देसी सेक्स बीएफ फिल्म

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मैं कौन सा और इंतज़ार करने के मूड में था, फ़ौरन ही अलका की टाँगें फैलायीं, एक कुशन उसके चूतड़ों के नीचे टिकाया और लौड़ा पकड़ के चूत के मुहाने पर सुपारी लगा दी.मैंने उसके पैरों को थोड़ा सा और फैलाया और एक हाथ से लंड को पकड़ कर चुत के छेद पर टिका कर थोड़ा ज़ोर का धक्का मारा.

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अब मैं अपने लंड को उसकी चूत में धीरे से डालने लगा और अचानक एक जोर के झटके के साथ पूरा लंड अन्दर पेल दिया.

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लगभग 4 महीने बाद उन दोनों के लंड को देखा और छुआ, जिससे मुझे एक अलग ही सुकून मिल रहा था. एक दिन मैंने सोचा कि आज पूछ ही लेता हूँ और ऑफिस के लिए निकल गया शाम को, मैं सीधे कामिनी के ऑफिस पहुँचा तो देखा वो ऑफिस से निकल रही है. जैसे हर एक लड़के को लगता है कि उसकी कोई गर्लफ्रेंड हो, मुझे भी यही लगता था और मैं भी यही चाहता था कि वो मुझसे बहुत प्यार करे और मैं हमेशा उसके ही साथ अपने आपको खुश रखूं और उसे भी ख़ुशी दूँ.

मैं उसकी गांड के अन्दर फिंगरिंग करने ही वाला था, उसने हाथ से रोकते हुए कहा- नो. इसके बाद मैंने सोनी को सीधा लेटाया और उसके ऊपर चढ़ कर उसके गुलाबी और सॉफ्ट होंठों को चूसने लगा. यदि मैं वहां जाता तो वो मेरे लिए टाइम नहीं निकाल सकती थी क्योंकि ये उसके लिए एक समस्या जैसी था.

बुआ के साथ हिन्दी इन्सेस्ट कहानी पर अपने विचार मुझे बताएं![emailprotected]. मैंने चिंटू का लंड देखा, वो पूरा खड़ा था, मेरे लंड जितना ही लंबा लग रहा था करीब पांच इंच का… लंड देख कर मेरे मन में आया भी कि एक बार इसे अपनी गांड में डलवा कर देख लूं, लेकिन मेरे मन से दर्द का डर नहीं निकला. मैंने एक रुई का टुकड़ा लिया और गांड के ऊपर का रस और बाल साफ़ किए, फिर एक उंगली पर पेपर लगा कर उसकी गांड की छेद में डाल दिया.

मैं सामने सोफे पर सकुचाई सी बैठी थी और उनकी नजरों में शायद मैं वहाँ पर थी ही नहीं. मैंने कहा- यार पंकज, मुझे आए हुए तीन दिन हो गए, पर कहीं घूमने नहीं गया घर पर अब बहुत बोरियत हो रही है.

आह… बहन के नाम की मुट्ठ मारने में ही मुझे इतना ज्यादा मजा आया कि पूछो मत! इतना मजा मुझे कभी नहीं आया था.

पहली बार मैं किसी लड़की को ऐसे असलियत में ऐसे देख रहा था और वो भी इतनी हॉट लड़की को.

बात करते करते दीदी ने अपने दोनों हाथों की कोहनियों को किचन काउंटर पर टिका दिया और काउंटर पर थोड़ा झुक गईं. इसके बाद उसने मुझे दो-तीन लम्बे लम्बे से किस किए और मेरी गांड को दबा कर चला गया. अब रोज़ पापा के ऑफिस चले जाने के बाद हमारा दोनों का नंगा नाच शुरू हो जाता था.

” बहूरानी मेरी तरफ देख के बोली और फिर से लंड को चाटने चूसने में मगन हो गयी. मैंने उन्हें लंड को चूत में डालने के लिए कहा, तो उसके बाद वो फिर से मुझे गर्म करने में लग गए और 5 मिनट में ही मेरी चूत में और ज्यादा आग लगने लगी. क्या माल थी यार वो… बहुत ही धीरे धीरे और प्यार से मेरे लंड को सहला रही थी और चूस भी रही थी.

