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मैं सेंटर टेबल पर इस तरह झुकी थी कि वो मेरी चुंचियां अच्छी तरह देख सके… ऐसा ही हुआ… उसकी नजरें मेरी चुन्चियों पर गड़ गयी. कृष्णा कपूर सेक्सी वीडियोथोड़ी देर रुक कर मैंने दुबारा एक जोर का धक्का दिया और मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत में उतर गया.

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सिपाही कमरे में घुसा और कमरा तलाशने लगा, मेरे पास आया और सर झुका कर कहने लगा- क्षमा कीजिए महारानी जी ! यहाँ कोई नहीं है.बीएफ वीडियो हॉट सेक्सी: जब दिखाने वाली को परहेज़ नहीं तो मैं क्यूँ बीच में बोलूँ?इस बीच ज़ाहिरा ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे यहाँ तक कि उसने अपनी पेंटी भी उतार दी थी.

और फिर हम दोनों कम्बल तान कर नींद के आगोश में चले गए।बस अब और क्या लिखूँ ? अब तो मैं अपने प्रेम की रानी नहीं महारानी बन गई हूँ !-मधुरदोस्तो ! आपको हमारी यह दूसरी सुहागरात कैसी लगी बताएँगे ना ?आपका प्रेम गुरु.फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और पेंटी के अंदर हाथ डालकर उसकी चूत सहलाने लगा.

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पहले तो मैं नीचे दबी हुई इसका आनन्द उठाने लगी फिर खूब दब चुकी तो देखा कि उसका वीर्य निकल चुका था.मेरी समझ में कुछ आता इससे पहले मुकेश मेरे ऊपर झपटा और मुझे अपनी बाहों में ले लिया, वो कहने लगा- मादरचोदनी! तूने मेरे को चांटा मारा था? तुझे बताता हूँ इसका नतीजा!मुकेश तेजी से टीशर्ट के ऊपर से मेरे बोबों को मसलने लगा और कहने लगा- मुझे पता है कि तू 2-3 घंटे घर में अकेली है.

मैं अपने हाथ से चिंकी की चूत का छेद तलाशने लगा कि इतने में चिंकी चिहुंक कर उठ बैठी. बीएफ वीडियो हॉट सेक्सी उसकी आहें निकलने लगी- आह ओह्ह आह!फिर मैंने कहा- अब तुम मुझे इन कपड़ों से आजाद करो!तो वो बोली- अभी लो मेरी जान, तुझे अभी नंगा कर देती हूँ.

”दुल्हन ने पुन: झंडे के लिंग को अपने मुँह में लिया और धीरे-धीरे अपनी जीभ से चाटने लगी। सचमुच झंडे ने ठीक कहा था। लिंग फिर से तनतना गया और किसी सांप की तरह फुंकार उठा।झंडे बोला,”इस बार इस नाग देवता को अपनी गुफा में जाने दो…देखो कैसे-कैसे रंग दिखाएगा यह.

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उसके बाद मैं थक कर उसके ऊपर ही लेट गया। उसकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी और मेरे साथ वो भी झड़ गई थी…मैंने उसे पकड़ कर बेड के ऊपर ले लिया वो मेरे सीने पर थी. मैंने उसके गले और छाती पर चूमना शुरु कर दिया और मेरा हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर जाने लगा. ‘हिच, मां की लौड़ी, तेरी चूत मारूँ… चिकनी है भाभी…!’ अब उसकी गालियाँ मुझे बहकाने लगी थी.

तब उसने कहा- संभल कर! मेरी चूत कुँवारी है… खून निकलेगा!मैंने फिर चूत के छेद पर अपना सुपारा रखकर एक धक्का मारा… उसे दर्द हो रहा था. ‘और ये देख, साली इस चूत को… किसके किस्मत होगी मेरी ये चूत… प्यासी की प्यासी… रस भरी… वो भड़वा… भेन चोद… मेरा मरद नहीं चोदेगा तो और कूण फ़ोड़ेगा इन्ने…?’मेरा दिल जैसे मेरे उछल कर मेरे गले में आ गया. मेरा उठता हुआ लण्ड उसके चूतड़ों की दरार में सेट हो गया और उसके पेटिकोट के ऊपर से ही चूतड़ों के बीच में रगड़ मारने लगा.

भला कहीं आधे घंटे में कैसे याद होता?नकली गुस्सा दिखाते हुए विनोद ने उसके गाल पर थप्पड़ बढ़ाया क़ि नीना ने अपना चेहरा पीछे खींच लिया और विनोद का जोरदार हाथ नीना की चूचियों से जा टकराया. मैंने कहा – मुझे क्या बेवकूफ समझ रखा है, मैंने तुम्हे इसे अपने बैग से निकालते हुए देखा है और इस पर तुम्हारा नाम भी लिखा है. ?उसने कहा- खेल कपड़ों अदला बदली का है।मैंने कहा- इसमें ऐसी क्या बात है? ठीक है, मैं तैयार हूँ।वो मुझे अपनी मम्मी के कमरे में ले गया। वहाँ मैंने अपने कपड़े उतरने शुरू किये.

मेरा टोपा अंदर था और फिर मैंने लण्ड को बाहर निकला और एक झटके में पूरा उसकी चूत में डाल दिया।निशा की हल्की चीख निकल गई और मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।अब मेरा लण्ड और उसकी चूत आपस मैं एकदूसरे के साथ गुत्थम गुत्था हो रहे थे। उसकी चूत ज्यादा कसी हुई नहीं थी और ज्यादा ढीली भी नहीं थी. अब हम दोनों एकदम नंगे थे, मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगाया और अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा.

मैंने अपना कंडोम निक्कल दिया लेकिन उसकी चूत अभी तक झरी नहीं थी, वो मुझसे कहने लगी- अपने लण्ड को डाले रखो अभी मेरा मन नहीं भरा…मैंने कहा- कंडोम तो अब नहीं है?तो उसने कहा- वैसे ही डाल दो…तब वो सेक्स के चक्कर में अन्धी हो चुकी थी…वो मुझे जोश में लाने के लिए तुरंत लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी… मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया… फिर उसकी चूत ने लण्ड का स्वागत किया.

मैंने भी स्वाति दीदी की पेंटी निकाल दी और उनको बाहों में लेकर उन्हें चूमने लगा जिससे उन्हें भी जोश आ गया और वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी.

