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सत्य सेक्सी: बीएफ सेक्सी भेजिए तो, वजह थी कि शेखर की आँखों पर पट्टी बंधी थी लेकिन धारा की आँखें तो खुली ही थीं। उसने शेखर के हाथों से अपना सर बचा लिया और धीरे से हंसने लगी.

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मैं उसकी नंगी देह पर अपने हाथों के स्पर्श को याद करके अभी भी अपने आपको समझा रहा था. देसी इंडियन सेक्सफरियाल को पता चल गया था कि अब उसकी चूत और गांड पानी पानी होने वाली है और उसकी पूरी प्यास मिटने वाली है.

मॉम के झड़ जाने के बाद डैड फिर से एक बार मॉम पर चढ़ गए और मॉम को चोदने लगे. सेकसी हिनदी बिडीयोकुछ देर यूँ ही चूमने चाटने के बाद भाभी अपनी गांड हिलाने लगीं तो मैं समझ गया और भाभी की चुदाई करने लगा.

पर मेरे घर वालों की सख्ती के कारण मैं सेक्स का मजा नहीं ले पा रही थी.बीएफ सेक्सी भेजिए तो: मैंने आपकी कहानी पढ़ी तो एक एक करके आपकी सारी कहानियां पढ़ता चला गया और मेरे मन में भी वही सब कामना होने लगी.

पर मुझे लगा कि उसे शायद टॉयलेट जाना होगा इसलिए उठते समय उसकी लात लग गई होगी.उसने पूरा दरवाजा खोल के अपनी जिंदगी में पहली बार किसी पुरुष टॉयलेट में प्रवेश किया था.

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ये कहने की ज़रूरत नहीं कि शेखर का लंड कितना बड़ा या कितना मोटा था लेकिन इतना तो तय था कि धारा उस लंड को देख कर स्तब्ध थी और एकटक उसे निहार रही थी.दोस्तो, अगर मेरी X भाबी चुदाई स्टोरी पढ़ कर आपके लंड चुत से पानी निकल गया हो, तो प्लीज़ मुझे कमेंट और मेल करके जरूर बताएं ताकि इसके बाद मैंने कैसे भाबी की गांड भी मारी, वो बता सकूं.

हाय … शेखर को ऐसा लगा मानो धारा उसे अपने चूसने की कला का परिचय दे रही हो!शेखर ये सोच कर और भी रोमांचित हो गया कि जब धारा उसकी उंगलियों को इतने प्यार से चूस सकती है तो शायद वो उसके लंड को भी आज चूस कर उसे जन्नत का सुख देगी. बीएफ सेक्सी भेजिए तो प्रभा- अच्छा … पहले दोस्त बनाया … अब प्रेमिका बनाना चाहते हो!मैं- हां प्रभा, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ.

वो अपनी तनी हुई चूचियों और उठी हुई गांड से सबका लंड खड़ा करने में एकदम परफेक्ट जहर की पुड़िया थी.

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क्या नाजुक मक्खन सी मुलायम चूत थी यार … मस्त पावरोटी की तरह फूली हुई चुत थी और उस पर एक भी बाल नहीं था. ये देख कर गगन अपनी मां के पास चला गया और उसके मुँह में लंड देकर उससे अपना लंड चुसवाने लगा. निखिल के लंड का साइज़ देख कर वो खुश हो गयी और आज वो समझी कि वासना की आग दोनों ओर बराबर लगी है.

मैं अन्दर गया और उससे कुछ बोलता, वो मेरे चेहरे को पकड़ कर किस करने लगी. चाची- पता है तुम्हारी नाराज़गी दूर करने के लिए मैंने ये सब प्लान किया है वर्ना मेरे मम्मी पापा तो उस शादी में जाने को तैयार ही नहीं थे, मैंने उन्हें जबदस्ती भेजा और फिर दीदी को तैयार किया कि मेरे साथ तुझे भेज दें. उन्होंने मुझसे अपने लंड पर हाथ घुमाते हुए बोला था कि ऊपर आकर ले लो.

तीसरे दिन मैंने देखा कि एक लड़की मेरे पास आकर जॉब के लिए पूछ रही है. उसकी भाभी कविता शादी के आठ साल गुजर जाने के बावजूद माँ नहीं बन सकी थी इसलिए सितारा एक दिन कविता को लेकर मेरे क्लीनिक पर आई. तब तक के लिए अलविदा और हां कमेंट जरूर कीजिये, जिससे सेक्स कहानी लिखने की प्रेरणा मिलती रहे.