दीदी की हंसी के साथ दीदी के चूचे भी ख़ुशी के मारे उछलने लगे… उफ़ मन कर रहा था स्क्रीन में से ही खा जाऊं.

एक तो पहले से ही नदी पर जाकर नंगे जिस्म घूरने का विचार मुझे कामुकता दे रहा था और अब नीला का स्पर्श पाकर मुझे गुदगुदी सी होने लगी थी. फिर हम लव पाईंट से बाहर निकल आए और कॉलेज के पार्क में बैठ गए और बातें करने लगे. मैंने जीभ निकाल कर विनय के लंड को चाट लिया और साफ करके बोली- इससे अच्छा टेस्ट किसी चीज का नहीं है.

कुछ ही देर में चुदास बढ़ी तो मैंने उसका लोअर और पेंटी निकाल दी और उसको बेड पे बिठा कर उसकी चुत चाटने लगा. मुझे पता तो लग गया था कि ये भी मुझे पसंद करती है, बस आई लव यू बोलना था. उसने बताया इधर वो कभी कभी मूड फ्रेश करने आती है, उसका ये फ्लैट सिटी से 10 किलोमीटर दूर था.

जवानी मचलने लगी थी छेद की जुगाड़ नहीं हो रही थी, तभी एक दिन मुझे ‘गे सेक्स.

मेरी कामवासना भी कह रही थी कि लुटा दे अपनी जवानी अपने बॉस पर… मजा भी आयेगा और फ़ायदा भी होगा. मैंने उसका नम्बर ले लिया था, तो रोज़ पार्क में बातें होतीं और फिर पार्क से जाने के बाद घर पर भी फोन पर चैटिंग और बातें चलती रहती थीं.

देसी सेक्स बीएफ फिल्म मैंने उसको नीचे लिटाया और खुद विपरीत दिशा में उसके मुंह में लंड देकर उसके नंगे बदन पर लेट गया. लंड के घुसते ही उसकी सिसकारियां और भी बढ़ने लगीं- उह्ह्ह्ह… झ्हह्ह… ईह्ह्ह्हह्ह… अह्ह्ह्ह…मैंने पांच मिनट तक वैसे ही स्ट्रोक देते देते हुए उसी की चुत में अपना माल छोड़ दिया… साथ ही उसका स्खलन भी हो गया था.

देसी सेक्स बीएफ फिल्म मेरी साली को भी इस हरकत का मजा आया और उसने उसका सर पकड़ कर अपनी ब्रा पर दबा दिया. शायद उसें पहली बार लंड देखा था…मैंने उसे लंड पर हाथ आगे पीछे करने को कहा तो वो वैसे ही करने लगी.

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हमारे जिस्मों की ताप पर ऐ सी की कूलिंग भी कोई असर नहीं डाल पा रही थी. लेकिन भैन की लौड़ी नाटक तो ऐसे कर रही थी, जैसे पहली बार लंड लिया हो. तो मूर्ति स्थापना की वजह से 2 दिन तक कॉलोनी में कार्यक्रम ही कार्यक्रम थे.

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फिर धीरे से चूत पर सैट करके हल्का सा झटका दिया तो उसने अपने गांड को आगे सरका लिया.

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मैं किचन से सरसों का तेल ले आया और उसकी बुर में तेल गिरा कर पूरा इलाका चिपचिपा कर दिया. फिर जब अगले दिन जब मैं सर के घर किसी बहाने से जाने लगी तो माँ ने मुझसे पूछा- किधर जा रही हो?मैंने माँ से कहा कि मैं अवि के घर जा रही हूँ और 2-3 घंटे में आऊंगी.