डॉक्टर ने पापा को चेक किया और कहा की उनके रीढ़ की हड्डी में कुछ परेशानी है और उन्हें ऑपरेशन की जरूरत है. ?पर पर क्या ? उसने कहा- अगर कोई परेशानी है तो बाकी भी उतार देती हूँ।यह बोलते ही उसने अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी। क्या चूची थी उसकी. लेकिन शायद आयशा कि चीख की वजह से ज्योति को यह याद नहीं रहा कि उसने ब्रा-पेंटी के अलावा और कुछ नहीं पहना है.

रंग इतना साफ़ जैसे दूध हो!मैं उनको देख ही रहा था कि वो बोली- क्या सोच रहा है? क्या मैं मोना जितनी सुन्दर नहीं हूँ?मैंने कहा- ऐसी बात नहीं है दीदी!वो बोली- तो क्या सोच रहा है?इतना कह कर उन्होंने मेरा हाथ अपनी टांगों पर रख दिया. जैसे ही वो कमरे में आई मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और बोला- कब से तुम्हरे लिए तड़प रहा था !उसने भी मुझे अपनी बाहों में ले लिया और चूमने लगी…. ” तुमने मुझे स्कूल में क्यों नहीं विश किया?”तुझे क्या लगता है, स्कूल में तुझे मैं ऐसे कर सकता था.

तब तक तुम दोनों आपस में मस्ती करो…फिर दोनों बहनें आपस में एक दूसरे की चूत में हाथ डालने लगी…मैं पाँच मिनट बाद फिर से चोदने आ गया … फिर भाभी को झड़वा कर मीनाक्षी को मस्त चुदाई की.

जब हम अंदर पहुँचे तो दूसरे जोड़ों को देखकर भाभी शर्माने और हंसने लगी क्योंकि बाकी एक दूसरे को चूम रहे थे, मैं भी भाभी के मन की बात समझ गया और हम दोनों भी एक बेंच पर बैठ गए और फिर मैंने जबरदस्ती भाभी के होंठो पर होंठ रख दिए, कोई विरोध ना होता देख मैं ऊपर से ही उनके वक्ष मसलने लगा जिससे शायद भाभी थोड़ा गर्म हो गई थी और चुम्बन में मेरा साथ देने लगी. ऊऊ म्मम्ममवो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसके चुचूकों के साथ खेल रहा था।फिर मैंने उसकी गीली चड्डी देखी तो मैं भी उसकी चड्डी के ऊपर से ही उसको सहलाने और दबाने लगा। फिर वो रुक गई और मैं उसकी चूत को चाटने लगा, कभी-कभी उसकी फाकों को अपने दांतों के बीच लेकर काट भी देता जिससे उसकी सिसकी निकल जाती. लेकिन उसने मुझे उठने नहीं दिया और बड़े प्यार से मुझे बच्चो की तरह उठाया … तुम्हारी उम्र क्या है ?आह अठारह.

उसका दर्द अब कम हो चुका था… मैं साथ ही साथ उसकी चूची चूस रहा था क्योंकि उसकी चूची का कोई जवाब नहीं था, उसके चुचूक 5 रुपए के सिक्के के बराबर थे, एकदम भूरे और जोशीले…फिर मैंने अपनी गति बढ़ाई और 15-20 मिनट में मैं धराशाई हो गया. उन की जीभ मेरे मुँह में घूमने लगी और उन के हाथ मेरे बालों में!मैंने उन की नाईटी निकलनी शुरु की, सारे बटन खोल दिये और नाईटी निकाल फेंकी. पर अब्बास के हाथ ने अभी भी मोना के दोनों हाथों को कसकर जकड़ा हुआ था और मोना को छूटने का कोई भी मौका नहीं दे रहा था…अब्बास ने अपने दूसरे खाली हाथ से मोना के बदन पर बचा आखिरी लिबास उसकी पैंटी को भी नीचे खिसका दिया और जैसे ही मोना की पैंटी नीचे खिसकी.

वो बोला- जानेमन, अभी तो पूरा अन्दर भी नहीं गया…और तुम अभी से…?मैंने कहा- नहीं और नहीं… मेरी चूत फट जाएगी…उसने कहा- ठीक है, इतना ही सही…और फिर वो मेरे होंठों को चूमने लगा…मैं भी उसका साथ देने लगी…फिर वो आधे लण्ड को ही अन्दर-बाहर करने लगा, मेरा दर्द कम होता जा रहा था.

तभी अचानक मैंने देखा कि अनीता दीदी ने नेहा की टी-शर्ट के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और उसकी चूचियों को पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी. !!! हा ह़ा हा हा!!मंत्री मेरी तरफ बढ़ चला, तो भीड़ से आवाज़ आई- मंत्री जी छुइएगा नहीं! कहीं पानी न छोड़ दे राण्ड.

बीएफ वीडियो हॉट सेक्सी उसकी ब्रा को नीचे किया तो उसके उरोजों को गुलाबी रंग के चूचुक काफी सुंदर लग रहे थे. अक्सर वो मेरे नहाने के समय मुझे तौलिया देने आ जाती थी और मुझसे छेड़खानी भी करती थी.

बीएफ वीडियो हॉट सेक्सी कुछ देर बाद उसने अपना पानी छोड़ दिया और मैंने अपना!फिर वो सीधी हो गई और मैं अब उसकी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा. रीटा की तो खुशी को मारे किलकारियाँ सी निकल पड़ी- उई ई ईई आहऽऽऽ आहऽऽऽ आज से पहले किसी ने मेरे कबूतरों को इतनी बुरी तरह नहीं रगड़ा! आहऽऽऽ! शाबाश मेरे राजाऽऽऽ!दस इंच का लम्बा लण्ड देख कर लौंडिया की चुदास ठरक अब काबू से बाहर हो चुकी थी.

!!!मैं राजा के हाथ लुट चुकी थी और कई मर्द मुझे अब भोग चुके थे… राजा की बाकी दासियों की तरह मैं भी उसके लण्ड की दीवानी हो चुकी थी.