उसे मैंने समझाया कि जान ये शर्माने का टाइम नहीं है, एन्जॉय करने का टाइम है. हकीकत में नहीं हो सकता, सो जाओ।अब मैं उससे ज्यादा जिद नहीं करना चाहता था लिहाजा उसके बदन से चिपक कर सो गया।अब रोज़ यही होने लगा.

ये देख कर मैंने उसे उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा.

आज मैंने जीवन का एक अनूठा सबक सीख लिया था कि गांड कैसी भी फटी हुई क्यों न हो, फिर भी हवस अपना काम कर जाती है.

इसलिये रूपाली ने नीतू को हाथों को उठा कर अपने उरोजों पर रखवा लिए और अपने हाथों पर दबाव बनाते हुए उसके हाथ से चुचे दबवाने लगी।नीतू भी आखिर कब तक शांत रहती. उसने कहा- यार क्यों अपना खूबसूरत सा चेहरा दिखाने के लिए शर्मा रहे हो. मेरे हाथ उनकी साड़ी खोलते हुए पेटीकोट को खोलने लगे और एक ही झटके में उनका पेटीकोट पैंटी सहित उनके जिस्म से अलग हो चुका था.

बिना किसी देरी के निखिल ने मम्मी की ब्रा भी उतार दी और उन पर झपट पड़ा. विवेक के लंड से बहुत बार चुदने के बाद आज मुझे अपने ही भाई का लंड मिला था. ये सुनकर भाभी ने गैस को बंद कर दिया और मेरे सामने घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को हिलाने लगीं.

क्योंकि मैं सोफे पर झुकी थी तो वो मेरी चूचियों के नीचे बैठ गया और मेरे दूध पीने लगा.

चुदाई का महासंग्राम शुरू हो गया और रोमा व सोनाली ने जल्दी ही अपनी अपनी चुत में उन दोनों के लंड ले लिया. थोड़ी देर लंड चुसवाने के बाद अंकल ने मुझे बिस्तर में उल्टा लेटा दिया. वो बोलीं- मैं तुम पर भरोसा कर रही हूँ, तुम मेरी इज्जत का ख्याल रखना.

मैंने कैसे उसे उत्तेजित करके चुदाई के लिए तैयार किया?प्रिय पाठको,आपने मेरी पिछली कहानीमौसी की जेठानी को दिखाकर मौसी को चोदामें अब तक आपने पढ़ा किनीतू को हमारे सम्बन्धों से कोई ऐतराज नहीं था इसलिए मैं रूपाली को उसके कमरे में चोद रहा था. अब मैंने भाभी के गले में हाथ डाल दिया और उस तरफ से हाथ उनके गाल पर ले जाकर उनके आंसू पौंछते हुए उनके गाल सहलाने लगा और उनको दिलासा दिलाता रहा. फूटने लगी।वो दोनों अब पूरी तरह से चोदने लायक गर्म हो गई थी, उन दोनों लड़की लड़की का सेक्स देख कर मैं भी गर्म हो गया था.

फिर भाबी ने मेरे विकराल लंड को अपने मुँह में ले लिया और मस्ती से लंड चूसने लगीं.

उन्होंने अपना हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड पर हाथ रखकर उसकी चमड़ी को पीछे की, तो मुझे बहुत शर्म आने लगी. जब तक मैं वहां थी, कजिन को दिन में कम से कम एक दो बार तो टॉप लैस देख ही लेती थी, लापरवाही से बिना किसी आंड़ के मेरे सामने ही कपड़े बदल लेना उसकी आदत है.

बीएफ सेक्सी भेजिए तो अभी उसका लंड चूसते हुए 5 मिनट ही हुए होंगे कि गौतम ने मेरे मुँह में ही अपना स्पर्म छोड़ दिया. ये कहने की ज़रूरत नहीं कि शेखर का लंड कितना बड़ा या कितना मोटा था लेकिन इतना तो तय था कि धारा उस लंड को देख कर स्तब्ध थी और एकटक उसे निहार रही थी.