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वो वासना से चुदासी सी बोलीं- अब पूछ मत… जो करना है जल्दी कर दे… अब मैं तेरी ही हूँ. और साथ में मैंने अपनी पैंट और चड्डी को नीचे सरका दिया।इतने में सोनी ने मुझे गिलास में पेप्सी भर कर फिर पकड़ा दिया और साथ में दोनों लोगो ने भी पेप्सी पी ली; इस तरह एक बोतल खाली हो गयी।अब तक हम लोग 30-40 किमी दूर आ चुके थे।पेप्सी खत्म होने के बाद मैंने उन दोनों में से किसी एक को आगे की सीट पर आने को कहा।सोनी ने रेशमा को इशारा किया, रेशमा बिना कोई वक्त गंवाये आगे आ गयी. आप यकीन मानिए कि मेरा मूसल लंड जब भी एक बार किसी चुत के अन्दर चला जाता है तो समझो कि वो लड़की स्वर्ग की सैर करने लगती है.

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फिर वो मुझ से धीरे से बोली- एडी, क्या मैं तुमको अच्छी लगती हूँ?मेरे ऊपर तो उस टाइम पर उसको चोदने का भूत सवार था. साथ ही प्रिया की आँखें उलट गयी तथा वो निष्चेष्ट सी हो कर मेरी बाहों में झूल गयी. तो मैंने सोचा कि अभी देखने का ही मजा लेते हैं, कम से काम आज साली की चूत तो देखने को मिलेगी.

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सभी टपकती हुई चूतों और खड़े हुए लंड को मेरा सलाम!दोस्तो, आज मैं आपको अपने जीवन की सच्ची घटना के बारे में बताऊंगा। सच कहूँ तो अन्तर्वासना पर कहानी लिखने के बाद मेरे भाग्य खुल गए, आज तक अन्तर्वासना की बदौलत मैंने 9 चूतों का रसपान किया है जिनमें से 3 की नथ भी मैंने ही उतारी थी.

मैंने उसको बेड पर लिटाया और अपना लंड उसकी चुत पर थोड़ी देर रगड़ कर उसको और उत्तेजित करके जैसे ही उसकी चुत में लंड डाला कि उसने एक दर्द भरी चीख के साथ मेरी पीठ पर कस कर नाख़ून गड़ा दिए. लेकिन अब मेरी जिंदगी से शारीरिक इक्षाओं का वो समय पूर्णतः गायब हो गया है. पापा तो काम के सिलसिले में पहले से ही अधिकतर समय घर से बाहर किसी न किसी दूसरे शहर में ही घूमते रहते थे.

क्या और आगे कुछ करने की परमीशन है?पहले तो मैं कुछ नहीं बोली तो वो और आगे बढ़ गया. परवीन कॉफ़ी बनाने चली गई तो उन्होंने मुझसे मुस्कुरा कर पूछा- कोई गर्लफ्रेंड है?मैंने कहा- नहीं. करते हुए सेक्सी दिखाइएये सुनकर उसके चेहरे पर स्माइल आ गई और वो बोलने लगी- हां कभी कोई भी प्रॉब्लम हो तो अपना अकाउंट नम्बर मैसेज करना.

उनकी इस बात से मुझे अहसास है कि मुझे आंटी और बॉबी दोनों की चुत की सेवा करते रहते हुए ही जिन्दगी बिताना है. जैसे ही मैंने उसके एक निप्पल को दांत से मसला, वो तड़प उठी और बोली- नो बेबी ऐसे नहीं.

मैंने उनके बेटे को अन्दर बेडरूम में लेटाया और भाभी ने उसकी पट्टी कर दी. फिर उन्होंने मुझे मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर एक अच्छा किस करना सिखाया. अगले दिन हम दोनों ने हाफ डे की छुट्टी की और कुसुम मुझको अपने घर पर ले आई.

दीदी ज़ोर ज़ोर से कराह रही थीं- आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह आह फ़क मी… ओह…दीदी से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था. घर पर दीदी की सैंडिल वगैरह तो होती ही थीं, जो मुझे बिल्कुल फिट आ जाती थीं, तो मैं वही पहन लेता था और एकदम लड़की बन कर घर में घूमने लगता. के! अब अगर मैं आप से कुछ माँगूँ तो क्या आप मुझे देंगें??” कुछ पल बाद प्रिया ने पूछा.

