बीएफ फिल्म हिंदी वाला

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ट्रिपल एक्स ओपन बीएफ: बीएफ फिल्म हिंदी वाला, सिस्टर की गांड की कहानी के पिछले भागचचेरी बहन मेरा लंड देखती थीमें अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी बहन ने मेरा लंड की मुठ मार कर ये जता दिया था कि वो मेरे लंड से चुदने के लिए रेडी है.

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उस रात मैं घर आकर सो गया लेकिन अगले सुबह जब उठा तो मेरे फ़ोन के नॉटिफिकेशन में उसका फॉलो को लेकर नोटिफिकेशन आया था. आपका फोटो भेजोउसके बाद हम सभी ने नाश्ता किया और चाय पीने के पूरे समय तक मैं आंटी को देख कर सोचता रहा कि काश एक बार आंटी की चुत को चोदने को मिल जाए.

मम्मी ने पूछा कि वो शादी में क्यों नहीं जाना चाहती है?मामा ने जवाब दिया कि रितिका को शादी में जाने का मन नहीं है. दक्षिण कोरिया सेक्स वीडियोमतलब एक ट्रेन में वो एक अनजान व्यक्ति के साथ सफर कर रही हो और उसके सामने ही वह इस तरीके से कैसे हस्तमैथुन कर सकती है.

मैंने भी अपना एक हाथ बढ़ाया और उसकी कमर पर रख दिया और उसकी गांड पर लंड रगड़ने लगा.बीएफ फिल्म हिंदी वाला: शरद का लंड सामने देखते ही मैं उसे अपने होंठों से चूमने लगी और उसे अपने प्यार का अहसास दिला रही थी.

रूपा भाभी- राज जी, सबसे पहले तो माफी चाहूंगी कि आपको सुबह सुबह डिस्टर्ब किया.मैं समझ गया कि भाभी ने सबकी नजरों में ये दिखा दिया था कि वो घर पर नहीं हैं और कहीं बाहर गई हैं.

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लेकिन ये भी सच है यदि आप किसी को शिद्दत से चाहो … तो जर्रा जर्रा उसे आप से मिलाने की साजिश में लग जाता है.वो बोली- राज मैं तुम्हारे लौड़े की प्यासी हूं … घर से ही चुदने के लिए मूड बना कर आई हूं.

इधर मैं आपको उसके बारे में किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं कर सकता हूँ क्योंकि उसकी गोपनीयता मेरे लिए महत्वपूर्ण है. बीएफ फिल्म हिंदी वाला रंगोली भी जोश में छटपटा रही थी; वो खुद अपने हाथ से अपने दूध पकड़ पकड़ कर साहिल के मुँह में देकर चुसवा रही थी.

उन्होंने मां के हाथों को अपने दोनों हाथों में जकड़ा और नीचे चूत में लंड को सैट करके एक जोर से धक्का दे मारा.

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अगले दिन सुबह जब मैं उठा तो कल वाली बात से थोड़ा घबराया हुआ था कि कहीं ये मम्मी पापा से कुछ बोल ना दे. दसेक झटकों के बाद एक बार फिर मैंने उनकीरसीली चूतको और रसदार बना दिया. मेरे पति जेठजी से बोले- मुझे आज दोपहर में ही किसी जरूरी काम से इन्दौर जाना है.

कुछ देर बाद मैं बाहर चला गया और मां को बोल गया कि मैं शाम को ही आऊंगा … दोस्त के घर जा रहा हूं. वो टेबल इस प्रकार से बनी थी कि मैं उसमें आधी झुकी हुई थी और मेरी गान्ड बाहर निकली हुई थी।राज ने अपने लंड पर क्रीम लगाई और मेरी चूत में लन्ड घुसा दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगे।मुझसे ठीक से नहीं लेटा जा रहा था तो डॉक्टर ने लंड बाहर निकाल लिया और बोला- अंजलि जी, आपको शायद दिक्कत हो रही है. वो दोनों भी बहुत बड़े हरामी हैं, वो हमेशा मुझसे डबल मीनिंग बात करते थे और बस मेरे बदन को चोदने की नजर से घूरते थे.

