत अच्छे लग रहे थे. वो सत्यम की निशानी थे, उन्हें अपने सीने से लगाया मेरी आँखों में आंसू आ गये. उसने बड़े मजे से मेरे लंड के रस को निगल लिया और फिर से चूसना चालू रखा.

मैं अब परेशान हो गयी थी अपनी चूत की प्यास से … और अब मुझे नए लंड से चुदवाने का मन कर रहा था. जैसा मैंने सोचा था मनीषा ने भी अपने रूम की लाइट ऑन कर रखी थी और इस बार मनीषा बिल्कुल की-होल के सामने नंगी लेटी हुई थी. वन्द्या इतनी मस्त लड़की है, कोई कैसे कंट्रोल कर सकता है, इसलिए इस वन्द्या को चोदकर तो तूने कोई गलती नहीं की, तूने इसे ठीक चोदा है, पर तेरा काम पूरा नहीं हुआ अंकित, पहले थोड़ी हम लोगों की भी मदद कर दे तो तेरी बात किसी को नहीं बताएंगे.

मैं कुछ कुछ समझ तो गया था, सो मैं जल्दी से उनके बगल में ही लेट गया. उधर प्रिया मस्ती में बोलती- और चोदो और जोर से चोदो … आआह!इधर मेरी स्पीड बढ़ जाती. मग़र मैंने अपनी भावनाओं पर कंट्रोल किया और पूजा के पास चला गया।जैसे ही मैंने पूजा को देखा तो मन किया कि अभी चोद दूँ.

कोई तुम्हारे सामने आँख उठा कर भी नहीं देख सकेगा, जब कोई जानेगा कि तुम किसके साथ रीलेशन रखती हो, तो वैसे ही चुप हो जाएगा. आंटी इस चोट से इतनी अधिक कलप गई थीं कि वे मेरे होंठ को काटते हुए चीखना चाहती थीं, मगर मैंने उनके मुँह को पहले से ही अपने मुँह से बंद कर रखा था.

मानसी- ठीक है … मगर आहिस्ते!मैं पूरा जानवर बन गया था, मैंने मानसी को पलट दिया और उसकी गाण्ड में कस के लंड पेल दिया.

वो मेरे मुँह को पकड़ कर अपनी चूत की तरफ दबा रही थी, जैसे मेरे पूरे सर को ही अपनी चूत में घुसेड़ लेगी. पजाबी सेकसी विडियोमैंने मुस्कान से पूछा कि गांड की चुदाई में मजा आ रहा है?तो मुस्कान अपने मुँह से मस्ती भरी आवाज में बोली- ओह्ह यश. इंडियन विलेज गर्ल सेक्स हद वीडियोअंकल जी का हाथ फेरना और हल्का सा चूचियों का नाप तौल करना मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था. मेरे पैर कांप रहे थे और मुझे खड़े होने में प्राब्लम हो रही थी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया.

मेरा नेचर बड़ा हंसमुख और मजाकिया स्वभाव का है, इसलिए लोग मुझसे इंप्रेस भी जल्दी हो जाते हैं.

उस टाइम मेरा लंड फड़फड़ाते हुए काले नाग की तरह बाहर आने को बेताब था. जब गौर से देखा तो मैं अचंभित रह गयी मुनीर एक प्रकार का रबर का लिंग एक बैल्ट के सहारे टिकाये हुए उस व्यक्ति की गांड में घुसा कर गुदा संभोग कर रही थी. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:गर्लफ्रेंड के साथ मेरा पहला सेक्स-3.

दोनों अपने सपनों की दुनिया से बाहर आये, मयूरी और अशोक दोनों अपने कपड़े ठीक करके बिस्तर पर ठीक से बैठ गए. उसके बाद में वो मेरी बॉडी पर साबुन लगाने लगे, मेरे लंड और गांड के छेद पर अच्छे से साबुन मल दिया. पर मैंने इस तरह उसके कंधे पर अपना सिर रखा कि मेरी गर्म सांसें उसकी कान की लौ और गरदन को छूने लगीं.

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एक दिन फोन पे मैंने उससे किस माँगा तो उसने मस्ती से कहा- फोन पर क्या किस लेते हो राजा. हमारे हवस की कश्ती जिस सैलाब में तैर रही थी, उसमें तूफान आ चुका था. अच्छा, और कोई पूछेगा कि कम्मो कहां गयी तो, किसी ने आपको ही पूछ लिया तो फिर क्या होगा?”तू पगली है, अरे बारात में किसी को क्या होश रहता है कि कौन कहां है.

इसके लिए बाहर के पुरुषों के पास जाने से ज्यादा अच्छा और सुरक्षित विकल्प महिलाओं के लिए घर के पुरुष ही होते हैं.

देख मैं ज्यादा घुमा फिर कर बातें नहीं करती, मैं चाहती हूं तुम दो दिन एक रात मेरे साथ रहो … क्योंकि तुम्ह़ारे बॉस मंडे को ही आएंगे.

मैंने महसूस किया कि उसके निप्पल एकदम कड़क हो गए थे और मम्मे भी तन गए थे. उफ़ भाभी, तुझे हर समय धींगा मस्ती क्यों चढ़ी रहती है?” मैं मस्ती से बदमाशी से उसकी कमर पेट पर चूम रहा था, चाट रहा था, काट रहा था. सेक्सी सासुउसने मेरा पूरा पानी किसी रंडी की तरह पी लिया और लंड को चूसचूस के साफ करने लगा.