इस बीच मैंने माँ को खूब सारे नॉनवेज जोक्स भेजे और उन्होंने भी मुझे नॉनवेज जोक्स भेजे.

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मेरे घर में प्याज लहसुन किचन में रखना वर्जित है, पर जिसे खाना होता है वो बरामदे में रखे प्याज के अलग से रखे हंसिया से काट कर खा सकता है. मैं अपने हाथ पीछे ले गया और हाथ के बल बैठ गया और वो मेरे घुटनों पे हाथ टिका कर बैठ गई और जोर जोर से आगे पीछे होने लगीं. उसका लंड अभी भी मेरे हाथ में था और जैसे ही मैंने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई मैं हैरान हो गया क्योंकि वो लंड वैसा ही था जैसा मैं सपनों में अक्सर देखा करता था!बहुत ही लंबा और सीधा लंड जिसके गुलाबी टोपे पर स्किन की एक परत थी पर लंड का छेद साफ देखा जा सकता था.

मैंने दूसरा ब्रश इस्तेमाल किया, नहाया और रूम में वापस आके कपड़े देखे. मेरी साली का नाम करीना (बदला हुआ नाम) है, उसका कद 5 फुट 4 इंच है, रंग गोरा… और 36-30-34 की मस्त फिगर है. रात का खाना खाने के बाद दोस्त ने हमें गाड़ी से होटल छोड़ा जो करीब 2 किलोमीटर दूर था.

देसी सेक्स बीएफ फिल्म ”मेम- कोई बात नहीं, इस एज में होता है लेकिन मैं तुम्हारी टीचर हूँ, कोई गर्लफ्रेंड नहीं हूँ. इधर मेरी नज़र मेरी मोबाइल पर लगी थी और मैं साफ़ देख रहा था कि उन दोनों की नजरें मेरे गांड पर लगी थीं.

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मैं उसके एक चूचे को मुँह में और दूसरे को हाथों से भींचता हुआ दबा रहा था. काफी समय से उसका मन भी मुझसे चुदने का था, लेकिन हम दोनों को मौका नहीं मिल रहा था. मैंने सीधा हुआ तो माँ ने मुझे कंडोम दिया और बोलीं- इसे लगा लो और मुझे जल्दी से चोद दो.

फिर मेरी माँ ने उन्हें कहा- सर आप स्कूल की लड़कियों के साथ ये कैसी हरकतें करते हो?मेरी माँ ने उन्हें खूब सुनाईं, इस बात से सर का चहरा नीचे हो गया और उनकी वाइफ ने भी ये सब सुन लिया था. लेकिन अभी पहले की तरह से ही हम लोग फ्रेंड हैं और चुदाई के पार्ट्नर्स भी हैं. सेक्सी हीरोइनों के नाममेरी पिछली कहानीआपा यानि बहन के साथ सुहागरातके लिए मुझे बहुत सारे मेल आए, आप सबने इतना प्यार दिया, जिसका मैं बहुत शुक्रगुजार हूं.

ये सब देख मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था, समझ में नहीं आया रहा था कि क्या करूँ, एक तरफ मेरी साली को इस तरह देख कर मजा भी आ रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया था और दूसरी तरफ मुझे जलन हो रही थी क्योंकि मैं भी अपनी साली को बहुत पसंद करता था.

वो मुझसे लिपट गई और बोली- तुम कितनी बार तो मना चुके हो सुहागरात, अब बचा क्या है?मैंने कहा- बचा तो बहुत कुछ है. फिर वो कैमरे के सामने नीचे को झुक गई तो मुझे उसकी नंगी चूचियाँ दिखाई दी.