मुझे रात को नींद नहीं आती थी और मैं रोज़ उसके और गमन के बारे में सोचता रहता था. लाल नाख़ूनी और लिपिस्टिक और काजल आदि लगा कर बालों की पोनीटेल बांध ली. गोपनीयता के कारण मैं उसका असली नाम नहीं बता रहा हूँ, यहां हम उसे संजना कह लेते हैं.

मैंने उनके मुँह से लंड सेक्स आदि शब्दों को सुना तो मैं समझ ही न सका कि इनको क्या जवाब दूं. इस महानगर में विजय को नौकरी मिल गई थी और रहने को एक किराए का घर भी मिल गया था.

अपना पूरा जोर लगा कर मैंने उसको बांहों में भर लिया और वह भी मेरी पीठ को खूब सहला रही थी.

वो अपनी जीभ को चूत के अन्दर डालकर सहलाता रहा और मेरी बहन अपनी चुत चटवाती रही.

अंकल एक प्राइवेट फर्म में जॉब करते थे, तो वो ज्यादातर आउट ऑफ़ सिटी रहते थे. मैं पूरी तरह से थक कर राजीव की बांहों में लेटी रही और उनके सीने पर सर रख कर सोने लगी. वो सुरसुराई- कपड़े नहीं उतारोगे?मैंने बिना कुछ कहे उसका कमीज निकाल दिया.

मैं अब उसको अपनी जान से ज़्यादा चाहती थी तो इसलिए उसको मना नहीं कर सकती थी. तुम उनके बारे में पता कर लेतीं तो शायद मुझे ये सब कहने की जरूरत ही पड़ती. मैंने उनकी सफाचट चुत की तरफ देखा तो भाभी मुस्कुराती हुई बोलीं- इसी को साफ़ करने में दस मिनट लग गए.

गुलाबी सूट में उसका कमसिन, दूध सा गोरा बदन देखकर मेरा लंड सलामी देने लगा.

वे दोनों थक गए थे और अभी भी रोशन बिना कपड़े पहने सोढ़ी के लंड पर ही बैठी थी. यह सुनकर मैंने राजधानी की गति की तरह अपने लौड़े को उसकी चूत में डालना निकालना चालू कर दिया. आज पहली बार एक किसी कच्ची कली के होंठों का रसपान करते हुए लौड़ा फूल कर मोटा हो गया था, जो निशा की स्कर्ट पर से ही उसकी चूत में घुसने की कोशिश कर रहा था.

फिर साली साहिबा ने उधर रखे टिश्यू पेपर से मेरा लंड साफ किया और उसे फिर से चूसने लगी. अब जल्दी से इसमें पेट्रोल भर दो, जिससे ये तुम्हें एक नई दुनिया में ले जा सके. तभी दरवाजा खुला और चाय की ट्रे लेकर सलमा आ गई- बाजी ने कहा है कि तुम लोग चाय पियो, मैं आती हूँ.

रात के 12 बज चुके थे … मैंने वापस होटल जाना ठीक समझा और कैब बुक कर ली.

कुल मिला कर मेरी बहन पूरी कयामत है, जिसे देख बुड्ढे में जवानी के जोश भरने लगते हैं और उनके लंड खड़े हो जाते होंगे. पर अभी मेरा लंड थोड़ा बाहर था तो मैंने उनसे कहा- भाभी, अभी थोड़ा बचा हुआ है.

बीएफ फिल्म हिंदी वाला उन्होंने मुझसे मेरी पढ़ाई के बारे में पूछा तो मैंने मैडम को बता दिया. मेरी कल्पना से भी परे, निशा एक अनुभवी रांड की तरह से मेरा लौड़ा चूस रही थी.