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मैं एक दोस्त से विश्वासघात करने का दोषी था…कुछ साल बाद एक अच्छा रिश्ता देखके कशिश के घरवालों ने उसकी शादी कर दी…उसके पति का तबादला हो के वो लोग अब हमारे शहर में ही रह रहे हैं. फिर उन्होंने अपना तन्नाया हुआ लंबा लण्ड माँ की गाण्ड में टिका दिया और उनकी कमर पकड़ कर अपना लण्ड पीछे से अन्दर घुसाने लगे. हो चुका था, मैंने गाँव में स्कूल ज्वाइन कर लिया, टीचर बन गई वहाँ भी और टीचर मुझ पर लाईन मारते, पर मैंने किसी को घास नहीं डाली।फिर मेरे पति को वापिस चेन्नई बुला लिया तो चले गए तो मैंने भी स्कूल छोड़ दिया और पीहर आ गई !पर मेरी असली कहानी तो बाकी है।[emailprotected].

ऐसा न हो कि प्रेम की राहों में मैं अपने सबसे प्यारे दोस्त को भी न खो दूँ… साथ ही साथ मेरे मन में एक और बात थी जिसका जवाब मुझे ढूंढे नहीं मिल रहा था… वो था उसका उसकी उम्र में इतनी बड़ी सोच रखना. उस रात में 3 बार मरवाई चाची ने 2 बार चूत और एक बार गांड। आजकल भी मौका मिलते ही हम हाथ मार लेते हैं।शायद कुछ लोग मुझे गलत कहेंगे पर कन्यायें और भाभियाँ बताएँ कि मैं क्या करता? जब वो तीनों मुझे खुद ही ऑफर कर रही हैं तो… क्या मैं गलत था ? अपनी राय अवश्य भेज़ें। मैं आपके मेल का इंतज़ार करूँगा।[emailprotected]. अब हम दोनों आमने-सामने थे, उसका लौड़ा तो वापस चूत में घुसा हुआ था, मेरे दोनों बोबे उसकी बलिष्ट छाती से टकरा रहे थे, चूमा-चाटी का सिलसिला अनवरत जारी था, उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड के नीचे टिका रखे थे जिससे वो गांड को सहला रहा था तो कभी कभी उस पर चिकोटी भी काट रहा था, कभी गांड में अंगुली भी कर देता तो मैं उछल जाती.

”चाची ने स्वीकृति से सिर हिलाते हुए कहा,”हाँ बहू, तेरे चाचा जी सब जानते हैं। उन्होंने मुझे कई बार झंडे, ठन्डे के साथ ये सब काम करने के लिए खुद ही सलाह दी थी। उनका कहना है कि इससे घर की बात घर में ही दबी रहेगी। कभी-कभी तो वह भी हमारा ये सेक्स गेम काफी-काफी देर तक बैठ कर देखते रहे हैं।समाप्त.

कभी कभी पीछे से करता है ना ?’‘ओह ‘ मेरी भी हंसी निकल गई। ‘तू तो एक नंबर की छिनाल है री ? तू मना नहीं करती क्या ?’‘अपने मरद को मना कैसे किया जा सकता है ? मरद की ख़ुशी के लिए वो जब और जैसे चाहे करवाना ही पड़ता है। क्या आप नहीं करवाती ?’‘धत्. बाकी चार लोग पीछे ही रुके थे जो भागने वालों पर नज़र रखने के लिए थे।दरवाजे के करीब पहुँचते ही एक सिपाही ने जोर से पैर से धक्का मारकर दरवाजा खोल दिया और अंदर जाते ही सोनिया बोली- कोई चालाकी नहीं… जो जहाँ है वो वहीं खड़ा रहेगा… तुम को पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया है !गुंडों ने उनकी एक नहीं सुनी और अपने हथियार निकालकर फायर शुरू कर दिया…. ऊपर से ही… मेरी पैंटी तक नीची नहीं की थी उसने…फिर उसके करने से ज्यादा मुझे हवा में उड़ना क्यों याद आता है बार बार, क्यों अच्छा लगता है वो उड़ना…क्या वो गलत था या अब मैं गलत हूँ… सोच सोच कर सर फटने लगा है… आह….

जो भी देखे, मुँह में पानी आ जाये… साड़ी पहनती हैं तो क़यामत ढाती हैं…मैंने दुबारा कॉल किया, बोला- मीनू भाभी, आज तुम्हें वो ख़ुशी दूँगा जो तुम ज़िन्दगी भर भूल नहीं पाओगी. एक दिन फिर उसने मुझे कॉल किया और कहा कि आज उसे घर जल्दी जाना है इसलिए क्या मैं उसे छोड़ सकता हूँ?मैं उस दिन ऑफिस नहीं आया था पर मैंने कहा कि हाँ जरूर! आपके ऑफिस के पास आकर आपको कॉल कर दूंगा और उनका नंबर सेव कर लिया. पर बाद में मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और धक्के लगाने शुरू कर दिए…आआहा या उईई की आवाजों ने चुदाई को और मजेदार बना दिया.

!!!राजा : ठीक है छू लो!! आखिर ग्राहक को भी पता होना चाहिए कि जिस चीज की वो कीमत दे रहा है वो असल में क्या है और कैसा है. ”देवर ने मेरी चूची छोड़ दी और मेरे ऊपर से उतर कर बगल में लेटकर बोला- ठीक है भाभी! तुम मेरे ऊपर आओ और अपने हिसाब से जैसे चाहो वैसे करो…मैं पलट कर उसके ऊपर आ गई.

”मैंने आंखें बंद कर ली और कह डाला,”आई लव यू !”और उसने बहुत ही सहजता से जवाब दिया,”मैं भी !”और इस बार मैंने पहला कदम उठाया. !चाची कुछ सहज हो कर मेरे सामने आकर बैठ गई- …धत् बदमाश ! मैं तो समझती थी, तुम तो बच्चे हो ! पर तुम तो कब के जवान हो चुके हो ! हमें तो पता ही नहीं चला. मुकेश अब नीचे झुका और उसने मेरी चूत के होंठों पर अपने होंठ लगा दिए, वो मेरी चूत को चाटने लगा, उसने अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर घुसा दी.

सौ बात की एक बात बात यह है कि मैं अपने पति से खुश नहीं हूँ, आजकल नया लंड ढूंढ रही हूँ.

ऐसा करने पर निधि पहले तो कसमसाई , फ़िर बोली सर आप ये क्या कर रहे हैं, प्लीज़ मुझे जाने दीजिए. हम थोड़ी देर बाद उठे तो देखा कि चादर गन्दी हो चुकी थी, चादर को पानी में डाल कर हम दोनों साथ में नहाने लगे. मैं- गन्दा मतलब?शालू- वो ही जो तुम चाहते हो!मैं- चुम्मी तो दे दे!शालू- चल ठीक है!मैंने उसको खूब चूमा और उसकी कपड़ों के ऊपर से ही चूचियाँ सहलाई.