बीएफ सेक्सी भेजिए तो इसके चर्चा के बाद वो मुझसे दूर रहने लगी और उसने एक दो दिनों तक तो मुझसे बात ही नहीं की. अब मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, मैंने एक कंडोम का पैकेट खरीदा और सब्जी वाली थैली में डाल दिया.

वो इसलिए नहीं लिख सका क्योंकि मैं फर्जी सेक्स कहानी नहीं लिख सकता और न ही मेरे हाथ कुछ बनावटी लिख पाते हैं.

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अब आगे डर्टी चुदाई कहानी:प्रिया ने जया और चमेली को कपड़े निकालने के लिए कहा और वो खुद भी नंगी हो गई. उनका साइज 36-32-38 का है, जो मैंने उन्हें चोदने के बाद उनसे पूछा था. हम दोनों एकदम से बेदम हो गए थे और बिना चूत से लंड निकाले मैं यूं ही भाभी ले साथ सो गया.

मैंने एक रफ जींस ओर गहरे गले वाला टॉप पहना था जिसमें से मेरी क्लीवेज साफ़ दिख रही थी. सेक्सी इंडियन भाभी की कहानी में पढ़ें कि पड़ोस में एक भैया की शादी हुई तो भाभी को देख मेरा लंड उनको पाने के लिए मचल उठा. मैंने मम्मी से बहुत ज़िद की, तो उन्होंने अपने टेलर को यह कहते हुए फ़ोन किया कि बहुत मुश्किल आ गई है.

जिसने अभी तक ना पढ़ी हो … वो पहले इन्हें जरूर पढ़ लें, ताकि इस सेक्स कहानी का पूरा मजा आए.

मैंने बोला- क्या करना चाहिए मुझे?वो वासना भरी नजरों से मुझे देखते हुए बोली- आप बहुत कुछ कर सकते हैं … शुरू तो कीजिए जनाब. मेरी पिछली कहानी थी:ट्रेन में देसी चूत चुदाई अनजान लड़के के लंड सेये कजिन ब्रो सिस सेक्स कहानी आज से 5 साल पहले की है, उस समय मैं ताज़ी ताज़ी जवान हुई थी और 19 साल की कमसिन, कमचुदी चुत वाली लौंडिया थी. पूरे रास्ते हर दस मिनट पर फरियाल के कॉल पर कॉल आने लगे कि कहां तक पहुंचे.

उसके बाहर जाने के बाद मैंने दरवाजे बंद किए और कोमल के होंठ चूसने लगा. चल रहा है।मैं- मगर देविका जी, आपके यहां अभी क्लाइंट होंगे?देविका- सचिन मैंने ब्यूटी पार्लर आज ही खोला है और अभी किसी की बुकिंग नहीं है और ना ही कोई स्टाफ है। तो आप निश्चिंत होकर यहां पर अपना काम कर सकते हो।हम उठ कर उनके पर्सनल केबिन में चले गए जहां पर ए. उसने देखा कि उसकी माँ पूरी नंगी होकर मेरा लन्ड अंडरवियर से बाहर निकालती है.

निखिल ने अपने होंठों को उसके होंठों पर रख दिए और उसके मम्मों को दबाने लगा. काफी देर तक फरियाल का जिस्म रगड़ने के बाद मैंने उससे कहा- फरियाल, अब मुझे आगे की मसाज करनी है.

कितनी ही बार तो उसने मुझे तब भी किस कर दिया था जब मेरे पति भी घर में होते थे. ज्योति ने अचानक चिराग का चेहरा दोनों हाथ से पकड़ा और उसके होंठों से अपने होंठ चिपका दिए. मैंने उससे कहा कि लॉकडाउन के कारण दिन में काफी चैकिंग होती है, रात का सफ़र हो सकेगा.

मैं ऐसे ही धक्के लगाते रहा, फिर वो झड़ गई और 2 मिनट के लिए निढाल हो गई.

मैंने दस मिनट बाद फिर से हाथ चलाए और मां को चुदाई के लिए रेडी कर लिया. मैं उसकी बात से खुश हो गई और सनी को चूमते हुए बोली- भाई हो तो तेरे जैसा. लाल स्कर्ट उसके घुटनों से थोड़ा ऊपर थी यानि उसकी गोरी जांघें बिल्कुल साफ दिख रही थी.