बीएफ फिल्म हिंदी वाला मैंने पेशाब करके लंड उसके मुँह की तरफ कर दिया और मुठ मारने जैसे आगे पीछे करके लंड हिलाने लगा. तभी कुछ लोग पीछे के दरवाजे से चढ़े, तो वो मेरी सीट से थोड़ा आगे हो गई.

फिर मैंने सोचा इसके सामने इसकी भाभी खड़ी है, तो मैं कुछ मज़े ले लूं.

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उसकी गर्म आवाजों को सुनकर मैं और तेजी से उसकी बुर को जीभ से चोदने लगा. उस घर में केवल सुनीता रहती थी तो मेरी जीएफ इस तरह से आवाज सुनकर चौंक गई और दरवाजा खुला देखकर अन्दर आ गयी. दीदी ने बस हल्की सी आह निकाली मगर ऐसा रिएक्ट किया मानो उनको कुछ महसूस ही नहीं हुआ.

अब जल्दी से इसमें पेट्रोल भर दो, जिससे ये तुम्हें एक नई दुनिया में ले जा सके. उसकी चुत के गर्म पानी ने मुझे भी पिघलने पर मजबूर कर दिया और एक दो मिनट के बाद मैं भी झड़ने वाला हो गया था. वो शर्म से कुछ नहीं कह पा रही थी क्योंकि मैं उसके पति की बुराई जो कर रहा था.

कैसे हो मेरी कमसिन प्यासी नमकीन चूत वाली आंटी, भाभी, गर्ल्स और दोस्तो.

दूसरे दिन मेरे लंड पर मानो वज्रपात हुआ … अंकल घर वापस आ गए थे और उनको अभी कुछ दिन बाहर नहीं जाना था. दरवाजा बंद था जो मेरे हाथ लगाते ही खुल गया सामने का सीन देखकर मेरी आँखें फट गईं. अब कामवाली बाई किसी डॉगी की तरह अनन्या की गुफा में अपना मुँह दिए थी और मैं उसे चुदाई का मजा दे रहा था.

मैंने अन्तर्वासना पर कई सारी कहानियां पढ़ी हैं जिनमें भाई अपनी ही बहन को चोदता है. मेरे मुंह से ये बात सुनके कोमल थोड़ा मुस्कुराती हुई बोली- तुम भी कुछ कम नहीं लग रहे हो. ऊपर का मेरा पूरा शरीर साफ दिखने लगा और छोटी सी ब्रा भी मेरे मम्मों को छिपाने में नाकाम साबित होने लगी.

एक एक करके उन्होंने सारे कपड़े उतार दिये, हालांकि हमें थोड़ा अजीब सा लग रहा था. ”शबाना, आपकी शादी को बीस साल हो गये, आज आप पहली बार बाजार में दिखी हैं.

डॉक्टर ने कहा- हाँ, इसको पाँच महीने का गर्भ है और तन्दुरुस्त बच्चा है. उन्होंने धीरे-धीरे वैसलीन से सनी उंगली मेरी गांड की तरफ से छेद में फेरना शुरू कर दी. आंटी आह आह करके मेरे सर को अपनी चुत में घुसेड़ लेने की कोशिश कर रही थीं.

मैंने उसके गले को पकड़ कर नीचे खींच लिया और जोर जोर से किस करने लगा.

इधर वो लड़का इस कदर मुझमें धंसा हुआ था कि उसका घुटना मेरे घुटने से थोड़ा आगे था. हम दोनों साथ में बैठ कर मैगी का मजा लेने लगे और हॉल में बैठ कर टीवी देखने लगे. ये सब चलते चलते पूरे कमरे में उसकी मादक सिसकारियों और मनमोहक खुशबू फ़ैल गई थी.