जब मैं घर के अंदर पहुँचा तो देखा कि घर बहुत ही शानदार है, मैंने नौकरों से तान्या का कमरा पूछा और सीधा कमरे में घुस गया. ‘ओह, गोमती बाई जी, ऐसे ना करो, ऐसे तो यह और भड़क जायेगा!’‘तो भड़कने दो भैया, हम जो हैं ना!’गोमती खिलखिला कर हंस पड़ी, मुझे भी हंसी आ गई.

और वाशरूम जाकर मुँह धोया और वापिस आ गए…जब हम वापिस आए तो मेरी गर्लफ्रेंड मिली और बोली- कहाँ रह गए थे तुम. तब राजू तैश में वेग से धक्का मार कर उसकी उछाल को दुगने वेग से दबा देता, तो रीटा गुदगुदे बैड में धंस सी जाती. अभी भी वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराती रही तो मैंने उसके गालों पर उँगलियाँ फिराना शुरू किया.

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आअह्ह! भाभी का बदन अकड़ने लगा था, उनका पानी निकलने वाला है यह मैं समझ गया… मैंने अपनी एक उंगली उनके मुँह में डाली, उन्होंने काट ली, फ़िर उसे धीरे धीरे चूसना शुरू किया.

वही ढूंढ रहा हूँ!तो माँ ने पूछा- कौन सी सीडी? किस फिल्म की थी?मैंने कहा- पता नहीं पर किसी नई फिल्म की थी. मजबूरन मैंने एक कंप्यूटर कोचिंग जॉयन की, वहाँ ही मैंने इंटरनेट की दुनिया से थोड़ी-बहुत वाक़फ़ियत हासिल की।मुझे याद है उन दिनों इंटरनेट पर चैट ज्यादा की जाती थी. ‘आह भाभी… प्यार से सहलाओ!’उन्होंने कहा- अरे, मैंने तो सुना था कि मर्द को दर्द नहीं होता…? तुम्हारा बहुत लम्बा और मोटा है… तुम आज मुझे बर्बाद करके छोड़ोगे…मैंने कुछ नहीं कहा और उनके गोरे पेट को सहलाते हुए जीभ से गीला करने लगा.

राजू अब भी बुरी तरह से रीटा के होंटों के चबाये और चूसे जा रहा था और रीटा की चीखें गले में ही घुट कर रह गई थी और वो घूं घूं की आवाजें निकालने लगी. पर मैं उस आदमी के नीचे काम नहीं करना चाहता था जिसने मेरी बहन को अपने दूसरे नौकर के साथ मिलकर चोदा था, मगर मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था क्योंकि एक लेक्चरार की सेलरी पर काम करना मुश्किल था इसलिए अगले ही दिन मैंने कॉलेज से छुट्टी ली और श्यामलाल के ऑफिस चल पड़ा. xxx: संघ के राज्य देखेंमैंने भी उनकी हंसी में साथ दिया और पूछा- तो फिर आप ही बताओ कि क्या व्यवस्था की जाए.

और उसे चूमते हुए उसके वक्ष को ब्रा से आजाद कर दिया। फिर मैंने उसके चुचूकों को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया।वो मुँह से आह निकलने लगी. वही तो है !मैंने पूछा- मैंने कब देखी?तो बोली-उस दिन सुबह जब तुम मुझे जगाने आये थे, तब तुमने मेरा कमीज़ ऊपर करके देखी तो थी।ओह्ह तो तुम उस समय जाग रही थी ?”हाँ…”तुमने तब से अब तक कहा क्यों नहीं कि तुम भी वही चाहती हो, जो मैं चाहता हूँ ???”तुमने ही मेरी आँखों को नहीं पढ़ा… मैं तो जब तुम्हें एक साल पहले मिली थे तब से चाहती हूँ !”हे भगवान ! मैं भी कितना बुद्धू हूँ.

अब हमारी अच्छी जान-पहचान हो चुकी थी, उसने मुझे जाते समय अपने घर का पता दिया।मैंने उससे पूछा- आप फेसबुक यूज़ करती हैं ?तो उसने कहा- फेसबुक में अकाउंट तो है पर कंप्यूटर खराब है. फ़िर जिन्दगी में ये अवसर कभी नहीं आयेगा भाभी, मैं दस मिनट तुम्हारे साथ इसी बिस्तर पर लेटना चाहता हूं… इन्कार मत करना भाभी…मैं भी एक बार और मजा लूटना चाहती थी लेकिन वक्त बहुत हो गया था… बबलू के उठने का डर भी था सो मैंने देवर से कहा- अगर मुझ पर इतना ही प्यार आ रहा है तो फ़िर कल दिन तक एक बार और मज़े लेकर शाम तक निकल जाना. बाजी ने जब उनका लुल्ला देखा तो पागल हो गई- याल्लाह! इतना बड़ा लुल्ला! वो भी कटा हुआ नहीं है!मैं भी इतना बड़ा लौड़ा देख कर दंग रह गया जो लगभग दस इन्च लम्बा और पांच इन्च मोटा था.

आलोक का हाथ धीरे धीरे अब मेरी पूरे हाथ और कलाई पर रेंग रहा था।‘हाँ! मैं हफ्ते में दो बार ब्यूटी पार्लर जाती हूँ…’मुझे अब आलोक का सहलाना और अच्छा लग रहा था. ईईईईईईईईईई !”उसने 4-5 धक्के ज़ोर ज़ोर से लगाए और फिर मेरी गाण्ड के अंदर ही उसकी पिचकारियाँ फूटने लगी. क्योंकि मैं जल्दबाजी में गाउन के ऊपर वाला नेट का पीस तो ले आई थी लेकिन अन्दर पहनने वाला हिस्सा घर पर ही रह गया था.

शशांक : अहहह मिल गये निप्पल……मैंने सिर्फ़ ज़ीभ की टिप से निपल को छुआ है।वो : ये कड़ा हो रहा है………….