थोड़ी देर बाद मीरा ने भी अपनी एक टांग उठा कर निखिल की कमर पर रख दी. इस पर शहज़ाद बोला- तो क्यों न इस बात पर हम दोनों आज से दोस्त बन जाते हैं … एकदम अच्छे वाले.

चलो किसी ब्लूफिल्म में तीन की चुदाई देख कर बताऊंगी कि हम तीनों में खेल कैसे हो सकेगा. लंड को चूत का अहसास करवाने लगी कि जल्दी से जेठ जी मेरी चूत में लंड डालने के लिए मचल जायें. हम दोनों ने खाने का सारा सामान खोला और मीठी मीठी बात करते हुए खाया.

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रघु ने उससे खाने के लिए पूछा पर उसने मना कर दिया और वैसे ही लेटा रहा.

मैंने प्रशांत को अपने से अलग किया और उन दोनों को वासना भरी नजरों से देखने लगी. मैंने जैसे ही एक जोरदार धक्का मारा, तब उसकी तो जैसे जान ही निकल गई. भैया ने कहा- दीपक, मैं 15 दिन के लिए कम्पनी के काम से बाहर जा रहा हूँ.

दारू पीते पीते अंकल बात करने लगे- तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड है क्या?मैं- नहीं, अभी तो नहीं है!अंकल- तुम तो बड़े स्मार्ट हो, अभी तक कैसे नहीं बनाई?दोस्तो, मेरा कद 5 फुट 7 इंच है, वजन 77 किलो, रंग गोरा और दिखने में औसत या औसत से थोड़ा अच्छा हूँ. ’ चिल्लाती रही और मैं उसे कुतिया बनाकर रंडी के जैसे गपागप गपागप चोदने लगा. मॉम एंड सन सेक्सी मूवीचूंकि कोरोना के चलते कोई फ्लाइट आ नहीं रही है, तो वो आ नहीं पा रहे हैं.

पहले आधा लंड लेकर चूसती रही फिर धीरे-धीरे पूरे लंड को अंदर लेना चाहा।मगर उसके कंठ तक ठोकर मार रहे लंड का कुछ हिस्सा अभी भी बाहर ही था जो शायद अंदर नहीं जा पा रहा था।या यूँ कहें कि धारा उससे ज़्यादा अंदर नहीं ले पा रही थी. शायद शेखर को इसका आभास हुआ, उसने खुद को धारा से थोड़ा अलग करते हुए थोड़ा पीछे होकर साये को धारा की कमर से नीचे उतारने की कोशिश की.

बता न फिर क्या करेगा!मैं- फिर मैं, अपनी जीभ से तुम्हारे कान के पीछे चूसूंगा. मैं भी अकेला था और वो भी, शायद हम दोनों को एक दूसरे की ज़रूरत थी इसलिए उन्होंने बुरा नहीं माना. अपनी गांड मटकाती हुई वो सोफे पर बैठ गई और आते ही उसने अपने बैग में से एक स्कॉच की बोतल निकाल ली.

उस रात मैं भाभी की गांड के स्पर्श के अहसास इतना अधिक उत्तेजित हो गया था कि मुझसे रहा ही नहीं जा रहा था. अब शेखर ने धारा की कमर को थाम लिया और नीचे से अपने लंड को झटके पर झटके देकर उसकी चूत की चुदाई करनी शुरू कर दी. अब अंजू भाभी बहुत गर्म हो चुकी थीं और उनकी चुदास भरी सिसकारियां और तेज हो गई थीं- आह … मांआ … आह!अंजू भाभी का शरीर अकड़ने लगा और चुत ने पानी छोड़ दिया, जिसे मैं पूरा का पूरा चाट गया.

इधर मेरे लन्ड में अकड़ थी कि उसे चूत में जाना है तो उधर मेरी बीवी की चूत भी बार बार गीली होकर नर्म गर्म थी कि कड़क लन्ड आ जाये तो बिना रोक टोक के गीली चूत में अंदर फिसलता हुआ चला जाये।मैंने उसे रात में पूछा- तुम्हारा मन नहीं कर रहा चुदने का तो?नेहा का जवाब था- कर तो बहुत रहा है लेकिन करूँ क्या?मैंने उसे थ्रीसम सेक्स वाली वीडियो भेज दी.