फिर मुझे ध्यान आया कि हम छत पर हैं और कोई भी हमें किस करते हुए देख सकता है. मैंने उस की कोई बात नहीं सुनी और मैं उसकी स्कर्ट उतारने की कोशिश करने लगा. आपके हब्बी की कितनी है?उसने कहा- हब्बी से दोस्ती की है या मुझसे की है? अगर उनसे की है तो आपको मैं उनका नम्बर दे देती हूँ.

राजेश ने कहा कि वो अन्दर जाकर वो बैग ले आएगा, जिसमें मेरी ड्रेस और बाकी सामान था.

लेकिन जब उसने मुझे आश्वासन दिया कि वो मेरी गांड को देखेगा, उससे खेलेगा, उंगली से रागादेगा लेकिन मेरिउइ गांड में लंड नहीं घुसायेगा तो मैं मान गया और उसके कहे अनुसार लेट गया. दूसरी बात ये कि मेरे पहले भी बहुत से अफेयर रहे हैं तो मुझे शादी के बाद किसी भी किसी भी तरह की रोक टोक नहीं करोगे. जैसे ही हम रूम में पहुँचे मैं कपड़े बदलने लगी, जब कपड़े बदल लिए तो उन्होंने मुझसे दरवाजा लगाने के लिए बोला.

फोटो के सेक्सीजब तुम्हारी चुदाई को देखा था तो मन कर रहा था, मैं भी तुमको चोद दूँ. मैंने भाभी को फिर बांहों में भर लिया, वो बोलीं- अभी मन नहीं भरा क्या?मैंने कहा- भाभी, तुम हो ही इतनी मस्त कि मन भर ही नहीं सकता.

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उसका जवाब था कि मैं झिझक रहा हूँ कि कहीं तुम्हारे घर पर कोई कुछ ना बोले. मैं उसकी चुत को किस करने लगा और उसने भी अपनी कमर उचकाना चालू कर दिया. दूसरी तरफ ये भी लग रहा था कि घर में ही माँ की दबी हुई वासना को शांत करके ठीक किया.

अब तक मेरी अंग्रेजी ठीक हो चली थी तो मैंने सोचा कि इसको पढ़ाऊंगा तो मेरी अंग्रेजी और भी सुधर जाएगी. वो अपन लंड हिलाते हुए आया और मां की चूत में लंड पेल कर उनकी चुदाई करने लगा. फ़ाइनल प्रोग्राम यह बना कि प्रिया की माताश्री वीरवार शाम तक हमारे घर आ जाएंगी और सुधा और उन को मैं वीरवार शाम को चाचा जी के घर जा कर बस चढ़ा आऊंगा और शनिवार सुबह को चाचा जी के घर जा कर ले आऊंगा। दोनों बच्चे यहीं हमारे पास रहेंगें.

”उन्होंने मुझे नीचे लिटा कर धीरे से चूत पर अपने लंड रगड़ा और धीरे से अन्दर डाल दिया. मुझे उसकी बात सुनकर गुस्सा तो बहुत आया था क्योंकि उससे 70000 उससे लिए थे, जो कि उसने मुझे बता दिया था कि 20000 अड्वान्स में ले गई थी. मैं वहां पहुँच गया और पीछे से उसकी चुत‌ के नीचे से अपना पैर लगा कर उसकी चुत को अपने पैर के अंगूठे से रगड़ दिया.

एक तरफ मैं दोनों के लंड चूस रही थी, तो दूसरी तरफ ये दोनों मेरे दोनों मम्मों को मसल रहे थे. हालाँकि मैं पायल को अक्सर कर चोदता रहता था लेकिन उसका फ़ीगर ही कुछ ऐसा था जिससे वो हर बार बहुत सेक्सी लगती थी और उसे हर बार चोदने का मन करता था.

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मेरे गीले हुए चेहरे को देख कर कहने लगा- चाची आप रो रही हो?मैं- नहीं. सेक्सी चुत सेक्सीअब मेरी बहन की कामुकता भड़क उठी, वो बड़बड़ाने लगी- भाई, प्लीज चूसो मेरे मम्मों को. साउंड सेक्सी वीडियोरुक जाओ।लेकिन वो तो मज़े से मेरी सवारी कर रहा था, उसने अपनी थोड़ी स्पीड बढ़ा दी, मैंने बेडशीट कस कर पकड़ ली. दो-एक महीने बाद मैंने गौर किया कि प्रिया भी सुधा के साथ हर शनिवार शाम को ब्यूटी-पॉर्लर-कम-स्पा जाने लगी थी.