नौ इंच लम्बे और मोटे लंड की हर नस दिख रही थी। मेरा लंड आंटी की चूत के रस में गीला हो कर चमक रहा था।जोर लगा के हईसा …चोदो मुझ को अईसा …बुर मेरी फट जाये …गांड मेरी थर्राए …आंटी ने नया गाना शुरू कर दिया।मैं भी नये जोश के साथ आंटी की तरबूज जैसे चूचियों को दबाते हुए और तेज़ी से बुर को चोदने लगा. पहली बार आयशा को देख कर मेरे दिल में कुछ अजीब सा हुआ क्योंकि जिस आयशा को मैं अब तक बच्ची समझता था उसका शरीर भी अपनी उम्र के हिसाब से बड़ा था.

मेरा नाम सोनिया जैन है, 26 साल की हूँ, मेरा एक भाई है, वो मुझसे दो साल बड़ा है।बात उन दिनों की है जब मैं 18 साल की थी, तब मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं पता था, मुझे सेक्स की बातों से भी डर लगता था।एक दिन मैं भैया की अलमारी में कुछ ढूँढ रही थी, मुझे वहाँ से कुछ सी. धीरे धीरे इसी तरह हम बड़े होने लगे समय बीतने लगा… समय के साथ उसका कद 4 फुट से 5 फुट हो गया. वहाँ ना जाने से तुम्हें जितना नुक्सान होगा मैं तुम्हें हर महीने उस से दुगना दे दूँगी ….

लेकिन वो दोनों कुछ शरमा रहे थे इसलिए पहल मुझे ही करनी पड़ी और मैंने दीपू के गले में हाथ डाल कर उसके होंठ चूसना चालू कर दिए. निकाल ले साले…निकाल ले…मैं कहाँ मानने वाला था…मैंने उसे जोर से जकड़ लिया और एक धक्का लगा दिया…लंड थोड़ा और आगे सरकते हुए उसकी तंग गांड में थोड़ा और अन्दर चला गया।उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे और वो मेरी मिन्नत करने लगी- प्लीज़ निकाल लो विक्की! मैं तुम्हारे आगे हाथ जोडती हूँ… मारना है तो चूत मारो मेरी. उनकी सिसकियाँ अब तेज़ होती जा रही थी!! उनकी आआआ आआआह्ह ह्ह्ह आआआ अह्ह्ह सुनकर मुझे एक अलग सी ताक़त मिल रही थी!!मेरे हाथ उनके पूरे बदन पर चल रहे थे.

बीएफ वीडियो हॉट सेक्सी मैंने मुकेश से कहा- जल्दी करो, आज घर पर कोई नहीं है और मुझे 2-3 घंटे घर पर अकेले रहना है, मुझे जल्दी से घर भिजवाने की व्यवस्था करो. इस बार मैंने उसकी गांड मारने की इच्छा रखी तो वो बोली- इस बार नहीं! अगली बार मार लेना.

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फिर हम लोग बिस्तर पर लेटे, मैंने उसे बातो-बातो में छुआ तो उसने कोई विरोध नहीं किया. !भाभी ने कहा- मैं खुद कर लूँगी।मैंने कहा- मैं एक बार कर देता हूँ, फिर खुद कर लेना।तो भाभी ने कहा- ठीक है।मैं भी तेल ले आया और उनकी टाँग पर तेल लगा कर मालिश करने लगा। उन्होंने अपनी आँखें बंद कर ली थीं।मैं उनकी जांघों तक उन्हें मसलने लगा। उनकी आँखें अब बंद हो गई थीं. दर्द के बारे में बताने पर देवर मुझे उसी पोज में अपने ऊपर लिटा कर खुद ही नीचे से धक्के मारने लगा.

निष्पाप, निष्काम, पहला आकर्षण…आज भी दिल में महसूस होता है…!!!हमारा अब रोज का यही हो गया. जो शायद मेरे लिए बयां कर पाना भी बहुत मुश्किल है… शायद एक या फिर दो मिनट ही चला होगा… पर उस खूबसूरत एहसास को लिखना… उफ्फ्फ्फफ्फ़हमारे चुम्बन के बीच जैसा सब कुछ रुक गया. सेक्सी गाने सेक्सी गाने सेक्सी गानेउसने फ़िर बताना शुरू किया कि आज कल बहुत कुछ बदल गया है ऊपर के प्रबंधन में… मैं भेजता हूँ तो फ़िर मेरे बॉस फैसला करते हैं कि कितनी वृद्धि देनी है….

” दुल्हन किसी बेशर्म वेश्या की तरह गन्दी-गन्दी बातें बके जा रही थी।झंडे ने और भी जोरदार धक्के मारने शुरू कर दिए, बोला,”ले धक्के गिन मेरी जान, पूरे-पूरे सौ धक्के मारूंगा। ….

मैं- आई लव यू जोजो! तुम जितना कहो सेक्स करुँगी पर इनसे नहीं करुँगी!जोजो तो तरस आ गया … उसने मुझे कपड़े पहनाये … बाइक पर छोड़कर आया. विपिन अपने कमरे में नाश्ता कर रहा था… और कह रहा था- भाभी, जाने कैसे कैसे सपने आते हैं… बस मजा आ जाता है!’मेरी नजरें झुक सी गई, कहीं वो सोने का बहाना तो नहीं कर रहा था.

5-6 धक्कों में लंड पूरा अन्दर चला गया और वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी- हाय मैं मर गई! मुझे और तेज चोदो!मुझे भी मजा आने लगा और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. !!!राजा : ठीक है छू लो!! आखिर ग्राहक को भी पता होना चाहिए कि जिस चीज की वो कीमत दे रहा है वो असल में क्या है और कैसा है. आज कल तेरे जिज्जाजी मुझे बस हफ़्ते एक या दो बार ही चोदते हैं वो भी जल्दी जल्दी से, मेरी नाइटी उठा कर अपना लंड मेरी चूत में डाल कर बस 10 मिनट में ही लंड का माल चूत में झाड़ देते हैं.

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चारों के तनतनाते हुये कठोर लण्ड हमारे बिस्तर के दोनों ओर खड़े हुये हमे चुदाई का निमंत्रण दे रहे थे. यहाँ बाहर मेरी हालत ऐसी हो रही थी जैसे मैं तेज़ धूप में खडा हूँ, मैं पसीने पसीने हो गया था और मेरे लंड की तो बात ही मत करो एक दम खड़ा होकर सलामी दे रहा था. और वापस उसका लंड हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए चूसने लगी। मैं जमीन पे घुटनों के बल झुकी थी और बॉस का लंड चूस रही थी…इतने में राहुल ने मेरी चूत मसलनी शुरू की…हम सब चुपचाप अपने अपने काम में मस्त थे… फ़िर वो झुक कर मेरी चूत चाटने लगा….