मैंने फिर थोड़ा आराम से एक और झटका मारा, तो मेरा आधा लंड उसके अन्दर तक घुस गया. मतलब धारा ने कुछ इस तरह का ब्लाउज़ पहना था जिसमें बटन नहीं थे और वो एक स्पोर्ट्स ब्रा की तरह ऊपर से डाल दिए जाते हैं.

मैंने देखा कि भाभी उदास सी हो गई थीं और उनकी आंखों में आंसू आ गए थे. मैं बोली- ये क्या हुआ?तो वो बोला- कुछ नहीं दीदी … आज पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड को पकड़ा है. आशारा के हाथ मेरे बालों पर आ गए और उन्होंने मेरे बाल खींचना शुरू कर दिए.

वो बोली कि कल मुझे अपने बॉयफ्रेंड के साथ बाहर जाना था … लेकिन वैक्सिंग न होने की वजह से मैं गई ही नहीं. वो एक निप्पल को चूस रहा था और दूसरे निप्पल को जोर से दबा देता, जिससे मुझे मीठे दर्द का अहसास हो रहा था. जब कहीं से कुछ मदद नहीं मिली, तो मेरे बड़े चाचा सामने आए और मम्मी से बोले कि भाभी आप अपना हिस्सा मुझे बेच दो और पैसे लेकर कहीं और चले जाओ.

बीएफ सेक्सी भेजिए तो मेरे प्यारे दोस्तो,मेरी पिछली कहानी थी:मेरी कुंवारी बुर की पहली चुदाई कैसे हुईमैं सुहानी चौधरी आज फिर से आप सबके लिए अपनी एक सहेली की कहानी लेकर आई हूँ. पहले पहल तो आंटी मेरे किस का जवाब नहीं दे रही थीं, फिर अपने आप ही उन्होंने मुझको किस करना शुरू कर दिया.

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इसमें कुछ स्त्रियां बहुत ज्यादा कामोत्तेजित हो जाती हैं … और कुछ को असीम आनन्द की अनुभूति होती है. मैं इससे और भी ज़्यादा तड़प उठी और मैंने उसका कड़क लंड उसकी पैंट के ऊपर से ही पकड़ लिया. लगभग 10 मिनट तक लगातार लंड चूसती रहने के बाद भाबी मस्त होकर मेरी आंखों में वासना से देखने लगीं.

वह हमेशा बहुत ही चुस्त सूट पहनती थी, जिससे उसके जिस्म का हर कटाव उभर कर आता था. मैं उसके हिलते कबूतर पकड़कर दबाने लगा तो वो एकदम बेकाबू सी होने लगी- आ…ह…जा…न! दबाओ! निचोड़ दो इन्हें!कहते-कहते अपनी स्पीड बढ़ा दी. इंडियन सेक्स कार्टूनऐसे आक्रामक तरीके से किसी ने पहली बार सोनम की फुद्दी चूसी और काटी थी जो वो बर्दाश्त नहीं कर सकी थी.

जब मैंने इसके विरोध में उसको बोला- तू जानता नहीं है … मैं अभी चिल्ला कर सबको बुला लूंगी.

मैंने उसके हाथ से डिल्डो लिया और उसके मुंह में डाल कर गीला कर दिया, फिर उसकी गांड पर लगा दिया. अब हालात यह थे कि शेखर का एक हाथ धारा की कमर को थामे हुए था और दूसरा हाथ धारा की चूचियों और अपने खुद के सीने के बीच फँस सा गया था.

मैंने बिना ज्यादा सोचे गौतम के प्यारे लंड को अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. अबकी बार मैंने बोला कि आपको किससे बात करनी है आप बार-बार फोन क्यों कर रहे हो?उधर से आवाज आई. उस दिन शाम को शहज़ाद मेरी बेटी से साथ कमरे में था और मैं खाना बना रही थी.

पर भाभी कुछ बोलतीं, इससे पहले ही मैंने अपनी चार उंगलियां उनके मुँह में डाल दीं.

मैंने 20 मिनट बाद उसे कॉल किया, तो वो कॉल उठा कर बिना हैलो बोले सीधे बोली- ऊपर वाले स्टोर रूम में आ जाओ … और देख कर आना, कोई देख न ले. दोनों की गर्म-गर्म साँसें एक दूसरे की साँसों से मिलने लगी, एक दूसरे के होंठों को दोनों ने बड़ी तन्मयता से धीरे-धीरे चूमना शुरू किया और फिर वो चूमना चूसने में बदल गया. तब तक ज्योति ने शॉवर लेकर बाथरोब वापस पहन लिया और दोनों रूम की तरफ चल दीं.