मैंने उसकी छोटी सी चूचियों को अपने हाथों में पकड़ा और कमर से लौड़े को अन्दर बाहर करने लगा. दूसरा दिन आया तो मैं बाथरूम में घुस गया और अपने लंड की झांटें आदि साफ़ करके शिवानी की बुर चुदाई के लिए रेडी हो गया.

मैं- लव यू सेक्सी डॉल!निशा- आआहह … मसल दे साले …मैं- गंडमरी आज मैं तेरी छोटी सी इस चूत को फाड़ दूंगा. मगर बाई ने मुझे इशारा करके अपनी तरफ बुलाया और मुझे अपने पीछे कर लिया … मेरा लंड उसके पिछले पहाड़ से टकराने लगा. मैंने उनकी चूत चाटना चाहा पर उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया, बोली- मुझे यह अच्छा नहीं लगता.

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उन्होंने मेन दरवाजे पर बाहर से ताला लगाया और बगल वाले कमरे के बाहरी दरवाजे से अन्दर आकर उसे अन्दर से बंद कर दिया.

मजा लें पढ़ कर!हैलो फ्रेंड्स, मैं आपका साथी अंश ठाकुर एक बार फिर से कल्पना भाभी की चुदाई की कहानी में स्वागत करता हूँ. वो मुझसे कैसे चुदी?नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम फरमान है ये नाम बदला हुआ है. उसके तप्त होंठ मेरे होंठों के करीब थे और गर्म लंड मेरी चुत में रगड़ मार रहा था.

स्नेहा अपने मम्मी पापा के जाते ही मेरे रूम में आ गयी और बोली- मेरे रूम में चलो, वहीं बात करेंगे. मेरी जांघ पर उसका बहकता हाथ मुझे इस कदर कामुक कर रहा था कि मुझे अपने दाएं हाथ में साड़ी का पल्ला लेकर मुख के भाव छुपाने पड़ रहे थे. किराएदार की चुदाईमेरे अब्बू ने भी उनकी बात सुन ली थी तो वो बोले- हां बेटा, आपको आफताब बता देगा.

मैंने सोच लिया था कि एक बार पानी निकल जाने के बाद दूसरी बार में मैं भाभी को दुगनी ताकत और ज्यादा टाइम तक चोदने की दम रखता था. तभी उसने अपने हाथ में थूक लगाया और लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगी.

वो हंस कर बोले- इस बार तुम खुद से मेरे साथ सेक्स करने की पहल करोगी न!मैंने हंस कर कहा- देखूंगी. निशा चुप थी, शायद उसको समझ में नहीं आ रहा था कि वो क्या कहे और क्या न कहे. ताबड़तोड़ चुदाई होने लगी।खुशबू ज्यादा देर मेरे लंड की गरमी को झेल नहीं पाई और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।अब मेरा लंड गीला हो गया और फच्च फच्च करके आसानी से अंदर बाहर होने लगा।एक बार झड़ने के बाद अब खुशबू ने कमर चलाना बंद कर दिया।मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी दोनों टांगों को चौड़ा किया और अपना लन्ड घुसा दिया।अब मैंने जोर से धक्का लगाया.

मैंने उसकी तरफ अपनी बांहें पसार दीं, तो वो मेरी बांहों में आ गई और सुबकने लगी. अंकल ने मेरी टी-शर्ट इस तरह से उठाई की उनके हाथों ने मेरे पूरे पेट का स्पर्श किया. उसके कड़क हो चुके निप्पलों को भी अपनी उंगलियों में भर कर मींजने लगा.

उन्होंने अपने लंड भी खूब सारा मस्ती से तेल लगाया और मेरे पजामा को एक हाथ से खींच कर उतार दिया.

मैंने उसे बेड पर गिरा दिया और टांगों को आगे से पीछे करके उसकी गांड पर ज़ोर डालने लगा. उन्होंने सलवार समीज पहन रखा था, पर तब भी मैंने धीरे धीरे उनको किस करना जारी रखा.