लड़की का दूधपर तुम मेरी बहू हो… बेटी समान हो…” मेरा धर्म मुझे रोक रहा था पर मेरा लौड़ा… वो तो सर उठा चुका था, बेकाबू हो रहा था. और उसने बताया कि उसके पति भारत में नहीं हैं वो अमेरिका गए हुए हैं, उसको गए हुए दो महीने हो गए हैं और शायद अगले छ: महीने तक नहीं आ सकते हैं.

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भगनासा पर चोट से उत्पन्न बिजली की लहरें… चरम बिन्दु का क्षितिज कहीं पास दिख रहा था। मैंने उस तक पहुँचने के लिए और जोर लगा दिया…कोई लहर आ रही है… कोई मुझे बाँहों में कस ले, मुझे चूर दे… ओह…कि तभी ‘खट : खट : खट’…मेरी साँस रुक गई। योनि एकदम से भिंची, झटके से हाथ खींच लिया…खट खट खट…हाथ में केवल डंठल और छिलका था।कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]2384. वो दोनों मुझे थोड़ी दूर खड़े होकर कुछ बातें करने लगे। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे चोदने की बातें कर रहे हों. उसको इतना मजा आ रहा था कि उसकी आँखें नहीं खुल रही थी।वो इतनी मदहोश हो चुकी थी कि उसने अपने टांगें मेरी कमर में लपेट रखी थी।मेरा लण्ड उसके गर्भाशय से टकराने का मुझे महसूस हो रहा था.

उन्होंने मुझसे पूछा- घर चलना है?मेरे हाँ कहते ही उन्होंने कार का दरवाजा खोला, मैं उनके बगल की सीट पर बैठी और थोड़ी ही देर में घर पहुँच गई. मैंने खिड़की से झांक कर देखा तो मैं दंग रह गया क्योंकि अंदर दीदी बॉस की बाहों में थी और उनके तन पर कपड़े के नाम पर सिर्फ पेंटी थी और उनका बॉस उनके चूचे चूस रहा था. मैं काफी देर तक सोनम को ऐसे ही देखता रहा, सोनम वैसे तो उस वक्त बुरके में ही थी मगर उसके चेहरे पर से नकाब हटा हुआ था.

वो कई बार झड़ चुकी थी, मैं अपने पूरे जोश से उसे चोद रहा था।मुझे तो लग रहा था कि मैं जन्नत का सफ़र कर रहा हूँ ……… कुछ देर मे वो मेरी कुतिया बन चुकी थी…… अब पूरे कमरे में पट पट स ऽऽ सी ई की आवाज़ें आने लगी! मुझे उससे भी बहुत मदद मिल रही थी…. तान्या इतने जोर से चिल्लाई कि उसकी आवाज से पूरा कमरा गूँज उठा मगर दरवाजा बंद होने की वजह से आवाज बाहर नहीं गई. !चाची कुछ सहज हो कर मेरे सामने आकर बैठ गई- …धत् बदमाश ! मैं तो समझती थी, तुम तो बच्चे हो ! पर तुम तो कब के जवान हो चुके हो ! हमें तो पता ही नहीं चला.

मैंने उसको बताया कि सेक्स में लड़का और लड़की नंगे हो कर जो चाहे और जैसे चाहे करते हैं और कोई मना नहीं करता. वो भी इस मज़े में लिप्त हो रही थी।उसने कहा- अब रुको मत मेरे शेर ! मेरे दिल की तमन्ना पूरी कर दो !उसके मुँह से उम्म्म्म्म्म उम्म्म्मम्म की आवाज़ें आने लगी, मैंने रुकने का नाम ही नहीं लिया……….

पापा मम्मी भी गए हैं ! तुम चिंता मत करो ! तुम बस मेरी चूत को चीर दो !मैंने कहा- नहीं दीदी ! यह तो गलत है, तुम तो मेरी बहन जैसी हो !उसने कहा- क्या भाई क्या बहिन ? यह ज़िन्दगी का असली आनन्द …….

अब मैं भी मज़े लेने लगी थी; मेरे अंदर की छिपी राण्ड अब बाहर आकर अंगड़ाइयाँ लेने लगी थी… मेरी आहें दरबार में गूँज रही थी. करीना कपूर का सेक्सी वीडियोयूँ तो मैं अब तक चार पाँच बार झड़ चुकी थी लेकिन चूत में लंड डलवाने से होने वाली तृप्ति अभी तक नहीं हुई थी इसलिए मैं जल्दी ही अपने चरम पर पहुँच गई और नीचे लेटे लेटे ही अपने चूतड़ उछाल उछाल कर लंड अन्दर लेने लगी. सेक्स वीडियो सनी लियोन काउसने चित्रा को बाहों में लेकर उसे बिस्तर पर लिटा दिया तो चित्रा बोली- अभी मैं थक गई हूँ!मगर योगी ने उसकी एक नहीं सुनी और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया तो वो दर्द के मारे चिल्ला उठी. अब अक्सर यह संयोग होने लगा कि मेरे कॉलेज से निकलने के समय अमित अंकल उधर से गुजरते और मुझे साथ ले लेते.

फिर बस धीरे से होठों से छूता हूँ।दो हिस्सों में फटी मांसल स्पंज, जिसके बीच की फाँक को मैं कंधों से उसकी जांघों को फैलाकर चौड़ा करता हूँ, दोनों फूले होंठ, होठों के बीच झिल्ली-सा तना कपड़ा, जिस पर मैं मुँह गड़ा देता हूँ। भीतर से छनकर उसका रस आता है… स्वादहीन सा… तीखा… जीभ नहीं, किसी और इंद्रिय पर बरसता… भीतर सोए जानवर की प्यास बढ़ाता।उफ्फ… उफ्फ… क्या कर रहे हो….