सेक्स वीडियो ओपन वीडियोवो नंगे ही मेरे ऊपर चढ़ गए और अपने घुटनों से उन्होंने मेरी जांघें चौड़ी कर दीं।फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और कहा- शबनम, बहनचोद! लंड घुसवाने के लिए तैयार हो जा रंडी।मैं बोली- जेठ जी प्लीज धीरे धीरे घुसाना. अब मैं उन्हें एक माल के रूप में देखने लगा था, मैं भी अब उनके नाम की मुठ मारने लगा था.

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ऐसा करने से मुझे बहुत मजा आ रहा था और मुझे लगने लगा कि मेरा वीर्य ऐसे ही निकल जाएगा. तुम्हें अपना न समझती तो क्या तुम्हारे सामने अपना दुखड़ा रोती!ये कह कर भाभी मेरे सीने से लग कर हिचकी भरने लगीं. मुझे बाद में गिल्टी भी फील हुई कि उसके बर्थडे वाले दिन मैंने उसे थप्पड़ मार दिया.

ये अचानक से हुआ था और मुझे खुद भी समझ नहीं आया कि ये सब कैसे हो गया. शन्नो बिल्कुल रंडी बन चुकी थी और उसी भाषा में बोल रही थी- आह चोद साले चोद अपने दोस्त की अम्मी की चूत गांड को जमकर चोद!एक औरत लंड की इतनी दीवानी है, ये देखकर मेरा जोश और बढ़ गया और मैंने तेज़ तेज़ झटके लगाने शुरू कर दिए. मैंने उससे बातचीत जारी रखी और उसके बारे में कुछ और जानने की कोशिश करने लगा.

नौकरानी ने गेट खोला और पूछा- आप पंकज जी हैं?मैंने कहा- हां, मैं ही पंकज हूँ. उसने मुझे दूसरे रूम में भेज दिया, मैंने रूम में जाकर लैपटॉप ऑन किया. वो चुदते समय ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी- आह फक मी हार्ड बेबी … उह … सो गुड … बहुत अन्दर तक जा रहा है … और तेज चोदो आह!मैं ताबड़तोड़ चुदाई में लगा रहा और वो अकड़ कर झड़ गई.

कुछ देर बाद आसन बदला और अब शन्नो मेरे लौड़े पर सवार होकर सरपट भाग रही थी. मैं मम्मी पापा के पास स्थिति का जायजा लेने गया तो देखा कि वो दोनों अपने रूम में टीवी देख रहे थे.

क्योंकि सच कहूँ तो चंचल और ऋतु को तो मैं कई बार चोद चुका था पर रुचि को मैं पहली बार चोदने वाला था.

मुठ मारते समय मां मुँह से बोल भी रही थीं- इतना अच्छा लंड होते हुए भी इतने दिनों तक मुझे मूली गाजर खीरा से काम चलाना पड़ रहा था. भाई का सेक्सी वीडियोमैं घर से नार्मल कपड़े पहन कर क्लिनिक गयी और रोहित के केबिन के अन्दर गयी. पिक सेक्स वीडियोकुछ देर बाद उसका दर्द जैसे ही कम हुआ, मैंने एक और झटका लगाया तो पूरा लंड गांड में घुस गया. मैंने मना किया … मगर वो बोले- भाभी, सैंडविच सेक्स में बहुत मजा आता है.

मुझे तेज पेशाब लग रही थी, तो मैं सीधा बाथरूम में घुस गया और बिना कुछ देखे पेशाब करने लगा.

हालांकि मेरा भी पहली बार का मामला था तो मैंने भी मन बना लिया था कि साली की चुत तो चोदनी ही है … अब चाहे ये रोये या हंसे. भाभी ने बोला- अभी तो बेटा है, अभी नहीं … बाद में!मैंने उनकी बात मान ली. सबसे बड़ी वाली अभी 21 साल की हुई है, जिसका नाम रुबिका है और वो भी एकदम मेरे जैसे दूध सी गोरी और कसे हुए बदन की मालकिन है.