तब तक आपको ये भाई बहन सेक्स की कहानी कैसी लगी, हमें मेल लिख कर जरूर बताएं. वो मान गई हैं। क्या तुम उनसे मिलना चाहते हो?मैं बहुत खुश था और बोला- हां बिल्कुल!उसने मुझे पता दिया और बोली- हमारी बुआ का घर खाली है, तुम शाम को आ जाओ।मैं बहुत खुश था और शाम 7:30 में उसके बताए पते पर पहुंच गया।आसपास बिल्कुल सुनसान था. अगर आपको मेरे साथ ये सब नहीं करना है … तो क्यों मेरे सामने ऐसी खड़ी हो! जब मैं रूम में आया, तब ही भगा देतीं.

मैंने कहा- और आप कौन सी कम हो … आप भी तो मुझे अपने मम्मों की झांकी दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ती हो. उसके स्तन भी ऐसे उभरे थे … जैसे अभी अभी शादी हुई हो और उसका पति उसे हर रोज चरम सुख देता हो. हम दोनों लोग बात करते करते हंसने लगे और एक दूसरे को चुम्बन देने लगे.

बीएफ फिल्म हिंदी वाला ये मेरी पहली यंग सिस्टर सेक्स कहानी है, इसलिए कोई गलती हो तो माफ कीजिएगा. नाज की चूचियां सहलाते हुए, मैंने कहा- नाज, भले ही मेरी शादी मुमताज से हुई है लेकिन मेरा पहला प्यार तुम ही हो.

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मैंने उसके होंठों को अपने होठों से चिपका दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा. उसने भी अन्दर अंडरवियर नहीं पहना था; चैन खुलते ही उसका बिना झांट वाला लम्बा मोटा और चिकना लंड बाहर आ गया. अगले 2 दिन तक, जब तक मेरे घरवाले वापस नहीं आ गए, उसने मुझे बहुत प्यार किया.

फिर धीरे धीरे हौले हौले आंटी के होंठों को चूसते हुए मैं चुत चुदाई का मजा लेने लगा. मैंने कहा- अच्छी तो हैं … पर अगर उधर अपनी जान पहचान वाला कोई रहता होता … जो मुझे घुमा देता, तो ज्यादा अच्छा होता. बड़ी चूचीनाज से पहले मैं पचासों झिल्लियां फाड़ चुका था लेकिन जो मजा आज आ रहा था, अद्भुत था.

मैंने अर्शिया के एक बोबे पर मेरा हाथ फैला कर रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा.

लेकिन वो स्मार्ट होने के साथ ही साथ बहुत ज़्यादा भाव वाला भी लड़का था. धीरे धीरे लंड चुत में अन्दर बाहर करते हुए उसका दोस्त मेरी चूत में धक्के लगाने लगा और मेरे जिस्म का मजा लेने लगा.

जब दीदी की आवाज निकली तो मैंने कहा- क्या हुआ दीदी … आवाज बड़ी मीठी निकाल रही हो … जीजा जी से चुदने में मजा नहीं आता है क्या?दीदी हंसती हुई बोलीं- नहीं रे, अपने भाई का लंड का अहसास लेते ही मेरी मुनिया मचल उठी और मेरी आह निकल गई. मैं जब दीदी के पास पहुंचा, तो दीदी ने मेरे लिए नाश्ते पानी का इंतजाम किया और कुछ ही देर बाद उन्होंने मेरे साथ मार्केट चलने की बात कही. मैंने पूछा- अच्छा आप बियर पीकर अपना दुःख भुलाना चाहती हैं?भाभी ने हां में सर हिलाया.

मैंने देखा कि अंकल सिर्फ लुंगी पहने हुए थे और उनके सीने पर कुछ भी कपड़ा नहीं था.