मेरा लंड उसकी चूत में गहराई में घुस चुका था और अन्दर उसकी बच्चे दानी से टकराया था. से मेरे घर फ़ोन किया। एक-डेढ़ घंटे बाद मुझे मेरे भाई और छोटे वाले जीजाजी लेने आ गए और मैं अपनी सूजी हुई चूत लेकर अपने मायके रवाना हो गई वापिस कभी न आने की सोच लेकर!पर क्या ऐसा संभव है! तो यह अनुभव रहा मेरी सुहागरात का!आपको कैसा लगा? यह सौ फीसदी सच है।मेरी आपबीती जारी रहेगी।[emailprotected]. एकदम से मुझे सुख मिला- मानो स्वर्ग मिला! होश खोये! दिल कर रहा था कि जीजू कभी बाहर न निकालें!जीजू मजा आ रहा है! और करो ना!”जीजू ने मेरे मम्मों को पीते हुए तेज़ धक्के मारे और फिर कुछ देर के तूफ़ान के बाद कमरे में सन्नाटा छ गया, सिर्फ सांसें थी, सिसकी की आवाजें थी.

फिर उसने कहा- जांघों के बीच में खुजली सी हो रही है॥मैंने कहा- रुको, खुजली के लिए लकड़ी आ रही है. वो कितनी देर तक मुझे नोचता खसोटता रहा, मुझे नहीं मालूम था, मैं तो नींद के आगोश में जा चुकी थी. मैंने उसे सामने वाली सीट पर बैठने का इशारा करते हुए कहा ‘नहीं नहीं!! आप बैठो ना, मैं अभी आप को टिकेट दिखाती हूँ.

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प्रेषक : राज कार्तिकअँधेरा हो चुका था। मैंने अँधेरे में ही सोनिया का हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींचा तो सोनिया एकदम से मेरी बाहों में आ गई। मैंने सोनिया का चेहरा अपने हाथों में पकड़ कर अपनी तरफ किया और चूमने की कोशिश की तो सोनिया एकदम से मुझ से छुट कर भाग गई. ‘मार दो मेरी गाण्ड! मेरे यारों, चोद दो मुझे… कुतिया की तरह से चोदो… उफ़्फ़्फ़्फ़ आह्ह्ह्ह्ह!’मम्मी की गाण्ड सटासट चुद रही थी. शशांक : मैं वहीं हूँ तुम्हारे पास……अब मैंने तुम्हारे पीछे जा कर हग कर लिया है…और अब मैं तुम्हारे कान की लटकन को चूस रहा हूँ….

मैंने उन्हें बाहों में उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और वो मेरा लंड चूसने लगी फिर मैंने उनको घोड़ी बनने के लिए कहा.

जी वो… मुझे छबीली से मिलना है…”माईने पधारो सा…” उसकी मीठी सी मुस्कान से मैं घायल सा हो गया.

भाभी की चूत कुँवारी नहीं थी मगर फिर भी भाभी चिल्ला उठी और उनकी चूत से खून आने लगा. औरतों की चुदाई उनके हाथों से लिखी हुई पढ़ कर!खैर ऊपर तो मैंने शोर्टकट में अपनी जिंदगी की कुछ बातें लिखीं हैं, मैं 24 साल की औरत हूँ, चार महीने की शादीशुदा हूँ, चूत बहुत प्यासी है क्यूंकि शादी से पहले कई लंड थे, अब सिर्फ एक है. इंग्लिश चोदा चोदीआज तो मुझे स्वर्ग का ही आनंद मिल गया जिससे मैं वंचित और अनजान था। ओह थैंक्यू नीरुजी ….

इन अठारह सालों में मेरे पति ने साधारण तरीके से या कभी कभी मेरी दोनों टांगें अपने कंधे पर रख कर ही चोदा था. ओ के पद पर हूँ। वैसे तो हमारा फार्महाउस गाँव में है और वहाँ पापा जी खेती-बाड़ी के काम की देखभाल करते हैं, मैं भी आता जाता रहता हूँ, क्योंकि अमृतसर शहर में हमारी बहुत बड़ी कोठी है, मेरा बड़ा भाई यू. मेरी समझ में भी आ गया कि हवस की आग हमेशा आँखें और दिमाग खुले रख आस-पास का मुआयना करने के बाद ही शान्त करने में अकलमन्दी होती है.

! प्लीज़ !मैं उसके नंगे चूतड़ों और चूचियों को कस कर मसलने लगा, वो उत्तेजित हो चुकी थी. तो बोली- इसको तो देखो!वो नीग्रो उस गोरी लड़की की गान्ड बड़ी बेरहमी से चोद रहा था और चाँदनी अब यह भी करवाना चाह रही थी, मैंने उसको कहा- कल जब शाम को खेलने निकलो तो याद रखना कि अब तुम बच्चों वाला नहीं वयस्कों वाला खेल खेलोगी, जिसके लिए आने के पहले चूत और गाण्ड अच्छे से धो लेना.

उसे ऐसे देख कर मैं हैरान रह गया क्योंकि उस साड़ी वो एक युवती की बजाय बिल्कुल औरत लग रही थी और मेरा तो दिल कर रहा था कि अभी उसके साथ सुहागरात मना लूँ.

”कामिनी तुमसे मिलकर गयी थी क्या ?”नही… ये बात नहीं है… उसका फ़ोन आया था… ”हाँ वो दिन को चली गयी थी… ”अब तो साहिल अकेला ही होगा. ”मेरा लौड़ा तो चिकना हो ही रखा था, मैंने जैसे ही लगाया, मुझे लगने लगा कि आज मेरा लौड़ा छिल जायेगा क्योंकि ६-७ इंच का बड़ा लौड़ा भी छिद्र तक नहीं पहुँच रहा था, बस इतनी मोटी दरार में ही फँस गया ……और पारुल जान ने सिर्फ 2-3 धक्के ही मारने के लिए गांड आगे पीछे की थी कि मेरी पिचकारी छुट गई……और पूरा माल गांड से बाहर बहने लगा।चाची ने फिर मुझसे वादा लिया,” बेटा, मुझे हमेशा चोदोगे न…. उसकी चूचियाँ एकदम झक्कस थी…मैं उसकी चूचियों को दबा रहा था, उसकी सेक्स करने की इच्छा बढ़ती जा रही थी क्योंकि वो अपनी उंगली बार बार चूत में डालने की कोशिश कर रही थी.

हिंदी में बफ फिल्म यहाँ आकर मैं अकेला रहने लगा, तभी से मुझे कुछ ऐसा करने का मन कर रहा था पर मैं किसी वजह से रुका हुआ था. मेरा नाम राजेश है, मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और सभी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। मैं अपनी कहानी कई दिनों से आपसे कहने की कोशिश कर रहा था सो आज लिख रहा हूँ।मैं एक अच्छे घर-परिवार से हूँ। मेरी उम्र 25 साल, कद 6 फीट, मेरे लिंग की लम्बाई 6.