मैंने और समीर ने उसकी पैंटी कई बार देखी है … और पैंटी भी कौन सी, थोंग पैंटी. शेखर ने मन मारकर नाश्ता किया और फिर अपने मोबाइल पर गाने चला कर लेट गया. उसने मुझे भी सेक्स का भूखा समझ लिया होगा।ऐसे अनगिनत सवाल और ख़्याल शेखर के मन में दौड़ रहे थे.

आम्रपाली के नंगा फोटो

मगर मेरे लंड के नसीब आज मेरी बहन की सील तोड़ना लिखा है … तो मैं तेरे हर एक छेद और हर एक अंग का मजा लूंगा. थोड़ी देर बाद मीरा ने भी अपनी एक टांग उठा कर निखिल की कमर पर रख दी. अपने साथ आप किसी लेडीज को लेती जाएं … क्योंकि वहां दरवाज़ा नहीं है … बस पर्दा पड़ा है.

प्रिया ने चमेली से पूछा- तुझे क्या हुआ रंडी … तू क्यों गर्म हो रही है?चमेली बोली- दीदी, आठ दिन पहले मैं मेरे ब्वॉयफ्रेंड के साथ उसके घर गई थी.

मैं मौसी और उनकी जेठानी को सेक्स के खेल में दोनों एक दूसरी के सामने सहज करना चाहता था.

जिस टाइम ये मेल आया था, उन दिनों लॉकडॉउन चल रहा था तो मैंने उसको रिप्लाई दिया कि अभी तो लॉकडॉउन है तो मैं भी नहीं आ सकता हूँ … और ना ही किसी और को भेज सकता हूँ. बात सही भी थी, भले ही शेखर कितना भी कामुक हो लेकिन आज तक उसने जो भी किया था वो बस रेणु के साथ किया था. फिगर टाइट करने की दवा बताइएमूसल लौड़े को अपने कोमल हाथों से मरोड़ के उसने गुस्सैल आवाज में कहा- क्या क्या करेगा बहनचोद? देख तो भोसड़ी के तेरा लौड़ा कैसे खड़ा है … शर्म नहीं आती? नाम क्या है तेरा?चपरासी बोला- जी, मानस नाम है मेरा … और मैं सच कह रहा हूँ मैडम, आप जो बोलेंगी, मैं वो करूंगा.

मैंने उसकी तारीफ़ करना शुरू किया और मौली को बताया कि मैं पहले दिन ही तुमको पसंद करने लगा था. कुछ देर लंड चूसकर भाभी बोलीं- अब रहा नहीं जा रहा विजय … जल्दी से अपना लंड अन्दर डाल दो. जबमैं उसकी बहन चोद रहा थातो वो मेरे बगल में अपनी बीवी को चोद रहा था.

थोड़ी देर में उसने मेरे होंठ छोड़े और मेरी आंखों में देखती हुयी छोटी-छोटी चुम्मियां लेने लगी. देवर ने अपने दोस्त को बताया तो दोस्त भी भाभी की चूत मारने की कोशिश में लग गया.

अब रुचि पास आ गयी, उसने मेरे होंठों पर किस किया और लंड को हिलाने लगी.

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कॉलेज सेक्सी फिल्म नेहा- उसके बाद डैड ने मॉम की चूत पर अपना आठ इंच का लंड रखा और एक ही शॉट में चुत की जड़ तक घुसा दिया … क्योंकि डैड भी बहुत ज्यादा गर्म थे. मैं उसकी तारीफ करने लगा- तुम तो बहुत ही खूबसूरत हो और बहुत मस्त हो.

शेखर ने धीरे से अपने अंगूठे और दूसरी उंगलियों के बीच धारा की चूचियों की घुंडी को पकड़ लिया और आहिस्ते-आहिस्ते मसलने लगा. थोड़ी देर बाद फिर मुझे अहसास हुआ कि फिर कोई मेरे लंड के साथ खेल रहा है. चाची भाग कर मोंटू के पास गई और उसपर हाथ रखकर थोड़ी देर उसके पास बैठ गई.

जीजा साली की सेक्सी बीपी

हम दोनों वहां से निकल कर नदी के तरफ आए और नाव देख कर शहज़ाद ने मुझसे नदी में सैर करने के लिए कहा. धारा- हम्म … चलो ये जान कर अच्छा लगा कि एक मर्द होकर भी आप औरत की इच्छा और ख़्वाहिशों के बारे में सोचते हैं. अगर उन्होंने तेरे पापा को बता दिया तो मेरी जान को प्रॉब्लम हो जाएगी.