मौसी ने कहा- चलो … अब नहा लो, फ़िर मैं तेरे लिए नाश्ता बना देती हूँ. ‘आहह आहह श मुहह मुहह आहह यस्स ऑश योगुऊ आहह आ बेबी मुहह मुहह ओहो यस यस योगु … क्या मस्त है तेरा लंड. मेरे मन में आ रहा था कि आंटी उंगली से क्या होगा … आप मेरा लंड इस्तेमाल कर लो … पर मैं ऐसा नहीं कर सकता था.

यानी सेक्स”मुमताज मेरे लिए तो तुम आज भी वही मुमताज हो, आओ, बुर्का निकालकर आओ और नन्हीं मुमताज की तरह मेरी गोद में बैठो, मुझे अच्छा लगेगा और तुम्हें भी. उनके मुँह से इतना सुन कर मैंने घर पर फ़ोन करके बोल दिया कि आज रात मैं अपने दोस्त के यहां रुक रहा हूँ.

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उसके बाद भाभी ने ब्रा उतारा तो उनके बड़े- बड़े दो कबूतरों हवा में लटकने लगे और वहीं पर मेरे लंड में तनाव आना शुरू हो गया. वो भी ऑडिशन देने जाया करती थी, लेकिन अभी उसको कुछ खास काम नहीं मिल रहा था. इससे पहले आज तक किसी ने मुझे छुआ तक नहीं था पर मैं उसको दूर नहीं कर पाई.

”यह कहकर मैंने अपना लण्ड लुंगी से बाहर निकाल कर शबाना के हाथ में पकड़ा दिया. जवान मोसी की चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी मोसी ने मेरे साथ कामुक हरकतें शुरू की. ” इतना कहकर मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला, नाज की टाँगें सहलाईं और उसको पलटाकर बकरी बना दिया.

मैंने अनन्या ने कहा- डार्लिंग, तुमने तो कहा था कि तुम्हें पीरियड चल रहे हैं?‘हां मगर वो रुक रुक कर आते हैं. अब आगे डर्टी सेक्स विद वर्जिन गर्ल स्टोरी:मैंने अपने होंठों को जोर जोर से उसकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया. उन्होंने भी सहमति जताते हुए कहा- आपके लिए मेरे घर के दरवाजे 24 घंटे खुले हैं.

मैं अंदर डालता तो मेरा लण्ड मानो उसके पेट में अंदर जा रहा हो, बच्चादानी में टकरा रहा हो, ऐसा लगता था. कुछ देर तक तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि साली साहिबा सच में मेरा लंड चूस रही है.

बाद में कई बार मेरा उसके साथ संसर्ग हुआ … लेकिन ये वाकिया इसलिए याद रहता है क्योंकि मेरे ऑफिस ज्वाइन करने के दस दिन के अन्दर हीमेरे लंड को चुत मिल गईथी.

उतने में वहां से शरद अन्दर आया- अच्छा हुआ तुम उठ गई, बेबी मुझे जल्दी निकलना होगा. सेक्सी चोदीमैं शुरू से ही लड़कियों के साथ खेला और पढ़ता रहता था, तो मेरा स्वभाव लड़कियों जैसा हो गया था. सेक्स काममैं समझ गया कि अबकी बार वो कमीना डायरेक्टर मेरी बीवी को नंगी करके देखेगा या हो सकता है कि वो उसे चोदे भी. केवल 3 साल के अन्दर मुंबई जैसी जगह में उसने अपनी चुत के दम पर कार और फ्लैट खरीद लिया था.

उन्होंने एक बार फिर से अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख दिया और चुम्बन शुरू हो गया.

मेरी बीवी श्रुति ने टांगें फैला दीं और दोस्त ने अपना लौड़ा बीवी की चुत में पेल दिया. तब मैंने जन्नत के द्वार को खोल कर देखा तो अन्दर गुलाबी तितलियां छुपी बैठी थीं. भाभी पैंट के बाहर से भी काफी देर से मेरे लंड को रगड़ रही थी, इसलिए मेरा माल निकलने वाला था.