मैंने सारे शेविंग के सामान लेकर रूम को अन्दर से लॉक किया- पिंकी, अब तुम इस पलंग पे चुपचाप लेट जाओ.

यार रितेश, मेरी बीवी भी बहुत खूबसूरत है। और मैं भी तेरी आदत को अच्छी तरह से जानता हूँ। खूबसूरत औरतें तेरी कमजोरी है, तू कभी भी किसी भी खूबसूरत लड़की या औरत को देखता था तुम्हें चोदने का ख्याल तेरे मन में आ ही जाता था. मैं- आज का दिन तुम चाहो तो तुम्हारी जिंदगी का सबसे सुखमय और यादगार दिन होगा. जब मेरी रसीली चूत में डालकर कुटाई करते हैं, तो मैं जन्नत की सैर करने लग जाती हूँ.

रोशनी ने कहा- ये चूत का पिक्चर सही से नहीं बनाया है, यहाँ दो नाम दिए हैं. थोड़ी देर तक बात करने के बाद भाभी हमारी किचन में खाना बनाने के लिए चली गयी और वो बीच बीच में मुझसे बात भी कर रही थी, आवाज लगा कर मुझसे रसोई के सामान का भी पूछ रही थी कि कौन सा सामान कहाँ रखा है. करीब दस मिनट बाद हम मैं झड़ने को हुआ तो मैंने पूछा- अंदर कर दूँ क्या?वो बोली- हाँ कर दो! अब मैं भी आने वाली हूँ.

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भाभी को पहली बार इस कंडीशन में देख कर मेरा लंड एकदम से तन गया, मैंने सीधा बाथरूम में जाकरमुठ्ठी मार कर अपने लंड को तस्सली कराई।उस दिन के बाद भाभी जब भी मुझे देखती तो वो हल्का सा मुस्करा देती और चली जाती। यह देख कर मेरे मन को हौंसला मिलता रहता था।एक दिन भाभी मेरे घर पर आयी और मेरी मम्मी से कुछ बात करने लगी. मैं और मेरा दोस्त इलाहाबाद से मुंबई के लिए घर से निकले और एक लम्बे सफर के बाद हम मुंबई पहुँच गए. क्या गोरे थे उनके चूचे और काले रंग की ब्रा में आंटी बहुत सेक्सी लग रही थीं.

और मेरी नजार अंजलि की स्कर्ट के नीचे से दिख रही उसकी नंगी गोरी चिट्टी चिकनी टांगों पर ही थी.

”और वो मेरा लिंग दबाना, सहलाना और पीठ पर चिकोटी काटना?”” दबाने का तो ऐसा है कि वो या तो सिर्फ आप को पता या मुझे और यही बात पीठ पर चिकोटी काटने पर लागू होती है लेकिन सहलाने वाली बात का तो मैं कहूँगी कि वो सिर्फ एक एक्सीडेंट था.

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उसके बाद रात के 12 बजे तक हम सब लोग ऐसे ही मस्ती करते रहे फिर हम लोग भाई के रूम में ही सो गए. उस दूध में तुम्हें ज्यादा समय तक मजा देने वाली दवा यानि वियाग्रा भी डाली है. मैंने भी उसके होंठों को किस करते करते उसकी ब्रा खोल दी और फिर उसके हाथों में से निकाल कर दूर फेंक दी.

उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और आइसक्रीम मेरी चुत में अन्दर तक डाली, मेरी चुत में आइसक्रीम गर्मी से पिघल कर बाहर आने लगी और वो मेरी चुत चाटने लगा. मैं अपने जीवन में पहली बार किसी का कामरस चाट रहा था, उसके कामरस से एक मीठी सी खुशबू आ रही थी, जो मुझे और पागल कर रही थी.