मैंने साहिल और राज का लंड पकड़ लिया और उनको अपने पीछे खींचने लगी जैसे कि वे मेरे कुत्ते हों. आए दिन इस तरह की खबरें सुना करता था जिसमें इस तरह से लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर लूट-पाट और यहाँ तक कि क़त्ल तक की वारदातें भी हुआ करती थीं.

भाभी ने मेरे लंड को देखा और बोलीं- देवर जी आपका तो लंड बड़ा हो गया है … अब इसका क्या करोगे!मैं- भाभी सब आपके दूध चूसने का नतीजा है.

थोड़ी देर तक तो दोनों मेरे बूब्स और मेरे होंठों से खेलते रहे, फिर अमित मेरे बायीं और साहिल मेरे दायीं और लेट कर दोनों एक एक चूचा मुंह में लेकर चूसने लगे. जब मेरे डिस्चार्ज का समय करीब आया तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और अल्मारी में से कॉण्डोम निकालकर अपने लण्ड पर चढ़ा लिया. वो बोली- कितने सवाल करते हो, तुम्हें तुम्हारा गिफ्ट चाहिए या नहीं!इस पर मैं कुछ नहीं बोला और एक हल्की सी स्माइल करके चुप ही बना रहा.

मेरा अगला निशाना दीदी के ब्लाउज की तरफ था, मैं उसके हुक खोलने में लग चुका था. जब लंड चुत के लिए कड़क हो गया तो मैंने उन्हें पीठ के बल लिटा दिया और अपने लंड को उनकी चूत के द्वार पर सैट कर दिया. में ना तो कहीं शेखर लिखा था और ना ही अभी तक उसने धारा को अपना नाम बताया था.

उनकी गोल गांड देखकर मन करता है कि बस भाभी के पीछे से शुरू हो जाओ और उनकी चुदाई करना चालू कर दो.

बीएफ सेक्सी भेजिए तो: हाय दोस्तो, मेरा नाम नेहा है।ये कहानी अभी 2 साल पहले की ही है जिसे मैं आप सब के साथ साझा कर रही हूँ।पहले मैं आप सब को अपने बारे में बता देती हूँ।मैं अपने परिवार में इकलौती लड़की हूँ और मेरे दो बड़े भाई हैं और उनकी पत्नियाँ यानि मेरी 2 भाभी और मम्मी पापा हैं।मेरी उम्र उस समय 19 साल थी। मैं दिखने में काफी आकर्षक हूँ, और शरीर भी भरा भरा है. भाभी ने साड़ी पहन रखी थी और एक छोटा सा ब्लाउज, जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थीं.

” मैंने कहा- ठीक है लेकिन मैं तो बस साथ लेट सकता हूंतभी पिंकी भाभी बोली- अरे तुम ऐसा क्यों बोल रहे हो?अब रोमिल को नशा चढ़ने लगा और वो बोला- राज भाई, पिंकी आज की रात तुम्हारी है. आपका प्रकाश[emailprotected]X गर्लफ्रेंड सेक्स स्टोरी का अगला भाग:दो गर्लफ्रेंडज़ के साथ उनकी सहेली भी चुदी- 2. मैंने उसे बाय बोला और जल्दी से व्हाट्सएप्प देखा, तो मौसी ने अपनी हॉट फोटोज भेजी हुई थीं.

अब मैंने ऐसा कोई काम नहीं करना है, तुम जाओ यहाँ से!मैं- और मेरा बर्थडे गिफ्ट?चाची धीरे से बोली- कोई गिफ्ट विफ़ट नहीं है, छोड़ो ये चक्कर … तुम तो छोटे हो, सारा इल्जाम तो मुझ पर ही आ जायेगा.

दोस्तो, मैं समीर हूं धारा और शेखर की कहानी के अंतिम भाग के साथ हाजिर हूं. मगर मैंने भी एक शर्त रखी थी कि ना तो मैं किसी की नज़र के सामने आऊँगी और ना ही मैं उसे अपनी नज़रों से देखना चाहूँगी. एक दिन की बात है कि मैं और विवेक घर के पीछे बने बाथरूम में एक साथ मस्ती कर रहे थे.