मैंने बाथरूम में उसके आते ही गेट लॉक कर दिया और अपनी तरफ लगा शॉवर चालू कर दिया. एसी चैक करते टाइम मेरी नजरें उन मोहतरमा से हट ही नहीं रही थीं, उनके रसभरे उभार मुझे हद से ज्यादा पागल कर रहे थे. एक दो पल उसके होंठ चूसे और कमर को एक पॉवरफुल झटका देते हुए लंड बुर में घुसेड़ दिया.

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सोमवार को वो आगरा चली गई और मैं भी एक दिन उसके मम्मी पापा के साथ रुक कर अपने घर भोपाल आ गया. गांव देहात में लड़कियां चड्डी, ब्रा तो पहनती नहीं हैं इसलिए मेरा हाथ नाज की मुलायम बालों से ढकी बुर को सहलाने लगा. वो अपने पति से चुदवाती थी, तो उसकी चूत में लंड आसानी से अन्दर तक जाने लगा था इसी लिए अभी वो खुद अपनी गांड चलाने लगी.

चुत में लंड अन्दर जाते ही मैंने शरद की क़मर को कसके पकड़ लिया और उसके जोरदार झटकों का मज़ा लेने लगी.

इसका आज यह सब करना … उसकी चुदाई के लिए मुझे निमंत्रण दे रहा थालेकिन वह अभी पूर्ण रूप से तैयार नहीं थी.

अर्शिया मेरे सामने फिर से चड्डी में थी और उसकी बड़ी सी गांड मेरे सामने थी. मैं जैसे ही सुशी जी के पास गया, उन्होंने मुझे अपने सीने से लगा लिया और जोर से पप्पी करने लगीं. कैटरीना कैफ एक्स वीडियोकुछ देर बाद मैंने सुशी जी को धक्का दिया और उनके मम्मों पर आ गया और मम्मों की मालिश करने लगा.

तो मैंने उनके होंठों को किस किया और कहा- जान … तुम्हारी गांड बहुत मस्त लग रही थी. सिक्युरिटी गार्ड ने अन्दर किसी को कॉल किया और दस मिनट बाद अन्दर जाने को बोला. वो हमेशा की तरह आज भी पेटीकोट को अपने चूचों के ऊपर बांधकर लोशन लगा रही थीं.

जेठ जी ने मेरी कोख में अपना बीज डाल दिया था जो उनका जीवन भर साथ रहने वाला उपहार था. दूसरे हाथ से उसकी साड़ी को उसके ब्लाउज से हटा दिया और हाथ से चारों तरफ घुमाते हुए उसकी साड़ी को निकाल फेंका.

उसने अपने दोनों पैर मेरे चूतड़ों से लपेट दिए और चुत में लंड लेने लगी.

मेरी आवाज से ऐसा लग रहा था मानो वो मेरा कोई चिरपरिचित हो और मैं उसके लिए सीट रोक रही हूं. मैंने उठ कर पक्का करने के लिए कि सब सोए या नहीं, मैं वाशरूम गया और वापस आकर सभी को देखते हुए पानी पिया. सरोज ने अन्दर से दरवाजा बंद किया, उसने जल्दी से अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए और बिस्तर पर आ गई.

स्टूडेंट बफ अब अगली किसी सेक्स कहानी में मैं आपको बताऊंगी कि मैंने आशीष के लंड से अपनी बहनों के सामने कैसे चुदवाया और उनको भी अपने साथ ग्रुप सेक्स में लेकर चुदाई का मजा लिया. वो भी लंड गटकने के लिए काफी उतावली हो रही थी, वो बोली- राज यार … अब देर ना कर और अपना लन्ड मेरी चूत में फ़टाफ़ट से घुसा दे। मुझे चोद डाल!मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा.