मेरी पहली कहानी को छाप दिए जाने के बाद मेरे आशिकों की संख्या में बहुत बढ़ोतरी हो गयी. हम लोग खाना खा चुके थे, लेकिन बारिश बन्द होने का नाम ही नहीं ले रही थी. तो मैंने दिल की मानकर फिर से पगडंडी ढूंढना शुरू किया तो कुछ दूरी पे मुझे एक पगडंडी दिखाई दी, जिधर ढूंढ रहा था उसके उल्टी साइड में। शायद मैं गलत दिशा में था पहले, तो अब मैंने उसी पगडंडी पर बाइक दौड़ा दी, लगभग 15 मिनट बाद मेरी मंजिल मेरे सामने थी।मैंने झोंपडी के पास जाकर आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं आया, फिर से आवाज लगाई तो भी आवाज नहीं आई.

आप तो ख़तरनाक मूड में लग रही हो?ज़्यादा बातें मत करो, बस आज तुम मुझे खूब सारा प्यार करो. रात को वो अपना कमरा बंद कर लेता था और मुझे कह देता था कि अपना कमरा अन्दर से बंद रखना.

दूसरे ही पल पूरा लंड जोर के धक्के के साथ पहले से भी ज्यादा अन्दर तक घुसेड़ दिया.

”इससे पहले की मैं कुछ बोलती, वो मुझसे बोली कि यार सच सच बताना कि तुमने वाकयी कभी कोई लंड नहीं लिया?मैंने कहा- लिया है. मैंने तारा की बात को मजाक में लेते हुए जवाब दिया कि जब मर्ज़ी चली आना. उसका नाम गौरी था, अब आपको तो पता ही होगा कि बंगाली आइटम कितने हॉट और रसीले होती हैं.

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आपको याद होगा कि उस शाम को कैसे एक सामान्य से परिवार को किस्मत ने एक नया आयाम दे दिया था. जब से मामा की उनसे शादी हुई थी, तब से ही मैं मामी को पेलने का ख्याल अपने मन में संजोए हुए था कि हो ना हो. उन्होंने एक बड़े से होटल में कमरा बुक करवाया था, जो मुझे नहीं बताया था.

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धत तेरी की… मजा न आया होता तो तू टच भी कर पाता?” बोलते हुए शर्मा के उसने अपना मुँह दूसरी तरफ फेर लिया. उसके बाद तो बस मैं दबाव देता गया और आधे से ज्यादा लंड आसानी से चुत में उतर गया. मैंने उसकी टांगों को फैला कर उनके बीच में खुद को सैट किया और लंड को अपने हाथ से पकड़ कर उसकी चुत की फांकों में लगा दिया.

आंटी ने हंसते हुए मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और जीभ घुमाते फिराते मेरा लंड पकड़ कर दबोचने लगीं. मेरी गिफ्ट की हुई ब्रा में उसके मांसल दूध जैसे मेरी ही राह तक रहे थे.

मैं बाहर जाने लगी, तभी मुनीर ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा- रुको … हम सब तुम्हारे लिए ही तो यहां आए हैं.

फिर मैंने कुछ लेस्बियन लड़कियों के साथ लड़कियों वाली कुछ सीडी ऑनलाइन खरीद लीं और रोज़ उनको डीवीडी पर लगा जाती थी ताकि वो देख सके. कैसी लगी मेरी जवानी की प्यास की कहानी, अपनी प्रतिक्रिया दें[emailprotected]पर।. मैं फिर से उफान पे आ गया और बिना देर किए मैंने भाभी को अपने नीचे लेटा कर उनके दोनों पैरों को फैला दिया.

पापा ने कहा- अब मैं क्या दे सकता हूँ सिवा इसके कि कम्पनी में कोई सिफारिश करनी हो तो!मैंने कहा- नहीं पापा, यह आपकी लड़की का हाथ माँगने के लिए आया है. अब जिधर दादी लेटी थी, उधर अंकित हो गया और दूसरे साइट में अंकल लोग लेटे थे, बीच में मैं हो गई. एक दिन सुबह करीब 10 बजे के आस-पास स्वाति के मम्मी पापा और उसका इकलौता छोटा भाई शोभित बाइक से कहीं जा रहे थे.

अब तो आलम ये है कि रास्ते पर जितनी लड़कियों या औरतों को चलती हैं, उन सबमें मुझे चूत की चुदाई ही नजर आती है.

चूत लंड वाली बीएफ: अंकित बोला- तू साली बहुत मस्त चीज़ है वन्द्या … अब रूक जा, तुझे अभी तो नहीं पर दो दिन के अंदर इतने अमीर बड़े लोगों के साथ सुलवाऊंगा कि तेरी लाइफ बन जाएगी. फिर उसने अपने फोन से उसके लवर को कॉल किया और बोला- मैंने सीमा से आने को बोला है.

प्लीज मेरी कहानी के बारे में अपने कमेंट, अपनी राय मुझसे जरूर शेयर करें. मैं अभी कुछ कहता या करता कि तभी इतना बोल कर उन्होंने अपना हाथ मेरे पजामे के अन्दर डाल दिया और मेरे लंड को धीरे धीरे सहलाने लगीं. फिर उसने कार स्टार्ट की और हम दोनों कुछ देर चल कर एक बिल्डिंग के पास पहुँच गए.

अशोक ने मयूरी की अपने भाइयों से चुदाई की पूरी कहानी बड़े ध्यान से सुनी; उसको अपने बच्चों की आपसी चुदाई की कहानी सुनने में बड़ा रोमांच और आनन्द महसूस हुआ.

पापा- अच्छा… सॉरी बेटा… आजकल मैं शायद काम में कुछ ज्यादा व्यस्त रहता हूँ. मैंने पंडित से पूछा था, उसने कहा कि जल्दी से जल्दी भी करोगे तो एक महीने बाद की तारीख निकलती है. एक दिन उसने कहा कि उसका पति कुछ दिन के लिए एक ट्रेनिंग में बहरीन, जो एक गल्फ देश है, वहां जा रहे हैं.