बीच बीच में वो मुझे प्रेम भरे चुम्बन देता… धीरे धीरे उसके धक्के तेज़ होने लगे … चूत में मुझे खिंचाव महसूस होने लगा… खुद ब खुद मैं उसके धक्कों से ताल से ताल मिला कर… उसका ज्यादा से ज्यादा लण्ड अपने भीतर लेने की कोशिश करने लगी… मेरी कोमल काया, उसके पसीने से भरे बलिष्ठ शरीर के नीचे दबी हुई कसमसा रही थी. और नेहा आआआआह” कहकर मुझसे चिपट गई… जब करीब तीस सेकंड तक वो ऐसे ही चिपकी रही तो मैं उसके नितम्बों को पकड़कर आगे-पीछे करने लगा… दस मिनट तक यूं करने के बाद नेहा की चूत काफ़ी पनीली हो गई और अब वो बहुत रफ़्तार से अपनी कमर हिलाने लगी…. मुझ से रहा नहीं गया तो मैंने हाथ लगा ही लिया- अरे वाह मनोज! तुम्हारा तो बहुत बड़ा है! मैंने कहा.

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बाद में तनु भी मेरी जिंदगी में आई ! उसकी कहानी आपके जवाब मिलने के बाद…अन्तर्वासना की कहानियाँ आप मोबाइल से पढ़ना चाहें तो एम. मैंने खिड़की से झांक कर देखा तो मैं दंग रह गया क्योंकि अंदर दीदी बॉस की बाहों में थी और उनके तन पर कपड़े के नाम पर सिर्फ पेंटी थी और उनका बॉस उनके चूचे चूस रहा था. लेकिन उसने मुझे उठने नहीं दिया और बड़े प्यार से मुझे बच्चो की तरह उठाया … तुम्हारी उम्र क्या है ?आह अठारह.

गर्ल फ्रेंड नहीं पर महिमा मुझे अच्छी लगती है…”अच्छा… और उसे तुम अच्छे लगते हो ?… ”हाँ मैम… मुझसे बात भी करती है और मुझे ललचाई नजरों से देखती है ”ठीक है… कल मैं उसको यहाँ बुलाती हूँ…या कल तुम उसे यहाँ ला सकते हो?मैम ऐसे कैसे मैं ला सकता हूँ उसे? आप ही बुला लो यहाँ !वो चुद जाएगी तुमसे ?अगर आप हेल्प करोगी तो वो जरूर आ जायेगी. मैंने अपने बाएँ हाथ की तरफ उसे लिटा लिया और उसके गाउन की डोरी खोल कर उसके गुम्बदों को बाहर निकाल लिया.

”सच, आपका बदन कैसा चिकना है… हाथ लगाने का जी करता है!”उसकी बड़ी बड़ी आँखें मेरी तरफ़ उठ गई.

‘भाभी, एक बात कहूँ, बुरा मत मानना और ना भी मत कहना!’‘क्…क्… कहो, पर दूर तो हटो!’‘भाभी आज चुदवा लो, प्लीज, मना मत करो, देखो मेरा लौड़ा कितना उतावला हो रहा है!’‘आ… आ… ये क्या बदतमीजी है भैया… हट जाओ!’ तभी मुझे गोमती नजर आ गई. !”नहीं, अभी अभी तो तुम कह रहे थे कि तुम अकेलेपन के शिकार हो और 15 दिनों से बेरोज़गार हो. चित्रा पहली बार गांड मरवा रही थी इसलिए मैंने पहले उसकी गांड पर क्रीम की मालिश की और फिर उसकी गांड में हल्का सा धक्का दिया तो वो चिल्लाने की कोशिश करने लगी मगर योगी का लंड उसके मुंह में था इसलिए वो चिल्ला भी नहीं सकी.

धक्के लगाना जारी था, मैं साथ साथ उसके बोबे भी चूसता जा रहा था और वो मेरी गर्दन को दोनों हाथों से अपनी छाती पर दबाती हुई बडबडा रही थी- आ. वहाँ ना जाने से तुम्हें जितना नुक्सान होगा मैं तुम्हें हर महीने उस से दुगना दे दूँगी …. पहले ख़याल आया कि जल्दी से शादी हो जाए, लेकिन अभी दूर-दूर तक कोई मौका नहीं था। फिर सोचा किसी को बॉयफ्रेंड बना कर उससे अपने जिस्म की अनकही दास्तनां मुकमिल करवाऊँ और उसके जिस्म से अपनी प्यास बुझाऊँ.

आज मेरी मुराद पूरी हो गई… ऊह् ऊओह् मेरा होने वालाआ है! और ज़ोर से!मैं उनके पूरे बदन को चूम रहा था, काट रहा था.

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थोड़ी देर के बाद मैंने भाभी से पूछा- आपने कल ऐसा क्यों कहा कि कोई देख लेगा? क्या आपको इस पर ऐतराज नहीं था?तो वो बोली- मुझे पता है कि तुम और स्वाति पहले सेक्स कर चुके हो. शन्नो बहुत ही सेक्सी है, उसकी चूची और गांड बहुत बड़ी है, एकदम बाहर की तरफ निकली हुई!जब वो चलती है तो उसके कूल्हे ऊपर नीचे हिलते रहते हैं. मुझे अंदर घुसता देखकर मनीषा इधर-उधर देखने लगी और बिल्कुल चुप हो गई, मनीषा के इस रूप को देख कर मेरा भी लण्ड खड़ा हो चुका था.

मुझे नहीं मालूम था कि लण्ड का रोग लग जाने के बाद मेरी चूत चुदाने के लिये इतनी मचलेगी.

और मैं सो गई……यह मेरी पहले दिन की चुदाई थी। उसके बात दूसरे दिन भोला से, थोड़े दिन बाद पति के दोस्त से, कुछ दिन बाद भोला और उसके दोस्तों से, दूधवाले से, अपने पति से मतलब मेरी चुदाई ही चुदाई…. यह क्या हो रहा है अखिल ??उसने मुझे ऊपर से नीचे देखा …मेरी पतली टाँगें और भरी हुई जाँघें … मेरी चिकनी फुद्दी और गोरी चिकनी बुंड देखकर चुप हो गया. फिर आंटी ने मेरा सर पकड़ा और दबाने लगी मैं भी पूरे जोश के साथ आंटी की चूत को चोद रहा था.