और 10 मिनट बाद भाभी ने कहा- चलो!अब मैं आपको भाभी के फीगर के बारे में बता दूं. फिर अचानक स्पीड तेज हुई और अंकल ने सारा माल (वीर्य) मां की चूत में छोड़ दिया. मैंने सांडे के तेल की शीशी निकाली और अपने लण्ड की मालिश करके लेट गया.

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खैर मेरी नज़र पड़ी तो मैंने देखा कि वो कुर्सी पर बैठा था और मेरी बीवी झुककर उसे अपने वश में करके एक हाथ उसकी जांघ पर रख कर … तो दूसरे हाथ से उसके गालों को मसल मसल टचअप कर रही थी. जब वो करीब आई, तब मैंने एक पैर से उसकी साड़ी को थोड़ा ऊपर करके अपना दूसरा पैर अन्दर कर दिया और उसके नंगे पैरों को सहलाने लगा. मैंने एक एक करके सारे बटन खोल दिए और टॉप को उसके बोबों के आगे से हटा दिया.

नीचे भाभी की रसीली फूली हुई चूत पर मैंने अपनी गर्म गर्म सांसों से फूंकना शुरू कर दिया. नीचे लाल फूलों वाली पैंटी में अलीज़ा की बिना वालों वाली चूत गजब की फूली हुई लग रही थी.

साथ में मां और अंकल की सांसों की आवाज और मां की आह आह की मादक आवाज गूंज रही थी.

मैं फिर भी उसे इतना प्यार करता था कि मैंने रिश्ता तोड़ना ठीक नहीं समझा और ऐसे ही चलता रहा. नींद में ही अर्शिया ने अपने पेटीकोट को थोड़ा नीचे किया और करवट बदल कर सो गई. वह मुझे गले से पकड़ कर अपने ऊपर जोर जोर से खींच रही थी और बोल रही थी- मुझे खा जाओ … मेरी जान मुझे खा जाओ.

बोलो तुमको बकरी बना दूँ?कुछ भी बना दो, बस प्यार करते रहो, आज बहुत दिनों बाद आरजू पूरी हुई है. असकी ‘आहह ओऊहह आहहह … मादरचोद चोद दे भोसड़ी के …’ मुझे और जोश दे रही थी और मेरा लंड बेकाबू होकर चोद रहा था. लगभग 5 मिनट तक मैं उन्हें किस करता रहा और उनकी चूचियों को दबाता रहा.

मैंने सोचा कि ये मैंने क्या कर दिया, अब स्वाति मेरे बारे में क्या सोचेगी.

बीएफ फिल्म हिंदी वाला: भाभी की चूत की गर्माहट और पंखुड़ियों जैसी चूत कि फांकों रगड़ते हुए मानो चूम सा रहा था. मस्त चुत थी!मैंने अगले ही पल अपना लंड निकाला और दीदी की सास की टांगों को फ़ैला दिया.

मैंने कहा- भई क्या इरादा है तेरा?नील ने कहा- मेरे इरादा करने से क्या होता है. क्लास खत्म होने के बाद जब कुछ और लड़कियां उसको रोकने लगीं, तब भी वो नहीं रुका और चला गया. मेरी चुदाई का तीसरा राउंड साढ़े ग्यारह बजे से शुरू हुआ, जिसमें आशीष ने मेरी चूत और गांड का एकदम भुर्ता बना दिया.

मुझको शर्म आने लगी क्योंकि मैं पहले कभी किसी के सामने ऐसे नंगा नहीं हुआ था.

मैं उनके पास गया तो दीदी ने अपने रूम में रखे घड़े से पानी दिया और पानी देकर दीदी चाय बनाने किचन में चली गईं. तभी अंकल ने मां की पैंटी को नीचे सरका दिया और अपने खड़े लंड पर थूक लगा कर मां की चूत में घुसा दिया. ‘ऊह्ह ह्ह यस्सस आअह्ह मर गइईई ईश्श …’हम दोनों को बहुत ही मज़ा आ रहा था.