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जिधर भी उसको मेरे साथ मौका मिलता तुरंत मेरा लंड चूस कर खड़ा कर देती और अपनी सलवार नीचे गिरा कर चुत खोल देती थी. मैं जीन्स पहन ही रहा था कि उसने मेरे लंड को पकड़ कर किस किया और मुझे थैंक्यू कहते हुए बोली- आई एम सो लकी कि तुम मेरी लाइफ में आए. इस बातचीत में हम दोनों हमेशा एक दूसरे से काम के बारे में चर्चा करते रहते थे.

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थोड़ी देर में मैंने देखा कि उसकी चूत में से पानी निकल रहा है और मेरे लंड पर आ रहा है.

इसलिए मैंने तुम्हारा नम्बर ब्लैक लिस्ट में पहले से ही डाल दिया था कि तुम कॉल जरूर करोगे. मैं आपको उसके शरीर के बारे विस्तार से बता दूँ, उसकी लम्बाई लगभग साढ़े पांच फुट के आसपास थी. उन दिनों अंकल भी किसी काम से बाहर गए थे और दो हफ्ते बाद आने वाले थे.

लिफ्ट में जब वो चढ़े तो कुछ इस तरह खड़े थे कि मैं घुस नहीं पा रही थी सो मैंने हाथ बढ़ा कर उनको पीछे ठेला पर अनायास लुंगी के नीचे छुपे लंड को छू गया. ये सब मैंने इतनी जल्दी किया ताकि वो लड़का अपना लंड थोड़ा सा भी मेरी साली के चूत में ना घुसा पाए. अचानक मेरे निचले होंठ पर किसी मधुमक्खी ने डंक मारा हो जैसे… मैं एकदम से हड़बड़ा गया और बैडरूम प्रिया की खनकदार हंसीं से गूँज उठा.

बिंदु ने पूछा- क्यों तुम्हारी बीवी कहाँ रहती है?वो बोला कि अभी उसकी शादी नहीं हुई.

देसी सेक्स बीएफ फिल्म: हेल्प करते हुए मैं आंटी को टच कर देता, कभी उनकी गांड पे हाथ फेर देता, इससे लंड और अधिक अकड़ कर गरम हो रहा था साथ ही मेरा हौसला भी बढ़ता जा रहा था. मैं घप घप की आवाज़ के साथ ज़ोरदार चुदाई कर रहा था और आंटी के चेहरे पर साफ झलकती हुई खुशी देख रहा था जिस कारण मुझे भी बहुत खुशी हो रही थी कि आज मेरी वजह से किसी को खुशी मिली.

वो मेरा पहली बार था इसलिए मुझे सब कुछ आज भी वैसा का वैसा याद है और वैसा ही लिखने की कोशिश कर रहा हूँ. अम्मी ने सबसे पहले मेरे होंठो में होंठ रख दिए और बड़े प्यार से चूसने लगी. उसने भी ‘हाँ’ बोल दिया था।अब तो मैं उस दिन का इंतज़ार कर रहा था। जैसा कि मैंने बताया सब घर वालों के जाते ही वो ठीक 11 बजे आई। वो उस दिन बहुत खूबसूरत लग रही थी। सच कहूँ दोस्तों.

मैंने उसको बेड पर लिटाया, वो बोली- राजेश, प्लीज़ मैं बहुत प्यासी हूँ, इनको अपने बिजनेस से फ़ुर्सत नहीं है और मैं यहाँ तन्हाई में मरी जा रही हूँ.

फिर उन्होंने मुझसे बात करना शुरू कर दी और पूछने लगीं कि कौन से कॉलेज में हो. फिर अल्युमिनियम फोइल्स में लिपटे हुए परांठे, सब्जी, पिकिल्स, प्याज, नमकीन सेव और स्वीट्स परोस लिया. उसके पुष्ट स्तन मेरे सीने से दब गये और मैंने अपनी बाहों का घेरा उसके गिर्द कस दिया.